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रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में प्राप्त विभिन्न शिकायतों की सुनवाई आज आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। सुनवाई में आयोग के सचिव संकल्प साहू एवं अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अनिता डेकाटे उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित पक्षों को निष्पक्ष रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। आयोग के अध्यक्ष श्री निषाद द्वारा शिकायत कर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए नियमों एवं अधिनियमों के अनुरूप न्यायसंगत निर्णय हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आवेदक चन्द्रकुमार सोनकर के समेकित वेतन वृद्धि रोके जाने संबंधी प्रकरण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2018-19 की वेतन वृद्धि प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया गया। आवेदक सुरेश कुमार यादव द्वारा प्रस्तुत सहायक प्राध्यापक भर्ती में आरक्षण उल्लंघन संबंधी शिकायत पर दोनों पक्षों का प्रतिपरीक्षण किया गया तथा शासन को विषयवार पद विज्ञापन जारी करने का सुझाव प्रेषित करने कहा। इसी प्रकार नरेश कुमार धीवर के प्रकरण में 60 दिवस के भीतर 1.80 लाख रूपए के भुगतान हेतु समझौतानामा निष्पादित किया गया।
आवेदक रामशंकर साहू एवं शैलेश कुमार स्वर्णकार द्वारा प्रस्तुत शिकायत के संबंध में अनावेदक अधीक्षण अभियंता एस.एस. भूपल द्वारा उपस्थित होकर पक्ष रखा गया। अनावेदक द्वारा यह बताया गया कि दोनों आवेदक शासन के आदेशानुसार किए गए स्थानांतरण से असंतुष्ट होकर उनके विरुद्ध निराधार एवं बेबुनियाद शिकायत प्रस्ुत कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त आवेदक नरेन्द्र कुमार यादव एवं अन्य द्वारा बैकुंठ सीमेंट कंपनी के विरुद्ध प्रस्तुत प्रकरण में दोनों पक्षकारों की उपस्थिति में सुनवाई की गई। अनावेदक पक्ष द्वारा आगामी तिथि में कंपनी के ठेकेदारों एवं प्रतिनिधियों को बुलाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी आयोग को दी गई। सुनवाई के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों के शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
आचार्य विद्यासागर जी महाराज की कृति के नाम पर ट्रेन का हुआ नामकरण, जैन समाज में हर्ष
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा आज ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ को रायपुर रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जैन समाज के महान संत आचार्य विद्यासागर जी महाराज की कालजयी कृति मूकमाटी के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा रायपुर - जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का नामकरण ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ के रूप में किया गया है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अपने तप, त्याग और विचारों से समाज को नई दिशा दी। गुरुदेव के देह त्याग का सौभाग्य छत्तीसगढ़ की पावन भूमि मां बमलेश्वरी की धरती डोंगरगढ़ को प्राप्त हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मूकमाटी एक्सप्रेस का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से स्थापित करता है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी निरंतर गुरुदेव विद्यासागर जी के विचारों से प्रेरणा लेते रहे हैं। छत्तीसगढ़ से इस ट्रेन का शुभारंभ होना प्रदेशवासियों के लिए आत्मगौरव का क्षण है।
ट्रेन के परिचालन से पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठाचार्य ज्योतिषाचार्य पंडित अजीत शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के एडवाइजरी पैनल सदस्य प्रकाश मोदी, रायपुर वाणिज्य रेल प्रबंधक अवधेश त्रिपाठी, एसईसीआर के वरिष्ठ अधिकारी राकेश सिंह, सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद जैन, नरेंद्र गुरुकृपा, डीआरयूसीसी सदस्य लोकेश चंद्रकांत जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने राज्य के 5 जिलों में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (Rural Self Employment Training Institutes–RSETIs) की स्थापना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को कौशल-आधारित, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त होगा और वे स्वरोजगार के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से प्रभावी रूप से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों से प्राथमिकता क्षेत्र ऋण एवं शासकीय प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रवाह बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर एवं पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्य सचिव नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (State-Level Bankers’ Committee–SLBC) की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राज्य में बैंकों के कार्य निष्पादन की विस्तृत समीक्षा की गई तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत करने, ऋण वितरण प्रणाली में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़ाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में श्री मनोज कुमार (महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), श्रीमती निहारिका बारीक सिंह (प्रमुख सचिव), श्रीमती रीनी अजीथ (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), श्री शीतांशु शेखर (महाप्रबंधक, नाबार्ड), श्री अंकित आनंद (सचिव), श्री रजत कुमार (सचिव), श्री प्रभात मल्लिक (सचिव), श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा (निदेशक, संस्थागत वित्त), श्री चंदन कुमार (विशेष सचिव), श्री राकेश कुमार सिन्हा (उपमहाप्रबंधक, एसबीआई) सहित छत्तीसगढ़ शासन के अन्य वरिष्ठ सचिव, विभागाध्यक्ष, विभिन्न बैंकों के शीर्ष अधिकारी तथा राज्य के 33 जिलों के अग्रणी बैंक प्रबंधक उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि बैंक देश के आर्थिक विकास की रीढ़ हैं और भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। ऐसे में बैंकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे समग्र वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकिंग पहुंच, ऋण वितरण और वित्तीय अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बैंकों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शासकीय प्रायोजित ऋण योजनाओं का परिणामोन्मुख और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ ज़मीनी स्तर तक पहुँचे।
बैठक का समापन निदेशक (संस्थागत वित्त) श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य सचिव सहित सभी उपस्थित अधिकारियों, बैंकों के प्रतिनिधियों तथा बैठक के सफल आयोजन के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एवं इसके संयोजक भारतीय स्टेट बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया।
रायपुर / राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके तहत वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए गए एवं यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग करना तथा निर्धारित गति सीमा का पालन जैसे छोटे-छोटे उपाय बहुमूल्य जीवन को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों का निरंतर संचालन किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
अभियान के दौरान सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्यों के लिए लाइव एक्सीडेंट डेमोस्ट्रेशन (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। इस दौरान एम्बुलेंस की पहुँच, क्रेन द्वारा मार्ग से बाधा हटाने तथा घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, सुरक्षित यात्रा के लिए हेलमेट, सीट बेल्ट के महत्व को बताया गया।
सड़क सुरक्षा अभियान के साथ-साथ एनएचआईटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक लोगों ने रक्त दान किया। इस शिविर में अधिकारियों-कर्मचारियों और सड़क उपयोगकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
एनएचएआई द्वारा प्रदेश के सभी टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख जंक्शनों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत वाहन चालकों एवं यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की जा रही है।
रायपुर /
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्ता-आधारित क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में मात्र 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के बीते दो वर्षों के कार्यकाल में इस संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट और सर्वोच्च लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें 4,544 ग्रामों का विधिवत प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। बीते दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित ग्रामों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं तथा 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं से जुड़े हुए हैं।
जल गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।
आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान एवं वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ।
प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता सामने आने पर कोण्डागांव जिले की जनपद पंचायत बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत चिचाड़ी के पंचायत सचिव श्री हीरामन मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
यह कार्रवाई कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत के आधार पर गठित जांच दल की रिपोर्ट के बाद की गई। जांच प्रतिवेदन में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया, जिसके चलते पंचायत सचिव पर छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 एवं (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के तहत कार्रवाई की गई।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन के इस कदम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकार गरीबों के आवास से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारियों की राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ
रायपुर।
मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि बदलते दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को एक्सक्लूजिव और प्रभावशाली स्टोरी तैयार कर उनके व्यापक प्रचार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों—प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया—का समन्वित उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में “जनसंपर्क की नई चुनौतियाँ” विषय पर आयोजित जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना संप्रेषण के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं और नई-नई तकनीकों के आगमन से जनसंपर्क के दायरे का भी विस्तार हुआ है। ऐसे में जनसंपर्क अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपने कार्य को अधिक प्रमाणिक, प्रभावी और समयबद्ध बनाना होगा।
आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी के उपयोग से कम प्रयास में अधिक कार्य संभव है। फोटो और वीडियो एडिटिंग, कंटेंट प्रेजेंटेशन और सोशल मीडिया प्रबंधन जैसे कार्यों में एआई टूल्स जनसंपर्क को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे तकनीकी रूप से स्वयं को निरंतर अपडेट रखें, ताकि शासन की नीतियों और निर्णयों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके।
उन्होंने पत्रकारिता स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने पर भी जोर दिया।
उद्घाटन सत्र में अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री संजीव तिवारी, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने कार्यशाला के उद्देश्य, दो दिवसीय सत्रों की रूपरेखा और प्रतिभागियों से अपेक्षाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को आधुनिक, सशक्त और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत “पाठक-अनुकूल लेखन: सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना” विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक श्री शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बातों की पहचान, सरल एवं सुबोध भाषा, प्रभावी हेडलाइन और सशक्त लीड पैराग्राफ लिखने के गुर बताए। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग तथा संकट की स्थिति में मीडिया से संतुलित एवं समयबद्ध संवाद पर विस्तार से चर्चा की।
द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक श्री विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट लेने और फैक्ट शीट की भूमिका की जानकारी दी।
तीसरे सत्र में सोशल मीडिया एवं एआई टूल्स पर चर्चा हुई। डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ श्री राकेश साहू ने एआई आधारित डिजिटल टूल्स के माध्यम से फोटो और वीडियो एडिटिंग के व्यावहारिक उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।
दिन के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक श्री लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन और आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपायों की जानकारी साझा की।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रदेशभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप दक्ष बनाकर जनसंपर्क को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाना है।
रायपुर, ।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से बलौदाबाजार–भाटापारा जिले में जिला स्तरीय युवा संवाद एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उनकी ऊर्जा, विचार और संकल्प ही एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव रखते हैं।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, नवाचार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
श्री वर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि शासन युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन के दौरान युवा संवाद सत्र, प्रेरक व्याख्यान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक दायित्व, राष्ट्र निर्माण और समकालीन चुनौतियों से जुड़े विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।
जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 900 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी युवाओं को राष्ट्र सेवा, सामाजिक कार्यों और सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया।
यह जिला स्तरीय युवा संवाद कार्यक्रम न केवल युवाओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में जिम्मेदार और सजग नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। व्यापार और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई है, जिससे कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है और जीएसटी की प्रक्रिया भी पहले से अधिक सरल हुई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहना मिल रही है। अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। राज्य में रोजगार सृजन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब और उद्यमी दोनों ही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक और परोपकारी कार्य प्रशंसनीय हैं। यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और इससे राज्य को व्यापक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने रोटरी क्लब के सेवा कार्यों, विशेषकर पोलियो उन्मूलन में योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मोबाइल आई क्लीनिक एम्बुलेंस का लोकार्पण किया, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया तथा महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के सदस्य, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
