January 09, 2026
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बस्तर

बस्तर (1079)

संवाददाता - नरेश देवांगन
  जगदलपुर/शौर्यपथ/बरसात का मौसम दस्तक दे चुका है, और ऐसे समय में गांवों में नालियों की साफ-सफाई बेहद जरूरी हो जाती है। लेकिन जगदलपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत आमागुड़ा में स्थिति इसके ठीक उलट है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव ने सफाई कार्य के नाम पर शासकीय राशि तो निकाल ली, लेकिन वास्तविक रूप से किसी भी प्रकार की सफाई नहीं कराई गई।
ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के अनुसार पंचायत के रिकॉर्ड में वर्ष 2021-22 में कोटवार घर से बलदेव घर तक नाली सफाई के लिए ₹48,680 खर्च दर्शाए गए हैं। बिल-बाउचर में उल्लेख है कि इस कार्य में गिट्टी और सेंटरिंग तार पर ही ₹24,200 खर्च कर दिए गए। सवाल यह उठता है कि नाली की सफाई में गिट्टी और सेंटरिंग तार का क्या उपयोग हो सकता है?
 जब मौके पर जाकर स्थिति की पड़ताल की, तो पाया कि नालियां जस की तस गंदगी और कचरे से भरी हुई हैं। कई स्थानों पर नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और दुर्गंध से ग्रामीणों का जीवन बेहाल हो चुका है।
निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि,
    "जब से नाली का निर्माण हुआ है, हमने कभी किसी को सफाई करते नहीं देखा। अब तो नाली और सड़क में कोई फर्क ही नहीं रह गया है। मगर रिकॉर्ड में हजारों रुपए खर्च दिखाए गए हैं। ये सरासर घोटाला है।"
इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत जगदलपुर को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव ने अपने चहेते लोगों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। गांव में कहीं भी सफाई का कार्य न होना, यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला प्रतीत होता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और क्या स्वच्छता मिशन को मजाक बनाते इन जिम्मेदारों पर कोई कठोर कदम उठाया जाता है?

बीजापुर/शौर्यपथ /जिला बीजापुर के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा निर्देश एवं सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी के नेतृत्व में डॉ रत्ना ठाकुर, सिविल सर्जन एवं श्री वरुण साहू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक के सहयोग से तथा डॉ पी. विजय, जिला नोडल अधिकारी के नेतृत्व में संचालित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक व्यापक और संवेदनशील जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकना, मानसिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर परामर्श और चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना।
इस मानसिक स्वास्थ्य पहल के तहत जिला बीजापुर ने न केवल 443 जिंदगियों को बेहतर बनाया बल्कि उन्हें नई आशा और आत्मविश्वास से भी भर दिया। मानसिक स्वास्थ्य केवल एक चिकित्सा सेवा नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति की गरिमा और खुशहाल जीवन की कुंजी है, और इस कार्यक्रम ने यही सच्चाई साबित की है।
इस पहल के अंतर्गत विशेषज्ञ डॉक्टरों और समर्पित मानसिक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने गंभीर अवसाद, चिंता विकार, तनाव और अन्य मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहे रोगियों को परामर्श, उपचार और निरंतर समर्थन प्रदान किया जा रहा है। हर रोगी की आंखों में उम्मीद की चमक और चेहरे पर लौटती मुस्कान इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है।
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क परामर्श, दवाइयाँ और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान कर यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी व्यक्ति को वित्तीय बाधाओं के कारण सहारा न खोना पड़े। अस्पताल प्रशासन ने विभिन्न जागरूकता अभियानों के माध्यम से यह संदेश फैलाया कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।
इस अभियान के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। उनके योगदान को निम्नलिखित बिंदुओं में विस्तार से प्रस्तुत किया गया हैः-
’समुदाय-आधारित जागरूकता कार्यक्रमः- प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र  के माध्यम से गाँवों और दूरदराज के क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, लक्षणों की पहचान, और उपचार के तरीकों पर जानकारी दी जा रही है। ’प्रारंभिक जांच और परामर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नियुक्त प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रारंभिक मानसिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की। यह पहल उन रोगियों के लिए लाभकारी रही, जिन्हें समय पर विशेषज्ञों तक पहुँचने का अवसर नहीं मिलता।
’रेफरल प्रणाली का सुदृढ़ीकरणः- गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित रोगियों को उच्च स्तर के चिकित्सा संस्थानों तक रेफर करने की एक प्रभावी प्रणाली विकसित की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ने रेफरल के साथ निरंतर फॉलो-अप सेवाएँ भी सुनिश्चित कीं।
’स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षणः- स्थानीय स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और प्रभावशीलता दोनों बढ़े।
’मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के लिए परामर्शः- इस कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक रूप से विकलांग (मेन्टली डिसेबल्ड) बच्चों के लिए विशेष परामर्श सत्रों का भी आयोजन किया गया। इन सत्रों में विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं ने बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारी और समर्थन प्रदान किया। इससे बच्चों के समग्र विकास में सहायता मिली और परिवारों को उनकी देखभाल के बेहतर तरीके सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ‘मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण विषय है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस अभियान के माध्यम से हमने न केवल मरीजों की सहायता की बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है। हम आगे भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन निरन्तर करते रहेंगे। इस अभियान के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर हम एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण कर सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी सहायता के लिए निःशुल्क नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क करें। यह हेल्पलाइन अवसाद, मानसिक तनाव, और आत्महत्या रोकथाम पर परामर्श और सहायता प्रदान करती है।

By - नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। बरसात का मौसम आ चूका है, गाँव की नालियों की साफ-सफाई समय पे ना होने की वजह से पंचायतों में इन दिनों जगह जगह गंदगी बिखरी पड़ी है। नालियां जगह जगह से पटी पड़ी है। नालियों का गंदा पानी बरसात कि वजह से सड़कों पर जमा हो गया है, जिससे मच्छर पैदा हो रहे हैI कचरे से बजबजाती नालियां दुर्गंध मार रही हैI जिससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। लेकिन पंचायत के सरपंच सचिव के द्वारा इस समस्या का निराकरण जमीनी स्थर पर न कर कागजो पर बिना सफाई कराए सफाई के अपने चहेते के नाम फर्जी बिल बनाकर राशि आहरित कर शासकीय राशि को ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है I ताजा मामला ग्राम पंचायत आमागुड़ा का है, जहा सफाई के नाम से फर्जी बिल लगा कर राशि निकालने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया हैI इस मामले पे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जगदलपुर को एक लिखित शिकायत भी प्राप्त हुई है I 

प्राप्त जानकारी के अनुसार आमागुड़ा पंचायत रिकॉर्ड में बीते वर्ष– 2021-22 में नाली सफाई कार्य कोटवार घर से बलदेव घर तक लगभग ₹48680 रुपये खर्च दिखाए गए हैं। खर्च राशि के बिल बाउचर मे एक बिल गिट्टी, सेंटरिंग तार ₹24200 रुपए का है। सोचने वाली बात है कि नाली सफाई मे गिट्टी ओर सेंटरिंग तार का क्या उपयोग, ऐ तो पंचायत के जिम्मेदार बातएंगे? इस मामले कि "शौर्यपथ" ने जब मौके पर पड़ताल की, तो नालियों की हालत ज्यों की त्यों पाई गई — गंदगी और कचरे से भरी हुई। गांव के लोगों का कहना है कि सफाई का कार्य केवल कागजों में ही हुआ है। कोटवार घर से बलदेव घर तक निवास कर रहे लोगो ने नाम नहीं छापने की सर्त में बताया, "हमने तो जब से नाली का निर्माण हुआ है कभी नाली साफ करते नहीं देखा। अब तो नाली और सड़क एक जैसा दिख रहा है , लेकिन जब हमने रिकॉर्ड देखा तो रुपये खर्च दिखाए गए हैं। यह सरासर घोटाला है।" ग्रामीणों ने इस मामले की जांच की मांग प्रशासन से की है। ग्रामीणों ने बताया कि साफ सफाई के नाम सचिव ने सरकारी राशि का दुरूपयोग किया है। सफाई के नाम फर्जी बिल लगाकर राशि निकाल ली और गांव में कहीं भी सफाई कार्य नहीं कराया है। ग्रामीणों का कहना है की पंचायत में सरकार की स्वच्छता मिशन का किस प्रकार मजाक बनाया जा रहा हैI अब देखना है की इस और जिम्मेदार अधिकारी गैरजिम्मेदार लोगो के ऊपर क्या कार्यवाही करते है?

दीपक वैष्णव की ख़ास रिपोर्ट
  बस्तर / शौर्यपथ / केशकल नेशनल हाईवे की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण यहां तक कि भारी वाहनों की आवाजाही भी बाधित हो रही है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों और ढाबा संचालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
  विवरण: केशकल घाट में नवीनीकरण कार्य के दौरान भारी वाहनों के आवाजाही बंद होने से ढाबा संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। दो महीने से भारी वाहनों के आवाजाही बंद होने से ढाबे वीरान हो गए हैं। स्थानीय लोगों और व्यवसायियों की मांग है कि सड़क की स्थिति में सुधार किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए।
  आरोप: कुछ महीने पहले ही इस सड़क का नवीनीकरण कराया गया था, लेकिन 4 से 5 महीने भी यह सड़क नहीं टिक पाई। इससे शासन प्रशासन की विकास योजनाओं की पोल खुल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण सड़क की स्थिति और भी खराब हो रही है।
 आवश्यक कदम: सड़क की स्थिति में सुधार करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए जो सड़क की स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। स्थानीय लोगों को भी सड़क की स्थिति में सुधार के लिए भागीदारी करनी चाहिए।

संगठन के सशक्तिकरण और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्यकर्ताओं में भरा गया नया उत्साह

नारायणपुर | शौर्यपथ
भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय नारायणपुर में आज भाजपा ग्रामीण मंडल की नवगठित कार्यकारिणी की परिचयात्मक बैठक बड़े ही गरिमामय और अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुई। यह बैठक संगठन के विस्तार, मजबूती और भविष्य की रणनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

? बैठक की शुरुआत परंपरा और प्रेरणा के साथ

बैठक की शुरुआत भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुई, जिससे राष्ट्रीय चेतना और संगठन के प्रति समर्पण का भाव प्रकट हुआ।

?‍? वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन — संगठन ही शक्ति है

बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष संध्या पवार, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम, वरिष्ठ नेता बृजमोहन देवांगन, जिला महामंत्री संदीप कुमार झा, गौतम गोलछा, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी तथा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रेमनाथ उसेंडी मंचासीन रहे।

जिलाध्यक्ष संध्या पवार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा,

"भारतीय जनता पार्टी का मूल मंत्र है — संगठन ही शक्ति है। हमें हर बूथ को सशक्त बनाकर जनसंघर्ष की जमीन पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी है।"

पूर्व जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम ने पार्टी की गौरवशाली यात्रा की चर्चा करते हुए सभी नवगठित पदाधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक, निष्ठा और कर्मठता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

वरिष्ठ नेता बृजमोहन देवांगन ने कहा कि कार्यकर्ताओं को भाजपा की विचारधारा से जनता को जोड़ना चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आए।

? नई कार्यकारिणी का परिचय और भविष्य की दिशा

ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रेमनाथ उसेंडी ने नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय देते हुए संगठन की भावी योजनाओं और कार्यदिशा को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि पार्टी का लक्ष्य है हर गांव, हर घर तक संगठन की पहुंच और भरोसे को मजबूत करना।

? कार्यक्रम संचालन व आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम का संचालन ग्रामीण महामंत्री प्रभुलाल दुग्गा ने कुशलता से किया।
अंत में मंडल उपाध्यक्ष सोहन चौहान ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिचयात्मक बैठक आगामी संगठनीय गतिविधियों के लिए दिशा निर्धारित करने का माध्यम बनेगी।

? कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति

इस अवसर पर गोपाल दुग्गा, बुधराम कोर्राम, रूपनारायण ठाकुर, रेनू सलाम, मोहन साहू, लक्ष्मण करंगा, राजबती दुग्गा, देवी कुमेटी, सुनीता नाग, रेनी मरकाम सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।


?️ रिपोर्ट: हरिया सोनी
?️ स्रोत: शौर्यपथ न्यूज़, नारायणपुर

जगदलपुर। शहर के इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में रविवार को आयोजित संभाग स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में कोंडागांव के उभरते हुए खिलाड़ी मोहम्मद अर्सलान खान ने U-12 आयु वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया।

इस प्रतियोगिता में कुल 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। छह राउंड की प्रतियोगिता में अर्सलान ने 5 अंक अर्जित किए, जो उनकी सूझबूझ और मानसिक एकाग्रता को दर्शाता है। प्रतियोगिता का आयोजन U-9, U-12, U-15, U-19 और ओपन कैटेगरी में किया गया था।

? अर्सलान का परिचय:

  • विद्यालय: चावरा हायर सेकेंडरी स्कूल, कोंडागांव (कक्षा 5वीं)

  • निवासी: ग्राम सर्गीपाल, कोंडागांव

  • पिता: मोहम्मद फिरोज खान

इतनी छोटी उम्र में इस बाल खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया है। उनके घर में इस उपलब्धि से हर्ष और उत्सव का माहौल है।

? सम्मान समारोह:

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे द्वारा मोहम्मद अर्सलान को ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।


✍️ संवाददाता – दीपक वैष्णव

स्थान – कोण्डागांव/जगदलपुर
प्रकाशन – शौर्यपथ न्यूज़


कोण्डागांव, 5 जुलाई 2025 – महिलाओं के अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग करने वाले आरोपी अमान वीरानी को कोण्डागाँव पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अमान वीरानी (निवासी मस्जिद गली, वार्ड क्रमांक 11, थाना केशकाल) ने पीड़िता के साथ दोस्ती कर उसका अश्लील वीडियो व फोटो तैयार किया और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक शोषण व पैसों की मांग करता रहा। आरोपी न केवल पीड़िता बल्कि अन्य कई महिलाओं को भी इसी तरह फंसाकर ब्लैकमेल कर चुका है।

पीड़िता की शिकायत पर कोण्डागाँव पुलिस ने बीएनएस की धारा 64(1), 64(2)(ड), 308(2), 324(4), 115(2), 351(2) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वॉय. अक्षय कुमार के निर्देशन में, अति. पुलिस अधीक्षक श्री कौशलेंद्र देव पटेलकेशकाल थाना प्रभारी श्री अरुण नेताम के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

पूरे अभियान में थाना केशकाल के प्रभारी ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान, सउनि हेमंत देवांगन, सुमित्रा सेठिया, प्र.आर. ललित नेताम, संजय बिसेन, म.आर. सोनल यादव, कोण्डागांव प्रभारी टामेश्वर चौहान, साइबर सेल के उनि अमिताभ खाण्डेकर सहित टीम के अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पीड़िता समेत अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान के प्रयास भी जारी हैं।

नारायणपुर/शौर्यपथ /विक्रम बैस उर्फ चिंटू हत्याकांड एवं साजिश के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी विप्लव हलधर को नारायणपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी 4 जुलाई को हुई जब पुलिस ने सटीक सूचना, सतर्कता एवं तकनीकी सहायता के माध्यम से घेराबंदी कर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
हत्या की साजिश डेढ़ महीने पहले रची गई थी
गौरतलब है कि दिनांक 13 मई 2024 को नारायणपुर निवासी विक्रम बैस की निर्मम हत्या की गई थी। इस अंधे हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या में संलिप्त छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मनीष राठौर, जसप्रीत सिंह सिद्धू, विश्वजीत नाग, विप्लव हलधर एवं विवेक अधिकारी ने करीब डेढ़ महीने पहले ही इस हत्या की साजिश रच ली थी।
साजिशकर्ता और सलाहकार की भूमिका में था विप्लव हलधर
पुलिस के अनुसार, विप्लव हलधर हत्या और साजिश के मास्टरमाइंड मनीष राठौर का करीबी सहयोगी एवं मुख्य सलाहकार था। यह गिरोह नक्सलियों के नाम का भय दिखाकर लोगों को धमकाने, पत्र और बैनर के जरिए आतंक फैलाने में भी शामिल रहा है। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बिहार से ₹3 लाख में खरीदी गई थी, और लोकसभा चुनाव के समय अंतागढ़ मार्ग में नक्सली पर्चे और बैनर लगाए गए थे।
पहले से भी आपराधिक मामलों में नामजद था आरोपी
विप्लव हलधर पहले से ही थाना नारायणपुर के अपराध क्रमांक 21/2020 में विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी था, जिसमें धारा 384, 387, 506 IPC एवं IT एक्ट की धाराएं 66(E), 67(A) शामिल हैं। वह इस मामले में जमानत लेकर फरार था और मनीष राठौर के ठिकाने में छिपकर रह रहा था।
हत्या की रात का घटनाक्रम
घटना की रात करीब 10:15 बजे विक्रम बैस स्वामी आत्मानंद हिंदी मिडियम स्कूल बखरूपारा तिराहा के पास अपने घर जा रहा था, तभी संजय माणिकपुरी किराना दुकान के पास उसे रास्ते में रोककर सिर पर गड़ासे से वार किया गया और फिर दो गोलियां—एक छाती में और एक पेट में—मारकर हत्या कर दी गई थी।
अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं ये आरोपी
हत्या के मामले में पहले ही विश्वजीत नाग, संदीप यादव उर्फ संजू, राजीव रंजन यति उर्फ राजू/बिहारी, आर. सैमुअल उर्फ रायनुन्तलम, जसप्रीत सिंह उर्फ पोतू, और विवेक अधिकारी उर्फ सिदाम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

 नरेश देवांगन की ख़ास रिपोर्ट
जगदलपुर, शौर्यपथ।
    बस्तर का किसान आज फिर से ठगा गया है। जिन कंधों पर देश की खाद्य सुरक्षा टिकी है, उन्हीं किसानों को खाद के नाम पर लूटा जा रहा है। मानसून दस्तक दे चुका है, खेतों में बुवाई का समय है, मगर किसान को समय पर खाद नहीं मिल रही – और जो मिल रही है, वह भी "ओवररेट" और "जबरन पैकेज" के साथ।
 कृषि विभाग की नाक के नीचे बस्तर जिले में खाद माफिया बेलगाम हो चुके हैं। किसान यूरिया की एक बोरी के लिए 100 से 120 रुपये तक अधिक भुगतान कर रहे हैं, और दुकानदारों की मनमानी का यह आलम है कि बिना GST बिल के खाद दी जा रही है।
कहीं विभाग की मिलीभगत तो नहीं?
प्रश्न बड़ा है और गंभीर भी – क्या कृषि विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी इस गोरखधंधे में साझेदार हैं? किसान तो यही कह रहे हैं। उनकी मानें तो विभागीय अधिकारियों को सब पता है, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं कर रहा।
जबर्दस्ती नेनो यूरिया थोपने की रणनीति
तोकापाल के किसान आयुतु ने आरोप लगाया कि लक्ष्मीनाथ कृषि केंद्र से खाद खरीदते समय दुकानदार ने 480 रुपये वसूले और जब उसने बिल मांगा, तो न केवल मना कर दिया गया बल्कि यूरिया के साथ जबरन 500 ml की नेनो यूरिया की बोतल भी थमा दी गई। इनकार करने पर जवाब मिला – “बिना नेनो लिए यूरिया नहीं मिलेगा।”
 सोमारू नाग, जो जगदलपुर ब्लॉक से हैं, ने बताया कि उनके इलाके के महालक्ष्मी कृषि केंद्र में यूरिया की बोरी 410 रुपये में बेची जा रही है, वह भी बिना पक्के बिल के।
  जब इस संबंध में महालक्ष्मी कृषि केंद्र के संचालक से बात की गई, तो उन्होंने कबूल किया कि “हमें ऊपर से निर्देश मिले हैं – जितनी बोरी यूरिया देंगे, उतनी नेनो यूरिया देनी ही पड़ेगी।”
विभाग चुप, किसान पस्त
पूरा मामला सीधे तौर पर सरकारी नीति और किसानों के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। सत्ताधारी सरकार की नीतियां किसानों के हित में भले हों, लेकिन ज़मीन पर उन्हें पलीता लगाया जा रहा है। सवाल यह भी है कि अगर खाद की कोई कमी नहीं है, तो फिर स्टॉक के बावजूद ब्लैक क्यों हो रही है?
सरकार को देना होगा जवाब
यदि सरकार किसानों के साथ खड़ी है, तो इन माफियाओं और विभागीय मिलीभगत पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करनी होगी। वरना सुशासन की जगह कुशासन का ठप्पा लगते देर नहीं लगेगी।

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