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० आरसेटी में महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं एवं विभिन्न विकासखंडों से आए लोगों को दिया जा रहा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण
० आत्मनिर्भर, आत्मविश्वास, स्वप्रेरणा एवं अनुशासन का दिया जा रहा प्रशिक्षण
राजनांदगांव / शौर्यपथ / ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं तथा अन्य महिलाओं एवं लोगों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 31 अगस्त से 9 सितम्बर तक बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में मशरूम उत्पादन में रूचि रखने वाले जिले के विभिन्न विकासखंडों से आये महिला समूह एवं पुरूष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। आरसेटी के संचालक अभिषेक ठाकुर ने बताया कि महिलाओं को मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने, व्यक्तितव विकास एवं संचार की दक्षता के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां उन्हें मशरूम उत्पादन के बाद पैकेजिंग, स्टोरेज का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही मशरूम से बनने वाले अन्य उत्पाद आचार, पाऊडर, पापड़ एवं अन्य उत्पाद के संबंध में भी बताया जा रहा है। यहां आवासीय परिसर में उनके रहने एवं भोजन की सुविधा निःशुल्क की गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए थर्मल स्क्रीनिंग भी की जा रही है। एनआरएलएम के डीपीएम उमेश तिवारी ने कहा कि मशरूम पोषक तत्वों एवं औषधीय गुणों से भरपूर है। बाजार में इसकी बहुत मांग है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन करने पर उद्यानिकी विभाग से मशरूम ड्राय मशीन निःशुल्क मिलती है।
आरसेटी के ऋषभ मिश्रा ने बताया कि यहां मशरूम उत्पादन के उद्यम के लिए बैंक से ऋण, लेन-देन, मशरूम उत्पादन के बाद मार्केंटिंग एवं प्रबंधन के संबध में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मशरूम विक्रय करने पर इससे बहुत मुनाफा प्राप्त हो सकता है। 300 रूपए में एक किलोग्राम मशरूम स्पान 2000 रूपए तक मशरूम उत्पादन हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार मशरूम कैंसर जैसी घातक बीमारी को नष्ट करने में सहायक है एवं शरीर के टॉक्सिन को भी खत्म करता है। बढ़ते बच्चों के विकास में सहायक है और इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सभी प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम फार्म में भ्रमण भी कराया जा रहा है, ताकि वे व्यवहारिक रूम से देखकर सीख सकें। दुर्ग से आयी ट्रेनर श्रीमती जागृति साहू ने बताया कि गर्वपानी एवं आर्गेनिक विधि से बटन मशरूम, आयस्टर, मिल्की मशरूम एवं पैरा मशरूम का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए 20 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए एवं आर्द्रता, 80-85 तक होनी चाहिए। मशरूम उत्पादन के लिए कच्चा मकान जहां नमी हो वह उपयुक्त होता है। पक्के मकान में भी इसका उत्पादन कर सकते है। डोंगरगढ़ के ग्राम मुसरा से आयी मोना पटेल ने बताया कि उन्हें यहां प्रशिक्षण में बहुत कुछ सीखने मिला। कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करना है। स्व प्रेरणा के साथ कैसे आगे बढ़ना है और स्वरोजगार अपनाकर सफल उद्यमी बनने के गुण बताए गए। आत्मनिर्भर होने तथा अनेकता में एकता की बातें बताई गई। उन्होंने कहा कि विश्व में मशरूम के लगभग 2500 प्रकार है, जिनमें से भारत में 2200 मशरूम है। वहीं इनमें से 20 से 22 मशरूम खाने योग्य होते है। उन्होंने बताया कि मशरूम के अलग-अलग नाम पुटु, भोड़ा, पिहरी, पैरा पुटु, हिंगरी पुटु, जंगली पुटु आदि होते हैं, वहीं बटन मशरूम, आयस्टर मशरूम, पैरा मशरूम एवं मिल्की मशरूम का उत्पादन 28 दिन में किया जाता है। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बनडोंगरी की श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ने बताया कि बहुत दिनों से मशरूम का प्रशिक्षण लेने की इच्छा थी और यह शौक अब जाकर पूरा हुआ। यहां हमें यह बताया गया है कि डर को भगाना है और आत्मविश्वास बढ़ाना है। यहां बहुत अच्छी सुविधाएं दी जा रही है। सुबह में हम सभी योग एवं श्रमदान करते है। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम घोटिया की संतन मंडावी ने कहा कि यहां हमने नियमों का पालन एवं अनुशासन तथा सभी से बातचीत करने का तरीका सीखा है। मानपुर विकासखंड के ग्राम सरोली की कंचन लता कोरेटी ने बताया कि यहां आकर भय दूर हुआ है और मशरूम व्यापार करने के लिए आत्मविश्वास बढ़ा है। घुमका की राजकुमारी साहू ने कहा कि वे गृहिणी है और यहां आकर रोजी-रोटी के लिए मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण ले रही है। जिससे उनमें संकोच दूर हुआ है और सबसे दोस्ती हुई है। उन्होंने कहा कि यहां से वापस जाकर समूह की सभी महिलाओं को मशरूम उत्पादन सीखाउगीं। खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम ठेलकाडीह की लता यादव ने कहा कि मशरूम में कीट लगने पर दवाई का छिड़काव करने की जानकारी अच्छी तरह दी गई है। इस अवसर पर संकाय के प्रेमचंद साहू एवं धमतरी की ट्रेनर श्रीमती गुलेश्वरी साहू तथा अन्य सदस्य उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / विशेष सचिव एवं मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. प्रियंका शुक्ला गत दिनों राजनांदगांव जिले के भ्रमण पर रही एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक सुझाव एवं निर्देश दिए। जिले में कोरोना पॉजिटीव मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन द्वारा 4 सितम्बर से 12 सितम्बर 2020 तक राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इस अवधि में कोरोना के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने के संबंध में मिशन संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आवश्यक गतिविधियां किये जाने हेतु सुझाव देने जिले के विशेष दौरे पर आयी थी।
डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कोविड-19 के तहत प्रत्येक महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए विशेष प्रभारी बनाने एवं जिला स्तर पर एक रेपिड एक्शन टीम बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने होम आईसोलेशन में रहने वालों के स्वास्थ्य की स्थिति एवं उनके समस्या निराकरण के लिए कन्ट्रोल रूम में 24 ङ्ग 7 टेलीफोन नम्बर चालू के निर्देश दिए। इस हेतु कन्ट्रोल रूम के लिए 07744-224084 नंबर जारी किया गया है। साथ ही उन्होंने इस दौरान लोगों में जागरूकता एवं लगातार माईकिंग कराकर कोरोना लक्षण वाले लोगों को खुद सैम्पल देने प्रोत्साहित करने के लिए कहा। मास्क पहनना अनिवार्य किए जाने व सभी दुकानदारों को मास्क पहनकर व्यवसाय करने अपील कर प्रेरित करने के लिए कहा।
उन्होंने जिले में डेडीकेटेड कोविड-19 हॉस्पिटल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने व कोविड केयर सेंटरों की संख्या बढ़ाकर आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार रहने निर्देश दिये।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने अवगत कराया कि जिले में पुन: कम्युनिटी सर्वे टीम के माध्यम से गृह भ्रमण कर कोरोना लक्षण वाले मरीजों की पहचान की जा रही हैं तथा आवश्यकतानुसार सैम्पल लिया जा रहा है। इस पर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि कम्यूनिटी सर्विलेंस के दौरान घरों में डायबिटिज व हाईपरटेंशन अस्थमा व हृदय रोग की पहचान की जाए एवं 60 वर्ष से अधिक के ऐसे मरीजों का पल्स ऑक्सीमीटर से आक्सीजन चेक कर स्तर की जांच की जाए एवं आवश्यकतानुसार उपचार कराया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रति दिवस की प्रगति की मॉनिटरिेंग के लिए विशेष रिपोर्टिंग फार्मेट विकसित किया जाए एवं नियमित रिपोर्टिंग की जाये। डॉ. प्रियंका शुक्ला ने निर्देश दिये कि जिले में शत-प्रतिशत आईएलआई प्रकरणों की पहचान कर सैम्पल लिया जाए तथा होम आईसोलेशन में रह रहे पॉजिटिव मरीजों को प्रति दिवस फोन कर स्वास्थ्य की स्थिति से अवगत हुआ जाए। इसके कार्य के लिए डेंटल व आयुष डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 अंतर्गत कार्य करने वाले सभी स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोफाईलेटिक दवा खिलाया जाना सुनिश्चत किया जाये एवं दवा खाने की सतत् मॉनिटरिेंग किया जाये। साथ ही सैंपल के लिए पीएचसी स्तर पर भी प्रशिक्षण देकर सैंपलिंग कराया जाना प्रारंभ किया जाए। प्रति दिवस पीपीई किट, दवा, टेस्टिंग किट आदि की उपलब्धता की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार मांग की जाए।
डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक उपरांत जिला कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा से मिलकर जिले में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रस्तावित गतिविधियों से अवगत कराया और राज्य स्तर से जिले को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम डॉ. गिरीश कुर्रे, क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया, जिला ऐपिडेमियोंलॉजिस्ट डॉ. प्रेरणा सहगल, जिला डाटा अधिकारी डॉ. अखिलेश चोपड़ा, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री अनामिका विश्वास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले के प्रभारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुन्दरा के आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा भी उपस्थित थे। सचिव प्रसन्ना आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों के अभिभावकों से रूबरू हुए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से केन्द्र की साफ-सफाई, रखरखाव, भोजन तथा नाश्ते के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र को लगातार सेनटाईज करते रहें। शासन के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केन्द्र शुरू होने वाले है। उन्होंने बच्चों के लिए सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग प्रसन्ना ने आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों के अभिभावकों से चर्चा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र खुलने पर बच्चों के आने के बारे में तथा लॉकडाउन के दौरान शासन की योजना के अनुरूप घर पहुंच सूखा राशन वितरण के बारे में जानकारी ली। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा रेडी-टू-ईट और सूखा राशन घर-घर तक पहुंचाया गया है। एनीमिक से पीडि़त माताएं तथा कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समय-समय पर गर्भवती माताओं और बच्चों का टीकाकरण भी किया जा रहा है। मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, एसडीएम मुकेश रावटे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश, तहसीलदार रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज नगर निगम क्षेत्र को कंटेन्टमेंट जोन घोषित कर सभी व्यवसायिक संस्थानों को बंद करने के संबंध में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण से बढ़ती हुई मरीजों की संख्या चिंताजनक है। नगर निगम क्षेत्र में निरंतर कोरोना पॉजिटिव मरीज की संख्या बढ़ रही है। संक्रमण के इस चेन की कड़ी को तोडऩा जरूरी है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र के सभी व्यवसायिक संस्थानों को बंद किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में संक्रमण से बचाव के लिए नागरिक घर पर ही सुरक्षित रहें। बिना कारण घर से निकलने पर सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। कोई भी व्यवसायिक संस्थाएं खोले जाने पर सील बंद की कार्रवाई करें। पुलिस तथा नगर निगम की टीम पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी करें। नगर निगम क्षेत्र के लिए वार्ड प्रभारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है, वे अपने टीम के साथ सभी वार्डों में निरीक्षण करेंगे तथा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने कहा कि जिले की फैक्ट्रियां चालू रहेंगी। फैक्ट्री प्रबंधकों द्वारा वहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पास की व्यवस्था की जाए। जिसमें आने-जाने का समय लिखा हो। वही शासकीय कर्मचारी भी अपना पहचान पत्र साथ रखें। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिन मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं है, उन्हेंं घर में ही आईसोलेशन में रखा जाएगा। ऐसे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। इन मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाई एवं अन्य सुविधा उपलब्ध कराएंगे तथा लगातार मानिटरिंग भी करते रहेंगे। जिन घरों में कोरोना के मरीज मिलते है, वे घर से बाहर न जाए और कोई बाहर से घर में न आए। उन्होंने कहा कि सर्विलेंस टीम के माध्यम से सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीजों की जानकारी ले तथा उनका सेंपल लेकर जांच कराए। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए घरों से नहीं निकलनेे, मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोरोना के प्रोटोकाल का पालन करने कहा है। उन्होंने कोरोना के बचाव एवं सुरक्षा के लिए लोगों में जागरूकता लाने कहा है।
कलेक्टर ने कहा नवरात्र का पर्व आने वाला है, जिसे पिछले चैत्र नवरात्र पर्व की तरह ही मनाया जाएगा। जिन स्थानों पर देवी प्रतिमा स्थापित की जाएगी, वहां प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम मुकेश रावटे सहित पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / अगस्त के द्वितीय सप्ताह से लेकर अब तक का समय कोरोना का सबसे खतरनाक काल कहा जा सकता है। शुरू से ही दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव मरीजों की विस्तृत जानकारी प्रदान नहीं की है। विभाग की उक्त सावधानी मरीज को अन्य लोगों की जानकारी से बचाते हुए कार्य करने की रही है। अब विकट परिस्थिति में कंटनमेंट जोन बनाया जाना भी बंद कर दिया गया है, जिससे यह भी पता नहीं लग पा रहा है कि किस क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ है।
जानकारी के अभाव में आम जनता को संक्रमित क्षेत्र और संक्रमित मरीज से बचाने में आने वाली दिक्कत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को विशेष पहल करते हुए मरीजों के विषय में विस्तृत जानकारी नाम और निवास सहित उपलब्ध कराया जाना जनहित में हो सकेगा यहां यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि संक्रमित व्यक्ति समाज का प्रिय एवं अभिन्न व्यक्ति है उसके प्रति लोगों की सवेदना जुड़ी है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता कचरू प्रसाद शर्मा ने कहा कि उक्त बातों को ध्यान में लाते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन से जनहित की भलाई के लिए यह कदम उठाने का निवेदन किया है कि कोरोना मरीजों के संबंध में विस्तृत जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से सामने लाई जा सके तो बहुत बड़े क्षेत्र को संक्रमण में जाने से बचाया जा सकेगा। शर्मा ने कहा कि विगत सप्ताह भर से राजनांदगांव जिला कोरोना का मुख्य केंद्र बन चुका है। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचएसओ कार्यालय तथा अन्य सरकारी कार्यालय के कर्मचारी भी इसकी चपेट में आ चुके है। ऐसे कौन से क्षेत्र है जहां पर आम जाना प्रतिबंधित होना चाहिए और क्योंघ् यह बताया जाना अब लाजिमी जान पड़ रहा है। खुद स्थानीय प्रशासन नगर पालिका से लेकर कलेक्टोरेट कार्यालय और जिला, जनपद को भी आमजनों के लिए बंद किया जा चुका है। तब क्यों न संक्रमित व्यक्ति के नाम और पड़ोस की जानकारी सार्वजनिक करते हुए हर आम और खास वर्ग को उस क्षेत्र में जाने से रोका जाये, ताकि संक्रमण का फैलाव जान लेवा न बन सके।
शर्मा ने यह भी कहा कि जब राजनीतिक क्षेत्र के लोगों सहित बड़े व्यापारी आदि के नाम का खुलासा किया जा सकता है, तब जमीन से जुड़े और जनसामान्य वर्ग के लोगों का नाम संक्रमित होने के बाद क्यों नहीं दिया जा सकता, यह गाईड लाईन जारी करने वालों को भी एक बार पुन: सोचना होगा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना से बचने के लिए ये तरीका भी अच्छा है कि क्यों न थोड़ी आदत बदल लें..., राजनांदगांव जिले में कुछ इसी तरह का बदलाव देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के दौर में जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का जिले में कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। कोरोना को मात देने की जद्दोजहद में लोगों की आदतें अब तेजी से बदल रही हैं। अच्छी तरह हाथ धोने के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर या थर्मामीटर का उपयोग अब एक तरह से हर घर की बात हो गई है।
दवा व्यवसायी बताते हैं कि विशेषकर कोरोना संक्रमणकाल में सैनिटाइजर, मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की मांग तेजी से बढ़ी है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि, कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और लोगों के बीच इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। कोराना संक्रमण से बचाव के लिए मॉस्क, सैनिटाइजर के उपयोग के साथ ही बार-बार हाथ धोना और दो गज की दूरी रखना अब लोगों की आदत का हिस्सा बनने लगा है। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेट मरीजों को अपने साथ खासकर पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना अनिवार्य किया है।
यह जागरूकता अभियान का ही परिणाम है कि अब कोरोना मरीजों के अलावा आम लोग भी बाजार से सैनिटाइजर, मॉस्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीदी कर अपनी सेहत की घरों में ही जांच करने लगे हैं। जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष देवव्रत गौतम ने बताया कि कोरोना मरीजों को होम आइसोलेट करने की सुविधा देने के बाद बिक्री में और तेजी आई है।
शहर की अलग-अलग दुकानों से रोजाना 80 से 100 नग पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर बिक रहे हैं। होम आइसोलेट मरीजों की तुलना में इसकी बिक्री अधिक होने से स्पष्ट हो रहा है कि सामान्य लोग भी अपनी सेहत की जानकारी घर पर ही जुटाने के लिए इसकी खरीदी कर रहे हैं। राहत वाली बात ये है कि अब तक थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की किसी तरह की शार्टेज नहीं है। मांग से अधिक स्टाक अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में मौजूद हैं। वहीं मॉस्क, सैनिटाइजर भी अब बाजार में जरूरत से कहीं अधिक मौजूद है।
192 कोरोना संक्रमित होम आइसोलेट
जिले में वर्तमान में 192 कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया है। इन्हें अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना अनिवार्य है, लेकिन इन मरीजों की तुलना में इनकी बिक्री कई गुना तक बढ़ गई है। सप्ताहभर से शहर में पल्स ऑक्सीमीटर की खरीदी रोजाना 100 के लगभग है। वहीं इतनी ही संख्या में थर्मामीटर भी बिक रही है। इससे साफ है कि सामान्य लोगों में भी अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूकता आई है।
ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देती है पल्स ऑक्सीमीटर
पल्स ऑक्सीमीटर शरीर में ऑक्सीजन लेवल की जानकारी देती है। यह डिवाइस खून में मौजूद ऑक्सीजन के स्तर को मापती है। यह हार्ट रेट की रीडिंग भी देती है। इससे यह भी पता लगता है कि फेफड़ों के लिए दी गई दवाई कितने अच्छे से काम कर रही है एवं यह पता लगता है कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है या नहीं? सांस से जुड़ी अलग.अलग जानकारी के लिए यह डिवाइस काम आती है।
कीटाणु और बैक्टीरिया से बचाता है सैनिटाइजर
इन दिनों हाथों को धोने के लिए साबुन की जगह हैंड सैनिटाइजर का उपयोग अधिक किया जा रहा है। हैंड सैनिटाइजर कीटाणुओं और बैक्टीरिया को हमारे हाथों से निकाल देता है, साथ ही इसके इस्तेमाल के बाद हाथों से भीनी सी महक भी आती है, लेकिन कुछ लोगों को बार-बार हाथ धोने की आदत सी होती है। ऐसे लोगों को हर छोटे-बड़े काम में हाथ डालने के बाद लगता है कि उनके हाथ सिर्फ पानी से साफ नहीं हो पाएंगे, इसलिए वे बार-बार हाथ साफ करने के लिए हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करते हैं।
ऐसे काम करता है थर्मामीटर
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस की पहचान व रोकथाम में थर्मामीटर काफी उपयोगी साबित हुआ है, जिसके माध्यम से बिना छुए ही किसी व्यक्ति का तापमान मापा जा सकता है। थर्मामीटर मरीज के शरीर का तापमान डिग्री फॉरेन्हाइट व डिग्री सेल्सियस में पलक झपकते ही बता देता है। यह गैर-संपर्क दूरस्थ अवरक्त इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर है। यह माथे से अवरक्त गर्मी विकिरण को एकत्र कर शरीर के तापमान को मात्र एक सेकेंड में माप सकता है। यह डिफरेंस तापमान को भी सेंसर के माध्यम से पढ़ लेता है। यह इस्तेमाल में भी आसान और सटीक परिणाम देता है। इसमें एलसीडी डिस्प्ले भी रहता है, जो अंधेरे वातावरण में भी काम कर सकता है।
कंपनियों ने दाम किए कम, सप्लाई बढ़ाई
दवा व्यवसायियों के अनुसार बगैर लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेट किए जाने की प्रक्रिया के बाद इन उपकरणों की खरीदी बढ़ी है। इसी के साथ कंपनियों ने इसकी सप्लाई भी बढ़ा दी है। पहले की तुलना में इन उपकरणों के दाम भी कम कर दिए गए हैं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम के नेताप्रतिपक्ष एवं पूर्व महापौर श्रीमती शोभा सोनी के आकस्मिक निधन पर नगर निगम में सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जहां पार्षदगणों एवं अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनि श्रद्धांजलि देते हुये दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गयी।
निगम अध्यक्ष हरिनारायण पप्पू धकेता ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि पार्षद पद से राजनीति की शुरूआत करने वाली श्रीमती शोभा सोनी नगर में जनता में अपनी सादगी एवं कर्मठता की छवि बनाई। कोई भी व्यक्ति किसी भी काम के लिये उनके पास जाता था, उसका वे संतुष्ट कर भेजती थी। दलगत राजनीति से उपर उठकर वे कार्य करती थी। उनके आकस्मिक निधन का समाचार मिलने पर विश्वास ही नहीं हो रहा था, कि वे हमारे बीच नहीं है। ऐसा लग रहा है, मानो वे अभी भी हमारे बीच है।
नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने संवेदना व्यक्त करते हुये कहा कि कल दोपहर में उनके निधन का समाचार प्राप्त हुआ तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि वे हमारे बीच नहीं रही। नेता प्रतिपक्ष होने के बाद भी सही सलाह देकर निगम के कामों में सहयोग करती थी। उनके निधन से परिवार सहित निगम को क्षति हुई है। जिसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती। आयुक्त कौशिक ने महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख के शोक संदेश पढ़ कर सुनाते हुये कहा कि मैडम ने भी श्रीमती सोनी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और व्यक्तिगत क्षति बताते हुये कहा कि उनके द्वारा प्राप्त सभी पदों का कुशलतापूर्वक निर्वाहन किया है। जिसके कारण उनकी एक जन नेता के रूप में पहचान बनी थी, उनके स्वर्गवास होने से नगर निगम सहित राजनांदगांव शहर की अपूर्णीय क्षति हुई है। जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मैं उनके आत्मा की शांति के लिये निगम परिवार सहित शहर वासियों की ओर से प्रार्थना करती हूॅ।
पार्षद शिव वर्मा ने शोक संदेश में कहा कि अपने कर्तव्य परायण एवं मिलन सारिता से श्रीमती शोभा सोनी नगर में गांव की नोनी के नाम से प्रसिद्ध थी। उनका अकस्मात चला जाना हमारे लिये अपूर्णीय क्षति है, जो कभी पूरी नहीं हो सकती। मैं अपनी ओर से एवं हम सबकी ओर से उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना करता हूॅ। अंत में उपस्थित जनों द्वारा श्रीमती शोभा सोनी को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। शोक सभा का संचालन कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी ने किया। इस अवसर पर महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यगण, पार्षदगण, नामांकित पार्षदगण एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
राजनांदगाँव / शौर्यपथ / जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू ने कांकेतरा-बोरी-गठुला में 2.5 करोड़ की लागत से बोरी जलाशय में निर्मित नहर लाइनिंग का कार्य भ्रष्टाचार की शिकायत जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू ने कैबिनेट मंत्री डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल से कांकेतरा में किये। जिस पर मंत्री ने जल्द जांच करवा कर दोषी पर कार्यवाही का आश्वासन दिए है। ओमप्रकाश साहू ने बताया कि 2.5 करोड़ की लगात से नहर लाइनिंग का कार्य 3 माह पूर्व ही पूरा किया गया था, जो 3 दिन पूर्व बारिश में बह गया। इस पर दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग किया, जिस पर विधायक बघेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच करवाकर दोषियों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया है। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश द्विवेदी, गीतालाल वर्मा, कांकेतरा सरपंच तोरण साहू, नारद साहू, ललित चंदतारे, गंभीर साहू, दिनेश पुराणिक आदि उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक दाऊलूरी श्रवण ने आज राजनांदगांव शहर के रेल्वे स्टेशन के पास स्थित होटल पंचशील प्राईम कोविड-19 आईसोलेशन सेंटर का निरीक्षण किया। कलेक्टर वर्मा ने प्रोटोकाल का पालन करते हुए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों की मानिटरिंग के लिए सीसीटीवी कैमरा तथा माइक की व्यवस्था होनी चाहिए। यहां पर्याप्त संख्या में पीपीई किट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां बिना लक्षण वाले असिम्टमेटिक मरीजों को रखा जाएगा। जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण आएंगे, उन्हें कोविड-19 हॉस्पिटल में रिफर किया जाएगा। उन्होंने होटल को प्रतिदिन सेनेटाईज करने भी कहा।
जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में भारतीय जैन संघटना द्वारा कोविड-19 मरीजों के लिए होटल पंचशील प्राईम में सर्वसुविधायुक्त आईसोलेशन सेंटर बनाया गया है। इस आईसोलेशन सेंटर में कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों को रखा जाएगा। आईसोलेशन सेंटर में मरीजों की सुविधाओं के लिए डॉक्टर एवं नर्स की टीम के साथ एम्बुलेन्श, ऑक्सीजन सिलेण्डर, शुद्ध सात्विक भोजन, पेयजल, दवाई व योग की सुविधा उपलब्ध होगी। भारतीय जैन संघटना के राज्य अध्यक्ष श्री संतोष जैन सावा एवं अल्पसंख्यक जागरूकता अभियान के राज्य प्रमुख श्री बालचंद पारख ने नगर निगम क्षेत्र में कोविड-19 के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मरीजों को सुविधा प्रदान करने के लिए होटल पंचशील में अनुमति प्रदान करने के लिए निवेदन किया था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी एवं एसडीएम मुकेश रावटे के नेतृत्व में होटल पंचशील प्राईम पहुंचकर निरीक्षण किया। तत्पश्चात कलेक्टर, एसपी एवं सीएसपी श्री मणिशंकर चंद्रा ने भी वहां पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया एवं संतुष्टि जाहिर की। इस अवसर पर भारतीय जैन संघटना अध्यक्ष ललित भंसाली, सचिव राकेश पारख, सह सचिव रेखचंद जैन, पद्म चोपड़ा, सोनू कांकरिया, संजय सांखला, प्रतीक कांकरिया, ओमप्रकाश कांकरिया, अजय जी सिंगी उपस्थित थे। इस मौके पर वरिष्ट पत्रकार एवं भारतीय जैन संघटना के सदस्य सुशील कोठारी भी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में शिक्षकों ने अपनी संकल्प शक्ति से बच्चों के भविष्य को गढऩे का बीड़ा उठाया है। राजनांदगांव जिला अंतर्गत वनांचल मोहला के संकुल रेंगाकठेरा में शिक्षक नियमित रूप से मोहल्ला क्लास लेे रहे है। मीडिया प्रभारी श्री सुनील शर्मा तथा संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू ने बताया कि पढ़ाई तुंहर दुआर के वेबपोर्टल के माध्यम से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को इनके घर के आसपास चौक में मोहल्ला क्लास संचालित कर पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही। अध्यापन के लिए कई शिक्षक सारथी भी नि:शुल्क पढ़ाने के लिए स्वयमेव तैयार हो गए, जिसके कारण रेंगाकठेरा संकुल अंतर्गत नियमित मोहल्ला कक्षाएं संचालित की जा रही है। मोहल्ला पाठशाला में पाठ्यक्रम पूरा करने के अलावा बच्चों के मानसिक, नैतिक एवं कौशल विकास के लिए भी विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। मोहल्ला क्लास में आने वाले शैक्षणिक समस्याओं का समाधान सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा वीडियो काल के माध्यम से किया जा रहा है।
उप सरपंच नरेश कोर्राम का मिला विशेष सहयोग-
मोहला ब्लॉक के इस सुदूर आदिवासी अंचल स्थित ग्राम पंचायत रेंगाकठेरा में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम द्वारा शिक्षक श्री सुनील शर्मा एवं नंदकुमार के निवेदन पर बच्चों के लिए मोहल्ला पाठशाला के लिए आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई, जिससे बच्चों की अध्यापन व्यवस्था और बेतहर हुई है। मोहल्ला क्लास के बेहतर संचालन में उप सरपंच श्री नरेश कोर्राम के विशेष योगदान के अलावा संकुल रेंगाकठेरा के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी भरपूर योगदान रहा है। जिसमें सर्वश्री सुनील शर्मा, नंदकुमार साहू, सुनीता वर्मा, प्रेमलता शर्मा, गुरुदत्त पिस्दा, अभीकेश वर्मा, प्रहलाद साहू, जीवन नायक, अमर सिंह ठाकुर, सालिक निषाद, डिलेंन्द नायक, आशीष लाल, श्रद्धा देशमुख, मक्खन साहू, अशोक ठाकुर, देवला मंडावी, प्रमिला सिन्हा, धनुष ठाकुर, इतवारीन कोमरे, सरस्वती साहू, कैलाश भूवार्य, राजकुमार भूवार्य, सुलोचना देशमुख, रैश कुमार धालेंद्रा, गजेन्द्र भूवार्य, फूलबाई आर्य, नीरज सोनी, प्रदीप तारम, योगेश गंगासागर आदि शिक्षक-शिक्षिका द्वारा नियमित रूप से मोहल्ला क्लास संचालन किया जा रहा हैं। मोहला ब्लॉक में मोहल्ला क्लास के सफल संचालन के लिए सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार देवांगन, संकुल समन्वयक श्री विष्णु साहू द्वारा समय-समय पर निरीक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 संक्रमण सहित श्वसन संबंधी गंभीर रोगों जैसे टीबी सहित इंफ्लूजां आदि की रोकथाम के लिए जांच के दायरा को बढ़ायेगी। इसके तहत ऐसे सभी मरीजों की कोविड जांच भी होनी है, जो टीबी से पीडि़त हैं। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर आवश्यक निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कोविड-19 से पीडि़त मरीजों की टीबी व टीबी के मरीजों की कोविड जांच की जाये। निर्देश में इस बात की चर्चा की गयी है कि ट्यूबरकलोसिस (टीबी) और कोविड-19 दोनों संक्रामक रोग हैं जो फेफड़ों पर हमला करते हैं। दोनों ही रोगों में कफ, बुखार व सांस लेने में परेशानी जैसे समान लक्षण दिखते हैं। हालांकि टीबी रोग का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा होता है और बीमारी होने की जानकारी लंबे समय में मिलती है। विभिन्न अध्ययनों से इस बात का खुलासा किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों में टीबी की मौजूदगी 0.37 से 4.47 प्रतिशत रहता है। अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल की तुलना में टीबी मामलों में 26 प्रतिशत की कमी आयी है।
कोविड-19 के गंभीर मरीजों में टीबी होने का जोखिम 2.1 गुना अधिक होता है, इसके साथ ही टीबी मरीजों में कुपोषण, मधुमेह एवं धूम्रपान की आदत व एचआइवी की संभावना भी अधिक होती है जो जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं।
बाई डायरेक्शनल जांच के लिए तीन महत्वपूर्ण कदम
मंत्रालय का मानना है कि टीबी और कोविड जांच के लिए बाई डायरेक्शनल यानी दो तरफा जांच जैसे महत्वपूर्ण कदम संक्रमण की पुष्टि के लिए उठाने होंगे। इनमें टीबी और कोविड में से किसी एक बीमारी से संक्रमित हुए व्यक्तियों की दोनों बीमारियों के लिए जांच करने की सिफारिश की गयी है। सभी इलाज कराये हुए या इलाजरत टीबी मरीजों की कोविड-19 की जांच होगी, यदि मरीज कोविड-19 पॉजिटिव होते हैं तो गाइडलाइन के अनुसार मरीज का टीबी इलाज के साथ साथ कोविड-19 मैनेजमेंट के अनुरूप इलाज किया जायेगा, यदि मरीज कोविड.19 निगेटिव हैं तो उनका सिर्फ टीबी का इलाज जारी रहेगा।
कोविड-19 मरीजों का होगा टीबी स्क्रीनिंग
सभी कोविड-19 के मामले में टीबी के लक्षणों की पहचान की जायेगी। खांसी या कफ दो हफ्ते से अधिक समय तक रहने, वजन में कमी एवं रात के समय में बहुत अधिक पसीना बहने सहित टीबी के मरीजों के साथ काटेंक्ट हिस्ट्री का पता लगाकर उनके छाती का एक्स-रे कराया जायेगा और टीबी की इलाज की जाएगी। टीबी जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का काम खुले व हवादार क्षेत्र में किया जाना है। स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहन कर और कोविड-19 उचित व्यवहारों को अनुपालन करते हुए सैंपल कलेक्शन का काम करना है।
टीबी के कारण फेफ ड़ों में होता है सूजन
लंबे समय से खांसी वाले व्यक्ति को बिना देरी किये डॉक्टरी सलाह लेते हुए टीबी की पुष्टि की जांच करानी चाहिए। खांसने के दौरान संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकले ड्रापलेट्स में मौजूद माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरियां दूसरे स्वस्थ्य रोगी को भी संक्रमित कर देता है। इस संक्रमण के कारण धीरे धीरे फेफड़ों में सूजन आ जाती है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रदेश के अग्रणी दिग्विजय महाविद्यालय में पत्रकारिता के कोर्स कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय रायपुर द्धारा संचालित है। जिसमें केवल दिग्विजय महाविद्यालय में 40 सीट निर्धारित हैं । प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष प्रवेश की जो प्रक्रिया है वह आनलाईन पद्धति से ली जा रही थी की अचानक से बीच में ही ऑनलाईन प्रवेश की प्रक्रिया विश्वविद्यालय द्धारा बंद कर दी गई हैं, जिसके चलते बहुत से इच्छुक विद्यार्थी अपना फार्म भरने से वंचित रह गये है।
नगर मंत्री कमलेश प्रजापति ने कहा कि पत्रकारिता देश का चौथा स्तंभ माना जाता हैं एक ओर विद्यार्थी पुरी तनमयता के साथ इस विषय को लेकर अपनी आगे की भविष्य को लेकर अग्रसर है तो वहीं विश्वविद्यालय अवसर के दरवाजे बंद कर रहे है। विद्यार्थी परिषद ने मांग पत्र सौंपे हुए कहा कि जल्द ही ऑनलाईन प्रवेश प्रारंभ किया जाये। अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन हेतु बाध्य होंगा। ज्ञापन सौंपाते वक्त मुख्य रूप से नगर मंत्री कमलेश प्रजापति नगर सहमंत्री अशीष सोरी, षनुध मिश्रा, अनिकेत साहू, राकेश साहू हरिश सोनवानी ,शशांक दुबे अन्य उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम द्वारा गणेश विसर्जन अवसर पर मूलभुत सुविधा सहित व्यापक व्यवस्था की जा रही है। जिसके लिये निगम के अधिकारियो कर्मचारियों को दायित्व सौपा गया है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुये नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि गणेश विसर्जन पर्व पर मूलभूत दायित्वों के निर्वहन के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों को दायित्व सौपा गया है।
जिसके लिये कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके (मो.नं. 98271-18810) व दीपक जोशी (मो.नं. 94252-40050) को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है और सहायक अभियंता कामना सिंह यादव (मो.नं. 94252-40491) को व्यवस्था प्रभारी के साथ साथ सभी उप अभियंताओं को अलग अलग प्रभार सौपा गया है।
आयुक्त कौशिक ने बताया कि 1 व 2 सितंबर को गणेश विसर्जन के लिये मोहारा नदी में निर्मित विसर्जन कुंड में विसर्जन कराये जाने प्रकाश व्यवस्था, मूर्ति विसर्जन के लिये क्रेन की व्यवस्था की जा रही है। विर्सजन उपरांत वेस्ट मटेरियल, पूजा समाग्री, फूल, कपड़े, प्लॉस्टिक पेपर आदि सुरक्षित एकत्र कर पुर्नउपयोग एवं कम्पोसि्ंटग आदि में भेजने 1 सितंबर 2020 के लिये प्र. सहायक अभियंता संदीप तिवारी (मो.नं. 96307-37486) एवं दिनांक 2 सितम्बर 2020 के लिये सहायक अभियंता दीपक अग्रवाल (मो.नं. 70004-25234) को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है तथा रानी सागर, सर्किट हाऊस के पास व नंदई चौक में मूर्ति लाने ले जाने के लिये वाहन की व्यवस्था की जा रही है, इन सबके लिये उप अभियंताओें को सहयोगी बनाया गया है। साथ ही मोहारा रोड एवं मुख्य मार्गो में विद्युत व्यवस्था एवं कंट्रोल रूप प्रभारी का भी दायित्व प्र. सहायक अभियंता अतुल चोपड़ा (मो.नं. 94062-40475) को सौपा गया है।
इसके अलावा प्र.स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव (मो.नं. 94241-16018) सहित उनकी टीम को शहर के संपूर्ण क्षेत्रो में विशेष साफ सफाई व्यवस्था एवं शहर के भीतरी इलाकों में घुमने वाले आवारा पशुओं को पकडने तथा विसर्जन के दौरान विशेष रूप से यातायात सुविधा की दृष्टि से आवारा पशुओं को पकडने आदि का दायित्व सौपा गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा जेईई एवं नीट (एनईईटी) परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के परीक्षा केन्द्र तक जाने-आने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। व्यवस्था जाने एवं आने दोनों के लिये होगी और यह यात्रा नि:शुल्क होगी। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए छात्र-छात्राओं को अपने साथ एडमिट कार्ड लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा में शामिल होने वाली छात्रा के साथ उनके एक अभिभावक को भी यात्रा की अनुमति होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए वाहन की व्यवस्था की जा रही है। बस कलेक्टोरेट से लगेगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकंडेय से मोबाइल नंबर 9425540484, डिप्टी कलेक्टर श्री लवकुश ध्रुव से मोबाइल नंबर 9907339864 एवं श्री हितेश पिस्दा से मोबाइल नंबर 9981015696 पर सम्पर्क कर सकते है। उल्लेखनीय है कि जेईई परीक्षा 1 सितम्बर से 6 सितम्बर तक तथा नीट की परीक्षा 13 सितम्बर को है। जिसके लिए प्रदेश में 5 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जेईई एवं नीट परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्रों तक ले जाने और लाने के लिए दिए गए लिंक https://docs.google.com/forms/d/1K8ntjNwpvYWCQuTwjCooMW_zr_WcXYM8IE-vYiRDEYg/edit?usp=sharing पर नि:शुल्क परिवहन की व्यवस्था हेतु रजिस्ट्रेशन कराएं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
