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April 10, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  रायपुर, /विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2026–27 हेतु द्विवर्षीय बी.एड. एवं डी.एल.एड. (दूरवर्ती) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्री. बी.एड. एवं प्री. डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुकी है और 12 जून 2026 (रात्रि 12 बजे तक) जारी रहेगी।

प्री बी.एड. एवं प्री. डी.एल.एड. प्रवेश के अभ्यर्थी 13 जून से 15 जून 2026 के बीच 100 रुपए शुल्क के साथ आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे। प्रवेश पत्र 23 जून 2026 से डाउनलोड किए जा सकेंगे तथा प्रवेश परीक्षा 28 जून 2026 (संभावित) को आयोजित की जाएगी।

परीक्षा के पश्चात 29 जून 2026 को मॉडल उत्तर जारी किए जाएंगे, जिन पर अभ्यर्थी 29 जून से 03 जुलाई 2026 तक आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। परीक्षा परिणाम (अनंतिम सूची) 10 जुलाई 2026 (संभावित) को घोषित किया जाएगा, जिस पर 10 से 12 जुलाई 2026 तक आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम प्रावीण्यता सूची 21 जुलाई 2026 (संभावित) को प्रकाशित की जाएगी।

अभ्यर्थियों को निर्देशित किया जाता है कि वे आवेदन करने से पूर्व संबंधित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें तथा ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही एवं स्पष्ट रूप से भरें। यह आवेदन पत्र काउंसलिंग पंजीयन हेतु भी मान्य होगा, अतः अलग से काउंसलिंग फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया (ऑनलाइन/ऑफलाइन) की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
दावा-आपत्ति केवल निर्धारित तिथि एवं समय के भीतर ईमेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी एवं संभावित तिथियों में किसी भी परिवर्तन के लिए नियमित रूप से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.pssou.ac.in एवं www.pssou.net/portal का अवलोकन करते रहें।

28 वर्षीय पहलवान परिवार का गुजारा चलाने के लिए घर-घर दूध पहुंचाते हुए भी कुश्ती का अभ्यास करते रहे

मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास के लिए 20 किमी और मैट ट्रेनिंग के लिए जम्मू तक 40 किमी का सफर तय करते हैं

रायपुर, / जब जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन कुश्ती का अभ्यास नहीं कर रहे होते, तो वे अपने बड़े भाई के साथ घर-घर जाकर दूध पहुंचाने का काम करते हैं। जम्मू के जोरावर गांव के रहने वाले 28 वर्षीय हमाम के लिए जिंदगी और खेल हमेशा साथ-साथ चले हैं। पांच साल पहले पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके और उनके बड़े भाई के कंधों पर आ गई। दोनों ने मिलकर दूध बेचकर घर चलाया और इसी के साथ हमाम ने अपने कुश्ती के सपने को जिंदा रखा।

यह संघर्ष आखिरकार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026 में रंग लाया, जहां हमाम ने पुरुषों के 79 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह उनके 14 साल के कुश्ती करियर का पहला राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक है।

हमाम ने साई मीडिया से कहा, “मेरे बड़े भाई भी पहलवान थे और राज्य स्तर पर खेल चुके हैं। पिता के निधन के बाद सारी जिम्मेदारी हम पर आ गई। मेरे भाई को कुश्ती छोड़नी पड़ी और उन्होंने दूध बेचना शुरू कर दिया। मैं भी उनके साथ दूध देने जाता था क्योंकि परिवार चलाना जरूरी था।लेकिन मेरे भाई ने मुझे हमेशा कुश्ती जारी रखने के लिए प्रेरित किया और मुझे दंगलों में लेकर जाते थे।”

हमाम ने बताया कि उनके पिता की छोड़ी हुई भैंसें ही परिवार की आजीविका का साधन बनीं। एक बच्चे के पिता हमाम ने कहा, “मेरे भाई ने दूध बेचकर घर चलाया और मैं उनकी मदद करता था। लेकिन जब मैंने मिट्टी के अखाड़े में कदम रखा, तो इस खेल से मुझे लगाव हो गया।”

सीमित संसाधनों के बावजूद हमाम ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। वे अपने गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास करते हैं और मैट पर ट्रेनिंग के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जम्मू तक का सफर तय करते हैं। वह भी अपने काम की जिम्मेदारियों के साथ। उन्होंने कहा, “साई सेंटर जम्मू में है और हम निचले इलाके में रहते हैं, इसलिए वहां नियमित रूप से जाना मुश्किल होता है। हम आमतौर पर प्रतियोगिताओं के दौरान ही वहां जाते हैं, वरना गांव के अखाड़ों में ही अभ्यास करते हैं।”

हमाम आगे कहते हैं, “मेरे पास कोई व्यक्तिगत कोच नहीं है। अखाड़े में सीनियर पहलवान हमें मार्गदर्शन देते हैं। जब हम मैट पर अभ्यास करते हैं, तब वहां कोच होते हैं। गांवों में हमें शहरों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। अगर बेहतर सुविधाएं मिलें, तो हमारे क्षेत्र के पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पदक जीत सकते हैंl हमाम के लिए यह स्वर्ण पदक सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने अंत में कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा लगा। यहां की सुविधाएं बहुत अच्छी थीं। हम एक पिछड़े इलाके से आते हैं, जहां कुश्ती के लिए ज्यादा समर्थन नहीं है, इसलिए हमें दूर-दूर तक जाना पड़ता है। यह पहली बार है जब हमारे लिए इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। अगर ऐसे और आयोजन होते रहें, तो हम और पदक जीत सकते हैं।”

रायपुर /: पिछले साल 29 दिसंबर को शिलांग के साई के स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में बेथलीन ग्रेस माकरी के कोच ने अचानक इस युवा एथलीट में एक रेस-वॉक एथलीट बनने की काबिलियत देखी। मजे की बात यह है कि बेथलीन खुद इस इवेंट के बारे में लगभग कुछ भी नहीं जानती थी और इसकी तकनीकी बारीकियों की तो बात ही छोड़ दें।

पिछले साल तक, मेघालय की यह युवा एथलीट एक मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के तौर पर मुकाबला कर रही थीं। लेकिन 2026 की शुरुआत में, उसे अपना खेल बदलने के लिए कहा गया जिसने उसकी शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की ताकत की परीक्षा ली।

खासी ट्राइब से आने वाली बेथलीन के लिए यह बदलाव बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उनके लिए शुरुआती कुछ सप्ताह बहुत कठिन थे, जब वह रेस-वॉक की अनजान तकनीक के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही थीं और शरीर में तेज दर्द से जूझ रही थीं। इसके चलते कई रातें बिना नींद के बीतीं और मन में आत्म-संदेह भी पैदा होने लगा।

हालांकि, उनके कोच और परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी और इकलौती बेटी होने के नाते, बेथलीन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और खेल की तकनीकी बारीकियों को सीखने में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले एडिशन में भाग लेने के लिए जगदलपुर का रुख किया।

उन्होंने साई मीडिया से कहा, '' पहले दो हफ्ते वाकई बहुत मुश्किल थे, खासकर मेरे शरीर के लिए। रेस-वॉक की तकनीकी बारीकियां मध्यम या लंबी दूरी की दौड़ से बिल्कुल अलग होती हैं, इसलिए मुझे इसे समझने में समय लगा। इसके बाद कई रातों तक नींद नहीं आई, घबराहट के पल आए और आखिरकार मुझे खुद पर शक होने लगा कि क्या मेरा फैसला सही था।''

लेकिन बुधवार को उन संघर्षों का भरपूर फल मिला। बेथलीन ने महिलाओं की रेस-वॉक स्पर्धा में 1:05:18 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। वह झारखंड की नेहा ज़ालक्सो (1:04:02) और ओडिशा की एलीश एक्का (1:04:59) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं।

पदक जीतने के कुछ ही पलों बाद इस एथलीट ने इसका श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। उन्होंने कहा, ''मेरे कोच और मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया, और मुझे इसे जारी रखने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। मैंने भी इसे आज़माने का सोचा, और आज मैं यहां हूं। मेरे पास अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन यह ठीक वैसी ही शुरुआत थी जिसकी मुझे ज़रूरत थी।''

उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मिला कांस्य पदक मेरी कड़ी मेहनत, मेरे विश्वास और मेरे कोचों व परिवार के समर्थन का प्रमाण है और यह इस खेल में आगे बढ़ने के लिए मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करता है।“

शिलांग कॉलेज में बीए की दूसरे वर्ष की छात्रा बेथलीन को इस बात पर बेहद गर्व है कि वह मेघालय की एकमात्र ऐसी 'रेस वॉकर' हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, '' मेघालय से कोई रेस वॉकर नहीं है और मेरा मानना है कि मेरा 'खेलो इंडिया' पदक युवाओं को इस खेल को पेशेवर तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। मुझे भी अब यह खेल पसंद आने लगा है।''

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वंदे उत्कल जननी’ के मधुर गायन के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को आत्मीयतापूर्वक संबोधित करते हुए कहा कि वे यहां अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें 20 वर्षों तक सांसद के रूप में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और वही स्नेह एवं अपनापन उन्हें आज भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर के कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा बोलते हैं। देवभोग-गरियाबंद क्षेत्र में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात मिलता है और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में रथ यात्रा का आयोजन होता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया, जिसमें समाज के रीति-रिवाज, उपलब्धियां एवं संपर्क विवरण संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रदेश खुशहाली की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से तीर्थ दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानून पारित किया गया है, जिसमें कड़ी सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं जवानों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब ‘नियद नेल्लानार’ के तहत बस्तर में सड़कों, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन मंडल का गठन कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है तथा ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता लाते हुए भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध है और वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिलों के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प उपलब्ध कराया गया है तथा सरचार्ज में राहत या छूट दी जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक श्री टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में शामिल होने के क्रम में मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कल समाज द्वारा निर्मित प्रभु जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक श्री टंकाधर त्रिपाठी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्री जीवर्धन चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं उत्कल समाज के प्रमुखजन उपस्थित थे।

? दुर्ग / शौर्यपथ

भारतीय जनता पार्टी के 6 अप्रैल स्थापना दिवस को लेकर दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण तैयारी बैठक संपन्न हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला संगठन प्रभारी नंदन जैन, विधायक ललित चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

बैठक में स्थापना दिवस एवं 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के आयोजन की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्थापना दिवस को पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह “मां के जन्म उत्सव” के समान है, जिसे हर बूथ तक पहुंचाकर ऐतिहासिक बनाना है।

प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ पर भाजपा का ध्वज फहराकर माहौल को पूर्णतः भाजपा-मय बनाएं।

जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने बताया कि 6 अप्रैल को ध्वजारोहण, मिष्ठान वितरण, सोशल मीडिया अभियान, बूथ स्तर पर कार्यक्रम, तथा 7 से 12 अप्रैल तक “गांव-बस्ती चलो अभियान” चलाया जाएगा। वहीं 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर स्वच्छता अभियान, दीप उत्सव और संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।

बैठक में महापौर अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

? कुल मिलाकर भाजपा ने स्थापना दिवस को बूथ से लेकर जिला स्तर तक व्यापक रूप से मनाने की रणनीति तय कर दी है।

? राजनांदगांव / शौर्यपथ

राजनांदगांव जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। साथ ही 3 अतिरिक्त एम्बुलेंस की स्वीकृति के साथ जिले को कुल 13 अत्याधुनिक एम्बुलेंस की सौगात मिली है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह पहल न केवल राजनांदगांव, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने इसे प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में “मील का पत्थर” बताया।

नई एम्बुलेंस में 8 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) वाहन शामिल हैं। इन्हें जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया जाएगा। एम्बुलेंस में जीपीएस आधारित लोकेशन सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल, बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन, नेबुलाइजर सहित सभी जरूरी जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं।

इस सेवा का रिस्पॉन्स टाइम शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट निर्धारित है, जिससे सड़क दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित होगी।

डॉ. सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में शुरू हुई 108 सेवा ने अब तक जिले में 1.26 लाख से अधिक लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया है, वहीं पिछले वर्ष 8,463 महिलाओं को इसका लाभ मिला।

कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़े सांसद संतोष पाण्डेय ने इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि नई एम्बुलेंस दूरस्थ क्षेत्रों में जीवन रक्षक भूमिका निभाएंगी। महापौर मधुसूदन यादव ने भी इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने वाला कदम बताया।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

? कुल मिलाकर, 108 संजीवनी एक्सप्रेस की यह नई सौगात जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

? दुर्ग / शौर्यपथ

हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा राजीव (कांग्रेस) भवन, दुर्ग में सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें शहर के नागरिकों को सपरिवार आमंत्रित किया गया है।

आयोजकों ने बताया कि सुंदरकांड पाठ के माध्यम से भगवान श्रीराम और महावीर हनुमान जी की आराधना कर नगर की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाएगी। कार्यक्रम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण भी किया जाएगा।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, प्रभारी महामंत्री राय सिंह ढिकोला, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले सहित समस्त ब्लॉक अध्यक्षों ने नगरवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करें और पुण्य लाभ अर्जित करें।

? आयोजन स्थल: राजीव भवन, दुर्ग
? समय: सुबह 8 बजे से

यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ?

? दुर्ग / शौर्यपथ

नगर पालिक निगम दुर्ग अंतर्गत गोकुल नगर योजना (पुलगांव) में रिक्त भूखण्डों के आबंटन के लिए प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। निर्धारित समयावधि में प्राप्त आवेदनों के आधार पर आवेदकों की सूची तैयार कर निगम कार्यालय के सूचना पटल पर सार्वजनिक रूप से चस्पा कर दी गई है।

निगम प्रशासन द्वारा पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उक्त सूची पर दावा-आपत्ति आमंत्रित किए गए हैं। यदि किसी आवेदक या नागरिक को सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति हो, तो वे अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।

इसके लिए अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी दावा या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।

नगर पालिक निगम दुर्ग ने सभी संबंधित आवेदकों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे समय-सीमा का पालन करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

? दुर्ग / शौर्यपथ

नगर पालिक निगम दुर्ग ने नागरिकों को राहत देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्तिकर) जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। यह निर्णय करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर कर जमा कर शासकीय छूट का लाभ ले सकें।

निगम कार्यालय में मंगलवार को अवकाश होने के बावजूद बड़ी संख्या में नागरिकों का टैक्स जमा करने पहुंचना, शहरवासियों की जागरूकता और सहभागिता को दर्शाता है।

निगम प्रशासन ने जानकारी दी है कि बढ़ी हुई अवधि के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर टैक्स वसूली करेंगे तथा नागरिकों को ऑनलाइन भुगतान के लिए भी प्रेरित करेंगे।

स्पष्ट किया गया है कि 30 अप्रैल तक टैक्स जमा करने पर किसी प्रकार की पेनाल्टी नहीं लगेगी, जबकि 1 मई के बाद बकाया कर जमा करने पर 17 प्रतिशत तक सरचार्ज देना होगा।

निगम प्रशासन ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि से पहले अपना बकाया कर जमा कर शहर के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं और अतिरिक्त आर्थिक भार से बचें।

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