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दुर्ग / शौर्यपथ /
रायपुर से दुर्ग के बीच आज एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों में सरप्राइज़ चेकिंग चलाकर बिना टिकट सफर कर रहे यात्रियों की धरपकड़ की गई। रेलवे की इस कार्रवाई में सैकड़ों यात्री धरे गए। ऐसे यात्रियों से नियमानुसार जुर्माना वसूलने के बाद भविष्य में टिकट लेकर सफर करने की हिदायत दी गई।
रायपुर से दुर्ग की ओर आ रही ट्रेनों में आज सुबह रेलवे के कमर्शियल विभाग ने टिकट चेकिंग का अभियान चलाया। बोगी में एक साथ छह से सात टीटीई को देखते ही बिना टिकट सफर करने वालों में हड़कंप मच गई। इस दौरान बिना टिकट सफर करने वालों पर नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई अंजाम दी गई। राशि के अभाव में जिन्होंने मौके पर जुर्माना नहीं पटायाए उन्हें आरपीएफ के हवाले किया गया। इस दौरान कईं छात्र छात्रा और महिलाएं भी सपड़ में आई।
आज सुबह रायपुर से दुर्ग आने वाली लोकल ट्रेन में टीटीई की टीम ने सरप्राइज़ चेकिंग की शुरुआत की। इस ट्रेन में कामकाजी महिला व पुरुष काफी संख्या में रायपुर व कुम्हारी से भिलाई-दुर्ग का सपर करते हैं। आईटीआई के छात्र छात्राएं भी भिलाई व दुर्ग के लिए लोकल ट्रेनों में आते हैं। इनमें से अनेक के पास आज टिकट नहीं था। अचानक टीटीई की टीम के बोगियों में दस्तक देने पर बिना टिकट सफर करने वालों के चेहरे पर हवाइयां उडऩे लगी। पकड़ में आने के बाद अनेक यात्री गिड़गिड़ाने के साथ ही माफी मांगने लगे।
रायपुर से दुर्ग के बीच सघन चेकिंग के बाद दुर्ग से रायपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी इस अभियान को जारी रखा गया। दुर्ग से छूटने वाली साऊथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन में भी चेकिंग की गई। इस दौरान दुर्ग से रायपुर और बिलासपुर तक बिना टिकट सफर करने वाले स्थानीय यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया। दुर्ग से रायपुर जाने वाली मेमू लोकल ट्रेन में भी काफी संख्या में बिना टिकट यात्रा करते महिला व पुरुषों को पकड़ कर कार्रवाई की गई। फिलहाल बिना टिकट सफर करने वाले कितने यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, इसका आंकड़ा नहीं मिल पाया है।
पावरहाउस स्टेशन में दी जाती रही चेतावनी
भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर आज सुबह से ही लाउडस्पीकर पर बिना टिकट यात्रा न करने की चेतावनी दी जाती रही। वैध टिकट लेकर सफर करने और किसी को लेने या छोडऩे स्टेशन पर आने वालों को प्लेटफार्म टिकट लेने की भी अपील रह रहकर लाउडस्पीकर में गूंजती रही। इसके अलावा एक से दूसरे प्लेटफार्म में आने जाने के लिए फुट ओवरब्रिज का उपयोग करने प्रेरित किया जा रहा था। रेल पटरियों से होकर आने जाने वालों पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी लगातार प्रसारित होती रही
भिलाई / शौर्यपथ /
भिलाई इस्पात संयंत्र में दुघर्टनाएं रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। गुरुवार दोपहर कन्वर्टर शॉप में हुए हादसे में फिर से एक ठेका कर्मी की मौत हो गई है। एक सप्ताह के भीतर प्लांट के अंदर ये चौथी दुर्घटना है। इसमें अब तक दो कर्मचारियों की मौत हो गई और 5 का इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कन्वर्टर शॉप में गुरुवार दोपहर कुछ मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक मजदूर के सिर पर लोहे की मोटी चेन टूटकर गिर गई। जिसके कारण सिर में चेन गिरने से ठेका कर्मी अर्जुन साहू 42 वर्ष का सिर फट गया जिसके कारण उसकी मौत हो गई। कर्मचारी की मौत होने की सूचना मिलते ही बीएसपी ् के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस घटना को लेकर ठेका कर्मचारियों और उनके नेताओं में काफी नाराजागी है।
पति के साथ पत्नी भी ठेका कर्मी
बताया जाता है कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले ठेका कर्मी अर्जुन साहू 61 बजरंग चौक जोरातराई डुंडेरा का रहने वाला है और वह एमजे इंटरप्राइसेस के अंडर में काम करता था। वह अर्जुन की 37 वर्षीय पत्नी मीना साहू भी ठेकेदार नवीन के अंतर्गत बीएसपी के सीईडी विभाग में काम करती है। दोनों को 13, 15 व 17 की तीन बेटियां हैं। हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन सीटू के महासचिव योगेश सोनी मृतक के घर पहुंचे और सभी को दिलासा दिया।
एक और की पहले भी हो चुकी है मौत
1 जून को भिलाई स्टील प्लांट बीएसपी के 6 महीने से बंद पड़े ब्लास्ट फर्नेस 7 में अचानक आग लगने से मरम्मत कर रहे दो ठेका श्रमिक बुरी तरह झुलस गए। इसमें राहुल उपाध्याय ;32 सालद्ध की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं परमेश्वर सिखा ;25 वर्षद्ध 80 प्रतिशत झुलस गया। उसका इलाज सेक्टर 9 अस्पताल में चल रहा है।
ब्लास्ट से 3 झूलसे थे
3 जून शुक्रवार की सुबह ैडै.2 के कनवर्ट 3 में ब्लास्ट होने से पिघले हुए लोहे के छीटों से वहां काम कर रहे तीन कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए थे। झुलसने वालों में वहां काम कर रहे बीएसपी कर्मी मानसिंह ठाकुर ;58द्ध और ठेका कर्मचारी गिरि कुमार और भूषण लाल शामिल थे। उनका उपचार भी सेक्टर 9 हॉस्पिटल में चल रहा है।
हॉट मेटल गिरने से चार कर्मचारी झुलसे
4 जून को भिलाई स्टील प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप में हॉट मेटल को ले जाते समय लेडल के गिरने से बड़ा धमाका हुआ। इसमें चार कर्मचारी बुरी तरह से झुलस गए हैं। झुलसे हुए कर्मचारियों में एक बीएसपी कर्मचारी और तीन बीएसपी ठेका कर्मी हैं। यह हादसा लेडल को एसएमएस 2 के कनवर्टर 3 से क्रेन के जरिए एलएफ 2 ले जाते समय हुआ। लेडल के एक तरफ का हुक खुल गया और 120 टन पिघला हुआ लोहे से भरा लेडल छिटक गया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग जिला प्रदेश के व्हीआईपी जिले की गिनती में आता जरुर है किन्तु व्हीआईपी जिला होने के बाद और प्लाटिंग/अवैध कालोनी पर जिला प्रशासन की कार्यवाही की बात सिर्फ कागजो तक ही सिमित नजर आ रही है . जिला मुख्यालय से लगे ग्राम मोहलई में 40-50 एकड़ में जिस तरह अवैध प्लाटिंग/कालोनी का निर्माण बाकायदा नम्बरिंग के द्वारा किया जा रहा है उससे तो यही प्रतीत होता है या तो जिला प्रशासन के इन जिम्मेदार अधिकारियों को मोहलई का रास्ता नहीं मालुम होगा या फिर मोहलई नामक ग्राम का नाम कभी सुने नहीं होंगे .
किन्तु इसी मोहलई ग्राम में नदी के करीब एक ऐसे किसान का खेत है जिसके खेत से पानी निकासी का कोई साधन नदी तक नहीं है . रमेश निषाद के परिवार के पास किसानी कि लगभग 6 एकड़ की जमीन है जो मोहलई ग्राम के उस अंतिम छोर पर है जहां पर रमेश निषाद के खेत तक बघेरा का पानी भी बरसात के दिनों में आ जाता है . कुछ वर्ष पूर्व तक यह पानी खसरा न. 118 जो प्राकृतिक रूप से बनानाला / नाहर था के द्वारा पानी नदी की ओर चला जाता था किन्तु जब से अवैध कालोनी के संचालको द्वारा इस प्राकृतिक नहर को पाट दिया गया तब से बरसात के दिनों में रमेश निषाद को अपने खेत में जमे पानी को निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है . अपनी इस व्यथा को रमेश निषाद ने लिखित में शिकायत दे कर शासन को अवगत कराया किन्तु समस्या जस की तस .
इस बारे में जब किसानी कर रहे रमेश निषाद के बेटे से चर्चा हुई तो उनके कथन अनुसार दुर्ग के निवासी पदम् जैन द्वारा कालोनी निर्माण और कालोनी में जाने के लिए मार्ग का निर्माण कर दिया गया किन्तु निर्माण के समय पानी निकासी हो ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गयी जिसके कारण बरसात के दिनों में फसल को नुक्सान पहुँचता है . वही प्राकृतिक रूप से बने नाहर / नाला (खसरा न. 118 ) को पाटने से स्थिति और विकट हो गयी .
अवैध कालोनी की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गयी ...
इस विषय में जब क्षेत्र के पटवारी से चर्चा की गयी तो उन्होंने कहा कि अवैध कालोनी विकसित होने के बारे में एवं प्राकृतिक नहर /नाला जो लगभग ढाई एकड़ के करीब है के पट जाने के बारे में जानकारी दे दी गयी है . वही कुछ क्षेत्र के कुछ खसरा न. पर भी बिक्री के लिए रोक लगाया गया है .
पंचायत द्वारा नहीं दी गयी भवन बनाने की अनुमति ...
वही मोहलई के एक पञ्च का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी भवन निर्माण के लिए पंचायत की अनुमति लेनी होती है किन्तु पदम् जैन के द्वारा जिस क्षेत्र में कालोनी विकसित की जा रही उस क्षेत्र में कोई भी भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी गयी है . जबकि अगर जमीनी हकीकत देखे तो उक्त स्थान पर कुछ मकान बन चुके है और सडको का जाल बिछा हुआ है .
टाउन एंड कंट्री प्लान वालो को जानकारी किन्तु कार्यवाही के लिए नहीं है इच्छा शक्ति ...
वही अवैध कालोनी निर्माण पर नजर रखने एवं कार्यवाही करने की सबसे ज्यादा प्रशसनिक शक्ति अगर किसी के पास है तो वह टाउन एंड कंट्री प्लान विभाग के पास है किन्तु विभाग द्वारा पूरी जानकारी होने के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही का ना करना एवं कार्यवाही के लिए सम्बंधित तहसीलदार को पत्र ना लिखना ही साफ़ दर्शाता है कि जिले का टाउन एंड कंट्री प्लान विभाग किस स्थिति में कार्य कर रहा है . ऐसी भी बात नहीं कि इस कालोनी के बारे में जानकारी नहीं विभाग को . पिछले साल विभाग द्वारा एक खसरा न. पर अवैध प्लाटिंग की कार्यवाही के रूप में नोटिस प्रेषित किया गया किन्तु उसके बाद यह विभाग भी वर्तमान समय तक मौन है जब विभाग के अधिकारियों ने चर्चा के दौरान इस कालोनी की वास्तु स्थिति की पूरी जानकारी दी किन्तु विभाग किसी के शिकायत का इंतज़ार कर रहा है . शौर्यपथ समाचार ने जब स्वयं संज्ञान की बात कही तो विभाग के अधिकारी बगले झाकने लगे और बात को टालने कि कोशिश करने लगे .
मुख्यमंत्री के नरवा प्रोजेक्ट के उद्देश्य को भी भूल गए अधिकारी ...
एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पानी की एक एक बूंद को सहेजने के लिए नरवा प्रोजेक्ट पर जो दे रहे है वही मोहलई में खसरा न. 118 में स्थित लगभग ढाई एकड़ के क्षेत मेबने प्राकृतिक नाहर /नाला को पाटा जा रहा है जिसकी जानकारी पटवारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक है किन्तु इस मामले में सभी अधिकारी मौन है . क्या दुर्ग जिला मुख्यालय से लगे इस प्राकृतिक नाहर /नाला की रक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी करेंगे या मुख्यमंत्री बघेल के उदेश्य को तिलांजलि देकर एसी कमरों में बैठ कर शिकायत का इंतज़ार करेंगे जिम्मेदार अधिकारी .
जो करना है कर लो कुछ नहीं होने वाला ...
शौर्यपथ समाचार के वेब पोर्टल में पिछले दिनों अवैध प्लाटिंग के विषय में खबर लगने एवं मोहलई के भी कुछ खेत्र की फोटो देख कर दुर्ग के धनवान व्यक्ति पदम् जैन द्वारा फोन कर इस बारे में धमकी भरे लहजे में शौर्यपथ समाचार पत्र के संपादक से कहा गया कि जो करना है जितना लिखना हो लिख लो कुछ भी नहीं होने वाला पदम् जैन द्वारा कही गयी बातो में एक धमकी भरे और सभी स्वतंत्र है कुछ भी करने के लिए वाली बात कहने का अंदाज एक अलग ही तरह का सन्देश देता प्रतीत हुआ हो सकता है पदम् जैन या उनके सहयोगी द्वारा परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शारीरिक या आर्थिक नुक्सान पहुँचाया जा सकता है . किन्तु जिस विश्वास के साथ पदम् जैन ने अपनी बात कही और जिस तरह से साल दो साल से पटवारी से लेकर अन्य सम्बंधित विभाग की जानकारी के बावजूद भी प्लाटिन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है उससे यही प्रतीत होता है कि विभागीय कार्यवाही की लचर व्यवस्था पर पदम् जैन को पूरा भरोसा है .
दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के अंजोरा मंडल द्वारा आज निकुम में विभिन्न मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें आसपास के गांवो के अनेक किसान भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए शामिल हुए, निकुम के बस स्टैंड में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल किसान इस बात के लिये आक्रोशित थे केसीसी में केमीकल खाद के साथ प्रति एकड़ तीन बोरी जैविक खाद 10/- प्रति किलो के भाव से खरीदने के लिये दबाव बनाया जा रहा है, किसानों का कहना है कि जैविक खाद खरीदने के लिये किसानों को बाध्य करने के बजाय इसे ऐच्छिक किया जाना चाहिये,
धरना प्रदर्शन में शामिल किसानों ने सेवा सहकारी समितियों का शीघ्र चुनाव कराने और समितियों का प्रबंधन किसान प्रतिनिधियों को सौंपने की मांग भी किया और आरोप लगाया कि निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं होने के कारण समिति के प्रबंधक और कर्मचारी निरंकुश हो गये हैं और किसानों के खिलाफ दुव्र्यवहार करते हैं
किसानों ने इस बात के लिये भी असंतोष व्यक्त किया कि बीमा कराने और फसल खराब होने के बाद भी प्रभावित किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलता है, आरंभ में मप्र के मंदसौर में 6 जून 2016 को शिवराज चौहान सरकार के पुलिस की गोली से शहीद होने वाले किसानों को बरसी पर याद किया गया इसके अलावा केंद्र सरकार के खिलाफ तीन कानून वापस लेने की मांग को लेकर किसानों के एक साल चले आंदोलन में अपनी कुर्बानी देने वाले सैकड़ों किसानों को याद करते हुए उनकी कुर्बानी व्यर्थ न जाने देने की बात कही गई
धरना प्रदर्शन को छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के एड. राजकुमार गुप्त, दुर्ग ग्रामीण के अध्यक्ष ढालेश साहू, ढाबा के पारखमणि साहू, बोरई के गोविंद साहू आदि ने संबोधित किया, प्यारे लाल यादव ग्राम निकुम अंजोरा मंडल अध्यक्ष, कांतिलाल देशमुख ग्राम आलबरस भागवत राम पटेल ग्राम निकुम व रीना देशमुख ग्राम झोला व तुलाराम देशमुख ग्राम भरदा ज़ोन अध्यक्ष, राजकुमार साहू ग्राम अध्यक्ष निकुम राजेश साहू किसान मित्र कृष्ण, मनोज कुमार ,कृष्ण कुमार ग्राम भरदा ,रामाधार यादव, रामनाथ ,भरत लाल ओमप्रकाश ,पितांबर लाल ,बलराम, परमानंद ,भरत ,जीवन ,राजेन्द्र ,प्रेमलाल गायकवाड, बोधीराम ,पंचराम धनकर भरत लाल साहू ,अशोक सोनी ,रोमनाथ साहू, किशन दास, बोधन लाल आसपास के किसान धरना प्रदर्शन में उपस्थित थे।
दुर्ग /शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम, दुर्ग के द्वारा नगर निगम दुर्ग के सभी 60 वार्डो के क्लस्टर में कार्यालयीन दिवस में लोगो की मूलभूत समस्याओ जैसे पानी, बिजली, राशन कार्ड, पेंशन, साफ-सफाई, आबादी जमीन का पट्टा सहित अनेक मांगो के संबंध में आये आवेदनो का निराकरण करने जनसमस्या समाधान शिविर के आयोजन का अंतिम दिवस था, विभिन्न वार्डो में आये समस्याओं की भांति वार्ड क्रमांक 59 व वार्ड क्रमांक 60 में भी आवेदन प्राप्त हुए इनमें से कई समस्याओं का समाधान शिविर में तत्काल निराकरण कर दिया गया इसमें नवीन राशन कार्ड बनाने व पेंशन राशि को हितग्राहियों के खाते में भेजकर समाधान किया गया!शासकीय पूर्व माध्यममिक शाला कातुलबोर्ड में आयोजित इस शिविर में हरी नगर, कातुलबोर्ड की समस्याओ को लेकर नागरिको ने अपनी बात रखी ।
शिविर में उपस्थित विधायक अरूण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, आयुक्त हरेश मंडावी ने उनकी समस्याएं सुनी व त्वरित निराकरण करने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया । इस दौरान दोनो वार्डो के पार्षद भी उपस्थित रहे!उन्होने वार्डवासियों की समस्याओ से अवगत कराया वार्ड के नागरिको ने कातुलबोर्ड में स्थित हरी नगर तालाब की साफ-सफाई करने व पींचिक कार्य कर पानी की निकासी मार्ग की व्यवस्था करने अधिकारियो को अवगत कराया गया ।
इस पर जन प्रतिनिधि, विधायक अरूण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने इस दिशा में कार्य योजना तैयार करने की संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया!इस शिविर के समापन अवसर पर विधायक अरूण वोरा ने उपस्थित नागरिको को संबोधित करते हुए यह कहां कि शिविर आम जनता से जुड़ कर उनकी समस्याओं को सुनने का एक सशक्त माध्यम बना, नजदीक से उनकी समस्याओ को जानने का अवसर मिला, इस कडकड़ाती धूप में भी नागरिको ने शिविर स्थल पर पहुंचकर अपनी बात रखी और उन समस्याओ को हमने भी निराकरण करने का प्रयास किया गया, ऐसा शिविर का आयोजन भविष्य में भी किया जावेगा ।
शिविर में एम.आई.सी. सदस्य जयश्री जोशी,संजय कोहले, पार्षद शिवेन्द्र परिहार उपस्थित हुए । शिविर में पट्टे संबंधित 75 व सड़क नाली, लोककर्म विभाग से संबंधित 25, राशन कार्ड के 4 प्रकरणो का मौके पर ही निराकरण किया गया । आवास योजना एवं विधुत विभाग से संबंधित आवेदनो को संबंधित विभाग में प्रेषित किया गया । कुल 124 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें मांग की 115 व समस्याओ को लेकर 9 आवेदन शिविर में प्राप्त हुआ । शिविर में कार्यपालन अभियंता आर0के0 पाण्डे, आर0के0 जैन, आर0डी0 शर्मा व नोड़ल अधिकारी जावेद अली संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे ।
दुर्ग / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ध्रुव गोंड आदिवासी समाज के कार्यक्रम में अपने संबोधन में सरकार के ऐसे नवाचार बताए जिनसे जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से प्रशासनिक दक्षता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दो बातों का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह बस्तर बदल रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को सबसे बड़ी दिक्कत भाषा को लेकर होती है। लोग अपनी समस्या रखते हैं लेकिन भाषा की दिक्कत की वजह से अधिकारी इसे समझ नहीं पाते और लोगों की समस्याएं हल करने में दिक्कत होती है। यह दिक्कत दूर हो सके इसके लिए हमने अधिकारियों की स्थानीय भाषा के समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। आर्थिक रूप से लोगों को सुदृढ़ करने वनोपज संग्राहकों को उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सरकार आदिवासियों के आर्थिक शैक्षणिक सांस्कृतिक विकास की समग्र सोच को लेकर कार्य कर रही है। आर्थिक विकास के लिए हमने जनजातीय क्षेत्रों में वनोपज संग्राहकों को राहत देने के लिए अनेक नीतियां अपनाई है। इन नीतियों का प्रभाव मुझे बस्तर के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में नजर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान बस्तर की 12 विधानसभाओं का भ्रमण किया और मुझे बहुत सुखद बदलाव बस्तर में महसूस हुए। बस्तर विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान एक महुआ संग्राहक महिला ने बताया कि उनका महुआ इंग्लैंड जा रहा है। महिला ने यह जानने की इच्छा जताई कि इंग्लैंड वाले महुवा का क्या कर रहे हैं तो मैंने उन्हें कहा कि आपको भी इसे देखने इंग्लैंड भेजेंगे। इस तरह बड़ा बदलाव बस्तर में देखने को सामने आया है, बस्तर में शांति का वातावरण लौटा है। इससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियां तेज हुई है। बस्तर में पर्यटन की सुंदर अधोसंरचना तैयार हो रही है। अपने बस्तर भ्रमण में मैंने कुछ रिसॉर्ट का लोकार्पण भी किया। इस तरह बदलते हुए बस्तर को देखना बहुत ही सुखद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आदिवासी समाज को हमेशा प्रतिनिधित्व दिया है। बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के अभी तक अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते थे लेकिन हमने बस्तर के और सरगुजा के विधायकों को इसके लिए मौके दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के सांस्कृतिक विकास की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। बस्तर में हमने 1200 देवगुडिय़ों का जीर्णोद्धार किया। इसके साथ ही आदिवासी संस्कृति के केंद्र रहे घोटुल का भी जीर्णोद्धार हमारी सरकार ने किया। बस्तर का जनमानस अपने देव गुडिय़ों में बसता है, अपने लोकगीतों में बसता है, अपनी संस्कृति में बसता है। इस संस्कृति को सहेजने की दिशा में भी हमने बड़ा काम किया है, हमने आसना में एक संस्था बनाई है जिसका नाम है बादल अर्थात बस्तर आर्ट डांस एंड लिटरेचर। इसके माध्यम से हम बस्तर की संस्कृति को सहेजने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस प्रकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के माध्यम से हम आदिवासी संस्कृति को सहेज सकते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य का ढांचा बेहतर हो। इसके लिए भी हमने कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर तेजी से बदल रहा है। इस बात का पता इससे चलता है कि भेंट मुलाकात के कार्यक्रमों के दौरान मुझे स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थापना को लेकर, बैंक की स्थापना को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने आग्रह किया। यह एक बदलते बस्तर का मजबूत परिचायक है। कृषि में हुए सुधारों का जबरदस्त असर बस्तर में दिखा है। बीजापुर जैसे छोटे से शहर में ट्रैक्टर के चार शोरूम खुल गए हैं। इससे पता चलता है कि किस तेजी से लोग कृषि में नए सुधारों को अपना रहे हैं। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने भी आदिवासी समाज को संबोधित किया। वन मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में जनजातियों के विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है। आदिवासी संस्कृति को सहेजने की दिशा में काम कर रही है और आर्थिक विकास के लिए भी सतत रूप से काम कर रही है। इस दौरान समाज के पदाधिकारी श्री एमडी ठाकुर, श्री सीताराम ठाकुर, श्री राजेश ठाकुर आदि उपस्थित थे। इसके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शालिनी रिवेंद्र यादव ,नगर पंचायत अध्यक्ष श्री भूपेंद्र कश्यप,जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के भवन में बोर खनन की घोषणा की। साथ ही किचन शेड की घोषणा भी की। पुराने भवन के मरम्मत की घोषणा की तथा गर्मियों में किसी तरह की दिक्कत ना हो इसके लिए वाटर कूलर की घोषणा भी की।
दुर्ग / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पाटन विकासखंड मुख्यालय में स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में प्री प्राइमरी कक्षाओं का शुभारंभ किया। दुर्ग जिले का यह पहला स्वामी आत्मानंद स्कूल होगा, जहां प्री प्राइमरी की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। केजी-1 और केजी-2 के लिए 20-20 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। प्री प्राइमरी कक्षाओं के शुभारंभ के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री श्री बघेल स्कूली बच्चों से रूबरू हुए तो वहीं पाटन विधानसभा क्षेत्र में संचालित सभी 7 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य व शिक्षकों से भेंट-वार्ता भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां स्कूली बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा, साथ ही पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ तस्वीरें खिंचवाई। यहां मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को पाठ्य सामग्री का वितरण भी किया। वहीं मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से स्कूलों में बेहतर वातावरण निर्माण पर जोर देने की बात कही। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर भी मौजूद रहे।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पाटन पहुंचने पर सबसे पहले क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री श्री बघेल का आत्मीय स्वागत किया। वहीं प्री प्राइमरी विंग का शुभारंभ कर मुख्यमंत्री जैसे ही बच्चों से बातचीत के लिए कक्षा में पहुंचे, तो वहां मौजूद कक्षा दूसरी की नन्ही छात्रा चंद्रकला ने गुलाब का फूल देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नन्ही छात्रा को देखकर मुख्यमंत्री ने भी वात्सल्य भरा हाथ बच्ची के सिर पर फेरा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल स्कूली बच्चों से रूबरू हुए और बच्चों के रोचक प्रश्नों के जवाब भी दिए। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बच्चों ने स्वामी आत्मानंद के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्वामी आत्मानंद की प्रतिभा और कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।
कक्षा आठवीं की छात्रा विनाक्षी ने जानना चाहा कि "स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने के पीछे उनका लक्ष्य क्या था?" इसके जवाब में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने स्कूली जीवन को याद करते हुए कहा कि, उनके वक्त में हर वर्ग के बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई की सुविधा नहीं होती थी। शहरी क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती थी और सभी विषयों के शिक्षक उनके पास होते थे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधाएं नहीं होती थीं। हमारे यहां प्रतिभा की कमी नहीं लेकिन यहां के लोग भाषा की वजह से पिछड़ जाते थे। यह देखकर ही मुझे लगा कि यहां भी शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का वातावरण दिया जाए। जिस तरह से राजीव गांधी जी ने देशभर में नवोदय विद्यालय खुलवाए, उसी तर्ज पर स्वामी आत्मानंद स्कूलों की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, जब बच्चे बेहतर वातावरण में पढ़ाई करेंगे तो उनमें आत्मविश्वास आएगा, और आत्मविश्वास ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होती है। आप प्रदेश और देश का भविष्य हैं, आपकी शिक्षा से ही प्रदेश और देश तरक्की करेगा।
भेंट मुलाकात में बीत रही गर्मी की छुट्टियां :
बच्चों से बातचीत के दौरान कक्षा सातवीं की छात्रा श्रुति ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि "सर आप अपनी गर्मी की छुट्टियां कैसे बिताते हैं?" इसके जवाब में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, "जनसेवा में कोई छुट्टी नहीं होती। इस बार बीते एक महीने से प्रदेशभर में भेंट-मुलाकात अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मैं सरगुजा और बस्तर के 20 विधानसभा क्षेत्र में जा चुका हूं। वहां आम, बरगद, पीपल, साल जैसे पेड़ के नीचे बैठकर गांव के लोगों से बातचीत हो रही है। वहां योजनाओं से संबंधित जानकारी ले रहा हूं, कि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। इस तरह अब तक की गर्मी पेड़ के नीचे ही प्रदेश की जनता से बात करते हुए बीता है।"
जीवन में अनुशासन जरूरी :
मुख्यमंत्री से कक्षा 9वीं के छात्र शैलेंद्र देवांगन ने पूछा कि Óजब आप स्टूडेंट थे, तो आपके टीचर आपसे कैसा ट्रीट करते थे?Ó इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक आपसे अनुशासन चाहते हैं। आप समय से स्कूल पहुंचें। आप शिक्षकों के निर्देशों का पालन करें। कक्षा में बैठे रहने के दौरान आपका पूरा फोकस पढ़ाई पर होना चाहिए। कोर्स से संबंधित जो भी चीजें आपको समझ न आ रही हों, आप शिक्षकों से अपनी जिज्ञासा पूछें। आप अनुशासित होंगे, खेल और स्कूल की अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे तो शिक्षक आपको पसंद करेंगे। शिक्षकों के सामने अपनी गलती को छुपाने का प्रयास न करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके समय पर्याप्त शिक्षक नहीं होते थे। उन्होंने कहा अब तो स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों के साथ अन्य संसाधन भी हैं।
बच्चों को ऐसा माहौल दें कि उनमें सीखने की ललक हो :
पाटन विधानसभा क्षेत्र में संचालित सभी 7 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य व शिक्षकों से भेंट-वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री को सभी स्कूलों की ओर से अपने स्कूलों की अधोसंरचना, स्टाफ और स्कूल के उपलब्धियों के बारे में बताया गया। वहीं शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटन क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि रही है। जिन्होंने देश और प्रदेश के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। क्षेत्र में पढ़ाई को लेकर भी वातावरण पहले से रहा है लेकिन स्वामी आत्मानंद स्कूलों से लोगों की उम्मीद और बढ़ गई है। आज पूरे प्रदेश में अभिभावक और बच्चे स्वामी आत्मानंद स्कूलों को लेकर उत्साहित हैं। ऐसे में स्कूल के समय के बाद बच्चों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आपने अपने स्कूलों की जो उपलब्धियां बताईं, उनमें थोड़ा और ध्यान देंगे तो इनमें इजाफा हो जाएगा। पहले तो शिक्षकों को पालकों से संपर्क करने घर तक जाना पड़ता था, आज तकनीक का दौर है। वहीं मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि पढ़ाई का वातावरण ऐसा हो कि बच्चों को पढ़ाई बोझिल न लगे। अनुशासन के साथ स्कूल का वातावरण प्रफुल्लित होना चाहिए। बच्चों में सीखने की ललक पैदा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, बच्चे तो कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें आप जैसा आकार देना चाहें दे सकते हैं लेकिन उनकी रुचि के अनुसार उन्हें ढालेंगे तो वे जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
स्वामी आत्मानंद स्कूल पाटन में यह है खास : विकासखंड मुख्यालय पाटन में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल का परिसर लगभग 2 एकड़ में फैला हुआ है। यहां बच्चों के लिए अत्याधुनिक 16 क्लास रूम, बायोलॉजी, केमेस्ट्री और फिजिक्स के पृथक लैब, 3 स्मार्ट क्लास रूम सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां डिपार्टमेंट रूम, 2 स्टाफ रूम, हेड मास्टर रूम, प्रिंसिपल रूम, ऑफिस रूम, एग्जाम हाल, ऑडिटोरियम, किताबों से समृद्ध लाइब्रेरी, स्पोट्र्स रूम, कंप्यूटर लैब और हरियाली भरे बड़े मैदान के साथ भव्य मंच बनाया गया है। यहां अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम स्कूल भी संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में यहां इंग्लिश मीडियम में कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक 494 विद्यार्थी और हिंदी माध्यम में कक्षा नवमीं से बारहवीं 349 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब यहां शैक्षणिक सत्र 2022-23 से इंग्लिश मीडियम में प्री प्राइमरी की कक्षाएं भी शुरू की जा रही हैं।
स्कूल परिसर में रोपा चम्पा का पौधा :
स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्री प्राइमरी विंग का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्कूल परिसर में चम्पा का पौधा रोपा। वहीं स्कूल की अधोसंचरना में हुए बदलाव को देखकर मुख्यमंत्री ने अचंभित भाव से कहा कि स्कूल का पूरा नक्शा ही बदल चुका है। लेकिन यह बदलाव बेहतरी के लिए है, जो खुशी की बात है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेंटी अल्पसंख्यक विभाग दुर्ग संभाग के पूर्व अध्यक्ष मो शरीफ खान ने दुर्ग जामा मस्जिद के चुनाव को पारदर्शिता पूर्वक कराये जाने की मांग करते हुए दुर्ग जिला कलेक्टर एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जी मिन्हाजुद्दीन को पत्र लिखकर कहा कि जामा मस्जिद दुर्ग चुनाव में मतदाता परिचय पत्र से चुनाव कराने की मांग की और दावा आपत्ति के लिए समय निर्धारित करने की मांग की है। मो शरीफ खान ने कहा कि चुनाव पूर्व मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाता है। दावा आपत्ति दर्ज की जाती हैं स्कूटनी पश्चात किसी भी चुनाव को कराया जाता है किंतु बिना मतदाता सूची के प्रकाशन के पूर्व चुनाव कराया जाना अनेक प्रकार के सन्देहों को जन्म देता है। आखिर किसके दबाव में और किस व्यक्ति को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा हैं। मो शरीफ खान ने कहा कि मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद ही निर्वाचन की प्रकिया की घोषणा की जाती हैं। लेकिन बिना मतदाता सूची के प्रकाशन पूर्व चुनाव किया जाना नियम विरुद्ध है।
विदित हो कि कमेटी द्वारा विगत दिनों कराए गए बैठक में निर्णय लिया गया है कि 26 से 31 मई तक मतदाता सूची में नाम जोडने की अंतिम तिथी होगी। वही मतदाता सूची का प्रकाशन 2 जून तय किया गया है। ज्ञापन सौंपने वालो का कहना है कि किसी व्यक्ति का मतदाता सूची में नाम नही होने पर दावा आपत्ति का समय नही दिया गया है। वही प्रत्याशियों को 2 जून 2022 से 5 जून 2022 तक नामांकन पत्र दाखिल करने का समय दिया गया है। नाम वापसी हेतु 6 जून 2022 है। प्रत्याशियों के नामांकन की जांच 7 जून 2022 है, वहीं प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटन 7 जून 2022 और चुनाव की तिथि 12 जून 2022 को घोषित किया गया है। जिसे आपत्तिकर्ता ने न्याय संगत नहीं होना बताया गया है। कलेक्टर,अनुविभागीय अधिकारी, सहायक सर्वे आयुक्त, वक्फ दुर्ग एवं छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड को ज्ञापन प्रेषित कर कहा हैं कि जामा मस्जिद चुनाव में पुलिस प्रशासन के सिर्फ तीन व्यक्तियों के जिम्मे ये पूरा चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होगी। जबकि समाज के अन्य लोगो को भी इस चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर चुनाव की प्रक्रिया को आसान किया जाना चाहिए जो नही हुआ।जबकी कमेंटी में कम से कम 5 सामाजिक लोगो का जोड़ा जाना आवश्यक है। को इन नियुक्त 3 व्यक्तियों के साथ मिलकर निर्वाचन प्रकिया को सम्पादित कर पाये। और पूरी पारदर्शिता के साथ जामा मस्जिद के चुनाव को सम्पन्न किया जा सके।
भिलाई / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल के जन्मदिवस पर उन्होंने मंदिर में माथा टेककर तथा पूजा अर्चना कर भिलाई वासियों के सुख और समृद्धि के लिए कामना की। वही सुबह से ही महापौर को उनके जन्मदिवस पर बधाई देने वालों का ताता लगा रहा। महापौर सहजता से सभी से मिलते रहे। महापौर नीरज पाल ने मुख्यमंत्री निवास तथा विधायक देवेंद्र यादव के निवास पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया, इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर भी उपस्थित रहे। सर्वप्रथम सुबह 7 बजे सबसे पहले भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव ने महापौर को जन्मदिन की बधाई प्रेषित की और इसी के साथ ही महापौर के दिन की शुरुआत हुई। महापौर के जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर एवं रक्त परीक्षण शिविर का आयोजन सतविजय ऑडियोटोरियम में किया गया था। जिसमें धर्मेंद्र यादव, जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा के अलावा युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर रक्तदान एवं रक्त परीक्षण करवाया। रक्तदान शिविर में 54 यूनिट रक्तदान किया गया तथा 350 लोगों ने अपना रक्त जांच करवाया। रक्तदान शिविर के आयोजन में भास्कर दुबे एवं अकाश कनौजिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महापौर ने रक्तदान करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इधर एमआईसी सदस्य एवं पार्षदों ने भी रक्त परीक्षण करवाकर हिस्सा लिया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
