September 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    विशेष लेख:शशिरत्न पाराशर
    महासमुंद / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनता की स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना सहित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सार्वभौम पीडीएस और मध्यान्ह भोजन योजना जैसी पांच योजना 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर शुरू की है। जिला महासमुंद में इन योजनाओं पर तुरंत अमल शुरू कर दिया था। जिले में कुल 1780 आंगनबाड़ी केन्द्र है, जिनमें कुल 82000 बच्चें है। मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या क़रीब 15000 है। वही गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग 5000 है। ज्यादा नहीं हाल के कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 17 प्रतिशत कुपोषण बच्चों में कमी आयी है। इसमें कोरोना काल से पहले स्कूलों में मध्यान्ह भोजन एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा था।

    लेकिन कोविड-19 के चलते स्कूली बच्चों और वहीं 15 वर्ष से 49 वर्ष की चिन्हांकित एनीमिया पीड़ित महिलाओं को भी पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है और नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    महिला विकास विभाग महासमुंद से मिली जानकारी अनुसार 15 वर्ष से 49 वर्ष आयु वर्ग की एनीमिया से पीड़ित 19500 महिलाएं चिन्हांकित की गई है। इसी प्रकार एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की संख्या 9000, शिशुवती माताएं 9500 है। इस प्रकार कुल 19500 प्रभावित हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया है। 24 प्रतिशत एनिमिक पीड़ित महिलाओं में कमी आयी है । इनमें से प्रारंभ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

    जिले योजना शुरू होने से सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे है। दो साल में बच्चों के कुपोषण में तेजी के साथ कमी आयी है। जिले में नयी सरकार गठन के बाद बच्चों के सुपोषण में इजाफा हुआ। लगातार मानिटरिंग के जरिए गंभीर कुपोषण में कमी आयी है। पिछले वर्ष के मुकाबले सामान्य और गंभीर कुपोषण की दर में गिरावट आयी है।

    महासमुंद और ज़िले के सभी विकासखण्ड में विभिन्न कार्यक्रमों और स्थानीय कला जत्था के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर कुपोषण दूर करने प्रयासरत है और इसमें लगातार सफलता भी मिल रही है। कोरोना के चलते इस काम में गति की रफ़्तार में कमी ज़रूर आयी है। अब कोविड-19 का पालन करते हुए महासमुंद जिले के अधिकांश सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बच्चों को गरम भोजन परोसा जाता है। वही सहायता समूह द्वारा गुणवत्तापूर्ण रेडी-टू-ईट फुड की व्यवस्था की जाती है। इसमें निर्माण की तिथि अंकित होती है। इससे खराब होने से पहले ही इसका उपयोग कर लिया जाता है।

    हादसे में बचे बालाराम सोनकर के परिवार के 4 बच्चों की पढाई का खर्च उठाएगी सरकारएक लाख रुपये फिक्स्ड डिपाजिट इस तरह कुल चार लाख रुपये चार बच्चों के लिए,…

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग एन.एस.यू.आई.शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दुर्ग एन.एस.यू.आई. संगठन के तत्वाधान में दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू के निर्देशानुसार शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा के नेतृत्व में आदरणीय बाबू जी मोती लाल वोरा का शोक श्रद्धाजंली अर्पित करते हुए आदरणीय बाबू जी के यादों में वर्षा काल के समय में 93 पौधे का वृक्षरोपण कर उनका सरंक्षण और अच्छी तरह से देखभाल करेंगे।
    आदरणीय स्व.श्री मोतीलाल वोरा एक बरगद वट की तरह थे दुर्ग और छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र जिन्होने देश के सेवा के लिए अपना पूरा जीवन दिया बाबू जी अमर रहें, उन्हें यादो की सहजने के लिए NSUI द्वारा रोपित पौधे हमेशा बाबू जी का याद दिलाते रहेंगे।
    आदरणीय बाबू जी का निधन समूचे राष्ट्र की क्षति है बाबू जी का जाना राजनीति के एक सदी का अंत है । बाबू जी मोती लाल वोरा जी का जाना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार के लिए एक अभिभावक के चले जाना जैसा है। जमीनी स्तर से राजनीति शुरू करके राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई और आजीवन एक समर्पित कांग्रेसी बने रहे है। बाबू जी का आशीर्वाद हमेशा हम सभी कार्यकर्ताओं को मिलता रहा हम सभी एन.एस.यू.आई शहर संगठन आपके बताए मार्ग पर चलेंगे यही आपकी सच्ची श्रद्धाजंली होगी बाबू जी की जगह कभी नहीं भरी जा सकेगा हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए एक पथ प्रदर्शक थे।
    एन.एस.यू.आई.दुर्ग शहर संगठन आदरणीय बाबू जी के निधन में गहरा शोक व्यक्त किए, ईश्वर उन्हे अपने श्री चरणों में स्थान दे और परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें यह जानकारी हितेश सिन्हा के दौरा दिया गया
    अच्छी भूमिका अच्छे लक्ष्य और अच्छे विचारो वालो लोगो में से एक श्री मोतीलाल वोरा आदरणीय बाबू जी को,हमेशा याद किया जाऐगां
    मन में भी शब्दों में भी...
    और जीवन में भी.....

    बेमेतरा / शौर्यपथ / युवा सेवा संघ बेमेतरा के अध्यक्ष सोनू साहू ने 25 दिसंबर को तुलसी पूजन एवं श्रीमद्भगवद्गीता जयंती मनाने का आह्वानसभी संस्कृतिप्रिय प्रदेश वासियों से किया और उन्होंने बताया  श्रीमद्भगवद्गीता व तुलसी पूजन की महिमा मैं गीता के आश्रय में रहता हूँ। गीता मेरा श्रेष्ठ घर है। गीता के ज्ञान का सहारा लेकर ही मैं तीनों लोकों का पालन करता हूँ। आपको बता दें कि 25 दिसम्बर से 1 जनवरी के दौरान शराब आदि नशीले पदार्थों का जमकर सेवन होता है, जिससे आत्महत्या जैसी घटनाएँ, युवाधन की तबाही एवं अवांछनीय कृत्य खूब होते हैं इसलिए देश में सुख, सौहार्द, शांति बढ़े व जन-समाज का जीवन स्वस्थ और मंगलमय हो इस उद्देश्य से हिन्दू संत आसारामजी बापू की प्रेरणा से वर्ष 2014 से 25 दिसम्बर को ‘तुलसी पूजन दिवस व श्रीमद्भगवद्गीता जयंती मनाना प्रारम्भ हुआ । इस पर्व को जनता ने भी खूब सराहा और इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस पर्व की लोकप्रियता विश्वस्तर पर देखी गयी। जिसमें युवा सेवा संघ बेमेतरा द्वारा कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा और उसके बाद कलेक्टोरेट, जनपद, आईटीआई, जिला पंचायत, न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नगर पालिका परिषद, थाना प्रभारी, पार्षद गण, एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को श्रीमद्भगवद्गीता और तुलसी मां के पौधे, कैलेंडर, साहित्य, टाफिया आदि वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नंदनी आश्रम के अध्यक्ष जगत साहू, डॉ तारेंद्र साहू, सोनू साहू, प्रदीप साहू, कन्हैया साहू, कुश कश्यप, मनोज साहू, अयोध्या यदु, यमन देवांगन, रोशन साहू,खोमलाल सिन्हा, सिद्धान्त चौहान, भगवती साहू, भुवन साहू, हेमलाल साहू, गणेश पटेल, रेवाराम पाल,महेश साहू, मुक्ता दीदी, सिन्हा दीदी, एवं सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    धमतरी / शौर्यपथ / क्रेडा द्वारा ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकारी एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा, जिससे छात्रों, अभिभावकों एवं नागरिकों में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता लाई जा सके। इसी तारतम्य में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बी.ई.ई.), भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय एवं क्रेडा, प्रधान कार्यालय रायपुर के निर्देशानुसार जिला स्तरीय ’’ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता‘‘ पर आधारित आॅनलाइन चित्रकारी एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
    सहायक अभियंता क्रेडा श्री कमल पुरेना ने बताया कि आयोजन को दो समूहों में विभाजित किया गया है। पहले समूह (ग्रुप ए) में कक्षा 5वीं से 8वीं के विद्यार्थी एवं दूसरे समूह (ग्रुप बी) में कक्षा 9वीं, से 12वीं के विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः पुरस्कार राशि चित्रकला में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को पांच हजार रूपए, द्वितीय तीन हजार तथा तृतीय दो हजार रूपए के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह स्लोगन में प्रथम आने वाले को तीन हजार रूपए, द्वितीय को दो हजार तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को एक हजार रूपए के साथ-साथ प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने ने नियम व शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता का विषय ‘‘ऊर्जा सरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता’’ होगा, जिसमें प्रतिभागी चित्रकारी या स्लोगन अथवा दोनों में भाग लेने हेतु पात्र होंगे। चित्रकारी प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छात्र-छात्राओं को ए-3/ए-4 आकार की शीट में प्रतियोगिता के विषय पर आधारित अपनी कल्पना को चित्रित करना अनिवार्य होगा। छात्र-छात्राओं को चित्रकला सामग्री जैसे पेंसिल, रंगीन पेंसिल, क्रेयाॅन, आॅयल पेस्टल्स अथवा पानी के रंगों का उपयोग करना होगा। शीट के अंत में छात्र-छात्राएँ अपना नाम, कक्षा, स्कूल का नाम लिखना होगा।
    स्लोगन प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रतियोगिता के विषय पर आधरित अधिकतम दो स्लोगन स्कैच पेन से लिखें एवं अंत में छात्र-छात्राएँ अपना नाम, कक्षा, स्कूल का नाम आवश्यक रूप से लिखना होगा। स्कूल स्तर पर आॅनलाइन (व्हाट्सएप/ईमेल से संकलन पद्धति) चित्रकारी एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित किया जाना है। स्कूल स्तर पर चयनित तीन सर्वश्रेष्ठ चित्रकारी एवं स्लोगन को जिला स्तर पर आॅनलाइन (व्हाट्सएप/ईमेल से संकलन पद्धति) माध्यम से संकलित करके प्रत्येक ग्रुप को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चित्रकारी एवं स्लोगन का चयन किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छात्र-छात्राओं को अपनी शालाओं के माध्यम से आगामी 31 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से अपने चित्रकारी या स्लोगन आॅनलाइन (व्हाट्सएप/ईमेल से संकलन पद्धति) माध्यम से अपने अध्ययनरत् शालाओं में जमा कराया जाना अनिवार्य होगा।
    तत्पश्चात् सभी शालाओं से तीन-तीन श्रेष्ठ संकलित चित्रकारी एवं स्लोगन का चयन किया जाएगा, जिनमें से दोनों ग्रुप हेतु क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय का चयन क्रेडा एवं शिक्षा विभाग की समिति द्वारा किया जाकर पुरस्कार वितरण एवं प्रमाण पत्र वितरण कराया जायेगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी अथवा अभिभावक कलेक्टोरेट के कम्पोजिस्ट बिल्डिंग स्थित क्रेडा कार्यालय अथवा अध्ययनरत शाला से संपर्क कर सकते हैं।

    गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष पर बापू और छत्तीसगढ़ पर केन्द्रित संगोष्ठी
    मुजगहन के साहित्य सदन में हुआ संपन्न

    धमतरी / शौर्यपथ / साहित्य सदन मुजगहन (धमतरी) में बापू और छत्तीसगढ़ गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर के निदेशक आशीष सिंह ठाकुर के निर्देशन, श्री प्रभात मिश्रा अखिल भारतीय साहित्य प्रदेश संयोजक के मार्गदर्शन एवं साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच के संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नी लाल साहू, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफे. सुरेश देशमुख एवं विशेष अतिथि धमतरी विधायक श्रीमती रंजना डिपेन्द्र साहू थे।
    कार्यक्रम के मुख्यअतिथि चुन्नीलाल साहू सांसद ने हरिठाकुर स्मारक संस्थान, साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन का आभार मानते हुए कहा-आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक दिन को भूलाया नहीं जा सकता। वीर नारायण सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने महासमुंद क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक घटनाओं को याद दिलाते हुए वीर सुरेन्द्र राय व लाल सिंह मांझी के शहादत को याद किया। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में छ.ग. के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कण्डेल नहर सत्याग्रह में यहां के क्रांतिकारियों के जोश भरने हेतु गांधी जी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-यहां के शहीदों को वह स्थान आज नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं।
    तमोरा और खरोरा के जंगल सत्याग्रह की घटनाओं को भी विस्तार से बताया। अहिंसा के पुजारी के रूप में यतियतन लाल के कार्यों को याद किया। कहा सभी राष्ट्रीय आन्दोलन जो छत्तीसगढ़ में हुए उसमें बापू के कारण यहां नया नेतृत्व मिला और बापू ने जोश भरने का काम किया। बापू का आर्शीवाद हमेशा छ.ग. को मिलता रहा।
    विशेष अतिथि श्रीमती रंजना साहू विधायक ने कहा-राष्ट्रीय एकता के धरातल पर सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। दे दी हमें आजादी तुने खडग बिना ढाल, साबरमती के संत तुने कर दिया कमाल। उन्होंने पूरे देश की एकता हेतु अपना जीवन लगा दिया। आगे कहा बीजेपी कभी गांधी जी का विरोध नहीं करती। जिन्होंने पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया उसकी आलोचना नहीं हो सकती। वे सदैव पूजनीय रहेंगे। उनकी स्मृति को नहीं भुलाया जा सकता। राष्ट्रपिता के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
    प्रोफे. सुरेश देशमुख ने गांधी जी को याद करने हेतु हरिठाकुर संस्थान और आशीष सिंह, प्रभात मिश्रा, डुमन लाल ध्रुव का आभार माना। उन्होंने गांधी जी के छत्तीसगढ़ प्रवास की घटनाओं को याद करते हुए कहा-किसानों द्वारा नहर सत्याग्रह हेतु एग्रीमेंट/दबाव के विवाद के समाधान हेतु गांधी जी के छत्तीसगढ़ आने एवं अंग्रेजों द्वारा आरोप लगाए गए पानी चोरी षड़यंत्र को विफल करने एवं 4304 रूपये जुर्माना लगाने को वापिस कराया गया। पं. सुन्दर लाल शर्मा, नारायण राव मेघावाले आदि के योगदान से किसानों पर लगाए जुर्माने को वापिस कराया गया। 20 दिसम्बर 1920 को रायपुर एवं 21 दिसम्बर 1920 को गांध्ी जी के आगमन से छत्तीसगढ़ और धमतरी गौरान्वित हुआ।
    संस्कृति विभाग के पुरातत्वविद् अशोक तिवारी ने गांधी जी के छत्तीसगढ़ आगमन के कारण राष्ट्रीय आन्दोलन में बहुत प्रभाव पड़ा। इससे छत्तीसगढ़ में अधिक जागृति आयी। उन्होंने गांधी जी के सत्य के साथ प्रयोग और गांधी जी के प्रभाव से यहां उत्साह का संचार हुआ। यूएसए के नेता भी गांधी जी से प्रभावित थे। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी और गौतम बुद्ध आधुनिक युग के देवता माने जा सकते हैं। गांधी जी का सबसे बड़ा हथियार सत्याग्रह था। जितना महत्व मार्टिन लूथर का यूएसए मेें था वैसा ही भारत में गांधी जी का प्रभाव था। गांधी जी हिन्दू होने के साथ-साथ सभी धर्मों को समान महत्व देने वाले व्यक्ति थे।
    रंगकर्मी आकाश गिरी गोस्वामी ने बापू के परिवेश में छोटेलाल श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप, पं. सुंदरलाल शर्मा आदि को याद करते हुए सभी के अमूल्य योगदान को संवाद के माध्यम से बताया। राष्ट्रीय आन्दोलन में इनके योगदान को कभी भूला नहीं जा सकता। पूरे देश को आपके किए प्रयास को अनुकरण करने की आवश्यकता है। वीर सेनानियों ने सत्य निष्ठा और शांति का जो प्रयास किया वह अविस्मरणीय है।
    इस अवसर पर महात्मा गांधी के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पं. सुन्दरलाल शर्मा परिवार से आशीष शर्मा, बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव परिवार से यतीन्द्र भूषण श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप परिवार से श्रीमती कविता बाबर को शाॅल, श्रीफल और गांधी जी की स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। तत्पश्चात् माननीय अतिथियों की उपस्थिति में चित्रकार श्री मनोहर दास द्वारा तैयार की गई पेंटिंग गांधी जी की जीवनी पर केन्द्रित का अनावरण किया गया।
    कार्यक्रम का सफल संचालन प्रभात मिश्रा रायपुर एवं आभार प्रदर्शन साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से साहित्यकार अरविंद मिश्रा, राकेश तिवारी, हीरालाल साहू, द्वारका प्रसाद तिवारी, मन्नम राना, चन्द्रशेखर साहू सरपंच, राजकुमार तिवारी, डाॅ. सरिता दोशी, डाॅ. हेमवती ठाकुर, डाॅ. आनन्द ठाकुर, विनोद जैन, जितेन्द्र प्रताप सिंह, चेतन हिन्दूजा, समृद्ध, अभिनन्यु, उपमन्यु, धनंजय त्रिपाठी, उमेश साहू सांसद प्रतिनिधि, कृष्णा मरकाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग, ओमप्रकाश नाग, हरिशंकर ध्रुव, मयंक ध्रुव, युवराज सोनकले मुख्य रूप से उपस्थित थे।

    जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाए गए छायाचित्र प्रदर्शनी को ग्रामीणों ने मुक्तकंठ से सराहा

    धमतरी / शौर्यपथ / जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाए गए छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी तो मिल ही रही है, वहीं निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक इत्यादि मिलने से ग्रामीण सहित स्कूल एवं काॅलेज में पढ़ने वाले बच्चे भी सामान्य ज्ञान से अवगत हो रहें हैं। उक्ताशय के उद्गार आज मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पाहंदा स्थित बाजार चैक प्रांगण में लगे छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए सरपंच श्री लोमस सिन्हा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर इस तरह की छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन काबिल-ए-तारीफ है। चूंकि यह प्रदर्शनी गांव के बाजार चैक में लगी है, तो इससे बाजार में आने-जाने वाले हर कोई अवलोकन कर इसका लाभ उठा रहा है। पंच श्रीमती विमला बाई ध्रुव ने छायाचित्र प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियांे को दर्शाते इस फोटो प्रदर्शनी से विभिन्न योजनाओं के संबंध में बहुत ही अच्छी जानकारी मिली। इस प्रदर्शनी का लाभ निश्चित ही हमारे गांव के लोगों को मिलेगा।
    इस अवसर पर ग्रामीण श्री गयाराम साहू ने कहा कि छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए जहां एक ओर प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है, वहीं लोगों का बेहतर प्रतिसाद भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बड़े ही उत्साहपूर्वक छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। श्रीमती कुमारी बाई देवांगन, श्रीमती खेमिन बाई, श्रीमती लक्ष्मी यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने भी मुक्तकंठ से छायाचित्र प्रदर्शनी को सराहा। गौरतलब है कि इस छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसमें राम वन गमन परिपथ, छत्तीसगढ़ी गढ़कलेवा, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य, सुपोषण अभियान, राजीव युवा मितान, आदिवासियों के लिए संचालित योजनाओं में दो वर्ष की प्रगति, एन.जी.जी.बी., पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयास और योजनाएं, वनोपज संग्रहण संबंधी प्रगति, डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, सार्वभौम पी.डी.एस., 23 नए तहसीलों के उदय इत्यादि संबंधी छायाचित्र आकर्षक तरीके से लगाया गया है। इसी तरह प्रदर्शनी स्थल पर निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक भी वितरित किए गए।

    दुर्ग / शौर्यपथ / भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जयंती पर भाजयुमो ने सुशासन दिवस रूप में मनाते हुए मूकबधिर शाला जाकर बच्चों…

    रायपुर / शौर्यपथ / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरसीवा क्षेत्र के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल परसतराई में कोविड-19 के टीकाकरण को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला में क्षेत्र के समस्त स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, आरएचओ महिला एवं पुरुष एएनएम सम्मिलित हुई । इस दौरान डॉ. विकास तिवारी द्वारा क्षेत्र में कोविड-19 टीकाकरण तैयारियों से टीम को अवगत कराया गया।
    कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.अनिल परसाई एएसओ दिलीप कुमार बंजारे बीएमओ एवं बीपीएम उपस्थित रहे । कोविड-19 वैक्सीनेशन की जानकारी प्रतिभागियों को पीपीटी के माध्यम से दी गई । जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ अनिल परसाई ने बताया,“कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी को लेकर भारत सरकार से प्राप्त गाइडलाइन के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।साथ ही वैक्सीनेशन कराने वाले स्थानपर मौजूद रहने वाले स्टाफ को वैक्सीनेशन रूम में पालन की जाने वाली गाइडलाइन के साथ-साथ ऑब्जरवेशन रूम में की जाने वाली गतिविधियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया और समस्त प्रतिभागियों की समझ को विकसित किया गया साथ ही समस्त गतिविधियों का आयोजन शारीरिक दूरी के साथ-साथ भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत किया गया ।
    उन्होंने कहा,“कोविड-19 टीकाकरण को लेकर विभाग की ओर से तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है। कोविड टीका के रखरखाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है। जिले में कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। जिला स्तर से लेकर विकासखण्ड स्तर तक टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। प्रथम चरण में निजी व सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण किया जाना है।
    डॉ अनिल परसाई एवं एएसओ दिलीप कुमार बंजारे ने प्रशिक्षण में आये प्रतिभागियों को आगामी 17 जनवरी से शुरु होने वाले पल्स पोलियो एवं 22 जनवरी से शुरु होने वाले शिशु संरक्षण माह की तैयारियों की जानकारी और दिशानिर्देशों के बारे में भी निर्देश दिए साथ ही 3 से 4 दिनों के भीतर माइक्रो प्लान तैयार कर विकासखंड स्तर से मुख्यालय भेजने को कहा गया है।
    जिले में सरकारी व निजी स्वास्थ्य कर्मियो का डाटा तैयार कर लिया गया है। इन सभी लोगों का डाटा कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इसी तरह से आईसीडीएस के करीब कर्मियों का डाटा बेस तैयार किया गया है। जिनका प्रथम चरण में टीकाकरण कार्य किया जाना है।
    कोविड वैक्सीनेशन जरूरी घटकों को विस्तार से रखते हुए टीकाकरण सत्र स्थल की स्थापना एवं संचालन, टीकाकरण सत्र के लिए आवश्यक कमरों का चयन,आवश्यक मानव संसाधन, वैक्सीन की सुरक्षा एवं कोल्ड चैन में प्रबंधन, टीकाकरण अपशिष्ट प्रबंधन, एईएफआई केसों में प्रबंधन सहित टीकाकरण के लिए मीडिया सहभागिता एवं प्रबंधन के संबंध में पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।

    रायपुर/शौर्यपथ / भाजपा के सत्याग्रह पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि किसान आंदोलन में शामिल किसानों को खालिस्तानी समर्थक टुकड़े-टुकड़े गैंग पाकिस्तान से फंडिंग लेने वाला और देशद्रोही बताने वाले भाजपा के नेता अब किसानों के नाम से सत्याग्रह की राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। पूर्व के रमन भाजपा की शासनकाल में छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ धोखा, छल, कपट, वादाखिलाफी हुआ। किसानों के जल, जंगल, जमीन पर कब्जा करने के लिए अनैतिक तरीके अपनाए गए थे। रमन सरकार ने किसानों से किए गए वादे को पूरा नहीं किया। किसानों को धान की कीमत 2100 रू. प्रति क्विंटल 300 रू. बोनस, 5 हॉर्स पावर तक का पम्प बिजली कनेक्शन मुफ्त में देने का वादा कर सरकार बनाने के बाद किसानों से वादाखिलाफी किया था। रमन भाजपा के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और किसान विरोधी नीतियों के चलते उस दौरान प्रतिदिन 4 किसान की आत्महत्या करने की दुखद घटना होती थी। किसानों को उनकी उपज का सही कीमत नहीं मिलता था। खेती के लिए पानी मांगने वाले किसानों के ऊपर रमन सिंह की सरकार लाठियां बरसाती रही है। कांग्रेस शासनकाल में किसानों के लिए बनाए गए जलाशय के पानी को उद्योगपतियों को बेचने काम रमन भाजपा के सरकार में हुआ था। बीते 7 साल में नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसानों से किए वादों को पूरा नहीं किया। किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50 प्रतिशत प्रॉफिट देने का वादा किया गया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ है और बल्कि रसायनिक खादों और डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया गया है। 3 नए कृषि कानून लाकर किसानों, मजदूरों और आम जनता को चंद पूंजीपतियों के गुलाम बनाने की साजिश रखी गई है जिसके खिलाफ देशभर के किसान आंदोलनरत है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता किस मुंह से किसानों की बात करते है, जब मोदी रमन दोनों की सरकार ने किसानों के साथ धोखाधड़ी किया है। असल मायने में भाजपा के नेता किसानों के लिए सत्याग्रह नहीं कर रहे हैं बल्कि अडानी, अंबानी जैसे पूंजीपतियों के समर्थन में सत्याग्रह कर रहे हैं। देश में बैठी सरकार अडानी, अंबानी जैसे चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है, जिसके खिलाफ देशभर में आवाज उठ रही है। ऐसे में किसान आंदोलन से जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा सत्याग्रह की राजनीतिक नौटंकी कर रही है। भाजपा के सत्याग्रह में किसान नजर नहीं आए बल्कि 15 साल में कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार की काली कमाई से खरीदी गई चमचमाती कारो में सूट-बूट पहनकर भाजपा नेता ही पहुंचे। लेकिन किसान नजर नहीं आए। इससे स्पष्ट हो गया है इसके पहले भी भाजपा के द्वारा चलाए गए खेत सत्याग्रह और भात पर बात कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के किसानों ने ठेंगा दिखा दिया।पूरी तरीके से भाजपा का सत्याग्रह आज भी विफल रहा है।

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