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रायपुर। शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज एक अत्यंत व्यस्त दिनचर्या के तहत राज्य की राजधानी नवा रायपुर-अटल नगर में तकनीकी नवाचार और राज्य के गौरवशाली उत्सव, राज्योत्सव में शिरकत करेंगे। सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाला उनका यह मैराथन कार्यक्रम देर रात 10:10 बजे तक चलेगा, जिसमें महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक दायित्वों का निर्वहन किया जाएगा।
पहला चरण: तकनीकी क्रांति को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय अपनी दिन की शुरुआत नवा रायपुर के लिए प्रस्थान से करेंगे।
11:30 AM: मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान।
12:00 Noon – 01:30 PM: उनका पहला महत्वपूर्ण कार्यक्रम होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में होगा, जहां वे 'छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट' आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
01:30 PM – 03:00 PM: तकनीकी सत्र के बाद, मुख्यमंत्री जी निवास, सेक्टर 24, नवा रायपुर-अटल नगर पहुँचेंगे। यह समय (01:40 PM के बाद) उनके निजी कार्यों और आगामी गतिविधियों की तैयारी के लिए आरक्षित रहेगा।
दूसरा चरण: उच्च-स्तरीय बैठकें
03:00 PM – 06:00 PM: मुख्यमंत्री निवास, सेक्टर 24, नवा रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह सत्र प्रशासनिक फैसलों, विकास कार्यों की समीक्षा और राज्य हित से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए समर्पित होगा।
तीसरा चरण: सांस्कृतिक गौरव - छत्तीसगढ़ राज्योत्सव
शाम होते ही, मुख्यमंत्री का ध्यान राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम – राज्योत्सव की ओर केंद्रित होगा।
06:30 PM – 08:30 PM: वे राज्योत्सव मेला स्थल, नवा रायपुर-अटल नगर पहुँचेंगे और 'छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025' के मुख्य कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। राज्य की संस्कृति, कला और प्रगति का यह वार्षिक उत्सव उनकी उपस्थिति से और भी गरिमामयी हो जाएगा।
देर रात वापसी
राज्योत्सव के बाद मुख्यमंत्री जी रायपुर के लिए वापसी की तैयारी करेंगे।
08:40 PM – 09:10 PM: नवा रायपुर निवास पर संक्षिप्त आरक्षित अवधि के बाद, वे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।
10:10 PM: मुख्यमंत्री जी अंततः मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर पहुँचेंगे, जिसके बाद उनके आज के गहन शासकीय कार्यक्रम का समापन होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का यह कार्यक्रम स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के तकनीकी विकास, प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण – तीनों ही मोर्चों पर सक्रियता से काम कर रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ तुलसी विवाह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने माता तुलसी एवं भगवान शालिग्राम का विवाह संपन्न कराया और सपरिवार पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि देवउठनी एकादशी धर्म, अध्यात्म और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है। भगवान श्री विष्णु के योगनिद्रा से जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। तुलसी विवाह समाज में पवित्रता, सौहार्द और एकत्व की भावना को जागृत करता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। यह पर्व हमें परिवार, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। हमारी लोक संस्कृति में तुलसी विवाह को पवित्रता और समर्पण का प्रतीक माना गया है, जो जीवन में सात्त्विकता और सद्भावना का संचार करता है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्यता की मंगलकामना करते हुए कहा कि सृष्टि के पालनहार भगवान श्री विष्णु और माता तुलसी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो, तथा समूची सृष्टि में आरोग्य, सौहार्द और मंगलमय ऊर्जा का संचार हो।
उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और नव आरंभ का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह के पावन अवसर की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध परंपराओं, लोकआस्था और जीवनमूल्यों को निरंतर जीवंत रखने का प्रतीक है।
रायपुर / शौर्यपथ / नवा रायपुर में चल रहे पांच दिवसीय राज्योत्सव में इस बार परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से आए नाबार्ड सहायतित स्व-सहायता समूहों ने अपने-अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और नवाचार को मंच पर प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
राजनांदगांव जिले के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री स्व-सहायता समूह ने राज्योत्सव में अपनी कलात्मकता और उद्यमशीलता की झलक प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समूह की महिलाएँ मिट्टी और बांस कला से लेकर वस्त्र कला तक में अपनी पहचान बना रही हैं। समूह द्वारा निर्मित मिट्टी कला उत्पादों झूमर, दिया सलाई स्टैंड, फूलदानी, हैंगर, कुर्ती ड्रेस, लैम्प और ज्वेलरी ने स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों को छत्तीसगढ़ी कला की जीवंतता का अनुभव कराया।
इसी के साथ नाबार्ड सहायतित समूहों के स्टॉल में बांस कला के तहत टी-ट्रे, हैंगर, सजावटी वस्तुएँ और कपड़ों पर हेंड प्रिंटिंग, गोदना आर्ट, टेक्सटाइल डिज़ाइन, कोसा सिल्क, खादी सिल्क और कॉटन पर लोककला डिज़ाइनिंग जैसे कार्यों ने पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नाबार्ड सहायतित स्व-सहायता समूहों को न केवल हुनर सिखाया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों का विपणन पैकेजिंग और वित्तीय प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से लाभान्वित महिलाएँ आज आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान दे रही हैं। जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट, शबरी मार्ट, बांस हस्तशिल्प, कोसा सिल्क और खादी कला प्रदर्शनी ने दर्शकों को आकर्षित किया। इन स्टॉलों में परंपरा, पर्यावरण और उद्यमशीलता का सुंदर मिश्रण देखने को मिला। महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। कई समूहों ने बताया कि राज्योत्सव जैसे मंचों से उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिलता है, बल्कि आत्मविश्वास और नई पहचान भी मिलती है।
राज्य में नाबार्ड द्वारा कृषि, ग्रामीण उद्यम, हस्तशिल्प, बांस मिशन, महिला आजीविका कार्यक्रम, किसान क्लब, कौशल विकास प्रशिक्षण जैसे कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, बल्कि हजारों महिलाएँ और युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के दूसरे दिन राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह रजत जयंती वर्ष बीते हुए सफर को याद करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का अवसर है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था, तब यह उम्मीदों और चुनौतियों से भरा राज्य था। पिछले पच्चीस वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, बिजली, सड़कों और संस्कृति सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है, जिसने कम समय में अपनी प्रतिभा और क्षमताओं से देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
श्री डेका ने ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी, तथा राज्य निर्माण का स्वप्न देखने और उसे साकार करने के लिए संघर्ष करने वाले सभी महापुरुषों को नमन किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा जनकल्याण की दिशा में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, जनजातीय समाज, महिलाएं और युवा वर्ग सशक्त हो रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास की एक ठोस नींव रखी है। यहां की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक संपदा और मेहनती जनता इस राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
नक्सल समस्या पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब नक्सलमुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में कभी डर और हिंसा थी, वहां आज सड़कों का निर्माण हो रहा है, स्कूल खुल रहे हैं और बच्चों के चेहरे में मुस्कुराहट है।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे किसान, मजदूर, युवा और महिलाएं इस राज्य की असली ताकत हैं। उनकी मेहनत और संकल्प ही छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाएंगे। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष में हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ सुशासन, विकास और भाईचारे का आदर्श राज्य बने। हम सब मिलकर अपने संसाधनों का संतुलित और बेहतर उपयोग करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेंगे।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्वागत उद्बोधन संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉक्टर रोहित यादव ने दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को राज्योत्सव में आकर विकास प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाने का आग्रह किया । आभार प्रदर्शन संचालक श्री विवेक आचार्य ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले गायक श्री आदित्य नारायण, पद्मश्री डोमार सिंह सहित अन्य कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित दर्शक गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025” में जनसंपर्क विभाग की भव्य डिजिटल प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 01 नवंबर को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद से प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
आगंतुकों ने प्रदर्शनी को देखकर अपनी उत्सुकता साझा किया। रायपुर के श्री उकेश्वर पटेल ने कहा- राज्य की 25 वर्षों की यात्रा को इतनी आधुनिक और भावनात्मक प्रस्तुति में देखना गर्व की बात है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी से लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 11 वर्षों तक की विकास गाथा को डिजिटल माध्यम में शानदार ढंग से दिखाया गया है।
जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार यह प्रदर्शनी अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों पर आधारित है। यहां वॉल्यूमेट्रिक और गतिशील एलईडी तकनीक, क्यूआर कोड आधारित जानकारी, डिजिटल कियोस्क और टच पॉइंट्स जैसी आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
प्रदर्शनी में फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, और पर्यटन विकास जैसी योजनाओं को आकर्षक डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।बस्तर क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक यात्रा को 360-डिग्री प्रोजेक्शन और साउंड इफेक्ट्स के साथ दिखाया गया है।
प्रदर्शनी देखने बालोद जिले के दल्लीराजहरा से आए शंकर प्रसाद ने कहा, “प्रदर्शनी में हमारे क्षेत्र की नई पहचान को देखकर बहुत खुशी हुई। विशेष रूप से भारत रत्न श्रीअटल जी के राज्य निर्माण में किए गए ऐतिहासिक योगदान को जिस तरह प्रदर्शित किया गया है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। ऑडियो हेडफोन के माध्यम से उनके ओजस्वी भाषणों को सुनना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।”
कुशाभाऊ ठाकरे से आई छात्रा नम्रता महिलांग ने कहा कि- डिजिटल वॉल और 360 डिग्री प्रोजेक्शन देखकर लगा जैसे हम इतिहास को जी रहे हों। बस्तर की यात्रा वाला सेक्शन बहुत प्रभावशाली था।
राज्य के भविष्य की झलक दिखाते “डिजिटल छत्तीसगढ़ 2047 सेक्शन को देखकर आगंतुक विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। छात्रा गुलेश पाल ने कहा- 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की जो झलक यहां दिखाई गई है, वह सचमुच प्रेरणादायक है। यह प्रदर्शनी परंपरा और तकनीक का सुंदर संगम है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा — यह क्षण केवल भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा का सम्मान है; नई शुरुआत के इस उल्लास में पूरा प्रदेश झूम उठा।
रायपुर। शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आगमन प्रदेश के लिए गौरवशाली क्षण बन गया। प्रधानमंत्री ने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण कर राज्य की नई पहचान और विकास की यात्रा को साकार किया। इस ऐतिहासिक पल में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सान्निध्य में यह क्षण छत्तीसगढ़ की मर्यादा और आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने इसे अपने सार्वजनिक जीवन का अविस्मरणीय अध्याय बताते हुए कहा कि यह केवल पत्थरों का नहीं, जन-आकांक्षाओं का मंदिर है, जहाँ से छत्तीसगढ़ की नई दिशा तय होगी।
नवा रायपुर में 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे भव्य लोकार्पण, रजत जयंती वर्ष में ऐतिहासिक उपहार
रायपुर। शौर्यपथ। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा का नवनिर्मित भवन अब पूरी तरह तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों से तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यह लोकार्पण समारोह 1 नवम्बर को राज्य के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।यह नई विधानसभा सिर्फ एक आधुनिक इमारत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। 51 एकड़ परिसर में निर्मित यह भवन अत्याधुनिक तकनीकों, आधुनिक सुविधाओं और पेपरलेस संचालन व्यवस्था से सुसज्जित है।
राज्य गठन के 25 वर्षों बाद यह भवन छत्तीसगढ़ को मिला एक ऐतिहासिक उपहार है, जो प्रदेश के विकास, आत्मनिर्भरता और लोकतांत्रिक गौरव की नई पहचान बनेगा।
वीआईपी रोड पर मूर्ति अपमान के खिलाफ छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में राजधानी में उग्र आंदोलन, पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल समेत कई कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार।
संघर्ष और जनदबाव के आगे प्रशासन को सुबह 5 बजे नई प्रतिमा लगाने को विवश होना पड़ा, लेकिन असली गुनहगार अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर—जनता में गहरा असंतोष।
रायपुर। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में रविवार को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में रायपुर वीआईपी चौक पर उग्र जनाक्रोश देखने को मिला। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल की अगुवाई में सैकड़ों समर्थकों ने दायर पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में सड़कों पर डट कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों को बलपूर्वक हिरासत में लिया और उनके योगदान के बावजूद कई आवाजों को दबाने का प्रयास किया गया।
भेजी गई पहली तस्वीर घटनास्थल की है,
जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी की खंडित प्रतिमा स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है—यह छत्तीसगढ़िया आत्मसम्मान पर चोट का जीवंत प्रमाण है। वहीं, दूसरी तस्वीर प्रमाण है उस एकजुट संघर्ष और जागरूकता की, जिसमें नई प्रतिमा का प्रतिष्ठापन जनता की भागीदारी और संघर्ष के बाद संभव हुआ।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे छत्तीसगढ़िया अस्मिता का अपमान बताया और प्रदेश सरकार पर तीखा सवाल दागा: "अपराधी आखिर किसके संरक्षण में हैं? अगर जनाक्रोश को नजरअंदाज किया गया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।"जनता की आंखों के सामने यह पूरा घटनाक्रम छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान, जागरूकता और संघर्ष की गवाही देता है।
अब प्रदेशवासियों की यही मांग है—मूर्ति खंडित करने वालों की जल्द गिरफ्तारी हो और छत्तीसगढ़ महतारी की महानता एवं सम्मान अक्षुण्ण रहे।दोनों तस्वीरें—खंडित प्रतिमा और पुनः स्थापित मूर्ति—प्रदेश में हुंकार बनकर उस अस्मिता आंदोलन की व्यापकता को बयां करती हैं।
खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और परिवारों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से देशभर में करोड़ों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार और घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नियद नेल्ला नार योजना में चिन्हांकित ग्रामों के बीपीएल परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर नए गैस कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के अंतर्गत 1.59 लाख पात्र माताओं और बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ में उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने 16 अक्टूबर को तेल कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के नए चरण में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में सचिव श्रीमती कंगाले ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नवीन गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में “नियद नेल्लानार योजना” के तहत चिन्हांकित ग्रामों में निवासरत पात्र बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में विशेष प्राथमिकता दी जाए। इन ग्रामों की महिलाओं को सबसे पहले इस योजना का लाभ मिले, ताकि विकास और सशक्तिकरण की प्रक्रिया जमीनी स्तर पर महसूस की जा सके।
सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविरों का आयोजन करें, जहां उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के आवेदन प्राप्त किए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों को योजना के लाभ, सुरक्षा उपायों और उपयोग के तौर-तरीकों की जानकारी दी जाए।
बैठक में डॉ. फरिहा आलम, संचालक (खाद्य नागरिक आपूर्ति), राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग), हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं को स्वच्छ ईंधन का लाभ मिलेगा, बल्कि उनके श्रम, समय और स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। यह पहल ग्रामीण जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया अध्याय लिखेगी तथा नियद नेल्ला नार योजना के उद्देश्यों को गति प्रदान करेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
