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महासमुंद /शौर्यपथ/
महासमुन्द सहित विकासखण्ड बागबाहरा, बसना, सरायपाली और पिथौरा में
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत् महासमुन्द सहित विकासखण्ड बागबाहरा, बसना, सरायपाली और पिथौरा में हर हफ्तें लगने वाली हाट-बाजार में क्लिनिक स्वास्थ्य शिविर में जॉच और इलाज की सुविधा मुहैया कराया जा रहा है। वहीं मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। जिले में 01 अप्रैल से 21 फरवरी 2022 तक 89 हाट बाजारों में 1822 चिकित्सक दल गए। विगत 11 माह (1 अप्रैल से 21 फरवरी) में जिले में लग रही हाट-बाजारों में 92 हजार लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको दवाईयां दी गयी।
इस योजना से ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ हो इसके लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर नुक्कड़ नाटक/कलाजत्था के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में शिविर के बारे में लोगों को जानकारी देकर जन जागरूकता निर्मित की जाती है। कोरोना काल के चलते चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मी इस महामारी से लोगों के स्वास्थ्य रक्षा में लगे होने एवं लॉकडाउन के कारण इस योजना पर भी असर पड़ा। ज़िले के विकासखंड बागबाहरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम चुरकी, खट्टी, तुसदा आदि के साप्ताहिक हाट-बाजार में आये ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना बहुत ही फायदेमंद है। इस योजना के बारे में ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब हमारे स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार ने खुद उठा ली है। परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य जांच के लिए बाजार में लगे हाट-बाजार में भी लाते हैं। हाट-बाजार में नियमित क्लीनिक लगने से अब पहले की अपेक्षा भीड़ बढ़ी है। ग्रामीण अपनी दैनिक उपयोग की सामग्री क्रय करने हेतु साप्ताहिक बाजार में आते हैं। जहां खरीदी के साथ-साथ वे अपने स्वास्थ्य की भी जांच करवा लेते हैं। दुर्गम इलाकों के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना किसी देवदूत से कम नहीं है। माह अगस्त से जिले के 89 हाट बाजारों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जॉच कर निःशुल्क दवाईयां मुहैया करायी जाती है।
छत्तीसगढ राज्य में शुरू की गई मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जन-जन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएॅ पहुंचाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (02 अक्टूबर 2019) पर पूरे प्रदेश में यह योजना लागू की। प्रदेश के कई जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में न जाने कितने ऐसे इलाके हैं, कितने गांव हैं, जहां से निकलकर जिला मुख्यालय तक की दूरी तय कर इलाज के लिए अस्पताल आना लोगों के लिए बेहद कठिन काम होता था। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर होती थी, यहां प्रत्येक दिन मलेरिया से लेकर दूसरी अन्य बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले लेती है। गर्भवती महिलाओं के लिए इन इलाकों से निकलकर अस्पताल आना बेहद कठिन काम होता था। इस योजना में स्वास्थ्य अमला हाट-बाजारों में शिविर लगाकर लोगों का इलाज करने के साथ ही निःशुल्क दवाईयां भी उपलब्ध कराते हैं। इससे ग्राम के ही नजदीक ग्रामवासी अपने स्वास्थ्य का परीक्षण और उपचार कराते हैं।
कोरोना काल के चलते पहले महासमुंद जिले के 15 हाट-बाजारों में क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। लेकिन अब माह अगस्त से दूरस्थ अंचलों में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजारों सहित 89 हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजनांतर्गत स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, प्रसवपूर्व संपूर्ण जांच एवं पूर्ण टीकाकरण सहित बी.पी, शुगर, मलेरिया, जांच कीट के माध्यम से पैथालाजी जांच, नेत्र जांच, जागरूकता के अभाव में होने वाले अकाल मृत्यु को रोकना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, कुपोषण दर कम करना आदि है। महासमुंद विकासखंड सहित सभी बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली में लगने वाली हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक शिविर का संचालन किया जा रहा है। साप्ताहिक हाट बाजारों में चिकित्सक, पैरा मेडिकल टीम के द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य उपचार किया जा रहा है। जिले में लगाये जा रहे हाट-बाजार में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में मलेरिया, फाइलेरिया, टीबी, डायरिया, कुपोषण, एनीमिया, सिकलसेल, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के साथ ही गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन के अलावा गर्भधारण परीक्षण भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चर्म रोग और एच.आई.वी. की भी जॉच की गई। पहले जानकारी एवं अशिक्षा के कारण अंदरूनी इलाके के ग्रामीण आसपास के बैगा-गुनिया और सिरहा से झाड़-फूक के जरिये अपना इलाज करवाते थे। सही इलाज के अभाव में उनकी मृत्यु तक हो जाती थी। उन दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना अब बेहद लाभदायक सिद्ध हो रहा है
जशपुरनगर /शौर्यपथ/
जशपुर जिले में चाय, काफी, स्ट्राबेरी, काजू, नाशपाती आदि की सफल खेती के बाद वन विभाग के अंतर्गत् वनमण्डलाधिकारी श्री जितेन्द्र उपाध्याय के मार्गदर्शन एवं उप वनमण्डलाअधिकारी श्री एस.के.गुप्ता के दिशा-निर्देश में कैमोमाइल के खेती का सफल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जर्मनी कैमोमाइल बहुत ही लोकप्रिय एवं व्यवसायिक रूप से महत्वपूर्ण गुणवत्ता वाला तेलीय पौधा है। इसका उपयोग हर्बल चाय और फार्मा उत्पादों में किया जाता है। इत्र, पेय और बेकरी उत्पादों में स्वाद बढ़ाने वाले एजेन्ट एवं शामक के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है। यूनानी चिकित्सा पद्वति में भी यह लोकप्रिय है। उन्होंने बताया कि जशपुर में कैमोमाइल की खेती का जय जंगल किसान उत्पादक कम्पनी का प्रयोग पूर्णतः सफल रहा है। वृहद्ध स्तर पर खेती कर रहें जिले के छोटे किसान भी इससे लाभांवित होगें और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कैमोमाइल की खेती से पूर्व भूमि तैयारी के लिए एमबी प्लाऊ दो दांत वाले से भूमि की अच्छी तरह जुताई करनी चाहिए। तत्पश्चात कल्टीवेटर से 2 बार जुताई करना चाहिए, जिसमें 1 बार सीधे व दूसरी बारे आडे में जुताई करनी चाहिए। इसके बाद रोटोवेटर से भूमि को जुताई करना चाहिए ताकि मिट्टी के टुकड़े बारीक हो जावे व मिट्टी भूरभूरी हो जाये।
कैमोमाइल का रोपण रोपा लगाकर नर्सरी पद्धति के माध्यम से खेत में पौधों का रोपण किया जाता है, जिसमें भूमि को 3 फीट चौड़ी और 1 फीट ऊंची बेड़ बनाकर उसे गीला करके बीज बुवाई की जाती है। एक एकड़ खेत हेतु 300 से 400 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है। बीज बुवाई के 20-25 दिन बाद उगे छोटे पौधों को खेत में पौधों का रोपित कर दिया जाता है। कैमोमाइल की खेती नर्सरी तैयार कर पौधों को खेत में 30 से 30 से.मी. की दूरी व लाईन से लाईन की दूरी 1 फीट की दूरी पर रोपण करना चाहिए। भूमि की तैयारी के समय एक एकड़ खेत में कम से कम 500 कि.ग्रा. से 1 टन वर्मीकम्पोस्ट खेत में डालना चाहिए या इससे अधिक मात्रा में भी डाले जाने पर भूमि की उपजाउता और अधिक बढ़ेगी। इसमे फास्फोरस एवं पोटेशियम से ज्यादा नाइट्रोजन अच्छी प्रतिक्रिया देती है। अच्छे फूल एवं तेल के उत्पादन हेतु मौलिब्डेनम और बोरॉन उर्वरक के रूप में देना चाहिए। बीज बोने के तुरंत बाद स्प्रिंकलर या अन्य विधि से सिंचाई करनी चाहिए। यह सर्दियों में उगाई जाने वाली फसल है, इस कारण सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। बीज अंकुरण के पश्चात् 10 से 20 दिन में 01 बार सिंचाई करनी चाहिए।
फसल की कटाई फूल फरवरी माह में रोपण के 60 से 70 दिन बाद आ जाते है। सामान्य तौर पर 4-5 बार फूल निकलेगा, जिसे हर बार हाथ से ही तोड़ा जाता है। ग्रीष्म ऋतु के पहले फसल की कटाई पूरी हो जाती है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ती जाती है, फूल आना रूक जाता है फूल आने के 15 से 20 दिनों बाद फूल की कटाई करनी चाहिए। फूलों को 3 से 4 दिन तक छाया में सुखाना चाहिए। ताजे फूल 2000-2500 कि.ग्रा. प्रति एकड़ उत्पादन होता है। सूखे फूल 400-500 कि.ग्रा. प्रति एकड़ प्राप्त होता है।
इस लगाने में कुछ सावधानियाँ करनी पड़ती हैं जैसे कि रोपण हेतु अच्छे गुणवत्ता युक्त बीज का उपयोग करना। पौधों के रोपण से पूर्व भूमि को अच्छे से जुताई करना। पौधे रोपण के बाद तत्काल सिंचाई करना। भूमि में बीजों से बुवाई न कर नर्सरी पद्धति से पौधे उगाकर पौधों का रोपण करना चाहिए। रोपण से पूर्व खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है। जड़ी-बुटी की खेती के लिए जैविक खेती को प्राथमिकता दी जाती है, यदि रसायन का प्रयोग किया जाता है, तो उसकी मात्रा बहुत कम होना चाहिए। इसकी जड़े गहरी नही होती इसलिए खेत में गहरी जुताई का आवश्यकता नही होती है। खरपतवार के कारण फसल के उपज में 10 से 30 प्रतिशत की कमी आती है, इसलिए 1-2 महिने फसल को खरपतवार से मुक्त रखना चाहिए ।
महासमुंद /शौर्यपथ/
महासमुंद जिले में ‘‘आपके द्वार आयुष्मान‘‘ अभियान का आयोजन 01 मार्च 2021 से 30 अप्रैल 2021 तक किया गया था। राज्य शासन के निर्देशानुसार लोक सुविधा केन्द्र (च्वॉइस सेंटरों) में पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत पात्र परिवारों का लोक सुविधा केन्द्रों में निः शुल्क पंजीयन किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में इस योजना के तहत जिले के कुल 10,95,141 हितग्राहियों में से अब तक 7,12,451 हितग्राहियों ने अपना पंजीयन कराया हैै। इस योजना २ाुभारम्भ से अब तक जिले के पंजीकृत सरकारी अस्पतालों में 19,447 एवं गैर सरकारी चिकित्सालयों में 27772 इस प्रकार कुल 47,219 विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त लोगों ने अपना इलाज करवाया।
कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने लोगों से अपील की है कि आयुष्मान कार्ड पंजीयन से छूटे हुए लोग अपना पंजीयन कराकर लाभ उठाएं। जिले के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी लोगों ने भी जिले की जनता से अपील की है लोक सेवा केन्द्रों में जाकर आयुष्मान कार्ड के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। इस योजना में अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों को रू. 5 लाख तक एवं शेष ए.पी.एल. परिवारों को रू. 50 हजार तक की स्वास्थ्य सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के तहत इलाज कराए जाने पर यदि कोई सरकारी या गैर सरकारी अस्पताल अतिरिक्त राशि मांग करता है तो इसकी सूचना सहायता केन्द्र के टोल फ्री नम्बर 104 या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में दे सकते है।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पूर्व में जिस लोक सेवा केन्द्र में अपना पंजीयन कराया है, वहीं से पुनः बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन उपरांत प्लास्टिक आयुष्मान कार्ड प्राप्त कर सकेगें। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनांतर्गत सामाजिक, आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 की चयनित श्रेणियों में सूचीबद्ध परिवारों को प्रति वर्ष 05 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाने का प्रावधान है। साथ ही राज्य शासन द्वारा संचालित डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का संचालन राज्य के खाद्य विभाग द्वारा जारी राशन कार्ड के आधार पर किया जा रहा है।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश समेत कुल पांच राज्यों के विधानसभा नतीजों का इंतजार बड़ी बेसब्री से हो रहा है. कल ही यानी 10 मार्च को पांचों विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित हो जाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच राज्यों में चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद ही 11 मार्च से अपने गृह राज्य गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर होंगे. इसी दिन पीएम एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे.
बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 11 मार्च से अहमदाबाद में तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक हो रही है. पीएम के इस दौरे को आगामी चुनाव के नजरिए से देखा जा रहा है. गुजरात राज्य में इस साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनाव होने तक प्रधानमंत्री मोदी गुजरात का दौरा करता रहेंगे.
एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री चुनाव की वजह से गुजरात आते-जाते रहेंगे. बता दें कि पीएम मोदी 11 और 12 मार्च को ग्राम तालुका और जिला पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की जनसभा को संबोधित करने के लिए राज्य में होंगे. इसके अलावा ये भी कहा जा रहा है कि वे राज्य के कई अन्य कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे.
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के साढ़े तीन लाख से ज्यादा शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान यह ऐलान किया। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों में जश्न का माहौल है। कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री की यह घोषणा होली और दीवाली जैसी खुशियां लेकर आया है । कर्मचारी संघों ने पटाखे जलाकर, एक दूसरे को गुलाल में रंगकर तथा मिठाईयां खिलाकर अपनी खुशियां जाहिर की हैं।
कर्मचारियों में जश्न का माहौल
इस घोषणा के बाद कर्मचारी संघों के द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पेंशन पुरुष और न्याय पुरूष जैसे शब्दों से नवाजा जा रहा है। कर्मचारी संघों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत करते हुए उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री के द्वारा विधानसभा में बजट भाषण को सुनने के लिए रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ इकट्ठा थी। बड़ी स्क्रीन पर बजट भाषणा सुनते हुए जैसे ही मुख्यमंत्री बघेल ने पुरानी पेंशन योजना फिर से शुरू करने का एलान किया लोगों ने मुख्यमंत्री जिंदाबाद के नारे लगाते हुए गले मिलकर एक दूसरे को बधाइयां दी।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के मुख्य प्रवक्ता तथा छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के शासकीय सेवकों की लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा किया है। झा ने मुख्यमंत्री को प्रदेश का पेंशन पुरूष कहा। उन्होंने यह भी कहा कि पेंशन शासकीय सेवक की बुढापे का सहारा है और मुख्यमंत्री ने इसे लागू कर प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों को बुढापे की लाठी दे दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शासकीय सेवकों के मान सम्मान और स्वाभिमान की मांग को पूरा करने के लिए सभी अधिकारी कर्मचारी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। इस एक फैसले से ही मुख्यमंत्री बघेल का नाम छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री की पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवक परिवारों के लिए खुशी की सौगात लेकर आयी है। अब किसी भी शासकीय कर्मचारी या उसके परिवार को भविष्य की चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस घोषणा से शासकीय सेवकों और उनके परिजनों का भविष्य हमेशा के लिए सुरक्षित हो गया है। दूबे ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के साढे तीन लाख से अधिक सरकारी सेवकों को सही मायने में न्याय मिला है। इस हिसाब से जहां मुख्यमंत्री ने किसानों,गरीबों,मजदूरों के लिए न्याय योजनाएं बनायी हैं वहीं अब कर्मचारियों के साथ असल न्याय करके वे प्रदेश के न्याय पुरूष भी बन गए हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट को अंतिम रूप देते हुए हस्ताक्षर किए।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट प्रस्तुत करने विधायकों के साथ जाते हुये..
रायपुर /शौर्यपथ/
पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश करने के लिए जिस ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया वो चमड़े या जूट का नहीं होकर गोबर के बाई प्रोडक्ट से निर्मित है। मुख्यमंत्री के द्वारा बजट के लिए इस्तेमाल किए गए ब्रीफकेस को गोबर के पाउडर से तैयार किया गया है जिसे महिला स्वसहायता समूह की दीदी नोमिन पाल द्वारा बनाया गया है। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने मां लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में गो-धन से निर्मित ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया है।
नगर निगम रायपुर के गोकुल धाम गोठान में काम करने वाली ’एक पहल’ महिला स्वसहायता समूह की दीदियों ने गोबर एवं अन्य उत्पादों के इस्तेमाल से इस ब्रीफकेस का निर्माण किया है और इसी ब्रीफकेस में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में बजट पेश किया है । इस ब्रीफकेस की खासियत ये है कि इसे गोबर पाउडर, चुना पाउडर, मैदा लकड़ी एवं ग्वार गम के मिश्रण को परत दर परत लगाकर 10 दिनों की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया है । बजट के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए इस ब्रीफकेस के हैंडल और कार्नर कोंडागांव शहर के समूह द्वारा बस्तर आर्ट कारीगर से तैयार करवाया गया है ।
छत्तीसगढ़ में ये मान्यता है कि गोबर मां लक्ष्मी का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहारों में घरों को गोबर से लीपने की परंपरा रही है। इसी से प्रेरणा लेते हुए स्व सहायता समूद की दीदियों द्वारा गोमय ब्रीफकेस का निर्माण किया गया है ताकि मुख्यमंत्री के हाथों इस ब्रीफकेस से छत्तीसगढ़ के हर घर में बजट रूपी लक्ष्मी का प्रवेश हो और छत्तीसगढ़ का हर नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना ने पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनायी है। पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि गोबर से कोई सामग्री भी तैयार की जा सकती है। लेकिन गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गोबर को छत्तीसगढ़ की आर्थिक क्रांति के रूप में प्रस्तुत किया है। इसकी तारीफ प्रधानमंत्री और कृषि मामलों की संसदीय समिति भी कर चुकी है। गोधन न्याय की आर्थिक क्रांति से छत्तीसगढ़ में 10591 गौठानों की स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से 8048 गौठानों का निर्माण पूरा हो चुका है। राज्य के 2800 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं जहां पशुपालक ग्रामीणों से गोबर खरीदी में स्वयं की पूंजी का निवेश करने लगे हैं।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
यूपी में नतीजों से पहले ही ईवीएम की मूवमेंट के मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, अखिलेश ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि मतगणना से 48 घंटे पहले वाराणसी में ईवीएम मशीनों को अवैध रूप से ले जाया गया. अब समाजवादी पार्टी की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें अधिकारी ने स्वीकार किया है कि 'खामियां' थीं.
वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मंगलवार शाम पत्रकारों से बात करते हुए स्वीकार किया कि ईवीएम की आवाजाही के प्रोटोकॉल में चूक हुई थी हालांकि, उन्होंने कहा कि ये मशीनें सिर्फ ट्रेनिंग के उद्देश्य से लाई गई थीं.
समाजवादी पार्टी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दीपक अग्रवाल कहते दिख रहे हैं कि यदि आप ईवीएम की मूवमेंट के लिए प्रोटोकॉल के बारे में बात करते हैं, तो प्रोटोकॉल में चूक हुई थी, मैं इसे स्वीकार करता हूं, लेकिन मैं आपको गारंटी दे सकता हूं कि मतदान में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को हटाना असंभव है." मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और राजनीतिक दल के प्रतिनिधि थे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नजर रखने के लिए केंद्रों के बाहर भी बैठ सकते हैं.
समाजवादी पार्टी की ओर से शेयर किए वीडियो के साथ लिखा गया है कि EVM मूवमेंट में चुनाव आयोग के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया- कमिश्नर वाराणसी. कई जिलों में ईवीएम में हेरा-फेरी की जानकारी प्राप्त हो रही है। ये किसके इशारे पर हो रहा है? क्या अधिकारियों पर सीएम ऑफिस से दबाव बनाया जा रहा है? चुनाव आयोग कृपया स्पष्ट करे. मंगलवार को अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भाजपा पर चुनावों में "चोरी" और ईवीएम को तीन ट्रकों में एक मतगणना केंद्र से बाहर ले जाने का आरोप लगाया था.
भाजपा नेता और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि "मैं अखिलेश यादव से धैर्य रखने के लिए कहूंगा. ईवीएम में क्या है यह 10 मार्च (गुरुवार) को पता चलेगा, जब वोटों की गिनती होगी.
एक महीने तक चले चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश और चार अन्य राज्यों के लिए गुरुवार को वोटों की गिनती की जाएगी.एग्जिट पोल में यूपी में बीजेपी की बड़ी जीत की भविष्यवाणी की गई है. अखिलेश यादव जो इस चुनाव में बीजेपी के लिए मुख्य चुनौती हैं को एक्जिट पोल में यूपी में जीत की दौड़ में दूसरे स्थान पर रखा गया है.
मुंबई /शौर्यपथ/
मंगलवार 8 मार्च को एक तरफ शिवसेना नेता संजय राऊत ने जहां बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया वहीं महाराष्ट्र विधानसभा में विरोधी दल नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में वीडियो बम फोड़ कर महाविकास अघाड़ी सरकार को घेरने का काम किया. देवेंद्र फडणवीस ने एक सरकारी वकील के स्टिंग वीडियो का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया.
फडणवीस ने विधान सभा में पेन ड्राइव दिखाते हुए दावा किया कि उसमें 125 घंटे की रिकॉर्डिंग है. उन्होंने विधानसभा उपाध्यक्ष को 29 पेन ड्राइव सौंपने का दावा भी किया. फडणवीस ने कहा कि स्टिंग में मुझे फंसाने के साथ गिरीश महाजन, सुधीर मुनगंटीवार, चंद्रकांत पाटिल, जयकुमार रावल और चंद्रशेखर बावनकुले जैसे नेताओं के खिलाफ भी साजिश रचने की बात है.
फडणवीस ने दावा किया कि वीडियो में सरकारी वकील प्रवीण चव्हाण निर्देश दे रहे हैं कि कैसे रेड मारनी है, चाकू कैसे प्लांट करना है और मकोका कैसे लगाना है. झूठे गवाह प्लांट करने की बात का भी दावा किया गया है और ये सब राज्य के बड़े नेता के इशारे पर हो रहा है. देवेंद्र फडणवीस के इस सनसनीखेज आरोप से ठाकरे सरकार सकते में है. गृहमंत्री दिलीप वलसेपाटिल विधानसभा में आज इस पर बयान देने वाले हैं
जबकि देवेंद्र फडणवीस ने साजिश में राज्य के कुछ पुलिस वालों के भी शामिल होने का आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. वहीं मनी लांड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार मंत्री नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग के लिए आज बीजेपी आजाद मैदान पर बड़ा मोर्चा निकाल रही है. नवाब मलिक को ED ने मनी लांड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है. फिलहाल मलिक जेल में हैं और उनकी तरफ से बॉम्बे हाई कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर कर गिरफ़्तारी को अवैध बताते हुए मामला खारिज करने की मांग की है जिसपर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
