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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपने बजट के लिए विपक्ष की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और यह कहा जा रहा है कि बजट में उन्होंने देश के गरीब वर्ग की अनदेखी की. राज्यसभा में निर्मला सीतारमण आक्रामक तेवरों में नजर आईं और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अपने बजट के लिए विपक्ष की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और यह कहा जा रहा है कि बजट में उन्होंने देश के गरीब वर्ग की अनदेखी की. राज्यसभा में निर्मला सीतारमण आक्रामक तेवररों में नजर आई और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा. निर्मला ने राहुल के वर्ष 2013 के उस कमेंट का जिक्र किया जिसमें कांग्रेस सांसद ने कहा था कि गरीबी एक मनोस्थिति है...'' खाने की कमी, पैसा और भौतिक चीजों की कमी गरीबी नहीं हैं....यदि किसी के पास आत्मविश्वास है तो वह गरीबी दूर कर सकता है.. '
निर्मला ने कहा, 'आपके पूर्व अध्यक्ष ने कहा था कि गरीब के मायने खाने की कमी, पैसा या भौतिक चीजों की कमी नहीं है यदि किसी के पास आत्मविश्वास है तो वह इससे पार पा सकता है. उन्होंने यह भी कहा था कि यह (आशय) मनोस्थिति है. मैं उस शख्स का नाम नहीं ले रही लेकिन हम जानते हैं कि यह कौन है. 'विपक्ष के सांसदों के शोरगुल के बीच निर्मला ने कहा, 'कृपया स्पष्ट करिए....क्या यह 'गरीबी है जिसका आप मुझसे जिक्र करना चाहिए हैं? गरीबी मनोस्थित होती है...''निर्मला ने आज उच्च सदन में आम बजट पर बहस का विस्तार से जवाब दिया. एक सांसद द्वारा ये अमृतकाल नहीं, राहुकाल है' का तंज कसने पर भी वित्तमंत्री ने कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि हमारा अमृतकाल आपका राहुकाल है. उन्होंने विपक्ष पर यूपीए काल के दौरान हुए कई बड़े घोटालों के लिए निशाना साधा और साथ ही पीएम मोदी सरकार के द्वारा लाई गई कई योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जवाब दिया. यूपीए शासन के दौरान हुए बड़े घोटालों की चर्चा करते हुए निर्मला सीतारमण ने उसे देश के लिए राहुकाल बताया.उन्होंने कहा कि राहुकाल तब था, जब एक मौजूदा प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने वाले थे और उन्होंने जो विधेयक पारित किया था वह मीडिया के सामने फाड़ दिया गया था. राहुकाल वह है, जो G-23 कहलाता है. हमारा अमृतकाल, उनका राहुकाल है. पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर बाहर निकल रहे हैं, यही राहु काल है. कोई आश्चर्य नहीं कि कांग्रेस पार्टी जो राहुकाल का सामना कर रही है, उसे 44 सीटें मिल रही हैं और वह इससे बाहर नहीं निकल पा रही है.
मशहूर फिल्ममेकर रवि टंडन का निधन हो गया है. 87 वर्षीय रवि टंडन का निधन शुक्रवार तड़के हुआ. रवीना टंडन ने अपने इंस्टाग्राम पर यह दुखद न्यूज शेयर की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
मशहूर फिल्ममेकर रवि टंडन का निधन हो गया है. 87 वर्षीय रवि टंडन का निधन शुक्रवार तड़के हुआ. रवि टंडन की बेटी रवीना टंडन ने अपने इंस्टाग्राम पर यह दुखद न्यूज शेयर की है. इस खबर के आने के बाद से बॉलीवुड हस्तियां शोक जता रही हैं. रवि टंडन ने 1960 में 'लव इन शिमला' फिल्म से बतौर एक्टर शुरुआत की थी. यही नहीं, इस फिल्म में वह असिस्टेंट डायरेक्टर भी थे. लेकिन 1973 में 'अनहोनी' फिल्म से लेखक, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बन गए. रवि टंडन का जन्म 17 फरवरी, 1935 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था. उन्होंने अनहोनी, अपने रंग हजार, एक मैं और एक तू, नजराना, मजबूर, खुद्दार और जिंदगी जैसी फिल्में बनाई थीं.
रवीना टंडन ने पिता लेखक टंडन के निधन की खबरे देते हुए लिखा है, 'आप हमेशा मेरे साथ वॉक करोगे, मैं हमेशा आपकी रहूंगी. आप हमेशा मेरे साथ रहेंगे. लव यू पापा.' इस पोस्ट पर जूही चावला ने कमेंट किया है, 'रवीना आपके और आपके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.' इस तरह बॉलीवुड हस्तियां रवीना टंडन की इस दिल छू लेने वाली पोस्ट पर शोक जता रही हैं.
इलेक्ट्रानिक उत्पादों की बिक्री से कमाए डेढ़ लाख रूपये
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से दिव्यांग युवाओं के हुनर को मिली नई दिशा
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सिखा रहे एल.ई.डी.बल्ब बनाना
रायपुर /शौर्यपथ/
किसी व्यक्ति में हुनर हो तो शारीरिक अक्षमताएं भी आड़े नहीं आती। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र जशपुर के युवाओं ने ये साबित कर दिखाया है। यहां के कई युवाओं ने अपने हुनर से न सिर्फ शारीरिक कमियों पर विजय पाई हैं, बल्कि दूसरों का जीवन संवारने का काम भी कर रहे हैं। ये दिव्यांग युवा जशपुरनगर में स्थित निर्माण केन्द्र में एल.ई.डी.बल्ब, इमरजेंसी लाईट, साउन्ड बॉक्स, टी बल्ब जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं। उनके द्वारा 1 लाख 50 हजार रूपये के इलेक्ट्रानिक उत्पादों की बिक्री की जा चुकी हैं। भविष्य में इन युवाओं द्वारा कई नए उत्पाद बना कर बाजारों में लाने की योजना है। इन हुनरमंद युवाओं द्वारा जशपुर विकासखण्ड के गम्हरिया गौठान से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी एल.ई.डी. बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं भी अतिरिक्त आमदनी अर्जित करके आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
दिव्यांग युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की राज्य सरकार की पहल से इन युवाओं के जीवन को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांग युवाओं को चिन्हांकित कर मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत एल.ई.डी. बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद युवा मेहनत और लगन से स्वरोजगार से जुड़ कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
कलेक्टर श्री रितेश कुमार के मार्गदर्शन में इन दिव्यांग युवाओं द्वारा तैयार इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इस हेतु वेबसाईट www.digiabled.com का भी निर्माण किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए सी.मार्ट में भी यह इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भविष्य में अधिक से अधिक दिव्यांग हितग्राहियों को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने की योजना है।
युवोदय एकेडमी से मिले निःशुल्क मार्गदर्शन से 32 बच्चों ने नीट में पाई सफलता
रायपुर /शौर्यपथ/
सामान्य परिस्थिति, दूरस्थ क्षेत्र और सही मार्गदर्शन कीे कमी कई होनहार युवाओं के आगे पढ़ने-बढ़ने के सपने मेें बाधक बन जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने प्रतिभाशाली युवाओं के उचित मार्गदर्शन लिए दूरस्थ वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में निःशुल्क युवोदय एकेडमी कोचिंग सुविधा शुरू की है। यहां होनहार युवाओं को चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। कोचिंग संस्थान से मिले निःशुल्क मार्गदर्शन से 43 में से 32 होनहार बच्चों ने नीट परीक्षा में सफलता पाई है। इससे ग्रामीण किसान परिवार की बेटी पार्वती कोकड़े का डॉक्टर बनने का सपना भी पूरा होने जा रहा है। पार्वती कोकडे का चयन कॉउंसलिंग के बाद शासकीय मेडिकल कॉलेज कांकेर में एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई के लिए हुआ है। उसके साथ ही अन्य बच्चे नर्सिंग, फॉर्मेसी, वैटनरी शाखाओं के लिए चयनित हुए हैं।
बस्तर जिले के बकावंड विकासखण्ड के बोरीगांव के किसान घनश्याम कोकड़े की बेटी पार्वती के एम.बी.बी.एस में चयन से उसके घर-परिवार में खुशियों की लहर है। पांच बहन और एक भाई में से सबसे छोटी बेटी पार्वती के पिता साधारण किसान हैं। उनकी मां रामबती घर-गृहस्थी के साथ अपने पति के खेती-किसानी के काम में भी हाथ बटाती है।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे बच्चों के शिक्षा में कोरोना काल में आई शिक्षा बाधा को दूर करने के लिए कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन में शुरु किए गए युवोदय एकेडमी से पार्वती को काफी सहयोग मिला है। उल्लेखनीय है कि युवोदय एकेडमी द्वारा ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिसका लाभ जिले के साथ प्रदेश व देश के बच्चे भी उठा रहे हैं। यहां के नोट्स पूरे देश में देखे और पसंद किये जा रहे हैं।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
इन दिनों आलिया अपनी फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी को लेकर चर्चे में हैं. इसी बीच उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड रणबीर कपूर को लेकर बयान दिया है कि वह उनकी शादी पहले ही रणबीर कपूर से हो चुकी है. दरअसल आलिया ने गंगूबाई काठियावाड़ी के प्रमोशन के मौके एनडीवी से बातचीत में कहा कि वह अपने दिमाग में पहले ही रणवीर कपूर से शादी कर चुकी है. वहीं हाल ही रणवीर कपूर ने भी कहा था कि उनकी शादी आलिया से अब तक हो गई होती, लेकिन कोरोना महामारी के कारण अभी तक शादी नहीं हो पाई.
एक सवाल के जवाब में रणवीर ने कहा कि मेरी गर्लफ्रेंड आलिया ओवर अचीवर है. वह गिटार, स्क्रीन प्ले राइटिंग सारे कोर्स कर रही है, उसके तुलना में मैं अंडर अचीवर हूं. वहीं हाल ही में ने भी रणबीर को अपना बॉयफ्रेंड बताते हुए सोशल मीडिया पर कुछ फोटो शेयर किए थे. बेहद खूबसूरत फोटोज का एलबम शेयर करते हुए आलिया ने लिखा था, "कैजुअली फ्लेक्सिंग माई बॉयफ्रेंड फोटोग्राफी स्किल'. आलिया भट्ट हर मौके पर रणबीर कपूर और उनकी फैमिली के साथ नजर आती हैं. हाल ही में दोनों एक कंस्ट्रक्शन साइट पर नजर आए, जहां दोनों अपने नए आशियाना बनवा रहे हैं.
रायपुर /शौर्यपथ/
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम 11 और 12 फरवरी को अम्बिकापुर और सूरजपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे और वहां आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
मंत्री डॉ. टेकाम 11 फरवरी को रायपुर से रात्रि 9 बजे प्रस्थान कर 12 फरवरी को अम्बिकापुर पहुंचेंगे। वे अम्बिकापुर सर्किट हाउस से सुबह 10 बजे सूरजपुर जिले के विकासखण्ड प्रतापपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। डॉ. टेकाम प्रतापपुर से शाम 6 बजे प्रस्थान कर शाम 7 बजे अम्बिकापुर सर्किट हाउस पहुंचेंगे।
अन्य खबर/शौर्यपथ/
सोशल मीडिया पर वाराणसी के एडिशनल कमिश्नर सुभाष दुबे का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. जिसमें वह सड़क किनारे ठेला लगाए एक युवक के पास 20 रुपये की मूंगफली खरीदने पहुंचे हैं. इस दौरान ठेलेवाले का रिएक्शन देखने लायक है. क्योंकि उसे लगता है कि पुलिसवाले उसका चालान काटने आए हैं और वह डर जाता है. वायरल हो रहे इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि IPS सुभाष दुबे वाराणसी में सड़क किनारे मूंगफली बेच रहे एक ठेलेवाले के पास अचानक पहुंच जाते हैं और उससे 20 रुपये की मूंगफली देने को कहते हैं.
लेकिन, युवक अचानक IPS अधिकारी को वहां देखकर डर जाता है और उनसे कहता है कि आप चालान काटने आए हैं. इस दौरान युवक ने अपने चेहरे पर मास्क भी नहीं लगा रखा है. जब वह मूंगफली वाले से 20 रुपये की मूंगफली देने को कहते हैं तो युवक उनसे पूछता है, 'चालान काटोगे क्या?' इस पर IPS अधिकारी कहते हैं कि नहीं चालान क्यों काटेंगे. हम मूंगफली नहीं खा सकते क्या, मूंगफली खाने आए हैं चालान नहीं काटेंगे.' ये सुनकर मूंगफली बेच रहे युवक के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.
वीडियो देखकर यूजर्स IPS अधिकारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि IPS अधिकारी का ठेलेवाले से इतने सरल और सहज तरीके से बात करने का अंदाज उनको पसंद आया. आपको बता दें, कि सुभाष दुबे इस समय वाराणसी में एडिशनल कमिश्नर के पद पर पर तैनात है. सुभाष दुबे 2005 बैच के IPS अधिकारी हैं. सोशल मीडिया पर उनके वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं. वीडियो में IPS अधिकारी युवक से मास्क लगाने की बात भी कहते हैं.
गहराइयां रिलीज हो गई है. दीपिका पादुकोण, सिद्धांत चतुर्वेदी, अनन्या पांडे और धैर्य करवा मेन एक्टर हैं और शकुन बत्रा ने फिल्म को डायरेक्ट किया है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
गहराइयां' रिलीज हो गई है. दीपिका पादुकोण, सिद्धांत चतुर्वेदी, अनन्या पांडे और धैर्य करवा मेन एक्टर हैं और शकुन बत्रा ने फिल्म को डायरेक्ट किया है. फिल्म को लंबे समय से रिश्तों की जटिलता पर बनी फिल्म कहकर प्रमोट किया जा रहा था. फिल्म के ट्रेलर ने जमकर सुर्खियां भी बटोरी थीं. लेकिन 148 मिनटों की यह फिल्म मनोरंजन के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम साबित होती है. फिल्म में डायरेक्टर किस बात पर फोकस करना चाहते हैं, या वह क्या कहना चाहते हैं. वह भी साफ नहीं हो पाता है. इस तरह 'गहराइयां' में कहानी, डायरेक्शन और एक्टिंग के मामले में उथलापन ही नजर आता है.
फिल्म की कहानी दीपिका पादुकोण की है. उनका एक अतीत हैं. उनके परिवार में कुछ ऐसा हुआ है, जिसका दंश उनकी जिंदगी पर साफ नजर आता है. उनका एक बॉयफ्रेंड धैर्य करवा है. उनके कजिन अनन्या पांडे हैं और उसका बॉयफ्रेंड सिद्धांत चतुर्वेदी है. दीपिका और धैर्य की जिंदगी कई मुश्किलों से गुजर रही है. ऐसे में दीपिका को सिद्धांत में एक उम्मीद दिखती है, और दोनों के बीच संबंध बन जाते हैं. लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा होता है कि दीपिका पादुकोण की जिंदगी में भूचाल आ जाता है. लेकिन रिश्तों का मकड़जाल बुनने के चक्कर में डायरेक्टर कहानी को बहुत ज्यादा खींच डालते हैं. कहानी कतई इम्प्रेसिव नहीं है. कैरेक्टर भी सही से स्थापित नहीं हो पाते हैं. इस तरह कमजोर कहानी पर बुनी गई 'गहराइयां' किसी भी तरह से कनेक्ट करने में असफ्ल रहती है.
फिल्म का फोकस पूरी तरह से दीपिका पादुकोण पर रहा है. पूरी फिल्म उन्हीं के ईर्द-गिर्द बुनी गई है. उन्होंने ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन इस रोल में वह इम्प्रेस करने में चूक जाती हैं. फिर अनन्या पांडे के लिए करने को बहुत कुछ है नहीं. सिद्धांत चतुर्वेदी ने ठीक-ठाक काम किया है. इस तरह से फिल्म किसी भी मोर्चे पर वाउ फैक्टर नहीं लिए हुए है.
राजनांदगांव /शौर्यपथ/
जिले में तीन बाल विवाह होने की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम के द्वारा तत्काल बाल विवाह रोके जाने हेतु निर्देशित किया गया। जिसके परिपालन में महिला एवं बाल विकास विभाग राजनांदगांव की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणुु प्रकाश के द्वारा मैदानी अमले को दल के साथ मौके पर त्वरित रवाना किया गया। मौके पर परियोजना अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी डोंगरगांव वीरेन्द्र सिंह साहू एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी चन्द्रकिशोर लाड़े, संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत देखरेख विनोद जंघेल, सेक्टर पर्यवेक्षक वासड़ी आईसीडीएस मोहला सुरैैया कुरैशी व पुलिस प्रशासन तथा स्थानीय सरपंच, पटेल व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर देर रात बाल विवाह रोका गया। बाल विवाह कराने वाले परिवार को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों से अवगत कराते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने यह स्वीकार किया कि बालक-बालिकाओं की उम्र विवाह योग्य होने के उपरांत ही विवाह करेंगे। तीनों बाल विवाह रोकथाम में परियोजना अधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी वीरेन्द्र सिंह साहू डोंगरगांव, सुनील साहू छुरिया एवं योगेश भगत छुरिया का विशेष योगदान रहा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सर्व परियोजना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र में होने वाले बाल विवाह की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन का सहयोग प्राप्त करते हुए बाल विवाह को रोका जावे तथा अविलम्ब जिला कार्यालय को सूचना दिया जाए, ताकि जिला स्तर से दल को बाल विवाह रोकथाम हेतु अविलम्ब मौके पर भेजा जा सके। बाल विवाह होने की सूचना मोबाईल नम्बर 8319964100, 7987100143 एवं चाईल्ड लाईन के टोल फ्री नम्बर 1098 पर सूचना देकर बाल विवाह रोकथाम में अपनी भागीदार देने हेतु जिले के समस्त निवासियों से अपील की जाती है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रमुख प्रावधान -
इस अधिनियम के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के लड़कियों तथा 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों का विवाह बाल विवाह माना गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत बाल विवाह किया जाना दंडनीय अपराध माना गया है। एक वयस्क पुरूष का विवाह किसी 18 वर्ष से कम उम्र आयु की लड़की के साथ बाल विवाह संपन्न होने पर बाल विवाह करने वाले वयस्क पुरूष तथा बाल विवाह संपन्न कराने वालों को 2 वर्ष का कठोर करावास या 1 लाख का जुर्माना या दोनों सजा से दंडित किया जा सकता है। इस अधिनियम के अंतर्गत अवयस्क बालकों के विवाह को अमान्य करने का भी प्रावधान है।
गढ़मिरी में क्रांतिकारी शहीद वीर कवासी रोडा पेदा को श्रद्धांजलि दी
रायपुर /शौर्यपथ/
उद्योग एवं दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने आज ग्राम पंचायत गढ़मिरी में भूमकाल के महानायकों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। मंत्री लखमा ने भूमकाल स्मृति दिवस की 112वीं वर्षगांठ के अवसर पर सर्वआदिवासी समाज द्वारा आयोजित क्रांतिकारी शहीद वीर कवासी रोडा पेदा के बलिदान को स्मरण किया गया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के विरूद्ध आदिवासी समाज के महानायकों ने भी स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेते हुए अपने परंपरागत अस्त्र-शस्त्रों से लड़ाई लड़ी और शहीद हुए हैं। लखमा ने कहा कि भूमकाल के आंदोलन के दौरान अब तक शासकीय रिकार्ड में 51 शहीदों के नामों का पता चला है। उन्होंने सर्वप्रथम गढ़मिरी में क्रांतिकारी वीर कवासी रोडा पेदा के मूर्ति का माल्यार्पण व सेवा अर्जी, विधि विधान के साथ शहीद स्थल गढ़मिरी में श्रद्धांजलि दी।
शहीद कवासी रोडा पेदा के नाम को आदिवासी समाज आगे बढ़ाएगा। ग्राम पंचायत गढ़मिरी भूमकाल स्मृति दिवस का आयोजन समाज के लोग ही तय करेंगे ताकि आगे चलकर बड़े आयोजन किए जा सके। इस अवसर पर जिले के धुरवा, कोया, गोंड, मुरिया, भतरा, हल्बा, महारा, धाकड़ समाज सहित अन्य समाज के लोगों ने अपनी सहभागिता दी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
