August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

     अपने लिए समय निकालें /शौर्यपथ/ 

    घर और दफ़्तर का काम करने के दौरान विराम लेना बहुत ज़रूरी है। इससे तनाव दूर होता है और काम को बेहतर तरीके से पूरा करने की प्रेरणा मिलती है। जब हम काम से चंद मिनट का आराम लेते हैं, तो इस विराम को ‘मी टाइम’ की तरह इस्तेमाल करें, यानी मोबाइल या टीवी पर नज़रें गड़ाने के बजाय ख़ुद के लिए और ख़ुद के साथ समय बिताएं। काम के बीच निकाले हुए समय को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं,

    जब ब्रेक 5 मिनट का हो...

    अगर आप घर पर हैं, तो फल, हरी सब्ज़ियों का सलाद और सूखे मेवे खा सकते हैं। इससे ऊर्जा मिलेगी और मस्तिष्क क्रिया बेहतर होगी।
    आप जो काम कर रहे हैं, उससे नज़रें हटाएं और कोई पसंदीदा आर्टिकल पढ़ें। अगर कोई किताब पढ़ रहे हैं, तो उसका एक भाग भी पढ़ सकते हैं। ये घर और दफ़्तर दोनों जगह कर सकते हैं।
    घर हो या दफ्तर, लगातार काम कर रहे हैं, तो पांच मिनट के विराम में अपने हाथों और गर्दन को मसाज दें। इससे रक्त प्रवाह सही रहेगा और तनाव कम होगा।
    दिमाग़ी कसरत के लिए पहेलियां सुलझा सकते हैं या ब्रेन गेम्स खेल सकते हैं, जैसे कि सुडोकू, रूबिक क्यूब या वर्ग पहेली आदि।
    जब ब्रेक 10 मिनट का हो...

    दफ़्तर में लगातार बैठे रहना सेहत के लिए सही नहीं है। बीच-बीच में टहलना भी ज़रूरी है। अगर दस मिनट का ब्रेक ले सकें, तो कॉफी मशीन से कॉफी या चाय ख़ुद तैयार करें और खुले स्थान पर खड़े होकर पिएं। इसे घर पर भी किया जा सकता है।
    इस अंतराल में दफ़्तर या घर की अलमारी या दराज साफ़ कर सकते हैं। अतिरिक्त और व्यर्थ सामान छांटकर ठीक और व्यवस्थित कर सकते हैं।
    किसी शख़्सियत के प्रेरणादायक वीडियो भी देख सकते हैं। इससे मन को सुकून मिलेगा, मानसिक थकान उतरेगी और काम को पहले से अधिक उत्साह से पूरा कर सकेंगे।
    जब ब्रेक 15 मिनट का हो...

    यदि पंद्रह मिनट का ब्रेक ले रहे हैं, तो इस समय को शारीरिक क्रिया में उपयोग करें। घर या दफ्तर में अकेले शांति में टहलें। इससे शारीरिक क्रिया हो जाएगी और ऊर्जा स्थिर रहेगी। पर टहलते वक़्त मोबाइल नज़रों से दूर रहे, यह भी सुनिश्चित करें।
    व्यस्तता के बीच इस समय आप अपने क़रीबी या परिजन से फोन पर बात कर सकते हैं। पर इस दौरान भी खड़े रहें या टहलते रहें।
    संगीत भी मन को शांत करने का सबसे अच्छा ज़रिया है। जब भी काम से विराम लें, तो पसंदीदा संगीत सुनें। बेहतर होगा कि खुली हवा में टहलते हुए अकेले संगीत सुनें।
    अगर ब्रेक 30 मिनट का हो...

    अगर घर में तीस मिनट निकाल रहे हैं, तो किसी एक व्यक्ति के साथ गेम्स खेल सकते हैं। ऐसे गेम्स जिसमें ध्यान लगाना हो जैसे कि कार्ड, बिज़नेस गेम, चेस आदि।
    दफ्तर की कैंटीन या घर की बालकनी में अकेले बैठकर चाय की चुस्कियां लें, आसपास के लोगों पर ध्यान दें और उनकी गतिविधियों को ग़ौर से देखें। इससे आंखों की थकावट दूर होगी और काम पर बेहतर तरीक़े से ध्यान दे पाएंगे। साथ ही अगर आप पूरे सुकून और इत्मीनान के साथ समय गुज़ारना सीख गए, तो संतुलित मन:स्थिति के मालिक बन सकते हैं।
    डिजिटल दोस्तों से बाहर निकलकर असल दोस्तों के साथ समय गुज़ारें। दफ़्तर में उनके साथ भोजन करें। अगर घर में हैं, तो हफ्ते में दो-तीन दिन दोस्तों के साथ भोजन की योजना बना सकते हैं।

    लोकवाणी की 25वीं कड़ी का प्रसारण सुनने के बाद जनप्रतिनिधियों ने दी प्रतिक्रिया
    धमतरी /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 25वीं कड़ी का प्रसारण आज सुबह 10.30 से 11.00 बजे के बीच आकाशवाणी, एफएम रेडियो सहित क्षेत्रीय समाचार चैनलों के माध्यम से किया गया। आज की कड़ी में मुख्यमंत्री ने ‘युवा सपने और छत्तीसगढ़‘ विषय पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए युवा वर्ग को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसे सुनने के बाद महापौर  विजय देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुखिया  भूपेश बघेल ने पिछले तीन सालों में युवा हाथों को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार देने की अभिनव पहल की है जो सराहनीय है। 

    लोकवाणी का श्रवण करने की व्यवस्था नगरपालिक निगम कार्यालय के सभाकक्ष में की गई थी, जिसके प्रसारण के उपरांत अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महापौर ने आगे कहा कि सभी शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलयन कर उनका नियमितिकरण किया जाना और नियमित शिक्षकों की भर्ती करना प्रदेश के युवाओं को बहुत बड़ी सौगात है, इसके लिए अलावा विभिन्न विभागों में लगातार सीधी भर्ती की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि युवावर्ग को स्वरोजगार देने के लिए भी अनेक प्रयास किए गए हैं, जिसके तहत नगरीय निकायों में बेरोजगार महिलाओं को स्वच्छता दीदी व सफाई मित्र के तौर पर काम मिला और सफाई के साथ यह आय का बेहतर जरिया भी बना। निगम के सभापति  अनुराग मसीह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्रेष्ठ सरकार वही है जो सबसे पहले अपनी जनता को रोटी, कपड़ा और मकान की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए। इन तीनों सुविधाओं को अपनी प्रजा के लिए उपलब्ध कराने में मौजूदा सरकार सभी दृष्टि से सफल है और प्रदेश के सबसे सफल मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगे भी बेहतर कार्यों व योजनाओं का क्रियान्वयन होगा। इसके अलावा मेयर इन काउंसिल के सदस्य  राजेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मुखिया की अगुवाई में धमतरी में पहली बार वायुसेना भर्ती रैली का आयोजन वर्ष 2019 में किया गया, जिसमें धमतरी सहित प्रदेश भर के 208 युवाओं का चयन किया गया, जिसका जिक्र मुख्यमंत्री ने आज के प्रसारण के दौरान किया। इसी तरह जिले में उद्यानिकी महाविद्यालय की घोषणा भी मुख्यमंत्री के द्वारा की गई है, जिससे जिले के युवा खुद को रोजगार की ओर अग्रसर कर सकेंगे। इसके अलावा पार्षद  दीपक सोनकर, एल्डरमैन श्री नरेश जसूजा, अरूण चौधरी, विक्रांत शर्मा सहित निगम कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने लोकवाणी की आज की कड़ी का श्रवण किया।

     

    54 प्रतिशत तक की सामान्य छूट पर लोगों को मिल रही दवाइयां

    चिरमिरी में नवंबर से शुरू धन्वंतरि मेडिकल स्टोर, शुरुआत से अब तक 838 हितग्राहियों की दवाइयों पर कुल 47 हजार 599 रुपए की बचत
    ’नगर पालिक निगम चिरमिरी, नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर, शिवपुर-चरचा और मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल स्टोर संचालित, शेष नगरीय निकायों में भी जल्द होंगी शुरू’

    कोरिया /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में लोगों की मदद के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजना धन्वंतरि जेनरिक मेडिकल स्टोर में कम एवं वाजिब दाम पर दवाइयां मिलने से लोगों को आर्थिक मदद मिली है। निम्न एवं मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह योजना उपयोगी साबित हो रही है। नगर निगम चिरमिरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकट संचालित धन्वंतरि मेडिकल स्टोर में अब तक 87 हजार 370 रुपये की एमआरपी की दवाईयां 48 से 54 प्रतिशत की छूट के बाद 39 हजार 772 रुपए में बिक्री हुई है। जिससे 838 हितग्राहियों की कुल 47 हजार 599 रुपए की बचत हुई है। 

    मेडिकल स्टोर पर पहुंचे एक युवा ने बताया कि स्टोर पर 120 रुपये एमआरपी की दवा 55 रूपए में मिली। मेडिकल स्टोर में लोगो को दवाईयों में एमआरपी पर 54 प्रतिशत तक की सामान्य छूट दी जा रही है। रियायती दर पर दवा मिलने से पैसों की बचत हो रही है। मेडिकल स्टोर में कम दाम में गुणवत्तायुक्त दवाइयां मिलने से लोग बड़ी संख्या में जेनरिक स्टोर पहुचकर योजना का लाभ ले रहे है। मेडिकल दुकानों में सर्दी, ख़ासी, बुखार, ब्लड प्रेशर जैसी आम बीमारियों के साथ-साथ गंभीर बीमारियों की 251 दवाएं, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आइटम भी उपलब्ध है।
    राज्य शासन द्वारा शुरू की गई जनहितैषी धन्वंतरि जेनरिक मेडिकल योजना के तहत लोगों को रियायती दर पर सस्ती दवाइयों के रूप में अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो रही है। आमलोगों की सुविधा के लिए जिले में भी मेडिकल स्टोर्स का संचालन किया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 04 मेडिकल दुकानें संचालित है जिनमें नगर पालिका निगम चिरमिरी, नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर, नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा एवं नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ हैं, वहीं 03 दुकानें नगर पंचायत झगराखण्ड, नगर पंचायत नई लेदरी, नगर पंचायत खोंगापानी में प्रस्तावित हैं। संचालित दुकानों में माह दिसम्बर 2021 में 70 हज़ार 393 रुपये की एमआरपी की दवाइयां छूट के बाद 31 हजार 412 रुपये में बिक्री की गई जिसपर धन्वंतरि मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने वाले 523 हितग्राहियों की कुल 38 हजार 980 रुपए की बचत हुई है।

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    कोरोना के बढ़ते मामले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन लगाने की कोई मंशा नहीं है. एलजी और वह पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं. केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार से लगातार संपर्क में हैं और केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है. पहले भी दिल्ली वालों ने मिलकर कोरोना की लहर से पार पा लिया था, इस बार भी हम पार पा लेंगे. जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह वैक्सीन जरूर लगवा लें. वैक्सीन का मतलब यह नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगे, लेकिन इसे लगवाने से आपकी जान के ऊपर खतरा कम हो जाता है. हमारी कोशिश होगी कि कम से कम पाबंदिया लगे, ताकि लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या पैदा न हो. कल डीडीएमए की बैठक


    है और हालातों की समीक्षा की जाएगी.

    दिल्ली के सीएम ने कहा कि मुझे भी कोरोना हो गया था. लगभग 7-8 दिन मैं होम आइसोलेशन में रहा. लगभग 2 दिन बुखार रहा. उसके बाद ठीक हुआ. कोरोना नियमों के हिसाब से 7 से 8 दिन होम आइसोलेशन में रहा. होम आइसोलेशन में था, लेकिन फोन पर दिल्ली की हालात पर सबसे संपर्क में था.

     
    उन्होंने कहा कि कल लगभग 20000 नए मामले आए थे. आज लगभग 22000 आएंगे. तेजी से मामले बढ़ रहे हैं. यह एक चिंता का विषय है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. पिछली जो लहर अप्रैल-मई में आई थी, उसमें 7 मई को रोजाना इतने ही मामले आ रहे थे.

     7 मई को 341 मौत हुई थी, कल 7 मौत हुई थी. 7 मई को दिल्ली में 20,000 बेड भरे हुए थे, कल जब 20000 मामले आए हैं तो लगभग डेढ़ हजार बेड भरे हुए हैं. इस लहर के दौरान मौत भी काफी कम हो रही हैं और लोगों को अस्पताल जाने की भी बहुत कम जरूरत पड़ रही है.

     

     

     

    हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ/ 

     भारत में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हर कोई इससे बचाव का उपाय खोज रहा है. अगर आप भी घर पर मौजूद इन घरेलू उपाय को आज से आजमाना शुरू कर देंगे तो कुछ हद तक ओमिक्रॉन के खतरे से बचा जा सकता है. वैसे हम सबके घर में एक ऐसी चीज मौजूद है, जिसका रोजाना सेवन करने से काफी हद तक Omicron के खतरे से बचा जा सकता है. वह है औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी (Basil). इसका सेवन सर्दी में बेहद ही असरदार होता है. आपको बता दें कि तुलसी इम्यूनिटी को बेहतर बनाती है. जो कोरोनाकाल में बेहद जरूरी मानी गई है. सच तो ये है कि सर्दी में हमारी इम्यूनिटी बेहद कमजोर हो जाती है और ऐसे में तुलसी का सेवन करने से सर्दी में होने वाली बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी और जुकाम से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है. अगर हम तुलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की बात करें, तो तुलसी की पत्तियों में विटामिन और खनिज तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इतना ही नहीं इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक और आयरन भी काफी मात्रा में शामिल होते हैं. जो हमारी अच्छी सेहत के लिए बहुत उपयोगी हैं. आयुर्वेद के अनुसार तुलसी का इस्तेमाल चाय, काढ़ा वगैरह बनाने के लिए किया जाता है. वहीं आयुष मंत्रालय ने भी कोरोना से बचाव के लिए तुलसी (Basil) का सेवन करने की सलाह दी थी. तुलसी का काढ़ा गले में खराश, सर्दी, खांसी और बुखार का बेहतरीन घरेलू इलाज है. कोरोनाकाल में रोज़ाना 5-6 तुलसी के पत्तों का सेवन करना बेहद ही असरदार


    है. इतने गुणों से भरपूर तुलसी का सेवन सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है चलिए आपको बताते हैं.

    शरीर को स्वस्थ बनाता है

    आपको बता दें कि भारतीय घरों में जहां तुलती (Basil) का पौधा लगाना शुभ माना जाता है. वहीं, इसके औषधीय गुण के कारण भी इसे घर में उगाया जाता है. तुलसी बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालती है. तुलसी का सेवन करने से बॉडी से अपशिष्ट पदार्थ बाहर आते है. यह शरीर को स्वस्थ बनाता है.

    इम्यूनिटी मजबूत करता


    कोरोनाकाल में इम्यूनिटी का स्ट्रॉन्ग होने पर हर किसी का जोर था. तभी तो इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए तुलसी (Basil) का सेवन बेहद ही असरदार माना गया है. दिन में एक बार तुलसी की चाय आपको सर्दी में होने वाली बीमारियों से तो बचाती है, वहीं इसके काढ़े का सेवन करने से आपकी इम्यूनिटी भी मजबूत होगी.

    शुगर होगी कंट्रोल

    अगर आपकी शुगर बढ़ी हुई है तो आप तुलसी का सेवन जरूर करें, इससे आपकी शुगर संबंधी समस्या काफी हद तक कम होगी. सुबह खाली पेट अगर तुलसी (Basil) का सेवन किया जाए तो दिन भर शुगर कंट्रोल रहती है.

    पाचन ठीक बना रहता

    सच तो ये है कि तुलसी (Basil) ना सिर्फ मौसमी बीमारियों का उपचार करती है बल्कि पाचन को भी ठीक बनाए रखती है. इसका सेवन करने से कब्ज और लूज मोशन जैसी समस्या से भी निजात मिलती है.

    वायरल से बचाने में कारगर

    कोरोनाकाल में वायरल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बना रहता है. ऐसे में तुलसी (Basil) का सेवन बेहद ही उपयोगी है. वायरल से बचाव के लिए दिन में तुलसी का काढ़ा बनाकर उसका सेवन आप रोज करें. आपको ये वायरल जैसी समस्या काफी हद तक कंट्रोल में हो जाएंगी.

     

     


    कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के लिए कांकेर में प्रोसेसिंग की व्यवस्था

    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता ’लोकवाणी’ के 25 वीं कड़ी का आज प्रसारण किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेश की जनता को नववर्ष की बधाई देते हुए ‘‘युवा सपने और छत्तीसगढ़’’ के संबंध में अपने विचार रखते हुए कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य भी अब 21 वर्ष पूर्ण कर चुका, एक युवा राज्य है। युवा महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमने युवा महोत्सव 2022 के आयोजन की घोषणा कर दी थी, लेकिन फिर जिस तरह से कोरोना बढ़ रहा है, उसे देखते हुए आयोजन स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा है, जैसे ही सब कुछ ठीक होगा, हम इस तरह युवाओं के लिए आयोजन जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में युवाओं का कॅरियर केवल सरकारी नौकरी से ही नहीं बनता, बल्कि हमारे युवा साथियों ने अपनी रुचि और प्रतिभा के बल पर संभावनाओं का नया आकाश खोल दिया है। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपमें जो संभावनाएं दिखाई पड़ी हैं, उन्हें साकार करने की दिशा में हम बहुत से प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार खेल प्रशिक्षण की समग्र अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिसके अंतर्गत 9 अकादमी स्थापित की जा चुकी है। फुटबाल में बालिकाओं के लिए तथा कबड्डी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स तथा हॉकी में बालक-बालिकाओं दोनों के लिए, इस तरह 9 अकादमियां शुरू हो चुकी हैं। टेनिस स्टेडियम और अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। हम यह प्रयास कर रहे हैं कि हमारे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण तथा अन्य खर्चों की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से हो, जिससे वे भविष्य में अपने राज्य की ओर से ही राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें, इसके लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे।

    थिंक बी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल बस्तर के युवाओं के लिए है। ‘थिंक बी’ का फुलफॉर्म है- ‘टेक्नोलॉजी हब एंड इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर’। इस परियोजना के अंतर्गत बस्तर के युवाओं को नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करेंगे। साथ ही युवाओं को आर्थिक, तकनीकी, प्रबंधकीय, कानूनी आदि कई तरह की सहायता दी जाएगी। युवाओं को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन सामग्री, किताबें, ऑडियो-वीडियो प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘थिंक बी’ परियोजना के लिए आईआईएम रायपुर, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज दिल्ली, ट्रिपल आईटी रायपुर तथा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर के साथ एमओयू किया गया है। ‘बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एण्ड लैंग्वेज’ संस्था के माध्यम से एक ओर जहां विभिन्न आदिवासी कलाओं, लोकगीत, नृत्यकला, शिल्पकला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, खान-पान, वेशभूषा का संरक्षण तथा विकास किया जाएगा। वहीं हल्बी, गोंडी, धुरवा, भतरी जैसी बोली-भाषाओं से नई पीढ़ी के साथ ही पर्यटकों, शोधार्थियों को भी अवगत कराया जाएगा। मेरा मानना है कि युवा खतरे के खिलाड़ी होते हैं। उनमें न तो लगन की कमी है और न ही वे मेहनत से डरते हैं, लेकिन गलत नीतियों के कारण डेढ़ दशक में खेती के काम को अंधेरी सुरंग बना दिया गया था, जहां से उजाले की किरण दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ती थी। हमने इस सुरंग में भी उजाला बिखेरने का काम किया है। हमने खेती-किसानी को बेहतर आय और प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसरों से जोड़ दिया है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ की फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की बेहतर व्यवस्था की है, पशुधन पालन को लाभ का जरिया बनाया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, नई उपजों को बढ़ावा, उनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग जैसी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप दिया है। कृषि की वैज्ञानिक शिक्षा के साथ शोध, अनुसंधान और आविष्कार के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, समर्थन मूल्य पर वनोपज खरीदी, वनोपज प्रसंस्करण, फूडपार्क की स्थापना जैसे प्रयासों से युवाओं को यह विश्वास हुआ है कि खेती-किसानी के काम में भी बहुत कुछ करने को है, जो नवीनता के अभाव में दिखाई नहीं पड़ता था। कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के लिए कांकेर जिले में तथा विभिन्न कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग हेतु दुर्ग जिले में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है।

    कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार केे बच्चों को कक्षा 12 वीं तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए देश में पहली बार हमने शिक्षा के अधिकार के प्रावधान को बढ़ाया है। बेटियों को स्नातकोत्तर तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने की व्यवस्था की है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना लागू की गई है। हिन्दी माध्यम की शालाओं के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की शुरुआत कर दी गई है। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सुविधाओं में वृद्धि की गई है। साथ ही कमजोर तबकों की सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है जैसे स्कॉलरशिप, भोजन सहायता राशि आदि में बढ़ोतरी की गई ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करके बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कोविड 19 से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील करते हुए कि नाक, मुंह ढंककर रखें। फेस मास्क को सही ढंग से लगाएं। साबुन, पानी से हाथ धोते रहें। भीड़ वाली जगह से बचें। फिजिकल डिस्टेंसिंग रखकर ही किसी से मेल-मुलाकात करें। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। हमने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाएं। कोरोना से बचने के लिए टीके का दोनों डोज लगवाना जरूरी है। जिन्होंने पहला डोज लेकर छोड़ दिया है वे दूसरा डोज पूरा करें। 15 से 18 वर्ष के उम्र के किशोर-किशोरियों के लिए टीकाकरण शुरू हो गया है और मुझे खुशी है कि हमारे नवयुवा बड़ी संख्या में टीका लगवा रहे हैं। मैं चाहूंगा कि यह अभियान शत-प्रतिशत सफल हो।

    कांकेर विकासखण्ड के ग्राम आलबेड़ा के ग्राम पंचायत भवन में मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो लोकवाणी के सामुहिक श्रवण की व्यवस्था किया गया था, जिसमें ग्राम पंचायत के सरपंच सेवती सलाम, उप सरपंच शिवप्रसाद तेता, हेमंत मण्डावी, उमा यादव, चैती, जहुरा, सुरजाबाई, रिखी कोरेटी, डफेश्वर, वोमित पोटाई, मलसूराम ठाकुर, श्यामसिंह सलाम एवं स्कूली छात्र-छात्राएं सहित ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    लोकवाणी का आगामी प्रसारण 13 फरवरी को

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी के 26 वीं कड़ी का प्रसारण 13 फरवरी को होगा, जिसमें ‘सुगम उद्योग, व्यापार-उन्नत कारोबार’ विषय पर मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे। इस विषय पर लोग अपने विचार, सुझाव और सवाल 27, 28 और 29 जनवरी को दिन में दोपहर 3 से शाम 4 बजे के बीच फोन नंबर 0771-4003482, 4003483 और 4003484 पर रिकॉर्ड करा सकते हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी के प्रसारण को आज पुरानी बस्ती रायपुर में बड़े उत्साह से सुना गया।
    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने लोकवाणी की 25वीं कड़ी में प्रदेशवासियों से चर्चा में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का रायपुर से अटूट नाता रहा है। वे सबसे अधिक समय कलकत्ता में रहे। उसके बाद सर्वाधिक समय छत्तीसगढ़ में ही रहे हैं। स्वामी विवेकानंद ने जो छाप छत्तीसगढ़ में छोड़ी है, उसे चिरस्थायी बनाने के लिए उनके जन्मदिन 12 जनवरी को युवा महोत्सव का आयोजन करने की शुरूआत 2020 में की थी। लोकवाणी में बताया गया कि युवा प्रतिभाओं को सवारने, उन्हें अवसर देने और आगे बढ़ाने की दिशा में नए कदम उठाये गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का कैरियर केवल सरकारी नौकरी से ही नहीं बनता, बल्कि हमारे युवा साथियों ने अपनी रूचि और प्रतिभा के बल पर संभावनाओं का नया आकाश खोल दिया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार खेल प्रशिक्षण की समग्र अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिसके अंतर्गत 9 खेल अकादमी स्थापित की जा चुकी है। टेनिस स्टेडयम और अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, थिंक बी, टेक्नोलॉजी हब एवं इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर, बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट लिटरेचर एंड लैंग्वेज, राजीव युवा मितान क्लब गठित, शिक्षा-दीक्षा तथा रोजगार के अवसरों पर ध्यान देने के साथ ही एक संस्कारवान युवा पीढ़ी तैयार करने की पहल, पिछले तीन वर्षों में सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सीधी भर्ती के अलावा अन्य माध्यमों से भी भर्ती के साथ ही युवाओं के लिए खेती, किसानी को बेहतर आय और युवाओं को प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसरों से जोड़ दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने मासिक रेडियो वार्ता में कहा कि हमने छत्तीसगढ़ की फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की बेहतर व्यवस्था की है, पशुधन पालन को लाभ का जरिया बनाया है। 

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा के दौरान युवाओं की उपलब्धियों और कीर्तिमानों का राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्ल्ेख किया। उन्होंने कोरोना से बचने के लिए टीके लगवाने सहित कोरोना प्रोटोकॉल नियम का पालन करने की बात कही।
    मुख्यमंत्री ने माह जनवरी अंतर्गत मकर संक्रांति, पोंगल त्यौहार, छेरछेरा पुन्नी, शाकम्भरी जयंती एवं गणतंत्र दिवस की प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर श्री सचिन शर्मा,  अविनाश दुबे, मलिका प्रजापति, मीला थवाइत, आतीका मरकाम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

     

    लोकवाणी (आपकी बात- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ) की 25वीं कड़ी प्रसारित

    मुख्यमंत्री ने ‘युवा सपने और छत्तीसगढ़ विषय‘ पर की बात

    छत्तीसगढ़ में युवा प्रतिभाओं को संवारने, अवसर देने और आगे बढ़ाने की दिशा में हो रहे निरंतर कार्य

    प्रदेश के 13 हजार 269 नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में गठित होंगे ‘राजीव युवा मितान क्लब‘

    राज्य में 09 खेल अकादमियां शुरू: छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन शीध्र

    प्रदेश के 200 से अधिक विकासखंडों में फूडपार्क की स्थापना हेतु भूमि आबंटित

    कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने अपील

    छत्तीसगढ़ में विगत तीन वर्षों में रोजगार के अवसरों में हुई बढ़ोत्तरी

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आकाशवाणी से आज प्रसारित रेडियो वार्ता लोकवाणी की 25वीं कड़ी में ‘युवा सपने और छत्तीसगढ़‘ विषय पर प्रदेशवासियों से चर्चा की। उन्होंने बातचीत की शुरूआत करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ वासियों को नववर्ष की बधाई दी और कहा कि राज्य में विगत तीन वर्षों में जनभागीदारी और विकास का जो ताना-बाना बना है, उससे यह विश्वास जागा है कि नए वर्ष में सफलताओं और जन सशक्तिकरण के नए रंग भरे जाएंगे। हमारा छत्तीसगढ़ राज्य भी अब 21 वर्ष पूर्ण कर चुका, एक युवा राज्य है। 12 जनवरी को युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस है, जिसे हम युवा दिवस के रूप में मनाते हैं।

    बघेल ने कहा कि नया वर्ष, युवा सपने, युवा दिवस और नवा छत्तीसगढ़ के बीच एक अंतर्संबंध है। स्वामी विवेकानंद जी का रायपुर से अटूट नाता है। उसे चिरस्थायी बनाने के लिए हमने उनके जन्मदिन 12 जनवरी को ‘युवा महोत्सव’ का आयोजन करने की शुरुआत सन् 2020 में की थी। स्वामी जी ने कहा था कि अगर जात-पात, धर्म-सम्प्रदाय के नाम पर हिंसा न होती तो आज का मानव समाज बहुत उन्नत होता। उस जमाने में भी स्वामी जी दुनिया में घूम-घूम कर कहते थे कि मैं यहां किसी एक धर्म का प्रचार करने नहीं आया बल्कि ऐसे दर्शन का प्रचार कर रहा हूं, जो दुनिया के सभी धर्माें में निहित है। उन्होंने कहा था कि मैं किसी धर्म का विरोधी नहीं हूं, हर धर्म के लोगों को तेजस्वी बनाने का प्रयास कर रहा हूं। आज जो स्वामी जी को आध्यात्मिक संत बताकर उनके योगदान को छोटा करना चाहते हैं उन्हें बताना चाहता हूं कि स्वामी जी विरक्ति की बात नहीं करते थे बल्कि क्रान्ति की बात करते थे। कुरीतियों से लड़ने और समाधान की बात करते थे।

    मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन पिछले दिनों किया है। यहां युवा प्रतिभाओं को संवारने, उन्हें अवसर देने और आगे बढ़ाने की दिशा में बहुत से नए कदम उठाए गए है, मेरा मानना है कि आज के जमाने में युवाओं का कॅरियर केवल सरकारी नौकरी से ही नहीं बनता, बल्कि हमारे युवा साथियों ने अपनी रुचि और प्रतिभा के बल पर संभावनाओं का नया आकाश खोल दिया है। आपमें जो संभावनाएं दिखाई पड़ी हैं, उन्हें साकार करने की दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

    हम प्रदेश में युवाओं की शिक्षा-दीक्षा तथा रोजगार के अवसरों पर ध्यान देने के साथ ही एक संस्कारवान युवा पीढ़ी तैयार करने की पहल कर रहे हैं। मेरा मानना है कि पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में सक्रिय होने के साथ ही युवा अवस्था में अपने परिवेश, अपने आसपास के लोगों की जिंदगी को करीब से देखने समझने और बेहतरी के लिए स्वस्फूर्त कदम उठाने की भावना बहुत जरूरी है। अपना नाम तथा अपनी कमाई का सपना तो एक दिन पूरा हो जाता है, लेकिन लोगों के दुख-दर्द में शामिल होने, अपनी संस्कृति तथा कमजोर तबकों की भलाई के लिए योगदान करने की भावना एक बीज की तरह युवाओं में डाली जानी चाहिए। हम छत्तीसगढ़ में ऐसी ही संस्कारवान युवा पीढ़ी का विकास करना चाहते हैं।

    छत्तीसगढ़ के युवाओं को संगठित करने, सामूहिक रूप से समाज और प्रदेश में सकारात्मक बदलाव का आह्वान करते हुए हमने राजीव युवा मितान क्लब गठित करने की घोषणा भी की है, ताकि युवा इस क्लब में शामिल होकर रचनात्मक कार्यों में अपना सहयोग कर सके। इसके तहत प्रदेश के 13 हजार 269 नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में राजीव युवा मितान क्लब गठित करने हेतु कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रत्येक क्लब में 20 से लेकर 40 तक युवा शामिल होंगे। जिनकी आयु 15 से 40 वर्ष के बीच हो। वर्षभर में इन क्लबों को 132 करोड़ 69 लाख रुपए की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। इसकी पहली किस्त के रूप में 19 करोड़ 43 लाख रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।

    छत्तीसगढ़ में विगत तीन वर्षों में रोजगार के अवसरों में बहुत बढ़ोतरी हुई है तथा निश्चित तौर पर इसका लाभ युवाओं को भी मिला है। मुझे खुशी है कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सीधी भर्ती के अलावा अन्य माध्यमों से भी भर्ती की गई है, जिसके कारण 4 लाख 65 हजार से अधिक लोगों को सरकारी और अर्द्धसरकारी कार्यालयों में कार्य करने का अवसर मिला है, इसके अलावा 30 हजार नौकरियां नए उद्योगों में मिली हैं। प्रदेश में निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर नौकरियों का सृजन हुआ है। हमने ग्रामीण अंचलों में युवाओं को निर्माण कार्यों से जोड़ने के लिए ई-श्रेणी पंजीयन कराया था, जिसके अंतर्गत 3 हजार से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया है, जिन्हें बिना टेंडर के निर्माण कार्य का ठेका दिया जा रहा है। अभी तक लगभग एक हजार पंजीकृत युवाओं को सड़क, भवन आदि निर्माण कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।

    छत्तीसगढ़ में हम युवाओं के सर्वांगीण विकास की बात करते हैं। राज्य में बहुत बड़ी आबादी की आजीविका का साधन आज भी कृषि है। बहुत लंबे अरसे का अनुभव रहा है कि हमारे युवा साथी कृषि को व्यवसाय की तरह अपनाने में हिचकते थे, लेकिन विगत तीन वर्षों में स्थिति-परिस्थितियां बदली हैं। हमने निश्चित तौर पर राज्य गठन के बाद सर्वाधिक सरकारी नौकरियों का सृजन किया है। छत्तीसगढ़ में परम्परागत रूप से रोजगार का सबसे बड़ा साधन कृषि क्षेत्र है। लेकिन गलत नीतियों के कारण डेढ़ दशक में खेती के काम को अंधेरी सुरंग बना दिया गया था, जहां से उजाले की किरण दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ती थी। हमने इस सुरंग में भी उजाला बिखेरने का काम किया है। हमने खेती-किसानी को बेहतर आय और प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसरों से जोड़ दिया है। एक ओर हमने छत्तीसगढ़ की फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की बेहतर व्यवस्था की है, पशुधन पालन को लाभ का जरिया बनाया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, नई उपजों को बढ़ावा, उनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग जैसी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप दिया है। कृषि की वैज्ञानिक शिक्षा के साथ शोध, अनुसंधान और आविष्कार के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।

    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि युवा खतरे के खिलाड़ी होते है, उनमें न तो लगन की कमी है और न ही वे मेहनत से डरते है। हमारा मानना है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी तभी उनकी बुनियाद मजबूत होगी। तभी वे एक सक्षम युवा के रूप में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकेंगे। शिक्षा में दो चीजे महत्वपूर्ण है, पहला उसकी व्यापकता अर्थात सभी को शिक्षा का अवसर तथा अधिकार मिलना चाहिए। वहीं दूसरी ओर शिक्षा उपयोगी, सार्थक हो इसके लिए शिक्षा का गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है। हमने इन दोनों ही मोर्चों पर काम किया है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार केे बच्चों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए देश में पहली बार हमने शिक्षा के अधिकार के प्रावधान को बढ़ाया है। बेटियों को स्नातकोत्तर तक निःशुल्क शिक्षा दिलाने की व्यवस्था की है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना लागू की गई है। हिन्दी माध्यम की शालाओं के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की शुरुआत कर दी गई है। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सुविधाओं में वृद्धि की गई है। साथ ही कमजोर तबकों की सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है जैसे स्कॉलरशिप, भोजन सहायता राशि आदि में बढ़ोतरी की गई ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करके बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।

    मुझे यह बताते हुए खुशी है कि हमने प्रयास आवासीय विद्यालयों की संख्या और गुणवत्ता भी बढ़ाई है, ताकि नक्सल प्रभावित जिलों और अनुसूचित क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। इन्हीं प्रयासों के कारण पहली बार नेशनल टैलेंट सर्च परीक्षा में छत्तीसगढ़ के 22 बच्चों ने सफलता पाई। वर्ष 2021 में आईआईटी में 27, एनआईटी एवं समकक्ष शैक्षणिक संस्थानों में 35, सीएस फाउंडेशन में 5, क्लैट में दो, इंजीनियरिंग कॉलेज में 61 विद्यार्थी सफल हुए हैं। प्रयास संस्थाओं की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है तथा इसमें सीटों की संख्या बढ़कर 4 हजार 500 कर दी गई है। यहां के नतीजे न सिर्फ शत्-प्रतिशत आए हैं बल्कि सभी बच्चे 80 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर उत्तीर्ण हुए हैं।

    छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार खेल प्रशिक्षण की समग्र अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, जिसके अंतर्गत 9 अकादमी स्थापित की जा चुकी है। फुटबाल में बालिकाओं के लिए तथा कबड्डी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स तथा हॉकी में बालक-बालिकाओं दोनों के लिए, इस तरह 9 अकादमियां शुरू हो चुकी हैं। टेनिस स्टेडियम और अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जा चुकी है। जहां तक ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ का सवाल है तो मैं यह बताना चाहता हूं कि हमारे राज्य के युवा खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलने के कारण वे देश की अन्य संस्थाओं के लिए खेलते हैं। अब हम यह प्रयास कर रहे हैं कि हमारे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण तथा अन्य खर्चों की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से हो, जिससे वे भविष्य में अपने राज्य की ओर से ही राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें। छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के गठन का काम शीघ्र पूरा करके, जल्दी ही इसका कामकाज शुरू कर दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आपने थिंक बी के बारे में अच्छा सवाल किया है। मैं बताना चाहता हूं कि यह पहल बस्तर के युवाओं के लिए है। ‘थिंक बी’ का फुलफॉर्म है- ‘टेक्नोलॉजी हब एंड इनोवेशन फॉर नॉलेज बस्तर’। इस परियोजना के अंतर्गत हम बस्तर के युवाओं को नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करेंगे। बादल का फुलफॉर्म है- ‘बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट, लिटरेचर एण्ड लैंग्वेज’। इस संस्था के माध्यम से एक ओर जहां विभिन्न आदिवासी कलाओं, लोकगीत, नृत्यकला, शिल्पकला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, खान-पान, वेशभूषा का संरक्षण तथा विकास किया जाएगा। इससे युवाओं को अपनी माटी से जुड़े रहते हुए अपनी रुचि का काम भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवाओं की बदौलत हम डेनेक्स रेडिमेड गॉरमेंट फैक्ट्री, काजू प्रसंस्करण इकाई, कॉफी उत्पादन से लेकर बंजर जमीन में पपीता उत्पादन तक के इंद्रधनुषी सपने पूरे कर पा रहे हैं। बस्तर के युवाओं ने यह साबित किया है कि थोड़ी मदद, थोड़ी सुविधाएं और थोड़ा मार्गदर्शन मिलने पर वे बस्तर को बदल सकते हैं। स्वावलंबन की नई कहानी लिखकर नक्सलवाद को पीछे हटा सकते हैं।

    राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, समर्थन मूल्य पर वनोपज खरीदी, वनोपज प्रसंस्करण, फूडपार्क की स्थापना जैसे प्रयासों से युवाओं को यह विश्वास हुआ है कि खेती-किसानी के काम में भी बहुत कुछ करने को है, जो नवीनता के अभाव में दिखाई नहीं पड़ता था। हमने तीन वर्षों में आधा दर्जन कृषि और उद्यानिकी महाविद्यालय खोले जैसे बेमेतरा, जशपुर, धमतरी, अर्जुन्दा, लोरमी में। महात्मा गांधी के नाम पर दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई, जिसमें अब प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के लिए कांकेर जिले में तथा विभिन्न कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग हेतु दुर्ग जिले में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। 200 से अधिक विकासखंडों में फूडपार्क की स्थापना हेतु भूमि आवंटन किया जा चुका है। बंजर जमीन को कृषि के लिए उपयोगी बनाने हेतु डीएमएफ तथा अन्य मदों से सहायता दी जा रही है। इस तरह अब युवाओं को यह दिखने लगा है कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी अब लाभ का धंधा है। यही वजह है कि बहुत से किसान पुत्र तथा पुत्रियां उच्च शिक्षित होने के बावजूद अब खेती-किसानी तथा इससे जुड़े हुए कारोबार अपना रहे हैं।

    विशेष पिछड़ी जनजाति के शिक्षित युवाओं के लिए नियम को शिथिल करते हुए उन्हीं बसाहटों में शिक्षक के रूप में नौकरी दी गई है। आदिवासी अंचलों में शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ाने के लिए संभाग स्तर पर कनिष्ठ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर स्थानीय युवाओं की भर्ती सुनिश्चित की गई है। हमारे युवाओं की उपलब्धियों और कीर्तिमानों की खबरें सुनकर मेरा यह विश्वास और अधिक मजबूत हो जाता है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। भरोसा और सुविधाओं से ही हम वास्तविक युवा क्रांति कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना के नए वेरिएंट को ओमिक्रॉन के नाम से पहचाना गया है। लेकिन इसके भी शुरुआती लक्षण सर्दी, बुखार, गले में खराश जैसे, पहले की तरह ही हैं। हमारा पुराना अनुभव है कि कोरोना को लेकर किसी भी तरह की दहशत नहीं होनी चाहिए। सबसे पहले तो इतनी सावधानी बरतनी चाहिए कि कोरोना हो ही नहीं। सरकार की ओर से हरसंभव तैयारी की गई है। लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को सचेत रहकर निजी सावधानी बरतनी आवश्यक है। नाक, मुंह ढंककर रखें। फेस मास्क को सही ढंग से लगाएं। साबुन, पानी से हाथ धोते रहें। भीड़ वाली जगह से बचें। फिजिकल डिस्टेंसिंग रखकर ही किसी से मेल-मुलाकात करें। हमने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाएं। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें। कोरोना से बचने के लिए टीके का दोनों डोज लगवाना जरूरी है। जिन्होंने पहला डोज लेकर छोड़ दिया है वे दूसरा डोज पूरा करें। 15 से 18 वर्ष के उम्र के किशोर-किशोरियों के लिए टीकाकरण शुरू हो गया है और मुझे खुशी है कि हमारे नवयुवा बड़ी संख्या में टीका लगवा रहे हैं। मैं चाहूंगा कि यह अभियान शत-प्रतिशत सफल हो।

    छतीसगढ /शौर्यपथ/

    पंजाब में सपीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मसले पर सीएम भूपेश बघेल ने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधा है। सीएम ने कहा कि आरएसएस और भाजपा हमेशा षड्यंत्र करती रहती है। पंजाब की घटना भी उसी का हिस्सा है। शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में सीएम बघेल ने कहा कि पीएम मोदी ने राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिया है।

    वे जिस सभा में जा रहे थे, वहां 70 हजार कुर्सियां लगी थीं और 700 लोग भी नहीं हो। खाली कुर्सियों को संबोधित करने के लिए वे कैसे जाते, इसलिए उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए बयान दिया। इससे पहले भी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को काले झंडे दिखाने और स्व. राजीव गांधी के एक श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के दौरान फायरिंग की घटना हुई थी, लेकिन उन्होंने तूल नहीं दिया।

    भाजपा के आरोपों पर सीएम ने कहा कि उन्हें पॉलिटिकल माइलेज लेने की आवश्यकता नहीं है। छत्तीसगढ़ के लोग आशीर्वाद दे रहे हैं। नगरीय निकायों में एकतरफा जीत हुई है। सीएम ने सवाल किया कि जब पीएम को अपनी सुरक्षा एजेंसियों पर विश्वास नहीं है, किसानों पर विश्वास नहीं है तो देश की सुरक्षा कैसे करेंगे? पुलवामा-गलवान में अतिक्रमण पर पीएम चुप हैं। और काफिला लौट गया तो बयान दे रहे हैं कि मैं जिंदा बच गया।

    आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाने की अभी जरूरत नहीं 

    सीएम ने कहा कि कोरोना को लेकर देश-प्रदेश में जो परिस्थितियां हैं, उस पर नजर रखे हुए हैं। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के हालात का अध्ययन किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि फिलहाल आर्थिक गतिविधियां पर रोक लगाने या कंटेनमेंट जोन घोषित करने की आवश्यकता नहीं है। संक्रमण की रोकथाम के लिए जो जरूरी कदम हैं, वे उठाए जा रहे हैं। सरगुजा के एक वायरल वीडियो जिसमें एक समुदाय का बहिष्कार करने की बात हो रही है, उस पर सीएम ने कहा कि प्रशासन नजर रख रहा है।

    वरुण गांधी ने बताया कि वह तीन दिन के पीलीभीत दौरे पर थे, उस दौरान वे वायरस की चपेट में आए हैं.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    भाजपा के सांसद वरुण गांधी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं. उन्होंने यह जानकारी खुद ट्वीट करते दी. उन्होंने बताया कि उनमें काफी गंभीर लक्षण दिखे हैं. वरुण गांधी ने बताया कि वह तीन दिन के पीलीभीत दौरे पर थे, उस दौरान वे वायरस की चपेट में आए हैं. इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि उम्मीदवार और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी कोरोना वैक्सीन की Precaution डोज लगाई जाए. बता दें, पीलीभीत वरुण गांधी का संसदीय क्षेत्र है.

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'तीन दिनों तक पीलीभीत में रहने के बाद, मेरी आज कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. और काफी गंभीर लक्षण दिखाई दिए हैं. अब हम एक तीसरी लहर के बीच हैं और चुनाव अभियान चल रहा है. चुनाव आयोग को उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी एहतियाती खुराक का इंतजाम करवाना चाहिए.'

    देश में तेज होती कोरोना की रफ्तार

    पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,59,632 नए मामले सामने आए, जो पिछले 224 दिन में सामने आए सर्वाधिक दैनिक मामले हैं. सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 5,90,611 हो गई है, जो करीब 197 दिन में सर्वाधिक है. वहीं, पिछले 24 घंटे में 327 लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,83,790 हो गई है.

    इसके अलावा कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमण के 552 नए मामले सामने आने के बाद रविवार को इससे संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 3,623 हो गई है. ओमिक्रोन के 3,623 मामलों में से 1,409 लोग या तो देश से बाहर चले गए हैं या स्वस्थ हो गए हैं. महाराष्ट्र में ओमीक्रोन के सर्वाधिक 1,009 मामले सामने आए. इसके बाद दिल्ली में 513, कर्नाटक में 441, राजस्थान में 373, केरल में 333 और गुजरात में 204 मामले सामने आए.

     

     

     

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