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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
इसी योजना से सूरजपुर जिला के प्रतापपुर जनपद पंचायत अंतर्गत जजावल ग्राम पंचायत निवासी अकालू पिता भुवाली के जीवन में नई सुबह आई है। कभी भटके रास्ते पर चल पड़े और बाद में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे अकालू को शासन की विशेष परियोजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से पक्का मकान मिला है।
पहले अकालू और उनका परिवार जर्जर एवं असुरक्षित कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। हर मौसम में डर और असुरक्षा का वातावरण बना रहता था। योजना के अंतर्गत मिली आर्थिक सहायता से अब उनका पक्का घर बन चुका है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।
अकालू का कहना है कि शासन की इस पहल ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की दिशा में मिला यह सहयोग उनके लिए किसी नई शुरुआत से कम नहीं है।
यह कहानी केवल एक व्यक्ति के जीवन परिवर्तन की मिसाल नहीं, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्ग चुनने वालों के साथ शासन हर कदम पर खड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों को केवल मकान ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई उम्मीद भी प्रदान कर रही है।
अकालू का पक्का घर आज इस बात का प्रतीक है कि विकास और पुनर्वास की योजनाएँ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं।
विकासखंड के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन पोषण सुदृढ़ीकरण का प्रेरक उदाहरण बन चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के तहत विद्यालय परिसर में शिक्षकों की देखरेख में सब्जियों की खेती की जा रही है।
इसी क्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक बगीचे से लगभग 4 किलोग्राम ताज़ी सेमी (फली) की तुड़ाई की, जिसे सीधे मध्यान्ह भोजन में शामिल किया गया। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण मिल रहा है और भोजन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
बच्चे स्वयं पौधों की देखभाल, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इस प्रक्रिया से वे श्रम का महत्व समझ रहे हैं और कृषि एवं पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ जैविक खेती के प्रति जागरूक बनाना है। ताज़ी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की पौष्टिकता बढ़ी है, जिसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
विद्यालय परिवार का मानना है कि इस तरह की गतिविधियाँ बच्चों में प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं।
इस अवसर पर शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, योगेश साहू, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावक एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएँ बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
विद्यालय प्रशासन ने संकल्प लिया है कि किचन गार्डन में आगे भी विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को निरंतर पौष्टिक आहार और व्यवहारिक शिक्षा मिलती रहे।
भिलाई / शौर्यपथ / माहे रमजान जारी है और इन दिनों रोजेदारों की दिनचर्या भी बदल गई है। रोजा रखते हुए खास इबादत में लोग डूबे हैं। रोजाना सहरी के वक्त सुबह उठने से लेकर शाम को इफ्तार और रात में विशेष नमाज तरावीह में लोग अपनी भागीदारी दे रहे हैं। रमजान के इस खास महीने की अजमत को देखते हुए लोग इबादत के साथ-साथ दूसरी तैयारियों में भी व्यस्त हैं। मस्जिदों में नमाजियों की तादाद बढ़ गई है, वहीं अफ्तार के वक्त लोग एक साथ रोजा खोलने जुट रहे हैं।
मस्जिद आयशा हाउसिंग बोर्ड भिलाई के इमाम व खतीब मौलाना सैय्यद फैसल अमीन कहते हैं कहा कि इसी महीने में अल्लाह ने अपने आखिरी नबी हजऱत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहिस्सलाम पर पवित्र कुरान नाजिल की और इसे तेइस साल में पूरा किया गया। इस महीने के रोजों को फज़ऱ् किया गया है। मुफ्ती मोहम्मद सोहेल काजी दारूल कजा भिलाई कहते हैं रोजा पाबंदी से रखना चाहिए क्योंकि यह हर बालिग मर्द और औरतें पर फज़ऱ् है। अगर कोई बीमार है या सफऱ में है तो उसको कुछ छूट है लेकिन बाद में उसकी भरपाई जरूर करे। जब बीमार सेहतमंद हो जाए और मुसाफिर अपने मुकाम पर पहुंच जाए। शेखुल हदीस मौलाना जकरिया रहमतुल्लाह अलैहि ने अपने रिसाले फजाईले रमजान मुबारक मे लिखा है कि खुदा की तरफ़ से अपने बंदों पर रमजान बहुत बड़ा इनाम है। इस महीने में खुद रोजा रखे ,अहकामे खुदावन्दी पूरा पूरा अदा करें। पांच वक्त की नमाज़ पढऩे के साथ तिलावत कुरान करें जो सारे इंसानियत के लिए हिदायत (सीधा रास्ता) बताने वाली है। मदरसा ताज उल उलूम रूआबांधा भिलाई के प्रिंसिपल मुहम्मद शाहिद अली मिस्बाही कहते हैं रमजान सिफऱ् रोज़ा रखने का नाम नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, सब्र की परीक्षा और इंसानियत की सेवा का महीना है। यह महीना हमें अपने रब से जुडऩे, अपने दिल को साफ़ करने और समाज के कमजोर तबकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। रमज़ान का असली पैग़ाम सब्र है। दिन भर की भूख-प्यास इंसान को यह एहसास दिलाती है कि समाज में कितने लोग ऐसे हैं जो रोज़ाना इसी हालात से गुजरते हैं। जब इंसान खुद भूखा रहता है तो उसे गरीब और जरूरतमंद लोगों का दर्द समझ में आता है। यही एहसास उसे दूसरों की मदद के लिए प्रेरित करता है। इस महीने में जकात, सदका और फितरा देने की खास हिदायत है, ताकि समाज में आर्थिक संतुलन बना रहे और कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। रमज़ान रहमत और बरकत का महीना है। इस महीने में की गई इबादतों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार का तीसरा बजट आम जनता के अपेक्षा और उम्मीदों के विपरीत घोर निराशाजनक है। यह बजट काल्पनिक है, धरातल पर बिल्कुल शून्य है। बजट महिलाओं को निराशा किया है। प्रदेश की महिलाओं को इस बजट से यह विश्वास था कि महिला सुरक्षा और महिलाओं के रोजगार पर कुछ विशेष पैकेज रहेगा लेकिन इस बजट में ऐसा कुछ भी नहीं रहा। बजट में महिलाओं को रोजगार देने के लिये कुछ नहीं है। रानी दुर्गावती योजना भी स्पष्ट नहीं है। बस्तर में वनोपज संग्रहण काम में लगी महिलाओं के लिये भी बजट में कुछ नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 रू. में एलपीजी गैस देने का आश्वासन दिया था। 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने का वादा करने वाले भाजपाई गैस सब्सिडी के लिए एक रुपए का भी बजट प्रावधान नहीं कर पाए हैं। यह बजट सिर्फ लोक लुभावन और कागजों की शोभा बढ़ाने वाली बजट है मध्यमवर्गी एवं गरीब वर्ग परिवार के लिए कुछ भी नहीं। छात्राओं का स्कूल, कालेज बिना शुल्क पहुंचाने का वादा किया था, इस बजट में उस पर भी कुछ नही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि बजट में महिला स्व-सहायता समूह को रोजगार देने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में महिला स्व-सहायता समूह से रेडी-टू-ईट का काम कराने का वादा किया था, लेकिन भूल गये।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि वित्त मंत्री पिछले बजट में भी बहुत सारे घोषणाएं किए गए थे उस बजट का जिसमें से 70 प्रतिशत तक की राशि से अधिक खर्च नहीं कर पाए। जिसके कारण आज प्रदेश के जनता मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है। इसमें ना युवाओं के रोजगार के संदर्भ में कोई रोडमैप है और ना ही महंगाई से निपटने कोई ठोस रणनीति। कॉलेज जाने वाले छात्रों से यात्रा भत्ता देने का वादा किया था पर इसके लिए कोई बजट का प्रावधान नहीं है। आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के सफल संचालन के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं।
रायपुर / शौर्यपथ / उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में दूरदर्शी, संतुलित और विकासोन्मुख बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 'ज्ञानÓ और 'गतिÓ के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त कार्ययोजना है।
उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 5 करोड़ रुपए से अधिक तथा गृह विभाग के लिए 8,380 करोड़ रुपए का प्रावधान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। शिक्षा, कौशल विकास, अधोसंरचना, निवेश, अंत्योदय, आजीविका और कुशल मानव संसाधन निर्माण पर केंद्रित यह बजट सर्वस्पर्शी विकास का प्रतीक है। आवासहीनों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना एवं विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए 4-4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान राज्य की संवेदनशील और प्रतिबद्ध सरकार का प्रमाण है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद के प्रभाव से उबरते बस्तर में अब विकास की नई धारा बहेगी। 1500 बस्तर फाइटरों की भर्ती स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाली एजुकेशन सिटी क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगी।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण और 200 करोड़ रुपए के आवास निर्माण हेतु तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान जनजातीय अंचलों के समग्र उत्थान का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सीजी एसीई योजना के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान कर राज्य सरकार ने नीट, जेईई, क्लैट, यूपीएससी, सीजीपीएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मजबूत आधार दिया है। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को रेंटल आवास सुविधा हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित कवर्धा, रायगढ़, जशपुर और जगदलपुर में नए सीजीआईटी संस्थानों के लिए 38 करोड़ रुपए तथा 36 सीजी इनोवेशन केंद्र एवं एसटीपीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान युवाओं को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊर्जा देगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 1725 करोड़ रुपए से 70 नई सड़कों और 21 पुलों का निर्माण किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 150 से अधिक नई सड़कों के लिए 475 करोड़ रुपए का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे का कार्य करेगा।
बजट में बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, सक्ती और बलरामपुर में 5 नए साइबर थानों की स्थापना, 15 नए पुलिस थानों का गठन और 25 थानों के नवीन भवन निर्माण का प्रावधान राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का संकेत है। महिला अपराधों की रोकथाम हेतु महिला थानों की संख्या बढ़ाकर 10 करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। अपराध विवेचना को वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाने के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट हेतु 3.50 करोड़ रुपये का प्रावधान पुलिस तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से एआई टैलेंट विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक एआई मानचित्र पर स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुण (हृढ्ढक्कहृ) मिशन युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खोलेगा।
बवरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में 'सियान गुड़ीÓ को वरिष्ठ नागरिकों के डे-केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा जो समाज के विकास में एक बेहतर कदम है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान करेगा और ग्रामीण-शहरी संतुलन के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पाण्डेय ने प्रदेश सरकार के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में महिलाओं पर भी फोकस करते हुए महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, उद्यमी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 8,200 करोड का प्रावधान किया गया है। यह योजना महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। सुश्री पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक नई योजना रानी दुर्गावती योजना लायी है। इस योजना के तहत परिवार में बालिका के जन्म पश्चात् बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1.50 लाख रूपये दिये जाएंगे। रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड का प्रावधान किया गया है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय ने आगे कहा कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी एवं जनहितैषी बजट है। यह बजट प्रदेश की 3 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है। इस बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों, गरीब एवं मध्यम वर्ग के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए विशेष प्रावधान कर अन्नदाता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया गया है। साथ ही अधोसंरचना, सड़कों, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश कर विकास की गति को और तेज करने का संकल्प लिया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत श्री विष्णु देव साय सरकार के तीसरे बजट को राज्य के विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाला बजट बताया है। उन्होंने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम जिस संकल्प को लेकर सरकार में आए हैं, यह बजट ठीक उसी के अनुरूप है। छत्तीसगढ़ को हमने बनाया है और हम ही इसे संवारेंगे। छत्तीसगढ़ को संवारने का यह बजट एक-एक क्षेत्र, एक-एक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का बजट है।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट हर क्षेत्र और हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें अनेक नई योजनाओं और नवाचारी प्रावधानों को शामिल किया गया है। राज्य के शहरों को आधुनिक और सुविधासंपन्न बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजनाÓ का प्रावधान किया गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सड़क अधोसंरचना को नई गति देने के लिए 'द्रुतगामी सड़क संपर्क योजनाÓ भी इसमें शामिल है। इन योजनाओं से शहरी विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
श्री साव ने कहा कि नया बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगा और युवाओं, किसानों, महिलाओं तथा व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी विकास सुनिश्चित करना है जिससे हर नागरिक को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का मूल संकल्प है और यह बजट उसी दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम है। प्रदेश के लोगों के विश्वास और अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए सरकार आगामी वर्षों में विकास की रफ्तार को और तेज करेगी। प्रदेशवासियों के कल्याण और समग्र विकास को केंद्र में रखकर यह बजट तैयार किया गया है।
0डोंगरगढ़ पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव। शौर्यपथ / थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा में नदी किनारे मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतका के पति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 फरवरी 2026 को सूचना मिली थी कि बाबा आम बगीचा में लगभग 35-40 वर्ष की एक अज्ञात महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।
सूचना पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 92/2026 धारा 103(1), 61(2), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर मृतका की पहचान पूर्णिमा नेताम (35 वर्ष) निवासी रविदास नगर, राजनांदगांव के रूप में की गई। जांच में सामने आया कि महिला के चरित्र पर संदेह करते हुए उसके पति सुनील वंजारी (45 वर्ष) निवासी दल्लीराजहरा, हाल पता मोतीपुर राजनांदगांव ने अपने साथी ज्योतिष सिंह नेताम (40 वर्ष) निवासी छिरपानी, डोंगरगढ़ के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
21 फरवरी की शाम आरोपी ने अपनी पत्नी को ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा ले जाकर पत्थर से सिर पर प्राणघातक हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से खून से सने कपड़ों को नीलकंठ साहू (71 वर्ष) निवासी मोहंदीपार, जिला बालोद को देकर नष्ट कराया गया। घटना के बाद मुख्य आरोपी फरार हो गया था और उसका मोबाइल बंद पाया गया। पुलिस ने लगातार सर्च अभियान चलाकर डोंगरगांव क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद सह आरोपी एवं साक्ष्य छिपाने में सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। डोंगरगढ़ पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफलता प्राप्त की है।
धमतरी।
जिले में ऑनलाइन सट्टा और जुआ गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत धमतरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में आरोपी से करीब 17 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशानुसार जिले में जुआ, सट्टा, अवैध शराब एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना रूद्री को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मरादेव, गंगरेल स्थित ग्रीन रिसॉर्ट के पास एक व्यक्ति ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।
सूचना की पुष्टि होते ही थाना रूद्री एवं साइबर टीम ने संयुक्त रूप से तत्काल दबिश दी। मौके पर आरोपी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से यूजर आईडी बनाकर ऑनलाइन ऐप के जरिए वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे क्रिकेट मैच में हार-जीत का दांव लगवाते हुए पाया गया, जिसे पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
? 17 लाख की संपत्ति जब्त
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से—
01 नग iPhone 17 Pro मोबाइल (कीमत लगभग ₹1,00,000)
01 नग Samsung Fold 7 मोबाइल (कीमत लगभग ₹1,00,000)
01 नग काले रंग की XUV700 कार, वाहन क्रमांक CG04 QM 4440 (कीमत लगभग ₹15,00,000)
इस प्रकार कुल ₹17,00,000 की संपत्ति जब्त की गई।
⚖️ मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया
आरोपी के विरुद्ध थाना रूद्री में अपराध क्रमांक 05/26, धारा 7 छत्तीसगढ़ जुआ अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
? आरोपी का विवरण
भविष्य गंगवानी, पिता दीपक गंगवानी, उम्र 19 वर्ष,
निवासी – होटल नानक शाह, सिहावा रोड जालमपुर वार्ड,
थाना – सिटी कोतवाली धमतरी, जिला – धमतरी (छत्तीसगढ़)।
? पुलिस का सख्त संदेश
उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व ही थाना भखारा पुलिस ने जुआ-सट्टा प्रकरण में पांच जुआरियों के विरुद्ध कार्रवाई कर ₹26,000 नकद जब्त किए थे।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टा एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
राज्य बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील जिले के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा- राजेन्द्र पाध्ये
दुर्ग। भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बजट “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने वाला, जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला और सर्वांगीण विकास को गति देने वाला बजट है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट भाषण में दुर्ग जिले के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग को अधोसंरचना, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और तकनीकी विकास के क्षेत्र में विशेष सौगात मिली है, जो जिले के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला साबित होगी।
राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग शहर के व्यस्ततम महाराजा चौक में 3 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। दुर्ग के मोहन नगर पुलिस थाना के लिए नवीन भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होगी, पुलिस प्रशासन को बेहतर संसाधन मिलेंगे और आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक वातावरण में सेवा प्राप्त होगी। दुर्ग में नए छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी) की स्थापना की सौगात युवाओं और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे आईटी एवं तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा दुर्ग डिजिटल एवं तकनीकी हब के रूप में उभरेगा।
दुर्ग को मिली सौगातो का जिक्र करते हुए भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने आगे कहा कि डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रावधान महिला शिक्षा को नई ऊँचाई देगा। इससे छात्राओं को उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएँ, शोध एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त होंगे। बजट में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र दुर्ग के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ रुपये प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है, इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा तथा भिलाई तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगा। भिलाई में व्यावसायिक परिसर के निर्माण हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे स्थानीय व्यापार, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। भिलाई में मॉडल उपपंजीयक भवन के बजटीय प्रावधान से अचल संपत्तियों के खरीददारों और विक्रेताओं को लाभ मिलेगा।
राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की महती भूमिका के चलते दुर्ग जिले को शानदार सौगातें मिली है। दुर्ग को मिली ये सौगातें केवल परियोजनाएँ नहीं, बल्कि विकास की नई दिशा हैं। अधोसंरचना, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा— चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास की सोच इस बजट में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील शहर के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
दुर्ग। राज्य बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026–27 छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का "SANKALP" ब़जट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर से लेकर सरगुजा तक सौगातों की झड़ी लगा दी है। बजट में प्रत्येक समाज के साथ-साथ युवाओं से लेकर महिलाओं-बुजुर्गों का ध्यान रखा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1725 करोड़, जल जीवन मिशन 3000 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 2000 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान 1500 करोड़, प्रधानमंत्री आवास शहरी 825 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा 820 करोड़, महिलाओं के नाम पर संपत्ति क्रय में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, छत्तीसगढ़ युवा दर्शन हेतु 5 करोड़, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन हेतु 100 करोड़, प्रतियोगी परीक्षा के लिए 33 करोड़, कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना हेतु 600 करोड़, लोकनिर्माण विभाग में 9,450 करोड़, मुख्यमंत्री आदर्श शहर योजना समृद्धि योजना 200 करोड़, महतारी वंदन योजना 8200 करोड़, मुख्यमंत्री खाद्यान्य योजना 6500 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 4000 करोड़, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना में 1500 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान हेतु 1500 करोड़, विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए 4000 करोड़ के प्रावधान सहित छत्तीसगढ़ राज्य के सभी वर्गों व क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने आगे कहा कि यह बजट विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को पूर्ण करने की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जिसमें गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग, व्यापारी, श्रमिक एवं उद्यमियों सभी वर्गों व क्षेत्रों के हितों का समावेश किया गया है। इस बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार सृजन, स्टार्टअप, एमएसएमई, डिजिटल इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने वाले प्रावधान किए गए हैं।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि यह बजट वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला भी रखता है। मैं राज्य बजट 2026–27 के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं माननीय वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी, विधानसभा के सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त कर अभिनंदन करता हूँ। यह बजट निश्चित रूप से ऐतिहासिक, जनहितकारी एवं राज्य को विकास के नए शिखर तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजनीति और विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार आज अपना तीसरा बजट प्रस्तुत करेगी, जिसे लेकर प्रदेश भर की निगाहें विधानसभा पर टिकी हुई हैं। यह बजट न केवल साय सरकार की नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ @2047 विजन के अनुरूप प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की मजबूत आधारशिला भी रखेगा।
आज 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे, राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ का बजट 2026 नए विधानसभा भवन में प्रस्तुत करेंगे। यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि बजट छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव वर्ष में पेश किया जा रहा है, जब राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रहा है।
युवा, महिला और आदिवासी—बजट के केंद्र में जनसरोकार
सरकारी सूत्रों और संकेतों के अनुसार यह बजट प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। कौशल विकास, स्टार्ट-अप, स्वरोजगार और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों की संभावना जताई जा रही है।
वहीं महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय इस बजट का हिस्सा हो सकते हैं। स्व-सहायता समूह, महिला उद्यमिता, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक मजबूती से जुड़ी योजनाओं पर सरकार का विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य होने के कारण यह बजट आदिवासी समाज के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं में ठोस और सकारात्मक पहल की संभावना जताई जा रही है, जिससे जनजातीय अंचलों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा-चिकित्सा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान
प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भी बड़े कदम उठा सकती है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा और आधुनिक शिक्षा ढांचा पहुंचाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता बजट
नए विधानसभा भवन में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का शुभारंभ पहले ही हो चुका है, जिसमें आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की झलक साफ दिखाई दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर तैयार यह बजट छत्तीसगढ़ @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक दस्तावेज माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, साय सरकार का यह बजट विकास, विश्वास और भविष्य का बजट होने की उम्मीद जगाता है। यदि अनुमान सही साबित हुए, तो यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर सकता है।
नई दिल्ली / एजेंसी /
भारतीय नौसेना पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू) क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आठ युद्धपोतों वाली एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) परियोजना के तीसरे पोत अंजदीप को शामिल करने जा रही है। इस युद्धपोत को 27 फरवरी, 2026 को चेन्नई बंदरगाह पर पूर्वी नौसेना कमान में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा।
इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे।
इस शुभारंभ समारोह से रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में राष्ट्र की तीव्र प्रगति का पता चलता है, क्योंकि एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट परियोजना स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा निर्मित, अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है - यानी तटीय और उथले जल क्षेत्र जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें निष्क्रिय करना है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसर पैकेज से सुसज्जित है, जिसमें हल माउंटेड सोनार अभय भी शामिल है, और हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस है। अपनी प्राथमिक पनडुब्बी रोधी भूमिका के अलावा, यह फुर्तीला और अत्यधिक पैंतरेबाज़ी करने में सक्षम युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान (एलआईएमओ) और खोज एवं बचाव अभियान चलाने में भी सक्षम है। 77 मीटर लंबे इस पोत में एक उच्च गति वाला वाटर-जेट प्रोपल्सन प्रणाली है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।
कारवार तट से दूर स्थित ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप के नाम पर नामित अंजदीप नामक पोत को नौसेना में शामिल करने से तमिलनाडु और पुडुचेरी क्षेत्र सहित देश के विशाल समुद्री हितों और तटीय क्षेत्रों की रक्षा करने की नौसेना की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो भारतीय नौसेना को एक दुर्जेय 'निर्माता नौसेना' में बदलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
