February 08, 2026
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भारत

भारत (940)

नई दिल्ली / एजेंसी / सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति ने आज भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए मैसर्स एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एस.ए स्पेन की 56 C-295MW परिवहन विमान की खरीद को मंजूरी दी. C-295MW विमान समकालीन तकनीक के साथ 5-10 टन क्षमता का एक परिवहन विमान है जो IAF के पुराने एवरो विमान की जगह लेगा. त्वरित प्रतिक्रिया और सैनिकों और कार्गो के पैरा ड्रॉपिंग के लिए विमान में एक रियर रैंप दरवाजा है. अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के 48 महीनों के भीतर स्पेन से सोलह विमानों की डिलीवरी की जाएगी और अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के दस वर्षों के भीतर टाटा कंसोर्टियम द्वारा भारत में 40 विमानों का निर्माण किया जाएगा.
यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में एक सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा. सभी 56 विमानों को स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के साथ स्थापित किया जाएगा. यह परियोजना भारत में एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगी, जिसमें देश भर में फैले कई एमएसएमई विमान के कुछ हिस्सों के निर्माण में शामिल होंगे.
यह कार्यक्रम भारत सरकार के ''आत्मनिर्भर भारत'' अभियान को बड़ा बढ़ावा देगा, क्योंकि यह भारतीय निजी क्षेत्र को प्रौद्योगिकी गहन और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी विमानन उद्योग में प्रवेश करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा. यह परियोजना घरेलू विमानन निर्माण को बढ़ावा देगी, जिसके परिणामस्वरूप आयात पर निर्भरता कम होगी और निर्यात में अपेक्षित वृद्धि होगी.
भारत में बड़ी संख्या में डिटेल पार्ट्स, सब-असेंबली और एयरो स्ट्रक्चर के प्रमुख कंपोनेंट असेंबलियों का निर्माण किया जाना है. यह कार्यक्रम देश के एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र में रोजगार सृजन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और उम्मीद है कि 600 उच्च कुशल रोजगार सीधे, 3000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार और अतिरिक्त 3000 मध्यम कौशल रोजगार के अवसर के साथ ही भारत के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में कई रोजगार के अवसर सृजित करेगा.

इसमें हैंगर, भवन, एप्रन और टैक्सीवे के रूप में विशेष बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा. भारत में निर्माण की प्रक्रिया के दौरान, यह उम्मीद की जाती है कि टाटा कंसोर्टियम के सभी आपूर्तिकर्ता जो विशेष प्रक्रियाओं में शामिल होंगे, वे विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एयरोस्पेस और रक्षा ठेकेदार प्रत्यायन कार्यक्रम (एनएडीसीएपी) मान्यता प्राप्त करेंगे और इसे जारी रखेंगे.
डिलीवरी के पूरा होने से पहले, भारत में C295MW विमानों के लिए 'D' लेवल सर्विसिंग सुविधा (MRO) स्थापित करने की योजना है. उम्मीद है कि यह सुविधा सी-295 विमान के विभिन्न रूपों के लिए एक क्षेत्रीय एमआरओ हब के रूप में कार्य करेगी. इसके अलावा, ओईएम भारतीय ऑफसेट पार्टनर्स से योग्य उत्पादों और सेवाओं की सीधी खरीद के माध्यम से अपने ऑफसेट दायित्वों का निर्वहन भी करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा मिलेगा.
यह कार्यक्रम स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक अनूठी पहल है.

रायपुर / शौर्यपथ / उत्तरी अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) को अमेरिका में 10वें वार्षिक ग्लोबल कम्युनिटी ऑस्कर अवार्ड समारोह में 'ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ द ईयरÓ से नवाजा गया है। यह कार्यक्रम 28 अगस्त को शिकागो में कई वैश्विक समुदाय के नेताओं और यूएसए राजनेताओं की उपस्थिति में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्लोबल कम्यूनिटी ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित किये जाने पर नाचा के सभी सदस्यों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ समृद्ध संस्कृति और लोक परम्पराओं में रचा-बसा प्रदेश है, जिसकी खूबियों को देश-दुनिया तक पहुंचाना हर छत्तीसगढिय़ा का गौरव है। नाचा विश्व में छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक वाहक बन रहा है, यह छत्तीसगढ़ के लिए खुशी की बात है।
अमेरिका के वरिष्ठ सांसद (हाउस ऑफ़ रिप्रेंज़ेटेटिव्स) डैनी डेविस ने अंतर्राष्ट्रीय संगठन अमेरिकन मल्टी एथनिक कोएलिशन और मल्टी एथनिक अमेरिकन टास्क फोर्स के साथ सामुदायिक वैश्विक पुरस्कारों को प्रायोजित किया।
छत्तीसगढ़ी एनआरआई एसोसिएशन ऑफ द ईयर के तेज विकास को देखते हुए इसका चयन किया है। भारत के बाहर छत्तीसगढ़ विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नाचा की शुरुआत 2017 में शिकागो में हुई थी, और अब यह एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड है और राज्य को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ समुदाय का समर्थन करने के लिए कई कार्यक्रमों की मेजबानी करता है।
नाचा के कार्यकारी अध्यक्ष गणेश कर ने कहा कि यह पुरस्कार प्राप्त करना हमारे लिए गर्व की बात है। संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों में छत्तीसगढ़ को बढ़ावा देने के लिए सभी सदस्य अथक प्रयास कर रहे हैं। यह पहला पुरस्कार है जो नाचा को यूएसए के वरिष्ठ राजनीतिक नेता से प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार सभी स्वयंसेवकों को समर्पित है, जो संगठन की मदद कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ संस्कृति को भारत से बाहर ला रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अंतर्राष्ट्रीय पहचान से राज्य में निवेशकों और पर्यटकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
नाचा के शिकागो कार्यकारी अध्यक्ष सुश्री दीपाली सरावगी, उपाध्यक्ष सुश्री सोनू जोशी और सुश्री वंदना दडसेना, कोषाध्यक्ष सुश्री रागिनी साहू, संयुक्त सचिव सुश्री शशि साहू, सांस्कृतिक प्रमुख सुश्री खुशबू बंसल, सलाहकार और कार्यकारी अभिजीत जोशी, मुनीश कैस्थ, शंकर फतवानी, सुश्री गीता खेतपाल ब्रजेश साहू प्रशांत गुप्ता, और नाचा के कार्यकारी उपाध्यक्ष तिजेंद्र साहू ने वरिष्ठ राजनेता डैनी के डेविस और एमेक्स लीडरशिप से यह पुरस्कार प्राप्त किया।

हरदा / शौर्यपथ /ये वीडियो एमपी के हरदा का जिले का है, जिसमें रेलवे स्टेशन के पास की लाइनअप ट्रैक पर काम होने के कारण टावर वैगन खड़ी थी। उसमें तकनीकी गड़बड़ी आ जाने के कारण बैगन रिवर्स नहीं जा पा रही थी।
मध्य प्रदेश से एक गजब का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए लोग अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। दरअसल, वीडियो में कुछ लोग किसी बस या कार को नहीं बल्कि ट्रेन को धक्का लगाते हुए दिख रहे हैं। ये वीडियो एमपी के हरदा का जिले का है, जिसमें रेलवे स्टेशन के पास की लाइनअप ट्रैक पर काम होने के कारण टावर वैगन खड़ी थी।
उसमें तकनीकी गड़बड़ी आ जाने के कारण बैगन रिवर्स नहीं जा पा रही थी। इसी बीच इटारसी से पवन एक्सप्रेस ट्रेन आ गई, लेकिन टावर वैगन खड़ी होने से उसे कुछ दूर पहले ही रोक लिया गया। जिसके बाद कुछ मजदूरों को बुलाकर ट्रेन को धक्का दिया जाने लगा। इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लोग जमकर मजे ले रहे हैं। एक टि्वटर यूजर ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कार में धक्का लगाते लोग अक्सर मिल जाते हैं, लेकिन ट्रेन में धक्का लगाते हुए लोग शायद पहली बार देखे होंगे आपने। वीडियो मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी स्टेशन क्षेत्र का है।
अभिनव पांडे नाम के ट्वीटर यूजर ने इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि डीजल से चलती है क्या? एक टि्वटर यूजर ने लिखा कि चाचा अब इससे ज्यादा विकास तो होने से रहा? @kgias2468 से लिखा गया कि यह नया भारत है, क्योंकि पिछले 70 साल से भी या नहीं हुआ था। एक टि्वटर हैंडल से हंसने वाली इमोजी के साथ कमेंट किया गया कि लगता है 2021 में ही बुलेट ट्रेन स्टार्ट हो जाएगी।
मेनिका चौधरी नाम की ट्विटर यूजर मजा लेते हुए लिखती हैं कि हौसले बुलंद होने चाहिए। ट्रेन में क्या प्लेन में भी धक्का लगा दे हम। एक ट्विटर हैंडल से कमेंट किया गया कि इस तरह का आलम रहा तो एक दिन हवाई जहाज को भी पतंग की तरह उड़ाते हुए लोग नजर आएंगे। @hemantkumarnews ट्विटर अकाउंट से लिखा गया कि लो अब ट्रेन को भी धक्के मारो… देश की इस रेल को यहां तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद मोदी।
एक टि्वटर यूजर ने लिखा कि कभी आपने किसी ट्रेन को धक्का लगाया है या फिर ट्रेन को धक्का लगाते देखा है? नहीं देखा है तो यह वीडियो देख लो।@sachin_31sagar टि्वटर हैंडल से मजा लेते हुए लिखा गया कि कितने तेजस्वी लोग हैं हमारे देश में?

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कुख्यात अपराधियों के जेल में सभी सुख सुविधाओं की पहले भी कई बार शिकायत मिलती रही है और फोन से लेकर जरूरत की सभी सुविधाएं होने की बात कही जाती रही है. हालांकि अब दिल्ली के दो कुख्यात अपराधियों का एक वीडियो वायरल हुआ है. जिसकी काफी चर्चा है. इस वीडियो में कुख्यात गैंग के अपराधी शराब पार्टी करते नजर आ रहे हैं और यह वीडियो एक जेल के अंदर का बताया जा रहा है.
दिल्ली के दो खूंखार अपराधियों का वीडियो वायरल हुआ है. यह वीडियो नीरज बवानिया गैंग के राहुल काला और नवीन बाली का है, जो अपने साथियों के साथ जेल के अंदर बैठकर स्नैक्स और मदिरा का सेवन कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक यह वीडियो मंडोली जेल का बताया जा रहा है.
इस मामले में डीजी तिहाड़ के मुताबिक, यह मंडोली जेल का वीडियो लग रहा है. वीडियो सामने आने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं. डीजी तिहाड़ का कहना है कि जिस तरह के लॉकअप वीडियो में दिख रहे है उसके देखते हुए ऐसा लग रहा कि ये वीडियो मंडोली जेल का ही है, हालांकि इस बात की जांच की जा रही है.
वीडियो में कुछ अपराधी लाॅकअप में शराब पार्टी करते नजर आ रहे हैं. वहीं कैमरे में दूसरे लाॅकअप भी नजर आ रहे हैं. एक शख्स जिसने वीडियो बनाया है, उन्हीं का साथी लगता है. उसने वीडियो बनाते वक्त चारों ओर कैमरा घुमाकर सभी की तस्वीरों को इसमें कैद करने की कोशिश की है. वहीं उनका एक साथी आराम से फोन पर बात करता भी नजर आ रहा है. ( संकलन ndtv )

केरल / शौर्यपथ / केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में पिछले 24 घंटों में लगभग 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. एक दिन में 31,000 से अधिक संक्रमित मिले हैं. राज्य सरकार ने इस बढ़ोत्तरी के लिए 'ओणम' को जिम्मेदार ठहराया है. राज्य में 19.03 प्रतिशत की पॉजीटिविटी रेट के साथ 215 मौतें दर्ज की गई हैं.
राज्य में बुधवार को कोविड के 31,445 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 38,83,429 हो गई जबकि कोविड से मौत का आंकड़ा 19,972 हो गया.
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि एर्नाकुलम जिले में सर्वाधिक 4,048 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद त्रिशूर (3,865), कोझीकोड (3,680), मलप्पुरम (3,502), पलक्कड़ (2,562), कोल्लम (2,479), कोट्टायम (2,050), कन्नूर (1,930) अलाप्पुझा (1,874), तिरुवनंतपुरम (1,700), इडुक्की (1,166) पठानमथिट्टा (1,008) और वायनाड (962) हैं.
ये बढ़े हुए मामले तब आए हैं, जब एक दिन पहले ही केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने अगले चार हफ्तों तक "सतर्कता" बढ़ाने का आह्वान किया था. ओणम त्योहार के दौरान सार्वजनिक समारोहों का जोखिम अगले 7-10 दिनों में दिखाई देने की उम्मीद है, खासकर अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वैरिएंट का प्रसार होने का खतरा है. केरल में 21 अगस्त को ओणम मनाया गया था.
राज्य सरकार ने संक्रमण को और बढ़ने से रोकने के लिए सघन स्क्रीनिंग कार्यक्रम की घोषणा की है. स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि ओणम त्योहार के बाद राज्य में जांच के मामलों में संक्रमण दर (टीपीआर) 20 प्रतिशत से अधिक हो सकती है तथा संक्रमण के मामले भी बढ़ेंगे.
पिछली बार केरल में 20 मई को एक दिन में संक्रमण के मामले 30,000 के पार चले गये थे और उस दिन 30,491 नये कोविड-19 रोगियों का पता चला था.

नई दिल्ली/ शौर्यपथ / एम्स प्रमुख रणदीप गुलेरिया का कहना है कि भारत को अब कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों के टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि बूस्टर डोज का विचार इंतजार कर सकता है. एम्स प्रमुख ने कहा कि सीरो सर्वे ने सुझाया है कि यदि टीकाकरण अपनी पूरी क्षमता से जारी रहा तो संभावित कोविड की तीसरी लहर में कोरोना वायरस के उतने मामले नहीं होंगे. देश में अब तक 60 करोड़ से अधिक कोविड-19 की वैक्सीन लग चुकी है.
इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड वेलबीइंग काउंसिल द्वारा आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान गुलेरिया ने उच्च जोखिम समूहों के टीकाकरण पर जोर दिया है.
गुलेरिया ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें उन लोगों के टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें अब तक टीका नहीं लगाया गया है. विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले समूह. अभी भी कई स्वास्थ्यकर्मियों, बुजुर्गों और कई बीमारियों से ग्रस्त लोगों को टीका लगाया गया है और वे वही हैं जिन्हें अधिक गंभीर बीमारी और कोविड-19 के कारण मरने का खतरा है.'
एम्स प्रमुख ने कहा कि बूस्टर खुराक के विचार की खोज करने की बजाय अगर उन लोगों को वैक्सीन देने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है जिन्हें इससे लाभ होगा तो 'हम जीवन बचाने में सक्षम हो सकते हैं.'
गुलेरिया ने कहा, 'मुझे लगता है कि मामला तीन शाॅट्स, चार शाॅट्स और अलग-अलग चीजों की कोशिश की जगह जितना संभव हो उतने व्यक्तियों का टीकाकरण करना चाहिए. मुझे लगता है कि अभी जो हम जानते हैं, उससे चिपके रहें और अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित करें जैसा हम कर सकते हैं.'
उन्होंने कहा कि देश में अभी बूस्टर डोज की आवश्यकता को दिखाने के लिए पर्याप्त डाटा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता है कि हमारे पास यह दिखाने के लिए पर्याप्त डाटा है कि बूस्टर डोज की आवश्यकता है. याद रखें कि एंटीबाॅडी सुरक्षा देने का इकलौता तरीका नहीं है.'

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस पार्टी ने अमरिंदर सिंह का समर्थन करते हुए कहा है कि पार्टी अगला चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ेगी. राज्य में पार्टी प्रभारी हरीश रावत ने ये बयान दिया है. बता दें कि कांग्रेस का ये बयान पार्टी के भीतर ही कुछ नेताओं द्वारा कैप्टन को हटाने की वकालत करने के एक दिन बाद आया है. राज्य में पार्टी प्रभारी रावत ने कहा कि हम कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में 2022 का पंजाब चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खेमों के बीच सत्ता को लेकर खींचतान मंगलवार को उस वक्त तेज हो गई, जब चार कैबिनेट मंत्रियों और पार्टी के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री सिंह को हटाने की खुले तौर पर वकालत करते हुए कहा कि वह कुछ प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं. सिद्धू को भी मुख्यमंत्री सिंह के करीबी माने जाने वाले पंजाब के मंत्रियों और विधायकों के एक समूह द्वारा निशाना बनाया गया जिन्होंने सिद्धू के दो सलाहकारों की ‘‘कथित राष्ट्र विरोधी एवं पाकिस्तान समर्थक टिप्पणी'' को लेकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि लगभग छह महीने में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.
सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली और प्यारे लाल गर्ग कश्मीर और पाकिस्तान पर अपनी हालिया विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर विपक्ष और पार्टी के निशाने पर आ गए हैं. इससे पहले अमरिंदर सिंह ने सिद्धू को अपने सलाहकारों पर लगाम लगाने के लिए कहा था और उनकी टिप्पणी को गलत बताया था, जबकि कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोमवार को पूछा था कि क्या ऐसे लोगों को पार्टी में रखा जाना चाहिए.
पंजाब के मुख्यमंत्री को मंगलवार को प्रतिद्वंद्वी खेमे से खुले विद्रोह का सामना करना पड़ा। चार मंत्रियों तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी और लगभग 24 विधायकों ने मंगलवार को यहां बाजवा के आवास पर मुलाकात की. यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, बाजवा ने कहा कि यह प्रयास नहीं बल्कि लोगों की मांग है। मुख्यमंत्री के नए चेहरे पर एक सवाल के जवाब में बाजवा ने कहा कि फैसला पार्टी आलाकमान द्वारा लिया जाएगा.
बाजवा ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने और राज्य की राजनीतिक स्थिति से उन्हें अवगत कराने के लिए समय मांगेंगे. उन्होंने कहा कि ‘‘कड़े'' कदम उठाने की जरूरत है और अगर मुख्यमंत्री को बदलने की जरूरत है, तो यह किया जाना चाहिए.
बैठक के बाद, चन्नी ने मीडिया से कहा कि पार्टी के कई विधायक और मंत्री मंगलवार को यहां एकत्रित हुए और उन वादों को लेकर चिंता व्यक्त की, जिन्हें पूरा नहीं किया गया है. इन वादों में 2015 में धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के मामलों में न्याय में देरी, मादक पदार्थ रैकेट में शामिल बड़े लोगों को पकड़ना और बिजली खरीद समझौतों को रद्द करना शामिल है.
उन्होंने कहा कि बाजवा, सरकारिया, रंधावा और पंजाब कांग्रेस महासचिव परगट सिंह पार्टी आलाकमान से मुलाकात करेंगे. बाद में बाजवा, चन्नी, रंधावा और कुछ अन्य विधायकों ने पंजाब कांग्रेस भवन में सिद्धू से मुलाकात की। इसके बाद सिद्धू ने ट्वीट कर कहा, ''आपातकालीन बैठक के लिए तृप्त बाजवा जी का फोन आया। अन्य सहयोगियों के साथ उनसे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में मुलाकात की। आलाकमान को हालात से अवगत कराउंगा.''
सिद्धू की नियुक्ति के साथ राज्य इकाई में असंतोष को खत्म करने के कांग्रेस के हालिया प्रयास विफल होते दिख रहे हैं और इस घटनाक्रम से राज्य इकाई में संकट और गहराने की आशंका है. चन्नी ने कहा कि कई विधायक 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा किए गए उन वादों को लेकर चिंतित हैं जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है. चन्नी ने कहा, ‘‘हमारे मुद्दे हल नहीं हो रहे हैं. हमें अब विश्वास नहीं है कि इन मुद्दों का समाधान किया जायेगा.''
उन्होंने कहा कि कोटकपुरा पुलिस गोलीबारी की घटना में एसआईटी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ के बाद कुछ नहीं हुआ. चन्नी ने कहा कि आज स्थिति ऐसी है कि मुख्यमंत्री (अमरिंदर सिंह) के साथ हमारे मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है और इसलिए हम पार्टी आलाकमान से मिलने जा रहे हैं.''इस बीच मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने सिद्धू पर साधा निशाना.


मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, विजय इंदर सिंगला, भारत भूषण आशु, बलबीर सिंह सिद्धू और साधु सिंह धर्मसोत के साथ विधायक राज कुमार वेरका ने यहां एक संयुक्त बयान में कहा कि सिद्धू के नवनियुक्त सलाहकारों की टिप्पणी स्पष्ट रूप से ‘‘भारत के हितों के खिलाफ और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदेह'' थी. मंत्रियों और विधायकों के समूह ने सलाहकारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से सिद्धू को पार्टी के साथ-साथ देश के हित में अपने सहयोगियों पर तुरंत लगाम लगाने का निर्देश देने का आग्रह किया.
पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि कश्मीर पर माली का बयान इस मुद्दे पर भारत की घोषित स्थिति से विपरीत और खतरनाक था और ऐसे बयान स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि गर्ग का बयान भी पाकिस्तान के समर्थन में प्रतीत होता है. पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक विवादास्पद और अत्यधिक आपत्तिजनक चित्र (स्केच) पोस्ट करने के लिए माली की निंदा की और इसे उनके पार्टी विरोधी रुख का एक और उदाहरण बताया.

नई दिल्ली/ शौर्यपथ / गुजरात में रेलवे लाइन पर 5000 झुग्गियों को तोड़ने पर रोक फिलहाल बरकरार रहेगी. सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई 1 सितंबर को करेगा. तब तक तोड़फोड़ नहीं होगी. मंगलवार को तोड़फोड पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी. कोर्ट ने केंद्र, रेलवे और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए हैं.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर यह आरोप लगाया गया है कि सरकार आज रात तक झुग्गियों को गिराने करने के लिए तैयार है. वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने सुप्रीम कोर्ट में CJI एनवी रमना की बेंच को बताया कि हाईकोर्ट ने 2016 से लगाई रोक हटा ली है. सरकार ने इन झुग्गियों को तोड़ने की तैयारी की है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट इस तोड़फोड़ पर रोक लगाए. कोर्ट ने राज्य को नोटिस जारी किया और मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया.
गौरतलब है कि गुजरात में सूरत- जलगांव रेलवे लाइन पर 10 किलोमीटर के दायरे में बसी इन झुग्गियों को हटाने की कार्यवाही प्रस्तावित है. झुग्गियों के लोग इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं और आरोप लगाया है कि रेलवे बिना किसी नोटिस और पुर्नवास के उन्हें हटाना चाहता है.

लखनऊ / एजेंसी / उत्‍तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों के जो 77 मुकदमे राज्‍य सरकार ने बिना कोई वजह बताए वापस ले लिए हैं, वे दोबारा खुल सकते हैं. ऐसा सुझाव सुप्रीम कोर्ट में दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों, विधायकों के मामले वापस लेने के लिए अब हाईकोर्ट की मंजूरी जरूरी कर दी है ताकि वे पद का फायदा उठाकर अपने मुकदमे वापस नहीं करवा पाएं. मुजफ्फरनगर, देश के सबसे बड़े दंगों में से एक थे जिसमें 60 लोग मारे गए और करीब 60 हजार बेघर हुए थे. दंगों में कई बड़े बीजेपी नेताओं पर मुकदमे दर्ज हुए थे. सुप्रीम कोर्ट में अब 77 मुकदमों की फेहरिस्‍त दाखिल कर कहा गया है कि वे इन्‍हें यूपी सरकार ने बिना कोई वजह बताए वापस ले लिया है. इस मामले में एमिकस क्‍यूरी (न्‍यायमित्र) ने सुझाव दिया है कि हाईकोर्ट चाहे तो इनका दोबारा परीक्षण कर सकता हैं. याचिकाकर्ता ने सजा काटने के बाद एपी/एमएलए (सांसदों, विधायकों)को चुनाव लड़ने से रोकेने की मांग भी की है.
याचिकाकर्ता के वकील विकास सिंह ने कहा, 'सजा काटने के बाद...चाहे आपने रेप किया हो, चाहे कैती की हो, अगर आपने सजा काट ली तो सजा काटने के 6 साल बाद सांसद फिर से इलेक्‍शन लड़ सकता है.' रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपुल्‍स एक्‍ट में यह जो कानून है जो इनको दोबारा इलेक्‍शन के लिए परमिट करता है कि, वह बिल्‍कल गैरकानूनी है, इसे खारिज किया जाए.' मुजफ्फरनगर दंगों का असर आसपास के कई जिलों में हुआ. मेरठ जोन के पांच जिलों में 510 मुकदमे दर्ज हुए, 6869 लोग आरोपी बने, 175 केस में चार्जशीट हुई और 165 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगी. 170 मामले खत्‍म किए गए जबकि 77 मामले सरकार ने वापस लिए. इससे 40 लोगों पर केस बंद हो गया.
विपक्ष दंगों के केस वापस लेने को लेकर सरकार के खिलाफ हमलावर रुख अख्तियार किए है. समाजवादी पार्टी (SP) के नेता राम गोविंद चौधरी कहते हैं, 'दंगे इसलिए वापस किए जा रहे क्‍योंकि उनको फिर दंगे कराना है उन्‍हीं लोगों से. बीजेपी का दंगा कराने का मुख्‍य काम है. ' उधर बीजेपी सरकार का कहना है कि सपा सरकार ने जिन लोगों को फर्जी फंसा दिया था, उनके मुकदमे वापस हो रहे हैं.
उप मुख्‍यमंत्री केशव मौर्य कहते हैं, 'देखिए हम समाजवादी पार्टी की तरह किसी आतंकवादी पर से मुकदमे वापस नहीं ले रहे हैं. जिन्‍हें सपा सरकार के समय में तुष्टिकरण की राजनीति के अंतर्गत फंसाया गया था. जिनको फर्जी तरीके से फंसाया गया था तो उसमें सरकार अगर कोई कार्रवाई कर रही है तो अपने अधिकार के अनुसार कर रही है.' सरकार दंगों के 77 मामले वापस लेने की मंजूरी मुजफ्फरनगर की अदालत को भेज चुकी है, इसके नतीजें में 40 लोगों के मुकदमे बंद हो जाएंगे. मंत्री कपिल देव अग्रवाल, मंत्री सुरेश राना, बीजेपी के विधायक संगीत सोम, पूर्व बीजेपी विधायक अशोक कंसल, वीएचपीनेता साध्‍वी प्राची, BKU नेता राकेश टिकैत, नरेश टिकैत, पूर्व कांग्रेस सांसद हरेंद्र मलिक इसमें शामिल हैं. इस मामले में जिला सरकारी वकील मुजफ्फरनगर, राजीव शर्मा ने बताया, 'अभी तीन या चार माह पहले 321 की एप्‍लीकेशन अलाउ हुई थी जिसमें माननीय सुरेश रैना, संगीत सोम व अन्‍य तमाम नेताओं के मुकदमे वापस हुए थे. उससे पहले भी 321 की एप्‍लीकेशन अलाउ और रिजेक्‍ट होती रही है. '

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