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March 01, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

   रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा जिला राजनांदगांव की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश नेतृत्व की अनुशंसा पर जिला अध्यक्ष विजय राय ने शनिवार को अपनी नई टीम की घोषणा की।यह नियुक्तियां प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव , संगठन मंत्री पवन कुमार साय ,अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े एवं जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की अनुशंसा से की गई हैं।

घोषित कार्यकारिणी में दीपेश शेण्डे एवं योगेश बंजारे को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। दोनों पदाधिकारियों को संगठनात्मक अनुभव और सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकर्ताओं में इनकी नियुक्ति को लेकर उत्साह का माहौल है।

इसी प्रकार ललित रामटेके को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उपाध्यक्ष पद पर मयंक डोंगरे, देश फिरंता कौशिक, श्रीमती अनिता इंदुकर, संकेत रामटेके, योगराज जगने, रतन कोसरे, कमलेश बंधे एवं श्रीमती पुष्पा बंजारे को नियुक्त किया गया है। अनुसूचित जाति मोर्चा की इस जिला कार्यकारिणी में पांच मंत्री सहित कुल 26 पदाधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 9 कार्यकारिणी सदस्य, 6 विशेष आमंत्रित सदस्य तथा 24 स्थायी आमंत्रित सदस्यों को भी जिम्मेदारी दी गई है। संगठन के विस्तार और मजबूती की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

नक्सलवाद की छाया से बाहर निकलता छत्तीसगढ़, विकास की राह पर बस्तर

(मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस विशेष)

लेखक : शरद पंसारी
संपादक – शौर्यपथ दैनिक समाचार


21 फरवरी—छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय का जन्मदिन—सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्तित्व का जन्मदिवस नहीं, बल्कि उस नेतृत्व का उत्सव है जिसने बीते ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नए सिरे से परिभाषित किया है।

आज से लगभग ढाई वर्ष पूर्व जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की कमान संभाली, तब उनके सामने अनेक चुनौतियाँ थीं—किसानों की उम्मीदें, महिलाओं का सशक्तिकरण, आवासहीन गरीबों की पीड़ा और सबसे बड़ी चुनौती, वर्षों से नक्सलवाद की छाया में जी रहा बस्तर।

चुनावी वादों से आगे, भरोसे की सरकार

मुख्यमंत्री साय की सरकार ने सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया कि यह सरकार केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि कार्यान्वयन की सरकार होगी।

  • किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर अन्नदाता के सम्मान को पुनर्स्थापित किया गया।

  • महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता देकर महिला सशक्तिकरण को जमीनी मजबूती दी गई।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को पक्की छत का सपना साकार हुआ।

ये सभी वादे केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि धरातल पर उतरते हुए सरकार की नीयत और नेतृत्व की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक नेतृत्व

परंतु इन उपलब्धियों के बीच एक ऐसा ऐतिहासिक कार्य है, जो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व को अमर पहचान दिलाता है—
? छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में ठोस और निर्णायक पहल।

वर्षों तक छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अन्य राज्यों में एक ही सवाल का सामना करना पड़ता था—
“आप छत्तीसगढ़ में कैसे रह लेते हैं? वह तो नक्सली क्षेत्र है।”

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इस मानसिकता को जड़ से बदलने का काम किया। सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाना, विकास को सुरक्षा के साथ जोड़ना और संवाद व आत्मसमर्पण नीति को प्रभावी बनाना—इन सभी कदमों ने नक्सलवाद के मजबूत किले को कमजोर किया है।

बस्तर: भय से विश्वास की ओर

जो बस्तर कभी “नक्सलगढ़” कहा जाता था, आज वही बस्तर विकास की नई कहानी लिख रहा है।

  • दूरदराज के गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की योजनाएं पहुंच रही हैं।

  • बड़ी संख्या में नक्सलियों का आत्मसमर्पण, समाज की मुख्यधारा में लौटने की ऐतिहासिक प्रक्रिया का प्रमाण है।

  • सड़क, संचार, मोबाइल नेटवर्क और प्रशासनिक पहुंच ने दशकों पुरानी दूरी को समाप्त किया है।

यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उस सोच से, जिसमें सुरक्षा और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन है।

पर्यटन और संस्कृति का नया केंद्र बनता बस्तर

आज बस्तर केवल शाही दशहरे तक सीमित नहीं रहा।
प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, जलप्रपात, वन संपदा और शांत वातावरण—बस्तर अब देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
यह बदलाव बताता है कि बस्तर अब बंदूक नहीं, भविष्य की संभावनाओं से पहचाना जाएगा।

इतिहास में दर्ज होगा यह नेतृत्व

निस्संदेह, भविष्य में जब छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के अंत की चर्चा होगी, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा।
उन्होंने यह सिद्ध किया कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, संवेदनशील प्रशासन और विकासोन्मुख दृष्टि से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी संभव हो सकते हैं।

जन्मदिन पर बस्तर की दुआएं

आज, मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर, बस्तर की धरती—जिसने सबसे अधिक दर्द सहा—उन्हें सबसे अधिक दुआएं दे रही है।
यह दुआ कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे,
यह दुआ कि विकास की यह यात्रा कभी न रुके,
और यह दुआ कि छत्तीसगढ़ हमेशा शांति, समृद्धि और सम्मान के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।

21 फरवरी केवल जन्मदिन नहीं,
यह उस नेतृत्व का उत्सव है जिसने छत्तीसगढ़ को नई पहचान दी।

दुर्ग। शौर्यपथ। दुर्ग जिले के सबसे बड़े बस स्टैंड की तस्वीर आज शहर की बदहाल व्यवस्था का आईना बन चुकी है। पार्किंग स्थल से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक अव्यवस्था,…

बालोद / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं भू-राजस्व संहिता अधिनियम 1959 में संशोधन उपरांत अविवादित नामांतरण एवं बंटवारों का निराकरण का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया गया है। जिसके तहत बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विकासखंड बालोद में 18 फरवरी एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड में 19 फरवरी को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में भुईंया पोर्टल, सीजी रेवेन्यू पोर्टल के संचालन एवं भू- राजस्व संहिता अधिनियम 1959 के तहत कंडिका 5 में उल्लेखित संहिता की धारा 128 (2) एवं 130 तथा अविवादित मामलों के संबंध में धारा 110, 178, 178 (क) एवं 178 (ख) के अंतर्गत तहसीलदार की शक्तियों छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 के अधीन गठित पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर होगी। उक्त कंडिका के माध्यम से अविवादित नामांतरण एवं बटवारा संबंधि अन्य राजस्व कार्यों हेतु ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त नागरिक पंजीयन पोर्टल के पंजीयन की प्रक्रिया एवं आवेदन प्रस्तुत करने की प्रकिया तथा आम नागरिकों को पोर्टल में हो रहे कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सचिवों के लॉगिन आईडी की उक्त प्रक्रिया के कियान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण के माध्यम के प्रदाय किया गया। राजस्व के संबंध में राजस्व विभाग से तहसीलदार गुण्डरदेही श्री कोमल सिंह धु्रव एवं तहसीलदार बालोद आशुतोष शर्मा ने राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी द्वारा ऑनलाईन पोर्टल के संबंध में सचिवों को विशेष रूप से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में संबधित जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री झुमुक सिंह राजपूत, गुण्डरदेही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती निखत सुल्ताना, श्री लोकेश सिन्हा, जिला समन्वयक एवं श्री विमल सोनकर, सहायक जिला समन्वयक वरिष्ठ करारोपन अधिकरी चम्पेश्वर यदु, सुरेन्द्र कुमार चन्द्राकर अधिकारीगण उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सभी सचिवों को जल्द से जल्द पंचायत में अविवादित नामांतरण एवं बंटवारे का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

राजनांदगांव / शौर्यपथ
राजनांदगांव के समीप स्थित भिलाई कंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में कार्यरत 54 वर्षीय कर्मचारी तुकाराम साहू (निवासी अंजोरा) की ड्यूटी अवधि के दौरान सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। तुकाराम साहू फैक्ट्री के कार्य से धर्मकांटा जा रहे थे, इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ। वे फैक्ट्री के पुराने और समर्पित कर्मचारी थे।

घटना के बाद परिजन एवं ग्रामीणजन फैक्ट्री प्रबंधन से उचित मुआवज़े की मांग कर रहे थे, किंतु प्रारंभिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। निराश परिजन मृतक का शव लेकर सोमनी थाना परिसर में बैठ गए। सूचना मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन यादव कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुँचे और पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

इसी दौरान कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के राजनांदगांव प्रवास को देखते हुए जिलाध्यक्ष विपिन यादव ने उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर कांग्रेस नेतृत्व पूरी मजबूती से पीडि़त परिवार के समर्थन में खड़ा हुआ।

प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत विफल रहने के बाद परिजन, ग्रामीणजन और कांग्रेसजनों ने अंजोरा बायपास स्थित फैक्ट्री के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम राजनांदगांव सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे और समझाइश का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारियों की एक ही मांग थी—सम्मानजनक मुआवज़ा और परिवार की भविष्य सुरक्षा।

प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फैक्ट्री संचालक उदित राठी मौके पर पहुँचे। फैक्ट्री परिसर में प्रशासन की मौजूदगी में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल—जिसमें जिलाध्यक्ष विपिन यादव, महामंत्री राहुल तिवारी, प्रवक्ता अनीस खान, चुम्मन साहू, अंगेश्वर देशमुख तथा मृतक के परिजन शामिल थे—के साथ विस्तृत चर्चा हुई।

लंबी बातचीत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल 5 लाख रुपये की राहत राशि, लगभग 23 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवज़ा तथा मृतक की पत्नी को आजीवन पेंशन देने पर सहमति जताई। सहमति बनते ही चक्काजाम समाप्त किया गया।

समाधान के बाद परिजनों और ग्रामीणजनों ने कांग्रेस नेतृत्व और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष भागवत साहू, रितेश जैन, अमित अग्रवाल, पूर्व एल्डरमैन हेमू सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा श्रमिकों, कर्मचारियों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी और किसी भी पीडि़त परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

बालोद / शौर्यपथ /

जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एसबीआई सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाले विभिन्न लाभों की जानकारी देने के उद्देश्य से जिला न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता कक्ष में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में एसबीआई मुख्य शाखा बालोद के मुख्य प्रबंधक गौरव भटनागर, क्षेत्रीय कार्यालय कांकेर के मुख्य प्रबंधक शैलेश पाटिल, क्षेत्र अधिकारी विशाल रहंगदाले तथा क्षेत्रीय अधिकारी रूचिर कश्यप ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सैलरी पैकेज की विस्तृत जानकारी दी।
एसबीआई अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा एवं बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शासन और भारतीय स्टेट बैंक के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो 4 जनवरी 2026 से प्रभावशील हो चुका है। इस समझौते के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के अधीन सेवारत स्थायी अधिकारी एवं कर्मचारी, जिनका वेतन खाता एसबीआई में संचालित है, इस सैलरी पैकेज के लिए पात्र हैं।

बिना अतिरिक्त प्रीमियम के मिलेंगे बीमा लाभ
एसबीआई अधिकारियों ने बताया कि पात्र कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के तहत 1 करोड़ रुपये, हवाई दुर्घटना बीमा के तहत 1 करोड़ 60 लाख रुपये, स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तथा स्थायी आंशिक विकलांगता पर अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समूह जीवन बीमा के अंतर्गत 10 लाख रुपये का लाभ भी दिया जाएगा। इन सभी सुविधाओं के लिए कर्मचारियों को किसी प्रकार का अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा।
इसके अलावा रूपे कार्ड के माध्यम से अतिरिक्त बीमा लाभ, रियायती दरों पर हेल्थ इंश्योरेंस टॉप-अप, एसबीआई रिश्ते खाते की सुविधा तथा योनो डिजिटल बैंकिंग एप एवं योनो यूपीआई की जानकारी भी दी गई।

न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित
कार्यशाला में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याल लाल नवरत्न, प्रथम जिला न्यायाधीश किरण कुमार जांगडे, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्वेता उपाध्याय गौर, जिला न्यायाधीश (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला न्यायाधीश एफटीसी ताजुद्दीन आसिफ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सोनी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप, प्रशासनिक अधिकारी उदेराम नेताम, लेखापाल सुजीत कुमार साहू सहित जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से न्यायालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सैलरी पैकेज से जुड़ी योजनाओं, बीमा सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

  दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग अंतर्गत जे.आर.डी. स्कूल के समीप सड़क पर कम्पनी मारुति सुज़ुकी द्वारा अवैध रूप से टेंट लगाकर आवागमन बाधित किए जाने का मामला सामने आया। गुरूवार सुबह कार्यालय जाते समय कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की नजर इस अतिक्रमण पर पड़ी, जिस पर उन्होंने तत्काल नगर निगम आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में निगम की अतिक्रमण टीम मौके पर पहुँची और त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे लगाए गए टेंट, ढांचा एवं अन्य सामग्री को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान मार्ग को पूर्णत: अवरोध मुक्त कराया गया, जिससे आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा पुन: उपलब्ध हो सकी। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक सड़कों और मार्गों पर बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। निगम ने नागरिकों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें तथा यातायात व्यवस्था में बाधा न उत्पन्न करें।

दुर्ग / शौर्यपथ /

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 कक्षाओं में प्रवेश बंद किए जाने के निर्णय को गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ-साथ आरटीई की मूल भावना के भी विपरीत है।
अय्यूब खान ने बताया कि अब तक आरटीई के अंतर्गत प्रदेश के अनेक निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाओं में प्रवेश दिया जाता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलता रहा है। राज्य सरकार द्वारा अब केवल कक्षा पहली से ही आरटीई के तहत प्रवेश देने का निर्णय लिया गया है, जिससे वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चे के संपूर्ण शैक्षणिक विकास की नींव होती है। नर्सरी और केजी स्तर से निजी स्कूलों में प्रवेश न मिलने से गरीब बच्चों और सक्षम वर्ग के बच्चों के बीच शैक्षणिक असमानता और अधिक बढ़ेगी।

सरकार पर निजी प्ले स्कूलों को लाभ पहुंचाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस सचिव ने आरोप लगाया कि यह निर्णय निजी प्ले स्कूलों और नर्सरी स्कूलों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आरटीई की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए सीधे कक्षा 1 से भर्ती का आदेश जारी किया है और 16 फरवरी को आरटीई का आवेदन पोर्टल खोला गया है, जिसमें केवल कक्षा 1 से प्रवेश का विकल्प प्रदर्शित हो रहा है, जबकि पूर्व में नर्सरी और केजी-1 से प्रवेश की व्यवस्था थी।

कांग्रेस ने रखीं प्रमुख मांगें
अय्यूब खान ने राज्य सरकार से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि—
// नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 कक्षाओं में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए।
// आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
// शिक्षा नीति में पारदर्शिता और समान अवसर की गारंटी दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी के साथ अभिभावक और शिक्षा से जुड़े संगठनों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

 भिलाई / शौर्यपथ / अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुर्सीपार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक स्कूटी एवं दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ?3,75,000 बताया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को आईटीआई ग्राउंड, खुर्सीपार के पास मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति अवैध रूप से गांजा रखकर ग्राहक की तलाश में खड़े हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसीसीयू एवं थाना खुर्सीपार की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
संदेहियों को पकड़कर विधिवत तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 7 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा, एक स्कूटी तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान एक महिला की संलिप्तता सामने आई, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसके द्वारा अवैध बिक्री में शामिल होना स्वीकार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
मामले में थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत प्रकरण दर्ज कर तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।

गिरफ्तार आरोपी-
अमन सेंडे (26 वर्ष)
प्रशांत कुमार उर्फ शांतु राजपूत (30 वर्ष)
एन. पूजा (28 वर्ष)
उक्त कार्रवाई में थाना खुर्सीपार प्रभारी, एसीसीयू टीम एवं थाना स्टाफ की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री जैसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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