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दंतेवाड़ा/ शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा से आज राज्य के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा दावा राशि के वितरण का शुभारंभ किया। रबी एवं उद्यानिकी फसलों के बीमा योजना के तहत राज्य के 17 जिलों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को 307 करोड़ 19 लाख रूपए की दावा राशि मिलेगी। किसानों को रबी फसलों के बीमा दावा का भुगतान के मामले में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों की भलाई के लिए राज्य में सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, विधायक देवती कर्मा, विधायक विक्रम मंडावी, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी मौजूद थे। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह, संचालक कृषि यशवंत कुमार, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन वी. वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के सिलसिले में बस्तर अंचल के दौरे पर हैं। किसानों को फसल बीमा दावा राशि के भुगतान में विलंब न हो, इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बजाय दंतेवाड़ा से ही ऑनलाईन शुभारंभ किया। इससे पूर्व गोधन न्याय योजना की राशि का वितरण उन्होंने सरगुजा संभाग मे भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान रामानुजगंज से किया था।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 21 मई को राज्य के 26 लाख 67 हजार किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत 1804 करोड़ रूपए तथा आज फसल बीमा दावा के रूप में 307.19 करोड़ रूपए के भुगतान के लिए कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे सहित विभागीय अधिकारियों बधाई दी और कहा कि मात्र चार दिनों की अवधि में राज्य के किसानों को 2111 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत राज्य के 17 जिलों के लगभग एक लाख 45 हजार किसानों को 297 करोड़ 9 लाख रूपए तथा उद्यानिकी फसलों के मौसम आधारित बीमा योजना के अंतर्गत 4747 कृषकों को 10 करोड़ 10 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरीफ 2021 में राज्य के 3 लाख 97 हजार कृषकों को 752 करोड़ रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है। कुछ किसानों को दावा राशि का भुगतान न मिलने की जानकारी मिली है। इसका परीक्षण कराकर दावा भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मई का महीना राज्य के किसानों के लिए मंगलकारी रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में छत्तीसगढ़ सरकार द्वार संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 2100 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश का कृषि माडल राज्य बना है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में सबसे अधिक योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने और राज्य के किसानों को इसका लाभ दिलाने में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर पर है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में उद्यानिकी फसलों का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को उद्यानिकी फसलों से लाभ मिले, यह प्रयास जारी है। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को कई राज्य प्रीमियम अदा न करने एवं अन्य कारणों से बंद कर चुके हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों के संरक्षण के लिए फसल बीमा का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। बीते साढ़े तीन सालों में राज्य के किसानों को फसल बीमा दावा के रूप में 4200 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। उन्होंने किसानों के हितों संरक्षण के प्रति मुख्यमंत्री की संवदेनशीलता के लिए उनका आभार जताया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी दी और कहा कि यह योजना खरीफ 2016 से लागू है। इसके तहत किसानों को खरीफ फसलों धान, मक्का, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग और उड़द के लिए मात्र 2 प्रतिशत तथा रबी फसलों गेहूं, चना , राई-सरसों एवं अलसी के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि देनी होती है। शेष बीमा प्रीमियम राशि का आधा-आधा हिस्सा राज्यांश एवं केन्द्रांश होता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सफलतापूर्वक फसल बीमा कवर का लाभ राज्य के किसानों को उपलब्ध करा रहा है। मौसम की खराबी के चलते फसलों को हुए नुकसान एवं कम उत्पादन के कारण किसानों को दी जा रही दावा राशि प्रीमियम राशि का लगभग दोगुना है। रबी सीजन 2021-22 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राजनांदगांव जिले के सर्वाधिक 59,766 किसानों को 102.14 करोड़ रूपए की दावा राशि का भुगतान होगा, जबकि बेमेतरा जिले के 38,414 किसानों को 98.18 करोड़, बालोद जिले के 6478 किसानों को 14.63 करोड़, कबीरधाम जिले के 22,294 किसानों को 38.04 करोड़, दुर्ग जिले के 13,423 किसानों को 36.31 करोड़, धमतरी जिले के 3418 किसानों को 6.69 करोड़, मुंगेली जिले के 796 किसानों को 92.50 लाख, बलौदाबाजार जिले के 32 किसानों को 5.80 लाख सहित सरगुजा, कांकेर, बलरामपुर, बस्तर, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जशपुर एवं रायपुर सहित कुल 17 जिलों के किसानों को फसल बीमा दावा राशि का भुगतान होगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
झीरम घाटी शहीद मेमोरियल में शहीदों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री
झीरम घाटी शहीद मेमोरियल में शहीदों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री
शहीदों के परिजनों की हिम्मत और हौंसले की तारीफ की
हर सुख दुख में साथ रहने का मुख्यमंत्री ने किया वायदा
परिजनों को शाल, श्रीफल और पौधा के रूप में दिया झीरम स्मृति चिन्ह
रायपुर /शौर्यपथ/
लालबाग, विधानसभा जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री...
झीरम मेमोरियल का करेंगे लोकार्पण
शहीदों के परिवारों को करेंगे सम्मानित
शहीदों के परिवारों को करेंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री पहुंचे लालबाग मैदान
हैलीपैड से पैदल चलकर पहुंचे झीरम घाटी शहीद मेमोरियल
झीरम के शहीदों की याद में फहराया विशाल तिरंगा
शहीदों की याद झीरम मेमोरियल में लहराता रहेगा 100 फीट ऊंचा तिरंगा
झीरम के शहीदों की याद में फहराया विशाल तिरंगा
32 शहीदों की याद में स्थापित किया गया है मेमोरियल
32 शहीदों की याद में स्थापित किया गया है मेमोरियलमुख्यमंत्री ने किया जगदलपुर में झीरम घाटी शहीद मेमोरियल का लोकार्पण
झीरम घाटी में शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि
32 शहीदों की याद में स्थापित किया गया है मेमोरियल
लोकतंत्र पर सबसे बड़े हमले में शहीदों की याद में आम जनता को समर्पित है झीरम घाटी शहीद मेमोरियल
रायपुर /शौर्यपथ/
बड़े किलेपाल में मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
किलेपाल बास्तानार ब्लाक में राजस्व बंदोबस्त त्रुटि सुधार कलेक्टर करेंगे
परलमेटा से बांडापारा किलेपाल तक डामर सड़क
हायर सेकेंडरी स्कूल बड़े किलेपाल के लिए नए भवन की घोषणा
ग्राम अल्वा डोंगरापारा में स्टाप डैम
कोंदलूर से दरभा मुख्यालय तक 6 किमी डामर सड़क की घोषणा
बास्तानार में जिला सहकारी बैंक की नवीन शाखा खोलने की घोषणा
रायपुर /शौर्यपथ/
बस्तर जिले के बड़े किलेपाल गांव की महिलाओं को घर पर खाली बैठना और हर बात के लिए पति पर निर्भर रहना पसंद नहीं था। ऐसे में दो साल पहले जब गोधन न्याय योजना की शुरूआत हुई तो इन महिलाओं को ये अहसास हो गया कि अब इनके दिन बहुरने वाले हैं। बड़े किलेपाल की 10 महिलाओं ने दो साल पहले गोबर खरीदना शुरू किया और अब तक ये 2018 क्विंटल गोबर खरीद चुकी हैं। इन महिलाओं ने वैजेन्ती नाम से महिला स्व सहायता समूह बनाया और दो साल में ही 570 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद बना डाला। इसमें से 530 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट की बिक्री के बाद इन्हें 02 लाख 08 हजार रूपए का मुनाफा हुआ है। इन महिलाओं ने इस आमदनी से अपने लिए गहने खरीदे हैं, ताकि शौक भी पूरा हो जाए और वक्त पड़े तो गहने काम भी आ जावें। इसके अलावा उन्हें कुछ पैसे अपने बचत खातों में भी डाल दिए हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा में ली समीक्षा बैठक, आवर्ती चराई के लिए बड़े रकबे में व्यवस्था के दिए निर्देश
वनांचल के लोगों से भेंट-मुलाकात के लिए बस्तर संभाग के दौरे पर निकले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दंतेवाड़ा में जिले के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति का समीक्षा की। उन्होंने वन विभाग को सुराजी गांव योजना के तहत गौठानों के निर्माण के लिए विशेष प्रयास करने कहा। उन्होंने आवर्ती चराई के लिए बड़े-बड़े रकबों में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अगली बार जब मैं यहां आऊंगा तो केवल आवर्ती चराई के गौठान देखने जाऊंगा। उन्होंने गौठानों के निर्माण में लापरवाही पर वन विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जताई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, विधायक देवती कर्मा और विक्रम मंडावी तथा मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी उपस्थित थे।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने और पर्यटन को बढ़ावा देने कहा
मुख्यमंत्री बघेल ने समीक्षा बैठक में कहा कि अब दंतेवाड़ा जिले के लोगों के जीवन में परिवर्तन महसूस हो रहा है। लोग शांति की और लौट रहे हैं। व्यक्तिमूलक कार्यों और योजनाओ से यह सब संभव हुआ है। प्रशासन गांव-गांव तक पहुंच रहा है। शासन की योजनाएं अंदरूनी इलाकों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या केवल पुलिस की समस्या नहीं है। इसे खत्म करने के लिए हम सबको समन्वित प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के बीच शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ रहा है। हमें गांव को यूनिट मानकर युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। यहां लोगों को लगातार रोजगार मिल रहा है। डेनेक्स, खेती या स्वरोजगार से लोगों के जुड़ने से नक्सली भर्ती में कमी आई है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और अपनी जीवन शैली के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। पर्यटकों को यहां फिर से आकर्षित करने के लिए पर्यटन विकास के कार्यों पर जोर देना होगा। उन्होंने अनीमिया को खत्म करने के लिए विशेष अभियान संचालित करने की भी बात कही।
रायपुर /शौर्यपथ/
दंतेवाड़ा में आदिवासी समाज के सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भाषण समाप्त करते ही उपस्थित जनसमूह से एक शख्स ने मुख्यमंत्री से प्रश्न पूछा कि ग्राम बेंजाम और फरसपाल के बीच जो पुलिया बनाने की घोषणा आपके द्वारा की गई उसका क्या हुआ ? ग्राम बेंजाम के निवासी मानसिंह के इस प्रश्न को सुनकर मुख्यमंत्री ने मानसिंह को बताया कि पुलिया का टेंडर हो गया है, जल्द आपके गांव में 20 करोड़ रूपए की लागत से पुलिया का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री बघेल से अपने गांव में पुलिया निर्माण कार्य की प्रगति सुनकर मानसिंह आश्वस्त हो गए और उनक चेहरा खिल उठा। मुख्यमंत्री ने मानसिंह के प्रश्न की सराहना की और कहा कि यह देख कर बहुत खुशी हुई कि अब यहां के लोग खुद अपने विकास के लिए सजग हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
डेढ़ लाख किसानों को मिलेगी 307.19 करोड़ रूपए की दावा राशि
रबी फसलों और उद्यानिकी फसलों के बीमा दावा भुगतान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा से आज राज्य के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा दावा राशि के वितरण का शुभारंभ किया। रबी एवं उद्यानिकी फसलों के बीमा योजना के तहत राज्य के 17 जिलों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को 307 करोड़ 19 लाख रूपए की दावा राशि मिलेगी। किसानों को रबी फसलों के बीमा दावा का भुगतान के मामले में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों की भलाई के लिए राज्य में सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, विधायक देवती कर्मा, विधायक विक्रम मंडावी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी मौजूद थे। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह, संचालक कृषि यशवंत कुमार, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन वी. वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के सिलसिले में बस्तर अंचल के दौरे पर हैं। किसानों को फसल बीमा दावा राशि के भुगतान में विलंब न हो, इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बजाय दंतेवाड़ा से ही ऑनलाईन शुभारंभ किया। इससे पूर्व गोधन न्याय योजना की राशि का वितरण उन्होंने सरगुजा संभाग मे भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान रामानुजगंज से किया था।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 21 मई को राज्य के 26 लाख 67 हजार किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत 1804 करोड़ रूपए तथा आज फसल बीमा दावा के रूप में 307.19 करोड़ रूपए के भुगतान के लिए कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे सहित विभागीय अधिकारियों बधाई दी और कहा कि मात्र चार दिनों की अवधि में राज्य के किसानों को 2111 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत राज्य के 17 जिलों के लगभग एक लाख 45 हजार किसानों को 297 करोड़ 9 लाख रूपए तथा उद्यानिकी फसलों के मौसम आधारित बीमा योजना के अंतर्गत 4747 कृषकों को 10 करोड़ 10 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरीफ 2021 में राज्य के 3 लाख 97 हजार कृषकों को 752 करोड़ रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है। कुछ किसानों को दावा राशि का भुगतान न मिलने की जानकारी मिली है। इसका परीक्षण कराकर दावा भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मई का महीना राज्य के किसानों के लिए मंगलकारी रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में छत्तीसगढ़ सरकार द्वार संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 2100 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश का कृषि माडल राज्य बना है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में सबसे अधिक योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने और राज्य के किसानों को इसका लाभ दिलाने में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर पर है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में उद्यानिकी फसलों का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को उद्यानिकी फसलों से लाभ मिले, यह प्रयास जारी है। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को कई राज्य प्रीमियम अदा न करने एवं अन्य कारणों से बंद कर चुके हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों के संरक्षण के लिए फसल बीमा का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। बीते साढ़े तीन सालों में राज्य के किसानों को फसल बीमा दावा के रूप में 4200 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। उन्होंने किसानों के हितों संरक्षण के प्रति मुख्यमंत्री की संवदेनशीलता के लिए उनका आभार जताया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी दी और कहा कि यह योजना खरीफ 2016 से लागू है। इसके तहत किसानों को खरीफ फसलों धान, मक्का, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग और उड़द के लिए मात्र 2 प्रतिशत तथा रबी फसलों गेहूं, चना , राई-सरसों एवं अलसी के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि देनी होती है। शेष बीमा प्रीमियम राशि का आधा-आधा हिस्सा राज्यांश एवं केन्द्रांश होता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सफलतापूर्वक फसल बीमा कवर का लाभ राज्य के किसानों को उपलब्ध करा रहा है। मौसम की खराबी के चलते फसलों को हुए नुकसान एवं कम उत्पादन के कारण किसानों को दी जा रही दावा राशि प्रीमियम राशि का लगभग दोगुना है।
रबी सीजन 2021-22 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राजनांदगांव जिले के सर्वाधिक 59,766 किसानों को 102.14 करोड़ रूपए की दावा राशि का भुगतान होगा, जबकि बेमेतरा जिले के 38,414 किसानों को 98.18 करोड़, बालोद जिले के 6478 किसानों को 14.63 करोड़, कबीरधाम जिले के 22,294 किसानों को 38.04 करोड़, दुर्ग जिले के 13,423 किसानों को 36.31 करोड़, धमतरी जिले के 3418 किसानों को 6.69 करोड़, मुंगेली जिले के 796 किसानों को 92.50 लाख, बलौदाबाजार जिले के 32 किसानों को 5.80 लाख सहित सरगुजा, कांकेर, बलरामपुर, बस्तर, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जशपुर एवं रायपुर सहित कुल 17 जिलों के किसानों को फसल बीमा दावा राशि का भुगतान होगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
कका ,काकी के लिए बिंदी लेते जाइये
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट मुलाकात कार्यक्रम में बड़े किलेपाल में लगे हाट बाजार में जब पहुँचे तो वहां चूड़ी बिंदी की दुकान लगाने वाले बसंत राय ने आवाज लगाकर मुख्यमंत्री को रोक लिया..बसंत ने आवाज दी...कका ,काकी के लिए बिंदी लेते जाइये। इतना सुनकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा दिए और रुककर अपनी धर्मपत्नी के लिए बिंदी ,मेहंदी , खरीदे।
रायपुर /शौर्यपथ/
पारंपरिक पटका, कलगी
बड़े किलेपाल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मोशू पोयाम ने पारंपरिक पटका, कलगी, महुआ माला पहनाकर स्वागत किया।
मोशू पोयाम के मुख्यमंत्री जी को बताया कि सुबह 8 साल के बेटे पवन को बताया कि आपके कार्यक्रम में आ रहा हूं तो साथ आकर आपके साथ फोटो लेने की जिद करने लगा। ये सुनकर मुख्यमंत्री ने पवन पोयाम से साथ फोटो खिंचवाई।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
