August 02, 2026
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    भारत

    भारत (1077)

    1.64 लाख डाकघरों के विशाल नेटवर्क से जुड़ेगी निजी लॉजिस्टिक्स ताकत, दूरदराज क्षेत्रों तक तेज और भरोसेमंद सेवाओं का रास्ता होगा आसान

     लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स को नई गति देने के लिए बड़ा समझौता

    नई दिल्ली, ।
    संचार मंत्रालय के अधीन Department of Posts और देश की अग्रणी लॉजिस्टिक्स कंपनी DTDC Express Limited ने देशभर में लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    नई दिल्ली स्थित Dak Bhavan में आयोजित कार्यक्रम में डाक विभाग के पार्सल निदेशालय के महाप्रबंधक श्री नीरज कुमार झा और डीटीडीसी के राष्ट्रीय चैनल प्रमुख श्री जतिंदर सेठी ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौते का आदान-प्रदान किया।

    यह साझेदारी वर्ष 2025 से जारी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए देश में पार्सल डिलीवरी सेवाओं को अधिक तेज, प्रभावी और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


    ? समझौते की प्रमुख विशेषताएं

    इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान मिलकर लॉजिस्टिक्स सेवाओं को आधुनिक और सशक्त बनाने पर काम करेंगे। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—

    • लॉजिस्टिक्स विस्तार:
      डीटीडीसी देशभर में पार्सल डिलीवरी के लिए डाक विभाग के विशाल नेटवर्क का उपयोग कर सकेगा।
    • कैश ऑन डिलीवरी (COD) सुविधा:
      ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सीओडी सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
    • संयुक्त संचालन और क्षमता साझाकरण:
      दोनों संस्थान पार्सल उद्योग में सर्वोत्तम प्रथाओं, परिचालन दक्षता और सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए मिलकर काम करेंगे।
    • नियमित समीक्षा व्यवस्था:
      साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और नए अवसरों की पहचान के लिए त्रैमासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।

    ? डीटीडीसी को मिलेगा विशाल डाक नेटवर्क का लाभ

    इस समझौते के तहत DTDC Express Limited को Department of Posts के देशभर में फैले 1.64 लाख डाकघरों के व्यापक नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी।

    इससे कंपनी को—

    • डिलीवरी की गति बढ़ाने
    • लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार करने
    • दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं मजबूत करने
    • बढ़ती ई-कॉमर्स मांग को बेहतर तरीके से पूरा करने

    में मदद मिलेगी।


    ? डाक विभाग को भी मिलेगा बड़ा फायदा

    यह सहयोग डाक विभाग के पार्सल कारोबार को नई गति देगा। डीटीडीसी के अनुभव और तकनीकी सहयोग से—

    • तेज और आधुनिक डिलीवरी सेवाएं उपलब्ध होंगी
    • पार्सल नेटवर्क का विस्तार होगा
    • लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में डाक विभाग की भूमिका और मजबूत होगी
    • भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य को गति मिलेगी

    ? देश में ई-कॉमर्स को मिलेगा नया आधार

    Department of Posts विश्व का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क संचालित करता है, जो देशभर में संचार, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    वहीं DTDC Express Limited देश की प्रमुख एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी कंपनियों में शामिल है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स के लिए आधुनिक लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराती है।


    ⭐ निष्कर्ष (प्रभावी समापन)

    डाक विभाग और डीटीडीसी के बीच यह साझेदारी देश में लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे न केवल पार्सल डिलीवरी सेवाएं तेज और सुलभ होंगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल व्यापार की पहुंच बढ़ेगी और भारत के वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा को भी नई मजबूती मिलेगी।

    नई दिल्ली, ।
    भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि रूस के बाद भारत व्यावसायिक स्तर पर फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) संचालित करने वाला दुनिया का दूसरा देश बनने की दिशा में अग्रसर है।

    तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी रूप से विकसित 500 मेगावॉट क्षमता वाले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने 6 अप्रैल 2026 को पहली बार ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल की, जो इस परियोजना की सफलता का अहम पड़ाव माना जा रहा है। इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) द्वारा विकसित और भाविनी (BHAVINI) द्वारा निर्मित यह रिएक्टर भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत का संकेत देता है।

    फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की खासियत यह है कि यह जितना ईंधन उपयोग करता है, उससे अधिक ईंधन पैदा करने की क्षमता रखता है। यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड ईंधन पर आधारित यह तकनीक भारत को भविष्य में अपने विशाल थोरियम भंडार के उपयोग की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता देती है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्ण रूप से चालू होने के बाद भारत, रूस के बाद वाणिज्यिक स्तर पर FBR संचालित करने वाला दूसरा देश बन जाएगा। वर्तमान में रूस ही एकमात्र देश है जो इस तकनीक का व्यावसायिक उपयोग कर रहा है, जबकि अमेरिका, फ्रांस, जापान, जर्मनी और चीन जैसे देशों ने इसे प्रयोगात्मक स्तर तक ही सीमित रखा है।

    केंद्रीय मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह उपलब्धि भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्यों के लिए बेहद अहम है। सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें फास्ट ब्रीडर तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    उन्होंने उभरती तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण के लिए स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा इस जरूरत को पूरा करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगी।

    इसके साथ ही, “परमाणु मिशन” के तहत वर्ष 2033 तक 20,000 करोड़ रुपये के निवेश से 5 लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) स्थापित करने की योजना है। यह रिएक्टर उद्योगों, दूरदराज क्षेत्रों और सीमित ग्रिड कनेक्टिविटी वाले इलाकों में बिजली आपूर्ति के लिए उपयोगी साबित होंगे।

    सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय स्रोतों और अन्य स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों का संतुलित मिश्रण ही वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो’ कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का आधार बनेगा।

    नई दिल्ली ।
    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कर्नाटक और केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति की व्यापक समीक्षा की। यह समीक्षा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त फीडबैक के आधार पर की गई, जिससे जमीनी स्थिति का आकलन कर सुधारात्मक कदमों पर जोर दिया जा सके।

    नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और अजय टम्टा के साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा विभिन्न निर्माण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में कर्नाटक के 7,926 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क और केरल की 61 परियोजनाओं के तहत 1,513 किलोमीटर मार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

    गडकरी ने स्पष्ट किया कि राजमार्ग निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन, कड़े गुणवत्ता मानकों के पालन और आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि टिकाऊ और सुरक्षित सड़क ढांचा ही देश की आर्थिक गति को मजबूती देता है।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी लाई जाए, गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए तथा आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अपनाकर यात्रा अनुभव को बेहतर बनाया जाए। साथ ही, प्रमुख राजमार्ग गलियारों में निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर भी फोकस करने को कहा गया।

    आगामी मानसून को देखते हुए गडकरी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि सड़क सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती और यातायात का सुचारू प्रवाह बना रहे। इसके लिए व्यापक जल निकासी प्रबंधन, ढलान संरक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया गया।

    केंद्र सरकार का यह रुख स्पष्ट संकेत देता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में अब गुणवत्ता, जवाबदेही और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यातायात अनुभव मिल सके।

    माँ गंगा के पावन संगम पर राष्ट्र रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों को नमन, आध्यात्मिक शांति और राष्ट्र गौरव का संदेश


    नई दिल्ली/पश्चिम बंगाल, ।
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने Gangasagar में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर राष्ट्र रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन किया। इस दौरान उन्होंने पवित्र तीर्थ Kapil Muni Ashram में महर्षि कपिल की पूजा-अर्चना भी की।

    गृहमंत्री ने कहा कि अकल्पनीय चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों के बीच राष्ट्र की रक्षा को सर्वोच्च लक्ष्य मानकर बलिदान देने वाले वीरों के साहस और समर्पण पर हर भारतीय को गर्व है।


    ? गंगा से गंगासागर तक आस्था का अद्भुत प्रवाह

    सोशल मीडिया मंच X पर जारी अपने संदेश में श्री शाह ने कहा,
    “सब तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार! गंगा और सागर की संगमस्थली गंगासागर में पूजन-अर्चन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जीवनदायिनी माँ गंगा के इस पवित्र तीर्थ पर मन असीम शांति और आध्यात्मिक आनंद से भर गया।”

    उन्होंने माँ गंगा की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि Gangotri से लेकर Prayagraj Sangam और अंततः Gangasagar तक माँ गंगा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और जीवन का आधार हैं।


    ?️ ऋषि कपिल के जीवन-दर्शन को बताया प्रेरणादायी

    गृहमंत्री ने Kapil Muni के ज्ञान, त्याग और तप की परंपरा को देशवासियों के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ऋषि कपिल का जीवन-दर्शन समाज को संयम, साधना और समर्पण का मार्ग दिखाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जीवनदायिनी माँ गंगा के इस पवित्र तीर्थ पर पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और दिव्य ऊर्जा का अनुभव हुआ।


    ⭐ निष्कर्ष (समाचार का प्रभावी समापन)

    गंगासागर में गृहमंत्री अमित शाह की यह आध्यात्मिक यात्रा राष्ट्रभक्ति और आस्था का संगम बनी, जहां एक ओर अमर शहीदों के बलिदान को नमन किया गया, वहीं दूसरी ओर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया गया। यह अवसर राष्ट्र गौरव, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संदेश लेकर आया।

     
     
     

    केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन, राज्यों की सहमति से तैयार होगा वैज्ञानिक कृषि मॉडल


    नई दिल्ली, ।
    देश में कृषि को अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन के निर्देश भी दिए गए।

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्यों के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार करना देश की कृषि व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक गंभीर और दूरदर्शी पहल है, जिससे किसानों को स्थानीय संसाधनों के अनुरूप खेती की स्पष्ट दिशा मिलेगी।


    ? राज्यों की सहमति से तैयार होगा कृषि रोडमैप

    कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रोडमैप राज्यों की सहमति और उनकी आवश्यकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा तथा इसे किसी भी राज्य पर थोपा नहीं जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर Rajasthan, Andhra Pradesh और Uttar Pradesh ने इस पहल के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।

    इस कार्य में Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) और कृषि मंत्रालय मिलकर राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।


    ? उत्पादन बढ़ाने के साथ फसल विविधीकरण पर विशेष जोर

    नए कृषि रोडमैप के तहत देश के 12 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक राज्य के लिए उपयुक्त फसल प्रणाली तय की जाएगी।

    इस योजना में मुख्य रूप से:

    • उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर
    • धान और गेहूं पर निर्भरता कम करने की रणनीति
    • फसल विविधीकरण को बढ़ावा
    • सोयाबीन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने की योजना
    • क्लस्टर आधारित खेती, प्रोसेसिंग और मजबूत मार्केटिंग व्यवस्था विकसित करना

    ? ‘पर्पल रेवोल्यूशन’ की तर्ज पर नई कृषि क्रांतियां

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि Purple Revolution (लैवेंडर खेती) की सफलता को देखते हुए अन्य राज्यों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विशेष कृषि क्रांतियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


    ? किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन

    कृषि मंत्री ने कहा कि यह रोडमैप किसानों के लिए एक वैज्ञानिक दस्तावेज की तरह काम करेगा, जिसमें यह स्पष्ट होगा:

    • कौन-सी फसलें स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हैं
    • किस क्षेत्र में कौन-सी कृषि प्रणाली सबसे लाभकारी होगी
    • किन तकनीकी और संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है

    रोडमैप तैयार होने के बाद राज्यों की आर्थिक, तकनीकी और संरचनात्मक जरूरतों का विश्लेषण कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


    ⭐ निष्कर्ष (समाचार का प्रभावी समापन)

    देश की कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रत्येक राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप बनने से किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खेती का स्पष्ट मार्ग मिलेगा, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

    नई दिल्ली/गुवाहाटी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिससे राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर विवाद गहरा गया है।

    क्या है पूरा विवाद?

    5 अप्रैल 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने रिनिकी भुइयां शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें कथित तौर पर तीन देशों के पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने की बात शामिल थी। इन आरोपों को रिनिकी शर्मा ने पूरी तरह फर्जी बताते हुए गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया।

    विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी खेड़ा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को “नकली और मनगढ़ंत” बताया है।

    हाईकोर्ट का रुख सख्त

    24 अप्रैल 2026 को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों के स्रोत का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि एक निजी व्यक्ति को इस तरह विवाद में घसीटना गंभीर मामला है।

    अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

    इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली अस्थायी राहत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी और खेड़ा को असम की अदालत जाने को कहा था। अब हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद खेड़ा ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की है।

    आगे क्या?

    अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि खेड़ा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिलती है या नहीं। यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर संवैधानिक और आपराधिक कानून की कसौटी पर आ चुका है।

    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 133वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी को विकसित भारत की नींव बताया। उन्होंने देश की हालिया उपलब्धियों और जन-आंदोलनों को रेखांकित करते हुए नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।


    ? परमाणु ऊर्जा में ऐतिहासिक उपलब्धि

    प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का बड़ा मील का पत्थर बताया।

    • पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित
    • ऊर्जा उत्पादन के साथ नया ईंधन तैयार करने की क्षमता
    • औद्योगिक, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगा लाभ

    ?️ पवन ऊर्जा में भारत की छलांग

    पीएम मोदी ने बताया कि भारत की विंड एनर्जी क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और देश दुनिया में चौथे स्थान पर है।

    • गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान जैसे राज्य अग्रणी
    • रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर
    • स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का आह्वान

    ?️ बुद्ध पूर्णिमा और वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव

    प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि

    • शांति और करुणा आज के वैश्विक तनाव में और अधिक प्रासंगिक
    • चिली और कर्नाटक में बौद्ध परंपरा से जुड़े प्रेरक प्रयासों का उल्लेख

    ? ‘बीटिंग रिट्रीट’ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर

    • पहली बार WAVES OTT पर उपलब्ध
    • भारतीय संगीत परंपरा और सशस्त्र बलों की झलक
    • नागरिकों से इसे सुनने और जुड़ने की अपील

    ? पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक कहानियां

    प्रधानमंत्री ने देशभर से उदाहरण साझा किए:

    • कच्छ में Flamingo City
    • यूपी में ‘गज मित्र’ पहल
    • छत्तीसगढ़ में ब्लैकबक की वापसी
    • गोडावण संरक्षण के प्रयास

    ? नॉर्थ-ईस्ट का ‘बांस क्रांति’

    • 2017 में कानून बदलाव के बाद बांस उद्योग में उछाल
    • महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को लाभ
    • नागरिकों से नॉर्थ-ईस्ट उत्पाद खरीदने की अपील

    ? डिजिटल इंडिया: 20 करोड़ ऐतिहासिक दस्तावेज ऑनलाइन

    • National Archives द्वारा डिजिटाइजेशन
    • 7वीं-8वीं सदी की पांडुलिपियां, 1857 के दस्तावेज
    • पोर्टल: abhilekh-patal.in

    ? बेटियों की वैश्विक उपलब्धि

    European Girls Mathematical Olympiad में:

    • भारत 6वें स्थान पर
    • गोल्ड, सिल्वर, ब्रॉन्ज पदक
    • बेटियों और उनके अभिभावकों की सराहना

    ? जनगणना 2027: पूरी तरह डिजिटल

    • मोबाइल ऐप और self-enumeration की सुविधा
    • अब तक 1.2 करोड़ घरों का सूचीकरण
    • नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

    ? ‘लोकल से ग्लोबल’ हो रहा भारतीय चीज

    • अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय ब्रांड सम्मानित
    • कलारी, छुरपी, सुरती चीज जैसे पारंपरिक उत्पाद
    • डेयरी सेक्टर में वैल्यू एडिशन और वैश्विक पहचान

    ?? समापन संदेश

    प्रधानमंत्री ने रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया और युवाओं से छुट्टियों में कुछ नया सीखने का आग्रह किया।

    “विकसित भारत का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा।”

    इस संदेश के साथ प्रधानमंत्री ने नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रीय अभियानों में भाग लेने का आह्वान किया।

    नई दिल्ली/विशाखापत्तनम ।
    भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 27-28 अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगे।

    इस दौरान वे 27 अप्रैल को विशाखापत्तनम पहुंचकर प्रतिष्ठित आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेंगे।

    आंध्र विश्वविद्यालय, जो देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, अपने 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।

    यह दौरा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत उपलब्धियों को सम्मानित करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

    गंगटोक ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को सिक्किम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य स्थापना के 50वें वर्ष (स्वर्ण जयंती) के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और शुभारंभ करेंगे।

    स्वर्ण जयंती समारोह में भागीदारी

    28 अप्रैल को सुबह प्रधानमंत्री पालजोर स्टेडियम, गंगटोक में आयोजित समापन समारोह में शामिल होंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वे गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा कर राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत का अवलोकन करेंगे।

    हर क्षेत्र में विकास की बड़ी पहल

    प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाएं कई अहम क्षेत्रों को कवर करती हैं:

    • बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
    • स्वास्थ्य और शिक्षा
    • बिजली और शहरी विकास
    • पर्यावरण संरक्षण
    • पर्यटन और कृषि

    इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूती

    • यांगंग में 100 बेड का आयुर्वेद अस्पताल (शिलान्यास)
    • एनआईटी देवराली में सोवा रिग्पा अस्पताल (उद्घाटन)
    • सिक्किम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर
    • हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज, डेंटम व्यावसायिक कॉलेज
    • 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम शिक्षा परियोजना

    कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार

    • तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील आर्च ब्रिज
    • बिरधांग-नामची सड़क का उन्नयन
    • गंगटोक में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण

    शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण

    • मिनी सचिवालय और सिविल सेवा संस्थान
    • शहरी गरीब आवास और पुलिस आवास परियोजनाएं
    • सिंगतम में सीवरेज सिस्टम और नदी प्रदूषण नियंत्रण योजनाएं

    पर्यटन और धार्मिक अवसंरचना को बढ़ावा

    • रिज प्रीसिंक्ट का पुनर्विकास
    • कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ी सुविधाएं
    • इको-टूरिज्म और तीर्थ स्थलों का विकास
    • कृष्णा प्रणामी मंगलधाम में यात्री निवास

    कृषि और युवाओं के लिए पहल

    • IFFCO प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन
    • रंगपो में इंडोर क्रिकेट सुविधाएं

    पूर्वोत्तर विकास का संकेत

    प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर सिक्किम के सतत और तेज विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत है।

    स्वर्ण जयंती वर्ष में यह पहल सिक्किम को बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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