August 12, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    रायपुर /शौर्यपथ/

    शहर के लोगों को मिलेगी ट्रेफिक जाम से मुक्ति

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर में 107 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित तिफरा फ्लाईओव्हर ब्रिज का फीता काटकर लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री बघेल लोकार्पण के बाद कुछ दूर पैदल चलकर फ्लाईओव्हर ब्रिज का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी और उनका अभिवादन स्वीकार किया। छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य करमा की रंगारंग प्रस्तुति के साथ बिलासपुरवासियों को तिफरा फ्लाईओवर ब्रिज की सौगात मिली। बिलासपुर-रायपुर रोड स्थित तिफरा में नये फ्लाई ओवर ब्रिज के बन जाने से महाराणा प्रताप चौक और तिफरा छोर में जाम से मुक्ति मिल जाएगी।

    शहर के लोगों को मिलेगी ट्रेफिक जाम से मुक्ति

    रायपुर मार्ग को बिलासपुर शहर से जोड़ने वाले इस ब्रिज से शहरवासियों के साथ ही साथ उन तमाम राहगीरों को भी राहत मिलेगी, जो एन.एच. 130 का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं। बिलासपुर-रायपुर मार्ग में काफी लंबे समय से तिफरा रेलवे क्रासिंग में व्यवस्थित और चौड़े फ्लाईओवर ब्रिज की ज़रूरत महसूस की जा रही थी। तिफरा छोर से स्वर्गीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज तक 1620 मीटर की लंबाई में तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया गया है। इस रेलवे क्रासिंग पर पहले भी एक ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया था, लेकिन ब्रिज के सामने ही चौक होने और ब्रिज की चौड़ाई कम होने के कारण चौक के चारों ओर तथा ब्रिज में आए दिन जाम का सामना करना पड़ता था। नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओवर से शहरवासियों को भीड़-भाड़ से मुक्ति मिलेगी तथा चौक पर जाम लगने की समस्या में भी कमी आएगी। लोकार्पण समारोह में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    बिलासपुर में 357 करोड़ रूपए के विकास कार्याे का हुआ लोकार्पण भूमिपूजन अरपा नदी को स्वच्छ बनाने हरसंभव प्रयास होंगे बिलासपुर से रात में भी हवाई उड़ान के लिए प्रयास जारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि अरपा बिलासपुर की जीवनदायिनी नदी है। राजगीत का पहला शब्द भी अरपा से शुरू होता है। इसको बचाने के लिए सभी लोगों और संस्थाओं के साथ राज्य सरकार भी चिंतित है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि अरपा बिलासपुर की जीवनदायिनी नदी है। राजगीत का पहला शब्द भी अरपा से शुरू होता है। इसको बचाने के लिए सभी लोगों और संस्थाओं के साथ राज्य सरकार भी चिंतित है। नदी के जल को शुद्व रखने और इसके सौंदर्यीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किया जायेगा। धन की कमी आड़े नहीं आयेगी। बघेल आज यहां बिलासपुर के शास्त्री स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बाते कहीं। इससे पूर्व उन्होंने बिलासपुर जिले में 353 करोड़ से ज्यादा की लागत वाले 97 विकास एव निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया।

    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि काफी प्रयासों के बाद बिलासपुर में हवाई सेवा शुरू हुई है। यहां से अभी केवल दिन में दो-तीन स्थानों के लिए फ्लाईट सुविधा उपलब्ध है। इसके विस्तार की जरूरत है। लेकिन बगल में सेना की जमीन होने के कारण अनुमति नहीं मिल पाई है। अनुमति मिलने के बाद जरूरी सुविधाएं विकसित करके रात में भी उड़ान शुरु करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बिलासपुर सांसद को इस में मदद करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ का दूसरा बड़ा शहर है। न्यायधानी एवं संस्कारधानी का दर्जा इसे प्राप्त है। सबके सहयोग एवं साथ लेकर शहर को सुन्दर बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने के लिए पुराने स्कूल बंद नहीं किये जाएंगे। पुराने स्कूल भी चलते रहेंगे, जरूरत पड़ी तो कक्षाएं दो पारी में संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा आगामी 5 सालों में 5 लाख लोगों को नौकरी दी जायेगी। इसके लिए कार्य-योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि चालू सीजन में किसानों से 98 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की गई है। इससे किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। संपूर्ण भारत में छत्तीसगढ़ पहला प्रदेश है जो कि ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूरों को 6 हजार रूपये प्रतिवर्ष मदद दे रही है। भूमिहीन परिवारों को योजना के तहत प्रथम किस्त की राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे गोधन न्याय योजना की पूरे देश में चर्चा हो रही है। केन्द्र सरकार भी इसी तर्ज पर योजना चलाने पर विचार कर रही है। गौठानों में स्व-सहायता समूह की महिलाएं दीया, पेण्ट, गमला, गौकाष्ठ आदि घरेलू सामान बनाकर आमदनी अर्जित कर रही हैं। महिलाएं इन गौठानों में बिजली पैदा करने का उद्यम कर रही है।

    कार्यक्रम को नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, नेता प्रतिपक्ष  धरमलाल कौशिक, सांसद अरूण साव, विधायक शैलेश पाण्डेय और महापौर रामशरण यादव ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने प्रतिवेदन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले तीन साल में हुए जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं भावी कार्य-योजना पर प्रकाश डाला। तीन बरस की विकास उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी इस अवसर पर प्रदर्शित की गई। संसदीय सचिव रश्मि आशीष सिंह ने आभार प्रकट किये।
    कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, रजनीश सिंह, छग पर्यटन मण्डल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, महापौर रामशरण यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान, निगम सभापति शेख नजीरूद्दीन बिलासपुर के कमिश्नर डॉ संजय अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, एसपी पारूल माथुर सहित निगम के पार्षद, पंचायत प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बिलासपुर आगमन पर डीपीएस हेलीपेड

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बिलासपुर आगमन पर डीपीएस हेलीपेड तिफरा पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान राजस्व एवं जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया, संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक रश्मि आशीष सिंह, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, महापौर बिलासपुर रामशरण यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर अरूण सिंह चौहान, नगर निगम के सभापति शेख नज़रुद्दीन, पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, नागरिक सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, संभागायुक्त डॉ संजय अलंग, कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर सहित  विजय केशरवानी, विजय पाण्डेय, राजेन्द्र शुक्ला, अभय नारायण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी की 26 फरवरी को जयंती पर उन्हें नमन किया है। बघेल ने उन्हें याद करते हुए कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती जी का सामाजिक योगदान अविस्मरणीय हैं। उन्होंने लोगों के कल्याण और उनकी शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति के लिए काम किया। महर्षि दयानन्द ने सामाजिक कुरीतियों, अन्धविश्वासों, पाखण्डों का खुलकर विरोध किया। आध्यात्मिक पुनरुत्थान के माध्यम से राष्ट्रीय जागरण की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे से आज यहां दोपहर उनके निवास कार्यालय में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने सौजन्य मुलाकात की। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने डॉक्टर चंदेल को उनके नवीन पद एवं दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के नए कुलपति के रूप में डॉ. चंदेल के मार्गदर्शन में राज्य में कृषि के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उन्नत खेती को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री  चौबे ने इस अवसर पर कुलपति डॉ.चंदेल से कृषि के क्षेत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकताओं, विशेषकर छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप सुराजी गांव योजना- नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के संबंध में विस्तार से चर्चा की और कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बीते 3 सालों में यहां कृषि के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आया है। राज्य जैविक और रिजेनरेटिव खेती की ओर बढ़ रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से इसमें और तेजी लाने की जरूरत है।

    यहां यह उल्लेखनीय है कि कल 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा डॉ. चंदेल की नियुक्ति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर की गई है। इससे पूर्व वह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में डिपार्टमेंट ऑफ प्लांट मॉलिक्यूलर बॉयोलॉजी एवं बॉयोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे हैं। डॉ चंदेल, देश के प्रख्यात पौध प्रजनक और जैव प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर को 107.49 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओव्हर सहित व्यापार विहार स्मार्ट रोड और प्लेनेटोरियम की सौगात दी। बघेल ने बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर शहर और बिलासपुर जिले के लिए लगभग 353 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत के 97 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में से 277 करोड़ 31 लाख रूपए की लागत के 62 कार्यों का लोकार्पण और 76 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन किया।

    मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें 107 करोड़ 49 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर-रायपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक पर नवनिर्मित तिफरा फ्लाईओव्हर, 36 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर विश्वविद्यालय में निर्मित अकादमी भवन, पहुच मार्ग तथा बाउंड्रीवॉल, 28 करोड़ 48 लाख रूपए की लागत से तिफरा में पुलिस कर्मचारियों के लिए निर्मित 264 आवास, 26 करोड़ 83 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा व्यापार विहार स्मार्ट रोड महाराणा प्रताप चौक से तारबहार चौक तक निर्मित स्मार्ट रोड और 6 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत से व्यापार विहार में निर्मित प्लेनेटोरियम शामिल हैं।

    इसी प्रकार मुख्यमंत्री बघेल ने बिलासपुर में जिन प्रमुख कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 10 करोड़ 89 लाख रूपए की लागत से पुराना बस स्टैंण्ड, बिलासपुर में बनने वाली स्वचालित मल्टी लेबल कार पार्किंग, 9 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर स्मार्ट सिटी में स्थापित की जाने वाली जीआईएस समाधान प्रणाली के क्रियान्वयन से संबंधित कार्य, 5 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से मंगला भैंसाझार से दीनदयाल कॉलोनी, लोखण्डी रेलवे गेट तक बनने वाली 3.5 किलोमीटर 02 लेन सड़क, 4 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कोटा विकासखण्ड में 31.45 किलोमीटर लम्बाई की 9 सड़कों के नवीनीकरण कार्य तथा 3 करोड़ 77 लाख रूपए की लागत से बिलासपुर में विभिन्न सड़कों के लिए सौर प्रावधान के साथ मौजूदा स्ट्रीट और सहायक रोशनी की दोहरी फीड में परिवर्तित करने के लिए हाइब्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद छाया वर्मा, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक शैलेष पाण्डेय और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज बन जाने से शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति

    तिफरा का नये फ्लाई ओवर ब्रिज के बन जाने से महाराणा प्रताप चौक और तिफरा छोर में जाम से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही रायपुर मार्ग को बिलासपुर शहर से जोड़ने वाले इस ब्रिज से शहरवासियों के साथ ही साथ उन तमाम राहगीरों को भी राहत मिलेगी, जो एनएच 130 का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं। बिलासपुर-रायपुर मार्ग में काफी लंबे समय से तिफरा रेलवे क्रासिंग में व्यवस्थित और चौड़े फ्लाईओवर ब्रिज की ज़रूरत महसूस की जा रही थी। तिफरा छोर से स्वर्गीय जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज तक 1620 मीटर की लंबाई में तिफरा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण 107 करोड़ 49 लाख रूपये की लागत से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया गया है। इस रेलवे क्रासिंग पर पहले भी एक ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया था, लेकिन ब्रिज के सामने ही चौक होने और ब्रिज की चौड़ाई कम होने के कारण चौक के चारों ओर तथा ब्रिज में आए दिन जाम का सामना करना पड़ता था।

    स्मार्ट रोड के बनने से व्यापार विहार में सुगम होगा यातायात

    बिलासापुर शहर में महाराणा प्रताप चौक से तारबाहर चौक तक बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 26 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट रोड का निर्माण किया गया है। संभाग के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र होने की वजह से इस मार्ग में भारी वाहनों का आवागमन हमेशा लगे रहता है लेकिन पूर्व में इस मार्ग के अव्यवस्थित होने की वजह से हमेशा ट्रैफिक और जाम की समस्या बनी रहती थी। फोरलेन स्मार्ट रोड के बन जाने से व्यापार विहार में व्यापारिक परिवहन सहज और सुगम होगा।

    मनोरंजन और ज्ञान के केन्द्र प्लेनेटोरियम की मिली सौगात

    बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा साढ़े तीन एकड़ में 6 करोड़ 77 लाख रूपये की लागत से डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्लेनेटोरियम का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका लोकार्पण किया। इस प्लेनेटोरियम में शहरवासियों को दिन में ही आकाशीय नज़ारे के अवलोकन के साथ ही साथ विज्ञान तथा खगोलशास्त्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। दो सौ लोगों की बैठक क्षमता वाले इस प्लेनेटोरियम में आगंतुकों के लिए फोर के सिंगल टेक्नोलॉजी का प्रोजेक्टर लगाया गया है, इसके अलावा प्लेनेटोरियम परिसर में ऑक्सीजोन का भी निर्माण किया गया है। प्लेनेटोरियम पहुंचने वाले आगंतुको की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पहुंच मार्ग का भी निर्माण किया गया है।

    हेल्दी टिप्स /शौर्यपथ/

    लाल रसीले गाजर आपकी सेहत और स्किन दोनों के लिए ही बेहद फायदेमंद होते हैं. गाजर में विटामिन के, ए, सी, फाइबर, पौटेशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे कई सारे पोषक तत्व होते हैं. गाजर में मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. इसके साथ ही दिल और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए भी ये आपको ताकत देता है. लाइफस्टाइल कोच ल्यूक कॉटिन्हो ने इंस्टाग्राम पर गाजर के फायदे बताते हुए इसे खाने का सही तरीका भी बताया है. साथ ही, उन्होंने बताया है कि किस बीमारी में गाजर कैसे खाना चाहिए.

    डायबिटीज के मरीज न पिएं अधिक जूस

    कॉटिन्हो की राय है कि मधुमेह के रोगियों को गाजर का रस बहुत अधिक नहीं पीना चाहिए. ऐसे मरीजों को एक सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए. उनके अनुसार ज्यादा से ज्यादा एक मग रस वे पी सकते हैं.

    दांतों और लीवर के लिए भी वरदान

    ल्यूक कॉटिन्हो का कहना है कि गाजर खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे चबाकर खाएं. इस तरीके को अपनाकर गाजर खाते हैं तो आपके दांत तो मजबूत होंगे ही आपके लीवर के लिए भी ये फायदेमंद है. वहीं उनका कहना है कि गाजर का जूस बनाते वक्त फाइबर को अलग न करें बल्कि इसके साथ ही जूस तैयार करें. हालांकि, कॉटिन्हो का ये भी कहना है कि भले ही ये सेहत का खजाना हो लेकिन अगर आपको सूट न करें तो आप गाजर का सेवन न करें.

    ऐसे बना सकते हैं गाजर का जूस

    ल्यूक कॉटिन्हो के मुताबिक, गाजर के जूस में आप कुछ ड्राई पारसले भी ऐड कर सकते हैं. इसके साथ आप एक या दो बूंद जैतून या नारियल का तेल मिला लें. इसमें चुकंदर, खीरा, लहसुन, अदरक और काली मिर्च डाल लें. इस जूस को बिना छाने फाइबर के सहित पिएं.

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    आलिया भट्ट की 'गंगूबाई काठियावाड़ी' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म में आलिया भट्ट के अलावा अजय देवगन, विजय राज और शांतनु महेश्वरी भी हैं. फिल्म को संजय लीला भंसाली ने अपने क्लासिक अंदाज में बनाया है, और उनका टच फिल्म में साफ नजर भी आता है. लेकिन फिल्म के एक्टर्स को कितनी फीस मिली है, यह भी इन दिनों चर्चा में हैं. मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि आलिया भट्ट को इस फिल्म से इतनी फीस मिली है कि उन्हें अपने दौर की सबसे महंगी एक्ट्रेसेस में शामिल किया जा सकता है.

    संजय लीला भंसाली की 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में आलिया भट्ट लीड रोल में हैं. उनके काम की तारीफ भी की जा रही है. मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्हें गंगूबाई के किरदार के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की फीस दी गई है. वहीं, हम अजय देवगन को मिले पैसे की बात करें तो वह फिल्म में कैमियो कर रहे हैं. लेकिन इस कैमियों के लिए भी अजय देवगन ने 11 करोड़ रुपये जैसी मोटी रकम झटक ली है. फिल्म में अहम किरदार निभा रहे विजय राज को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये अदा किए हैं जबकि शांतनु महेश्वरी को उनके रोल के लिए 50 लाख रुपये मिले हैं.

    बता दें कि गंगूबाई काठियावाड़ी में अपने रोल को लेकर की गई रिसर्च के बारे में आलिया भट्ट ने बताया था कि वे कभी भी किरदारों के लिए गहराई में जाकर रिसर्च नहीं करतीं. उन्हें ऑन द स्पॉट खुद को किरदार में ढालना पसंद है. आलिया भट्ट से जब पूछा गया कि खुद को किरदार में ढालने के लिए उन्होंने कहीं से प्रेरणा ली या वे पूरी तरह डायरेक्टर पर निर्भर थीं. इस पर आलिया ने बताया था, 'नहीं, मैं खुद के क्रिएटिव जोन में रहकर चीजें करना पसंद करती हूं. सर ने मुझे शूट से पहले कुछ डॉक्युमेंट्रीज भेजी थीं, सिर्फ ये देखने के लिए कि जो सेक्स वर्कर्स होते हैं, जो इस सिचुएशन में लाए जाते हैं, उनके चेहरे पर कितनी इंटेंसिटी और हार्डनेस होती है. वो बस ऑब्जर्व करने के लिए मुझे वीडियो दिया था.'

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में गोमूत्र के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित उपयोग की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राज्य के कृषि वैज्ञानिकों, गोमूत्र का रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के बदले उपयोग करने वाले कृषकों तथा कामधेनु विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से चर्चा कर कृषि में गोमूत्र के वैज्ञानिक उपयोग की संभावनाओं के संबंध में कार्ययोजना तैयार कर दो सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि रासायनिक खादों एवं विषैले कीटनाशकों के निरंतर प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति निरंतर कम होती जा रही है। खेती में रसायनों के अत्यधिक उपयोग से जनसामान्य के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। राज्य के गौठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का उपयोग आरंभ करने के सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं और छत्तीसगढ़ ऑर्गेनिक एवं रिजनरेटिव खेती की ओर आगे बढ़ रहा है। इसी तरह कृषि में जहरीले रसायनों के उपयोग के विकल्प के रूप में श्गोमूत्रश् के उपयोग की अपार संभावनायें हैं। राज्य के ही कुछ स्थानों में गोमूत्र के सफलतापूर्वक उपयोग के उदाहरण मौजूद है।

    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि गोमूत्र के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के पूर्व इस दिशा में अब तक देश में हुए शोध का संकलन भी किया जाना चाहिए।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    यूक्रेन में मौजूद छत्तीसगढ़ राज्य के नागरिकों एवं छात्रों की सहायता हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर दिल्ली में हेल्प सेंटर गठित किया गया है। यूक्रेन में उत्पन्न संकट को ध्यान में रखते हुए वहां प्रवासित छत्तीसगढ़ के लोगों की सहायता एवं समन्वय के लिए छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली आवासीय आयुक्त कार्यालय के सम्पर्क अधिकारी डॉ. गणेश मिश्र को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। डॉ. मिश्र के दूरभाष क्रमांक-011-46156000, मोबाईल नम्बर 99970-60999 एवं फेक्स नम्बर-011-46156030 से सम्पर्क कर छत्तीसगढ़ के नागरिक इस हेतु सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यूक्रेन का वर्तमान संकट चिन्ता का विषय है। यूक्रेन में 20 हजार विद्यार्थी फंसे हुए हैं, उसमें छत्तीसगढ़ राज्य के भी हैं। उनकी मदद के लिए दिल्ली में हमने हेल्प सेंटर प्रारंभ किया है, वहां लोग लगातार सम्पर्क कर रहे हैं। हम हर स्तर पर मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत सरकार और विदेशी दूतावास से लगातार सम्पर्क में हैं कि हम अपने विद्यार्थियों को कैसे छत्तीसगढ़ वापस ला सकें। कूटनयिक चर्चा तो भारत सरकार को करनी होगी। राज्य शासन की ओर से हमने इसके लिए अधिकारी नियुक्त किया है और लगातार सम्पर्क में हैं।

    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केन्द्र शासन से भी समन्वय बनाकर छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्य भारतीय विदेश मंत्रालय के सहयोग और समन्वय के बिना सम्भव नहीं है। फिलहाल केन्द्र सरकार द्वारा यूक्रेन में मौजूद भारतीय नागरिकों को अपने-अपने स्थानों में सुरक्षित रूप से बने रहने की सलाह दी गई है।

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