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दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट
कोंडागांव, शौर्यपथ। कोंडागांव जिला मुख्यालय में एक ऐसे अधिकारी भी मौजूद है, जो हर छोटे से छोटे त्यौहार कहे या बड़े त्यौहार हमेशा जिले के हर खाद्य दुकान चाहे वो किराना हो फल या फिर होटल हो वहाँ पहुँच जाते है और खाद्य सामग्रियों का सेंपल तो जरूर लेते है पर सेम्पल ले जाने के पश्चात कभी वापस यह नहीं बताते की आप की सामग्री अच्छी है या बुरी या इन खाने के चीजों में यह कमियां पाई गई है ।
कोंडागांव के फ़ूड सेफ्टी खाद्य सुरक्षा अधिकारी डी के देवांगन अब चर्चा का विषय बन के रह गए है एक वर्ष होने होने को है दीपों का त्यौहार दीपावली पुनः आने वाली है। आपको बता दें कि खाद्य अधिकारी डी के देवांगन के द्वारा रक्षा बंधन पर भी औचक निरक्षण कर सभी दूकानों का सेम्पल लिया गया था मगर किसी भी दुकानदार को अब तक यह नहीं बताया गया कि आप की खाद्य में अनियमितता प्राप्त हुआ है या नहीं।
चर्चा में क्यों है फ़ूडसेफ्टी ऑफिसर
सुत्रो की माने तो हर त्यौहार में इनके द्वारा सेम्पल लिया जाता है एक साल बीतने वाला है फिर 30 दिनों बाद दीपावली का त्यौहार आने को है मगर अब तक महोदय द्वारा सेफ्टी कैप व सेफ्टी दस्ताना पहनवाने में असफलता हासिल किया है एक साल पहले से कई जगहों का निरीक्षण करते हुए सेम्पल लिया गया मगर अब तक किसी के ऊपर कार्यवाही न किया गया न ही किसी को नहीं बताया गया कि कितनी अनियमितता हासिल हुई है जिससे उनके कार्यशैली पर सवाल खड़े होते नजर आ रहे है ।
कुछ समय पहले भी शौर्यपथ की टीम के द्वारा उनसे रिकार्डडेट सवाल कैमरा चालू कर पूछा गया था कि कितने प्रतिष्ठानो को नोटिस जारी किया गया सेफ़्टी के नाम पे और कितने पर कार्यवाही की गई। पर जनाब ने बातों को काटा और दिखाता हु कह कर कैमरा बंद करा दिया गया । मगर अंत तक नोटिस नहीं दिखाया गया ।
क्या है सवाल
फ़ूडसेफ्टी ऑफिसर दीपक कुमार देवांगन के ऊपर अब सवाल खड़े हो रहे है कि एक साल बीत जाने के पश्चात भी अब तक असफलता क्यों हाथ लगी।
क्यों बीच बीच मे दुकानदारों से सेंपल लेने के पश्चात भी परिणाम सामने नही आया, क्यों उन्हें अवगत नही कराया गया। या सिर्फ खाना पूर्ति कर दिखावे की कार्यवाही कर औचक निरीक्षण करते धौस जमाते घूमने का कार्य ही होता रहा है।
जगदलपुर, शौर्यपथ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर में मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर आत्मीय स्वागत किया गया। वे धुरवा समाज और माहरा समाज के भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप भी पहुंचे हैं।
हवाई अड्डे पर वन मंत्री केदार कश्यप, ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप,पूर्व विधायक संतोष बाफना, महेश गागड़ा, डॉ सुभाऊ कश्यप, लच्छू कश्यप, बैदूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदर राज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन ने स्वागत किया।
By - नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। नवरात्र एवं बस्तर दशहरा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की दंतेवाड़ा पैदल यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने बस्तर पुलिस व यातायात विभाग ने सराहनीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के पर्यवेक्षण में शनिवार को परिवहन संघ सभागार, झाडेश्वर समिति नगरनार व बस स्टैंड जगदलपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर ट्रक मालिक, 300 ट्रक चालक व लगभग 100 ऑटो चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। यातायात डीएसपी संतोष जैन, प्रभारी मधुसूदन नाग व टीम ने चालकों से अपील की कि वे नियंत्रित गति में वाहन चलाएं, ओवरस्पीड व ओवरटेक से बचें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा थकान होने पर विश्राम करें। साथ ही रात्रि में श्रद्धालु मार्ग पर परिवहन रोकने और वाहन की सभी लाइट चालू हालत में रखने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान सड़क के बाएं किनारे चलें, सड़क पर बैठकर विश्राम करने से बचें तथा सुरक्षित कैंपों का उपयोग करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस पेट्रोलिंग वाहन या आपातकालीन नंबर से तुरंत सहायता लें।
श्रद्धालुओं व वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर यातायात विभाग का यह सतत प्रयास जनहित में सराहनीय माना जा रहा है। “सुरक्षित सफर ही सुरक्षित जीवन” का संदेश पूरे जिले में जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।
दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट | शौर्य पथ | कोंडागांव
कोंडागांव बस स्टैंड स्थित नेशनल हाइवे पर गुरुवार 17 सितम्बर की दोपहर एक गंभीर घटना ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। एक बिना नंबर प्लेट की बुलेरो ने लापरवाही से चलते हुए एक दोपहिया वाहन चालक को ठोकर मार दी। हादसे के बाद यह सामने आया कि बुलेरो चालक के पास न तो कोई दस्तावेज था और न ही वाहन पर आगे-पीछे नंबर प्लेट।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे कोतवाली में पदस्थ एएसआई भूपेंद्र बघेल ने न तो मामले की गंभीरता को समझा और न ही मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की। उल्टा बुलेरो चालक को मौके से ही छोड़ दिया गया। गवाहों के मुताबिक, गलती बुलेरो चालक की थी, लेकिन पुलिस ने न तो वाहन ज़ब्त किया, न ही चालक पर चालान किया। इस लापरवाही के चलते आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
पीड़ित परिवार की मजबूरी
हादसे में घायल टू-व्हीलर चालक के परिजन अस्पताल में भर्ती थे। इस कारण पीड़ित ने विवाद में समय गंवाने के बजाय सीधे अस्पताल जाना उचित समझा। बुलेरो चालक से नुकसान की भरपाई मांगने पर जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो पीड़ित निराश होकर अपने परिवार के पास चला गया।
उठते सवाल
कोंडागांव जिला यातायात व्यवस्था में सुधार की बातें तो खूब होती हैं, लेकिन बिना नंबर–नेमप्लेट वाले वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। पुलिस विभाग की जिम्मेदारी यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की है, मगर जब मौके पर मौजूद एएसआई ही नियमों को अनदेखा कर दें, तो सवाल उठना लाज़मी है—
क्या एएसआई को मोटर वाहन अधिनियम की जानकारी नहीं?
या फिर जानबूझकर बिना कार्रवाई किए वाहन को छोड़ दिया गया?
कानून क्या कहता है?
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 39 और 192 के अनुसार:बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना गैरकानूनी है।पहली बार पकड़े जाने पर ₹5,000 तक का जुर्माना।बार-बार अपराध करने पर ₹10,000 तक का जुर्माना व जेल की सजा।पुलिस को ऐसे वाहन को ज़ब्त करने का अधिकार।
क्यों है नंबर प्लेट ज़रूरी?
नंबर प्लेट वाहन की पहचान होती है। हादसा, अपराध या आपात स्थिति में यह सबसे अहम कड़ी होती है। बिना नंबर की गाड़ियां अक्सर अवैध कारोबार, तस्करी या आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होती रही हैं।
निष्कर्ष :कोंडागांव का यह मामला केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की लापरवाही का आईना है। बिना नंबर प्लेट की बुलेरो को छोड़ना न सिर्फ मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी भी है। सवाल उठता है कि क्या पुलिस ऐसे मामलों में भी सिर्फ अनदेखी कर देगी, या फिर जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी?
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ।विश्कर्मा जयंती के पावन अवसर पर बुधवार को यातायात विभाग जगदलपुर ने अपने वाहनों की विशेष पूजा-अर्चना दंतेश्वरी मंदिर में कराई। पूजा-अर्चना के दौरान दंतेश्वरी माता से सुरक्षित यातायात व्यवस्था, दुर्घटनामुक्त सेवाओं और जनहित में निरंतर कार्य करने की प्रार्थना की गई। विभाग के कर्मचारियों ने इसे परंपरा और श्रद्धा से जुड़ा अवसर मानते हुए अपने वाहनों की साफ-सफाई कर उन्हें पूजा में सम्मिलित किया।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने संदेश दिया कि वाहन केवल सरकारी संसाधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा का साधन हैं। उनकी सुरक्षा, देखभाल और सदुपयोग ही विभाग की प्राथमिकता है।
कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव के नेशनल हाइवे 30 पर स्थित शायद आप इस हरे भरे पठार नुमा जगह को देख के सोच रहे होंगे की ये एक मैदान है और इस जगह पर शायद फुटबॉल या क्रिकेट या कोई भी खेला जाता होगा । मगर शायद आपकी सोच गलत है यह एक तालाब है जिसे वर्षों पहले लोग इस बंधा तालाब से अपने उपयोग नहाने व रोजमर्रा की जिंदगी के लिए उपयोग किया करते थे।
इसके बाद इस बंधा तालाब के बाजू में सौंदर्यीकरण के साथ पार्क बना दिया गया कुछ समय यहां बोटिंग भी की गई मगर अब ये हाल है कि आज ये पूरा तालाब जलकुम्भी से भर चुका है साथ ही कोंडागांव नगर पालिका ने इस पर लाखों ख़र्च भी समय-समय पर किया। मगर अब शायद नगर पालिका भी इस जलकुम्भी को निकालने में नाकाम रह गई और आज यह पूरी तरफ से एक हरे भरे मैदान में तब्दील हो चुका है हालाँकि सिर्फ उपर से ही हरा भरा है और सतह पर जल है।
क्यों कहलाने लगा मैदान
आपको बतादे की लोग इस जगह को देख के मैदान कहने लगे है क्योंकि की यह चारों तरफ से पूरी तरफ हरा भरा और घना हो गया है देखने मे यह स्टेडियम से कम नहीं लग रहा है ।
साथ ही आपको बता दे कि यह तालाब कोंडागांव से गुजरने वाली नेशनल हाईवे 30 से लगी हुई है यह मार्ग सीधा राजधानी को जोड़ने वाला मार्ग है साथ ही यह तालाब अब सोसल मीडिया में छाया हुआ है कोई इस मैदान रूपी तालाब को देख के 20 - 20 क्रिकेट खेलने या राज्य स्तरीय फुटबॉल खेलने की बात करते है।
कांग्रेस नेतृत्व का काम, केवल भ्रम फैलाना और नकारात्मक राजनीति करना – संजय पाण्डे
जगदलपुर । शौर्यपथ / बस्तर के सर्वमान्य आदिवासी नेता एवं मंत्री श्री केदार कश्यप पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे निराधार एवं भ्रामक आरोपों को लेकर जगदलपुर महापौर श्री संजय पाण्डे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए षड्यंत्र और झूठे प्रचार का सहारा लिया है।
महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि –
“कांग्रेस भली-भांति जानती है कि बस्तर में उसकी राजनीतिक ज़मीन खो चुकी है और यहां यदि किसी का सशक्त जनाधार है, तो वह भाजपा के आदिवासी नेता श्री केदार कश्यप का है। कांग्रेस का यह दुर्भावनापूर्ण कृत्य केवल एक सौम्य, सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी आदिवासी नेता को बदनाम करने का प्रयास है। श्री केदार कश्यप का व्यवहार हमेशा विनम्र और सरल रहा है, वे जनसामान्य से सहजता से मिलते हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं। यही कारण है कि बस्तर की जनता उन्हें अपना सच्चा नेता मानती है।”
महापौर ने भानपुरी की घटना पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा –
“कांग्रेस ने जिस तरह से भानपुरी स्थित मंत्री केदार कश्यप के निवास कार्यालय का घेराव कर वहाँ तोड़फोड़ की, पत्थरबाज़ी की और यहां तक कि ड्यूटी में तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, वह कांग्रेस की गुंडागर्दी और अराजक मानसिकता का प्रमाण है। सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में कांग्रेस अब हिंसक और असंवैधानिक रास्ता अख्तियार कर चुकी है। जनता इस कृत्य को कभी माफ नहीं करेगी और कांग्रेस की असली तस्वीर अब पूरी तरह सामने आ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाना, मनगढ़ंत कहानियां बनाकर सोशल मीडिया में फैलाना कांग्रेस की पुरानी फितरत है, लेकिन केवल आरोप लगाने से आरोप साबित नहीं होते। कांग्रेस का यह आचरण लोकतंत्र और जनभावनाओं के साथ छल करने जैसा है।
महापौर ने आगे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ सहित बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री केदार कश्यप निरंतर आदिवासी समाज के उत्थान और बस्तर के विकास के लिए कार्यरत हैं। उनका सौम्य और सरल व्यक्तित्व ही उन्हें जनता के और निकट ले आता है। यही कारण है कि कांग्रेस बस्तर की जनता से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खाली हो चुकी है और केवल भ्रम फैलाने का असफल प्रयास कर रही है।
महापौर पाण्डे ने कांग्रेस के हालिया धरना-प्रदर्शन और घेराव की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि –
“कांग्रेस का कोई भी हठकंडा मंत्री केदार कश्यप जैसे सौम्य और सहज व्यक्तित्व की छवि को प्रभावित नहीं कर सकता। कांग्रेस के टूलकिट की सच्चाई जनता के सामने उजागर हो चुकी है। दरअसल, कांग्रेस के नेता दीपक बैज की लोकप्रियता में गिरावट और अपनी शाख बचाने की मजबूरी में कांग्रेस ऐसे हथकंडे अपना रही है, लेकिन इसमें उसे मुंह की खानी पड़ेगी।”
अंत में महापौर ने कहा कि –
“बस्तर की जनता कांग्रेस की इस नकारात्मक राजनीति को न केवल नकारेगी, बल्कि भाजपा के प्रति अपने विश्वास को और मज़बूती से दोहराएगी। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस का अब बस्तर में कोई भविष्य शेष नहीं है।”
बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी के रथारूढ़ होने नए रथ निर्माण की हुई शुरुआत
जगदलपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की दूसरी प्रमुख रस्म 'डेरी गड़ाई' आज पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। यह रस्म बस्तर दशहरा की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की परिक्रमा के लिए रथ निर्माण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करने की अनुमति प्राप्त हुई। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय समुदाय उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
बस्तर दशहरा पर्व के डेरी गड़ाई रस्म के तहत बिरिंगपाल गांव से विशेष रूप से लाई गई साल की पवित्र टहनियों को सिरहासार में खंभों के साथ विधि-विधानपूर्वक गाड़ा गया। यह प्रक्रिया पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के बीच मंत्रोच्चार और परम्परागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस रस्म का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। रस्म के दौरान सिरहासार में रथ निर्माण की अनुमति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।
डेरी गड़ाई रस्म के अवसर पर महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा को निभाया, जिसमें वे एक-दूसरे पर हल्दी छिड़ककर उत्सव की खुशी को साझा करती हैं। यह दृश्य स्थानीय संस्कृति की जीवंतता और सामुदायिक एकता को दर्शाता है। हल्दी खेलने की यह परंपरा उत्साह बढ़ाती है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती है। डेरी गड़ाई रस्म के समापन के साथ ही रथ निर्माण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है। इस कार्य को झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के कुशल कारीगर संपन्न करेंगे। ये कारीगर अपनी परंपरागत तकनीकों और औजारों का उपयोग करते हुए रथ को तैयार करेंगे, जो आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की रथारूढ़ होने के साथ परिक्रमा के लिए उपयोग किया जाएगा। रथ का निर्माण पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से किया जाता है, जिसमें आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं होता। यह प्रक्रिया न केवल कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती है। रथ का उपयोग बस्तर दशहरा के दौरान मां दंतेश्वरी की शोभायात्रा में किया जाएगा। यह रथ उत्सव का एक केंद्रीय प्रतीक है, जो मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। रथ की परिक्रमा बस्तर दशहरा के सबसे आकर्षक और धार्मिक दृश्यों में से एक होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। साथ ही देश-विदेश के सैलानी भी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के साक्षी बनते हैं।
जगदलपुर, शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर में मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर आत्मीय स्वागत किया गया। वे बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और राहत कार्यों की समीक्षा करने के लिए पहुंचे हैं।
हवाई अड्डे पर सांसद महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, आयुक्त नगर निगम प्रवीण वर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय के साथ वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले भी पहुंचे हैं।
हवाई अड्डे पर स्वागत के बाद मुख्यमंत्री श्री साय सड़क मार्ग से दंतेवाड़ा के लिए रवाना हो गए। वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे। इसके साथ ही, वे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा भी करेंगे ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
