September 09, 2026
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    राजनांदगांव

    राजनांदगांव (1782)

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने 54 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे दिग्विजय स्टेडियम का निरीक्षण किया। कलेक्टर कलेक्टर वर्मा ने दो माह के भीतर स्टेडियम के निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही यह स्टेडियम जनता के लिए आरंभ हो जाएगा। सभी खेल प्रेमी इसका उपयोग कर सकेंगे। लगभग सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं और फिनिसिंग स्टेज पर है। अमृत मिशन के तहत नगर निगम से पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया गया हैं। उन्होंने वहां शॅापिंग काम्प्लेक्स में नवनिर्मित दुकानों का भी अवलोकन किया और नीलामी करने के संबंध में चर्चा की गई। ग्राउण्ड में मरम्मत एवं समतलीकरण कार्य के लिए कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री डीके नेताम को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
    उन्होंने स्टेडियम के समीप दुकान निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए कहा। कलेक्टर ने स्टेडियम में बास्केटबाल हॉल, बैडमिंटन कोर्ट, पॉर्किंग एवं व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि दिग्विजय स्टेडियम में इंडोर स्टेडियम में दो बास्केटबाल हॉल है। वही आउटडोर ग्राउण्ड में चार बास्केटबाल मैदान है। इंडोर हॉल में तीन बैडमिंटन कोर्ट है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, कार्यपालन अभियंता नगर निगम राजनांदगांव दीपक जोशी, कार्यालय सहायक स्टेडियम तीरथ गोस्वामी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले में धान फसल की कटाई प्रारंभ हो चुकी है, जिन क्षेत्रों में धान के बाद रबी फसल लिया जाता है वहाँ किसान धान कटाई के बाद खेत में पड़े पराली को जला देते है। इसके संबंध में किसानों को भ्रम है कि पराली जलाने के बाद अवशेष (राख) से खेत को खाद मिलेगा तथा खेत साफ हो जाएगा, लेकिन यह सोचना गलत है, क्योंकि पराली जलाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता तथा लाभदायक कीट भी खत्म हो जाती है। साथ ही वायु प्रदुषण का कारण बनती है जिससे मनुष्य, पशु पंक्षी सभी को विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी होती है जिसका उदाहरण -दिल्ली, पंजाब, हरियाणा जैसे शहरों में कुछ वर्षो से देखने को मिल रहा है।
    धान की पराली जलाने से होने वाले नुकसान -
    एक टन धान पराली जलाने से हवा में 3 किलो ग्राम कार्बन, 513 किलो ग्राम कार्बन डाई-आक्साईड, 92 किलो ग्राम कार्बन मोनो आक्साईड तथा 250 किलो ग्राम राख घुल जाती है। धान पराली जलाने से वायु प्रदुषित होने से आँखो में जलन एवं सांस संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पराली जलाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता लगातार घट रही है इस कारण भूमि में 80 प्रतिशत तक नाईट्रोजन, सल्फर एवं 20 प्रतिशत अन्य पोषक तत्व की कमी आ रही है। मित्र कीट की मृत्यु होने से नई-नई बीमारियाँ उत्पन्न होती है। एक टन धान पराली जले से 5.5 किलो ग्राम नाईट्रोजन, 2 किलो ग्राम फास्फोरस और 1.2 किलो ग्राम सल्फर जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। पशुओं के लिए वर्ष भर चारा आपूर्ति की समस्या बन जाती है।
    फसल अवशेष/पराली/नरवाई जलाने पर आर्थिक दंड -
    आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा वायु (प्रदुषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 19(5) के अंतर्गत फसल अपशिष्ट को जलाया जाना प्रतिबंधित किया गया है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के तहत खेती में कृषि अवशेषों को जलाये जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है जिसके तहत पराली जलाने वाले व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आर्थिक दंड के रूप में 2 एकड़ से कम खेत पर 2500 रूपए, 2 से 5 एकड़ खेत पर 5000 रूपए तथा 5 एकड़ से अधिक पर 15000 रूपए जुर्माना लगाया जाएगा।
    पराली का निर्मित गौठान में दान -
    जिले में सुराजी गांव योजना के तहत गौठान निर्मित किए गए है जिसमें धान पराली का दान करें, ताकि गौठान में वर्षभर पशुओं के लिए चारा आपूर्ति बनी रहें। पैरादान करने के लिए संबंधित गौठान समिति/ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर सकते है।
    पराली का प्रबंधन -
    स्टा मल्चर मशीन की सहायता से पराली को गठ्ठे में एक कर उपयोग कर सकते है। वेस्ट डी-कम्पोजर के 200 लीटर प्रति एकड़ घोल को फसल कटाई उपरांत खेतो में पड़े अवशेषों के उपर छिड़काव कर सड़ा सकते है। जिससे खेतों में ही पोषक तत्व प्रबंधन किया जा सकता है। वेस्ट डी-कम्पोजर बनाने के लिए 200 लीटर पानी में 2 किलो ग्राम गुड़ मिलाकर वेस्ट डी-कम्पोजर का 20 ग्राम का घोल डालकर 6 से 7 दिन के लिए ढककर रख देते है। प्रतिदिन दो बार डंडे से उसे अच्छी तरह मिलाना चाहिए। धान के पराली का यूरिया से उपचार करके पशु चारे के रूप में उपयोग कर सकते है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / बड़े शहरों के शिक्षण विधि के तर्ज पर विद्यार्थियों को डिजिटल एजुकेशन देने के लिए राजनांदगांव जिला के मोहला ब्लॉक के स्मार्ट टीवी से अध्यापन के नवाचार को विभाग द्वारा काफी सराहना मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ राज्य स्तर पर प्रकाशित होने वाले ई पत्रिका शिक्षा के गोठ में भी इसको विशेष रूप से प्रकाशित किया गया है। स्मार्ट क्लास द्वारा अध्यापन को बढ़ावा देने वाले सोमाटोला के शिक्षक श्री राजकुमार यादव के बारे में पत्रिका ने विशेष लेख प्रकाशित किया है। उल्लेखनीय है कि मोहला के शिक्षक श्री राजकुमार यादव जो शिक्षा के क्षेत्र में नये-नये नवाचार करने के लिए जाने जातेे है, वो इस नवाचार के प्रथम प्रेरणास्रोत है।
    मोहला एबीईओ राजेन्द्र कुमार देवांगन ने जानकारी दिया कि शिक्षा के गोठ विभाग की एक राज्यस्तरीय ऑनलाइन ई पत्रिका है। जिसमें पढ़ाई में नवाचार करने वाले व बेहतर शिक्षण देने वाले शिक्षकों व स्कूलों के बारे में लेख प्रकाशित किया जाता है। यह पत्रिका पढ़ई तुहर दुआर पोर्टल में उपलब्ध है। इस ई पत्रिका के प्रथम संस्करण अक्टूबर 2020 के अंक में मोहला के शिक्षकों के नवाचार को प्रकाशित किया गया है। मोहला ब्लाक के शिक्षकों ने राज्य स्तरीय ई पत्रिका में उनके नवाचारी प्रयास को स्थान देने के लिए राज्य स्तर के विभागीय अधिकारीगण एवं संपादक मंडल के सदस्यगण श्री आरएन सिंह, डॉ. योगेश शिवहरे, एके सोमशेखर, प्रशांत कुमार पांडेय, डॉ. एम सुदीश, डॉ. विद्यावती चंद्राकर, सत्यराज अय्यर, डॉ. जयाभारती चंद्राकर सहित उप संचालक जनसंपर्क राजनांदगांव डॉ. उषा किरण बड़ाईक का आभार प्रदर्शित किया है। उल्लेखनीय है कि मोहला ब्लाक के कुल 272 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालााओं में स्मार्ट टीवी के जरिये अध्यापन का नवाचारी प्रयास शिक्षकों द्वारा स्वप्रेरणा से प्रेरित होकर किया जा रहा है, जिसमें 224 स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगाने का कार्य शिक्षकों द्वारा स्वयं के व्यय एवं जनसहयोग से पूर्ण किया जा चुका है। ऐसे नवाचार के संबंध में विभागीय ई पत्रिका में लेख प्रकाशित होने से मोहला ब्लॉक के शिक्षकों का उत्साह और बढ़ा है तथा अन्य ब्लॉक के शिक्षक भी प्रेरित होकर इसका अनुसरण कर रहे है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / ऊर्जा मंत्रालय, भारत शासन के अतिरिक्त सचिव एवं केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी आशीष उपाध्याय ने आज आकांक्षी जिला राजनांदगांव में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    ऊर्जा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी आशीष उपाध्याय ने कहा कि आकांक्षी जिला राजनांदगांव में नीति आयोग द्वारा निर्धारित सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं अन्य संकेतको पर अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण दर में कमी आई है। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए भी साफ्टवेयर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को ट्रेक करने के लिए कहा। ताकि इसके आधार पर सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में दी जा रही सुविधाओं एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने जिले में मृदा परीक्षण की संख्या बढ़ाने के लिए भी कहा।
    कलेक्टर वर्मा ने उन्हें बताया कि स्वास्थ्य, पोषण, अधोसंरचना, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेश एवं कौशल विकास के महत्वपूर्ण संकेतक पर जिले में अच्छा कार्य किया जा रहा है। कोविड-19 के दौरान टेक होम राशन भी हितग्राहियों के घरों तक पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जो रोड स्वीकृत हुए हैं उनमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोड निर्माण में कुछ दिक्कते हुई है। कोरोना की वजह से भी कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन अब कार्यों में गति लाते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। इसके लिए फेस-3 की राशि भी स्वीकृत हुई है। जिले में 1698 ग्राम है। जिनमें से अधिकांश ग्राम पंचायतों में कनेक्टीविटी है। मानपुर, मोहला के दूरस्थ ग्रामों में कुछ स्थानों में कनेक्टीविटी के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि संस्थागत प्रसव में बढ़ोत्तरी के लिए कार्य किया जा रहा है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश ने कहा कि कुपोषण दर में कमी आई है। सुपोषण को बढ़ावा देने के लिए समाज से सहयोग लेते हुए सुपोषण पात्र जैसी योजना आरंभ कर सकते हैं। लीड बैंक प्रबंधक श्री अजय त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्याति योजना के तहत दिए गए लक्ष्य 9669 के विरूद्ध 10 हजार हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर नीति आयोग के फेलो सुश्री ज्योति सिंह ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से नीति आयोग के संकेतक पर जिले की प्रगति की जानकारी दी। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम, सहायक संचालक कौशल विकास नितिन हिरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / संभागायुक्त टीसी महावर ने आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव से दूर आरोहण बीपीओ ग्राम टेड़ेसरा में कलेक्टर्स, एसपी, डीएफओ एवं जिला पंचायत सीईओ के कार्यों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली और इसके साथ पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था एवं अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक) श्रीमती शालिनी रैना, कलेक्टर राजनांदगांव टोपेश्वर वर्मा, कलेक्टर दुर्ग सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, कलेक्टर कबीरधाम रमेश कुमार शर्मा, कलेक्टर बालोद जन्मेजय महोबे, कलेक्टर बेमेतरा शिव अनंत तायल, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    संभागायुक्त महावर ने कहा कि सभी अधिकारी समन्वय एवं सहयोग के साथ बेहतरीन कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें। राजस्व के लंबित प्रकरणों के निराकरण के कार्य में विशेष ध्यान दें। पुलिस महानिरीक्षक श्री विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि संभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों के बेहतर तालमेल का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि दोनों अधिकारी साथ मिलकर कार्य करते हैं तो समस्या का निपटारा तुरंत हो जाता है। उन्होंने समस्या के तत्काल निराकरण के लिए कहा।
    संभागायुक्त ने कहा कि अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन, विवादित खाता विभाजन का समय-सीमा में निराकरण करें। सीमांकन का कार्य महत्वपूर्ण है जहां ज्यादा प्रकरण लंबित है वहां शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने जिलावार राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तहसीलवार समीक्षा करने पर यह देखा जा सकता है कि किस तहसील से ज्यादा प्रकरण लंबित है। निराकृत प्रकरणों का राजस्व अभिलेखागार में भेजा जाना महत्वपूर्ण कार्य है। केस के डिस्पोजल के बाद उसे रिकार्ड रूम में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस कार्य के लिए डिप्टी कलेक्टर की ड्यूटी लगाएं।
    संभागायुक्त टीसी महावर ने कहा कि नक्शा नवीनीकरण का कार्य करें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि लैण्ड रिकार्ड, डायवर्सन, भू-भाटक वसूली, नजूल की समीक्षा अलग से करें। जिससे राजस्व अमले के कार्य में तेजी आएगी। उन्होंने गिरदावरी कार्य की भुईयां साफ्टवेयर में एन्ट्री की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयों का निरीक्षण करें। एसडीएम एवं तहसीलदार निरीक्षण के दौरान दायरा पंजी, डिस्पोजल पंजी का निरीक्षण करें जिससे उन पर नियंत्रण रखा जा सके। भू-अर्जन प्रकरण तथा मुआवजा वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अवितरित अवार्ड की राशि कितनी लंबित है इस पर ध्यान रखते हुए कार्य करें। भू-अर्जन के कितने प्रकरण नये हैं इसके साथ ही योजनाओं में भू-अर्जन के प्रकरण, जो समय-सीमा समाप्त होने पर निरस्त कर दिए गए है उन पर भी ध्यान दें। धान खरीदी, मक्का खरीदी एवं किसान पंजीयन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि समिति की सीमा देख लें एवं डिफाल्टर समिति पर निगरानी रखें। धान खरीदी के दौरान बार्डर स्थित जिले राजनांदगांव एवं कबीरधाम में राजस्व, पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारी समन्वित तरीके से कार्य करेंगे। उन्होंने व्यक्तिगत, सामुदायिक वन अधिकार पत्रों के वितरण की जानकारी ली। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत गौठान के फेस-2 का निर्माण एवं वर्मी बेड निर्माण, चारागाह, नरवा की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि नरवा शासन की महत्वपूर्ण योजना है जिसमें राजनांदगांव और बालोद जिले में अच्छा कार्य हुआ है। चबूतरा निर्माण का कार्य 15 नवम्बर तक पूर्ण हो जाना चाहिए। वर्मी बेड के निर्माण पर जिला पंचायत सीईओ विशेष ध्यान दें। डीएमएफ एवं समग्र ग्रामीण विकास के तहत अप्रारंभ कार्यों पर ध्यान देते हुए कार्य करें। गोधन न्याय योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। गोबर एकत्रित होने पर डीकम्पोजर का उपयोग करते हुए वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण कराएं। वर्मी कम्पोस्ट निर्माण चक्रशील बना रहे। संभागायुक्त ने सभी जिला पंचायत सीईओ से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के संबंध में जानकारी ली। परिवीक्षाधीन अधिकारियों के नियमित प्रशिक्षण एवं उनके कार्यों की मॉनिटरिंग करें।
    संभागायुक्त महावर ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने समन्वय करते हुए अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। कानून व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारी साथ में रहेंगे और जरूरी बातों के संबंध में जिला मजिस्टे्रट को अवगत कराएंगे। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट को प्रतिबंधात्मक धाराओं से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि निकट समय में ईद एवं दीपावली का पर्व आ रहा है और कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना होने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। खतरनाक सड़कों का चिन्हांकन कर पीडब्ल्यूडी से समन्वय कर इसे दूर कराएं। कोविड-19 के संकट की चुनौती का सामना करते हुए हमें कार्य करना है। पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर कोविड-19 के कठिन समय में शासन के निर्देशों का पालन किया गया और त्वरित गति से क्रियान्वयन भी हुआ। संभागायुक्त ने सभी पुलिस अधीक्षकों से उनके जिले की कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।
    पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि राजस्व, पुलिस एवं वन विभाग शासन के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। एकता एवं समन्वय के साथ इनका कार्य होना चाहिए। कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने में जिला मजिस्टे्रट की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समाज के हित के लिए सभी को मिलकर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राजनांदगांव जिले के बागनदी बार्डर में बड़ी संख्या में श्रमिकों के आने पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने आपसी समन्वय से बेहतरीन कार्य किया। सड़क चिरचारी के राहत कैम्प में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों के लिए सराहनीय कार्य किए, जिससे जिला एवं पुलिस प्रशासन की नई छवि निर्मित हुई। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में भूमि संबंधी एवं वन संबंधी विवादों का निराकरण आपसी समन्वय से किया जा सकता है। महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं एवं बातों को ध्यान में रखते हुए कार्य करें।
    मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना ने बताया कि वनधन केन्द्र एवं हाट बाजार स्वीकृत हो गए है। इस कार्य को प्राथमिकता से करते हुए गति लाने की जरूरत है। खैरागढ़ एवं कबीरधाम में लघु वनोपज संग्रहण का कार्य आरंभ हो गया है। लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं लघु वनोपज केन्द्र पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है।
    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव डी श्रवण, पुलिस अधीक्षक दुर्ग प्रशांत ठाकुर, पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम शलभ कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा दिव्यांग कुमार पटेल, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ रामावतार दुबे, जिला पंचायत राजनांदगांव श्रीमती तनुजा सलाम एवं दुर्ग संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ तथा एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्ट्रोक दिवस हर वर्ष 29 अक्टूबर को मनाया जाता है। स्ट्रोक ब्रेन अटैक के नाम से भी जाना जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को स्ट्रोक से होने वाले खतरों के प्रति आगाह करने के साथ-साथ ही उनको इससे बचाव के उपाय भी सुझाना है। विश्व स्ट्रोक संगठन के अनुसार स्ट्रोक का खतरा हर चार व्यक्तियों में से एक को होता है, इसलिए इस बार की थीम वह एक न बनें रखी गयी है।
    इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया आज-कल लोग काफी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, क्योंकि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण किसी की नौकरी छूट गयी है तो किसी का व्यापार बंद हो गया है। ऐसे में उनको स्ट्रोक होने का जोखिम और अधिक है। इसलिए स्ट्रोक के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
    विश्व स्ट्रोक संगठन के अनुसार पूरी दुनिया में हर वर्ष लगभग 1.70 करोड़ लोग स्ट्रोक्स की समस्या का सामना करते हैं, जिसमें से 60 लाख लोग तो मर जाते हैं, जबकि 50 लाख लोग स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं। दुनिया में होने वाली मौतों में स्ट्रोक दूसरा प्रमुख कारण है, जबकि विकलांगता होने का यह तीसरा प्रमुख कारण है। इतना गंभीर होने के बाबजूद भी कम से कम आधे से अधिक स्ट्रोक्स को लोगों में पर्याप्त जागरूकता पैदा कर रोका जा सकता है द्य
    क्या है स्ट्रोक?
    जब रक्त वाहिका नलिकायें किसी रुकावट या रिसाव के कारण मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाती हैं तो ऐसी स्थिति को स्ट्रोक कहते है। इसको ब्रेन अटैक के नाम से भी जाना जाता है।
    स्ट्रोक्स के लक्षणों को स्न्रस्भ् रणनीति के माध्यम से आसानी से पहचाना जा सकता हैः-
    स्न- फेस : किसी व्यक्ति के मुस्कुराने पर उसका चेहरा एक तरफ लटक रहा है तो उसे स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।
    ्र-आर्म : किसी व्यक्ति द्वारा दोनों हाथों को उठाने पर एक हाथ का न उठ पाना या गिर जाना।
    स्- स्पीच : यदि किसी व्यक्ति द्वारा साधारण शब्द बोलने पर उसकी आवाज में लडख़ड़ाहट होना।
    भ्- टाइम टू एक्शन : यदि आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण है तो एम्बुलेंस के लिए आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।

        राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक ने बालिका गृह एवं बालक संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश एवं अन्य स्टाफ  उपस्थित थे।

    राजनांदगाँव / शौर्यपथ / आबकारी मंत्री कवासी लखमा के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब पर सख्त कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में जिला राजनांदगांव के आबकारी विभाग ने घोरदा से रीवागहन मार्ग में वाहन चेकिंग के दौरान 24 अक्टूबर को अवैध मदिरा परिवहन करते मोटर-सायकल को पकड़ा और अवैध देशी शराब 17.28 बल्क लीटर जप्त किया तथा 23 अक्टूबर को थाना जोब क्षेत्र में 47.7 बल्क लीटर अवैध शराब जप्त किया है।
    आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से अवैध शराब की सूचना मिलते ही कलेक्टर राजनांदगांव टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त आबकारी अधिकारी राजनांदगांव के निर्देशन में 24 अक्टूबर को आबकारी विभाग की टीम ने घोरदा से रीवागहन मार्ग में डोंगरगढ़ निवासी सुनील बोरकर एवं अनमोल सांगेड़े से 96 पाव देशी शराब सोनी सौंप केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल 17.28 लीटर जप्त किया गया है। आबकारी विभाग ने 23 अक्टूबर को जयतुरा गोंड़ से 265 पाव देशी शराब फिरकी संत्री केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल मात्रा 47.7 बल्क लीटर जप्त कर किया गया। छापामार कार्रवाही में सहायक आबकारी अधिकारी सहित कर्मचारीगण शामिल थे।

     

    राजनांदगांव। शौर्यपथ । ( मृनेन्द्र चौबे की रिपोर्ट ) इंडियन प्रिमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है. शहर में कई बुकी, खाईवाल सक्रिय हैं. लगभग हर वर्ग इस सट्टेबाजी का हिस्सा बन चुका है. इस सट्टेबाजी के खेल में कई हैं जो अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं. बुकी के तौर पर किसी *एमएस* का नाम सामने आ रहा है जो कि महाराष्ट्र के खाईवालों से मिलकर यहां आईपीएल पर दांव लगवा रहा है. बताया जाता है कि सट्टे में नफा-नुकसान की दर मोबाईल एप्प से तय की जा रही है. उक्त बुकी संस्कारधानी में रोज़ाना लाखों के सौदे ले रहा है. प्रतिष्ठित व्यवसायी भी उसके संपर्क में हैं और शहर के कुछ नामी परिवारों के युवा भी उसके ही सहारे सट्टेबाजी में हाथ आजमा रहे हैं. खबर है कि पुलिस ने पिछले दिनों बुकी राजा गिड़िया को गिरफ्तार किया था उसने भी कई औरों के नाम उगले हैं. इसके अलावा उसके पास से जब्त किए गए मोबाईल से भी पुलिस के हाथ बड़ी जानकारी लगी है. बताया जा रहा है कि पुलिस इस *एमएस* की तलाश में जुटी है.

    राजनांदगांव में दबी जुबान में चर्चा यह भी है कि इस मामले में पुलिस विभाग के किसी व्यक्ति की भी मिली भगत है और इस सहयोग के बदले नए चार पहिया वाहन उपहार के लेनदेन की भी बात हो रही है । जिसकी जानकारी शायद उच्च अधिकारियों के पाश नही है । पुलिस विभाग अगर मामले की तह तक जाए तो कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते है । कोरोना आपदा में इस तरह के सट्टा व्यपार पर लगाम लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है । 

    ० संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम
    ० मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर जताया संतोष
    ० जिले भर में व्यवस्था का लिया जायजा

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की रोकथाम करते हुए लोगों के लिए स्वस्थ जीवन का वातावरण निर्मित करने के प्रति राजनांदगांव जिला प्रशासन गंभीर व सजग है। इस आशय पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने भी मुहर लगाई है। संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन ऋचा शर्मा एवं उनकी टीम ने राजनांदगांव के दौरे और विभिन्न बिंदुओं पर निरीक्षण में पाया किए यहां फिलहाल सब कुछ अच्छा है।
    संयुक्त सचिव एवं उनकी टीम ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में कोविड-19 के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा ने कहा, जिले में कोविड-19 की रोकथाम की दिशा में अच्छे कार्य किए जा रहे हैं। यहां के लैब बहुत अच्छे हैं और टेस्टिंग भी अच्छी तरह की जा रही है। होम आइसोलेशन में मरीज सही तरीके से आइसोलेट थे और स्वयं मरीजों ने संतुष्टि व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें अच्छा सहयोग मिला है। कोविड-19 केयर सेंटर उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति में मरीजों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। सीसीटीवी से निरीक्षण करने पर भी पता चला कि वहां पर्याप्त देखभाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन को और सुदृढ़ बना सकते हैं। इसके अलावा अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं की कोविड- 19 से मृत्यु भी हुई है, इसमें विशेष ध्यान देते हुए उनके बीमा का प्रावधान सुनिश्चित करें। यह बहुत जरूरी है कि मृत्यु दर को रोकने के लिए कोविड-19 मरीजों की पहचान जल्दी की जाए और उनका इलाज जल्दी शुरू किया जाए। कोविड-19 हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई बेड की संख्या बढ़ने पर भी समस्या का समाधान होगा। समीक्षा के दौरान कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने उन्हें जानकारी देते हुए बतायाए जिले में डेडिकेटेट कोविड-19 हॉस्पिटल पेंड्री में कोविड के लक्षण वाले मरीजों को तथा लक्षणविहीन मरीजों को कोविड-19 केयर सेंटर में रखा जा रहा है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन के मरीज भी हैं। होम आइसोलेशन की अनुमति केवल उन्हीं मरीजों को दी जा रही है जिनके घर में सुविधाएं उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने बताया, जिले के दानदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं एवं सेवाभावी नागरिकों से एक करोड़ 20 लाख रुपये नगद राशि सहयोग के रूप में प्राप्त हुए हैं।
    इसके अलावा समय-समय पर नागरिकों ने कूलर, एसी, पीपीई किट, ड्रायर, रेडमिसिविर इंजेक्शन, एवं अन्य आवश्यक सामान कोविड-19 हॉस्पिटल को उपलब्ध कराया है। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं कोविड-19 केयर सेंटर के रूप में सतत अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। इससे पहले टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर सोमनी के सीएचसी और कोविड सेंटर तथा काल सेंटर टेड़ेसरा का भी दौरा किया। यहां सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने टीम को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन पर जिले में चल रहे कोरोना नियंत्रण के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। केंद्रीय टीम ने इन प्रयासों की सराहना भी की।
    इस संबंध में राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम ने पूरे जिले में भ्रमण कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाई गई जिला प्रशासन की व्यवस्था का जायजा लिया और कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए संतोष भी जताया। उन्होंने कहा, त्यौहारों को देखते हुए कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर अभी और सजग रहने की जरूरत है। आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थाओं को और भी सुदृढ़ किया जाएगा जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।
    संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन ऋचा शर्मा एवं उनकी टीम के साथ हुई। समीक्षा बैठक में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, मॉनिटरिंग इवोल्यूशन ऑफिसर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत शासन डॉ. सुनील गिट्टे, मॉनिटरिंग इवोल्यूशन ऑफिसर स्वास्थ्य विभाग आनंद साहू एवं अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी व एसडीएम मुकेश रावटे समेत अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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