
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
कोरोना संक्रमण को देखते हुए घर पहंुचाया जा रहा है पौष्टिक भोजन
रायपुर /शौर्यपथ/
कोरोना संक्रमण को देखते हुए घर पहुचाया जा रहा है पौष्टिक भोजन
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के छत्तीसगढ़ महिलाओं और बच्चों के खान पान पर विशेष बल दिया जा रहा है । गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है इसी कड़ी में विलासपुर जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तृतीय चरण में 3 वर्ष से 6 वर्ष उम्र के 18 हजार 630 बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य रखते हुए उन्हें पौष्टिक लड्डू प्रदान किया जा रहा है। योजना के सफल संचालन के फलस्वरूप माह नवम्बर 2021 तक डेढ़ हजार कुपोषित बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए थे।
उल्लेखनीय है कि 6 वर्ष तक के आयु वर्ग के बच्चों को कुपोषण तथा एनीमिया तथा 15 से 49 वर्ष तक महिला को एनिमिया से मुक्त कराने हेतु प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान 2 अक्टूबर 1919 से प्रारंभ किया गया था। बिलासपुर जिले में योजना के प्रथम चरण में 26 हजार 816 बच्चों को कुपोषण से मुक्त रखने का लक्ष्य रखा गया था। मार्च 2020 तक 3 हजार 865 कुपोषित बच्चे सामान्य श्रेणी में लाये गये। इस तरह प्रथम चरण में 14.41 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए।
योजना के द्वितीय चरण में 19 हजार 602 बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य रखते हुए सभी बच्चों को पूरक पोषण आहार के अतिरिक्त सप्ताह में तीन दिन पौष्टिक लड्डू प्रदान किया गया। मार्च 2021 की स्थिति में 3 हजार 676 बच्चे सामान्य श्रेणी में लाये गये। इस तरह द्वितीय चरण में 18.75 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए। अभियान का तृतीय चरण माह अगस्त 2021 से प्रारंभ किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग बिलासपुर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् 3 से 6 वर्ष से कुपोषित बच्चों को पूरक पोषण के अतिरिक्त सप्ताह में तीन दिन पौष्टिक लड्डू एवं सभी शिशुवती माताओं को गर्म भोजन आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदाय किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलतेे शासन के निर्देशानुसार बच्चों को पौष्टिक लड्डू प्रदान करने के लिए टेक टू होम व्यवस्था की गई है। शिशुवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदाय किये जाने वाला गर्म भोजन उन्हें टिफीन में प्रदाय किया जा रहा है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाक़ात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के अध्यक्ष शेखर वर्मा, मनीष टिकहरिया, गुंजन बघेल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाक़ात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के अध्यक्ष शेखर वर्मा, मनीष टिकहरिया, गुंजन बघेल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
और धनश्री इंस्टाग्राम पर खासा एक्टिव रहते हैं, जहां युजवेंद्र सभी को हंसाते हैं तो वहीं धनश्री अपने लुक्स से सबकी नजरें अपनी तरफ खींच लेती हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
की पत्नी धनश्री वर्मा चहल कोरियोग्राफर और डांसर हैं. वे अपने इंस्टाग्राम पर अक्सर एक से बढ़कर एक लुक्स साझा करती रहती हैं. चाहे एथनिक अटायर हो या फिर कुछ वेस्टर्न, धनश्री सब अच्छे से कैरी करना जानती हैं. हाल ही में धनश्री ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर येलो लहंगे में एक फोटो पोस्ट की है. इसमें कोई दोराय नहीं कि इस लहंगे में वे बेहद खूबसूरत दिखाई दे रही हैं. धनश्री का ये लहंगा एकदम प्लेन है जिसपर पतला बोर्डर है और लटकन लगी हुई है. वहीं, लहंगे के ब्लाउज पर हल्की एम्ब्रोइडरी हो रखी है. बलून स्लीव्स वाले इस ब्लाउज पर उन्होंने दुपट्टा लिया हुआ है. साथ ही, झुमके, मांगटीका और हैवी लैशेस के साथ लाइट मेकअप पूरे लुक को कंप्लीट कर रहा है.
धनश्री अक्सर ही स्टाइलिश आउटफिट्स में नजर आती हैं. ऑल ब्लैक लुक में कैसे परफेक्ट दिखा जाता है ये धनश्री से सीखना चाहिए. ऊपर से नीचे तक ब्लैक आउटफिट में धनश्री ने ब्लैक टर्टलनेक स्वेटर, फ्लेर्ड पैंट्स और ब्लैक कलर का ही ओवरकोट पहना हुआ है. इस आउटफिट को थोड़ा और अपग्रेड करने के लिए उन्होंने गले में गोल्डन चेन डाली हुई है. हमेशा की ही तरह धनश्री के सुंदर लंबे बालों ने पूरे लुक को निखार दिया है.
इस शिम्मरी वाइट साड़ी में धनश्री किसी फैशन क्वीन से कम नहीं लग रहीं. उन्होंने इस वाइट एम्बलिश्ड साड़ी के साथ चटक पिंक कलर का ब्लाउज पहना है जो पूरे लुक को पॉप-अप कर रहा है. धनश्री के पिंक लिप्स, कानों में सिम्पल स्टड्स और स्मोकी आई लुक ने हर कसर पूरी कर दी है.
स्टेडियम में मैच देखने गई धनुश्री वहां भी अपनी फैशन गेम स्ट्रोंग रखती हैं. इस पोल्का-डॉट आउटफिट में नेक पर डिटेलिंग हो रखी है और कमर पर बांधने वाली बैल्ट है. धनुश्री ने इसमें स्ट्रेट बाल रखे हैं. कानों में स्टड्स, कंधे पर बैग और लाइट मेकअप धनश्री के पूरे लुक को और बेहतर बना रहा है.
अन्य खबर /शौर्यपथ/
उस सुअर से तीन ऐसे जीन बाहर निकाल गए थे, जिनकी वजह से मानव प्रतिरक्षा प्रणाली सुअर के अंगों को स्वीकार नहीं करती है.
वाशिंगटन अमेरिका में मैरीलैंड के रहने वाले 57 वर्षीय एक व्यक्ति की सर्जरी करके जेनेटिक बदलाव के साथ सुअर का दिल लगाया गया है. ऐसी सर्जरी दुनिया में पहली बार हुई है. सुअर का जेनेटिकली मोडिफाइ़ दिल व्यक्ति को लगाया गया है. सफल सर्जरी के तीन दिन बाद मरीज की हालत अब ठीक है. एक विज्ञप्ति के मुताबिक, डेविड बेनेट हृदय रोग से ग्रसित थे. और मौजूदा विकल्पों में सुअर का दिल की 'एकमात्र विकल्प' था. सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बेनेट के मेडिकल रिकॉर्ड्स देखने के बाद पता चला कि पारंपरिक हृदय प्रत्यारोपण या कृत्रिम हृदय पंप का सहारा नहीं लिया जा सकता.
दुनिया में पहली बार : अमेरिका में डॉक्टरों ने इंसान में लगाया सुअर का दिल
सफल सर्जरी के तीन दिन बाद मरीज की हालत अब ठीक है.
मैरीलैंड मेडिसिन यूनिवर्सिटी की विज्ञप्ति में सर्जरी से पहले बेनेट के हवाले से लिखा गया है, 'हालात ऐसी थी कि या तो मर जाऊं या फिर ये ट्रांसप्लांट किया जाए. मैं जीना चाहता हूं. मुझे पता है कि यह अंधेरे में एक तीर जैसा है, लेकिन यह मेरी आखिरी पसंद है.' यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 31 दिसंबर को सर्जरी के लिए आपातकालीन मंजूरी दी थी.
उस सुअर से तीन ऐसे जीन बाहर निकाल गए थे, जिनकी वजह से मानव प्रतिरक्षा प्रणाली (Human Immune System) सुअर के अंगों को स्वीकार नहीं करती है. एक जीन को इसलिए निकाला गया, ताकि सुअर के दिल के टिशू की ग्रोथ रोकी जा सके. इसके अलावा उसमें छह जीन डाले गए थे.
डॉक्टर अब बेनेट की कई दिनों से लेकर हफ्तों तक निगरानी करेंगे, ताकि यह देखा जा सके कि ट्रांसप्लांट सही से काम कर रहा है या नहीं. उसके इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्याएं और अन्य जटिलताओं की निगरानी की जाएगी.
सर्जन डॉ बार्टले पी. ग्रिफिथ ने एक बयान में कहा, 'ट्रांसप्लांट के लिए ह्यूमन हार्ट डोनर उपलब्ध नहीं था. हम सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें यह भी उम्मीद है कि दुनिया में यह पहली सर्जरी भविष्य में रोगियों के लिए एक अहम और नया विकल्प देगी
कलेक्टर नियमित रूप से राशन कार्ड के लंबित आवेदनों की करेंगे समीक्षा
आवेदकों का भौतिक सत्यापन एवं पात्रता की जांच 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते दिनों खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों को पात्र परिवारों एवं आवेदकों को नवीन राशन कार्ड नियमित रूप से जारी करने के सख्त निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 एवं छत्तीसगढ़ राशन कार्ड नियम 2016 का सभी जिलों में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने एवं नवीन राशन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रखने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में खाद्य विभाग द्वारा आज सभी कलेक्टरों को नवीन राशन कार्ड जारी करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राशन कार्ड बनाए जाने हेतु जिला स्तर पर लंबित आवेदनों की कलेक्टर द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। लंबित आवेदनों के भौतिक सत्यापन एवं पात्रता की जांच की कार्यवाही 15 दिवस के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। जांच उपरांत पात्रतानुसार राशन कार्ड जारी कर आवेदकों को उपलब्ध कराने की कार्यवाही लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 में निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप अनिवार्य रूप से करनी होगी। राशन कार्ड बनाने हेतु प्राप्त आवेदनों के निराकरण में इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं कि आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो तथा हितग्राहियों को समय-सीमा के भीतर राशन कार्ड बनकर मिल जाएं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में पदोन्नत हुए भारतीय
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में पदोन्नत हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2006 बैच के अधिकारियों ने सौजन्य मुलाक़ात की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पदोन्नत भारतीय प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2006 बैच के अधिकारियों को 1 जनवरी 2022 से सेवा के अधिसमय वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल-14 में पदोन्नत किया गया है। इस अवसर पर अंकित आनंद, सी.आर. प्रसन्ना, एलेक्स पॉल मेनन और डॉ. एस. भारती दासन उपस्थित थे।
बेमेतरा /शौर्यपथ/
कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान ने जिले के आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। कोविड-19 एवं कोरोना के नए वेरियन्ट ओमिक्रान से सुरक्षा के लिए यह सुनिश्चित करें ज्यादा भीड़-भाड़ वाले स्थान पर न जाये, बहुत आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलें और मास्क का प्रयोग करें।
जैसा कि आप सभी को विदित है कि कोविड व इसके नए वैरियन्ट ओमिक्रान का प्रकोप फिर से बढ़ रहा है अतः घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें व बार-बार प्रॉपर हैंड वाश करें यह सम्भव ना हो तो हैंड सेनेटाइजर का उपयोग अवश्य करें। बेमेतरा जिले के समस्त सार्वजनिक स्थलों पर मास्क की अनिवार्यता को बढ़ावा दिया जा रहा है। अतः आप सभी से अपील है कि मास्क अवश्य लगाएं व कोविड से बचाव में मदद करें। मास्क अभी हमारे जीवन की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। आइये मास्क पहनने को अपने जिंदगी की आदत बना लें। यह समय देश, प्रदेश और समाज के लिए फर्ज निभाने का है। अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें। साबुन से बार-बार हाथ धोएं, सेनेटाइजर का उपयोग करें तथा दो गज की दूरी के नियमों का पालन करें।
महासमुंद /शौर्यपथ/
73 वाँ गणतंत्र दिवस महासमुंद जिले में इस वर्ष कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरततें हुए मनाया जाएगा। जिला मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में भी इस बात का ध्यान रखा गया जाएगा। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर मिनी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालयों में होने वाले समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है।
रायगढ़ /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कलेक्टर श्री भीम सिंह के निर्देशन में जिले में कुपोषण मुक्ति की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में प्राथमिक तौर पर कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती माताओं के खान-पान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण वर्तमान में आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद कर दिया गया है, लेकिन गर्भवती, शिशुवती और कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य के मद्देनजर उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा गर्म और पौष्टिक भोजन उनके घर में पहुंचा कर दिया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें पोषण पुनर्वास की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
इस अभियान में जिले के सभी सेक्टरों के सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाईजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिनके माध्यम से कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती व शिशुवती माताओं को ट्रैक कर उनके स्वास्थ्य और खानपान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यह इसलिए भी आवश्यक हो जाता है क्योंकि गर्भवती माताओं का पोषण स्तर कम होने पर उसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता है तथा बच्चा कुपोषित हो सकता है। इसके अलावा कई दफे घर में बच्चों के उचित देखभाल और आहार के अभाव में अधिकांश बच्चे कुषोषण के कुचक्र में आ जाते है। जिसके लिए शासन द्वारा एनआरसी केन्द्रों के संचालन किया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से जिले के कुपोषित बच्चों का इसका लाभ भी मिला है। लेकिन कोविड के नए वेरिएंट के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से जिले के एनआरसी सेंटर में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात एनआरसी के मापदंड के अनुसार बच्चों का चयन का उन्हें एनआरसी की सुविधा दी जा रही है, ताकि कुपोषित बच्चा जल्द कुपोषण के कुचक्र से निकल सके।
कुपोषित बच्चों को समर्पित है पोषण पुनर्वास केन्द्र
पोषण पुनर्वास केन्द्र का मुख्य लाभ है कि यहां कुपोषित बच्चों को समर्पित है जहां बच्चों की उचित देखभाल के साथ ही खान-पान के रूटिन का भी विशेष ध्यान दिया जाता है। देखभाल और पौष्टिक भोजन के फलस्वरूप बच्चे शीघ्र सुपोषित हो जाते है। एनआरसी में बच्चों के मनोरंजन का विशेष ध्यान में रखा जाता है, यहां बच्चों के खिलौने व टीवी की व्यवस्था की गई है। एनआरसी केन्द्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े शिक्षाप्रद वीडियो दिखाए जाते जिससे अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
