February 15, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

राजनांदगांव /शौर्यपथ /

खडग़ांव थाना क्षेत्र के ग्राम फुलकोड़ो में राधेश्याम अमिला पैरावट में किसी शरारती तत्व द्वारा आग लगा दिया गया था। गर्मी के दिनों के हिसाब से आग बहुत तेजी से फैल रहा था। ग्रामीणों एवं राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों द्वारा सावधानी एवं तत्परता से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। स फुलकोड़ो पैरावट में आग लगने पर राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य एवं दमकल के सहयोग से आग पर किया गया नियंत्रणंसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मंडावी को सूचना देने के पश्चात प्रशासन की टीम एवं दमकल वाहन अम्बागढ़ चौकी से पहुँची और तब जाकर आग पर काबू पाया गया। गांव के दो बड़े परिवार के बियारा एक जगह होने एवं आस-पास में घर लगे होने से जान माल की हानि हो सकती थी। किंतु राजीव मितान क्लब फुलकोड़ो के सक्रिय सदस्य एवं ग्रामीणों के सूझबूझ से दमकल आते तक आग पर काबू पाने की कोशिश की गई जो सफल रही। मौके पर तहसीलदार मानपुर श्री मनोज रावटे, थाना प्रभारी खडगांव श्री नरेंद्र मिश्रा, राजीव युवा मितान क्लब फुलकोड़ो के अध्यक्ष श्री देवानंद कौशिक, श्री चंदन सिंह, मानपुर पुलिस की टीम एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।


बेमेतरा/नवागढ़/शौर्यपथ /

भारतीय जनता पार्टी बेमेतरा जिला महामंत्री विकास धर दीवान ने हसदेव जंगल कटाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर हमला बोला है। दीवान ने सवाल किया है कि बाबा और बघेल के बीच यह कैसा खेल चल रहा है। मुख्यमंत्री बघेल पेड़ कटाई का विरोध करने वालों को धमकाते हैं कि पहले अपने घर दफ्तर की बिजली बंद करें तो स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि हसदेव का जंगल नहीं कटने दूंगा। इस पर मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मंत्री नहीं चाहेंगे तो डगाल तक नहीं कटेगी। यह ड्रामेबाजी नहीं है तो क्या है। कभी खुद भूपेश बघेल विरोध में पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा बन बैठे थे और राहुल गांधी कहते थे कि पेड़ नहीं कटने दूंगा। अब बघेल बहानेबाजी कर रहे हैं और राहुल पता नहीं किस वजह से बगलें झांक रहे हैं।

महामंत्री विकास दीवान ने कहा कि भूपेश बघेल कोल ब्लॉक आवंटन के मामले में जनता को भ्रमित कर पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका यह कहना सरासर गलत है कि जो हो रहा है, वह केंद्र का विषय है। यह तो सभी जानते हैं कि खदान का आवंटन केंद्र करता है लेकिन इसमें खनन के लिए राज्य की अनापत्ति जरूरी है तो वे अब जनता को यह बता दें कि भूपेश बघेल सरकार की अनापत्ति के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रधानमंत्री के पास गए थे या सोनिया गांधी के दरबार में दरयाफ्त की और भूपेश बघेल से फरियाद करने रायपुर आये थे। भूपेश बघेल बतायें कि एक पल में उनकी वैचारिक दुनिया कैसे बदल गई? कौन सा सौदा हो गया जो वे राजस्थान की बिजली के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों को कोयले पर काले प्रवचन दे रहे हैं।

 दीवान ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव बतायें कि वे राहुल की कांग्रेसी अदालत में भूपेश बघेल की शिकायत लेकर कब जा रहे हैं और यह भी बता दें कि क्या मामले में भी ढाई ढाई साल जैसा हश्र नहीं होगा, इसकी क्या गारंटी है। वैसे बाबा का विरोध में खड़े होना यह तो साबित कर ही रहा है कि हसदेव जंगल कटाई के फैसले में सरकार में अंतर्विरोध है और मुख्यमंत्री के फैसले से मंत्री सहमत नहीं हैं।

कोंडागांव /शौर्यपथ /

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन के आवाहन पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की 8 साल बेमिसाल होने पर गरीब कल्याण योजना के तहत झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ जिला संयोजक संतोष नाग के द्वारा लाभान्वित परिवार के मुखिया को मंगल तिलक लगाकर व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया प्रधानमंत्री जी की महत्ती योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, नल जल योजना ,के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई कर्मियों का भी मंगल तिलक लगाकर श्रीफल भेंट कर सम्मान किया ।
कार्यक्रम मुख्य रूप से मौजूद राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रदेश उपाध्यक्ष सम्माननीय लता उसेंडी जी प्रदेश संयोजक झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ आदरणीय महेंद्र पंडित जी भाजपा जिला अध्यक्ष दीपेश अरोरा जी जिला संयोजक संतोष नाग जी के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में भारतीय प्रोफेशनल मुक्केबाज श्री विजेन्दर सिंह ने सौजन्य मुलाकात की । उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ में खेलों विशेष रूप से और बॉक्सिंग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की।

विजेंदर सिंह भारत के ऐसे पहले बॉक्सर हैं जिन्होंने ओलंपिक में कोई पदक जीता है। विजेंदर सिंह ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल बॉक्सिंग मैच कराने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री बघेल ने रायपुर में मैच करने की सहमति दी। इस मैच में विजेंदर सिंह का मुकाबला अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज से होगा। विजेंदर सिंह ने वर्ष 2008 के बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। श्री विजेंदर सिंह ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बॉक्सिंग ग्लव्स भेंट किए। मुख्यमंत्री ने भी श्री विजेंदर सिंह को राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

    दुर्ग / शौर्यपथ /

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ध्रुव गोंड आदिवासी समाज के कार्यक्रम में अपने संबोधन में सरकार के ऐसे नवाचार बताए जिनसे जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दो बातों का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह बस्तर बदल रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को सबसे बड़ी दिक्कत भाषा को लेकर होती है। लोग अपनी समस्या रखते हैं लेकिन भाषा की दिक्कत की वजह से अधिकारी इसे समझ नहीं पाते और लोगों की समस्याएं हल करने में दिक्कत होती है। यह दिक्कत दूर हो सके इसके लिए हमने अधिकारियों की स्थानीय भाषा के समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। आर्थिक रूप से लोगों को सुदृढ़ करने वनोपज संग्राहकों को उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सरकार आदिवासियों के आर्थिक शैक्षणिक सांस्कृतिक विकास की समग्र सोच को लेकर कार्य कर रही है। आर्थिक विकास के लिए हमने जनजातीय क्षेत्रों में वनोपज संग्राहकों को राहत देने के लिए अनेक नीतियां अपनाई है। इन नीतियों का प्रभाव मुझे बस्तर के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में नजर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान बस्तर की 12 विधानसभाओं का भ्रमण किया और मुझे बहुत सुखद बदलाव बस्तर में महसूस हुए। बस्तर विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान एक महुआ संग्राहक महिला ने बताया कि उनका महुआ इंग्लैंड जा रहा है। महिला ने यह जानने की इच्छा जताई कि इंग्लैंड वाले महुवा का क्या कर रहे हैं तो मैंने उन्हें कहा कि आपको भी इसे देखने इंग्लैंड भेजेंगे। इस तरह बड़ा बदलाव बस्तर में देखने को सामने आया है, बस्तर में शांति का वातावरण लौटा है। इससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियां तेज हुई है। बस्तर में पर्यटन की सुंदर अधोसंरचना तैयार हो रही है। अपने बस्तर भ्रमण में मैंने कुछ रिसॉर्ट का लोकार्पण भी किया। इस तरह बदलते हुए बस्तर को देखना बहुत  ही सुखद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आदिवासी समाज को हमेशा प्रतिनिधित्व दिया है। बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के अभी तक अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते थे लेकिन हमने बस्तर के और सरगुजा के विधायकों को इसके लिए मौके दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के सांस्कृतिक विकास की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। बस्तर में हमने 1200 देवगुडिय़ों का जीर्णोद्धार किया। इसके साथ ही आदिवासी संस्कृति के केंद्र रहे घोटुल का भी जीर्णोद्धार हमारी सरकार ने किया।  बस्तर का जनमानस अपने देव गुडिय़ों में बसता है, अपने लोकगीतों में बसता है, अपनी संस्कृति में बसता है। इस संस्कृति को सहेजने की दिशा में भी हमने बड़ा काम किया है, हमने आसना में एक संस्था बनाई है जिसका नाम है बादल अर्थात बस्तर आर्ट डांस एंड लिटरेचर। इसके माध्यम से हम बस्तर की संस्कृति को सहेजने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस प्रकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के माध्यम से हम आदिवासी संस्कृति को सहेज सकते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य का ढांचा बेहतर हो। इसके लिए भी हमने कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर तेजी से बदल रहा है। इस बात का पता इससे चलता है कि भेंट मुलाकात के कार्यक्रमों के दौरान मुझे स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थापना को लेकर, बैंक की स्थापना को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने आग्रह किया। यह एक बदलते बस्तर का मजबूत परिचायक है। कृषि में हुए सुधारों का जबरदस्त असर बस्तर में दिखा है। बीजापुर जैसे छोटे से शहर में ट्रैक्टर के चार शोरूम खुल गए हैं। इससे पता चलता है कि किस तेजी से लोग कृषि में नए सुधारों को अपना रहे हैं। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने भी आदिवासी समाज को संबोधित किया। वन मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जनजातियों के विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है। आदिवासी संस्कृति को सहेजने की दिशा में काम कर रही है और आर्थिक विकास के लिए भी सतत रूप से काम कर रही है। इस दौरान समाज के पदाधिकारी श्री एमडी ठाकुर, श्री सीताराम ठाकुर, श्री राजेश ठाकुर आदि उपस्थित थे। इसके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शालिनी रिवेंद्र यादव ,नगर पंचायत अध्यक्ष श्री भूपेंद्र कश्यप,जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के भवन में बोर खनन की घोषणा की। साथ ही किचन शेड की घोषणा भी की। पुराने भवन के मरम्मत की घोषणा की तथा गर्मियों में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए वाटर कूलर की घोषणा भी की।

दुर्ग / शौर्यपथ /

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पाटन विकासखंड मुख्यालय में स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में प्री प्राइमरी कक्षाओं का शुभारंभ किया। दुर्ग जिले का यह पहला स्वामी आत्मानंद स्कूल होगा, जहां प्री प्राइमरी की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। केजी-1 और केजी-2 के लिए 20-20 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। प्री प्राइमरी कक्षाओं के शुभारंभ के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री श्री बघेल स्कूली बच्चों से रूबरू हुए तो वहीं पाटन विधानसभा क्षेत्र में संचालित सभी 7 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य व शिक्षकों से भेंट-वार्ता भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां स्कूली बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा, साथ ही पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ तस्वीरें खिंचवाई। यहां मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को पाठ्य सामग्री का वितरण भी किया। वहीं मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से स्कूलों में बेहतर वातावरण निर्माण पर जोर देने की बात कही। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री  मोहम्मद अकबर भी मौजूद रहे।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पाटन पहुंचने पर सबसे पहले क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री श्री बघेल का आत्मीय स्वागत किया। वहीं प्री प्राइमरी विंग का शुभारंभ कर मुख्यमंत्री जैसे ही बच्चों से बातचीत के लिए कक्षा में पहुंचे, तो वहां मौजूद कक्षा दूसरी की नन्ही छात्रा चंद्रकला ने गुलाब का फूल देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नन्ही छात्रा को देखकर मुख्यमंत्री ने भी वात्सल्य भरा हाथ बच्ची के सिर पर फेरा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल स्कूली बच्चों से रूबरू हुए और बच्चों के रोचक प्रश्नों के जवाब भी दिए। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बच्चों ने स्वामी आत्मानंद के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्वामी आत्मानंद की प्रतिभा और कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।
कक्षा आठवीं की छात्रा विनाक्षी ने जानना चाहा कि "स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने के पीछे उनका लक्ष्य क्या था?" इसके जवाब में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने स्कूली जीवन को याद करते हुए कहा कि, उनके वक्त में हर वर्ग के बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई की सुविधा नहीं होती थी। शहरी क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती थी और सभी विषयों के शिक्षक उनके पास होते थे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधाएं नहीं होती थीं। हमारे यहां प्रतिभा की कमी नहीं लेकिन यहां के लोग भाषा की वजह से पिछड़ जाते थे। यह देखकर ही मुझे लगा कि यहां भी शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का वातावरण दिया जाए। जिस तरह से राजीव गांधी जी ने देशभर में नवोदय विद्यालय खुलवाए, उसी तर्ज पर स्वामी आत्मानंद स्कूलों की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, जब बच्चे बेहतर वातावरण में पढ़ाई करेंगे तो उनमें आत्मविश्वास आएगा, और आत्मविश्वास ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होती है। आप प्रदेश और देश का भविष्य हैं, आपकी शिक्षा से ही प्रदेश और देश तरक्की करेगा।

भेंट मुलाकात में बीत रही गर्मी की छुट्टियां :
बच्चों से बातचीत के दौरान कक्षा सातवीं की छात्रा श्रुति ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि "सर आप अपनी गर्मी की छुट्टियां कैसे बिताते हैं?" इसके जवाब में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, "जनसेवा में कोई छुट्टी नहीं होती। इस बार बीते एक महीने से प्रदेशभर में भेंट-मुलाकात अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मैं सरगुजा और बस्तर के 20 विधानसभा क्षेत्र में जा चुका हूं। वहां आम, बरगद, पीपल, साल जैसे पेड़ के नीचे बैठकर गांव के लोगों से बातचीत हो रही है। वहां योजनाओं से संबंधित जानकारी ले रहा हूं, कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। इस तरह अब तक की गर्मी पेड़ के नीचे ही प्रदेश की जनता से बात करते हुए बीता है।"

जीवन में अनुशासन जरूरी :
मुख्यमंत्री से कक्षा 9वीं के छात्र शैलेंद्र देवांगन ने पूछा कि Óजब आप स्टूडेंट थे, तो आपके टीचर आपसे कैसा ट्रीट करते थे?Ó इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक आपसे अनुशासन चाहते हैं। आप समय से स्कूल पहुंचें। आप शिक्षकों के निर्देशों का पालन करें। कक्षा में बैठे रहने के दौरान आपका पूरा फोकस पढ़ाई पर होना चाहिए। कोर्स से संबंधित जो भी चीजें आपको समझ न आ रही हों, आप शिक्षकों से अपनी जिज्ञासा पूछें। आप अनुशासित होंगे, खेल और स्कूल की अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे तो शिक्षक आपको पसंद करेंगे। शिक्षकों के सामने अपनी गलती को छुपाने का प्रयास न करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके समय पर्याप्त शिक्षक नहीं होते थे। उन्होंने कहा अब तो स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों के साथ अन्य संसाधन भी हैं।

बच्चों को ऐसा माहौल दें कि उनमें सीखने की ललक हो :
पाटन विधानसभा क्षेत्र में संचालित सभी 7 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य व शिक्षकों से भेंट-वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री को सभी स्कूलों की ओर से अपने स्कूलों की अधोसंरचना, स्टाफ और स्कूल के उपलब्धियों के बारे में बताया गया। वहीं शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटन क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि रही है। जिन्होंने देश और प्रदेश के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। क्षेत्र में पढ़ाई को लेकर भी वातावरण पहले से रहा है लेकिन स्वामी आत्मानंद स्कूलों से लोगों की उम्मीद और बढ़ गई है। आज पूरे प्रदेश में अभिभावक और बच्चे स्वामी आत्मानंद स्कूलों को लेकर उत्साहित हैं। ऐसे में स्कूल के समय के बाद बच्चों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आपने अपने स्कूलों की जो उपलब्धियां बताईं, उनमें थोड़ा और ध्यान देंगे तो इनमें इजाफा हो जाएगा। पहले तो शिक्षकों को पालकों से संपर्क करने घर तक जाना पड़ता था, आज तकनीक का दौर है। वहीं मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि पढ़ाई का वातावरण ऐसा हो कि बच्चों को पढ़ाई बोझिल न लगे। अनुशासन के साथ स्कूल का वातावरण प्रफुल्लित होना चाहिए। बच्चों में सीखने की ललक पैदा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, बच्चे तो कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें आप जैसा आकार देना चाहें दे सकते हैं लेकिन उनकी रुचि के अनुसार उन्हें ढालेंगे तो वे जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

स्वामी आत्मानंद स्कूल पाटन में यह है खास : विकासखंड मुख्यालय पाटन में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल का परिसर लगभग 2 एकड़ में फैला हुआ है। यहां बच्चों के लिए अत्याधुनिक 16 क्लास रूम, बायोलॉजी, केमेस्ट्री और फिजिक्स के पृथक लैब, 3 स्मार्ट क्लास रूम सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां डिपार्टमेंट रूम, 2 स्टाफ रूम, हेड मास्टर रूम, प्रिंसिपल रूम, ऑफिस रूम, एग्जाम हाल, ऑडिटोरियम, किताबों से समृद्ध लाइब्रेरी, स्पोट्र्स रूम, कंप्यूटर लैब और हरियाली भरे बड़े मैदान के साथ भव्य मंच बनाया गया है। यहां अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम स्कूल भी संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में यहां इंग्लिश मीडियम में कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक 494 विद्यार्थी और हिंदी माध्यम में कक्षा नवमीं से बारहवीं 349 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब यहां शैक्षणिक सत्र 2022-23 से इंग्लिश मीडियम में प्री प्राइमरी की कक्षाएं भी शुरू की जा रही हैं।

स्कूल परिसर में रोपा चम्पा का पौधा :
स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्री प्राइमरी विंग का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्कूल परिसर में चम्पा का पौधा रोपा। वहीं स्कूल की अधोसंचरना में हुए बदलाव को देखकर मुख्यमंत्री ने अचंभित भाव से कहा कि स्कूल का पूरा नक्शा ही बदल चुका है। लेकिन यह बदलाव बेहतरी के लिए है, जो खुशी की बात है।

 दुर्ग / शौर्यपथ /

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेंटी अल्पसंख्यक विभाग दुर्ग संभाग के पूर्व अध्यक्ष मो शरीफ खान ने दुर्ग जामा मस्जिद के चुनाव को पारदर्शिता पूर्वक कराये जाने की मांग करते हुए दुर्ग जिला कलेक्टर एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जी मिन्हाजुद्दीन को पत्र लिखकर कहा कि जामा मस्जिद दुर्ग चुनाव में मतदाता परिचय पत्र से चुनाव कराने की मांग की और दावा आपत्ति के लिए समय निर्धारित करने की मांग की है। मो शरीफ खान ने कहा कि चुनाव पूर्व मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाता है। दावा आपत्ति दर्ज की जाती हैं स्कूटनी पश्चात किसी भी चुनाव को कराया जाता है किंतु बिना मतदाता सूची के प्रकाशन के पूर्व चुनाव कराया जाना अनेक प्रकार के सन्देहों को जन्म देता है। आखिर किसके दबाव में और किस व्यक्ति को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा हैं। मो शरीफ खान ने कहा कि मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद ही निर्वाचन की प्रकिया की घोषणा की जाती हैं। लेकिन बिना मतदाता सूची के प्रकाशन पूर्व चुनाव किया जाना नियम विरुद्ध है।
विदित हो कि कमेटी द्वारा विगत दिनों कराए गए बैठक में निर्णय लिया गया है कि 26 से 31 मई तक मतदाता सूची में नाम जोडने की अंतिम तिथी होगी। वही मतदाता सूची का प्रकाशन 2 जून तय किया गया है। ज्ञापन सौंपने वालो का कहना है कि किसी व्यक्ति का मतदाता सूची में नाम नही होने पर दावा आपत्ति का समय नही दिया गया है। वही प्रत्याशियों को 2 जून 2022 से 5 जून 2022 तक नामांकन पत्र दाखिल करने का समय दिया गया है। नाम वापसी हेतु 6 जून 2022 है। प्रत्याशियों के नामांकन की जांच 7 जून 2022 है, वहीं प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटन 7 जून 2022 और चुनाव की तिथि 12 जून 2022 को घोषित किया गया है। जिसे आपत्तिकर्ता ने न्याय संगत नहीं होना बताया गया है। कलेक्टर,अनुविभागीय अधिकारी, सहायक सर्वे आयुक्त, वक्फ दुर्ग एवं छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड को ज्ञापन प्रेषित कर कहा हैं कि जामा मस्जिद चुनाव में पुलिस प्रशासन के सिर्फ तीन व्यक्तियों के जिम्मे ये पूरा चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होगी। जबकि समाज के अन्य लोगो को भी इस चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर चुनाव की प्रक्रिया को आसान किया जाना चाहिए जो नही हुआ।जबकी कमेंटी में कम से कम 5 सामाजिक लोगो का जोड़ा जाना आवश्यक है। को इन नियुक्त 3 व्यक्तियों के साथ मिलकर निर्वाचन प्रकिया को सम्पादित कर पाये। और पूरी पारदर्शिता के साथ जामा मस्जिद के चुनाव को सम्पन्न किया जा सके।

भिलाई / शौर्यपथ /

नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल के जन्मदिवस पर उन्होंने मंदिर में माथा टेककर तथा पूजा अर्चना कर भिलाई वासियों के सुख और समृद्धि के लिए कामना की। वही सुबह से ही महापौर को उनके जन्मदिवस पर बधाई देने वालों का ताता लगा रहा। महापौर सहजता से सभी से मिलते रहे। महापौर नीरज पाल ने मुख्यमंत्री निवास तथा विधायक देवेंद्र यादव के निवास पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया, इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर भी उपस्थित रहे। सर्वप्रथम सुबह 7 बजे सबसे पहले भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव ने महापौर को जन्मदिन की बधाई प्रेषित की और इसी के साथ ही महापौर के दिन की शुरुआत हुई। महापौर के जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर एवं रक्त परीक्षण शिविर का आयोजन सतविजय ऑडियोटोरियम में किया गया था। जिसमें धर्मेंद्र यादव, जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा के अलावा युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर रक्तदान एवं रक्त परीक्षण करवाया। रक्तदान शिविर में 54 यूनिट रक्तदान किया गया तथा 350 लोगों ने अपना रक्त जांच करवाया। रक्तदान शिविर के आयोजन में भास्कर दुबे एवं अकाश कनौजिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महापौर ने रक्तदान करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इधर एमआईसी सदस्य एवं पार्षदों ने भी रक्त परीक्षण करवाकर हिस्सा लिया।

धमतरी / शौर्यपथ /

पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर द्वारा गुम बालक/ बालिका एवं गुम इंसान पर के मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित पतासाजी करने लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे . जिस पर सभी थाना चौकी प्रभारियों द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एवं पता साजी कि कार्यवाही करते हुए विगत 5 माह में गुमें 08 बालक, 23 बालिका 49 पुरुष, 165 महिला कुल योग टोटल 242 गुम हुए थे।
जिसमें से आज दिनांक तक 09बालक 18 बालिका 45 पुरुष 147 महिला एवं टोटल 219 गुम बालक/ बालिका एवं गुम इंसान कि पता साजी कर दस्तयाब कर उनके परिजनों को सुपूर्द कि गई है।जिसमें सें पॉच माह के पूर्व के भी 59 गुम बालक/बालिका,गुम इंसान भी दस्तयाब कर 219 लोगों के घरों में धमतरी पुलिस द्वारा खुशियाँ लौटाई गई।

गुम बालक बालिकाओं के मामले में *ऑपरेशन मुस्कान* भी चलाई जा रही है जिसके तहत गुमें हुए बालक बालिकाओं के पतासाजी कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया जा रहा है .धमतरी पुलिस द्वारा आम जनताओं से अपील भी की जाती है, कि कोई भी बाहर से आये अनजान मुसफिरों, फेरीवालों को घर में ना घुसने दें, एवं बाहर से आये किरायेदारों कि सूचना तत्काल पुलिस थाने में दें । बाहरी अनजान लोगों के बहकावे में ना आए, ना ही अपने परिवार को उनके संपर्क में लाएं।

जगदलपुर / शौर्यपथ /

बस्तर के प्रसिद्ध ढोकरा कला का तेलंगाना राज्य के कलाकार आसना स्थित बादल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ढोकरा कला से जुड़े हुए परिवार के सदस्य पुश्तैनी कला का प्रशिक्षण दे रहे है। ÓÓढ़ोकरा शिल्पÓÓ पीतल धातु में विभिन्न जीव जन्तु की आकृतियों का ढलाई किया जाता है। यह छत्तीसगढ़ के सबसे प्रतिष्ठित शिल्पों में से एक है। पीतल धातु में ढलाई से पहले यह अपनी परम्पारिक मोम तकनीक के माध्यम से कलाकृति को बनाया जाता है। यह तकनीक हजारों वर्षो से अपनाकर आगे बढ़ाया गया है। ढोकरा शिल्पकला बस्तर के घढ़वा समुदाय द्वारा व्यापक रूप से प्रचलित है। हस्तशिल्प मे पारंपारिक आभूषण, पशुओं आदिवासी देवी-देवताओं मूर्तियां शामिल है जो बस्तर क्षेत्र मे सबसे लोकप्रीय है।
बस्तर ढ़ोकरा आर्ट (बेलमेटल कारीगरी) 15 दिवसीय प्रशिक्षण लेने के लिए तेलंगाना राज्य से 19 प्रतिभागी लेने के लिए पहुंचे है। जिसका प्रशिक्षण आसना स्थित बादल अकादमी में 2 जून से 17 जून तक आयोजित किया गया है। मास्टर प्रशिक्षिक ग्राम अलवाही के श्री लुदुराम बघेल व पूर्वी टेमरा के श्री मन्नूलाल राम कश्यप के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षिणार्थियों को 15 दिवसीय शेड्यूल अनुसार प्रशिक्षण के दौरान ढ़ोकरा आर्ट की सभी तकनीकों और बारिकियों की जानकारी दी जा रही है। ढ़ोकरा कला फिनिसिंग एवं मॉडल से मोम तकनीक कॉस्टिंग पर जानकारी एवं मिट्टी का मिश्रण, मिटटी मॉडल बनाने का अभ्यास, मॉडल मे चिकना मिटटी का लेपन का कार्य, मॉडल को चमक बनाने हेतु पेपर से घिसाई का तरीका, मॉडल में मोम चढाने का तरीका, मॉडल मे मोम डिजाईन करने का तरीका, मोम पर मिटटी की पहली एवं दूसरी परत छबाई का तरीका, पितल व मोम गलाने के लिए भट्टी बनाने की विधि, मिट्टी का चाडी मे पितल डालने का तरीका, मॉडल मे कास्टिंग करने का तरीका, कास्टिंग हुए मॉडल से मिट्टी निकालने का तरीका, बने हुए समान का बफिंग एवं फिनिसिंग का कार्य के साथ-साथ ही आंध्रप्रदेश से आये प्रतिभागियों को ढ़ोकरा आर्ट के कार्य से जुडे परिवारों के साथ एवं उनके गांवो मे भ्रमण करावाया जायेगा ताकि इन परिवारों से मिलकर कलाकारों के द्वारा किस प्रकार कार्य किया जाता है उसकी भलीभांति जानकारी से अवगत हो सके।

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