August 12, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    रायपुर /शौर्यपथ/

    दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं, व्यक्तियों और दिव्यांगजनों को राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने पैराएथलेटिक में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णपदक प्राप्त करने वाली महासमुंद जिले की नेत्रहीन बालिका कुमारी ईश्वरी निषाद के खेलने के लिए दुबई जाने का खर्च विभाग द्वारा वहन करने की घोषणा की। समाज कल्याण विभाग द्वारा माना कैम्प स्थित संचालनालय परिसर में आयोजित समारोह में राज्य सभा सांसद छाया वर्मा, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, विभिन्न जिलों से आए दिव्यांगजन और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए। समारोह में अतिथियों ने विभागीय मेन्युअल पुस्तिका, शराब व्यसन मुक्ति पुस्तिका और ब्रेल कैलेण्डर का भी विमोचन किया।

    राज्य स्तरीय समारोह में समाज कल्याण मंत्री ने किया सम्मान

    भेंड़िया ने कहा कि राज्य सरकार सभी जरूरतमंद और आभावग्रस्त व्यक्तियों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और उनके साथ खड़ी है। राज्य सरकार गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने मैदानी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने लोगों और संस्थाओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, निराश्रित और उभयलिंगी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए समाज के लोग और संस्थाएं भी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ विभाग की मदद कर रहे है। दिव्यांग युवाओं को रोजगार देने के लिए नुक्कड़ टी-कैफे की पहल सराहना करते हुुए उन्होंने कहा कि समाज में संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा किए गए अच्छे काम दूसरों को भी प्रेरित करते है। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को बताते हुए लोगों को उसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

    राज्य स्तरीय समारोह में समाज कल्याण मंत्री ने किया सम्मान

    राज्य स्तरीय समारोह में समाज कल्याण मंत्री ने किया सम्मान

    राज्य सभा सांसद छाया वर्मा ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि समाज के लिए अच्छे काम दूसरों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते है। ज्ञानेश शर्मा ने समाज कल्याण के लिए किए गए काम को संत कार्य बताया और विभाग की सराहना करते हुए आगे भी अच्छे काम के लिए शुभकामनाएं दी।

    समारोह में निःशक्तजन के कल्याण हेतु उत्कृष्ट कार्य के लिए सर्वाेत्तम जिले की श्रेणी में जांजगीर-चांपा जिला, सर्वाेत्तम दिव्यांग कर्मचारी के लिए दृष्टि बाधित श्रेणी में बालोद जिले के तेजराम साहू और धमतरी जिले के अरविंद शर्मा, श्रवण बाधित श्रेणी में रायपुर जिले के सौरभ कुमार पाण्डेय, अस्थि बाधित श्रेणी में रायपुर जिले के रामेश्वर प्रसाद साहू को पुरस्कृत किया गया। सर्वाेत्तम स्वैच्छिक संस्था के लिए दृष्टि बाधित श्रेणी में महासमुंद जिले की फॉर्चून फाउण्डेशन समाज सेवी संस्था़ और श्रवण बाधित संवर्ग के लिए जांजगीर-चांपा जिले के प्रेमधारा चेरिटेबल सोसायटी (नवजीवन मूकबधिर विद्यालय) और सर्वाेत्तम दृष्टि बाधित नियोक्ता की श्रेणी में बालोद जिले के खेमराज जनकल्याण संस्था समिति को दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कृत लोगों और संस्थाओं को सम्मान राशि का चेक, शील्ड, प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

    राज्य स्तरीय समारोह में समाज कल्याण मंत्री ने किया सम्मान

    इस अवसर पर दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में रोशन करने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित संस्था ब्रेल प्रेस, बिलासपुर और नुक्कड़ टी-कैफे वेंचर्स एलएलपी, रायपुर को भी सम्मानित किया गया। इसके साथ उत्कृष्ठ कार्यसंपादन, नवाचार और योजनाओं के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए विभागीय उपसचिव राजेश तिवारी, कोरोना काल में लॉकडाउन के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए बिलासपुर के समाजसेवी मंजीत सिंह अरोरा और छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम रायपुर को भी सम्मानित किया गया।

    राज्य स्तरीय समारोह में समाज कल्याण मंत्री ने किया सम्मान

    इस अवसर पर 122 दिव्यांगजनों को विभागीय योजनाओं निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, परिवार सहायता योजना और राज्य छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित करते हुए 37.44 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक दिया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और उत्थान सब्सिडी से भी लाभान्वित किया गया।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीती रात दुर्ग के धमधा नाका रेलवे ब्रिज पर हुए सड़क हादसे में 4 व्यक्तियों की मृत्यु पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    आवागमन की सुविधा सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बारहमासी सड़क की सुविधा मिलने से गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी जरूरी सुविधा का लाभ उठाने आसान हो जाता है। व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलता है। राज्य शासन ने विगत तीन वर्षों में आवागमन की सुविधा को बढ़ाने के लिए पुल-पुलिया व सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के सेमरदर्री-पसान मार्ग में सुखाड़ नाला पर उच्च स्तरीय पुल सह पहुंच मार्ग बनने से 7 गांवों के 9 हजार लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल रही है। कंचनडीह-बारीउरांव मार्ग में सोन नदी पर पुल सह पहुंच मार्ग बनने से 10 गांवों के 12 हजार से अधिक ग्रामीणों को और बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग में गौरेला के पास ओवरब्रिज से निर्बाध यातायात की सुविधा मिल रही है।

    सुखाड़ नाला पर पुल के बन जाने से मरवाही से पसान (कोरबा) की दूरी 10 किलोमीटर कम हो गई है। पहले लोगों को मरवाही से कोटमी होते हुए पसान जाना पड़ता था, जिसकी दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। अब सीधे मरवाही से सेमरदर्री होते हुए पसान जाने की सुविधा उपलब्ध हो गयी है। यह उच्च स्तरीय पुल 5.29 करोड़ रूपए की लागत से 14 जून 2021 को बनकर तैयार हुआ है। पुल की लम्बाई 135 मीटर है। पुल के बननेे से मरवाही सहित आसपास के गांव बंसीताल, दानीकुंडी, सेेमरदर्री, मगुरदा, करगीकला एवं मटियाडांड के ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल रही है। वहीं कंचनडीह-बारीउरांव मार्ग में सोन नदी पर 2.11 करोड़ रूपये की लागत के पुल सह पहुंच मार्ग से 10 गांवों के लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर गौरेला के पास निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से 76.81 करोड़ रूपये की लागत से 2315 मीटर लंबाई के रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसमें 2234 मीटर पहुंच मार्ग, रिटेनिंग वॉल आदि का निर्माण किया गया है। इस रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण से रेलवे क्रॉसिंग पर आवागमन बाधित नहीं होगी और यातायात सुचारू रूप से जारी रहेगा।

    जगदलपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल अनुसूईया उइके के तीन दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर पहुंचने पर स्थानीय मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत किया गया।
    एयरपोर्ट में महापौर सफीरा साहू पूर्व मंत्री अरविंद नेताम, केदार कश्यप, महेश गागड़ा, लता उसेंडी, कमिश्नर श्याम धावड़े, बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसके सिंह, पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज,मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने राज्यपाल उइके का आत्मीय स्वागत किया।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल अनुसुईया उइके के तीन दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर पहुंचने पर स्थानीय मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    स्वदेश निर्मित ट्रेन टक्कर सुरक्षा प्रणाली ‘कवच' का परीक्षण 4 मार्च को सिकंदराबाद में किया जाएगा जिसमें दो ट्रेन पूरी गति के साथ विपरीत दिशा से एक दूसरे की तरफ बढ़ेंगी. रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एक ट्रेन में रेल मंत्री सवार होंगे, तो दूसरी ट्रेन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन मौजूद रहेंगे, लेकिन ‘कवच' के कारण ये दोनों ट्रेन टकराएंगी नहीं.
    'कवच' को रेलवे द्वारा दुनिया की सबसे सस्ती स्वचालित ट्रेन टक्कर सुरक्षा प्रणाली के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. ‘शून्य दुर्घटना' के लक्ष्य को प्राप्त करने में रेलवे की मदद के लिए स्वदेशी रूप से

    विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा  प्रणाली का निर्माण किया गया. कवच को इस तरह से बनाया गया है कि यह उस स्थिति में एक ट्रेन को स्वचालित रूप से रोक देगा, जब उसे निर्धारित दूरी के भीतर उसी लाइन पर दूसरी ट्रेन के होने की जानकारी मिलेगी.

    वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस डिजिटल प्रणाली के कारण मानवी त्रुटियों जैसे कि लाल सिग्नल को नजरअंदाज करने या किसी अन्य खराबी पर ट्रेन स्वत: रुक जायेगी। अधिकारियों ने कहा कि कवच के लगने पर संचालन खर्च 50 लाख रुपये प्रति किलोमीटर आएगा, जबकि वैश्विक स्तर पर इस तरह की सुरक्षा प्रणाली का खर्च प्रति किलोमीटर करीब दो करोड़ रुपये है.

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सनतनगर-शंकरपल्ली मार्ग पर सिस्टम के परीक्षण का हिस्सा बनने के लिए सिकंदराबाद पहुंचेंगे. अधिकारी ने कहा, ‘‘रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष चार मार्च को होने वाले परीक्षण में भाग लेंगे. हम दिखाएंगे कि टक्कर सुरक्षा प्रणाली तीन स्थितियों में कैसे काम करती है - आमने-सामने की टक्कर, पीछे से टक्कर और खतरे का संकेत मिलने पर.
    ‘कवच' प्रणाली में उच्च आवृत्ति के रेडियो संचार का उपयोग किया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक- कवच एसआईएल -4  के अनुरूप है जो किसी सुरक्षा प्रणाली का उच्चतम स्तर है. एक बार इस प्रणाली का शुभारंभ हो जाने पर पांच किलोमीटर की सीमा के भीतर की सभी ट्रेन बगल की पटरियों पर खड़ी ट्रेन की सुरक्षा के मद्देनजर रुक जाएगी. कवच को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति के लिए अनुमोदित किया गया है.

    नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

    लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. इस मामले में अब 11 मार्च को सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वो इलाहाबाद हाईकोर्ट को सूचित करे कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले को जब्त कर लिया है. दरअसल CJI एन वी रमना की बेंच को प्रशांत भूषण ने बताया था कि मिश्रा को जमानत मिलने के बाद अन्य आरोपी भी हाईकोर्ट पहुंच रहे हैं और ऐसे में इसे रोका जाना चाहिए.

    इस मामले में किसानों के पीड़ित परिवार भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत देने के फैसले को चुनौती दी गई है. कार से कुचले गए मृतक किसानों के परिवार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं.

    वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि परिवार के सदस्यों को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर किया गया है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने में विफल रही है. आदेश के गुण-दोष पर याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय मिश्रा के खिलाफ बड़े सबूतों पर विचार नहीं किया क्योंकि उसके खिलाफ चार्जशीट रिकॉर्ड में नहीं लाई गई. हाईकोर्ट ने अपराध की जघन्य प्रकृति, चार्जशीट में आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत, पीड़ित और गवाहों के संदर्भ में आरोपी की स्थिति की संभावना पर विचार किए बिना जमानत दी थी. आरोपी न्याय से भाग रहा है और अपराध को दोहरा रहा है. साथ ही उसके न्याय के रास्ते में बाधा डालने की संभावना है.

    याचिका में यह भी कहा गया है कि पीड़ितों को संबंधित सामग्री को हाईकोर्ट के संज्ञान में लाने से रोका गया क्योंकि उनके वकील 18 जनवरी, 2022 को जमानत मामले की सुनवाई से अलग हो गए थे. याचिका में कहा गया है कि वकील मुश्किल से कोई दलील दे सके और दोबारा कनेक्ट होने के लिए कोर्ट स्टाफ को बार-बार कॉल करने से कोई फायदा नहीं हुआ और पीड़ितों द्वारा हाईकोर्ट में प्रभावी सुनवाई के लिए दायर अर्जी खारिज कर दी गई.

    इससे पहले आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत को चुनौती देने के लिए एक और अर्जी दाखिल की गई थी, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के जमानत देने के फैसले पर रोक की मांग की गई थी. यह अर्जी सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता वकील शिव कुमार त्रिपाठी और CS पांडा ने दाखिल की है.

    मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा आशीष मिश्रा जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गया है. किसानों को अपनी जीप से कुचलने के आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जमानत मिल गई थी. आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में उत्तर प्रदेश की एसआईटी ने 5 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है. उन्होंने कहा है कि यह भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि स्थायी विकास केवल सतत ऊर्जा स्रोतों से ही संभव है. इथेनॉल मिलाने के काम को ‘मिशन मोड' पर रखा गया, हमें अपनी चीनी मिल और भट्ठियों को और आधुनिक बनाने की आवश्यकता है.

    उन्होंने कहा है कि घरेलू उपकरणों सहित अधिक ऊर्जा कुशल उपकरण बनाने की दिशा में काफी कुछ करने की जरूरत है. अक्षय ऊर्जा शक्ति की पर्याप्त उपलब्धता से भारत को फायदा मिलता है, यह हरित हाइड्रोजन का वैश्विक केन्द्र बन सकता है. घरेलू उपकरणों सहित अधिक ऊर्जा कुशल उपकरण बनाने की दिशा में काफी कुछ करने की जरूरत है.

    बता दें कि इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है. इसे पेट्रोल में मिलाकर वाहनों में इंधन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. इथेनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होती है. लेकिन इसे अन्य फसलों की मदद से भी बनाया जा सकता है. केंद्र सरकार इथेनॉल उत्पादन पर लगातार फोकस कर रही है.

    बेंगलुरु /शौर्यपथ/

    यूक्रेन में मारे गए छात्र नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौड़ा का परिवार जहां उसके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहा है, वहीं कर्नाटक बीजेपी के एक विधायक ने एक शर्मनाक और विवादित बयान दिया है. विधायक ने कहा है कि "एक डेड बॉडी फ्लाइट में अधिक जगह घेरती है."

    कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बीजेपी विधायक अरविंद बेलाड ने कहा कि विमान में एक ताबूत के बजाय, लगभग आठ से 10 लोगों को बैठाया जा सकता है. वह इस अनिश्चितता पर सवालों का जवाब दे रहे थे कि नवीन के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर हावेरी में कब लाया जाएगा?

    बेलाड ने संवाददाताओं से कहा, "सरकार नवीन के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है. यूक्रेन एक युद्ध क्षेत्र है और हर कोई इसके बारे में जानता है, प्रयास किए जा रहे हैं और यदि संभव हुआ तो शव को वापस लाया जाएगा."

    बीजेपी नेता ने कहा, "जब जीवित लोगों को वापस लाना चुनौतीपूर्ण है, तब मृतक को वापस लाना तो और भी कठिन हो गया है क्योंकि एक लाश फ्लाइट में अधिक जगह घेरेगी. उसकी जगह 8 से 10 लोगों को फ्लाइट में समायोजित किया जा सकता है."

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवीन के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

    नवीन के पिता शेखरप्पा ज्ञानगौड़ा ने बुधवार को एनडीटीवी को बताया था कि उन्हें सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनके बेटे का शव "दो दिनों के भीतर" घर लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई दोनों से अपने बेटे के शव को लाने में मदद करने का अनुरोध किया था.

    दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/

    सड़कों के निर्माण से विकास का पहिया चल पड़ा

    शासन द्वारा जनजाति और सुदूर अंचल क्षेत्रों में आवागमन सुविधा को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। जिले के अतिसंवेदनशील एवं नक्सल प्रभावित तथा दुरस्थ अचंल के ग्रामों में आवागमन की असुविधा को ध्यान में रखते हुये, जिला प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न मार्गाे का निर्माण किया गया। जिसके लिए विभाग को वहां तक पहुंचने मे कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा कभी नक्सलियों का भय था तो कभी जंगली जानवर नदी-पहाड़ का खतरा लेकिन अपने इरादों को मजबूत करते हुए सड़क का निर्माण में लगे रहे जिसके फलस्वरूप अंदरूनी क्षेत्र के गांव भी जिला मुख्यालय से जुड़ गये है। लोक निर्माण विभाग द्वारा आर. आर. पी-2 योजनान्तर्गत जिला दंतेवाड़ा के कारली से अलीयन्चा मार्ग लंबाई 5.60 कि.मी. पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य की लागत राशि 461.17 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य लंबाई 5.60 कि.मी. पूर्ण कर लिया गया है। कमेली- दुगेली मार्ग लम्बाई 7.00 कि.मी. पुल-पुलिया सहित चौड़ीकरण कार्य दन्तेवाड़ा अन्तर्गत सड़क निर्माण कार्य की लागत राशि 300.33 की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में 7.00 किमी डामरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया। उक्त मार्ग के पूर्ण होने से दन्तेवाड़ा जिला मुख्यालय से सीधे आवागमन तथा इस क्षेत्र के आम जनता लाभान्वित हो रहे हैं।

    मार्ग के पूर्ण होने से जिला मुख्यालय से सीधे आवागमन की सुविधा हुई तथा इस क्षेत्र के आम जनता लाभान्वित हो रहे हैं। कटेकल्याण-कापानार मार्ग संम्बाई 2.80 कि.मी. चौड़ीकरण कार्य दन्तेवाड़ा अन्तर्गत सड़क निर्माण कार्य के लिए 251.78 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में सड़क कार्य 2.80 कि.मी. पूर्ण कर लिया गया है। उक्त मार्ग के पूर्ण होने से दन्तेवाड़ा से कटेकल्याण होते हुए तीरथगढ़ जलप्रपात व जगदलपुर जिला आवागमन जुड़ जाने से तथा दन्तेवाड़ा सुकमा एवं जगदलपुर के आम जनता लाभान्वित हो रहे हैं।

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