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कांकेर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत अखिल भारतीय जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के अंतर्गत ’मेगा लीगल सर्विस कैम्प’ का आयोजन किया गया। जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में प्रातः 10.30 बजे से आयोजित इस शिविर में ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश डी एल कटकवार, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, एडीजे निर्मल कुमार मिंज, सीजीएम चित्रलेखा सोनवानी, न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डायमंड कुमार गिलहरे, न्यायाधीश शंकर कश्यप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर गौरीशंकर नाग, एसडीएम कांकेर डॉ. कल्पना ध्रुव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्य संरक्षक विधिक सेवा प्राधिकरण अरूप कुमार गोस्वामी के मुख्य आतिथ्य में ई-मेगा विधिक सेवा शिविर का वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए शुरुवात की गई। मुख्य न्यायाधीश ने इस मौके पर शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि यह हर्ष की बात है कि वे इस शिविर का हिस्सा बन पाए हैं। उन्होंने संविधान में समान विधिक सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध कराने उल्लेखित अनुच्छेदों का जिक्र किया। निशुल्क विधिक सेवा सभी नागरिकों का अधिकार है और प्रयास है कि सभी नागरिकों को इसकी जानकारी हो। विधिक जागरूकता लाने में यह ई-मेगा विधिक सेवा शिविर काफी सहयोगी साबित हुआ है। उन्होंने इसके लिए सबका धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायाधीश गौतम भादुड़ी ने की। उन्होंने इस मौके पर कहा कि ई-मेगा विधिक शिविर से सभी जिलों के काफी संख्या में हितग्राही लाभान्वित हुए हैं । इस जागरूकता शिविर को लगाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को दिए गए हक के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने हर्ष जताया कि विधिक सेवा के जरिये राज्य के आठ लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए हैं। इस मौके पर उन्होंने नालसा का हेल्पलाइन नंबर 15100 भी सबके साथ साझा करते हुए सभी जरूरतमंदों को इसका लाभ उठाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और संजय एस.अग्रवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में राज्यव्यापी ई-मेगा विधिक शिविर आयोजित किए जाने पर बधाई देते हुए कहा कि इसके जरिए आम लोगों को विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई गई और लोगों को संविधान में उल्लेखित उनके मौलिक अधिकार की जानकारी दिया गया। ई-मेगा विधिक सेवा शिविर में स्वागत भाषण रजिस्ट्रार जनरल संजय कुमार जायसवाल ने दिया। वर्चुअल कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री सिद्धार्थ अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
ज़िला स्तर पर जिला पंचायत कांकेर में आयोजित मेगा विधिक सेवा शिविर में उपस्थित ज़िला और सत्र न्यायाधीश डी.एल कटकवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोगो को विधिक अधिकार का जानकारी देने के लिए यह मेगा लीगल सर्विस कैंप का आयोजन किया जा रहा है। विधि के समक्ष हम सब समान है, कोई भी व्यक्ति आर्थिक अक्षमता के कारण न्याय पाने से वंचित न हो, इसलिए उन्हें मदद प्रदान करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है। पोस्ट ऑफिस में भी लिफाफे दिये गये है, वहॉ जाकर उसे भरकर निःशुल्क भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन की जो भी योजनाएं बनती है, वह संविधान की व्यवस्था के तहत ही होता है। हम जो भी काम कर रहे हैं, उसे अच्छे ढंग से करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाएं। हम सब अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन करें। अधिकार और कर्तव्य दोनो को समझें और समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर 2 अक्टूबर से 14 नवंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आम लोगों को विधिक सेवाओ के प्रति जागरूक करते हुए विभिन्न विधिक और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सीजीएम चित्रलेखा सोनवानी द्वारा घरेलू हिंसा से महिलाओं को संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे पहले महिला संरक्षण अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराना होता है।
मेगा लीगल सर्विस कैंप को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर गौरीशंकर नाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंण्डन क्रांति, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक सिनीवाली गोयल, श्रम पदाधिकारी पी.के. बिजपुरिया, जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण कावड़े, जनशिक्षण संस्थान के श्रीमती पूजा पाण्डेय, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. उत्तम कुमार तथा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र दवे ने भी संबोधित किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। मेगा लीगल सर्विस कैंप में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 10 हितग्राहियों को एक-एक लाख रूपये का बाण्ड प्रमाण पत्र तथा शिक्षा विभाग द्वारा छात्र सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम भैसाकन्हार (डू) के छात्र गौतम गावड़े के पिता मन्नूराम गावड़े एवं ग्राम मारीपारा बारदेवरी के छात्र रोशन राणा के पिता गन्नीराम राणा के लिए एक-एक लाख रूपये का चेक प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा ग्राम पुरियारा के कमिलता यादव एवं ग्राम ठेमा के बसंती विश्वकर्मा को ट्रायसाइकल तथा ग्राम ठेलकाबोड़ के लोमन डडसेना को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। श्रम विभग द्वारा 103 बच्चों को 01 लाख 86 हजार 500 रूपये नवनिहाल छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत ऑनलाईन हस्तांतरित किये गये। परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाईसेंस बनाया गया, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
कांकेर / शौर्यपथ / कांकेर वनमंडल अन्तर्गत आने वाले गांवो में इन दिनों तेंदुए का आतंक जारी है।शनिवार को तेंदुए के हमले से फिर एक महिला को जान गवानी पड़ी । जिला मुख्यालय कांकेर से करीब 15 किलोमीटर दूर बसे मुजालगोंदी गांव में यह घटना घटी। जिला मुख्यालय के नजदीक 2 महीने में तेंदुए के हमले से यह 5 वी मौत है। इसके पहले ग्राम पलेवा , भैंसाकट्टा , बनसागर, रिसेवाडा में तेंदुए ने 4 लोगो को अपना शिकार बनाया था ।लगातार हो रहे तेंदुए के हमले से क्षेत्र में दहशत में लोग जीवन जी रहे है ।नरहरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत रिसेवाडा में बीते 14 अक्टूबर को भी ऐसी ही घटना हुई थी जिसमे एक महिला की मौत हुई थी। ।
मुजालगोंदी की रहने वाली लालवती मंडावी बीती रात अपने खेत के पास कच्चे मकान में सोई हुई थी तेंदुआ घर मे घुस आया और महिला को खींच कर ले गया। महिला का शव सुबह घर से 100 मीटर दूर झाड़ियों में दो टुकड़ों में बंटा हुआ मिला। महिला की गर्दन और धड़ अलग अलग पड़ा हुआ था, सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम घटना स्थल पर मुआयना कर जानकारी ली । इसके पहले पलेवा, भैंसाकट्टा, बनसागर , रिसेवाडा में तेंदुआ लोगो को अपना शिकार बना चुका है। पलेवा और भैंसाकट्टा में तीन तेंदुए को वन विभाग ने पिजड़ा लगा पकड़कर अन्यत्र भेजे है । लेकिन बनसागर और मुजालगोंदी में लोगो को शिकार बना चुका तेंदुआ अब भी इलाके में विचरण कर रहा है। जिससे लोगो मे भारी दहशत का माहौल है। वन परिक्षेत्र नरहरपुर अंतर्गत ही रिसेवाडा में बीते 14 अक्टूबर को भी ऐसी ही घटना हुई थी जिसमे एक महिला की मौत हुई थी। आतंक का पर्याय बना नरभक्षी तेंदुआ को पिंजड़ा लगा पकड़कर अन्यत्र जंगलों में छोड़ने लोगो की मांग है।
उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने कोरोना से मृत कांकेर तहसील के 24, नरहरपुर तहसील के 21 और दुर्गूकोंदल तहसील के 02 मृत व्यक्तियों के परिजनों के लिए 50-50 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किये हैं। स्वीकृत सहायता राशि मृतकांेे के आश्रितों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से संबंधित तहसीलदारों माध्यम से स्वीकृत राशि अंतरित की जायेगी।
कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा कोरोना संक्रमण से मृत व्यक्तियों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। जारी आदेशानुसार कांकेर तहसील के एमजी वार्ड कांकेर निवासी मृतक सुरज बाई के निकटतम परिजन राजेश पटेल, झुनियापारा निवासी सदासिंह नेताम के आश्रित मीरा नेताम, माहुरबंदपारा कांकेर निवासी नकूल के निकटतम परिजन कल्पना मरकाम, झुनियापारा निवासी सोभीराम नेताम के निकटतम वारिस परमीला नेताम, अन्नपूर्णापारा कांकेर निवासी शांतिबाई रवानी के निकटतम आश्रित मंगला रवानी, श्रीराम नगर कांकेर रामदयाल के निकटतम के परिजन भानबाई, ग्राम पोटगांव निवासी हेमराज के आश्रित परिजन रामेश्वरी, ग्राम कोदागांव निवासी थानेश्वर के निकटतम आश्रित धीरजा, ग्राम कोदागांव के भानुराम के निकटतम परिजन फुलबती, माहुरबंदपारा कांकेर निवासी जगमोहन के निकटतम आश्रित नीलम सिन्हा, ग्राम तेलावट निवासी फुलोबाई नेताम के निकटतम परिजन लालचंद, आमापारा कांकेर निवासी मनीष व्यास के निकटतम परिजन मनीषा व्यास, उदयनगर कांकेर निवासी मदन लाल के निकटतम परिजन आशा सोनी, अलबेलापारा कांकेर निवासी ओम नारायण तिवारी के निकटतम परिजन अंजु तिवारी, बरदेभाटा कांकेर निवासी नागेश नेताम के निकटतम परिजन प्रमिला नेताम, शीतलापारा कांकेर निवासी संजय गुप्ता के निकटतम परिजन अनिता गुप्ता, बरदेभाटा निवासी प्रेमिन बाई साहू के निकटतम वारिस अशोक साहू, श्रीरामनगर कांकेर निवासी अनिता शर्मा के निकटतम परिजन राजू शर्मा, संजय नगर निवासी अब्दुल रज्जाक के निकटतम परिजन मो. रसीदा बेगम, भंडारीपारा निवासी नारायण सिंह धु्रव के निकटतम परिजन मनमोहन सिंह, अन्नपूर्णापारा कांकेर निवासी ईश्वरी के निकटतम परिजन पुर्णिमा यादव, माहुरबंदपारा कांकेर निवासी हरिश के निकटतम परिजन विद्या मोटवानी, मांझापारा कांकेर निवासी लक्ष्मी चोपड़ा के निकटतम वारिस राकेश तथा शिवनगर कांकेर निवासी सुमित्रा नरेटी की कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम परिजन शिवलाल नरेटी के लिए 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है।
इसी प्रकार नरहरपुर तहसील के ग्राम निशानहर्रा निवासी बृजलाल नेताम के निकटतम आश्रित कुमारी प्रतिभा, ग्राम धनेसरा निवासी श्रवण कुमार कोर्राम के निकटतम वारिस रीता कोर्राम, ग्राम कन्हनपुरी निवासी दामिनी सुरोजिया के निकटतम वारिस नूतन कुमार सुरोजिया, ग्राम सरोना निवासी जयराम सिन्हा के निकटतम परिजन राहीबाई सिन्हा, ग्राम बुदेली निवासी लक्ष्मीकांत सुरोजिया के निकटतम परिजन गणेशबती सुरोजिया, सरोना निवासी बिरसिंग सेन के निकटतम परिजन चम्पाबाई, ग्राम धनेसरा निवासी धनीराम साहू के निकटतम परिजन बिशेश्वरी, ग्राम मांडाभर्री निवासी गोदावरी साहू के निकटतम परिजन रतन साहू, ग्राम मुड़पार दखनी रामदयाल मरई के निकटतम परिजन कुंतीबाई, ग्राम देवरीबालाजी निवासी नरेन्द्र नेताम के निकटतम परिजन रामकुमारी नेताम, देवगांव निवासी केशवराम साहू के निकटतम परिजन माधेश्वरी साहू, ग्राम चंवाड़ निवासी हेमेन्द्र कुमार बघेल के निकटतम परिजन हेमलता, अमोड़ा निवासी हरिराम कोड़ोपी के निकटतम परिजन सविता, ग्राम बादल निवासी आत्माराम पटेल के निकटतम परिजन बिसनबाई, ग्राम कुरना निवासी रविशंकर साहू के निकटतम परिजन राधाबाई, ग्राम जुनवानी निवासी सिरबल कावड़े के निकटतम परिजन अनिता, ग्राम धनोरा निवासी महेश कुमार राय के निकटतम परिजन सुमित्रा राय, ग्राम शामतरा छबिला बाई नेताम के निकटतम परिजन कैलाश, ग्राम सारवंडी निवासी नरेश दास मानिकपुरी के निकटतम परिजन रीना मानिकपुरी, ग्राम बुदेली निवासी जगनूराम कावड़े के निकटतम परिजन झुनई कावड़े और ग्राम शामतरा निवासी समित पटेल के निकटतम परिजन कुमारी काजल और योगेन्द्र तथा दुर्गूकोंदल तहसील के ग्राम कलवर निवासी दयानंद के निकटतम वारिस भाग्यवती और ग्राम महेन्द्रपुर निवासी मानसिंह के निकटतम परिजन सगरोबाई के लिए 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत सहायता राशि सभी हिग्राहियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी।
कांकेर / शौर्यपथ / कांकेर जिले के 58 गॉव जो कि नारायणपुर जिले के समीप स्थित है के लगभग तीन हजार लोगो का काफिला पैदल मार्च करते राजभवन के लिए निकले है। ग्रामीण हाथों में तिरंगा लेकर निकले 58 गांवों के लोग; नारायणपुर जिले में शामिल करने की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलेंगे ।
ग्रामीणों को समझाइश देने के लिए कांकेर के कलेक्टर चंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी पहुंचे।
ग्रामीणों की मांग है कि, कोलर इलाके के 58 गांवों को पड़ोसी नारायणपुर जिले में शामिल किया जाए। इससे पहले ग्रामीण 45 दिनों तक रावघाट मंदिर के पास धरने पर भी बैठे थे। लेकिन इनकी समस्याएं जानने के लिए कोई भी जिम्मेदार इन तक नहीं पहुंचा। अब ग्रामीण खुद अपनी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात करने के लिए पैदल निकल गए हैं।
बताया जा रहा है कि, बुधवार की देर रात पैदल निकले ग्रामीणों को रोकने व रायपुर न जाने की समझाइश देने के लिए कांकेर के कलेक्टर चंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी पहुंचे थे। लेकिन, ग्रामीणों ने इनकी एक न सुनी और भारत माता की जयकार के नारे लगाते आगे बढ़ते गए। पैदल रायपुर के लिए निकले काफिले में भैसगांव, कोलर, तालाबेड़ा, बैंहासालेभाट, फूलपाड़ एंव बंडापाल क्षेत्र कोसरोंडा, देवगांव, गवाडी, मातला- ब, अर्रा, मुल्ले व करमरी पंचायत के ग्रामीण इसमें शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि, अब राज्यपाल ही हमारी मांगे पूरी करेंगी। फिलहाल खबर लिखे जाने देर शाम तक ग्रामीण अंतागढ़ से रायपुर के लिए निकल गए है।
150 किमी का करना पड़ता है सफर तय
58 गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि, हमें शासकीय कामों के लिए 150 किलोमीटर का सफर तय कर कांकेर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। आने-जाने में 1 से 2 दिन का समय लगता है। इस इलाके में पक्की सड़कें भी नहीं हैं। ऐसे में कई किलोमीटर पैदल सफर तय करते हैं। जबकि नारायणपुर जिला मुख्यालय की दूरी महज 20 किलोमीटर ही है। स्वास्थ्य सुविधाएं हो या फिर शिक्षा नारायणपुर जिले से ही लेते हैं। लेकिन शासकीय कार्यों के लिए मजबूरन कांकेर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। यही वजह है कि 58 गांवों को नारायणपुर में शामिल करने की मांग की जा रही है।
2007 से कर रहे थे मांग
ग्रामीणों ने बताया कि, कोलर इलाके को नारायणपुर जिले में शामिल करने की यह मांग सालों पुरानी है साल 2007 से हम आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन करते लगभग 13 से 14 साल हो गए हैं। लेकिन जिम्मेदारों की आंख नहीं खुली है। छत्तीसगढ़ में अब सरकार भी बदल गई है। लेकिन हमारी मांगे पूरी नहीं हुई। यदि अब भी हमारी मांग पूरी नहीं की जाती है तो आंदोलन चलता रहेगा।
कांकेर / शौर्यपथ / पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ससंदीय सचिव एवं कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय प्रांगण में प्रातः 9 बजे शहीदों के अमर जवान स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। शहीदों के सम्मान में पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर बालाजी राव द्वारा शहीद हुए पुलिस कर्मियों के नामावली का वाचन किया गया। वियर पार्टी द्वारा सम्मान सूची का स्मारक में संस्थापन एवं शहीदों को सलामी दी गई। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शोक शस्त्र लास्ट पोस्ट कराया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित अतिथियों और अधिकारी-कर्मचारियों ने खड़े होकर श्रद्धांजलि दी। पुलिस परेड द्वारा अमर जवान स्मारक को सलामी दी गई। पुलिस स्मृति दिवस में उपस्थित अतिथियों एवं शहीद परिवार के सदस्यों द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शहीद परिवार के सदस्यों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, मछुआ कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा, पार्षद जागेश्वरी साहू, हलधर साहू, धीरज नेताम, सीटीजेडब्ल्यू कालेज के सेनानी शंकर बघेल, होमगार्ड जिला सेनानी पुष्पराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, उप पुलिस अधीक्षक अमृत कुजूर, एसडीओपी चित्रा वर्मा, आरआई मोहसीन खान और थाना के प्रभारी कांकेर शरद दुबे, यातायात प्रभारी रोशन कौशिक सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा शहीद परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
कांकेर / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया ने प्रदेश में सन् 2016 से शुरू हुए जनऔषधि केंद्रों पर लगते जा रहे ताले के लिए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि महंगी ब्रांडेड दवाइयों से बेहाल लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में शुरू किए गए कुल 254 जनऔषधि केंद्रों में से 101 केंद्रों का बंद हो जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार राजनीतिक दुर्भावना के चलते लोगों के स्वास्थ्य और सस्ते इलाज के प्रति पूरी तरह लापरवाह हो चली है और केंद्र सरकार की इस महती योजना को विफल करने के षड्यंत्र पर आमादा है।
भाजपा अध्यक्ष लाटिया ने कहा कि सस्ती जेनेरिक दवाइयाँ मुहैया कराने के लिए शुरू किए गए इन केंद्रों में कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक कभी इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि इन केंद्रों में कभी पूरी और सस्ती दवाएँ ज़रूरतमंदों को मिल सकें। इन जनऔषधि केंद्रों के लिए प्रदेश सरकार ने न तो भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए और न ही इन केंद्रों के काम को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध इस प्रदेश सरकार की रग-रग में इस क़दर समा गया है कि केंद्र सरकार की योजना को विफल करके प्रदेश सरकार , केंद्र सरकार की योजना के स्थान पर धन्वंतरी दवा योजना शुरू कर दी । एक अच्छी-भली चलती योजना को तो प्रदेश के मुखिया सम्हाल नहीं पा रहे है और झूठा श्रेय लूटने की फ़िराक़ में नई-नई योजनाओं के नाम पर अपने पाखण्ड का शर्मनाक प्रदर्शन करने में लगे है। उन्होंने कहा कि यहां यह बताना भी सामयिक होगा कि राज्य सरकार धन्वंतरी योजना के तहत दवाई में 50% छूट देने का वादा कर रही है जबकि केंद्र द्वारा संचालित जन औषधि केंद्र में आज भी मरीजों को दवाई 70 से 80% छूट पर मिल रही है। अध्यक्ष सतीश लाटिया ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस में विचारशील नेतृत्व पूरी तरह आइसोलेट हो चला है, जो अपनी कोई मौलिक जनकल्याणकारी योजना पर विचार करे और उस पर काम करे। केंद्र सरकार को अकारण कोसते रहने की नियति के लिए अभिशप्त प्रदेश सरकार और कांग्रेस आख़िरकार केंद्र सरकार की ही योजनाओं को राजनीतिक प्रतिशोधवश बंद करने या फिर उन्हीं योजनाओं को नया नाम देकर चलाने के सिवाय प्रदेश सरकार ने कोई काम नहीं किया है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना इसका प्रमाण है, जिसे प्रदेश सरकार युनिवर्सल हेल्थ स्कीम नाम देकर चलाने का प्रयत्न की थी। राज्य कि कांग्रेस सरकार ने दावा किया था कि आयुष्मान योजना की जगह यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम से हम छत्तीसगढ़ की जनता को लाभ दिखाएं दिलाएंगे परंतु अंततः सरकार की यह योजना फेल हो गई और आज भी छत्तीसगढ़ की जनता आयुष्मान भारत योजना से लाभ प्राप्त कर रही है ।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन के बावज़ूद प्रदेश के सरकारी और ग़ैर-सरकारी डॉक्टर्स दवाओं का फ़ार्मूला लिखकर मरीजों को नहीं दे रहे हैं। प्रदेश सरकार को जेनेरिक दवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी डॉक्टर्स को फ़ार्मूला लिखने के लिए बाध्य करना चाहिए था और इसी तरह निजी स्वास्थ्य संस्थानों व उनके डॉक्टर्स के लिए ऐसी गाइडलाइन तय करना था कि जेनेरिक दवाओं का लाभ मरीजों को मिल सके। लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार ब्रांडेड कंपनियों की महंगी दवाओं की ख़पत बढ़ाने और केंद्र सरकार की योजना को विफल करने के मिले-जुले साजिशाना एजेंडे पर काम कर मरीजों को अर्थिक चोट सहने के लिए विवश कर रही है। लगभग 101 जनऔषधि केंद्रों का लगातार बंद होना प्रदेश सरकार के जन-स्वास्थ्य के प्रति दुराग्रह और कमीशनखोरी की तस्दीक करने के लिए पर्याप्त है। कोरोना काल में भी प्रदेश सरकार के इसी नाकारापन के चलते कोरोना पीड़ितों को दवाओं की कालाबाज़ारी और कृत्रिम संकट के चलते काफ़ी परेशानी उठानी पड़ी थी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ने कई लोगों को असमय मौत के मुँह में धकेला था।
सतीश लाटिया ने आगे सरकार पर आरोप लगाते कहा कि धन्वंतरि स्टोर्स के उद्घाटन में भी सरकार की अपनी ही पार्टी के स्वास्थ्य मंत्री से राजनीतिक लड़ाई स्पष्ट परिलक्षित हो रही है । आंमत्रण पत्र में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की जगह नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री और सचिव का नाम मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के साथ स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की खुली लड़ाई को जग जाहिर करता है । जिस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को उसी विभाग के कार्यक्रम में उपेक्षित किया जा रहा हो उस राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी होगी ये सोचा जा सकता है ।
रायपुर / शौर्यपथ / जिला प्रशासन बस्तर द्वारा स्कूली बच्चों को अध्ययन में सहायता देने के लिए एलेक्सा का वितरण स्कूलों में किया गया है. जिला प्रशासन बस्तर द्वारा स्कूली बच्चों को अध्ययन में सहायता देने के लिए एलेक्सा का वितरण स्कूलों में किया गया है। आर्दश माड़पाल स्कूल में आयोजित गणित-विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विकासखंड लोहण्डीगुड़ा के बच्चों द्वारा लगाए गए एलेक्सा के स्टाल पर पहुंचे।
एक बच्चे ने इस दौरान एलेक्सा से पूछा कि - श्री भूपेश बघेल कौन है ? एलेक्सा ने बताया कि श्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के तीसरे और वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। एलेक्सा ने श्री बघेल के राजनीतिक सफर के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। यह सुनकर मुख्यमंत्री भी मुस्करा उठे। स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि बच्चों को एलेक्सा से पढ़ाई का यह तरीका बहुत पसंद है। नरवा, गरूवा, घुरवा बाड़ी के मॉडल के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं को बताया कि अब गोबर से बिजली बनाने का काम भी शुरू किया गया है। गोबर से गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, गमले और दीये भी गौठानों में बनाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एलेक्सा एक स्मार्ट डिवाइस है, जिससे कोई भी प्रश्न बोलकर पूछने पर रिकार्र्डेड संदेश के माध्यम से उसका जवाब तुरंत प्राप्त किया जा सकता है।
जगदलपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बस्तर संभाग के नये भवन निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री आज अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के नयापारा स्थित पत्रकार भवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने उपस्थित पत्रकारों के साथ चर्चा की। पत्रकारों द्वारा इस अवसर प्रेस क्लब के नये भवन की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पत्रकारों द्वारा प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण हेतु जमीन का पट्टा देने तथा पत्रकारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी इन समस्याओं के समाधान के लिए उचित पहल का आश्वासन दिया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं वेब पोर्टल के अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।
माड़पाल स्कूल के नवाचारों का अवलोकन करने पहुंचे मुख्यमंत्री
छात्र-छात्राओं को बताई संस्कृति की अवधारणा और शहीद वीर नारायण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व की भी दी जानकारी
बच्चों द्वारा तैयार किये गए गणित-विज्ञान के मॉडलों की मुख्यमंत्री ने की सराहना
बस्तर / शौर्यपथ / बस्तर के ग्रामीण अंचल के माड़पाल शासकीय स्कूल के बच्चे अपने स्कूल की प्रयोगशाला में थ्रीडी प्रिंटर का उपयोग कर रहे हैं, ड्रोन का मॉडल तैयार कर रहे हैं, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में फिटकरी बनाने जैसे कई प्रयोग कर दक्षता के साथ कर रहे हैं। साथ ही स्मार्ट क्लास में अत्याधुनिक तरीके से ज्ञानार्जन भी कर रहे हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माड़पाल की पहचान आज बस्तर जिले के सर्व सुविधायुक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में है। इस स्कूल के विषय मे सुनकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान आज विकासखंड जगदलपुर के ग्राम माड़पाल के इस स्कूल को देखने पहुंचे। उन्होंने इस दौरान इस स्कूल में 68 लाख रूपए की लागत से कराए गए जीर्णोद्धार कार्य तथा 31 लाख रूपए की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया।
माड़पाल शासकीय स्कूल के बच्चे अपने
ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित लैब, ग्रंथालय की सुविधा दूर की कौड़ी लगती है, ऐसे समय में बस्तर के आदिवासी अंचल के बच्चों के लिए अध्ययन-अध्यापन की आधुनिक सुविधाओं से लैस माड़पाल गांव का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किसी वरदान से कम नहीं है। इस स्कूल के बच्चे विज्ञान के नए-नए प्रयोग स्कूल की प्रयोगशाला में कर रहे हैं। स्कूल के अवलोकन के दौरान उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फुलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन, विधायक कोंडागांव श्री मोहन मरकाम, बीजापुर विधायक श्री विक्रम मंडावी, विधायक चित्रकोट श्री राजमन बेंजाम, सरपंच श्रीमती वंदना नाग सहित कलेक्टर श्री रजत बंसल तथा वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र मीणा भी उपस्थित थे।
स्कूल की प्रयोगशाला में थ्रीडी प्रिंटर का उपयोग कर रहे हैं,
मुख्यमंत्री ने इस स्कूल के भ्रमण के दौरान वहां किए जा रहे नवाचारों, अध्ययन-अध्यापन की उत्कृष्ट सुविधाओं की जहां प्रशंसा की, वहीं स्कूल की विभिन्न कक्षाओं और प्रयोगशाला तथा लायब्रेरी में जा कर बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई लिखाई के बारे में पूछा। उन्होंने स्कूल में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के लिए जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल के प्राचार्य और स्कूल के स्टाफ की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से बातचीत के दौरान उनसे स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्कूल की कक्षा दसवीं पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को संस्कृति की अवधारणा के बारे में समझाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी पहचान होती है। हमारी संस्कृति हमारे रीति-रिवाज, बोलचाल, भाषा, रहन-सहन, कला, परंपरा, विश्वास, आस्था, जीवन मूल्य, स्थापत्य कला की सम्मिलित अवधारणा है। हम अपनी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और बस्तर की अपनी सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कक्षा दसवीं की छात्रा गायत्री सिंह ने मुख्यमंत्री के कहने पर ’’छत्तीसगढ़ परिवेश-कला, संस्कृति एवं व्यक्तित्व’’ शीर्षक का पाठ अपनी पुस्तक में से पढ़ कर सुनाया।
ड्रोन का मॉडल तैयार कर रहे हैं, रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में फिटकरी बनाने जैसे कई प्रयोग कर दक्षता के साथ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब, भौतिक, विज्ञान और रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और स्कूल की स्मार्ट क्लास में जाकर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और बच्चों से उनके बारे में पूछा। बच्चों ने पूरा आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री के प्रश्नों का जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को इसके लिए शाबासी दी। इस अवसर पर स्कूल के परिसर में गणित-विज्ञान विषय पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शनी में जाकर बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडल देखें और बच्चों से उनके बारे में विस्तार से जानकारी ली। बच्चों ने गणित के भाग, गुणा की अवधारणा, दूरियों के मापन, नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी, ड्रिप इरिगेशन, वॉटर रिसाइकलिंग, पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर उपयोगी मॉडल बनाए थे। कोरोना वायरस से बचाव के लिए ऑटो सेनेटाइजर, फॉग सेनेटाइजर के मॉडल भी तैयार किए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मकता की सराहना की। कई बच्चों ने कबाड़ से जुगाड़ पर आधारित मॉडल भी तैयार किए थे।
राज्य शासन की मंशानुरूप कलेक्टर रजत बंसल के दिशा-निर्देश एवं सतत मार्गदर्शन में तथा शिक्षा विभाग के विशेष प्रयासों से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माड़पाल आज बस्तर जिले का सर्व सुविधायुक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बन गया है। स्वच्छ, सुन्दर एवं सुविधाजनक विद्यालय भवन का निर्माण तथा योग्य एवं प्रतिबद्ध शिक्षकों के साथ-साथ आधुनिक लैब एवं पुस्तकालय जैसे जरूरी संसाधनों तथा अनुकूल शैक्षणिक परिवेश की उपलब्धता के कारण आज यह विद्यालय गुणवत्ता एवं संसाधनों की उपलब्धता के मामले में नामचीन निजी विद्यालयों को टक्कर दे रहा है। इस विद्यालय में संसाधन एवं अध्ययन-अध्यापन की समुचित व्यवस्था के कारण ग्रामीण परिवेश के गरीब बच्चों को माड़पाल जैसे दूरस्थ ग्राम के विद्यालय में अनुकूल शैक्षणिक परिवेश में गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रहा है।
वर्तमान में माड़पाल के इस उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में पूर्व माध्यमिक शाला एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित है। जिसमें पूर्व माध्यमिक शाला में 123 एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में 439 सहित कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक कक्षाओं में कुल 562 बच्चे अध्ययनरत हैं। इस पूरे विद्यालय परिसर को बहुत ही सुन्दर एवं आकर्षक स्वरूप में सुसज्जित किया गया है। इस विद्यालय में कुल 16 कक्ष हैं, जिसमें जरूरी सुविधाओं से युक्त अध्ययन कक्ष के अलावा प्राचार्य, कार्यालय एवं स्टॉफ तथा भण्डार कक्ष भी बनाएं गए हैं। विद्यालय में वर्तमान समय एवं ज्ञान विज्ञान के अनुरूप आधुनिक जीव विज्ञान, भौतिक एवं रसायन प्रयोगशाला तथा अटल टिंकरिंग लैब भी स्थापना की गई है। इसके अलावा विद्यालय में सर्व सुविधायुक्त 1-1 स्मार्ट क्लास, ग्रंथालय एवं क्रीडा कक्ष का भी निर्माण किया गया है। विद्यालय में समुचित विद्युत व्यवस्था के अलावा कम्प्यूटर, प्रिंटर, एलसीडी प्रोजेक्टर सेट, ओएचपी तथा पेयजल, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय आदि सुविधा की समुचित व्यवस्था के अलावा फर्नीचर आदि भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
इसके साथ ही विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक मंच, हरे-भरे पेड़-पौधों से युक्त उद्यान, पोषण वाटिका तथा विद्यार्थियों के लिए सायकल स्टैण्ड का निर्माण किया गया है। इस तरह से इस विद्यालय को अध्ययन-अध्यापन की सभी सुविधाओं से युक्त किया गया है। माड़पाल विद्यालय के उत्कृष्ट व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि हमारे गांवों में स्थित शासकीय विद्यालयों में भी समुचित संसाधन, योग्य शिक्षक तथा जरूरी सुविधा उपलब्ध कराकर इन स्कूलों को लेकर आदर्श विद्यालय बनाया जा सकता हैै। वास्तव में माड़पाल स्कूल में किए गए नवाचार ग्रामीण बच्चों को उनके गांव एवं आस-पास के स्कूलों में अनुकूल शैक्षणिक परिवेश एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने का राज्य शासन एवं जिला प्रशासन का बहुत ही सराहनीय प्रयास है। स्कूल के स्मार्ट क्लास के निरीक्षण के दौरान छात्रा सावित्री मांझी ने मुख्यमंत्री बघेल को स्कूल में सभी प्रकार की आधुनिक शिक्षा सुविधा देने के लिए आभार व्यक्त किया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
