
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग । शौर्यपथ । नगर में 60 साल पहले अनूठी डिजाइन के साथ बनाई गई या अल्लाह जामा मस्जिद सेक्टर-6 अब जल्द ही नए कलेवर में नजर आने वाली है। इसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है। जामा मस्जिद के संचालन कर रही भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट की निगरानी में मशहूर आर्किटेक्ट हाजी एमएच सिद्दीकी और उनकी टीम इस मस्जिद का चेहरा संवारने में जुटी हुई है। अरबी में लिखे 'या अल्लाहÓ की वजह से चर्चित रही इस मस्जिद का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण दोनों किया जा रहा है। जिससे इस मस्जिद की खूबसूरती में और भी निखार आएगा।
उल्लेखनीय है यह डिजाइन बीते 60 सालों से लोगों को आकर्षित करती रही है। नतीजा, यह है कि इस मस्जिद की डिजाइन के आधार पर हूबहू ऐसी ही मस्जिद सऊदी अरब में अलनमास के अलभा में मौजूद है। वहीं भारत में बेंगलुरू (कर्नाटक) और बिहार में सीवान के फिरोजपुर में भी ऐसी ही मस्जिद बनाई गई।
इसके अलावा देश और दुनिया भर में जारी होने वाले उर्दू कैलेंडर पर भी सेक्टर-6 भिलाई की इस मस्जिद की तस्वीर बीते 60 सालों से प्रमुखता के साथ इस्तेमाल हो रही है। बदलते दौर में भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट ने नमाजियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए मस्जिद के विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण का फैसला लिया था। इसके बाद पिछले दो दशक से विभिन्न चरणों में इस मस्जिद का विस्तारीकरण किया गया। जिससे मीनार के नीचे मौजूद हौज को बंद किया गया और अलग से वुजू खाना बनाया गया। इस दौर में नमाजियों के लिए मस्जिद के बाहरी हिस्से में कोई छत नहीं थी, लिहाजा मस्जिद ट्रस्ट की ओर से हर साल ठंड की विदाई से बारिश तक के लिए करीब 8 माह तक तिरपाल की अस्थाई छांव की जाती थी।
इस अस्थाई व्यवस्था के दौर में आर्किटेक्ट हाजी एमएच सिद्दीकी इस मस्जिद के सामने सहन बनाने का प्रस्ताव दिया था। तब कमेटी की यह मंशा थी के जामा मस्जिद कुछ और ज्यादा ही आलीशान दिखे। इसके लिए आर्किटेक्ट फजल फारूकी के दिए नक्शे को कमेटी ने पसंद किया और इसके आधार पर सहन (सामने का हिस्सा) बनकर तैयार हुआ।
इस दौरान हिस्से के आर्च (कमान) पर मार्बल और सीमेंट की जाली या फिर ग्लास वर्क का सुझाव आया। ऐसे में मस्जिद के सौंदर्यीकरण का काम हाजी एमएच सिद्दीकी को दिया गया। हाजी सिद्दीकी ने यहां पहले की तरह अरबी लिपि में लिखा हुआ 'या अल्लाहÓ स्पष्ट तौर पर दर्शाने डिजाइन में कुछ और बदलाव किया।
वहीं सहन के तीनों तरफ छज्जा निकाला गया और साथ ही सीढिय़ों की जगहों पर दो कमरे बनाए गए। वहीं भविष्य में यहां आकर्षक रंगीन रौशनी के साथ फव्वारे लगाने की भी योजना है।
इस्पात नगरी भिलाई के अस्तित्व में आने से पहले वर्तमान टाउनशिप और कारखाने की जगह 45 से ज्यादा गांव थे। जहां बहुत से स्थानीय मुस्लिम परिवार भी रहा करते थे। तब यहां इन गांवों में कोई बड़ी मस्जिद नहीं थी। इसलिए यहां के गांवों के मुसलमान दुर्ग की जामा मस्जिद या फिर ईदगाह दुर्ग में नमाज अदा करते थे।
भिलाई के निर्माण के साथ ही यहां देश भर से अलग-अलग धर्म, मत व संप्रदाय के लोगों का आना हुई। तब टाउनशिप बन रहा था और व्यवस्थित धर्मस्थल नहीं थे। ऐसे में मुस्लिम समुदाय के लोग सुपेला, कैंप, बोरिया व खुर्सीपार सहित -अलग हिस्सों में खुले में नमाज अदा करते थे।
वहीं दोनों ईद की नमाज या मुस्लिम समुदाय का कोई भी बड़ा जलसा सेक्टर-1 के मौजूदा क्लब के सामने मैदान में आयोजित करते थे। वर्ष 1960 में तत्कालीन भिलाई स्टील प्लांट मैनेजमेंट ने सभी धार्मिक स्थलों के लिए सेक्टर-6 में भूमि आवंटन किया। जिसमें मस्जिद के लिए मौजूदा स्थान आवंटित किया गया।
भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के बैनर तले वर्ष 1964 में मस्जिद का निर्माण शुरू किया गया। इस मस्जिद की अनूठी डिजाइन हैदराबाद के सिद्दीकी एंड एसोसिएट फर्म के प्रमुख खैरुद्दीन अहमद सिद्दीकी ने दी थी। बाद के दौर में यह डिजाइन इतनी मशहूर हुई कि देश-विदेश में इसी डिजाइन पर मस्जिद बनाई गई।
भिलाई की इस मस्जिद का निर्माण कार्य तीन साल चला और 31 मार्च 1967 शुक्रवार को पहली जुमा की नमाज पढ़ी गई। तब से यहां नमाज का सिलसिला जारी है। इस मस्जिद में शुरुआती दौर में अलग-अलग इमामों ने अपनी खिदमत को अंजाम दिया। जनवरी 1970 से दिसंबर 2013 तक हाजी हाफिज सैयद अजमलुद्दीन हैदर यहां इमाम रहे। उनके बाद से हाफिज इकबाल अंजुम हैदर यहां इमामत कर रहे हैं।
जामा मस्जिद सेक्टर-6 के सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण का कार्य भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट की निगरानी में चल रहा है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों में सदर हाजी जमील अहमद, नायब सदर हाजी एम आर अंसारी, मकसूद अहमद, मोहम्मद इब्राहिम, हाजी अब्दुल हक, अब्दुल जाकिर खान, सेक्रेटरी हाजी मिर्जा अशरफ बेग, नायब सेक्रेटरी मोहम्मद मुर्तजा हुसैन, मिर्जा आसीम बेग, मोहम्मद इमरान खान, हाजी नूर मोहम्मद सिद्दीकी, खजांची सैयद हुसैन, नायब खजांची मोहम्मद अजहर, मेंबर हाजी मोहम्मद हमीदुल्लाह, सैयद आतिफ अली, असदुद्दीन हैदर, जफर जावेद, अब्दुल तहूर पवार, हाजी जुल्फिकार अहमद, शाहिद हुसैन, मोहम्मद अलीम सिद्दीकी, हाजी एमएच सिद्दीकी, हाजी मोहम्मद जमीर, जुल्फिकार अली, हाजी अरमान बेग, शेख जमील कुरैशी, हाजी अब्दुल शाहिद खान, फत्ते मोहम्मद, शेख वाहिद अहमद, निजामुद्दीन खान, शमीम अहमद, हाजी अब्दुल कलाम नियाजी, अब्दुल रफीक, मोहम्मद मुमताज अली, मोहम्मद इलियास, अब्दुल नसीम खान और शमशेर खान इस वृहद स्तरीय कार्य को अंजाम देने जुटे हुए हैं।
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की सोच के अनूरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हूनरमंद बनाने के लिए सामाजिक संस्था फॉर द गुड रीजन फाउण्डेशन सोसायटी ने पहल की है। संस्था द्वारा दुर्ग जिले के ग्राम खपरी के महिला भवन में नि:शुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण आरंभ किया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्र छात्राएं और महिला पुरूष भी हूनरमंद बनकर समाज में आगे बढे और अपना भविष्य संवार सके। ग्राम खपरी में आरंभ हुए इस नि:शुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण शिविर में वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 50 छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर में 20 महिलाएं भी शामिल हो रही है। जिन्हें संस्था के अनुभवी शिक्षकों के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह से संस्था के द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई कढाई प्रशिक्षण शिविर भी आरंभ किया गया है जहां पर 30 महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। संस्था के संस्थापक सांई राम प्रकाश ने बताया कि संस्था का उददेश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालो को हूनरमंद बनाने के साथ साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का है। उनहोने बताया कि संस्था द्वारा वर्तमान में नि:शुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण और सिलाई कढाई प्रशिक्षण शिविर आरंभ किया गया है जिसका बेहतर प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। इसी तरह से भविष्य में ग्रामीणों को आगे बढाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। संस्था के इस नेक कार्य में वेनू गोपाल, मनोज देवांगन, विपुल कामडे, प्रकाश साहू, घनश्याम निषाद का महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त हुआ।
दुर्ग। शौर्यपथ । निकाय क्षेत्र में नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार तथा गुणवत्तापूर्व सुविधाएं व अधोसरंचना मजबूत करने की दिशा में 16 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन शंकरनाला का निरीक्षण किया एवं गिरधारीनगर नाला की साफ-सफाई एवं 45 लाख की लागत से बरसात पूर्व संधारण एवं सफाई कार्य को जल्द प्रारंभ करने वरिष्ठ विधायक अरुण वोरा ने कहा जिससे आस-पास के क्षेत्रों में जल भराव एवं संक्रमक बीमारियों से बचाव हो सके। शंकरनगर में 25 लाख की लागत निर्माणाधीन हमर क्लीनिक-हमर द्वार का भूमिपूजन किया एवं स्कूल पहुंचकर बच्चों के साथ माध्यन्ह भोजन कर की गुणवत्ता परखा एवं प्रमुख बाजार के आसपास के क्षेत्र होने के कारण सुबह-सुबह गली-गली मोहल्लो में घुम-घुमकर निर्माणाधीन 39 लाख सीमेंटीकरण एवं शुगम यातायात के लिए चल रहे कुल 68 लाख से मोतीपारा, शंकरनगर व विवेकानंद वार्ड में डामरीकरण, कुल 25 लाख कार्य को देखा। वार्ड परिक्रमा कार्यक्रम के दौरान विधायक वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने विवेकानंद वार्ड, मोतीपारा, शंकरनगर के आमजनता से मिलकर मुख्यमंत्री मितान योजना के तहत् नागरिको को आय, निवास, जन्म व विवाह प्रमाण पत्र, 0-5 वर्ष तक के बच्चों आधार कार्ड एवं पेन कार्ड सहित अन्य शासन के द्वारा दी जा रही घर पहुंच सेवाओं के संबंध में एवं धन्वंतरित मेडिकल स्टोर्स में बॉडडेट एवं जैनेरिक दवाईयों पर 70 प्रतिशत छूट, मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जनसामान्य का नि:शुल्क ईलाज व दवाईयां एवं बेरोजगारी भत्ता के बारे में पूछताछ की। भ्रमण के दौरान एमआईसी प्रभारी दीपक साहू, भोला महोबिया, संजय कोहले, मनदीप भाटिया, शंकर ठाकुर, पार्षद बिजेन्द्र भारद्वाज, सतीष देवांगन, चंद्रशेखर चंद्राकर, एल्डरमेन राजेश शर्मा, देव सिन्हा, मनीष यादव, कृष्णा देवांगन, कार्यपालन अभियंता राजेश पाण्डेय, अपर आयुक्त मोनेन्द्र साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जल निरीक्षक नारायण ठाकुर, वार्ड इंजीनियर करण यादव, विकास दमाहे, राजकुमार पाली, शिव वैष्णव उपस्थित थे।
दुर्ग। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के निर्देशन में दुर्ग जिला शतरंज संघ द्वारा अंडर 17 आयु समूह का राज्य चयन स्पर्धा का आगाज दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल ने जलाराम सांस्कृतिक भवन दुर्ग में शंतरंज की बिसात पर चाल चलकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के राज्य सचिव हेमंत खुटे ने की। विशिष्ट अतिथि पार्षद संजय कोहले, भूपेंद्र प्रसाद, विकास शर्मा, विमल तिवारी, चंद्रीका दत्त चंद्राकर, एल्डरमेन राजेश शर्मा, सुरेंद्र भगत थे। स्पर्धा के प्रथम चक्र के दरमियान विधायक अरुण वोरा खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करने प्रतियोगिता स्थल पहुंचे थे।
राज्य सचिव हेमंत खुटे ने खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए कहा कि सच्चा प्रयास कभी निष्फल नहीं होता इसलिए खिलाड़ी अपना प्रयास निरंतर जारी रखें। राज्य संघ प्रतिबद्ध है प्रदेश के खिलाडिय़ों को एक बेहतर प्लेटफार्म देने के लिए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि धीरज बाकलीवाल ने कहा कि शतरंज का खेल मुझे भी काफी पसंद है। मैंने भी इस खेल को छात्र जीवन में काफी खेला है। उन्होंने खिलाडिय़ों को पूरी तन्मयता से खेलने के लिए प्रेरित किया। श्री बाकलीवाल ने शतरंज को धैर्य, संयम, अनुशासन के साथ खेलने वाला बौद्धिक गेम बताया।
आपको बता दें कि यह स्पर्धा सात चक्रों में अंतर्राष्ट्रीय नियमानुसार स्वीस लीग पद्धति से खेली जा रही है। इस स्पर्धा के आधार पर प्रदेश की टीम बनेगी जो कि मई माह में पंजाब में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय चयन स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगी।
कार्यक्रम का संचालन जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने किया। आभार प्रदर्शन राज्य संघ के सह सचिव विकास शर्मा ने किया। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने व यादगार बनाने में जिला संघ के पदाधिकारी मिथिलेश बंजारे, हरीश सोनी, दिनेश जैन, ललित वर्मा, मोरध्वज चंद्रकार, रामकुमार ताम्रकार, त्रिलोक सोनी, दिव्यांशु उपाध्याय अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं।
सरकार के उदासीनता से लोग होते जा रहे हैं दिन प्रतिदिन रेलवे से दूर
सुविधाएं छीनकर सिर्फ लोगों का जेब काटने का काम कर रही है रेलवे
टे्रनों को लेकर देशभर के लोगों में है बेहद नाराजगी,
लोकसभा चुनाव में ये भाजपा को पड़ेगा भारी
पत्रकारों से लेकर सभी वर्ग के लोग केन्द्र सरकार से नाराज
रेलवे ट्रेनों में स्पेशल का टैग लगाकर लगातार काट रही है लोगों की जेब
कोरोना की भयावहता नियंत्रित होने के बावजूद रेलवे नहीं दे रहा राहत
यात्रियों से 10 के बजाय न्यूनतम किराया 30 रुपए की हो रही वसूली
दुर्ग । शौर्यपथ । कोरोना के बाद से ही रेलवे साधारण टे्रनों को भी स्पेशल का टैग लगाकर लगातार लूटने का कार्य कर रही है। लोगों को मोदी सरकार से बड़ी उम्मीदें थी लेकिन वे लोगों की उम्मीदों पर खरे नही उतर रहे है। रेल प्रशासन के लोग खुद ही रेलवे की लुटिया डुबोने में लगे हुए है। रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण लोग अब लोगों की रेलवे से लगातार दूरियां बढते जा रही है, जो अमीर लोग है वे ट्रेनों के लगातार कैंसल होने और अत्यधिक लेट लतीफी के कारण या तो एरोप्लेन से जाना पसंद कर रहे है या खुद के चार पहिया वाहन से जाना पसंद कर रहे है इसके कारण रेलवे को भारी नुकसान हो रहा है। दिन प्रतिदिन लोगों की नाराजगी सीधे मोदी सरकार पर दिख रही है और अगले साल मई तक लोकसभा चुनाव होने वाला है। पिछले 70 सालों में जो रेलवे पर लोगों ने विश्वास जताया था अब वह पूरी तरह खत्म होते जा रही है। अभी भी पीएम मोदी जी और रेल मंत्री ने इसपर ध्यान नही दिया तो अभी जो थोड़ी बहुत शाख बची है वह भी खत्म हो जायेगी। लोग तभी तो जहां कोरोना काल में लोगों को राहत देने के बजाय लूटने का काम शुरू रेलवे ने की थी वह आज तलक जारी है। एक तो भारतीय रेलवे अब भगवान भरोसे हो गई है, कभी भी कोई भी टे्रन कोई ना कोई बहाना बनाकर कई कई दिनों तक टैने कैसिंल हो जा रही है, दूसरी बात ये कि ट्रेनों का आने जाने का कोई समय नही है, 8 से 10 घंटे तक टे्रने लेटलतीफी का शिकार हो रही है। ट्रेनों के अत्यधिक लेट लतीफी के कारण बिलासपुर में गत माह हुए नौकरी के लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में हजारों युवा वंचित हो गये जिसको लेकर दुबारा परीक्षा कराने की मांग करते रहे। एक तो टै्रनो के टाईमिंग का लफड़ा उपर से स्पेशल का टेैग लगाकर लोगों की जेब काटना अब अत्यधिक भारी पडऩे लगा है। यहां तक कि लोकल टे्रनों से प्रतिदिन राजनांदगांव,दुर्ग से रायपुर,सिलतरा व अन्य स्थानो पर तथा, भाटापारा से लेकर राजनांदगांव तक डयूटी करने वाले लोग भी अब लोकल ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण प्रतिदिन डयूटी लेट होने के कारण महिना में कई कई हजार रूपये कंपनी से उनका तनख्वाह कट जा रहा है इसके कारण प्रतिदिन डयूटीरत लोग अपना जान जोखिम में डानकर बाईक से आना जाना या डेढ दो घंटा पहले मिनी बसों से आना जाना कर रहे है जिसके कारण रेलवे को लाखों रूपये हर महिना नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेलवे अपनी व्यवस्था सुधारने के बजाय फिर यात्रियों की जेब काटने पर तुल गई है और फिर कुछ लोकल टे्रनों में स्पेशल का टैग लगाकर लूटने का काम करने जा रही है। ट्रेनों को स्पेशल का टैग आल इंडिया सहित रेलवे के बिलासपुर जोन अंतर्गत चलने वाली लोकल ट्रेनों से स्पेशल का टैग खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। स्पेशल का यह टैग आम आदमी के जेब पर अब बहुत अधिक भारी पडने लगा़ है। कोरोना का संक्रमण की भयावहता भले ही खत्म हो गया, लेकिन लोकल ट्रेनों में बढ़ा हुआ किराया अब तक वापस नहीं हुआ। न्यूनतम किराया अभी भी 10 के बजाय 30 रुपए की वसूली होने से आम यात्रियों को राहत नसीब नहीं हो पा रही है। आज भी दुर्ग से रायपुर का लोकल टे्रन का किराया सर्च करे तो 10 ही रूपये बताता है लेकिन रेलवे आज भी टिकिट 30 रूपये वसूल रहा है, वहीं एक्सप्रेस का किराया जो 30 रूपये था वह 60 से 70 रूपये वसूल रही है। ज्ञातव्य हो कि कोरोना काल से पहले लोकल ट्रेनों में न्यूनतम किराया 10 रुपए था। लेकिन कोरोना काल में लंबे लॉकडाउन के बाद जब यात्री ट्रेनों का पुन: परिचालन शुरू हुआ तो स्पेशल का टैग लगा दिया गया। इसके चलते लोकल ट्रेनों का न्यूनतम किराया 10 रुपए से बढ़ाकर 30 रुपए कर दिया गया। रेलवे बोर्ड ने निरस्त सभी ट्रेनों को दोबारा चलाने की हरी झंडी दिखाई तो इस बात की उम्मीद जगी कि किराया सामान्य हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेलवे अभी भी भिलाई पावरहाउस से महज पांच किलोमीटर दूर भिलाई या भिलाई नगर स्टेशन जाने के लिए अपने यात्रियों से 10 की बजाय 30 रुपये वसूल रहा है। जबकि पूर्व में लोकल ट्रेन में भिलाई से रायपुर या दुर्ग आने -जाने के लिए महज 10 रुपए किराया लगता था।
ज्ञातव्य हो कि स्थानीय रेलवे के द्वारा बिलासपुर से डोंगरगढ़ के बीच चलाए जाने वाले लोकल ट्रेनों में भिलाई-दुर्ग से बड़ी संख्या में आम लोग सफर करते हैं। लोकल ट्रेनों का ठहराव सभी स्टेशनों पर होने से स्थानीय स्तर पर सफर करने वालों के लिए एक्सप्रेस श्रेणी की ट्रेनें उपयोगी नहीं रहती। लेकिन ऐसे लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार लोकल ट्रेनों में सफर करने के लिए न्यूनतम किराया 30 रुपए देना पड़ रहा है। जबकि कोरोना काल से पहले यही किराया 10 रुपए था। हालांकि रेलवे की ओर से एक्सप्रेस ट्रेनों का न्यूनतम किराया भी फिलहाल 30 रुपए रखा गया है। एक्सप्रेस ट्रेन में दी जा रही यह राहत भिलाई पावर हाउस या दुर्ग से सीधे रायपुर आने जाने वालों के लिए फायदेमंद है। लेकिन लोकल ट्रेनों में नजदीकी छोटे स्टेशन के सफर करने वालों को भी 30 रुपए न्यूनतम किराया देने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि मिनी बस अथवा आटो में दुर्ग से भिलाई पावरहाउस का किराया 20 रुपए लगता है। जबकि लोकल ट्रेनों में इस दूरी के सफर में 30 रुपए खर्च करना पड़ रहा है। इसी तरह भिलाई पावर हाउस से भिलाई.3 के लिए आटो वाले महज 10 रुपए ले रहे हैं और लोकल ट्रेन में 20 रुपए अधिक लग रहा है। जबकि हमेशा से सड़क परिवहन के लगने वाले किराये के मुकाबले रेल का सफर सस्ता रहा है। लेकिन कोरोना संक्रमण की भयावहता नियंत्रित होने और रेलवे द्वारा यात्रियों के लिए लागू की गई बंदिशों में दी जा चुकी ढील के बावजूद लोकल ट्रेनों से स्पेशल का टैग हटाकर पहले की तरह किराये में राहत नहीं दिया जाना समझ से परे बना हुआ है।
कोरोना के पहले एक तो सीनियर सीटीजन और अधिमान्य पत्रकारों को किराया में रेलवे कनशेसन दिया करता था लेकिन कोरोना में ये कनशेसन खत्म कर दिया गया था जो कोरोना खत्म होने के बाद भी शुरू नही किया गया। वरिष्ठ नागरिकों का रियायत देने की घोषणा तो सरकार ने की है लेकिन अधिमान्य पत्रकारों को रियायत देने की घोषणा नही करने से पत्रकार भी रेलवे से बेहद नाराज है।
चौक चौराहों और पेन ठेलों पर लोगों से रेलवे द्वारा स्पेशल टैग लगाकार अत्यधिक किराया वसूलने एवं अचानक कई कई दर्जन ट्रेनों को कैंसल करने व अत्यधिक लेटलतीफी का कारण पर चर्चा करने पर लोगों का साफ कहना है कि रेलवे की लुटिया डुबाने का कार्य केन्द्र सरकार स्वयं कर रही है, दक्षिण पूर्व सहित देश के किसी भी रेलवे जोन का इसमें हाथ नही है, वे तो सरकारी कर्मचारी है, जैसा शासन से उनको आदेश आयेगा वे उसका पालन करने मजबूर है, इसके पीछे मोदी सरकार की सुनियोजित साजिश है कि रेलवे को किसी तरह का घाटा दिखाकर उसको प्राईवेटेशन करना है। आज देश की कई रेलवे स्टेशनों को आडानी को दे दिया गया और जहां जहां भी रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे प्राईवेटेशन किया गया है वहां प्लेटफार्म का किराया बिना किसी सुविधा बढायेे 50 रूपये कर दिया गया है। अब प्लेटफार्म पर जो फ्री में रूकते थे उसमें भी प्रतिघंटे चार्ज लगा दिया गया है,वहीं एयरपोर्ट में भी भारी भरकम राशि वसूल किया जा रहा है। यह सब इस लिए किया जा रहा है कि लोग रेलवे से दूरी बनाये जिसके कारण और अत्यधिक घाटा दिखाकर उन सभी को प्राईवेट किया जा सके। लोगों ने यह भी कहा कि इनसे अच्छे तो लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे जो रेलवे हो हमेशा घाटा दिखाने वाले को मात देखकर सैकड़ों करोड़ मुनाफा करवाये थे। रेलवे को प्राईवेटेशन करने के पीछे सब उपरी लेबल पर कमीशन का खेल है।
उप निर्वाचन 2023 हेतु रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त*
*निर्वाचन नामावली में नाम दर्ज कराने कर सकते है आवेदन*
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार जिला दुर्ग के अंतर्गत जिला पंचायत दुर्ग के क्षेत्र क्रमांक 6 का उप निर्वाचन 2023 कराए जाने हेतु फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार किया जाना है। इस हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदार दुर्ग को सहायक रजिस्ट्रीकरण नियुक्त किया गया हैं। 21 अप्रैल 2023 से निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन होगा। जिन मतदाताओं की उम्र 01 जनवरी 2023 को 18 वर्ष पूर्ण हो गई है, तथा जिनका नाम निर्वाचक नामावली में नहीं है वे अपना नाम निर्धारित प्रारूप में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा संबंधित ग्राम पंचायत में नियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपना नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा किसी व्यक्ति को मतदाता सूची की प्रविष्टि में संशोधन अथवा विलोपन कराना है, वे भी निर्धारित प्ररूप में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है। दावा आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल, 2023 अपरान्ह 3.00 बजे तक है। इसके पश्चात रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 03 मई 2022 है। इसके पश्चात प्राप्त होने वाले दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत दुर्ग के क्षेत्र क्रमांक 06 में जनपद पंचायत दुर्ग विकासखंड दुर्ग के ग्राम पंचायत अंजोरा (ढा), ढाबा, बोरई, नगपुरा, खपरी, अंजोरा (ख), बिरेझर, थनौद, चंगोरी, महमरा, पिपरछेड़ी, कोटनी, रसमड़ा, डांडेसरा, भेड़सर, दमोदा, खुरसुल तथा गनियारी शामिल है।
दुर्ग । शौर्यपथ । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कल 20 अप्रैल को अपने रायपुर निवास कार्यालय से राज्य के गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के लिए ’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ का वर्चुअली शुभारंभ किया। यह योजना मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना की तर्ज पर की गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 13 अप्रैल को बस्तर में आयोजित भरोसा सम्मेलन में ’मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किए थे। इन योजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक तीज त्यौहारों, मड़ई मेलों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ी को छत्तीसगढ़ी संस्कृति से अवगत कराने और इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना है। इन योजनाओं के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों को दो किस्तों में कुल 10 हजार रूपए जारी किए जाएगें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में यहां की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का काम अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य में तीजा, हरेली, भक्तिन महतारी कर्मा जयंती, मां शाकंभरी जयंती (छेरछेरा), छठ और विश्व आदिवासी दिवस जैसे पर्वाे पर सार्वजनिक अवकाश दिया जा रहा है। राज्य शासन की यह भावना है कि तीज-त्यौहारों के माध्यम से नयी पीढ़ी अपने पारंपरिक मूल्यों से संस्कारित हो और अपनी संस्कृति पर गौरव का अनुभव करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, युवा महोत्सव, छत्तीसगढ़िया ओलंपिक, बासी-तिहार जैसे आयोजनों के पीछे भी हमारा यही उद्देश्य है। लोक-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से ही देवगुड़ियों और घोटुलों के विकास का काम भी किया जा रहा है।
वर्चुअल कार्यक्रम में जिले के जनपद अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख, श्रीमती भुनेश्वरी वर्मा, श्री तेजराम चंदेल, समस्त जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अश्वनी देंवागन उपस्थित थे।
दुर्ग । शौर्यपथ । डब्ल्यूडीसी- पीएमकेएसवाई 2.0 अंतर्गत स्वीकृत जलग्रहण परियोजना अंतर्गत संविदा नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये थे, प्राप्त आवेदनों के परीक्षण एवं मूल्यांकन पश्चात् पात्र एवं अपात्र उम्मीदवारों की सूची दावा–आपत्ति हेतु कार्यालय उप संचालक कृषि सह परियोजना प्रबंधक डब्ल्यूसीडीसी, के सूचना पटल एवं वेबसाईट www.durg.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।
उम्मीदवार अपना दावा–आपत्ति 28 अप्रैल 2023 शाम 5.30 बजे कार्यालयीन दिवस में संपूर्ण दस्तावेज सहित स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत डाक से प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के पश्चात् दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । नगर निगम आयुक्त लोकेश चन्द्राकर के निर्देश पर वार्ड 19 तितुरडीह,सब्जी मंडी प्रांगण पानी टंकी के पास तितुरडीह, अतिक्रमणकर्ता दिलबाल सिंह ढिल्लन आ.स्व.मंगल सिंह द्वारा कबाड़ कय विक्रय कार्य का व्यवसाय करते हुए स्थल पर पक्का निर्माण कार्य कर अतिक्रमण किया गया।एवं बाहर बाउंड्रीवाल व बाथरूम का भी पक्का निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया था। जिससे शासकीय,सार्वजनिक व अन्य भूमि बाधित हो रही थी।निगम के भवन शाखा द्वारा कब्जाधारियों को नोटिस के माध्यम से जानकारी दी जा चुकी थी। नोटिस के बाद भी बाउंड्रीवाल नही हटाया था इस क्रम में आज गुरुवार को भवन शाखा अधिकारी प्रकाशचंद थावनी के मार्गदर्शन में कार्रवाही करके जेसीबी से निर्माण को तोड़कर हटाया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार,भवन,सहायक भवन अधिकारी गिरीश दीवान, नोडल अतिक्रमण अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, सहायक भवन निरीक्षक विनोद मांझी,सहायक राजस्व प्रभारी योगेश सूरे मौजूद थे। गौरतलब है कि बाउंड्रीवाल एवं बाथरूम बनाकर कब्जा कर रखा था, इस संबंध में कई बार लोगों ने शिकायत भी की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगम ने कार्रवाई करते हुए आज मोहन नगर पुलिस बल की मौजूदगी में कब्जा पक्का बाउंड्रीवाल व बाथरूम को तोड़कर हटवाया गया।कार्यवाही के मौके ओर कब्जाधारी द्वारा बाकी अवैध निर्माण अतिक्रमण को एक हप्ते के भीतर स्वयं हटा देने के लिए मौजूद अधिकारियों से मांगा समय,मेरे द्वारा निर्माणधीन अतिक्रमण नही हटाये जाने की स्थिति में नगर निगम के द्वारा जो कार्रवाही की जाएगी मुझे मान्य होगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
