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May 02, 2026
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रायपुर

रायपुर (6379)

नगेराटुक्कू के सौंदर्यीकरण और डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के दुलदुला  में आयोजित कार्यक्रम में दुलदुला विकासखंड के लिए 3 करोड़ 45 हजार रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 22.36 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित ग्रामीण हाट बाजार शेड का लोकार्पण और 2 करोड़ 78 लाख 9 हजार रुपये की लागत के 10 अन्य कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पर्यटन स्थल नगेराटुक्कू के सौंदर्यीकरण और डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें अपने शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से योग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी है। आज दुनिया के सभी देशों के लोग योग के फायदों के प्रति जागरूक होकर इस प्राचीन भारतीय विद्या को अपना रहे हैं।
मुख्यमंत्री  साय ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत मयूरचुंदी से दुलदुला तक बस सेवा शुरू की जाएगी। साथ ही, दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 'मोदी की गारंटी' को तेजी से लागू कर रही है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये निर्धारित किया गया है।अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आगामी पंचायत दिवस पर इसे सभी ग्राम पंचायतों में शुरू करने की योजना है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में 10 नई क्रांतियों के तहत नवाचारों का उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष दुलदुला श्री राजकुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

0.46 प्रतिशत तक सिमटी मलेरिया दर: बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर/शौर्यपथ छत्तीसगढ़ सरकार के मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को बस्तर संभाग में बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में मलेरिया के मामलों में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।
राज्य शासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बस्तर संभाग में मलेरिया धनात्मक दर 4.60 प्रतिशत से घटकर मात्र 0.46 प्रतिशत रह गई है। वहीं वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2024 में मलेरिया के मामलों में 72 प्रतिशत की गिरावट आई है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) वर्ष 2015 में 5.21 था, जो घटकर 2024 में 0.98 हो गया है। बस्तर संभाग का API इसी अवधि में 27.4 से घटकर 7.11 तक पहुंचा है। 2023 की तुलना में 2024 में मलेरिया प्रकरणों में 8.52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच और समर्पित स्वास्थ्य प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण में मिली यह सफलता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों, मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं  की  मेहनत का प्रमाण है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त बनाना है और इस दिशा में ठोस प्रयास लगातार जारी हैं। अभियान के तहत मच्छरदानी वितरण, घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार, और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया गया है। वर्ष 2024 में अभियान के 10वें और 11वें चरणों में विशेष निगरानी और उपचार कार्यों के चलते मलेरिया नियंत्रण को और बल मिला है।
राज्य सरकार मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री  साय ने इस अभियान में योगदान देने वाले स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन, मितानिनों और आमजन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों से ही संभव हुई है और यह छत्तीसगढ़ को एक स्वस्थ और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

8.77 करोड़ की लागत से बनेगा 50 बिस्तरों वाला मातृ-शिशु चिकित्सालय: सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन की दिशा में सशक्त पहल
50 लाख की लागत से तैयार होगी ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी को एक महत्वपूर्ण सौगात प्रदान की। उन्होंने गिनाबहार में 8.77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु चिकित्सालय और 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज जशपुर जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास की एक नई कड़ी जुड़ रही है। इस चिकित्सालय के निर्माण से कुनकुरी सहित फरसाबहार, कांसाबेल और दुलदुला जैसे आसपास के क्षेत्रों की माताओं, बहनों और बच्चों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर में 200 बिस्तरों वाले आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। इस वर्ष के बजट में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज भी खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और जेनरिक दवा दुकानों के माध्यम से आमजन को किफायती इलाज सुलभ कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना योजना एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य-सुरक्षा कवच है।मितानिन बहनों के मानदेय का भुगतान अब ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीद की जा रही है, और उन्हें प्रति क्विंटल 3,100 रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहकों को अब 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा का भुगतान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए आवास निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य की 70 लाख से अधिक माताओं और बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही, 5.60 लाख भूमिहीन कृषि श्रमिकों को 10,000 रुपये की विशेष सहायता राशि प्रदान की गई है। पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिससे ग्रामीणों को अपने गांव में ही बैंकिंग, धन जमा-निकासी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। अगले पंचायती राज दिवस तक सभी पंचायतों में ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजस्व प्रशासन में सुधार के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। अब जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः पूरी होगी, और फर्जी रजिस्ट्री पर अंकुश लगेगा। विश्व योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
आदिवासी अंचल को मिली मातृत्व सुरक्षा की नई सौगात
उल्लखेनीय है कि कुनकुरी में प्रस्तावित 50 बिस्तरों वाला मातृ-शिशु चिकित्सालय न केवल कुनकुरी, बल्कि फरसाबहार, कांसाबेल और दुलदुला जैसे तीन अन्य विकासखंडों की महिलाओं और बच्चों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा प्रदान करेगा। गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल, प्रसव, जटिलताओं का उपचार और बच्चों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार में सहायता करेगी। 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाली ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के माध्यम से लैब जांच सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्री राजकुमार गुप्ता, श्री अमन शर्मा, श्री गोपाल कश्यप, श्री मनोज जायसवाल, श्री राजेश चौधरी, श्री यशवंत यादव, श्री विकास नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में कुनकुरी के सलियाटोली ग्राम में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 250 सीटर नालंदा परिसर का  भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसरों की स्थापना की जा रही है। जशपुर जिले में दो स्थानों पर नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। नालंदा परिसर अत्याधुनिक पुस्तकालय, शिक्षण संसाधनों और तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित होगा। विद्यार्थियों की निर्बाध पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए यह परिसर 24 घंटे खुला रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन द्वारा नागरिक सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस के माध्यम से सभी विभागों की सेवाएँ ऑनलाइन की जा रही हैं। राजस्व क्षेत्र में 10 नवीन क्रांतिकारी पहल लागू की गई है, जिससे रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी प्रक्रियाएँ अब आमजन के लिए सरल और सुलभ हो गई हैं।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए पीएससी जैसी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सीबीआई जाँच कराई जा रही है। साथ ही, जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, कृषि महाविद्यालय, उद्यानिकी, नर्सिंग, नेचुरोपैथी और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
नालंदा परिसर: अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त, 24x7 अध्ययन के लिए समर्पित केंद्र
नालंदा परिसर में महानगरों की तर्ज पर सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें इंडोर और आउटडोर स्टडी ज़ोन के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण से जुड़ने के लिए ऑक्सी रीडिंग ज़ोन की व्यवस्था होगी।यह परिसर स्वायत्त मॉडल पर आधारित होगा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। ईको-फ्रेंडली डिज़ाइन के इस परिसर में विद्युत खपत न्यूनतम होगी और 50 से अधिक देशी पौधों की प्रजातियाँ रोपी जाएँगी। युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ ज़ोन जैसी सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। संचालन के लिए स्ववित्तपोषित मॉडल को अपनाया जाएगा। लाइब्रेरी में 50,000 से अधिक पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई ज़ोन और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध होंगी। साथ ही, आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक आईडी, पुस्तकों की ट्रैकिंग के लिए आरएफआईडी और सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन प्रणाली की व्यवस्था होगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कुनकुरी जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  साय सर्व नाई सेन समाज के महासम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल
सेन समाज भवन विस्तार हेतु ₹10 लाख एवं बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु ₹10 लाख की घोषणा
 रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के महुआटोली में आयोजित सर्व नाई सेन समाज के महासम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि नाई समाज को मेहनती और स्वावलंबी समाज के रूप में जाना जाता है। सेन समाज के अनेक लोग आज शिक्षा, व्यापार, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के दम पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष 12वीं कक्षा के प्रदेश टॉपर अखिल सेन इसी समाज से हैं। रायपुर में एआई डेटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे इंदौर के उद्यमी भी सेन समाज से हैं। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर जी का स्मरण करते हुए कहा कि देश की उन्नति में सेन समाज का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जन्म से लेकर अंत्येष्टि तक कोई भी संस्कार सेन समाज के योगदान के बिना पूर्ण नहीं होता। समाज के विविध संस्कारों में इस समाज की भूमिका अत्यंत विशिष्ट है।
शिक्षा है समाज की प्रगति की कुंजी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की कुंजी है। जिस समाज में शिक्षा का स्तर ऊंचा होता है, वह समाज उतना ही सशक्त और प्रगतिशील बनता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर बनाने हेतु निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। राज्य में अब राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित की जा रही हैं। नालंदा परिसर जैसे अत्याधुनिक पुस्तकालयों का निर्माण प्रदेशभर में किया जा रहा है, ताकि छात्र प्रतियोगी युग के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
सेन समाज को सामाजिक भवन विस्तार व बाउंड्रीवाल के लिए ₹20 लाख की सौगात
मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कुनकुरी स्थित सेन समाज के सामाजिक भवन के विस्तार हेतु ₹10 लाख और बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु ₹10 लाख की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
छत्तीसगढ़ केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने माताओं-बहनों में एक नया आत्मविश्वास जगाया है और शासन की जनहितैषी योजनाएँ प्रदेश में सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास का आधार बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सेन समाज की प्रतिभाओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर सेन समाज के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान सदस्यों को “संत शिरोमणि सेन सम्मान” से सम्मानित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री भरत सिंह, सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अविनाश ठाकुर, श्री राज श्रीवास सहित समाज के पदाधिकारीगण, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में समाज के सदस्य  उपस्थित थे।

- जिले भर में लगभग 18 हजार से अधिक पौधे लगाए गए
- कलेक्टर ने जिलेवासियों से बारिश के मौसम में पौधे लगाने की अपील की
राजनांदगांव/शौर्यपथ /बारिश के मौसम के दृष्टिगत आज जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत सघन पौधरोपण किया गया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देश पर आज जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में व्यापक पैमाने पर पौधरोपण किया गया। जिले भर में लगभग 18 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। इस अवसर पर सभी ने पौधरोपण करने के बाद पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी सभी ने प्रतिबद्धता व्यक्त की। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिलेवासियों से बारिश के मौसम में पौधे लगाने की अपील की है। उन्होंने सभी नागरिकों से आव्हान करते हुए कहा है कि आइए हम अपने शहर एवं गांव को हरा भरा बनाएं। धरती की हरीतिमा, पर्यावरण की रक्षा के लिए अपना दायित्व निभाते हुए एक पेड़ माँ के नाम अभियान में सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि बारिश पौधरोपण के लिए उपयुक्त समय है। यही वह वक्त है जब पौधे आसानी से मिट्टी में अपनी जड़ें मजबूती से बना लेते हैं। ग्लोबल वार्मिंग एवं बढ़ते तापमान के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए पौधरोपण करना एवं जल संरक्षण बहुत आवश्यक है। ऑक्सीजन को बढ़ाने और धरती के तापमान को कम करने के लिए हमारा यह कर्तव्य है कि पौधे लगाएं और उनकी देखभाल एवं सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाना पुण्य का कार्य है। आज हमें वृक्षों की छांव मिल रही है, क्योंकि किसी ने बहुत पहले पौधे लगाए थे। आने वाली पीढिय़ों को उन वृक्षों की शीतल छांव मिलती है, वहीं फल-फूल भी प्राप्त होते हैं। आइए हम सभी पौधरोपण के लिए प्रतिबद्ध होकर अपनी भागीदारी निभाएं।
शासकीय कार्यालयों के साथ ही जनप्रतिनिधियों की भी एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत सहभागिता रही। जिले में कलेक्टोरेट, जिला पंचायत, कृषि, कौशल विकास प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास, परिवहन, रेशम, पशु चिकित्सा, आदिम जाति कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण, नगर पंचायत डोंगरगढ़, नगर पंचायत छुरिया, स्वास्थ्य, विद्युत, बीज निगम, नगर पालिक निगम, लोक निर्माण, जल संसाधन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, क्रेडा, उप जेल, मछली पालन, लीड बैंक मैनेजर, सहकारी संस्थाएं, शिक्षा, आयुष, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगर तथा ग्राम निवेश,राज्य कर, विपणन, स्टेट वेयर हासिंग कार्पोरेशन, जनपद पंचायत छुरिया, जिला व्यापार एवं उद्योग, खनिज, नगर पंचायत डोंगरगढ़, कृषि उपज मंडी, गृह निर्माण मंडल, जनपद पंचायत राजनांदगांव सहित अन्य विभागों व कार्यालयों में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत सघन पौधरोपण किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत ग्राम भंडारपुर, चिरचारीकला, थैलीटोला, भोलापुर में पौधरोपण किया। इस दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पौधरोपण किया। एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोर्राम, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री अभिषेक तिवारी ने तहसील परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। इस अवसर पर तहसील कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री समीर शर्मा द्वारा सोमनी स्थित जल शुद्धिकरण संयंत्र में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर पीएचई विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया गया।

ई-केवायसी की अंतिम तिथि 30 जून
बालोद/शौर्यपथ /जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य में ’एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड’ योजनातर्गत सभी हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जाना है। जिसके अंतर्गत ई-केवायसी हेतु शेष हितग्राहियों को 30 जून 2025 तक केवायसी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 02 लाख 34 हजार 756 राशनकार्ड प्रचलित है। जिसमें राशनकार्डो में 08 लाख 95 हजार 986 सदस्य पंजीकृत है। पंजीकृत सदस्यों में से 08 लाख 26 हजार 967 सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है तथा 69 हजार 19 सदस्यों का ई-केवायसी शेष है। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा 05 वर्ष से कम उम्र के सदस्यों का ई-केवायसी में छूट दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी उचित मूल्य दुकान में संचालित ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ’मेरा ई-केवायसी एप्प’ के माध्यम से भी ई-केवायसी कर सकते है। इस एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने के लिए एंड्रायड मोबाइल में गुगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही राज्य, जिला का चयन कर अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं।

भीमकन्हार शिविर में राशन कार्ड की सौगात मिलने पर बुजुर्ग मेहतरीन बाई ने की शासन की जनहितैषी पहल की सराहना
बालोद/शौर्यपथ/बालोद जिले में आयोजित धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत लाभ संतृप्ति शिविरों के माध्यम से तात्कालिक लाभ मिलने से आदिवासी समाज के लोग एवं हितग्राही अत्यंत प्रसन्नचित एवं अपने सुखद भविष्य के प्रति आशान्वित नजर आ रहे हैं। केन्द्र सरकार के द्वारा विभिन्न 25 सेवा से लाभान्वित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही लाभ संतृप्ति शिविर अत्यंत सफलीभूत सिद्ध हो रही है। इसी कड़ी में आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम भीमकन्हार में आयोजित शिविर में ग्राम परसाडीह ज की निवासी श्रीमती मेहतरीन बाई की बीपीएल राशन कार्ड बनने से वे बहुत ही प्रसन्नचित है। श्रीमती मेहतरीन बाई ने बताया कि वे एवं उसके पति अपने पारिवारिक आवश्यकताओं के चलते बहुत दिनों से बीपीएल राशन कार्ड बनाने के लिए ग्राम पंचायत एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में जाने के लिए प्रयासरत थे। इसी दौरान उन्हें गांव के लोगों के द्वारा आदिवासियों के समस्याओं के निराकरण हेतु पास के ग्राम भीमकन्हार में शिविर आयोजित होने की जानकारी दी गई। शिविर में पहुँचने के बाद पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा ही बहुत कम समय में मेरा बीपीएल राशन कार्ड बनाने की कार्रवाई पूरी की गई है। जिससे समय की बचत होने के साथ-साथ हमें पंचायत एवं अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि भीमकन्हार में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से हमें बीपीएल राशन कार्ड मिलने से मैं और मेरा परिवार बहुत ही प्रसन्नचित एवं अपने सुखद भविष्य के लिए पूरी तरह से आशान्वित है। उन्होंने शासन की इस महत्वपूर्ण पहल की सराहना करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के द्वारा हम आदिवासियों को हर तरह से मदद पहुँचाकर आत्मनिर्भर बनाने हेतु लाभ संतृप्ति शिविरों का जो आयोजन किया जा रहा है उनसे हमारे आदिवासी वर्ग के अनेक जरूरतमंद लोग लाभान्वित होंगे। श्रीमती मेहतरीन बाई ने शिविर के माध्यम से उनके परिवार की बड़ी समस्या का निराकरण होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार को हृदय से धन्यवाद देते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।

आधार कार्ड बनने तथा नया राशन कार्ड की सौगात मिलने पर अभिभूत हुई दामिन बाई एवं इयन बाई
रायपुर/शौर्यपथ /केन्द्र सरकार के द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में सेवाओं एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने तथा उनके व्यक्तिगत अधिकारों से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से धरती आबा संचालित की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में जनजातीय समाज के लोगों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजना अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रहा है। बालोद जिले में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविरों के माध्यम से शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिलने से जनजातीय समाज के लोगों ने शासन की इस महत्वपूर्ण पहल एवं जनहितैषी कदम की भूरी-भूरी सराहना की है।
इसी कड़ी में बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से उनके बहुप्रतीक्षित समस्याओं के निराकरण होने पर जनजातीय समाज के ग्रामीण महिलाओं ने शिविर के आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। शिविर के माध्यम से अपने नन्हें पुत्र तेजस के आधार कार्ड का पंजीयन होने से ग्राम मार्री बंगला निवासी दामिन बाई तथा गहिरा नवागांव निवासी श्रीमती इयन बाई का नया राशन कार्ड बनने से दोनों महिलाएं बहुत ही अभिभूत नजर आ रही थी।
ग्राम मार्री बंगला निवासी श्रीमती दामिन बाई ने बताया कि अपने पारिवारिक जिम्मेदारी एवं घरेलू कार्य में व्यस्त होने के कारण वे चाह कर भी अपने नन्हें बालक तेजस का आधार कार्ड बनवाने के लिए पास के गांव देवरी के च्वाइस सेंटर में नहीं जा पा रही थी। जिसके कारण वे परेशान भी हो जाती थी। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत उनके गृह ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में उनके पुत्र तेजस के आधार कार्ड बनाने हेतु पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ ही दिनों के पश्चात् उनके पुत्र के आधार कार्ड बनकर उन्हें प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से धरती आबा जनभागीदारी अभियान समस्याओं का तत्काल समाधान होना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। श्रीमती दामिन बाई ने कहा कि मेरे नन्हें बच्चे के आधार कार्ड का पंजीयन हो जाने से मैं बहुत ही प्रसन्नचित हूँ।
     इसी तरह ग्राम मार्री बंगला में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर के माध्यम से उनके नया राशन कार्ड बनने पर ग्राम गहिरा नवागांव की आदिवासी महिला श्रीमती इयन बाई बहुत ही प्रसन्नचित एवं उत्साही नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि अपने समीप के गांव में आयोजित शिविर के माध्यम से उन्हें एवं उनके परिवार को तत्काल राशन कार्ड का सौगात मिलना हम जैसे गरीब परिवार के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण है। नए राशन कार्ड बन जाने से अब उन्हें ग्राम पंचायत एवं अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। श्रीमती इयन बाई ने कहा शिविर के माध्यम से उनके जैसे जनजातीय परिवार के अनेक गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की मांगों और समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से केन्द्र सरकार की अत्यंत लोक हितैषी एवं जनकल्याणकारी पहल है। मार्री बंगला में आयोजित शिविर के आयोजन से लाभान्वित होने वाली दोनों महिलाओं ने शिविर आयोजन की सराहना करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाले भारत सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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