September 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / आंदोलनकारी किसान संगठन शुक्रवार को बैठक कर केंद्र के पत्र पर बातचीत कर सकते हैं. वहीं आज दिल्ली में एक रैली को संबोधित करते हुए…
    सेहत /शौर्यपथ /कोरोना वायरस महामारी के दौरान अगर किसी को मौसम के बदलाव के कारण भी खांसी-जुकाम जैसी समस्या हो रही है, तो उसके मन…
    खाना खजाना / शौर्यपथ /आयुर्वेद में हल्दी सबसे अच्छी औषधि है। यह पूरे स्वास्थ्य को ठीक रखती है। हल्दी तीखी,कसैली और गर्म तासीर वाली होती…
    खाना खजाना /शौर्यपथ /सोया चाप प्रोटीन का अच्छा ऑप्शन है. वहीं, वेजिटेरियन लोगों के लिए यह नॉनवेज से कम नहीं है। चाप को कई तरह…
    धर्म संसार /शौर्यपथ / मार्गशीर्ष मास में शुक्लपक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। ऐसा कहाजाता है कि इस दिन ही…
    शिक्षा /शौर्यपथ / विदुर नीति में विदुर जी के विचारों को बताया गया है। विदुर जी को बुद्धिजीवी मानते हैं। इसलिए आज भी लोग उनके…

    खेल /शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर (बॉक्सिंग डे) से चार मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर खेला जाना है। इस मैच से एक दिन पहले ही टीम इंडिया ने अपने प्लेइंग XI का ऐलान कर दिया है। टीम इंडिया की ओर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेलेंगे। एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। मैच की दूसरी पारी में टीम इंडिया महज 36 रन ही बना सकी थी, जिसके बाद से पृथ्वी शॉ और ऋद्धिमान साहा का प्लेइंग इलेवन से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा था, इसके अलावा कप्तान विराट कोहली पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट गए हैं और वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चोट के चलते सीरीज के बचे हुए मैचों से बाहर हो चुके हैं। चलिए एक नजर डालते हैं टीम इंडिया के प्लेइंग XI की पांच अहम बातों पर-
    1- सलामी बल्लेबाज के तौर पर शुभमन करेंगे टेस्ट डेब्यूः पिछले कुछ समय से शुभमन गिल टेस्ट टीम का हिस्सा तो बने हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका नहीं मिला था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शुभमन का रिकॉर्ड शानदार है, उन्होंने 23 मैचों की 38 पारियों में 68.78 की औसत से कुल 2270 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 268 है, जबकि उनके बल्ले से 7 सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी निकल चुकी हैं। शुभमन वनडे इंटरनैशनल में डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें डेब्यू टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला था। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में पृथ्वी शॉ 0 और 4 रन बनाकर आउट हुए। शॉ पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म में चल रहे हैं और ऐसे में गिल को टीम में जगह मिली।
    2- मोहम्मद सिराज के लिए खास होगा टेस्ट डेब्यूः ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए सिराज के पिता का निधन हुआ, लेकिन वह स्वदेश नहीं लौटे। सिराज के पिता का सपना था कि वह टीम इंडिया के लिए खेलें और टीम को जीत दिलाएं। सिराज अपने पिता के इस सपने को पूरा करना चाहते हैं और यही वजह है कि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे से स्वदेश नहीं लौटे। सिराज ने बॉर्डर-गावस्कर सीरीज से पहले दो प्रैक्टिस मैच भी खेले और इस दौरान कुल पांच विकेट लिए। सिराज ने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया और यही वजह है कि चोटिल शमी की जगह उन्हें नवदीप सैनी पर तरजीह दी गई।
    3- ऋषभ पंत के लिए होगी अग्नि-परीक्षाः पंत ने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सेंचुरी भी जड़ी है, लेकिन इसके बाद वह वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड में बुरी तरह फेल हुए। इसके अलावा पंत का फॉर्म लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भी हिला हुआ नजर आया, जिसके चलते उन्हें प्लेइंग XI से बाहर किया गया। पंत ने इस टेस्ट सीरीज से पहले प्रैक्टिस मैच में सेंचुरी ठोकी थी। वहीं साहा पहले टेस्ट की दोनों पारियों में फेल हुए, जिसके चलते उन्हें बेंच पर वापस जाना पड़ा और पंत को टीम में जगह मिली। हालांकि पंत के लिए यह किसी अग्नि-परीक्षा से कम नहीं होगा।
    4- पांच गेंदबाजों के साथ उतरेगा भारतः रविंद्र जडेजा की प्लेइंग XI में वापसी हुई है, जिसके साथ ही टीम इंडिया इस मैच में पांच गेंदबाजों के साथ उतरेगा। पिछले मैच में आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव के रूप में चार ही स्पेशलिस्ट गेंदबाज थे। जडेजा की वापसी से टीम इंडिया की बल्लेबाजी में भी गहराई आएगी और गेंदबाजी को तो मजबूती मिलेगी ही। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर जडेजा टीम इंडिया के लिए एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं।
    5- केएल राहुल को फिर नहीं मिला मौकाः राहुल को एक बार फिर प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली है। ऐसा माना जा रहा था कि राहुल की टीम में वापसी होगी। विराट कोहली की जगह उन्हें टीम में शामिल किया जाएगा, जबकि हनुमा विहारी की जगह रविंद्र जडेजा को मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जडेजा को विराट की जगह टीम में जगह मिली, जबकि हनुमा विहारी टीम में टिके हुए हैं। केएल राहुल ने 36 टेस्ट मैचों में 34.58 की औसत से 2006 रन बनाए हैं। इसमें 5 सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी शामिल हैं। राहुल ने अपना आखिरी टेस्ट अगस्त 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।

    आन्दोलन में छत्तीसगढ़ को बापू के कारण नया नेतृत्व मिला-चुन्नी लाल साहू

    राजशेखर नायर/धमतरी ब्यूरो/दैनिक शौर्य पथ समाचार


    गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष पर बापू और छत्तीसगढ़ पर केन्द्रित संगोष्ठी
    मुजगहन के साहित्य सदन में हुआ संपन्न
    राष्ट्रीय आन्दोलन में छत्तीसगढ़ को बापू के कारण नया नेतृत्व मिला-चुन्नी लाल साहू
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    साहित्य सदन मुजगहन (धमतरी) में बापू और छत्तीसगढ़ गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर के निदेशक आशीष सिंह ठाकुर के निर्देशन, श्री प्रभात मिश्रा अखिल भारतीय साहित्य प्रदेश संयोजक के मार्गदर्शन एवं साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच के संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री चुन्नी लाल साहू, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफे. सुरेश देशमुख एवं विशेष अतिथि धमतरी विधायक श्रीमती रंजना डिपेन्द्र साहू थे।
    कार्यक्रम के मुख्यअतिथि श्री चुन्नीलाल साहू सांसद ने हरिठाकुर स्मारक संस्थान, साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन का आभार मानते हुए कहा-आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक दिन को भूलाया नहीं जा सकता। वीर नारायण सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने महासमुंद क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक घटनाओं को याद दिलाते हुए वीर सुरेन्द्र राय व लाल सिंह मांझी के शहादत को याद किया। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में छ.ग. के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कण्डेल नहर सत्याग्रह में यहां के क्रांतिकारियों के जोश भरने हेतु गांधी जी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-यहां के शहीदों को वह स्थान आज नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं।
    तमोरा और खरोरा के जंगल सत्याग्रह की घटनाओं को भी विस्तार से बताया। अहिंसा के पुजारी के रूप में यतियतन लाल के कार्यों को याद किया। कहा सभी राष्ट्रीय आन्दोलन जो छत्तीसगढ़ में हुए उसमें बापू के कारण यहां नया नेतृत्व मिला और बापू ने जोश भरने का काम किया। बापू का आर्शीवाद हमेशा छ.ग. को मिलता रहा।
    विशेष अतिथि श्रीमती रंजना साहू विधायक ने कहा-राष्ट्रीय एकता के धरातल पर सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। दे दी हमें आजादी तुने खडग बिना ढाल, साबरमती के संत तुने कर दिया कमाल। उन्होंने पूरे देश की एकता हेतु अपना जीवन लगा दिया। आगे कहा बीजेपी कभी गांधी जी का विरोध नहीं करती। जिन्होंने पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया उसकी आलोचना नहीं हो सकती। वे सदैव पूजनीय रहेंगे। उनकी स्मृति को नहीं भुलाया जा सकता। राष्ट्रपिता के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
    प्रोफे. सुरेश देशमुख ने गांधी जी को याद करने हेतु हरिठाकुर संस्थान और आशीष सिंह, प्रभात मिश्रा, डुमन लाल ध्रुव का आभार माना। उन्होंने गांधी जी के छत्तीसगढ़ प्रवास की घटनाओं को याद करते हुए कहा-किसानों द्वारा नहर सत्याग्रह हेतु एग्रीमेंट/दबाव के विवाद के समाधान हेतु गांधी जी के छत्तीसगढ़ आने एवं अंग्रेजों द्वारा आरोप लगाए गए पानी चोरी षड़यंत्र को विफल करने एवं 4304 रूपये जुर्माना लगाने को वापिस कराया गया। पं. सुन्दर लाल शर्मा, नारायण राव मेघावाले आदि के योगदान से किसानों पर लगाए जुर्माने को वापिस कराया गया। 20 दिसम्बर 1920 को रायपुर एवं 21 दिसम्बर 1920 को गांध्ी जी के आगमन से छत्तीसगढ़ और धमतरी गौरान्वित हुआ।
    संस्कृति विभाग के पुरातत्वविद् श्री अशोक तिवारी ने गांधी जी के छत्तीसगढ़ आगमन के कारण राष्ट्रीय आन्दोलन में बहुत प्रभाव पड़ा। इससे छत्तीसगढ़ में अधिक जागृति आयी। उन्होंने गांधी जी के सत्य के साथ प्रयोग और गांधी जी के प्रभाव से यहां उत्साह का संचार हुआ। यूएसए के नेता भी गांधी जी से प्रभावित थे। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी और गौतम बुद्ध आधुनिक युग के देवता माने जा सकते हैं। गांधी जी का सबसे बड़ा हथियार सत्याग्रह था। जितना महत्व मार्टिन लूथर का यूएसए मेें था वैसा ही भारत में गांधी जी का प्रभाव था। गांधी जी हिन्दू होने के साथ-साथ सभी धर्मों को समान महत्व देने वाले व्यक्ति थे।
    रंगकर्मी आकाश गिरी गोस्वामी ने बापू के परिवेश में छोटेलाल श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप, पं. सुंदरलाल शर्मा आदि को याद करते हुए सभी के अमूल्य योगदान को संवाद के माध्यम से बताया। राष्ट्रीय आन्दोलन में इनके योगदान को कभी भूला नहीं जा सकता। पूरे देश को आपके किए प्रयास को अनुकरण करने की आवश्यकता है। वीर सेनानियों ने सत्य निष्ठा और शांति का जो प्रयास किया वह अविस्मरणीय है।
    इस अवसर पर महात्मा गांधी के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पं. सुन्दरलाल शर्मा परिवार से आशीष शर्मा, बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव परिवार से श्री यतीन्द्र भूषण श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप परिवार से श्रीमती कविता बाबर को शाॅल, श्रीफल और गांधी जी की स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
    तत्पश्चात् माननीय अतिथियों की उपस्थिति में चित्रकार श्री मनोहर दास द्वारा तैयार की गई पेंटिंग गांधी जी की जीवनी पर केन्द्रित का अनावरण किया गया।
    कार्यक्रम का सफल संचालन श्री प्रभात मिश्रा रायपुर एवं आभार प्रदर्शन साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से साहित्यकार श्री अरविंद मिश्रा, श्री राकेश तिवारी, श्री हीरालाल साहू, द्वारका प्रसाद तिवारी, मन्नम राना, श्री चन्द्रशेखर साहू सरपंच, राजकुमार तिवारी, डाॅ. सरिता दोशी, डाॅ. हेमवती ठाकुर, डाॅ. आनन्द ठाकुर, विनोद जैन, जितेन्द्र प्रताप सिंह, चेतन हिन्दूजा, समृद्ध, अभिनन्यु, उपमन्यु, धनंजय त्रिपाठी, उमेश साहू सांसद प्रतिनिधि, श्री कृष्णा मरकाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग, ओमप्रकाश नाग, हरिशंकर ध्रुव, मयंक ध्रुव, युवराज सोनकले मुख्य रूप से उपस्थित थे।

    राजशेखर नायर/धमतरी ब्यूरो /
    दैनिक शौर्य पथ समाचार

    जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाए गए छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी तो मिल ही रही है, वहीं निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक इत्यादि मिलने से ग्रामीण सहित स्कूल एवं काॅलेज में पढ़ने वाले बच्चे भी सामान्य ज्ञान से अवगत हो रहें हैं। उक्ताशय के उद्गार आज मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पाहंदा स्थित बाजार चैक प्रांगण में लगे छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए सरपंच श्री लोमस सिन्हा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर इस तरह की छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन काबिल-ए-तारीफ है। चूंकि यह प्रदर्शनी गांव के बाजार चैक में लगी है, तो इससे बाजार में आने-जाने वाले हर कोई अवलोकन कर इसका लाभ उठा रहा है। पंच श्रीमती विमला बाई ध्रुव ने छायाचित्र प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियांे को दर्शाते इस फोटो प्रदर्शनी से विभिन्न योजनाओं के संबंध में बहुत ही अच्छी जानकारी मिली। इस प्रदर्शनी का लाभ निश्चित ही हमारे गांव के लोगों को मिलेगा।
    इस अवसर पर ग्रामीण श्री गयाराम साहू ने कहा कि छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए जहां एक ओर प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है, वहीं लोगों का बेहतर प्रतिसाद भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बड़े ही उत्साहपूर्वक छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। श्रीमती कुमारी बाई देवांगन, श्रीमती खेमिन बाई, श्रीमती लक्ष्मी यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने भी मुक्तकंठ से छायाचित्र प्रदर्शनी को सराहा। गौरतलब है कि इस छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसमें राम वन गमन परिपथ, छत्तीसगढ़ी गढ़कलेवा, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य, सुपोषण अभियान, राजीव युवा मितान, आदिवासियों के लिए संचालित योजनाओं में दो वर्ष की प्रगति, एन.जी.जी.बी., पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयास और योजनाएं, वनोपज संग्रहण संबंधी प्रगति, डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, सार्वभौम पी.डी.एस., 23 नए तहसीलों के उदय इत्यादि संबंधी छायाचित्र आकर्षक तरीके से लगाया गया है। इसी तरह प्रदर्शनी स्थल पर निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक भी वितरित किए गए।

    दुर्ग/ कुम्हारी( शौर्यपथ) / कैवल्य पार्क में अरबिंदो चटर्जी दंपत्ति के साथ रुपयों के लेनदेन को लेकर अपने साथियों संग घर मे घुसकर मारपीट करने वाली मुख्य आरोपी पूजा सरकार…

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