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लखीमपुर खीरी केस में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष लगातार गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग कर रहा है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
लखीमपुर खीरी कांड की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष लगातार गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मंत्री पद से हटाने का सरकार पर दबाव बना रहा है. विपक्ष खासकर कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ संसद और सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल रखा है. कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप एक अपराधी को बचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाना चाहिए.
प्रियंका गांधी ने अपने ट्ववीट में लिखा, "अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने से सरकार का इनकार उसके नैतिक दिवालियेपन का सबसे बड़ा संकेत है. नरेंद्र मोदी जी, धार्मिक वेशभूषा और धर्मपरायणता का दिखावा इस तथ्य को नहीं बदल सकेगा कि आप एक अपराधी को बचा रहे हैं."
बता दें कि मामले की जांच कर रही स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार को अदालत में अर्जी देकर कहा है कि यह लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला नहीं है बल्कि आशीष मिश्रा और उसके साथियों ने योजना बनाकर किसानों की हत्या की है. उन्होंने कहा कि लखीमपुर हिंसा सुनियोजित साजिश थी. SIT ने अदालत से दरख्वास्त की है कि एफआईआर से लापरवाही से गाड़ी चलाने की दफा हटाकर नई दफ़ाएं लगाई जाएं. लखीमपुर हिंसा में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा है.
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग करते हुए संसद में जमकर हंगामा कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि टेनी के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है इसलिए उन्हें हटाया जाना चाहिए. विपक्ष के हंगामे के चलते बुधवार और गुरुवार को संसद की कार्यवाही बाधित हुई.
पीएम गुजरात के आणंद में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के संबंध में एक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर कदम उठा रही है. पीएम ने गुजरात के आणंद में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे हैं. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि 'यह भारत के किसान के लिए सम्मेलन है.' उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में कृषि से बदलाव आएगा.
पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दौरान किसानों के लिए किए काम गिनाते हुए कहा कि 'बीते 6-7 साल में बीज से लेकर बाज़ार तक, किसान की आय को बढ़ाने के लिए एक के बाद एक अनेक कदम उठाए गए हैं. मिट्टी की जांच से लेकर सैकड़ों नए बीज तक, पीएम किसान सम्मान निधि से लेकर लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी तक, सिंचाई के सशक्त नेटवर्क से लेकर किसान रेल तक, सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं.'
पीएम ने किसानों से कहा कि पुरानी भारतीय सभ्यता में किसानी पर काफी सूत्र दिए गए हैं और आज इन जड़ों की और लौटने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 'आज दुनिया जितना आधुनिक हो रही है, उतना ही ‘back to basic' की ओर बढ़ रही है. इस Back to basic का मतलब क्या है? इसका मतलब है अपनी जड़ों से जुड़ना! इस बात को आप सब किसान साथियों से बेहतर कौन समझता है? हम जितना जड़ों को सींचते हैं, उतना ही पौधे का विकास होता है; कृषि से जुड़े हमारे इस प्राचीन ज्ञान को हमें न सिर्फ फिर से सीखने की ज़रूरत है, बल्कि उसे आधुनिक समय के हिसाब से तराशने की भी ज़रूरत है. इस दिशा में हमें नए सिरे से शोध करने होंगे, प्राचीन ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक फ्रेम में ढालना होगा.'
पीएम ने ये भी कहा कि छोटे किसानों के लिए प्राकृतिक खेती काफी फायदेमंद होगी. उन्होंने कहा कि 'नैचुरल फार्मिंग से जिन्हें सबसे अधिक फायदा होगा, वो हैं देश के 80 प्रतिशत किसान. वो छोटे किसान, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है. इनमें से अधिकांश किसानों का काफी खर्च, केमिकल फर्टिलाइजर पर होता है. अगर वो प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ेंगे तो उनकी स्थिति और बेहतर होगी.'
राहुल गांधी ने कहा कि मामले में मंत्री का इन्वॉल्वमेंट है. वो "एक क्रिमिनल हैं". उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए या फिर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर गुरुवार को एक बार फिर हमला बोला. केंद्रीय मंत्री टेनी का पुत्र आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी चढ़ाकर मारने के मामले में आरोपी है. विपक्ष ने टेनी के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. राहुल गांधी ने कहा कि मामले में मंत्री का इन्वॉल्वमेंट है. वो "एक क्रिमिनल हैं". उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए या फिर उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
विपक्षी दलों के प्रदर्शन के कारण हंगामे और अराजकता के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, "मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. वह एक अपराधी हैं." विपक्ष के कई सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दिया है. हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा, "हमें लखीमपुर खीरी में हुई हत्याओं के बारे में बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए, जिसमें मंत्री की इन्वॉल्वमेंट थी. इसके बारे में कहा गया है कि यह एक साजिश थी. किसानों की हत्या करने वाले मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए."
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि हम संसद में चर्चा के लिए आह्वान कर रहे हैं. कुछ न कुछ बहाना बनाकर संसद को न चलने देना यह ठीक नहीं है. संसद चर्चा के लिए है और विपक्ष संसद के मूल कार्य को धवस्त कर रहा है जो ठीक नहीं है.
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी देखी जा रही है. मंगलवार को राज्य में 8 नए ओमिक्रॉन संक्रमित मिले. इनमें से अकेले मुंबई में ही 7 मामले सामने आए हैं.
मुंबई /शौरपथ/
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी देखी जा रही है. मंगलवार को राज्य में 8 नए ओमिक्रॉन संक्रमित मिले. इनमें से अकेले मुंबई में ही 7 मामले सामने आए हैं. इन 8 मरीजों में 3 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं जिनकी उम्र 24 से लेकर 41 वर्ष के बीच है. इनमें से 3 मरीजों में कोई लक्षण नहीं हैं जबकि अन्य 5 में भी मामूली लक्षण हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार इनमें से किसी ने भी कभी विदेश यात्रा नहीं की है. एक शख्स बेंगलुरू गया था जबकि दूसरा दिल्ली से लौटा है. मुंबई में मिला एक मरीज राजस्थान का रहने वाला है. इन 8 मरीजों में से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि बाकी के 6 होम आइसोलेशन में हैं. इनके संपर्क में आने वालों को भी ट्रैक कर लिया गया है. इन आठों में 7 ने वैक्सीन लगवाई हुई है जबकि एक का टीकाकरण नहीं हुआ है.
इसके साथ ही राज्य में ओमिक्रॉन संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 28 हो गया है.
मुंबई : 12
पिंपरी चिंचवाड़ - 10
पुणे - 2
कल्याण डोम्बिवली - 1
नागपुर - 1
लातूर - 1
वसई विरार - 1
राज्य में अब तक 9 ओमिक्रॉन संक्रमितों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि 19 का इलाज चल रहा है.
ओमिक्रॉन वैरिएंट को अधिक संक्रामक माना जाता है. अब तक देशभर के छह राज्यों- महाराष्ट्र (28), राजस्थान (9), कर्नाटक (3), गुजरात (4), केरल (1) और आंध्र प्रदेश (1) और दो केंद्र शासित प्रदेश- दिल्ली (2) और चंडीगढ़ (1) में इसके मामले रिपोर्ट किए गए हैं. इस बीच, सरकार ने कोविड से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करने में ढिलाई के खिलाफ चेतावनी दी है, लोगों से टीकाकरण में देरी नहीं करने का आग्रह किया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि सोमवार (13 दिसंबर) को भारत का कोविड टैली बढ़कर 3,46,97,860 हो गया, जिसमें 7,350 लोग एक दिन में संक्रमित हुए हैं. हालांकि, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 91,456 रह गई, जो 561 दिनों में सबसे कम है.
सीएम अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान के हालात को देखते हुए ऐसे किसी उपाय की आवश्यकता नहीं है
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो उनकी सरकार क्रिसमस और नववर्ष से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा सकती है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान के हालात को देखते हुए ऐसे किसी उपाय की आवश्यकता नहीं है.
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और वह इस मुद्दे पर लगातार विशेषज्ञों से संपर्क बनाए हुए हैं. दिल्ली में अब तक ओमीक्रोन स्वरूप के दो मरीज सामने आए हैं. ''दिल्ली की योगशाला'' पहल के उद्घाटन कार्यक्रम से इतर मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, '' अगर जरूरत पड़ेगी तो हम प्रतिबंध लगाएंगे. वर्तमान में, प्रतिबंधों की कोई आवश्यकता नहीं है. हम लगातार विशेषज्ञों के संपर्क में हैं और अगर दिल्लीवासियों की सुरक्षा के लिए कोई प्रतिबंध लगाने की जरूरत पड़ी, तो हम ऐसा करेंगे.''
उन्होंने कहा, '' सरकार पूरी तरह तैयार है. मैंने ऑक्सीजन आपूर्ति, बिस्तर और दवाओं के संबंध में कई समीक्षा बैठक की है. हम दिल्ली में ओमीक्रोन संकट नहीं चाहते, लेकिन अगर ऐसा कुछ होता है तो हम तैयार हैं.''
अन्य खबर /शौर्यपथ /
शैलेंद्र प्रताप सिंह के पिता ने कहा, "मेरा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अब सीआरपीएफ जवानों के रूप में हमारे कई बेटे हैं जो सुख-दुख में हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं."
सीआरपीएफ जवानों का एक समूह सोमवार को कांस्टेबल शैलेंद्र प्रताप सिंह की बहन की शादी में शामिल हुआ, जो पिछले साल पुलवामा में एक आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे. जब वह ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे तब वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 110वीं बटालियन में तैनात थे. , कॉन्स्टेबल सिंह के सहयोगी उत्तर प्रदेश में उनकी बहन ज्योति की शादी में पहुंचे और उन फर्ज़ को पूरा किया जो आमतौर पर दुल्हन के भाई निभाते हैं.
सीआरपीएफ द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीरों से पता चलता है कि 'वर्दी में पुरुष' दुल्हन को मंडप तक ले गए - एक ऐसा कार्य जो आमतौर पर भाइयों द्वारा किया जाता है. ट्वीट में कहा गया, "बड़े भाइयों के रूप में, सीआरपीएफ के जवान कांस्टेबल शैलेंद्र प्रताप सिंह की बहन के विवाह समारोह में शामिल हुए." इसमें कहा गया, "110 बटालियन सीआरपीएफ के कांस्टेबल शैलेंद्र प्रताप सिंह ने पुलवामा में आतंकवादी हमले का बहादुरी से जवाब देते हुए 05/10/20 को सर्वोच्च बलिदान दिया."
सीआरपीएफ जवानों ने दुल्हन को आशीर्वाद दिया और शादी में उपहार दिए. शैलेंद्र प्रताप सिंह के पिता ने कहा, "मेरा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अब सीआरपीएफ जवानों के रूप में हमारे कई बेटे हैं जो सुख-दुख में हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं."
पिछले साल अक्टूबर में, आतंकवादियों ने श्रीनगर के बाहरी इलाके में एक राजमार्ग पर ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ कर्मियों पर गोलियां चलाईं. हमले में सीआरपीएफ के कम से कम दो जवान शहीद हो गए और पांच घायल हो गए. आतंकवादियों ने उस समय हमला किया जब सीआरपीएफ के जवान, जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ, 5 अक्टूबर को पंपोर बाईपास पर सड़क खोलने का अभियान चला रहे थे.
सीआरपीएफ के बयान में कहा गया, "जेकेपी के साथ सीआरपीएफ की 110 बटालियन के जवान आरओपी कर रहे थे, जिस दौरान अज्ञात आतंकवादियों (12:50 घंटे) ने जवानों पर गोलियां चलाईं. इस घटना में सीआरपीएफ के कुल 05 जवान घायल हो गए थे और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया."
वायुसेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी दी गई. ट्वीट के मुताबिक, कैप्टन वरुण सिंह ने आज सुबह आखिरी सांस ली. वो 8 दिसंबर को हुए IAF Mi-17V5 हेलीकॉप्टर क्रैश में बुरी तरह जख्मी हो गए थे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
भारतीय वायुसेना ने बुधवार को जानकारी दी है कि वायुसेना के चॉपर क्रैश में ज़ख्मी हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का बेंगलुरु के एक सैन्य अस्पताल में निधन हो गया है. इस दुर्घटना में वो आखिरी सर्वाइवर थे. वायुसेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी दी गई. ट्वीट के मुताबिक, कैप्टन वरुण सिंह ने आज सुबह आखिरी सांस ली. वो 8 दिसंबर को हुए IAF Mi-17V5 हेलीकॉप्टर क्रैश में बुरी तरह जख्मी हो गए थे. कैप्टन वरुण सिंह को इसी साल अगस्त में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था.
IAF ने एक ट्वीट में कहा, 'भारतीय वायुसेना गहरे दुख के साथ सूचित कर रहा है कि 8 दिसंबर, 2021 को हेलीकॉप्टर हादसे में घायल हुए साहसी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का आज निधन हो गया. भारतीय वायुसेना शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देती है और उनके साथ दृढ़ता से खड़ी है.'
कैप्टन वरुण सिंह के निधन की खबर आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनके दुख पर शोक जताया. उन्होंने कहा कि 'ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने देश की सेवा पूरे गर्व, साहस और प्रोफेशनलिज्म के साथ की. उनके गुजरने पर मुझे गहरा क्षोभ है. देश के लिए उनकी अदम्य सेवा को कभी भुलाया नहीं जाएगा. उनके परिवार और मित्रगणों को सांत्वनाएं. ओम् शांति.'
बता दें कि 8 दिसंबर को वायुसेना का एक चॉपर 14 लोगों को लेकर जा रहा था. इस चॉपर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी सवार थे. तमिलनाडु के कुन्नूर में नीलगिरि की पहाड़ियों में अचानक ये चॉपर क्रैश हो गया, इसमें उसी दिन 13 लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन कैप्टन वरुण काफी हद तक जलने के बावजूद जिंदगी के लिए लड़ते रहे. उनका उस दिन से इलाज चल रहा था, लेकिन आज उनका निधन हो गया.
भारत की आज़ादी की लड़ाई और स्वतंत्रता के बाद समूचे देश को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान अविस्मरणीय है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारतरत्न' से नवाज़े गए 'लौहपुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर कई नेताओं ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की. भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाद में हुआ था. वह पेशे से वकील थे, लेकिन मंझे हुए राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर ज़्यादा जाने गए.
भारत की आज़ादी की लड़ाई और स्वतंत्रता के बाद समूचे देश को एकजुट करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है. वर्ष 1991 में भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत 'भारतरत्न' से सम्मानित किया था. सरदार वल्लभभाई पटेल ने पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया था. उनका देहावसान 15 दिसंबर, 1950 को हुआ था, जब वह 75 वर्ष के थे.
सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि “सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी पुण्य तिथि पर नमन. उनकी महान सेवा, उनके प्रशासनिक कौशल और हमारे राष्ट्र को एकजुट करने के अथक प्रयासों के लिए भारत हमेशा उनका आभारी रहेगा.”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने KOO पर पोस्ट करते हुए लिखा कि माँ भारती के अनन्य उपासक, भारतीय गणराज्य के शिल्पकार, 'भारत रत्न' लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि. 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत-अखण्ड भारत' के निर्माण हेतु समर्पित आपका सम्पूर्ण जीवन सभी भारतवासियों के लिए एक महान प्रेरणा है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पोस्ट करते हुए लिखा कि महान देशभक्त ”भारत रत्न” लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन. भारत की एकता, अखंडता एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए सरदार पटेल का योगदान, हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा. कृतज्ञ राष्ट्र उनका वंदन करता है.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने KOO में पोस्ट करते हुए श्रद्धांजलि की ओर लिखा कि राष्ट्रीय नवभारत के विमान 'लौह पुरुष' भारत रत्न वल्लभ भाई पटेल जी को स्थिति पर खराब.
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पोस्ट करते हुए लिखा कि सरदार वल्लभभाई झावेरभाई पटेल जी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने साल 1947 से 1950 तक भारत के पहले उप प्रधान मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी. भारत के राजनीतिक एकीकरण और साल 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान गृह मंत्री के रूप में भी काम किया.
एसआईटी ने अपनी एक रिपोर्ट में लखीमपुर खीरी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से कहा है कि किसानों को 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में कथित तौर पर आशीष मिश्रा द्वारा संचालित एक एसयूवी गाड़ी द्वारा "हत्या करने के इरादे से" कुचल दिया गया था और यह "लापरवाही से हुई मौत नहीं" थी.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी केस में जेल में बंद केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा द्वारा कथित तौर पर किसानों की हत्या को एक "सुनियोजित साजिश" बताए जाने वाली SIT की रिपोर्ट सामने आने के बाद आज संसद में सरकार को विपक्षी दलों के कड़े तेवर का सामना करना पड़ सकता है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज सुबह SIT रिपोर्ट पर चर्चा के लिए लोकसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया है.
कांग्रेस नेता ने अपने नोटिस में कहा है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (SIT) की रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को मोदी मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने लिखा, "यूपी पुलिस की एसआईटी रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि लखीमपुर में किसानों का नरसंहार एक पूर्व नियोजित साजिश थी, न कि कोई लापरवाही." उन्होंने कहा, "सरकार को गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए और पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करना चाहिए."
एसआईटी ने अपनी एक रिपोर्ट में लखीमपुर खीरी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से कहा है कि किसानों को 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में कथित तौर पर आशीष मिश्रा द्वारा संचालित एक एसयूवी गाड़ी द्वारा "हत्या करने के इरादे से" कुचल दिया गया था और यह "लापरवाही से हुई मौत नहीं" थी.
मामले की जांच कर रही टीम ने कहा है कि आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ रैश ड्राइविंग के आरोपों को संशोधित किया जाना चाहिए, और हत्या के प्रयास के आरोप और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप शामिल किए जाने चाहिए. आशीष मिश्रा और अन्य पहले से ही हत्या और साजिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
