January 23, 2026
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बिहार में सत्ता बदलाव के संकेत तेज! हृष्ठ्र की बंपर जीत के बाद किसके हाथ जाएगा ताज? शपथ से पहले सियासी सरगर्मी चरम

पटना / शौर्यपथ /

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है। दो चरणों की मतदान प्रक्रिया और शुक्रवार को हुई मतगणना के बाद तस्वीर साफ हो गई है— हृष्ठ्र ने 202 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है , जिसमें 89 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। महागठबंधन मात्र 34 सीटों पर सिमट गया।
हालाँकि हृष्ठ्र ने अभी तक औपचारिक रूप से सरकार गठन का दावा नहीं पेश किया है, लेकिन अंदरखाने मंथन जारी है। इसी बीच तेज प्रताप यादव की नई राजनीतिक सक्रियता ने समीकरणों में नया मोड़ ला दिया है।

तेज प्रताप के 'समर्थन संकेतÓ से बढ़ी हलचल -सरकार में आएंगे साथ?
तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल की बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता प्रेम कुमार यादव ने बड़ा बयान दिया— बिहार के विकास के लिए जो भी उचित होगा, तेज प्रताप उसे करेंगेज् सरकार में सकारात्मक भूमिका निभाने को तैयार हैं। इसे राजनीतिक गलियारों में हृष्ठ्र सरकार को बाहरी या अंदरूनी समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तेज प्रताप ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य को पार्टी में मुख्य संरक्षक बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा—"हम उनके चरणों में गिरकर भी उन्हें पार्टी में लाएँगे, क्योंकि जनशक्ति जनता दल ही असली लालू प्रसाद यादव की पार्टी है।"

नीतीश कुमार सरकार आज देगी इस्तीफा; कल होगी कार्यवाहक व्यवस्था की शुरुआत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17 नवंबर को अंतिम कैबिनेट बैठक बुलाई है, जिसमें विधानसभा भंग करने की अनुशंसा , नई विधानसभा के गठन , पर मुहर लगेगी। उसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे, और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। नई सरकार के गठन तक नीतीश कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

19 या 20 नवंबर को नए मुख्यमंत्री का शपथ समारोह, क्करू मोदी हो सकते हैं शामिल
गांधी मैदान में भव्य समारोह की तैयारी शुरू हो चुकी है।17 से 20 नवंबर गांधी मैदान आम लोगों के लिए बंद , 19 या 20 नवंबर शपथ ग्रहण की संभावित तारीख बताई जा रही है शपथ ग्रहण में क्करू मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री हो सकते हैं शामिल

सरकार गठन फ ॉर्मूला तय-6 विधायकों पर 1 मंत्री!
बीजेपी-जेडीयू के बीच पहला दौर की बातचीत पूरी जिसमे मंत्रियों की संख्या और हिस्सेदारी पर सहमति बनाने की बात कही जा रही है सूत्रों के अनुसार 6 विधायकों पर 1 मंत्री का फार्मूला लागू किया जाएगा।इससे साफ है कि नई सरकार में चेहरों की संख्या सीमित और चयन बेहद रणनीतिक होगा।

हृष्ठ्र की जीत पर मुकेश सहनी का कटाक्ष - पैसे के दम पर जीते!
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने हार को स्वीकारते हुए भी एनडीए पर तीखा हमला बोला—महिलाओं को पैसे देकर वोट खरीदा गयाज् लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने लालू परिवार की कलह को "पारिवारिक मामला" बताते हुए दोषारोपण की राजनीति को गलत ठहराया।

रोहिणी आचार्य का भावनात्मक विस्फोट— "पिता को बचाने के लिए दी गई किडनी को गंदा बताया जा रहा"
लालू यादव की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट किया—"मेरे पति या बच्चों से अनुमति न लेकर पिता को बचाया, पर आज उसी बलिदान को गंदा कहा जा रहाज् किसी घर में 'रोहिणीÓ जैसी बेटी न हो।"उनके इस पोस्ट ने परिवार की अंदरूनी खटास को और उजागर कर दिया है।
मुख्यमंत्री आवास पर बैठकें तेज - बीजेपी अध्यक्ष, डिप्टी सीएम समेत जेडीयू के कई नेता पहुंचे लगातार सीएम हाउस में बैठकें कर रहे हैं। हृष्ठ्र विधायक दल की बैठक में नए नेता का चयन भी संभव है।

बिहार की सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा?
शपथ ग्रहण की तारीख तय है, स्थल तैयार है, मैदान बंद है। अब बस सवाल एक— हृष्ठ्र का मुख्यमंत्री कौन होगा? बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, मगर नीतीश की भूमिका भी निर्णायक बनी हुई है। तेज प्रताप की सक्रियता ने राजनीतिक समीकरण और रोचक बना दिए हैं।अगले 48 घंटे बिहार की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

नवा रायपुर से चीन तक — छत्तीसगढ़ में खुला लॉजिस्टिक्स का वैश्विक द्वार

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के तीव्र गति से विकसित होते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। छत्तीसगढ़ से अब तक का सबसे बड़ा, कुल 12,000 मीट्रिक टन कॉपर कॉन्सन्ट्रेट (Copper Concentrate) निर्यात कंसाइनमेंट, नवा रायपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से चीन के लिए रवाना किया गया। इस श्रृंखला की पहली खेप 2,200 मीट्रिक टन की रही, जो 11 नवम्बर को विशाखापट्टनम पोर्ट के लिए भेजी गई, जहाँ से इसे आगे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाएगा।

उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मध्य भारत के औद्योगिक और व्यापारिक विकास का नया द्वार बन रहा है। अत्याधुनिक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, रेल कनेक्टिविटी, और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन से सुसज्जित यह सुविधा राज्य एवं देश के अन्य हिस्सों की औद्योगिक इकाइयों को वैश्विक बाजारों तक कुशल, सुरक्षित और तीव्र पहुँच प्रदान कर रही है।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अब खनिज और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था से लॉजिस्टिक्स और निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल कनेक्टिविटी और सक्रिय शासन के समन्वय ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बना दिया है।

इस निर्यात अभियान के साथ छत्तीसगढ़ ने अपने खनिज और औद्योगिक उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया है। यह कदम भारत के लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रासंगिकता को और सुदृढ़ करता है।

राज्य सरकार ने इस प्रगति को और तीव्र करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ लागू की है। यह नीति वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है। नीति के अंतर्गत आधुनिक मल्टीमॉडल अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, निर्यात संवर्द्धन, और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “नवा रायपुर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से राज्य के सबसे बड़े कॉपर कॉन्सन्ट्रेट निर्यात का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह कदम इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ को हम लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक शक्ति के रूप में विकसित करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के माध्यम से सरकार कनेक्टिविटी बढ़ाने, निजी निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि “नीतिगत सुधार, रणनीतिक अवसंरचना और उद्योगों के आत्मविश्वास के इस समन्वय से छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स आधारित विकास के नए युग को भी परिभाषित कर रहा है।”

छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिलेगा सम्मान: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों से 18 नवंबर 2025 को मिलेगा सम्मान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया है।छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में आयोजित होगा। इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के सतत जल संरक्षण और जनसहभागिता आधारित प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर के इन उदाहरणों ने यह सिद्ध किया है कि जब समाज, प्रशासन और संस्थान एक साथ कार्य करते हैं, तब जल संरक्षण एक जन-आंदोलन बन जाता है। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार हर जिले और पंचायत में जल संवर्धन के इस मॉडल को आगे बढ़ाएगी।

वर्ष 2018 से हुई शुरुआत – अब तक पाँच संस्करण आयोजित

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान प्रारंभ किया।
लोगों में पानी के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत की गई थी।
दूसरे, तीसरे, चौथे और पाँचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार क्रमशः वर्ष 2019, 2020, 2022 और 2023 के लिए प्रदान किए गए। कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में ये पुरस्कार नहीं दिए जा सके।

साढ़े सात सौ आवेदनों में से केवल 46 का चयन

वर्ष 2024 के लिए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय (एमएचए) के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर की गई थी। इस वर्ष कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए।
निर्णायक समिति द्वारा सभी आवेदनों की जाँच और मूल्यांकन किया गया। चयनित आवेदनों की जमीनी स्तर पर जाँच केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा की गई। जमीनी जाँच रिपोर्टों के आधार पर संयुक्त विजेताओं सहित कुल 46 विजेताओं को वर्ष 2024 के लिए 10 विभिन्न श्रेणियों में चयनित किया गया।

जल संरक्षण और कुशल प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य

जल शक्ति मंत्रालय देश में जल के विकास, संरक्षण और कुशल प्रबंधन के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करने और कार्यक्रमों को लागू करने वाला केंद्रीय मंत्रालय है।राष्ट्रीय जल पुरस्कार, सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों पर केंद्रित हैं।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह आयोजन देशभर के नागरिकों और संस्थानों को जल संसाधन संरक्षण व प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता और साझेदारी को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है।

शौर्यपथ संपादकीय। 3 नवंबर 2025 को करनाल रेलवे स्टेशन से बिहार के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन और उससे जुड़े विवाद ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस मामले में भाजपा, रेलवे मंत्रालय और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज से मामला अधिक विवादित हो गया है, जिसमें यात्रियों ने खुद को भाजपा समर्थक बताया और बिहार में वोट डालने की बात स्वीकार की।

  पूरा मामला: ट्रेन, टिकट और वीडियोकरनाल से गई इस स्पेशल ट्रेन में सैकड़ों यात्रियों ने सफर किया, जिनमें कई ने दावा किया कि उन्हें भाजपा नेताओं ने टिकट उपलब्ध कराए और वे बिहार चुनाव में वोट डालने जा रहे हैं। वायरल वीडियो में यात्रियों की सूची चेक करते भाजपा नेता नजर आए; यात्रियों ने भाजपा के स्कार्फ पहने हुए थे, जिससे यात्रा और राजनीतिक उद्देश्य का सीधा संबंध जताया गया।

  विपक्ष का आरोप और रेलवे का जवाब:कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले में रेलवे मंत्रालय से सवाल पूछे और रेल मंत्रालय के पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इतनी अल्प सूचना पर विशेष ट्रेन चलाने का क्या औचित्य है? उन्होंने पूछा कि अगर ये सभी 'असली मतदाता' थे, तो वे अपने खर्चे पर क्यों नहीं गए और बिना वापसी टिकट के क्यों भेजे गए।

  रेल मंत्रालय ने जवाब में कहा कि त्योहारी भीड़ को देखते हुए लाखों यात्रियों के लिए हजारों स्पेशल ट्रेनें नियमित रूप से चलाई जाती हैं, और जब भीड़ बढ़ती है तो अनिर्धारित ट्रेनें तैनात होती हैं।

  चुनावी आचार संहिता का प्रश्न: प्रश्न यह उठता है कि क्या यह पूरा मामला भारतीय चुनाव आयोग की आचार संहिता का उल्लंघन है? चुनावी आचार संहिता के अनुसार, किसी भी दल या सरकार द्वारा मतदाताओं को प्रलोभन देना, विशेष रूप से फ्री टिकट या विशेष सहूलियत देकर, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। इस मामले में यह आरोप है कि भाजपा ने अपने पक्ष के मतदाताओं के लिए संगठित यात्रा और फ्री टिकट की व्यवस्था की।

संभावित उल्लंघन और जांच की आवश्यकता: राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं की संगठित यात्रा, खासतौर पर सरकार या पार्टी के माध्यम से, चुनावी निष्पक्षता पर प्रभाव डालती है। यदि टिकट व्यवस्था और ट्रेन संचालन पार्टी द्वारा वित्तपोषित पाया गया, तो यह आदर्श आचार संहिता और निष्पक्ष चुनाव सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन होगा। चुनाव आयोग को तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम मतदाता का लोकतांत्रिक विश्वास बना रहे।

  संपादकीय विश्लेषण: लोकतंत्र की विश्वसनीयता और निष्पक्ष चुनाव

  यह घटना भारतीय लोकतंत्र की संवेदनशीलता और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता की परीक्षा है। अगर राजनीतिक दल मतदाताओं को संगठित तरीके से राज्य बदलकर वोट डलवाने की व्यवस्था करेंगे, और सरकारें या उनकी संस्थाएं इसमें भूमिका निभाएंगी, तो निष्पक्ष चुनाव का सिद्धांत कमजोर हो जाएगा। रेलवे जैसी सार्वजनिक सेवा का राजनीतिक उद्देश्य के लिए दुरुपयोग न हो, इसके लिए स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश की आवश्यकता है।मतदाता की स्वतंत्रता, चुनावी आचार संहिता का पालन और प्रशासन की निष्पक्षता लोकतंत्र की मूल आत्मा है। ऐसे मामलों में सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप या सफाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और कानूनी कार्रवाई ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल रख सकती है

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में NACHA बे एरिया चैप्टर बना सहभागी
प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान - मुख्यमंत्री साय

रायपुर / शौर्यपथ / अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक-कला ने विदेश की भूमि पर अपनी विशेष छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम में NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य को समर्पित एक आकर्षक स्टॉल लगाया, जिसमें राज्य के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक आभूषणों का सुंदर प्रदर्शन किया गया। इस स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और हस्तशिल्प की विविधता को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा।
 कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन, जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया।
  NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और लोक परंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपने मूल राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस आयोजन ने उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान किया।
  मुख्यमंत्री साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में  स्थापित कर रहे हैं।

नई दिल्ली / एजेंसी /10 नवंबर 2025 की शाम, राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक स्थल लाल किले के पास एक भीषण कार धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया। यह हादसा लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के समीप पार्किंग स्थल में खड़ी एक कार में अचानक विस्फोट के रूप में सामने आया। धमाके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए और तीन-चार गाड़ियां आग की आग में जल गईं। धमाके के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और लोगों में भारी भय व्याप्त हो गया।
 घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की सात से अधिक गाड़ियां घटनास्थल पर मौजूद हो गईं और तेज आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत की गई। दमकल, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने जोखिम भरे हालातों में करुणामय बचाव कार्य किया। भीषण आग के चलते कई दुकानों और आस-पास की संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। आसपास के इलाकों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में घेर लिया और पूरे क्षेत्र में कार तथा अन्य वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
  इस धमाके ने न केवल कई निर्दोष नागरिकों की जान ली बल्कि कई अन्य लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। एलएनजेपी अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है, जहाँ कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार विस्फोट में घायल लोग छर्रों, कंक्रीट के टुकड़ों से गहरे जख्मी हुए हैं। मृतकों की संख्या 10 बताई जा रही है, हालांकि यह संख्या अधिक भी हो सकती है क्योंकि जांच जारी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे के बाद तुरंत एलएनजेपी अस्पताल
   जाकर घायलों से मुलाकात की तथा सुरक्षा एवं जांच अधिकारियों से विस्तृत ब्रीफिंग ली। उन्होंने कहा कि घटना की हर एंगल से गंभीरता से जांच हो रही है, एनआईए, एनएसजी, यूपी एटीएस और फॉरेंसिक टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह किसी भी तरह की साजिश हो, सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और जिम्मेदारों को कड़ी सजा दी जाएगी।
  धमाके की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित आतंकी हमला हो सकता है। धमाके के मलबे से आईईडी के अवशेष मिले हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके। फरीदाबाद में मिले 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक के संदर्भ में भी जांच चल रही है, लेकिन अभी इसे धमाके से सीधे जोड़ना जल्दबाजी होगी।
  धमाके के बाद संपूर्ण क्षेत्र के बाजारों में सन्नाटा पसरा है। चांदनी चौक मार्केट असोसिएशन ने सुरक्षा कारणों से मंगलवार को चांदनी चौक बाजार बंद रखने का ऐलान किया है। यह बाजार देशभर से रोजाना हजारों लोगों की भीड़ वाला प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, इसलिए इसे बंद रखना सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
  सामाजिक और राजनैतिक वर्गों ने इस निंदनीय और कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। जीवन की रक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले सुरक्षा बलों को पूरा सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया जा रहा है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और पुलिस तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
  यह कायराना हमला न केवल निर्दोष नागरिकों के खिलाफ है बल्कि इस राष्ट्र की आत्मा पर प्रहार है। ऐसे आतंकवादी तत्वों को सबसे सख्त कानून के तहत सबक सिखाने की आवश्यकता है ताकि भावी पीढ़ियां सुरक्षित और शांतिपूर्ण भारत में जी सकें। सुरक्षा एजेंसियां हर संभव संसाधन लगा कर दोषियों को जल्द अदालत में लाने के लिए कार्यरत हैं।
  इस घटना ने एक बार फिर देशवासियों को यह याद दिलाया है कि आतंकवाद और विघटनकारी ताकतों के विरुद्ध सतर्कता और स्पष्टता के साथ लड़ना आवश्यक है। हम शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। इस लड़ाई में सभी नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों को एकजुट होकर खड़ा होना होगा क्योंकि हम सबका लक्ष्य केवल और केवल सुरक्षा एवं शांति ही हो सकती है।
  यह कायराना हमला, जिसने निर्दोष नागरिकों की जानें लीं, भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक चेतावनी और समाज के लिए एक अपील है कि एकजुट होकर ऐसी निंदनीय हरकतों को समाप्त किया जाना चाहिए।

चंपारण की आखिरी रैली में प्रधानमंत्री ने किया नीतीश को मुखिया घोषित, युवाओं की बंपर वोटिंग से बदलते दिखे बिहार के समीकरणशौर्यपथ राजनीति।

    चम्पारण। शौर्यपथ राजनीती। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। प्रथम चरण की बंपर 65% से अधिक वोटिंग के बाद राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदलते दिख रहे हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे और अंतिम चरण के प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक रैली में बड़ा ऐलान करते हुए कहा — “नहीं चाहिए कट्टा सरकार, अबकी बार नीति सरकार।

   ”इस बयान के साथ ही प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संकेत दे दिया कि यदि आईएनडीआईए गठबंधन की सरकार बनती है, तो उसके मुखिया नीतीश कुमार ही होंगे। यह वही नीतीश हैं जिन पर पहले चरण से पहले एनडीए खेमे में “मुख्यमंत्री चेहरा” को लेकर संशय बना हुआ था। गृह मंत्री अमित शाह ने भी पहले चरण के मतदान से पहले कहा था कि परिणामों के बाद विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री का चयन होगा। लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं — बंपर मतदान ने बिहार की राजनीति में नई हवा बहा दी है।

     प्रधानमंत्री मोदी की रैली में उमड़े जनसैलाब और युवाओं की भारी भागीदारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार का मतदाता इस बार निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है। रैली में प्रधानमंत्री ने कटाक्ष भरे अंदाज में कहा कि बिहार को अब "कट्टा और भ्रष्टाचार" की राजनीति नहीं चाहिए, बल्कि "विकास की नीति" चाहिए — और यह नीति केवल नीतीश सरकार ही दे सकती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रथम चरण की उच्च मतदान दर और मोदी का यह अंतिम चुनावी संदेश मिलकर बिहार में नई दिशा निर्धारित कर सकते हैं।

  पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि अब वे अगली बार जनता से सीधे शपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात करेंगे।अब निगाहें 11 नवंबर को होने वाले अंतिम चरण के मतदान पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मोदी की "नीति सरकार" का नारा बिहार के जनादेश में कितना असर दिखा पाता है।

शौर्यपथ / राजस्थान /
कुचामन सिटी, 7 नवंबर 2025: कुचामन सिटी में हनुमानगढ़-किशनगढ़ हाईवे के किनारे कई होटलों और ढाबों को अपराधियों के लिए अड्डा बनाकर देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए अचानक छापेमारी कर 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शौरभ, किशन, आशीष और प्रकाश जैसे स्थानीय युवक शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, स्थानीय युवतियों के साथ-साथ कोलकाता सहित विभिन्न राज्यों और यहां तक कि कुछ विदेशी युवतियों को भी इस अवैध व्यापार में एजेंट मोबाइल फोन पर उनकी तस्वीरें दिखाकर ग्राहकों को उपलब्ध कराते थे। विदेशी युवतियों की पहचान के आधार पर उनकी दरें अधिक रखी जाती थीं। हाईवे किनारे कई होटलों और ढाबों के संचालक पुलिस छापे से पहले अपने प्रतिष्ठान बंद कर फरार हो गए।

यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था और इससे शहर का सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा था। पिछले वर्ष राजस्थान पत्रिका ने इस मसले पर स्टिंग ऑपरेशन कर पुलिस का ध्यान भी आकर्षित किया था। लेकिन अब कुचामन पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचंद खारिया और डीएसपी अरविंद विश्नोई के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई से इस नृशंस कारोबार को रोकने के प्रयास में नया संकल्प दिखा है।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसे अभियानों के जरिए इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों पर पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखा जाएगा। कुचामन जैसे शिक्षा नगरी में सुरक्षा और नैतिकता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की उम्मीदों को बल मिला है।

यह मामला उस सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है जहां शिक्षा और विकास के बावजूद अनैतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसका कड़ा मुकाबला करने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। पुलिस आगे भी इस पर गंभीर निगरानी रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करती रहेगी।

यह कार्रवाई कुचामन सिटी में बढ़ते अपराध के खिलाफ एक ठोस संदेश है कि अवैध और अनैतिक कामों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

(यह जानकारी पुलिस के आधिकारिक बयानों तथा स्थानीय समाचार स्रोतों पर आधारित है।)

   जयपुर / शौर्यपथ / राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर इस बार वसुंधरा राजे, बीजेपी और कांग्रेस तीनों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। बीजेपी ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की पसंद पर मोरपाल सुमन को मैदान में उतारा, वहीं कांग्रेस ने गहलोत सरकार के मंत्री प्रमोद जैन भाया पर फिर से भरोसा दिखाया है। निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की जबरदस्त मौजूदगी इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही है, जिससे सारे सियासी समीकरण उलझ गए हैं.

राजनैतिक समीकरण और विश्लेषण
    बीजेपी के लिए अंता सीट सिर्फ जीत का सवाल नहीं, बल्कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की साख से भी जुड़ी हुई है। उनकी पसंद के प्रत्याशी मोरपाल सुमन का मुकाबला स्थानीय मुद्दों, विकास और क्षेत्रीय मतदाताओं की अपेक्षाओं से है। राजे ने अपनी कोर टीम के साथ क्षेत्र में डेरा डाला है और खुद प्रचार की कमान संभाल रखी है.
कांग्रेस ने दो बार के विधायक और मंत्री प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जताया है, जिनकी पहचान स्थानीय विकास और सामाजिक सक्रियता के आधार पर मजबूत मानी जा रही है। भाया पिछड़े क्षेत्र में सुलभ छवि और पूर्ववर्ती कार्य के आधार पर मतदाताओं को लुभा रहे हैं.
निर्दलीय नरेश मीणा युवा और मीणा समाज के बीच लोकप्रियता के साथ मैदान में हैं, जिन्हें आम आदमी पार्टी और आरएलपी जैसी विपक्षी ताकतों का समर्थन मिला है। वह बीजेपी और कांग्रेस दोनों के वोटों में महत्वपूर्ण सेंधमारी की संभावना रखते हैं.

सीट का सामाजिक समीकरण और मतदान
   अंता सीट पर करीब 2.28 लाख मतदाता हैं—116783 पुरुष, 111477 महिला और 4 थर्ड जेंडर वोटर।
   जातिगत समीकरण निर्णायक हैं: माली, मीणा, अनुसूचित जाति, धाकड़ आदि प्रमुख समूह हैं, जिनकी गोलबंदी पर चुनावी परिणाम निर्भर करेगा.
 बीजेपी-कांग्रेस दोनों को आपसी खींचतान और भितरघात का सामना करना पड़ रहा है; वहीं नरेश मीणा के समर्थन से इलाके का युवा—खासकर मीणा समाज—सक्रिय रूप से तीसरी ताकत को उभरता देख रहा है.

चुनावी मुद्दे और प्रचार
    चुनाव में स्थानीय विकास, किसानों की समस्या, सिंचाई-सुविधाएं और बेरोजगारी जैसा ज्वलंत मुद्दे प्रभावी हैं। प्रचार के अंतिम दौर में दोनों बड़े दलों के दिग्गज नेता—वसुंधरा राजे, सीएम भजनलाल शर्मा, अशोक गहलोत—डोर टू डोर, रोड शो और रैलियों कर माहौल गर्म किए हुए हैं.सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।
अंता उपचुनाव राज्य के लिए केवल एक सीट का सवाल नहीं, बल्कि राजे और गहलोत जैसे बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा और मीणा समाज की गोलबंदी की नई दिशा तय करने वाला महासंग्राम बन गया है.

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