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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
बिलासपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश में ‘पढ़ई तुहार दुआर‘ कार्यक्रम के अंतर्गत कोरोनाकाल में बच्चों को ऑनलाइन या ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध करायी जा रही है। बिलासपुर जिले के विकासखण्ड कोटा की तहसील रतनपुर के जमुनाही तिलकडीह प्राथमिक शाला के कक्षा 5वीं के छात्र विमल ने स्टोरीविवर के वेबसाइट में 10 कहानियों का स्थानीय भाषा छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद कर एक नई शुरूआत की। कहते हैं, “पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती” यह अपने आप में नई मिसाल है।
कोरोना के कारण देश और प्रदेश में स्कूल बंद है, ऐसी स्थिति में बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए विभिन्न प्रकार के कारगर उपाय किए गए। इसका लाभ सभी विद्यार्थियों को मिल रहा है।
विमल की उम्र अभी 10 वर्ष है। उसने हाल ही में अपने बड़े पिता श्री बलदाऊ सिंह श्याम को लैपटॉप में काम करते देख प्रेरित हो स्वयं कहानी लिखने की ठानी। विमल ने पक्के इरादे के साथ स्टोरीविवर की वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों में 10 हिंदी भाषा की कहानी को स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा मे अनुवाद किया। वर्तमान में छात्र मोबाइल सहित कम्प्यूटर लैपटॉप में काम करने में बिना किसी प्रशिक्षण के काफी जानकारी रखने लगा है। ऑनलाइन से सम्बंधित पढ़ई तुंहर दुआर के तहत चलने वाले ऑनलाइन क्लास में भी विमल नियमित रूप से शामिल होकर पढ़ाई करता है। विमल ने स्टोरीविवर सहित ऑग्मेंटेड रियलिटी वीडियो बनाने का भी काम कर रहा है। वह लगातार ऑनलाइन सहित ऑफलाइन क्लास का लाभ लेते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखा हुआ है।
ग्रामीण अंचल के छात्र विमल सिंह गोंड जो माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बड़े पिता बलदाऊ सिंह श्याम के पास रहकर अपनी पढ़ाई-लिखाई सतत रूप कर रहा है। छात्र के पिता छोटे कृषक है। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण छात्र बड़े पिता बलदाऊ सिंह के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है, बलदाऊ सिंह द्वारा भी पढ़ाई में कभी आर्थिक स्थिति कारण न बने इसका ध्यान रखते हुए विमल को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराते हैं। छात्र विमल इस कोरोनाकाल में अपने बड़े पिता के साथ रहकर सभी ऑनलाइन तकनीकी जानकारी भी रखने लगा है। ऑफलाइन क्लास के रूप में संचालित मोहल्ला क्लास में अपने साथ पढ़ने वाले बच्चों को लगातार क्लास में आने और पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।
रायपुर / शौर्यपथ / खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज रायपुर जिले के धरसींवा, कूंरा, पंडरभट्टा, खैरखूंट और देवरी धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। खाद्य सचिव ने इन धान खरीदी केन्द्रों में किसानों से बात-चीत की और धान खरीदी के संबंध में जानकारी ली।
सचिव डॉ. सिंह ने खरीदी केन्द्रों में धान की समुचित खरीदी, व्यवस्थित रख-रखाव एवं किसानों को भुगतान सहित धान की गुणवत्ता एवं बारदानों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने खरीदी केन्द्रों में धान की गुणवत्ता और नमी का परीक्षण किया। खरीदी केन्द्रों में उपलब्ध बारदानों का मिलान किया, साथ ही बारदानों को व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। खाद्य सचिव ने धान खरीदी केन्द्र में धान को सुरक्षित रखने के संबंध में पंडरभट्टा, खैरखूंट, देवरी में बनाये गये प्लेटफार्म की जानकारी ली और खरीदे गये धान को व्यवस्थित रूप से स्टेक में रखने तथा आकस्मिक वर्षा को ध्यान में रखते हुये कैप कव्हर लगाने तथा धूप पड़ने पर कैप कव्हर को हटाने एवं पुनः ढक़ने के निर्देश दिए। खाद्य सचिव ने सभी धान खरीदी केन्द्रों में बारदानों की संख्या की जानकारी ली और कहा कि राईस मिलर्स के द्वारा धान उठाव के समय शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत के आधार पर बारदाने लेकर आएं। किसानों से भी धान खरीदी के समय बारदाने उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मिलर्स द्वारा समयबद्व तरीके से धान उठाव करने के संबंध में खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव खाद्य को रायपुर के कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने बताया कि धान खरीदी कार्य को सर्वाधिक सर्वोच्च प्राथमिकता से सम्पन्न कराया जा रहा है। किसी भी धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी कार्य प्रभावित न हो एवं किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बारदानों की उपलब्धता मांग के अनुसार बनी रहे इसके लिए किसानों की संख्या एवं उनके द्वारा दिये जाने वाले धान की मात्रा के आधार पर योजना तैयार किया गया है। इस दौरान जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहकारिता विभाग के उप पंजीयक, खाद्य नियंत्रक एवं जिला विपणन अधिकारी भी उपस्थित थे।
राजमेरगढ़ में 1 करोड़ 27 लाख की लागत से बैगा कुटीर निर्माण की घोषणा
जिले में ब्लड बैंक स्थापित किये जाने की घोषणा
ग्राम धनौली में वन प्रसंस्करण केंद्र की घोषणा
बचरवार-कोटखर्रा मार्ग निर्माण की घोषणा
निमधा से दरमोहली मार्ग निर्माण की घोषणा
कोटखर्रा-बचरवार मार्ग में तिपान नदी में पुल निर्माण की घोषणा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकास के लिये किया जाएगा हरसंभव प्रयास - मुख्यमंत्री
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/ शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के नवगठित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के प्रवास के दौरान मरवाही विकासखंड के ग्राम दानीकुण्डी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार का संकल्प यहां के किसानों, मजदूरों और गरीबों का विकास करना है। सरकार बनते ही किसानों के कर्ज माफ करने के साथ, समर्थन मूल्य में धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना और मनरेगा के माध्यम से किसानों, मजदूरों को लाभान्वित किया गया है।
उन्होंने कहा कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को जिला बनाकर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया गया है। नए जिले के रूप में अस्तित्व में आते ही गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र में अधिकारियों की नियुक्ति और नए कार्यालय स्थापित करने का कार्य बड़ी तेजी से हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने नवगठित जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है और जनभावनाओं के अनुरूप गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के विकास के लिए आगे भी सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक दृष्टिकोण से बहुत ही सुंदर है, यहां अनेक ऐतिहासिक महत्व के धरोहर तथा पर्यटन एवं धार्मिक स्थल है। इस क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवनदायिनी अरपा नदी इस जिले से निकलती है। उन्होंने कहा कि अरपा महोत्सव का जिले में आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोटमी उपतहसील को तहसील बनाने की घोषणा, राजमेरगढ़ में 1 करोड़ 27 लाख की लागत से बैगा कुटीर निर्माण की घोषणा, जिले में ब्लड बैंक स्थापित किये जाने, ग्राम धनौली में वन प्रसंस्करण केंद्र, बचरवार-कोटखर्रा मार्ग निर्माण, निमधा से दरमोहली मार्ग निर्माण की घोषणा, कोटखर्रा बचरवार मार्ग में तिपान नदी में पुल निर्माण की घोषणा की।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नवगठित जिले के सर्वांगीण विकास हेतु शासन प्रयासरत है और भविष्य में भी जिले में विकास की गति तीव्र हो, यह प्रयास किया जाएगा। राजस्व व जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला बनने के बाद क्षेत्र के विकास की गति बेहद तीव्र हुई है और बहुत ही कम समय में जिले ने विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध है और भविष्य में भी बड़ी तेजी से अंचल का विकास हो यह सुनिश्चित किया जाएगा।
सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गठन की क्षेत्रवासियो की मांग को राज्य सरकार ने पूर्ण किया। अब यह जिला तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। मरवाही विधायक डॉ. के.के. धु्रव ने कहा कि जिला बनने के बाद विकासकार्यो की अनेक सौगात मिली है और हम सभी के प्रयास से हमारा क्षेत्र विकास के नए प्रतिमान गढ़ेगा। इस अवसर पर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित अन्य अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीशध्अध्यक्ष जिला विधिक सेवासेवा प्राधिकरण के द्वार 06 जनवरी को दुर्ग जिले के स्वयं सेवी संस्था (एन.जी.ओ.) के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्वेश्य एन.जी.ओ. को प्राप्त होने वाली सूचनाओं से पीडित व्यक्ति को विधिक सेवा योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाना तथा स्वयं सेवा संस्था के माध्यम से राष्ट्रीय विधिक सेवा योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाएं जाने में सहायता लिया जाना रहा।
बैठक में श्री राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीाध्अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि ÓÓ नालसा की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहॅूचाया जाना है योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पीडि़त प्राप्त कर सके इसके लिए एन.जी.ओ. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सहयोग कर सकता है। दुर्ग में नशा से संबंधित मामले प्राय: देखने में आ रही है लोग नशे के लत में आकर अपराध में सम्मिलित हो जाते है नशे की सामग्री विक्रय करने वाले लाभ की राशि को देखते हुए उन्हेें जीवन के अंधकार में भेज रहे है । एन.जी.ओ. ÓÓ नशा मुक्ति ÓÓ से संबंधित विषय पर जागरूकता अभियान चिन्हांकित स्थानों पर चलाकर कई युवाओं को नशे के जुडने से रोक सकता है ऐसे स्थानों को चिन्हांकित करे जिसमें नशे का कारोबार व्यापक रूप से फैल रहा है ऐसे स्थानों की जानकारी इस प्राधिकरण को प्राप्त होने पर उनके विरूद्व पुलिस प्रशासन के सहयोग से कार्यवाही की जायेगी ।
बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष ने कहा कि ÓÓसड़क में घुम रहे मानसिक रोगी को उचित चिकित्सा एवं विधिक सहायता पहॅूचाये जाने के संबंध में नालसा की योजना मे प्रावधान दिये गये है। सडक में घुम रहे ऐसे मानसिक रोगी की जानकारी पुलिस प्रशासन को एवं इस प्राधिकरण को दिये जाने पर चिन्हाकिंत मानसिक रोगियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने की कार्यवाही की जावेगी। वृद्धजनों की पारिवारिक समस्या ध् चिकित्सा समस्या एवं अन्य विधिक समस्यों को संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए हल किये जाने का प्रयास किया जावेगी तथा वृद्वजनों को नि:शुल्क अधिवक्ता उनके प्रकरणों में उपलब्ध कराई जावेगी। श्री श्रीवास्तव ने विशेष रूप से मुख बधिर संस्था के संचालक से छत्तीसगढ राÓय विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा मुख बधिर व्यक्ति के लिए चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत् कानून के विषयों पर अन्य जिले के द्वारा बहुत से विडियो तैयार कर अपलोड किये गये है जिनके माध्मय से मुख बधिर व्यक्ति कानून की जानकारी उन्ही की भाषा में समझ सकते है वे इन विडियों के माध्मय से अपने अधिकारों को जान सकते है। इन विडियों का मुख बधिर व्यक्तियों पर अधिक से अधिक संख्या में प्रचार -प्रसार किये जाने पर जोर दिया गया।
श्री राजेश श्रीवास्तव के द्वारा अपने व्यक्तव में कहा कि ÓÓ कोविड -19 की अवधि में ÓÓ घरेलू हिंसा ÓÓसे संबंधित मामले बढे है इसके लिए एन.जी.ओ. विशेष अभियान चला कर जागरूकता का कार्य कर सकता है। घरेलू हिंसा पारिवारिक रिश्तों से बंधा होता है जिन्हें सुलह के माध्यम से सुलझाया भी जा सकता है तथा घरेलू हिंसा करने वाले पारिवारिक सदस्य को कानून की जानकारी दिया जा सकता है। घरेलू हिंसा की घटनाएं को रोकने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाया जा सकता है गा्रमीण परिवेश में घरेलू हिंसा कानून की जानकारी दिया जाना चाहिए।
आज आयोजित बैठक में स्वै'िछक संस्था प्रयास, स्नेह सम्पदा, बाईट शिक्षण एवं मानव कल्याण समिति, त्रिविधा विकास समिति , तुलसी लोक विकास, रेडक्रॉस सोसायटी , आस्था, कल्याणी सोशल वेलफेयर के प्रमुखों के द्वारा भाग लिया गया।
दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार आज निगम के भवन शाखा द्वारा सिकोला बस्ती, सांई नगर, उरला रोड नहर किनारे सहित चार लोगों के अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की। कार्यवाही के दौरान नायबतहसीलदार प्रीतम चैहान, भवन अधिकारी प्रकाशंचद थवानी, सहा0 भवन अधिकारी गिरीश दीवान, उपअभियंता विनोद मांझी के अलावा मामेहन नगर पुलिस थाना का पुलिस बल, और निगम अतिक्रमण दस्ता टीम मौजूद था ।
सिकोला बस्ती वार्ड 16 में शासकीय नवीन स्कूल के पीछे लखन यादव, राजू यादव, एवं लक्षमण यादव द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रुप से कब्जा कर भैंस खटाल बना लिया गया था। जिससे पूरा क्षेत्र गंदगी से और आवागमन से सड़क प्रभावित होता था। जिसकी सूचना शिकायत पर आज कार्यवाही कर भैंस खटाल को हटाया गया। और उन्हें चेतावनी दी गई कि दोबारा अतिक्रमण किये जाने पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
निगम अमला ने सांई नगर, और उरला रोड में पायल मेडिकल स्टोर, तथा अन्य दो निवासियों द्वारा सड़क भाग को प्रभावित करते हुये तार फेसिंग का बाउंड्रीवाल बनाया था एक व्यक्ति ने ठेला गुमटी लगाकर अतिक्रमण किया गया था। जिसे जेसीबी की मदद से अतिक्रमणों को हटाकर चेतावनी दी गई । निगम आयुक्त ने शहर वासियों से अपील कर कहा कि शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 प्रारंभ है निगम द्वारा शहर की व्यापक स्तर पर साफ-सफाई करायी जा रही है साथ ही किसी भी प्रकार का अतिक्रमण आदि पर कड़ी कार्यवाही किया जा रहा है। अत: सभी अपने घरों और दुकानों का कचरा नाली, सड़क में न डालें, कहीं पर भी किसी भी प्रकार से अतिक्रमण न करें । किसी के भी द्वारा यदि नाली के ऊपर, सड़क किनारे, शासकीय भूमि में अतिक्रमण किया जाता है तो तत्काल नगर निगम को अवश्य सूचित करें ।
निपानी, अमलीडीह में नरवा स्ट्रक्चर देखे, इनके संबंध में दिये निर्देश
- नरवा के 858 कार्य स्वीकृत, इनमें 596 निर्माण कार्य पूरे, ऐसे स्ट्रक्चर बनाये जा रहे जिससे भूमिगत जल के रिचार्ज में होगी तेजी और यह जिले में रबी के रकबे के विस्तार के लिए वरदान साबित होंगी
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना पर तेजी से कार्य दुर्ग जिले में हो रहा है। इसके एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट नरवा के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की स्थिति देखने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे निपानी और अमलीडीह पहुंचे। पाटन ब्लाक में 9 नालों में अभी नरवा के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। कलेक्टर ने निपानी में नाले में बने स्ट्रक्टर देखे। इनमें लूस बोल्डर स्ट्रक्चर, रिटेनिंग वाल आदि देखे। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री स'िचदानंद आलोक भी उपस्थित थे। उन्होंने जिले में चल रही निर्माणाधीन योजनाओं की जानकारी कलेक्टर को दी। पूरे जिले में नरवा के नाला जीर्णोद्धार, बोल्डर चेक डेम, अंडर ग्राउंड डाइक, चेक डेम, परकुलेशन टैंक तथा बैंक प्रोटेक्शन के कार्य चल रहे हैं। ऐसे 858 कार्य 29 नालों के लिए स्वीकृत किये गए हैं। इनमें 596 कार्य पूरे हो चुके हैं। कलेक्टर ने आज ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कहा कि नरवा योजना के अंतर्गत ऐसे स्ट्रक्चर तैयार किये गए हैं जो पानी की गति को मद्धिम कर देते हैं। इससे पानी नीचे रिसने लगता है और धीरे-धीरे भूमिगत जल का स्तर बढऩे लगता है। नालों के किनारे रह रहे ग्रामीणों ने बताया कि वे पानी ले रहे हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सारे निर्माण टेक्निकल तरीके से होने चाहिए। कोशिश हो कि न्यूनतम समय में यह कार्य पूरे हों। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से निर्माण कार्यों की मानिटरिंग करें। जिस तरह से निर्देश नरवा प्रोजेक्ट्स के संबंध में दिये गए हैं। निर्माण कार्य उसी तरह होने चाहिए। उन्होंने कहा कि नाला जीर्णोद्धार का कार्य भी बेहद जरूरी है। जहाँ सिल्ट आदि जम रहे हैं उन्हें हटाया जाए। इन ग्रामों के सरपंचों से चर्चा में कलेक्टर ने कहा कि नरवा प्रोजेक्ट आपके गाँव के लिए बेहद अहम है। इसके क्रियान्वयन पर नजर रखें। इस प्रोजेक्ट में ऐसे निर्माण कार्य किये जाने हैं जो पानी की गति को कम करते हैं इसके लिए अनेक तरह के स्ट्रक्चर हैं जो भूमिगत जल का स्तर बढ़ाने के लिए उपयोगी होते हैं। इनकी मानिटरिंग करें।
उन्होंने कहा कि नालों के एक-एक बूँद को सहेजने से भूमिगत जल के स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। इससे आप रबी फसल भी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि नरवा योजना का उद्देश्य है कि किसान केवल खरीफ तक सीमित न रखे। चूँकि अब धीरे-धीरे इस योजना के माध्यम से वाटर रिचार्ज की प्रगति होगी तो यह सिंचाई के लिए भी उपयोगी होगा। जिला पंचायत सीईओ श्री स'िचदानंद आलोक ने भी अधिकारियों को कहा कि नरवा से संबंधित डिजाइन काफी सोचसमझ कर और स्थानीय भौगोलिक स्थिति के मुताबिक तैयार किए जाएं ताकि अधिकतम लोगों तक इसका फायदा पहुंच सके।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम चरोटा और अरौद के गौठान का निरीक्षण कर जायजा लिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर इस अवसर पर मौजूद थे। उन्होंने गौठान परिसर में चल रहे आजीविका संवर्धन संबंधी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।
कलेक्टर ने स्वसहायता समूहों की सदस्यों से चर्चा कर गोधन न्याय योजना के तहत् खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और विक्रय की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम चरोटा के गौठान में पर्याप्त विद्युत व्यवस्था के लिए क्रेडा विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। गौठान परिसर में डेयरी व्यवसाय और मुर्गीपालन हेतु भी आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने गौठान परिसर में स्वसहायता समूह के माध्यम से सब्जियाॅ उत्पादन हेतु कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।
कलेक्टर ने ग्राम अरौद के गौठान परिसर में मुर्गीपालन और डेयरी व्यवसाय के लिए आवश्यक कार्यवाही हेतु पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने वहाॅ मछली पालन के लिए डबरी निर्माण हेतु भी आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत ठाकुर, जनपद पंचायत बालोद के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर श्री सुब्रत प्रधान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्वसहायता समूह के सदस्य आदि उपस्थित थे।
केन्द सरकार और राज्य के भाजपाई कृषि कानून पर किसानों को कर रहे हैं गुमराह
दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य व जिला प्रभारी लालजी चंद्रवंशी व जिला अध्यक्ष श्रीमती तुलसी साहू ने एक पत्रकारवार्ता लेकर बताया कि प्रदेश में धान खरीदी को लेकर विपक्ष द्वारा लगातार लगाये जा रहे आरोप निराधार है। मुद्दा विहीन विपक्ष द्वारा प्रदेश के किसानों में अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बेहतर तरीके से धान खरीदी हो रही है। धान खरीदी में कही कोई शिकायत नही है,धान खरीदी का कार्य सब ठीक ढंगसे चल रहा है। जिला प्रभारी लालजी चंद्रवंशी ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में धानखरीदी में व्यवधान उत्पन्न कराने की हर तरह से कोशिश की जा रही है।
केन्द्र सरकार एफसीआई के माध्यम से धान का पर्याप्त उठाव नहीं कर रही जिससे समितियों के पास धान जाम हो गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय पुल में 60 लाख मट्रिक टन धान खरीदी का आश्वासन दिया लेकिन अब कह रही है केवल 24 लाख मेट्रिक टन धान खरीदेंगे। केन्द्र सरकार बारदानों की व्यवस्था भी नहीं कर रही जिससे खरीदी पर असर पड़ रहा है। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार नगद राशि से बारदानों की खरीदी कर धान खरीदी की व्यवस्था दुरुस्त कर रही है। प्रदेश में सभी जिलों में क्रमानुसार धानखरीदी किया जा रहा है
छोटे किसानों का पहले खरीद रहे धान
चंद्रवशी ने आगे बताया कि प्रदेश में धानखरीदी के लिए जो नियम निर्धारित किए गए हैं उसके तहत पहले छोटे किसानों का धान खरीदा जा रहा है। इसके बाद बड़े किसानों का धान खरीदा जाएगा। चंद्रवंशी ने बताया कि 5 जनवरी तक प्रदेश में 57 लाख 37 हजार मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 14 लाख 51 हजार 206 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 17 लाख 60 हजार 295 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 14 लाख 75 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
इस दौरान जिला अध्यक्ष तुलसी साहू ने प्रदेश के 9 भाजपा सांसदों व दो राज्यसभा सांसदों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे पर सभी सांसद केन्द्र सरकार से मांग क्यों नहीं कर रहे हैं। पिछले दिनों प्रदेश भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी देवी ने छत्तीसगढ़ के लिए 9 हजार करोड़ रुपए जारी किए जाने का झूठा दुस्प्रचार किया। जबकि सरकार ऐसी कोई राशि मिली नहीं। आखिर इस प्रकार का झूठ फैलाकर भाजपा की प्रदेश प्रभारी क्या साबित करना चाहती है।
कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र सरकार पर साधा निशाना
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य के भाजपाई किसानों को कृषि कानून के मामले में केवल गुमराह कर रहे हैं। केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों को लेकर भी निशाना साधा गया। केन्द्र सरकार के तीनों कानून किसान विरोधी हैं। इन कानूनों से किसानों को न तो एमएसपी की गारंटी मिलेगी और न ही उनके फसल की उचित कीमत। कृषि कानून में मंडी प्रथा खत्म हो जाएगी जिससे एमएसपी नहीं मिलेगी। वहीं कांट्रेक्ट फॉर्मिंग से किसानों की जमीन का सौदा तय है। एक समय ऐसा आएगा कि किसानों के पास अपनी जमीन बेचने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं होगा। वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम से अवैध भंडारण को आजादी मिलेगी। कांग्रेस केन्द्र के तीनो काला कानून का विरोध करती है।
प्रेसवार्ता में महापौर व विधायक देवेन्द्र यादव, पूर्व मंत्री बीडी कुरैशी, सीजू एंथोनी, बृजमोहन सिंह, नीता लोधी, महेश जायसवाल, अतुलचंद साहू, मृत्युजंय भगत, राजेश शर्मा, आदित्य सिंह, अमित उपाध्याय, इरफान खान, निलेश चौबे, तुलसी पटेल, जानकी साहू, परविन्दर, सहित बड़ी संख्या में जिले के कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / अंबागढ़ चौकी के भारत गैस गोदाम का ताला तोड़कर भरे हुए दस सिलेंडर चुराने वाले पांच आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के पास से चोरी के सिलेंडर भी बरामद किया गया है। सिलेंडर चोरी के मामले को अंबागढ़ चौकी पुलिस ने 72 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। सभी आरोपित अंबागढ़ चौकी के ही है। थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर चोरी करने वाले एक आरोपित को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपित ने अपने चार दोस्तों के साथ चोरी करना स्वीकार किया। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिए हैं।
घटना बीते 31 दिसंबर की दरमियानी रात करीब एक से दो बजे की है। जब आरोपित पठानपारा अंबागढ़ चौकी निवासी मुकेश कुमार श्याम उर्फ लोकू ने अपने चार साथी पूर्णाचंद अमीला, खिलेश यादव, सुखचंद यादव उर्फ गुड्डू, देवेंद्र कौशिक उर्फ दीपक और भूपेंद्र निषाद के साथ मिलकर भारत गैस के गोदाम से सिलेंडर चोरी करने की योजना बनाई। रात में ही प्लानिंग कर सभी पांचों आरोपित गोदाम पहुंचे और ताला तोड़कर वहां से भरा हुआ दस गैस सिलेंडर चोरी कर लिए। चोरी के सिलेंडर को सभी आरोपितों ने आपस में बांट लिए और घरों में छिपाकर रखे थे। दूसरे दिन सुबह जब गोदाम को खुला देखा तो वहां के निशा मिश्रा ने सिलेंडर चोरी की शिकायत अंबागढ़ चौकी थाने में दर्ज कराई। सिलेंडर चोरी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच टीम बनाकर मामले की पड़ताल शुरू की। इस बीच अंबागढ़ चौकी के तिगाला पेट्रोल पंप के पास पठानपारा में रहने वाले मुकेश कुमार को सिलेंडर बेचने के लिए ग्राहक तलाशते देखा गया। मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल उसे घेराबंदी कर हिरासत में लिया और पूछताछ की। जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल भी किया और बताया कि वो पहले उसी गोदाम में काम करता था। पुलिस ने आरोपित मुकेश की निशानदेही में उसके घर में छिपाकर रखे दो सिलेंडर व चोरी की घटना में उपयोग किए मोटरसाइकिल सहित गोदाम का ताला तोड़ने के दौरान उपयोग में लाए लोहे के राड व अन्य सामान को जब्ती किया। वहीं बाकि आरोपितों के पास से गैस सिलेंडर बरामद कर सभी को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू रूप से धान खरीदी की मांग लेकर एसडीएम कार्यालय में हल्ला बोल प्रदर्शन करने पहुंच रहे अन्नदाताओं को पुलिस ने जनपद कार्यालय के पास ही रोक लिया। पुलिस ने किसानों को रोकने जनपद के सामने ही बेरिकेट्स लगाया था, जहां किसानों की घेराबंदी की गई, ताकि किसान एसडीएम दफ्तर तक ना पहुंच सकें। इससे पहले जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सामने किसान इकट्ठा हुए। यहां से अन्नदाताओं का जत्था ताला लेकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय के लिए कूच किया, पर पुलिस ने बेरिकेटिंग की घेराबंदी कर किसानों को बढ़ने नहीं दिया। पुलिस की बेरिकेटिंग को पार करने अन्नदाताओं ने कई कोशिशे की। जिस पर एसडीएम मुकेश रावटे को मौके पर बुलाकर किसानों से मुलाकात कराई गई। किसानों ने कहा कि जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की व्यवस्था डगमगा गई है। केंद्रों में बारदाना भी नहीं है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अन्नदाताओं ने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में जिला कार्यालय में तालाबंद कर उग्र आंदोलन करेंगे।
धान खरीदी में अव्यवस्था और बारदाना नहीं होने से आक्रोशित किसानों ने जिला किसान संघ के बैनर तले तीन दिन पहले ही प्रशासन को लिखित शिकायत देकर व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, जिसमें किसानों ने व्यवस्था नहीं सुधरने पर एसडीएम कार्यालयों में ताला जड़ने की चेतावनी दी थी। किसानों की भीड़ जुटते ही प्रशासन ने पुलिस की मदद से अन्नदाताओं को रोकने जनपद पंचायत के सामने बेरिकेट्स की घेराबंदी की। जहां किसानों को रोका भी गया।
किसानों की मांग पर एसडीएम मुकेश रावटे मौके पर पहुंचे, जहां एसडीएम ने बताया कि सोमवार से सभी खरीदी केंद्र चालू हो गए हैं। एक-दो दिन में बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता भी करा दी जाएगी। खरीदी भी सुचारू रूप से हो इसकी व्यवस्था भी बनाएंगे। इस आश्वासन के बाद किसान शांत तो हो गए, लेकिन अन्नदाताओं ने लगातार आश्वासन का विरोध भी किया। अफसरों के साथ बहस भी हुई। जिस पर किसानों ने तीन दिन के भीतर व्यवस्था सुधारकर समस्या का समाधान करने की बात कही है। किसानों ने कहा कि अगर तीन दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी तो जिला कार्यालय में हल्ला बोलेंगे।
प्रदर्शन के दौरान अन्नदाताओं ने खरीदी केंद्रों में किसानों से लिए जा रहे बारदानों का 30 रूपये भुगतान करने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि बारदाना नहीं होने के कारण अन्नदाता बाजार से 25 से 30 रूपये में बारदाना खरीद रहे हैं, लेकिन उपार्जन केंद्रों में इसकी कीमत किसानों को 15 रूपये ही दी जा रही है। जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। इस दौरान जिला किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम, रमाकांत बंजारे, लखन साहू, गैंद साहू, मंगल देवांगन, नारद कोठलिया, मनबोधी निषाद, जगत देवांगन, धर्मेन्द्र साहू, कैलाश साहू, केशव देवांगन, शामर रतन, मनीष चतुर्वेदी, रमेश साहू, संतोष साहू, रामाधार साहू, वीरेन्द्र उके, ईश्वरी नेताम, पुनु पटेल, नीलकण्ठ साहू, उत्तम साहू व अन्य अन्नदाता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बताया गया कि किसानों ने डोंगरगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़, मोहला एसडीएम कार्यालय में भी हल्ला बोल प्रदर्शन किया।
० वैक्सीन के लिए पंजीकरण अनिवार्य, दिखाने होंगे आईडी कार्ड
० कोरोना वैक्सीन स्वैच्छिक, 28 दिनों के अंदर लेने होंगे 2 डोज
० स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुकलेट जारी कर दी जरूरी जानकारी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए वैक्सीन देने की तैयारी जोरों पर है। इसके लिए चुनिंदा जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्राइ रन यानी पूर्वाभ्यास भी किया गया है। हालांकि, वैक्सीनेशन को लेकर आमजन अब थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन अभी भी अधिकांश के मन में टीकाकरण के प्रति कई सवाल भी है। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीकाकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देते हुए एक पुस्तिका जारी कर टीकाकरण से संबंधित आंशकाओं व भ्रांतियों को भी दूर किया है।
भारत में कोरोना वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी जितनी अन्य देशों द्वारा विकसित वैक्सीन, वैक्सीन परीक्षण के विभिन्न चरणों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। सुरक्षा और प्रभाव की डेटा की जांच के आधार पर मंजूरी के बाद ही नियामक निकायों द्वारा वैक्सीन लगायी जायेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह स्पष्ट भी किया है कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित किया गया है। इन्हें तीन समूहों में बांटा गया है। पहले समूह में हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर शामिल हैं। दूसरे समूह में 50 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति तथा जो पहले से ही किसी रोग से ग्रसित हैं, इसके बाद अन्य आम लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराया जायेगा।
28 दिनों के अंदर लेनी होगी दूसरी खुराक
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह स्पष्ट भी किया है कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है। कोरोना वैक्सीन व्यक्ति की रजामंदी के बाद ही दिया जाना है। यद्यपि, स्वयं की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए कोरोना वैक्सीन आवश्यक भी है। साथ ही वैक्सीन की पूरी खुराक पूरा करने के लिए 28 दिन के अंदर एक व्यक्ति द्वारा इसकी 2 खुराक लेने की सलाह दी गयी है।
कोविड वैक्सीनेशन के लिए पहले होगा पंजीकरण
कोविड वैक्सीनेशन के लिए पात्र लाभार्थियों को पहले पंजीकरण कराना होगाद्य उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा सूचित किया जायेगा। पंजीकरण के लिए फोटो के साथ पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
पंजीकरण के लिए देने होंगे फोटो पहचान पत्र
० आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी एवं पैन कार्ड
० पासपोर्ट, जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज, मनरेगा कार्ड
० स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
० सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र
० बैंक, पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक
० केंद्र-राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड
इन कारणों से जरूरी है पंजीकरण व कागजात
कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन नहीं प्राप्त कर सकता है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल और समय की जानकारी दी जायेगद्य। फोटो आईडी पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इच्छित व्यक्ति को वैक्सीन लगाया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद लाभार्थी को वैक्सीनेशन की नियत तिथि, स्थान और समय के बारे में अपने मोबाइल पर एसएमएएस प्राप्त होगा। कोरोना वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर लाभार्थी को उनके मोबाइल नंबर पर एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र भी भेजा जाएगा।
इन सावधानियों का भी करना होगा पालन
कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कम से कम आधे घंटे तक वैक्सीनेशन केंद्र में आराम करना चाहिए, यदि बाद में कोई असुविधा या बेचैनी महसूस होती है तो निकटतम स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम और आशा को इसकी सूचना दें। कोरोना अनुरूप व्यवहारों जैसे मॉस्क पहनना, हाथ की सफाई और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाये रखने का पालन करें।
मधुमेह व उच्च रक्तचाप पीड़ित के लिए जरूरी
यदि कोई कैंसर मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि जैसी बीमारियों की दवा ले रहा है तो वह भी कोरोना वैक्सीन ले सकता है। इनमें से एक या एक से अधिक स्वास्थ्य परिस्थितियों वाले व्यक्तियों को एक उच्च जोखिम वाली श्रेणी माना जाता है। कोविड संक्रमितों को भी वैक्सीनेशनेशन की आवश्यकता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
