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मुख्यमंत्री विष्णु देव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर/शौर्यपथ / राज्य संघ लोकसेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों को राज्य शासन की ओर से एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा कल इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा नगर निगमों में महापौर सम्मान राशि दी जाती है। प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि इसी निधि के अंतर्गत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' का किया शुभारंभ
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी नाका स्थित ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक श्री सुनील सोनी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य के समग्र विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना की अहम भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और राजधानी से लेकर दूरस्थ अंचलों तक प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की चिंता हमारी सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में 'मेडिसिटी' विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने 'बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' के प्रबंधन एवं स्टाफ को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह संस्थान माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
पंचायतों को सशक्त बनाकर अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाकर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतें हमारी विकास यात्रा की पहली कड़ी हैं, और ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास देने का जो संकल्प लिया गया है, उससे जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत "मोर दुआर-साय सरकार" अभियान के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करते हुए 20 लाख से अधिक परिवारों के सर्वेक्षण पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
साय ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए स्वीकृत आवासों के समय पर निर्माण और सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएम आवास से संबंधित कार्यों की रियल टाइम ट्रैकिंग पर विशेष जोर देते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने पंचायती राज दिवस पर आरंभ "मोर गांव मोर पानी" महाअभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसमें भू-जल पुनर्भरण एवं जलग्रहण विकास के लिए GIS तकनीक के समावेश के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने 15वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना, महतारी सदन, जिला एवं जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना तथा स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को पंचायती राज दिवस पर सम्मानित करने की योजना पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने विभाग की आगामी कार्ययोजना में प्रौद्योगिकी निगरानी प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, योजना समन्वय, तेज निर्माण और त्वरित लक्ष्य पूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया
नियद नेल्लानार योजना से ग्रामीणों को मिला नया संबल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत 6,324 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। बस्तर संभाग की 4 ग्राम पंचायतों के 8 गांवों में पहली बार योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ हुए हैं।
साथ ही 913 जॉब कार्डधारी परिवारों के 3,134 सदस्यों को पहली बार मनरेगा में रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांवों के युवाओं के लिए प्राथमिकता से भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर अपनी खुशी जाहिर की और इसे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में बन रही और प्रस्तावित सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने इन सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के कार्यों को भी तय समय में पूर्ण करने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आती हैं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही 'लखपति दीदी' की पहल
पंचायत विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के संकल्प के अनुरूप 'लखपति दीदी' पहल के तहत ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर लाभकारी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है।
कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं विभिन्न नवाचारों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राज्य स्तरीय मेलों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर विपणन हेतु उपलब्धता प्रदान कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।उन्होंने ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के निपटान, और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता पर चल रहे अभियानों की जानकारी ली।
उन्होंने ओडीएफ प्लस के तहत खुले में शौच से मुक्त हुए गांवों की प्रगति की समीक्षा की और इज ऑफ लिविंग एंड रिफॉर्म्स के मुद्दों पर भी अधिकारियों से विमर्श किया। मुख्यमंत्री साय ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी नवाचार गतिविधियों की जानकारी ली और अन्य राज्यों में लागू बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उसे लागू करने की बात कही।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव पंचायत भीम सिंह, विशेष सचिव पंचायत धर्मेश साहू, आयुक्त मनरेगा तारन प्रकाश सिन्हा तथा सुश्री जयश्री जैन सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मिर्धा को उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ध्रुव कुमार मिर्धा के जनसेवा के दीर्घ अनुभव का लाभ निश्चित रूप से पूरे समाज को मिलेगा। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान दिया है और आज उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। निश्चित ही, इस नई भूमिका के माध्यम से श्री मिर्धा रविदास समाज के लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने अपेक्षा जताई कि मिर्धा बोर्ड के माध्यम से भारत सरकार एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में योगदान देंगे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आज परंपरागत कार्यों से जुड़े समाज को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर कर समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और तरक्की के पथ पर अग्रसर करने का कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक सुनील सोनी, गुरु खुशवंत साहेब सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तेलघानी विकास बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने साहू को उनके नए दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और परंपरागत श्रमशीलता के सम्मान का उत्सव है, जिसने सदियों से प्रदेश की आत्मा को संजोए रखा है। उन्होंने कहा कि श्री जितेन्द्र साहू एक शिक्षित, प्रगतिशील किसान हैं और सामाजिक जीवन का दीर्घ अनुभव रखते हैं। निश्चित ही, उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड नई ऊंचाइयों को छुएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गर्मियों में खेती के लिए जल और ऊर्जा की अधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में फसल चक्र को अपनाते हुए तिलहन फसलों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में साहू समाज और तेलघानी विकास बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'लोकल फॉर वोकल' अभियान को गति मिल रही है, जिसमें तेलघानी विकास बोर्ड प्रभावी योगदान दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने सरगुजा जिले के एक गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के किसान सामूहिक रूप से ऑर्गेनिक सुगंधित चावल का उत्पादन कर रहे हैं और उसे 300 रुपये प्रति किलो के भाव से बेच रहे हैं। इसी तरह कुछ किसान पारंपरिक विधि से सरसों का तेल निकालकर 1,000 रुपये प्रति लीटर तक बेच रहे हैं। ऐसे नवाचारों को राज्य भर में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार ने 15 महीनों में 'मोदी की गारंटी' के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल तक 'आवास सर्वेक्षण प्लस प्लस' अभियान के माध्यम से आवासहीन व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, आवास योजनाओं के नियमों में शिथिलता लाकर अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में 3 करोड़ आवास निर्माण का लक्ष्य तय किया है, जिससे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रदेश के 146 विकासखंडों के 1460 गांवों में 'अटल डिजिटल सुविधा केंद्र' का शुभारंभ किया गया है, जिनके माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचेगा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने साहू समाज के एक शिक्षित और ठेठ छत्तीसगढ़िया किसान को तेलघानी विकास बोर्ड का दायित्व सौंपा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री साहू के नेतृत्व में बोर्ड अपने उद्देश्यों की पूर्ति में सफल होगा।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, ईश्वर साहू, दीपेश साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, तेलघानी विकास बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दंतेवाड़ा विज्ञान केन्द्र की प्रशंसा की, मुख्यमंत्री ने जताया आभार
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ को जनजागरण और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का अद्वितीय मंच है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार और संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी आमजन तक पहुँचती है, जिससे पूरे समाज में जागरूकता और ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल प्रेरणा देता है, बल्कि समाज में सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक परिवर्तन को भी प्रोत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि आज भारत के युवा तेजी से साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इलाके, जो कभी पिछड़ेपन और हिंसा के लिए पहचाने जाते थे, अब नवाचार के केन्द्र बन रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ कभी हिंसा और अशांति का साया था, वहाँ आज बच्चे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र आज पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जहाँ बच्चों को थ्री-डी प्रिंटर, रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। बच्चों का तकनीक के प्रति यह जुड़ाव भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और नवाचार के प्रति देश के युवाओं में बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र अब वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का केन्द्र बन रहा है, जो विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का प्रेरक माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह सराहना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक उत्साहवर्धक संकेत है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों से संवाद करते हैं और देश भर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को साझा कर एक प्रेरक वातावरण तैयार करते हैं।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 'मन की बात' कार्यकम में दंतेवाड़ा विज्ञान केन्द्र की प्रशंसा छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र, जो कभी हिंसा के लिए जाने जाते थे, आज विज्ञान और नवाचार के प्रतीक बन रहे हैं। प्रधानमंत्री जी की सराहना से प्रदेश के बच्चों और युवाओं को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। यह छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
अब 30 दिन में मिलेगी जरूरी सेवाएं
रायपुर/शौर्यपथ छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब सभी लिफ्ट और एस्केलेटर का पंजीकरण, नवीनीकरण और निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह नियम के तहत लिफ्ट और एस्केलेटर का संचालन उच्च सुरक्षा मानकों के अनुसार जरूरी है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और व्यवसायों को कानूनी परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर सरकार ने लिफ्ट और एस्केलेटर से जुड़ी सभी सेवाओं को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट में शामिल कर दिया है। अब इन सेवाओं को अधिकतम 30 दिन के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। अगर तय समय में काम नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इससे उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों को समय पर सेवा मिलेगी ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं हमारी सरकार की प्राथमिकता है। लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। इसलिए हमने इस सेवा को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया है, ताकि हर लोगों को समय पर सेवा मिले और उनका भरोसा बना रहे।
मुख्य विद्युत निरीक्षणालय ने सभी बिल्डरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और लिफ्ट संचालकों से अपील की है कि वे नए नियमों का कड़ाई पालन करें और सुरक्षित रूप से लिफ्ट और एक्सलेटर की सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इससे बीमा का खर्च भी घटेगा और कारोबार का जोखिम कम होगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े रहीं मुख्य अतिथि
रायपुर/शौर्यपथ / रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में आज महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला-सह-परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती राजवाड़े ने कहा, बच्चों के अधिकारों की रक्षा छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। संबंधित विभाग समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लें ताकि जो बच्चे बाल सुधार गृह तथा अन्य स्थानों पर हैं वह पुनः अपराध न करें। श्रीमती राजवाड़े ने सभी को बाल विवाह रोकने शपथ भी दिलाई और बताया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बाल विवाह में गिरावट आ रही है जिसे सबके सहयोग से हमें शून्य तक ले जाना है।
कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था। तकनीकी सत्रों में प्रशिक्षकों श्री विपीन ठाकुर एवं श्री शरवत हुसैन नकवी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी और संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के कार्यों की जानकारी साझा की।
कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अंतर्गत विधि से संघर्षरत बच्चों एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वाेत्तम हितों की रक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत बालकों के प्रति अपराधों की रोकथाम और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बाल शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने तथा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
राजस्व विभाग के कार्यों से निखरती है शासन की छवि:आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का त्वरित और सहज लाभ नागरिकों को मिले - मुख्यमंत्री
राजस्व न्यायालय का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन अनिवार्य रूप करने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की: राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के दिए निर्देश
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में राजस्व विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का त्वरित और सहज लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने फौती–नामांतरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि विधिक वारिसान के पक्ष में फौती नामांतरण समय पर सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय सीमा में नामांतरण न होने पर संबंधित पटवारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्यवाही करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही में विलंब न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को इसकी सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का सीधा संबंध आम जनता से है, अतः मैदानी अमले की लापरवाही शासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने और सभी आवेदनों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन अनिवार्य रूप से किया जाए और दो पेशी में ही प्रकरणों का निराकरण हो। अति आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पेशी की तिथि बढ़ाने से बचा जाए।
मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डायवर्सन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने अविवादित नामांतरण और बंटवारे के मामलों में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए उन्होंने राजस्व, कृषि, खाद्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभागों की संयुक्त टीम गठित कर भूमि और फसल से संबंधित सटीक जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए।
राजस्व सचिव अविनाश चंपावत ने विभागीय कार्यों और गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण, पंजीयन का डिजिटलीकरण तथा मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का कार्य पूर्णता की ओर है। साथ ही उन्होंने राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली के डिजिटलीकरण, किसान पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और जियो-रेफरेंसिंग कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया।
चंपावत ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री साय के पूर्व निर्देशों के अनुरूप जिलों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों का स्थानांतरण नियमित रूप से किया जा रहा है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने समीक्षा बैठक में कहा कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जमीन की खरीदी-बिक्री सुनिश्चित की जाए और राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर भू-धारकों को शीघ्र राहत दी जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद,राहुल भगत, डॉ. बसवराजू, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
"राजस्व विभाग का कार्य सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित निष्पादन और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का त्वरित और सहज लाभ मिले, इसके लिए सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। फौती–नामांतरण सहित सभी राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक विलंब न हो, पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिले, और राजस्व न्यायालयों का संचालन सप्ताह में न्यूनतम दो दिन नियमित रूप से किया जाए। मैदानी अमले की लापरवाही शासन की छवि को प्रभावित करती है, इसलिए अविवादित नामांतरण, बंटवारे सहित अन्य राजस्व मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डायवर्सन प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।"
—मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
"शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही जमीन की खरीदी-बिक्री सुनिश्चित की जाए। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर भू-धारकों को शीघ्र राहत प्रदान करें। आम नागरिकों को न्याय और सुविधा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
— राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
