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नई दिल्ली / शौर्यपथ / पिछले 2 जुलाई को महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम में शरद पवार गुट के कद्दावर नेता अजित पवार ने पाला बदलते हुए महाराष्ट्र सरकार के साथ हाथ मिला लिया और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ भी ले ली ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि अजित पवार ने अपना पाला बदला हो पिछले विधानसभा चुनाव के बाद भी अजीत पवार ने पाला बदलते हुए महाराष्ट्र में भाजपा के साथ हाथ मिला लिया था किंतु फिर अलग हो गए थे तब यह चर्चा जोरों पर थी कि अजित पवार के ऊपर केन्द्रीय जाँच एजेंसियों की जाँच का दबाव था और वह इन आरोपों से बचने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे किंतु उसके बाद बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना ,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई महाराष्ट्र में सरकार बनते ही लगातार सरकार को अस्थिर करने की कोशिश जारी रही आखिरकार शिवसेना से अलग होकर एकनाथ शिंदे ने शिवसेना शिंदे गुट बनाकर भाजपा में शामिल हुए और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उप मुख्यमंत्री की भूमिका में आ गए अब एक बार फिर अजीत पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से अलग होकर शिवसेना एवं भाजपा के द्वारा सरकार में शामिल होकर उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जोरों पर है कि एक समय भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा अजित पवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे अब वही प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बन गया .
अजित पवार पर कई मामले जांच के घेरे में है अजीत पवार पर पूर्व में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजनीतिक वार करते हुए अजित दादा चक्की पीसिंग वाला ब्यान भी दे चुके हैं वहीं पिछले साल मार्च के महीने में आयकर विभाग ने रिश्तेदारों के घर पर छापा मारा था . मामला चीनी मिल से संबंधित था इस मामले पर बीजेपी नेता ने आरोप लगाए थे कि उनके खाते में 100 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति है राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सिंचाई मामले में अजीत परिवार को क्लीन चिट दे दी थी लेकिन मई 2020 में प्रवर्तन निदेशालय ने विदर्भ सिंचाई घोटाले मामले की नए सिरे से जांच शुरू की थी ऐसा नहीं है कि अजित पवार ही जांच के घेरे में है उनके साथ उनके बेटे पार्थ पवार की कंपनी पर भी आयकर विभाग ने छापा मारा था तब आयकर विभाग ने यह दावा किया था कि अजित पवार के रिश्तेदारों पर हुई इस छापेमारी में ₹184 करोड़ का बेनामी लेनदेन का पता चला .
अप्रैल 2023 में टाइम्स ऑफ इंडिया के राज्य सहकारी बैंक कंपनी के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया लेकिन उसकी चर्चा शुरू हो गई थी अब देखना यह है कि अजित पवार और उनके रिश्तेदारों के ऊपर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जो जांच की जा रही थी उस पर विराम लग जाएगा या फिर केंद्रीय अब इस मामले पर अपनी जांच जारी रखेंगे. अजीत पवार के बगावत के बाद अब यह राजनितिक चर्चा भी जोरो पर है कि केंद्र की सरकार सत्ता पाने के लिए खुले आम केन्द्रीय जाँच एजेंसियों के जरियों नेताओं पर दबाव बनाने का कार्य कर रही है और सत्ता मिलने के बाद ऐसी जाँच ठन्डे बसते में जा रही है . क्या भारत में अब सत्ता के लिए केन्द्रीय जाँच एजेंसियों का सहारा लेकर भाजपा राज करना चाहती है ....
ये शायद भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुर्भाग्य ही होगा जो भ्रष्टाचारी के आरोपों से घिरे है वह प्रदेश के मुखिया बने बैठे है . नैतिकता और सुशासन की बात कर सत्ता में काबिज होने वाली भाजपा महंगाई , विकास के मुद्दों को छोड़ कर क्या सिर्फ सत्ता के लिए केन्द्रीय एजेंसियों का उपयोग कर लोकतंत्र की निष्पक्षता पर वार नहीं कर रही है . आखिर अब भाजपा के नेता किस बिना पर कह सकेंगे की सुशासन आ रहा है विकास हो रहा है क्या जनता इन बातो का कभी आंकलन करेगी . आज देश का एक हिस्सा मणिपुर पिश्ले दो महीनो से जल रहा है जिस पर देश के पीएम दो शब्द भी नहीं कह सके . क्या यही लोकतंत्र है जिसे दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का दर्ज़ा मिला है क्या इसी स्वतंत्र भारत के लिए शहीदों ने अपनी कुर्बानी दी थी .
रायपुर । शौर्यपथ । राजनीतिक पार्टियां नैतिकता की बात करती है तो सुनकर थोड़ा अजीब लगता है एक तरफ केंद्रीय नेतृत्व और पीएम मोदी अन्य दलों के सरकारों पर रेवरिया बांटने का आरोप लगा रही है वही देखा जाए तो मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार द्वारा मुफ्त की योजनाओं का अंबार लग गया है अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ में उपमुख्यमंत्री के पद के लिए स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव का नाम फाइनल होने के बाद प्रदेश में विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी द्वारा डबल इंजन की सरकार का आरोप लगाकर कटाक्ष किया जाने लगा किंतु वही अगर देखा जाए तो महाराष्ट्र में राजनीतिक उलटफेर के चलते अब प्रदेश में एक मुख्यमंत्री और दो मुख्यमंत्री के साथ ट्रिपल इंजन की सरकार बन गई है । 2018 के विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन से सरकार बनी थी किंतु लगातार राजनीतिक उलटफेर के चलते पहले शिवसेना दो फाड़ हुई और महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने एवं भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उप मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर महाराष्ट्र की सरकार चलाने लगे अब एक बार फिर राजनीतिक उलटफेर के चलते एनसीपी में दो फाड़ हुआ और महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी से अलग हुए अजित पवार उप मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर शिवसेना शिंदे गुट,भाजपा के साथ शामिल हो गए ।
महाराष्ट्र की राजनीति में हो रहे उलटफेर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जबरदस्त कटाक्ष करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में ट्रिपल इंजन की सरकार हो गई उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं आ जैसे ऑटो रिक्शा हो 3 चक्के वाला शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री शिंदे का चेहरा उतरा हुआ था सीएम बघेल ने कहा कि आज की जो घटना है आने वाले घटनाक्रम के संकेत दे रहा है मतलब अभी और बहुत कुछ बदलाव होगा ।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / देशभर के कोआपरेटर 01 जुलाई को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन में भाग लिए । दो दिवसीय इस सम्मेलन के उदघाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी एवं अध्यक्षता गृह व सहकारिता मंत्री भारत सरकार अमित शाह द्वारा किया गया। महासम्मेलन अमृत काल- जीवंत भारत हेतु सहकार से समृद्दि पर केन्द्रित है। महासम्मेलन का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली के द्वारा किया गया। इन अवसर पर एन सी यू आई पोर्टल का शुभारम्भ किया गया।
छत्तीसगढ से पूर्व मंत्री व रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अम्बिकापुर अध्यक्ष रामदेव राम, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष प्रमोद नायक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर अध्यक्ष पंकज शर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग अध्यक्ष राजेन्द्र साहू, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव नवाज खान,छत्तीसगढ़ सहकारी आवास संघ अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के सीईओ प्रभात मिश्रा, अतिरिक्त महाप्रबंधक एस पी चन्द्राकर,अपेक्स बैंक प्रबंधक अभिषेक तिवारी, सीइओ अम्बिकापुर एस के वर्मा, अतिरिक्त प्रबंधक राजेन्द्र पांडे , अपेक्स बैंक लेखाधिकारी प्रभाकर कांत यादव व छत्तीसगढ़ के डेलीगेट्स इस महासमेलन मे मौजूद रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / जल जीवन सर्वेक्षण 2023 में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले ने देश के 43 आकांक्षी जिलों में दूसरा स्थान हासिल किया है। नारायणपुर जिले को यह गौरवपूर्ण रैंकिंग बीते छह माह के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए मिली है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने नारायणपुर जिले की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों के क्रियान्वयन में जुटे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है।
गौरतलब है कि एक अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक हुए जल-जीवन सर्वेक्षण 2023 में नारायणपुर को देश के आकांक्षी जिलों में दूसरा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। आकांक्षी जिले के रूप नारायणपुर को मिली यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा है कि जल जीवन मिशन में छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति की सराहना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार ने की है। राज्य में अब तक 25 लाख से अधिक परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर राज्य ने 50 फीसद से अधिक का लक्ष्य पूरा कर लिया है। बीते एक पखवाड़े में एक लाख 27 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदाय किए जाने की उल्लेखनीय उपलब्धि भी छत्तीसगढ़ ने हासिल की है।
रायपुर / शौर्यपथ / दुर्ग की सभा को संबोधित करने के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री बालाघाट के दौरे पार जाने वाले थे किन्तु खराब मौसम की वजह से हेलीकाप्टर लेंडिंग नहीं हुई और केन्द्रीय मंत्री का हेलीकाप्टर वापस रायपुर लौट आया .गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को बालाघाट में रानी दुर्गावती की वीरता और बलिदान गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित होने वाली गौरव यात्रा की शुरुआत करने वाले थे.
खराब मौसम के कारण बालाघाट में नहीं उतर सका हेलीकॉप्टर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हेलीकॉप्टर गुरुवार को खराब मौसम के कारण बालाघाट में उतर नहीं सका. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उतर नहीं पाया. अधिकारी ने बताया कि इसके मद्देनजर शाह का मध्य प्रदेश का आज का दौरा रद्द कर दिया गया है.
नई दिल्ली / आज हर भारतीय के ऊपर है 1 लाख का क़र्ज़ है . मोदी सरकार की उपलब्धि की बात करे तो मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में भरत सरकार के कर्ज में 70 साल की सरकार की तुलना मे तीन गुना से ज्यादा वृद्धि हुई . साल 2014 तक भारत सरकार पर 31 लाख करोड़ रुपए का क़र्ज़ था जो अब बढ़ कर 155 लाख करोड़ रूपये हो गए . केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने दुर्ग के सम्मलेन में प्रदेश की भूपेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के ऊपर 1.5 लाख करोड़ का क़र्ज़ हो गया कहते है ना जब किसी पर एक ऊँगली उठाओ तो बांकी की चार उंगलिया खुद के तरफ उठती है कुछ ऐसी ही कहावत आज देखने को मिली केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश की क़र्ज़ की स्थिति तो बता दी किन्तु देश के क़र्ज़ कि स्थिति के बारे में कुछ नहीं बताया . देश और प्रदेश की जनता को ये जानने का अधिकार है कि वर्तमान में देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति और क़र्ज़ की स्थिति क्या है . वर्तमान में छत्तीसगढ़ में क़र्ज़ की स्थिति की बात करे तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के विधायक प्रमोद कुमार शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि जनवरी 2023 की स्थिति में राज्य सरकार पर 82.125 करोड़ रुपए का ऋण है। विधानसभा में प्रश्न के उत्तर में सीएम बघेल लिखित उत्तर में बताया सरकार गठन से एक दिन पहले यानी 16 दिसंबर 2018 को सरकार पर 41 हजार 695 करोड़ रुपए का कर्ज था।
अब 2023 में भारत सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 155 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारत की कुल आबादी 140 करोड़ मान लें तो आज के समय में हर भारतीय पर 1 लाख रुपए से ज्यादा कर्ज है। इसी तरह अब अगर विदेशी कर्ज की बात करें तो 2014-15 में भारत पर विदेशी कर्ज 31 लाख करोड़ रुपए था।
उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दिव्यांग राकेश के हुनर को किया सम्मानित
रायपुर / शौर्यपथ / उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर के माना कैम्प स्थित शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय के छात्र राकेश कुमार साहू के हुनर को विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। श्री साहू को यह पुरस्कार इंस्टीट्îूट ऑफ फाइन आटर््स वाराणसी द्वारा आयोजित काशी अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में चित्र कला के लिए दिया गया है। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में देश-विदेश के 7 कलाकारों के चित्रों को सम्मान एवं पुरस्कार और 2 कलाकारों को स्पेशल पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। राकेश कुमार साहू ने चित्र में गरीबी और भुखमरी जैसी गंभीर समस्या को उकेर लोगों का ध्यान आकृष्ट किया। इससे स्पेशल पुरस्कार एवं सम्मान हेतु उनका चयन किया गया।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा 22 जून को उद्घाटित यह प्रदर्शनी 23 जून तक लोगों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। इसमें देश-विदेश के कई कलाकारों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि राकेश कुमार साहू समाज कल्याण विभाग द्वारा रायपुर में संचालित शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय के बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स के विद्यार्थी हैं। महाविद्यालय के कुल 9 दिव्यांग विद्यार्थी चित्र प्रदर्शनी हेतु चयनित हुए हैं। इनमें नवीन वर्मा, प्रणीत सरकार, शिवलाल पुडो, धनेश पटेल, पारस वर्मा, त्रिलोक ठाकुर, प्रताप गागड़े, लिंगेश्वर पटेल, राकेश साहू, शामिल हैं।
दुर्ग । शौर्यपथ । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दुर्ग दौरे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री राम के ननिहाल में केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सभी श्री राम भक्तों और प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत है। साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आदि पुरुष फिल्म को बन करने की घोषणा की मांग की सीएम बघेल ने कहा कि अमित शाह जी से विनम्र निवेदन करता हूँ कि आज ही रामायण और प्रभु की छवि बिगाड़ने वाली फिल्म #आदिपुरुष को बैन करने की घोषणा करें।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / जिस तरह आदिपुरुष फिल्म में सनातन धर्म का मजाक उदय वह निंदनीय है आज भले ही भाजपा के कद्दावर नेता इसका विरोध कर रहे है किन्तु यही नेता कुछ दिनों पहले ट्रेलर देख सोशल मिडिया पर इसके पक्ष में बड़ी बड़ी बात कर रहे थे कई भाजपा शासित प्रदेशो के मुख्यमंत्रियों ने फिल निर्माता को बधाई भी दी सनातन धर्म को समाज के सामने प्रस्तुत करने वाले फिल्म निर्माता के कशीदे पढ़ते देखे गए किन्तु फिल्म रिलीज होने के बाद गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए दिखे . एक पुरानी कहावत है बड़े बुजुर्गो ने कहा है कि हमेशा वह सत्य नहीं होता जो दिखता है कभी कभी सामने कुछ और दिखता है किन्तु जब इसकी गहराइयो में जाओ तो मंजर अलग ही होता है . रिलीज के पहले कई बिकाऊ मिडिया चेनल फिल्म की समीक्षा करते हुए सनातन धर्म की बात करते हुए तारीफ़ करते भी नजर आये किन्तु फिल्म के रिलीज के बाद सब निर्माताओ को दोष दे रहे है . किन्तु परदे के पीछे उन्हें कुछ नहीं कह रहे है जो ऐसी फिल्मो को जनता के सामने लाने की अनुमति दे रहे है .
भारत में कोई भी फिल्म तभी आम जनता के सामने प्रदर्शित होती है जब उसे भारतीय सेंसर बोर्ड अनुमति प्रमाण पत्र देता है अगर सेंसर बोर्ड की अनुमति नहीं मिलती तो यह फिल्म रिलीज ही नहीं होती किन्तु सनातन धर्म का मजाक बना कर जनता के सामने परोसने में जितनी अहम् भूमिका निर्माता की है उससे भी ज्यादा अहम् भूमिका उनकी भी है जिन्होंने इसे प्रमाण पत्र दिया क्या उन्हें धर्म की जानकारी नहीं क्या सनातन धर्म में इस तरह की भाषा का प्रयोग होता है जैसा कि फिल्म में दिखाया गया है , क्या सेंसर बोर्ड में बैठे जिम्मेदार लोगो ने सनातम धर्म का मजाक नहीं बनाया जिन्होंने इसे आम जनता के सामने परोसने में अहम् भूमिका नहीं निभाई . क्या इसमें जिम्मेदार लोगो पर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए किन्तु आज सब निर्माताओ पर दोष लगा रहे है यहाँ तक भाजपा के कद्दावर नेता भी विरोध कर रहे किन्तु सिर्फ निर्माताओ पर दोष लगा कर अपने आप को धर्म रक्षक बता रहे है जबकि उनकी ही सरकार के अधीन सेंसर बोर्ड के जिम्मेदारो पर मौन है जिनकी प्रदर्शन के लिए अनुमति देने की महत्तवपूर्ण भूमिका थी आखिर ऐसे डिहरी राजनीती से क्या धर्म का मजाक नहीं बन रहा .
क्या होता है सेंसर बोर्ड ,कितने मेंबर होते हैं और वो कौन होते हैं
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का एक अध्यक्ष होता है। वर्तमान में सीबीएफसी के अध्यक्ष गीतकार प्रसून जोशी हैं। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में देशभर से 25 सदस्य और 60 सलाहकार पैनल के सदस्य शामिल हैं। इन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया जाता है। बोर्ड के सदस्य आम तौर पर फिल्म और टीवी दुनिया से जुड़े लोग होते हैं। जबकि सलाहकार पैनल के सदस्य अक्सर इंडस्ट्री के बाहर से होते हैं। अध्यक्ष और बोर्ड के सदस्य तीन साल के लिए और सलाहकार पैनल के सदस्य दो साल के लिए काम करते हैं। प्रमाणन बोर्ड के एक सीईओ भी होते हैं, जो मुख्य रूप से प्रशासनिक कामकाज के प्रभारी होते हैं। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी फिल्मों को सर्टिफिकेट देने वाली जांच समितियों का हिस्सा होते हैं।
प्रसून जोशी
प्रसून ही क्यों बने चेयरमैन?
प्रसून जोशी की नियुक्ति के बाद से ही उनकी चर्चा हो रही है और बॉलीवुड ने उनके चेयरमैन बनने पर खुशी जाहिर की है। लेकिन सबके मन सवाल ये भी है कि उन्हीं को क्यों चैयरमैन बनाया गया। दरअसल चर्चाओं का बाजार इसलिए भी गर्म है क्योंकि प्रसून के चेयरमैन बनने के पीछे उनके NDA सरकार से नजदीकियों को वजह बताया जा रहा है। साल 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के प्रचार अभियान में प्रसून ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रसून ने बीजेपी के लिए "मैं देश नहीं झुकने दूंगा" प्रचार गीत बनाया था हालांकि इस गाने को बाद में पार्टी ने वापस ले लिया था। साल 2014 की जीत के बाद भी प्रसून बीजेपी के लिए विभिन्न विधानसभा चुनावों में सहयोग करते रहे हैं। प्रसून को बीजेपी में वित्त मंत्री अरुण जेटली का करीबी माना जाता है और सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के साथ भी वो कई मौकों पर नजर आ चुके हैं।
केन्द्रीय सुचना एवं प्रसारण मंत्री
अनुराग ठाकुर क्यों है अब तक मौन ...
धर्म के नाम पर किसी अन्य प्रदेश में जहा भाजपा का शासन नहीं होता वह कुछ बात हो जाति तो केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बड़ी बड़ी बात करते किन्तु उनके ही विभाग के अंतर्गत आने वाले सेंसर बोर्ड ने खुल कर धर्म का मजाक बनने वाली फिल्म आदि पुरुष को प्रदर्शित करने की अनुमति दे दी अब केन्द्रीय सुचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर क्या समिति के सदस्यों पर कोई सख्त कदम उठाएंगे या मौन रहकर धर्म की रक्षा की बात का सिर्फ बखान करते रहेंगे .
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
