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उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में व्याख्याता, शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक और भृत्य पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया था। दस्तावेज सत्यापन हेतु चयनित पात्र अभ्यार्थियों की सूची कांकेर जिले के वेबसाइड ूूूणंदामतण्हवअण्पद पर अपलोड की गई है, जिसका अवलोकन कर सकते हैं।
चंद्रशेखर पटेल की रिपोर्ट
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को सतत् रूप से काम मिल रहा है। इस वर्ष 36.39 लाख मानव दिवस सृजित कर 01 लाख 47 हजार 874 श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया गया है। वर्तमान में 379 ग्राम पंचायतों में 1356 कार्य मनरेगा के तहत चल रहे है, जिसमें 54 हजार 204 मजदूर कार्यरत हैं। मनरेगा के तहत तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, डबरी, भूमि समतलीकरण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, ग्राम पंचायत भवन निर्माण के कार्य चल रहे हैं, जिसमें प्रतिदिन औसतन 55 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने बताया कि कांकेर जिले में 01 लाख 50 हजार 345 परिवार और 03 लाख 83 हजार 157 मजदूर मनरेगा के तहत पंजीकृत है। वर्तमान में मानव दिवस सृजित करते हुए 01 लाख 47 हजार 874 श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा हैं, साथ ही 3869 मजदूर परिवारों को 100 दिवस का रोजगार प्रदाय किया गया है। वनअधिकार पट्टाधारी परिवारों को हितग्राही मूलक कार्य के साथ-साथ रोजगार भी प्रदाय किया जा रहा है, अभी तक 1813 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष में वनअधिकार पट्टाधारी परिवारों को 150 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाना है, जिसके लिये कार्ययोजना बनाकर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि नरहरपुर के 64 ग्राम पंचायतों में 297 कार्य चल रहे हैं, जिनमें 11 हजार 398 से अधिक मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। इसी तरह चारामा विकासखंड के 54 ग्राम पंचायतों में 221 कार्यों में 9 हजार 935 मजदूरों को काम मिल रहा है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के 47 ग्राम पंचायतों में 183 कार्यों में 07 हजार 678 मजदूर और कांकेर विकासखंड के 61 ग्राम पंचायतों में संचालित 247 कार्यों में 9898 हजार से अधिक मजदूर कार्यरत है। जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायतों की आवश्यकता के अनुरूप कार्यों की तत्काल स्वीकृति दी जा रही है।
प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय मास्क, फेस कवर, फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य
चंद्रशेखर पटेल की रिपोर्ट
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / जिले में नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) एवं नए वेरिएंट (OMICRON) के संक्रमण के दृष्टिगत इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए सभी संभावित उपाय अमल में लाने तथा संक्रमण से बचाव हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री चन्दन कुमार द्वारा जिले में स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा-144 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण जिला उत्तर बस्तर कांकेर के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं।
जिले में स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु सभी जुलूसों, रैलियों, सभाओं, सार्वजनिक समारोहों, सामाजिक (विवाह आयोजन एवं अन्त्येष्टि कार्यक्रम को छोड़कर), सांस्कृतिक, धार्मिक, खेल आदि सामूहिक आयोजन आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित रहेंगे। जिले के समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मॉल, थोक विक्रेता प्रतिष्ठान, जिम, सिनेमा एवं थिएटर, होटल एवं रेस्तरॉ, स्वीमिंग पूल, ऑडीटोरियम, मैरिज पैलेस, इवेन्ट मैनेजमेंट क्लब आदि वास्तविक क्षमता के एक तिहाई उपस्थिति के साथ कोविड प्रोटोकॉल के पालन के अधीन संचालन की अनुमति होगी। यदि किसी आयोजन में 200 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति की संभावना हो तो ऐसी स्थिति में संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित पूर्वानूमति अनिवार्य होगी।
यदि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस (COVID-19) अथवा नए वेरिएंट (OMICRON) से संक्रमित है या किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में है, जो संक्रमित हो सकता है तो यह अनिवार्य होगा कि ऐसे व्यक्ति द्वारा तत्काल सहयोग कर सारी जानकारी घोषित करे एवं सभी वांछित सहयोग निगरानी दल को देगा और निगरानी दल के द्वारा दिये गये मौखिक एवं लिखित निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा। निगरानी जॉच दल को ऐसा कोई भी व्यक्ति जो निवारण या ईलाज के इन उपयोग या सहयोग देने से मना करता है अथवा संबंधित जानकारी देने से इनकार करता है या निगरानी दल के निर्देशों का पालन नही करता है, तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा - 270 के दण्ड का भागी होगा। कोविड-19 एवं नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (OMICRON) के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु शासन द्वारा जारी किसी भी निर्देश का उल्लंघन किया जाता है तो वह भारतीय दण्ड संहिता 1860 (1860 का 45) की धारा - 188 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी के अंतर्गत आता है। अतः किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन द्वारा शासन के निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जावेगा।
जिले में रेल से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों के पास (दोनों टीकाकरण वाले व्यक्तियों को भी) यात्रा के 72 घंटे के भीतर का आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा। शर्त पूर्ण न करने वाले यात्रियों का अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जावेगा। जिले की सड़क सीमाओं पर और सभी रेल्वे स्टेशनों पर स्वास्थ्य विभाग की कोविड जॉचदल द्वारा रेंडम टेस्टिंग किया जावेगा। प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय मास्क, फेस कवर, फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य किया गया है। दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा-144 (1) संपूर्ण जिला उत्तर बस्तर कांकेर में तत्काल प्रभावशील हो गया है, जो आगामी आदेश पर्यन्त प्रभावशील रहेगा।
सुकमा /शौर्यपथ/
पढ़ई तुहंर दुआर-2.0 के तहत पठन, लेखन, गणितीय कौशल एवं सामाजिक विज्ञान तथा विज्ञान के प्रोजेक्ट की प्रतियोगिता का विकासखण्ड स्तरीय आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोण्टा में सम्पन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखण्ड कोण्टा के संकुल स्तर पर चयनित प्रतिभागी शामिल हुये।
प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एस. के. दीप ने किया। इस अवसर पर खण्ड स्त्रोत समन्वयक महेन्द्र बहादुर सिंह, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी पी. श्रीनिवास राव, प्राचार्य सहदेव सिंह, दुसन लाल मार्गे, वरिष्ठ शिक्षक बी. विश्वेश्वर राव, सुश्री बी. शैल कुमारी, सुशील कुमार श्रीवास, टी. श्रीनिवास वासू, डी.व्ही.एस. प्रसाद एवं अन्य शिक्षक उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक जगमोहन, जी. मलेश ने किया। बच्चों के द्वारा बनाये गये मॉडल, सृजनात्मक लेखन एवं पठन, गणित कौशल के प्रस्तुतीकरण पर अधिकारियों ने संतोष जाहिर करते हुए प्रोत्साहित कर जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
विकासखण्ड स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में सृजनात्मक लेखन कौशल की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा-1 के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा की छात्रा कु. वेट्टी सानिया ने प्रथम एवं संकुल केन्द्र कोण्टा के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा की छात्रा कु. इस्मिता राय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
विज्ञान प्रोजेक्ट प्रदर्शन की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा के छात्र दिवाकर यादव ने प्रथम एवं संकुल केन्द्र कोण्टा के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा के छात्र यश मण्डल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
पठन कौशल की विधा में संकुल केन्द्र पेण्टा के कन्या आश्रम नागलगुण्डा के विद्यार्थी कु. शेख जास्मिन ने प्रथम एवं कु. मड़कम कविता ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। गणित कौशल की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा-1 के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा के विद्यार्थी निखिल कुमार प्रथम एवं तरुण सलवम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
सामाजिक विज्ञान प्रोजेक्ट फाईल की विधा में संकुल कोण्टा के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कोण्टा की छात्रा कु. खुशी मण्डल ने प्रथम एवं शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा की छात्रा कु. शिवानी नाग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी प्रतिभागियों को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया।
बीजापुर /शौर्यपथ/
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राजेन्द्र कुमार कटारा द्वारा कोविड-19 एवं नये वेरियेंट ओमिक्रान के संक्रमण नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु दिशा-निर्देशों का अनुपालन किये जाने निर्देश जारी किया गया है। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में और परिवहन के दौरान हरेक व्यक्ति के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है। व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों पर तथा समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों के बीच शारीरिक दूरी कम से कम 6 फीट बनाये रखना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना नियमानुसार जुर्माना के साथ दण्डनीय होगा। कार्य स्थलों, दुकानों एवं संस्थानों तथा सभी प्रवेश स्थानों पर थर्मल स्कैनिंग, हेंड वॉश या सेनेटाईजर और निकास स्थानों एवं सामान्य क्षेत्रों में हेंड वॉश या सैनेटाईजर रखना अनिवार्य होगा। कार्य स्थल, सामान्य सुविधाओं और मानव संपर्क में आने वाले सभी स्थलों का बार-बार सैनेटाईजेशन करना अनिवार्य होगा। कार्य स्थलों मंे कर्मचारियों के बीच पर्याप्त दूरी बनाये रखना अनिवार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा और आगामी आदेश पर्यन्त लागू रहेगा। उक्त दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने पर सम्बन्धितों के विरूद्ध महामारी अधिनियम 1897 तथा भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम उदनपुर में नवा धान खरीदी केन्द्र खुलने से आस-पास के लगभग 10 गांवों के किसानों को सहूलियत मिलेगा। ग्राम उदनपुर धान खरीदी केन्द्र में सभी व्यवस्थाएं जैसे-छाया, पानी, बिजली, तार फेंसिंग, चौकीदार, हमाल, स्टेकिंग के लिए पर्याप्त बोरियां, बारदाने, धान की सुरक्षा के लिए तिरपाल इत्यादि व्यवस्थाओं के साथ 09 दिसम्बर से खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर नवा धान खरीदी केन्द्र शुरू हो गई है। उदनपुर में धान खरीदी केन्द्र खुलने से ग्राम जिरमतराई, मिन्डी, कामतेड़ा, जामड़ी, बुट्ठाकछार, कौड़ोसाल्हेभाट, मनेगांव, मुरनार और वाला के किसानों में उत्साह का माहौल है।
उदनपुर धान खरीदी केन्द्र में 399 किसानों के द्वारा पंजीयन कराया गया था, जिसका रकबा 491.49 है, जिसमें अब तक 110 किसानों के द्वारा 110.76 रकबे का धान बेचा गया है, जिसमें 27.57 प्रतिशत किसानों के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया गया। किसान समपतराम पद््दा के द्वारा 62 क्विंटल धान का विक्रय किया गया, इसी प्रकार भजनीबाई जाधे एवं दिनेश कुमार पद््दा के द्वारा 60-60 क्विंटल, कमला मण्डावी के द्वारा 52.8 क्विंटल, माधव नरेटी के द्वारा 42.8 क्विंटल धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया है। किसानों का कहना है कि ग्राम वाला और कामतेड़ा से कोयलीबेड़ा धान खरीदी केन्द्र तक लगभग 15-20 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता था, लेकिन अब मात्र 05-10 किलोमीटर की दूरी पर ही उदनपुर में नवा उपार्जन केंद्र खुलने से किसानों में खुशी की लहर है। राज्य शासन के इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को कोटिश बधाई दिये हैं।
किसानों की सुविधा के लिए जिले में इस वर्ष 12 नए धान खरीदी केंद्र बनाये गये है, अब बढ़कर जिले में 137 धान खरीदी केन्द्र हो गई है, जिसमें समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ / कलेक्टर चन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे एवं डीएमसी आनंद गुप्ता के उपस्थिति में जिला स्तरीय पढ़ाई तुंहर दुआर कार्यक्रम का द्वितीय चरण उच्च प्राथमिक शाला एवं हाई स्कूल हायर सेकेंडरी के छात्र छात्राओं का कार्यक्रम जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कांकेर में आयोजित किया गया, जिसके मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्रीमती सरोज जितेंद्र सिंह ठाकुर की उपस्थिति में विभिन्न विकासखंडो से अलग-अलग कौशलों के लिए संकुल और विकासखंड स्तर प्रतियोगिता आयोजित कर विकासखंड मे जो बच्चे प्रथम द्वितीय स्थान प्राप्त किए थे उन बच्चों को जिला स्तर पर सम्मिलित करने हेतु निर्देशित किया गया था इसके तहत सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चे आज जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। प्रोजेक्ट कार्य उच्च प्राथमिक शालाऔर हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी के लिए, कबाड़ से जुगाड़ प्राथमिक शाला में अध्यापन करने वाले शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए, सौ दिन सौ कहानियां कक्षा 6 से 8 में अध्ययनरत करने वाले बच्चों के द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 के विस्तार से चर्चा कर पठन कौशल लेखन कौशल हस्तपुस्तिका गणिती कौशल विज्ञान के प्रयोग और प्रोजेक्ट कार्य के बारे में चर्चा किया गया। कार्यक्रम में जिले के लगभग 350 छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक साथी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य सीआर सोनवानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिदेसर के प्राचार्य रोशन वर्मा द्वारा हार और जीत के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए बच्चों को विभिन्न घटनाओं से अवगत कराये। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी विधाओं के संयोजक एवं सदस्य जिला कार्यालय से उपस्थित सभी सदस्यों का सहयोग रहा कार्यक्रम का संचालन श्री चंद्रप्रकाश जवानी के द्वारा किया गया।
उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/
जिले के पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को फॉस्टर केयर के प्रावधान अनुसार अस्थाई संरक्षण में दिये जाने हेतु भारतीय दंपत्तियों से आवेदन आमंत्रित किया गया है। फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा, देखभाल एवं संरक्षण आवश्यकता अनुसार सभी प्रकार की चिकित्सा तथा उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति, बालक का पोषण, दुर्व्यव्यवहार, हानि, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें, इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्वों एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के निर्देशों के पालन करना अनिवार्य होगा।
ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थायी रूप से संरक्षण में लेना चाहते हैं, वे बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर के कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकते हैं।
21 से 24 दिसम्बर के मध्य विशेष ग्रामसभा आयोजित करने के निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/
राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजनांतर्गत प्राप्त आवेदनों का दावा-आपत्ति एवं निराकरण के लिए निर्धारित समय-सीमा में विशेष ग्रामसभा आयोजन किये जाने के लिए प्रभारी कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य द्वारा जिले के ग्राम पंचायतों में 21 से 24 दिसम्बर के मध्य विशेष ग्रामसभा आयोजन करने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
प्रभारी कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा विशेष ग्रामसभा आयोजन करने की जानकारी ग्राम पंचायत के प्रत्येक पदाधिकारी सरपंच तथा पंचों को देना सुनिश्चित करें, जो अपने क्षेत्र के सदस्यों को ग्रामसभा में उपस्थित कराने के उत्तरदायी होंगे। साथ ही पंचायतों के द्वारा विशेष ग्राम सभा सम्मेलन की सूचना सार्वजनिक स्थल, सहगोचर स्थानों पर चस्पा कर तथा मुनादी कराई जाकर ग्रामसभा के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से सूचना दी जावे। ग्राम सभा की कार्यवाही सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने एवं विशेष ग्रामसभा में संकलित प्रतिवेदन संबंधित तहसीलदारों के माध्यम से 26 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
