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बिलासपुर / शौर्यपथ / उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी विकासखंड तखतपुर ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 330296 के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स सेवा सहकारी समिति, कुवां वि.खं. तखतपुर जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स सेवा सहकारी समिति कुवां विकासखंड तखतपुर का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 2628/682 वैधता दिनांक 25 मार्च 2021 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
इसी प्रकार उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक विकासखंड बिल्हा के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स बीज उत्पादक सहकारी समिति, हरदी विकासखंड बिल्हा ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 1108379 जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26 ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स बीज उत्पादक सहकारी समिति हरदी विकासखंड बिल्हा का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 2938/938 वैधता दिनांक 10 मई 2021 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
इसी प्रकार उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी तखतपुर के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स अंसारी खाद भंडार मेन रोड तखतपुर, वि.खं. तखतपुर ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 324483 जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स अंसारी खाद भंडार मेनरोड तखतपुर विकासखंड तखतपुर का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 718/53 वैधता दिनांक 9 अप्रैल 2025 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जाति प्रमाण-पत्र जारी करने तथा निरस्त करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में जनजातीय समुदाय के हित में भू-राजस्व की धाराओं में संशोधन करने के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सलाहकार परिषद की उप समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। अचानकमार टाईगर रिजर्व में तीन ग्रामों तिलईडबरी, बिरारपानी, छिरहट्टा के विस्थापन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रत्येक विस्थापित परिवार को 10 लाख रूपए अथवा दो हेक्टेयर भूमि एवं 5000 वर्गफीट की बाड़ी, साथ ही पेयजल सहित सड़क की सुविधाएं के अलावा परिवार की सहमति से उपयुक्त स्थान पर जमीन भी दी जाएगी। इसी प्रकार क्षेत्र के कुल 19 गांवों के विस्थापन के लिए सहमति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद् की बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल को भेजे जाने वाले प्रतिवेदन का अनुमोदन किया गया।
मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की चर्चा में कहा कि वन क्षेत्रों में आरेंज क्षेत्रों का सर्वे कर राजस्व अभिलेखों को दुरूस्त कर लिया जाए। गांवों में राजस्व संबंधी दिक्कतों के निराकरण के लिए सभी अनुसूचित क्षेत्रों में बंदोबस्त त्रुटि सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत गांवों में शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र में व्यक्तिगत पट्टे और सामुदायिक पट्टे भी दिए जा रहे हैं। मुुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधि पात्र व्यक्तियों के आवेदन लेने के साथ इसे ग्राम सभा से पारित कर उन्हें वन भूमि का पट्टा देने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ साल में सरकार द्वारा 40 हजार से अधिक व्यक्तिगत/सामुदायिक पट्टों का वितरण किया गया है। बस्तर से सरगुजा तक उन्होंने स्वयं बैठक लेकर इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सलाहकार परिषद के सदस्यों को मसाहती ग्रामों के संबंध में अपने सुझाव विभागीय मंत्री और सचिव को भेजने कहा। बैठक में राजस्व, वन और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर इन मामलों के सबंध में निर्णय लिए जाए। सलाहकार परिषद की बैठक में सदस्यों द्वारा देश में पहली बार नगरीय क्षेत्रों में वन अधिकार पत्र प्रदान करने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
बैठक में बताया गया कि जिला मुख्यालयों में स्थित छात्रावासों में स्वीकृत सीट से अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होते है। इच्छुक विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश के लिए शैक्षणिक सत्र 2020-21 से 21 नवीन छात्रावासों में 14 हजार 750 सीट की स्वीकृति दी गई है। विभाग द्वारा 161 आश्रम-छात्रावास भवन निर्माण की वित्तीय प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने परिषद् के सदस्यों से पुराने जर्जर छात्रावास एवं दर्ज संख्या के अनुसार अपर्याप्त क्षमता के भवनों के प्रस्ताव भी विभाग को भेजने कहा। जनजाति सलाहकार परिषद में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधि को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने पर सहमति प्रदान की गई। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृति दिए जाने के लिए आय सीमा बढ़ाने के संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखा गया है। परिषद् के सदस्यों की मंशानुसार उन्हें अनुरोध पत्र भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय की बेहतरी के लिए पिछले डेढ़ साल में अनेक निर्णय लिए गए हैं। आदिवासी समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की दिशा में नवाचारी पहल की शुरूआत की गई है। वनांचल क्षेत्रों में एनीमिया और कुपोषण को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई। इसके बेहतर परिणाम मिले है। कोरोना संकट काल में भी कुपोषित बच्चों की संख्या में 13 प्रतिशत की कमी आयी। यह एक बड़ी उपलब्धि है। गांवों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिीनिक योजना शुरू की गई इससे लोगों तक सीधे स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। बस्तर अंचल में मलेरिया मुक्ति के लिए भी अभियान चलाया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शहर के रेल्वे स्टेशन मार्ग में स्थित समाज सेवी संस्था के श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन नि:शुल्क कोविड-19 सेन्टर का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने वहां की व्यवस्थाओं को देखकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के इस कठिन दौर में सामाजिक संस्था द्वारा की जा रही यह पहल प्रशंसनीय है। उन्होंने कोविड-19 सेन्टर में मरीजों के लिए बेड, मोबाईल चार्जिंग, पेयजल आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भवन को लगातार सेनेटाईज करते रहें। मरीजों की लिए डॉक्टर की टीम रखने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी को दिए। उन्होंने प्रोटोकॉल का पालान करते हुए कार्य करने को कहा। ताकि स्वयं को संक्रमित होने से बचाया जा सके।
जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए समाजसेवी संस्था द्वारा श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन को मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया है। यहां मरीजों के रहने, खाने, पेयजल की सुविधा पूर्णत: नि:शुल्क रहेगी। यहां इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को नाश्ता, भोजन की व्यवस्था सिख समाज गुरूद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा द्वारा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे, तहसीलदार श्री रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल प्रमुख संजय भाई भोजाणी, श्री लोहाणा महाजन अध्यक्ष नाथाभाई रायचा, समाज के सेवाभावी सदस्य, ट्रस्ट मंडल से सुरेशभाई कोटक, हसमुखभाई रायचा, गिरीश भाई रायचा तथा वरिष्ठ सदस्य गिरीश भाई ठक्कर, नवयुवक मंडल से अध्यक्ष मनीष भाई साहिता सहित अन्य सदस्य शैलेष भाई गणात्रा, तरुण भाई आड़तिया, विक्की भाई रायचा, राम भाई ठक्कर व दर्पण भाई बुद्धदेव उपस्थित थे।
अब नाक बचाने के लिए भाजपा के नेता कर रहे हैं राजनीति
अगर किसानों को पैसा नहीं दे सकती मोदी सरकार तो न दे, कम से कम धोखा तो न दे
रमन सिंह और कौशिक 25 लाख किसानों को दें जवाब
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ एक और धोखाधड़ी कर रही है। छह हज़ार रुपए प्रति वर्ष मिलने वाली किसान सम्मान निधि की पहली किस्त तो 27 लाख किसानों को दी गई लेकिन अब इस सूची में सिफऱ् दो लाख किसान बचे हैं। उन्होंने कहा है कि पंजीकरण के नाम पर केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के नाम काट रही है और भाजपा के राज्य के नेता इस पर राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की किस्त क्यों नहीं दे रही है? उन्होंने कहा है कि जिन किसानों को पहली किस्त दे दी गई उन्हें शेष किस्तें भी मिलनी चाहिए लेकिन किसानों के साथ ठगी की आदी हो चुकी मोदी सरकार किसानों को बार बार पंजीयन कराने पर मजबूर कर रही है और इसी में खामियां निकालकर किसानों की संख्या घटाई जा रही है। प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी जी ने किसानों को आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन अब पांच सौ रुपए महीने भी देने में चालबाज़ी कर रहे हैं। ठीक उसी तरह रमन सिंह ने प्रदेश के किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य के नाम पर भ्रम जाल में फंसाया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा का चरित्र में ही है धोखेबाजी करना। मोदी सरकार किसानों के साथ ही नहीं बल्कि देश के बेरोजगार युवाओं, मजदूरों, गृहणियों, व्यापारियों, छात्रों के साथ भी दगाबाजी छल धोखा कर रही है।मोदी भाजपा ने किसानों से केंद्र में सरकार बनने पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना धान का समर्थन मूल्य देने का वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ। सस्ती रासायनिक खाद सस्ती डीजल पेट्रोल सहित किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का सपना दिखाकर मोदी भाजपा की सरकार ने सस्ती डीजल को महंगे दरों पर और रासायनिक खादों की कीमत बेतहाशा वृद्धि कर किसानों को लूट रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते रमन सिंह ने भी किसानों के साथ 15 साल तक धोखाघड़ी किया। रमन सिंह सरकार के धोखा बाजी छल से व्यथित किसान परेशान होकर आत्महत्या करने मजबूर थे। उस दौरान रोज 4 किसान आत्महत्या करते थे, बेरोजगार युवा आत्महत्या करते थे। रमन सिंह ने किसानों का धान 2100 किविंटल की कीमत पर खरीदने और 300 रु बोनस देने का वादा कर वादा पूरा नहीं किया। आदिवासी परिवारों को 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय एवं उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा कर धोखा दिया। छत्तीसगढ़ के युवाओं के रोजगार को आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेचा गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि असल मायने में मोदी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने नहीं बल्कि उन को कमजोर करने की नियत से काम कर रही है।छत्तीसगढ़ में किसानों के धान को ?2500 क्विंटल के दर पर खरीदने पर भी अड़ंगा मोदी भाजपा की सरकार ने लगया था। अब छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि नहीं देकर मोदी भाजपा किसानों के साथ धोखा कर रही है प्रधानमंत्री मजदूर गरीब कल्याण योजना से भी छत्तीसगढ़ को बाहर रखा गया है और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह इस पर मौन है।
दुर्ग / शौर्यपथ / शंकराचार्य होस्पिटल को कोविद होस्पिटल की अनुमति तो मिल गयी किन्तु हॉस्पिटल की अव्यवस्था के किस्से आये दिन समाचारों के माध्यम से प्रकाशित हो रहे है . . होस्पिटल में ओक्सिजन की कमी से एक मरीज की तडफ़ते हुए मौत को गले लगाने के बाद भी ना तो हॉस्पिटल प्रबंधन की नींद खुली और ना ही शासन की . मरीज की मौत के बाद भले ही प्रशासन लीपापोती में लग गया , अस्पताल प्रबंधन लिपा पोती में लग गया किन्तु किसी की भी गलती हो लापरवाही हो एक इंसान तो इस दुनिया से इलाज के अभाव में परलोक पहुँच गया . और शहर के जनप्रतिनिधि जो नाली के उद्घाटन पर भी बड़ी बड़ी बात विकास की कहते है एक शब्द भी नहीं बोले , प्रशासनिक अधिकारी जो एक जऱा सी चुक मरीज से या परिजन से हो जाए तो अपनी क़ानूनी बाते का ऐसा रौब झाड़ते है कि दुनिया के सबसे शक्ति शाली वही है किन्तु किसी की लापरवाही से एक मरीज की जान चली गयी और जाँच की बात करते नजर आ रहे है .
इसी शंकराचार्य हॉस्पिटल में मृत व्यक्तियों की अदला बदली हो गयी और परिजन अपने प्रिय जन को विदा भी नहीं कर पाए और ना ही अंतिम दर्शन कर पाए इतनी बड़ी चुक के बाद भी प्रबंधन और प्रशासन जाँच की बात करता रहा जाँच होगी और कैसे होगी ये जग विदित है अगर विभाग ये जिम्मेदारी सही थांग से निभा ले तो बहुत बड़ी बात क्योकि इसी शहर में यही अधिकारी है जो सालो से सीना ठोक कर अवैध रूप से निजी नर्सिंग होम का सञ्चालन कर रहे है पर आज पर्यंत तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर सका तो वर्तमान में तो कोरोना आपदा और व्यताता का ऐसा पाठ पढ़ायेगा कि फरियादी की फ़रियाद कचरे के डिब्बे में कब चली जायेगी पता भी नहीं चलेगा .
शंकराचार्य हॉस्पिटल कहने को तो मेडिकल कॉलेज है किन्तु कोरोना आपदा में इस कालेज की व्यवस्था की पोल खुल गयी , प्रशासन का आइना दिख गया पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही लापरवाही के बाद अब एक नया मामला फिर सामने आ गया .
मामला है एक महिला की मौत का . महिला के बेटे ने एक पत्र जारी कर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार के लिए शासन को ललकार लगा दी है . लीला बाई बसोड् जिनकी तबियत खराब होते उसके बेटे को इलाज के दौरान कोरोना पाजि़टिव बताकर शंकराचार्य में भर्ती करवाया भारती करवाने के बाद ही शुरू हुई महिला की नारकीय जिन्दगी . महिला के बेटे के अनुसार उसकी माँ से न बात करवाईं न खाना दिया न पानी दिया, बेटे ने बताया कि मेरी मां से मंगलवार 2/9/ 2020 को रात 8 बजे , बात हुई जो बगल वाले मरीज न करवाईं, मां से कहा मैं कल आऊंगा, मैं 3/9/ दिन बुधवार को वहां पर अनिस सर से दिन भर कहता रहा कि मेरी मां से बात करा दो, लेकिन किसी ने नहीं सुनी मेरी दिन भर बात नहीं होने के कारण मेरी मां सदमे में आ गयी और वो परलोक सिधार गई। बेटे मुकुंद ने बताया कि मुझे मां से बात करने के लिए एक नम्बर दिया गया था 6260221616 इस नंबर नम्बर को मुकुंद के द्वारा दिनभर लगाया जाता रहा लेकिन किसी ने कोई जानकारी नहीं दी और रात 1 बजे मेरी मां की मरने की ख़बर दिया . मुकुंद ने आरोप लगाया कि उसकी माँ की मौत एक साजिश के तहत हुई जिसका आडीयो वाईस रिकार्डिंग मेरे पास है . वहां किसको जाने नहीं देते , और सही ढंग से देख देख नहीं होती मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है, मेरी मां के मौत, हिसाब प्रबंधन को देना होगा।
मुकुंद बसोड ने प्रशासन पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि माँ की मौत के बाद उनके जेवर जो वो पहनी हुई थी वो भी नहीं मिले इस बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है . लगातार 3 दिनों की पीड़ादायक स्थिति के बाद मंगलवार 2 सितम्बर की देर रात को श्रीमती बंसोड की मृत्यु की उसके परिजन को दे दी गयी इस तरह अनियमितता की भेंट एक 80 वर्षीया महिला मौत के आगोश में समा गयी.
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि जिले के कोविड-19 अस्पताल व आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों का स्वास्थ्य देखने डॉक्टर दिन में एक बार अवश्य जाएॅ। भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य आदि के संबंध में जानकारी लें। कलेक्टर महोबे आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अस्पताल और आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने कहा कि भर्ती मरीजों का भोजन गुणवत्तापूर्ण हो। भोजन की गुणवत्ता में कहीं कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। कोविड-19 अस्पताल तथा आइसोलेशन सेंटर में शौचालय की साफ सफाई, शुद्ध पानी, रनिंग वॉटर निकासी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित हो।
कलेक्टर ने कहा कि लक्षणयुक्त व्यक्तियों जिनमें सर्दी, खंासी, बुखार के लक्षण हो, उनका कोरोना जॉच अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों से टेलीफोन या वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जनजागरूकता हेतु प्रचार-प्रसार किया जाए। कलेक्टर ने कंट्रोल रूम की स्थापना कर वहॉ चैबीसों घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम चैबीसो घंटे चालू रहे। उन्होंने बताया कि दल्लीराजहरा, डौण्डी और गुण्डरदेही में शीघ्र ही आइसोलेशन सेंटर शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कोविड-19 अस्पताल तथा आइसोलेशन सेंटर में मरीजों को काढ़ा पिलाए जाने की जानकारी भी ली। बैठक में अपर कलेक्टर ए.के.बाजपेयी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल.रात्रे, सिविल सर्जन डॉ. देवदास सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थे।
0 ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित करने की मिल रही है धमकी पालक संघ ने की अपराध दर्ज करने की मांग
0 पालकों को देख प्राचार्य ने स्कूल में लगवाया ताला
0 बच्चों का पिछले साल का रिजल्ट रोका प्रबन्धन ने
दुर्ग / शौर्यपथ / फीस के मामले को लेकर आज राजधानी में छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के नेतृत्व में सैकड़ो पालकों ने बाल संरक्षण आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करवाकर कार्यवाही की मांग की। इस मौके पर आयोग अध्यक्ष प्रभा दुबे ने पालक संघ को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पूर्व पालकों ने एक स्कूल में जाकर फीस को लेकर दी जा रही धमकी का विरोध किया। यहां पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
कोरोना काल मे स्कूल फीस को लेकर पालकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्कूल संचालकों के अल्टीमेटम के बाद तो पालक और भी गुस्साए हुए हैं। अनेक स्कूलों में तो बच्चों के अभिभावकों को मैसेज भेजकर फीस नहीं जमा करने पर टी सी देने तक की चेतावनी दी जा रही है। इससे गुस्साए लोग सबसे पहले जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर के कार्यालय पहुंचे, मगर वे नहीं मिले। अपनी रणनीति के तहत सभी अभिभावक छात्र-पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नज़रुल खान की अगुवाई में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के कार्यालय भी गए। यहां अध्यक्ष प्रभा दुबे को ज्ञापन सौंपते हुए पालकों ने बताया कि स्कूल संचालकों ने अखबारों और न्यूज़ पोर्टल में विज्ञापन छपवा कर फीस पटाने के लिए दबाव बनाया, साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि अगर फीस नहीं जमा किया तो उनके बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई बंद की जा सकती है। इसके अलावा प्रबंधक किसी को टी सी देने की धमकी दे रहे हैं तो किसी को बच्चों का रिजल्ट रोकने के लिए कह रहे हैं।
बाल आयोग अध्यक्ष ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही है, साथ ही उन्होंने पालकों से यह भी कहा कि वे शिक्षा का अधिकार कानून के तहत अपनी शिकायत व्यक्तिगत रूप से पुलिस के समक्ष रखें, और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रकरण की शिकायत प्रशासन के साथ ही बाल आयोग के पास प्रस्तुत करें।
रिजल्ट रोका स्कूल प्रबंधन ने, ऑनलाइन पढ़ाई से भी किया वंचित
इससे पूर्व अभिभावक शैलेंद्र नगर स्थित होलीक्रास प्राइमरी स्कूल भी गए। यहां के पालकों की शिकायत थी कि स्कूल प्रबंधन ने अब तक बच्चों का पिछले साल का रिजल्ट नहीं दिया है। वहीं फीस जमा नहीं करने पर बच्चों को स्कूल से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है। यहां पालकों की भीड़ को देखते हुए प्राचार्य ने गेट पर ताला लगवा दिया और पुलिस को सूचना देकर बुलवा लिया। यहां पहुंचे टी आई विनय दुबे ने मामले को समझा और प्राचार्य को चर्चा के लिए बुलाया, मगर प्राचार्य ने खुद को कॉरेन्टीन बताते हुए शिक्षकों को चर्चा के लिए भेज दिया। इस दौरान छात्र-पालक संघ के अध्यक्ष नजरुल खान ने फीस के लिए दबाव बनाने पर विरोध जाताया और कहा कि प्रबंधन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अधिसूचित फीस दिखाए तभी पालक फीस जमा करेंगे। रिजल्ट को लेकर शिक्षकों ने सफाई दी कि परीक्षा के बाद कोरोना की महामारी आ जाने के चलते प्रबंधन ने रिजल्ट जारी नहीं किया। फिलहाल बच्चों को उनके व्हाट्सएप पर रिजल्ट भेजने की बात कही गई है। प्रबंधन ने इस बात के लिए भी आश्वस्त किया है कि किसी भी बच्चे की ऑनलाइन पढ़ाई रोकी नहीं जाएगी। यहां पुलिस ने पालकों और शिक्षकों के बीच मध्यस्थता करके प्रबन्धन को चर्चा के लिए 24 घंटे का समय दिया है।
रायपुर / शौर्यपथ /भाजपा नेता नरेश चंद्र गुप्ता के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के नेता बातों के धनी हैं और काम एवं सहयोग देने के मामले में हमेशा फिसड्डी ही साबित हुए हैं।कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में शुरुआत से लेकर अब तक भाजपा नेताओं से उनकी भूमिका पूछी जाए तो गुमराह करने वाली बयानबाजी के अलावा कुछ भी नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार क्वॉरेंटाइन सेंटर, कोविड-19 हॉस्पिटल कोविड-केयर सेंटर, आईसीयू वार्ड,टेस्टिंग लैब बनाकर मरीजो के खाने-पीने और दवाइयों का उचित प्रबंध कर छत्तीसगढ़ के कोरेना पॉजिटिव मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज कर रही है और मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को 9 सांसद दिए तब ये नही सोचे रहे होगे कि वे जिन्हें अपना प्रतिनिधि चुन रहे है वो विषम परिस्थिति में भी जनप्रतिनिधि होने का दायित्व निभाने के बजाये जनहित कार्य के लिए पीला चांवल सुपारी का इंतजार करेंगे। महामारी काल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न सामाजिक संगठनों गुरुद्वारा धार्मिक ट्रस्टों एवं बच्चों ने भी गुल्लक में जमा राशि को महामारी के लड़ाई में उपयोग करने सहयोग किए ।लेकिन भाजपा के 9 सांसद और विधायक भाजपा के नेता इस महामारी काल में सहयोग करने के बजाए क्वॉरेंटाइन सेंटर में सेवा दे रहे अधिकारियों को बेल्ट से मारने की धमकी देते रहे डराते रहे धमकाते रहे एम्स में इलाज करा रहे विशेष समुदाय के युवक के प्रति दुर्भावना पूर्वक बयानबाजी कर छत्तीसगढ़ के शांत माहौल को खराब करने का प्रयास किया.जिसका खंडन एम्स प्रशासन ने किया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महामारी संकट को लेकर मोदी भाजपा की सरकार कभी भी सीरियस नहीं रही यही वजह है कि छत्तीसगढ़ ही नहीं मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश गुजरात बिहार महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों में भी कोरोना महामारी की काली छाया मंडरा रही है। भाजपा नेता आज भी कोरोना संकट से निपटने सहयोग करने के बजाए सिर्फ सुझाव देना चाहते हैं भाजपा नेताओं में थोड़ी बहुत भी नैतिकता बाकी है तो राज्य के हित में पीएम केयर्स फंड में छत्तीसगढ़ से जमा हुई सीएसआर फंड की राशि छत्तीसगढ़ के जनता के हित में खर्च करने वापस दिलाएं प्रधानमंत्री मजदूर कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल करने दबाव बनाएं छत्तीसगढ़ के जीएसटी के क्षति पूर्ति राशि 2828 करोड़ देने पक्ष में खड़े हो।
भाजपा महामारी काल में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल साबित हुई है अभी भी वक्त है भाजपा आपदा में अवसर की राजनीति की सोच को बदल कर छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा करें महामारी संकटकाल में अब तक भाजपा के सांसदों से जनता ने जो अपेक्षा की थी उसकी पूर्ति नहीं हुई है।
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने कहा कि शक्षको की भर्ती के मामले में भाजपा को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नही है।शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों से हठधर्मिता नही करनी चाहिये।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार की नीयत युवाओं को रोजगार देने की है ।सरकार चाहती है कि राज्य में खाली पड़े शिक्षकों के पदों में भर्तियां हो इसी लिए सरकार ने 14500 शिक्षकों के भर्ती के लिए आवेदन मंगाए थे और चयन प्रक्रिया भी पूर्ण किया गया था ।भर्ती के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी की गई थी ।कोरोना के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति बिलम्बित है ।सरकार की मंशा साफ है इसीलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चयनित अभ्यथियों की पात्र सूची की अवधि को एक साल के लिये बढ़ा दिया है ताकि जो पात्र है उनको नुकसान न हो उनकी नौकरियां सुनिश्चित रहे।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेता अभ्यर्थियों के पक्ष में घड़ियाली आंसू न बहाये। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय सरकारी नौकरियों में भर्ती पर अघोशित रोक लगी हुई थी राज्य में शिक्षकों के 45000 से अधिक पद खाली पड़े हुए थे ।कांग्रेस सरकार ने भर्ती शुरू किया है ।वर्तमान परिपेक्ष्य में जब पहले से नियमित शिक्षकों से पठन पाठन का काम नही लिया जा पा रहा है ऐसे समय नए शिक्षकों की उपयोग किस प्रकार किया जाएगा ।ऐसे समय जब केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती कर रही है। जब केंद्र के रेल्वे जैसे संस्थानों में छटनी हो रही है ।सारी राज्य सरकार अपने कर्म कर्मचारियों के वेतन भत्तों में कटौती कर रही ऐसे समय भी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने कर्मचारियों के साथ खड़े है ।छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है जहाँ कर्मचारियों के वेतन आदि में एक रु की कटौती नही हुई ।शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को सरकार की मंशा समझनी चाहिये और कोरोनो के इस बुरे वक्त के बीतने के इंतजार करना चाहिये।
शौर्यपथ विशेष / कहते है कि कुछ लोग दूसरों की सेवा को ही अपना प्रथम कर्तव्य मानते है। मानव सेवा ही माधव सेवा, जैसे सोच के साथ वनांचल मोहला में सेवा कार्य कर रहे समाजसेवी एवं व्यवसायी संजय जैन का नाम इस कड़ी में अग्रणी है।
तूफानों से आँख मिलाया, सैलाबों पर वार किया।
मल्लाहों का चक्कर छोड़कर, तैर के दरिया पार किया।
इस कथन को चरितार्थ करने वाले संजय जैन एक शख्सियत ही नही समाज के लिए एक मिशाल भी है। विकास के किसी भी आयाम में समुदाय की सहभागिता का विशेष महत्व होता है। समुदाय अगर शासन व प्रशासन के साथ जुड़ कर सहयोग करे तो विकास सुनिश्चित हो जाता है। राजनांदगांव जिले के मोहला विकासखंड में शिक्षा के विकास में एक अहम योगदान का उदाहरण है, शिक्षाविद और समाज सेवी संजय जैन। मोहला के प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार में जन्मे संजय जैन पिता संपत लाल जैन ने सुदूर आदिवासी वनांचल में शिक्षा के विकास की धारा को तेज करने में विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काफी कार्य किये है। स्वयं मोहला क्षेत्र में अपनी शिक्षा पूर्ण करने संजय जैन ने आदिवासी बच्चो को आगे बढाने के लिए संकल्पित होकर जो कार्य किया आज उसी का परिणाम है कि आज मोहला ब्लॉक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है।
निर्धन बच्चो की शिक्षा में आर्थिक सहायता
संजय जैन प्रारम्भ से ही निर्धन बच्चो की शिक्षा को पूर्ण करने के लिए आर्थिक मदद करते आ रहे है। बहुत से ऐसे बच्चे जो आर्थिक कारणों से पढ़ाई पूरी नही कर सकते उन्हें पुस्तक, फीस व अन्य पढ़ाई खर्च का सहयोग हमेशा से करते आ रहे है। सन् 2018 की दसवीं बोर्ड परीक्षा में टॉपर हरसिंग मंडावी को इन्होंने आगे की पढ़ाई में काफी मदद की है।

शिखर कार्यक्रम मोहला में विशेष सहयोग
वनांचल के बच्चो को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने व शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए मोहला में संचालित ’शिखर कार्यक्रम’ को सुदृढ़ करने में भी संजय जैन का विशेष योगदान रहा है। वे एबीईओ मोहला राजेन्द्र कुमार देवांगन के साथ मिलकर लगातार शिखर कार्यक्रम को विस्तार देते आ रहे है। एबीईओ राजेन्द्र देवांगन ने बतलाया है कि शुरुआती वर्षों में संजय जैन के आर्थिक सहयोग से ही शिखर निःशुल्क कोचिंग का संचालन प्रारंभ किया गया एवं आज भी उनके द्वारा बच्चो की शिक्षा के लिए उनसे मदद प्राप्त होती रहती है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कर रहे विभिन्न विकास कार्य
मोहला मानपुर विधानसभा क्षेत्र के ऊर्जावान विधायक इन्द्रशाह मंडावी और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संजय जैन लगातार विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यो में सफल सहभागिता निभाते आ रहे है। वे अपने क्षेत्र में शिक्षा के साथ साथ, चिकित्सा, सड़क, कृषि आदि के विकास में भी वे अपना योगदान देते रहे है। हाल ही मे उन्होंने मोहला मानपुर विधायक और एबीइओ मोहला के साथ मिलकर कई स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगवाकर टेक्नोलॉजी के साथ पढ़ाई से बच्चो को जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने प्रा शा कोर्रामटोला को स्मार्ट टीवी भी दान किया है । वर्तमान समय में मोहला को डिजिटल एजुकेशन हब बनाने मे इनकी अहम भूमिका है।
शिक्षको के बीच है लोकप्रिय और मोटिवेटर
संजय जैन हमेशा से ही शिक्षको को प्रोत्साहित करते आ रहे है। वे कई सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रमो में शिक्षको के बेहतर कार्य को सम्मानित करके उन्हें प्रोत्साहित करते रहते है। बहुत से शिक्षको को इनके प्रयासों से अपने कार्य की पहचान भी मिली है। संजय जैन शिक्षको के बीच अच्छे मोटिवेटर के रूप में जाने जाते है।
सरल स्वभाव व उच्च सोच के साथ कार्य को मिला प्रसिद्धि
संजय जैन प्रखर वक्ता होने के साथ ही सरल और विनम्र स्वभाव के धनी भी है और लोगो से सहजता के साथ मिलने के लिए मशहूर है। राजनीतिक क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले संजय जैन ने अपनी मातृभूमि वनांचल मोहला को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में काफी प्रयास किये है जिसे क्षेत्रवासी व स्थानीय अधिकारी भी सम्मान की नजर से देखते है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
