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June 01, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

शौर्यपथ लेख । वर्तमान में भाजपा अध्यक्ष का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे उन्होंने कहा है कि नरेंद्र मोदी नरो के ही नही सुरों के भी भगवान है । राजनीति में चाटुकारिता का अपना अलग महत्तव होता है चाटुकारिता से ही नेता तरक्की कर सकता है किंतु चाटूकारिता की सभी सीमा को लांघ कर भाजपा अध्यक्ष ने जिस तरह गोल मोल बात कर प्रधानमंत्री मोदी को भगवान की संज्ञा दी दी यह सनातनी धर्म पर एक आघात है किंतु भक्त की संज्ञा के नवाजे गए लोगो को ये भी अच्छा लगेगा कि प्रधानमंत्री मोदी को सुरों का देवता कहा गया । हिन्दू धर्म मे सुरों के देवता (देवो के देव महादेव )भगवान शिव को कहा जाता है जो नरो की रक्षा करने के लिए विष भी पी लेते है । अब जब नड्डा ने मोदी को सुरों का देवता कह ही दिया है तो जनहित के लिए अपने सुरों के देवता को यह भी कहे कि वर्तमान में कोरोना महामारी रूपी विष को ये सुरों के देवता धारण कर ले और देश ही नही सृष्टि को भी इस महामारी से निजात दिलाये क्योकि हम तो आम जनता है साधारण नर है हम छोटी बड़ी बीमारी से भी डरते है और मरते है किंतु नड्डा के अनुसार सुरों के देवता मोदी इन बीमारी को हर सकते है । भाजपा अध्यक्ष ने बड़े अभिमान से मोदी को सुरों का देवता कहा है तो नड्डा जी अपने सुरों के देवता को कहिये कोरोना रूपी विष को धारण करे क्यो आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है सुरों के देवता क्यो नही कोरोना महामारी को रोक रहे है । बड़ा आश्चर्य होता है विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष का इस तरह का बयान हास्यास्पद लगता है और दिखता है कि चाटुकारिता की कोई सीमा नही होती । आगे बढिये नड्डा जी और कहिये सुरों के देवता से जो कि आप ही कि पार्टी से संबंध रखते है । सिर्फ बड़ी बड़ी बातों से इस आपदा का निवारण नही होगा किसी दैविक आत्मा से ही कुछ हो सकता है और आपकी नजर में देवो के देव तो आपकी पार्टी से ही है तो क्यो सामान्य नर को मौत के मुह में जाते देख रहे है बचते क्यो नही । महादेव एक ऐसे देव है जो पूरी सृष्टि को बना और बिगाड़ सकते है तो फिर नड्डा के सुरों के देवता कोरोना को मात तो दे ही सकते है । चीन के विवाद को खत्म कर सकते है क्यो जवानों के शहीद पर 2 मिनट का मौन धारण करते है अकेले नड्डा जी के सुरों के देवता चीन को नेस्तनाबूद कर सकते है । नड्डा जी आगे बढिये और अपने सुरों के देवता से सविनय निवेदन कीजिये कि भारत के सनातनी मानने वालों की रक्षा करे , सीमा पर खड़े जवानों की रक्षा करे । कब आगे बढोगे अध्यक्ष जी क्या सिर्फ बोल्बच्चन से ही काम चलाओगे जब आपने नरेंद मोदी को सुरेंद्र मोदी यानी सुरों का देवता कह दिया तो जनहित में थोड़ा और आगे बढिये और कहिये कि सारी मुसीबत हर ले जैसे मेरे आराध्य देवो के देव महादेव हरते तो हर पीड़ा को अब आपके सुरों के देवता की बारी है आगे बढिये और कहिये कि सनातन धर्म की रक्षा करे विश्व को बचाये अगर ऐसा नही कह सकते तो देवो के देव का अपमान मत कीजिये आपके लिए नरेंद्र मोदी सुरों के देवता हो सकते है किंतु मेरे लिए सुरों के देवता सिर्फ और सिर्फ महादेव है और रहेंगे ....जय महांकाल " अकाल मौत वो मरे जो काम करे चांडाल का काल उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महांकाल का "

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         दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद डॉ सुश्री सरोज पाण्डेय ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के चलते अपना जन्मदिन सादगी पूर्ण ढंग से मनाते हुए अपने समर्थकों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर पूरी तरह सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए उनकी बधाइयां एवं शुभकामनाएं स्वीकार की इस अवसर पर आज उनके जन्म दिन पर देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू,प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा प्रदेश के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल पूर्व मुख्य मंत्री डॉ रमन सिंह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय सहित देश व प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलो के नेताओ ने बधाई दी है इससे पूर्व लद्दाख के गल वान में एक कर्नल रैंक के अधिकारी सहित 20 से अधिक भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
                वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के चलते पूर्व से अपनी जन्म दिवस के अवसर पर अपने समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं से मिलकर उन्होंने सादगी पूर्ण ढंग से जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया था इसी परिपेक्ष में उनके जन्म दिवस के अवसर पर उनके जल परिसर निवास स्थान पर भारी बारिश होने के बावजूद दोपहर 12 से ही बधाई देने वालों का तांता लगा रहा जो देर रात तक चलता रहा इस दौरान भाजपा राष्ट्रीय महासचिव सुश्री सरोज पांडेय ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए सादगी से सभी का बधाई स्वीकार कर अभिवादन किया उनके बधाई देने वालों में प्रदेश एवं गांव से लेकर शहर के गणमान्य नागरिक उद्योगपति चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी राइस मिल एसोसिएशन के पदाधिकारी बुद्धिजीवी पत्रकार बंधु और साथ ही साथ बड़ी संख्या में दुर्ग बेमेतरा भिलाई रायपुर और राज्य भर के भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता नगर निगम के भाजपा पार्षदगण सहित अनेक कांग्रेस भाजपा के जनप्रतिनिधि पहुंचे ।
               अपने जन्म दिवस के अवसर पर भाजपा राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडे ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोनावायरस जिसके चलते ना कब किस व्यक्ति को कोरोना हो जाए इसकी कोई गारंटी नहीं इसका सिर्फ एक ही उपाय है की सोशल डिस्टेंसिंग 2 गज की दूरी हम सभी को अपने और अपने परिवार को सेहत का ध्यान रखना है मास्क का इस्तेमाल करते रहना है मैं अपने जन्म दिवस के अवसर पर दी गई शुभकामनाओं के लिए आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं और आशा करती हूं आप सभी का स्नेह और विश्वास यूं ही लगातार बना रहेगा।
           जल परिसर पहुंचकर बधाई देने वाली वालों में पूर्व केबिनेट मंत्री रमशीला साहू,लाभचंद बाफना, भारतीय जनता पार्टी के दुर्ग जिला अध्यक्ष उषा टावरी भिलाई जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सांवलाराम डहरे,बाल मुकुंद देवांगन,विमल चोपड़ा, विरेन्द्र साहू,पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर,बेमेतरा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी,राजेंद्र शर्मा,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन,प्रदेश महिला मोर्चा महामंत्री मीनल चौबे,राष्ट्रिय कार्यकारिणी सदस्य के.एस. चौहान ,संजय रूंगटा,अजय बाफना,अनिल लूनिया,फजल फारूकी,मीडिया प्रभारी सतीश समर्थ,संतोष सोनी,विनोद अरोरा,रत्नेश चंद्राकर,जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन,महिला मोर्चा अध्यक्ष सरिता मिश्रा, मंडल भाजपा अध्यक्ष गण लुकेश बघेल, चंद्राकर,दीपक चोपड़ा,पार्षद दल नेता अजय वर्मा,जितेंद्र वर्मा,दिनेश देशमुख,विनायक नातू श्रीमती दीपक देवांगन,नरेंद्र वर्मा नगर पंचायत अध्यक्ष अहिवरा,नरेंद्र बंजारे, अल्का बाघमार,गायत्री वर्मा,विद्या नामदेव,सीमा तिड़के,राहुल पंडित,राहुल दीवान, राजा महोबिया,गौरव शर्मा पार्षद गण देव नारायण चंद्राकर,ओमप्रकाश सेन, सहित दुर्ग भिलाई बेमेतरा सहित तीनों जिलों के समस्त मंडलों के पदाधिकारी कार्यकर्ता जिले के पदाधिकारी कार्यकर्ता जनप्रतिनिधि व विभिन्न विभागों अधिकारी गण भी बधाई देने उपस्थित रहे ।

आंचलिक के साथ ही अनेक जिला स्तरीय अस्पताल भी तैयार, रायपुर के इनडोर स्टेडियम में 230 बिस्तरों पर इलाज की सुविधा


         रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पहले केवल आंचलिक कोविड अस्पतालों राजनांदगांव, अंबिकापुर और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बिलासपुर कोविड अस्पताल तथा रायपुर स्थित एम्स, माना अस्पताल एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में ही मरीज भर्ती किए जा रहे थे। कोविड अस्पतालों की स्थापना के दूसरे चरण में ई.एस.आई.सी. अस्पताल कोरबा, शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल दुर्ग, एम.सी.एच. अस्पताल बलौदाबाजार, कोविड केयर अस्पताल कोरिया, एम.सी.एच. अस्पताल सूरजपुर, मिशन अस्पताल धमतरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलरामपुर क्रियाशील किए जा चुके हैं। इन अस्पतालों की कुल क्षमता 2380 है।
         कोविड अस्पतालों के अगले क्रम में जिला स्तर पर कोविड केयर सेंटर के तौर पर रेलवे अस्पताल बिलासपुर, एन.टी.पी.सी. अस्पताल सीपत बिलासपुर, लाइवलीहुड कालेज जशपुर, सृष्टि अस्पताल कोरबा, भोरमदेव कन्या परिसर कवर्धा और गर्ल्स हास्टल मुंगेली को विकसित कर कोविड-19 का इलाज किया जा रहा है। इन अस्पतालों की क्षमता 630 है। साथ ही गरियाबंद, महासमुंद और बालोद को आवश्यक होने पर तत्काल प्रारंभ किया जा सकता है। रायपुर स्थित इनडोर स्टेडियम को 230 बिस्तरों वाले कोविड केयर सेंटर के रुप में विकसित किया जा चुका है। इस प्रकार प्रदेश में तीन हजार नए मरीजों को तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू किया जा सकता है। चिकित्सा अधिकारी के तौर पर विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों और सरकारी अस्पतालों में 361 डॉक्टरों के नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं।
        माना कोविड अस्पताल में आवश्यकतानुसार मरीजों की भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू कर इलाज किया जाएगा। इसे बंद नहीं किया जा रहा है। अभी मरीजों की संख्या कम होने के कारण उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल स्थानांतरित कर अस्पताल को सैनिटाइज किया जा रहा है। यह आवश्यक प्रक्रिया है। आवश्यकतानुसार माना अस्पताल में पुनः मरीज भर्ती किए जाएंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। श्री बघेल ने आज यहां रथयात्रा की पूर्वसंध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सौहार्द, भाई-चारे और एकता का प्रतीक मानी जाती है। पूरे देश में हर साल भक्ति-भाव और उत्साह से रथयात्रा का आयोजन किया जाता है और हजारों लोग इसमें शामिल होते हैं। छत्तीसगढ़ से लगे उड़ीसा राज्य के पुरी में भगवान जगन्नाथ का धाम है। पड़ोसी राज्य होने के कारण प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था और जुड़ाव रहा है। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों से अपील की है कि लोग एक जगह भीड़ लगाने से बचें। भगवान जगन्नाथ की आराधना सोशल डिस्टेंसिंग और संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए करें।

दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई, क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पशुपालकों से रोका-छेका संकल्प अभियान के तहत 513 पशु मालिकों से संकल्प पत्र भराया गया। शासन के निर्देश के परिपालन में निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने निगम के अधिकारी/कर्मचारियों की नियुक्ति इस कार्य के लिए की है, इसके लिए नोडल अधिकारी सहित टीम का गठन किया जा चुका है। रोका-छेका संकल्प अभियान के तहत पशु मालिकों को अपने मवेशी की सुरक्षा स्वंय करने, पालतू मवेशियों को अपने स्थान पर रखकर चारा, पानी की समुचित व्यवस्था करने, शहर की सड़कों में आवारा घूमने के लिए नहीं छोड़ने, आसपास के खेतों में फसलों तथा उद्यानों में पालतू मवेशियों का प्रवेश रोकने स्वयं व्यवस्था करने, सामूहिक व्यवस्था में सहभागिता निभाने, पशुपालन से उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट के लिए कंपोस्टिंग के लिए स्वयं व्यवस्था करने के लिए भिलाई निगम क्षेत्र में संकल्प पत्र भराया जा रहा है।
     सड़क पर घूमने वाले आवारा मवेशियों की हो रही है धरपकड़ निगम क्षेत्र में सड़क किनारे घुमने वाले आवारा पशुओं की धरपकड़ विगत दो-तीन दिनों से की जा रही है निगम का अमला सड़क पर घुमने वालें 32 पशुओं को अब तक पकड़ चुके हैं। जोन 02 के एआरओ संजय वर्मा व जोन 04 के एआरओ बालकृष्ण नायडू ने बताया कि निगम क्षेत्र में आवारा घुमने वाले पशुओं को खुर्सीपार, तेलहा नाला, नेहरू नगर, माॅडल टाउन चैक क्षेत्र में घुमते हुए पाए जाने पर पकड़ा गया है।
    भिलाई की सड़कों पर पालतू मवेशियों के घूमते हुए पाए जाने पर पशु पालकों पर होगी कार्यवाही उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि सड़कों पर यूं ही घूमने वाले आवारा मवेशी पाए जाने पर पशु मालिकों पर भी नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा गौधन को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशु जो यातायात में बाधक बन कर दुर्घटना का कारण बनते हैं जिससे होने वाली दुर्घटना में पशुधन एवं जनधन की हानि होती है। निगम की अपील है कि इससे बचने के लिए पशुपालक अपने पालतू मवेशियों को सड़कों पर आवारा घूमने न दें।
513 पशु मालिकों से भराया जा चुका है संकल्प पत्र निगम के सभी जोन कार्यालयों की टीम 19 जून से शासन के आदेश के पालन में रोका छेका अभियान के तहत पशु पालकों से संकल्प पत्र भरवा रहे है। संकल्प पत्र अभियान में जोन कं. 01 में 113 पशु मालिक, जोन 02 में 122 पशु मालिक, जोन 03 में 79 पशु मालिक, जोन 04 में 176 पशु मालिक, जोन 05 में 23 पशु मालिक से संकल्प पत्र भरवाया जा चुका है।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / भागती-दौड़ती जिंदगी में हम अक्सर खान-पान को लेकर लापरवाही कर जाते हैं जिसके चलते हमें मोटापा या पेट के आसपास के हिस्से में पेट की चर्बी होने लगती है। ऐसे में पूरा शरीर स्लिम होते हुए भी निकला हुआ पेट बहुत ही अजीब लगता है। आप खुद भी ऐसी हालत में खुद में आत्मविश्वास की कमी पाते होंगे। आज विश्व योग दिवस पर हम आपके लिए कुछ ऐसे ही खास आसन लेकर आए हैं, जो आपकी पेट की चर्बी कम करने के साथ आपको एक्टिव रखने में भी मदद करेंगे।
बैली फेट को कम करने के लिए योगासन के साथ कुछ बातों का ध्यान देना भी बहुत आवश्यक है। योगा ट्रेनर और नेचुरापैथ एक्सपर्ट प्रियंका सिंह ने हमें पेट की चर्बी कम करने के कई आसन बताए और साथ ही उन्होंने हमें कुछ ऐसे टिप्स भी दिए, जिनकी जानकारी आमतौर पर बहुत कम होती है।

1. भुजंगासन
इस आसन में शरीर की आकृति फन उठाए हुए भुजंग अर्थात सर्प जैसी बनती है इसीलिए इसको भुजंगासन या सर्पासन (संस्कृत: भुजंगसन) कहा जाता है।

2. नौकासन
नौकासन योग करते समय हमारे शरीर का आकार नौका यानि नाव (Boat) के समान रहता है इसीलिए इस योग को नौकासन कहा जाता हैं। वजन को नियंत्रित करने तथा पेट की चर्बी कम करता है।

3. उष्ट्रासन
एक मध्यवर्ती पीछे झुकने-योग आसन है जो अनाहत (ह्रदय चक्र) को खोलता है। इस आसन से शरीर में लचीलापन आता है और पेट की चर्बी तेजी से कम होती है।

4. धनुरासन
इस आसन में शरीर की आकृति खींचे हुए धनुष जैसी बनती है इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है।

5.. चक्की चलनासन
चक्की= आटे को पीसने की एक मशीन + चलाना+ आसन. इस आसन में हाथों से चलाने वाली गेहूँ की चक्की को चलाने की जैसी मुद्रा बनाई जाती है।

योगा ट्रेनर के खास टिप्स
-आमतौर पर सुबह का समय योगा करने के लिए अच्छा होता है लेकिन कई लोग सुबह के समय योग नहीं कर पाते। ऐसे में आप योगा शाम को भी कर सकते हैं क्योंकि शाम को दिन भर काम करके हमारी बॉडी काफी एक्टिव हो जाती है। ऐसे में शाम को योग करना आसान रहता है। इससे रात को नींद भी अच्छी आती है।

-खाने के तुंरत बाद योग नहीं करना चाहिए। योग करने से 1 घंटे पहले कुछ खा सकते हैं और योग करने के डेढ़ घंटे तक कुछ न खाएं।

-योग हो या फिर एक्सर्साइज बॉडी को वॉमअप करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप खड़े होकर हाथ-पैर की धीरे-धीरे मूवमेंट करें। बिना वॉमअप के चोट लगने का खतरा रहता है।

 

खाना / खजाना / शौर्यपथ / ‘ओल्ड इज गोल्ड’ आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी। रेसिपीज के मामके में भी यह बात बिल्कुल फिट बैठती है। आप मीठे में कोई भी रेसिपी बना लें लेकिन खीर की एक अलग जगह रिजर्व है। आज हम आपको खीर बनाने का ऐसा तरीका बताएंगे जिससे आपकी खीर और भी ज्यादा टेस्टी बनेगी-

सामग्री-
आधा कप- चावल
2 लीटर दूध
आधा कप- चीनी
4 इलायची पिसी हुई
6 से 7 बादाम बारीक कटे
6 से 7 काजू बारीक कटे
एक बड़ी चम्मच चिरौंजी
6 से 7 किशमिश, धुली हुई
5 से 6 मखाने कटे हुए
2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया नारियल
घी

विधि-
सबसे पहले चावल साफ करके अच्छी तरह धो लें। चावल का सारा पानी निकालकर इन्हें 5 मिनट के लिए एक छलनी में करके रख दें। अब कड़ाही में एक चम्मच घी डालकर गैस पर गर्म करें। फिर इसमें चावल डालकर 2 से 3 मिनट तक धीमी आंच पर एक बड़ी चम्मच से चलाते हुए फ्राई करें। खीर बनाने के बर्तन में दूध डालकर इसमें आधा कप पानी मिलाएं और गैस पर गर्म करने रख दें।
दूध में उबाल आने के बाद इसमें भुने हुए चावल डालकर 8 से 10 मिनट तक मध्यम आंच पर बड़े चम्मच से चलाते हुए पकाएं। ध्यान रखें चावल बर्तन के तले में चिपके नहीं। जब चावल गलकर अच्छी तरह पक जाएं, तो दूध में चीनी डालकर मिलाएं। चीनी घुलने के बाद दूध में नारियल का बुरादा, मखाने, बादाम, काजू और चिरौंजी डालकर, खीर गाढ़ी होने तक लगभग 8 से 10 मिनट मध्यम आंच पर पकाएं।
जब खीर गाढ़ी हो जाए तो, इसमें पिसी हुई इलायची, केसर और किशमिश मिलाकर 2 मिनट तेज आंच पर पकाने के बाद गैस बंद कर दें।

 

खेल / शौर्यपथ / इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने 2001 में नासिर हुसैन की कप्तानी में भारत का दौरान किया था। दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी, जिसे भारत ने 1-0 से जीता था। इस सीरीज की शुरुआत से पहले माना जा रहा था कि भारत 3-0 से टेस्ट सीरीज में क्लीनस्वीप करेगा। पहला टेस्ट मैच भारत ने 10 विकेट से जीता था, लेकिन फिर इंग्लैंड ने वापसी की और बाकी दो टेस्ट मैच ड्रॉ कराए। इस टेस्ट सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच बेंगलुरु में खेला गया था। उस मैच में सचिन तेंदुलकर सेंचुरी से चूके थे और टेस्ट क्रिकेट में पहली बार स्टंपिंग आउट हुए थे, एश्ले जाइल्स नेगेटिव लेंथ पर गेंदबाजी करने के चलते निशाने पर रहे थे। नासिर हुसैन ने 19 साल बाद बताया कि किस तरह से सचिन को आउट करने का पूरा प्लान बनाया गया था।

बेंगलुरु टेस्ट में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 336 रन बनाए, जवाब में टीम इंडिया ने 121 रनों तक पांच विकेट गंवा दिए थे। वीरेंद्र सहवाग और तेंदुलकर क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे। सचिन 143 टेस्ट पारियों में पहली बार स्टंप आउट हुए थे। नासिर हुसैन ने बताया कि किस तरह से तेंदुलकर को आउट करने का प्लान बनाया गया था। हुसैन ने 'सोनी टेन पिट स्टॉप' पर कहा, 'सचिन और सहवाग जब मैदान के चारों तरफ शॉट्स खेल रहे हों और पूरा स्टेडियम सचिन... सचिन... से गूंज रहा हो तो मुझे अपने गेंदबाजों की आंखों में दिख रहा था कि वो चिंता में हैं। मुझे पता था कि सबसे जरूरी है स्टेडियम में मौजूद लोगों को शांत कराना। ऐसा करना तभी मुमकिन था जब सचिन को रन बनाने से रोका जा सके।'

'एश्ले जाइल्स को लेकर आया गेंदबाजी कराने'

उन्होंने आगे कहा, 'बेंगलुरु की पिच में एक रफ एरिया था, लेकिन मेन पिच में कुछ भी नहीं था। अगर गेंदबाज नॉर्मल गेंदबाजी करते तो उनके लिए कुछ नहीं था। मैं गेंदबाजी एश्ले जाइल्स को लेकर आया, जो कसी हुई लाइन से गेंदबाजी कर रहे थे। एश्ले स्टंप्स के काफी करीब गेंदबाजी कर रहे थे काफी कसी लाइन से गेंद फेंक रहे थे जिससे उस रफ पैच को हिट कर सकें।' जाइल्स ओवर द विकेट गेंदबाजी कर रहे थे, रन नहीं बना पाने पर तेंदुलकर भी परेशान होने लगे, एक गेंद उन्होंने मिस की और क्रीज से थोड़ा बाहर निकले ही थे कि जेम्स फोस्टर ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया।

'चालाकी भरा प्लान था'

इंग्लैंड को 'नेगेटिव लाइन' से गेंदबाजी के लिए काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। हुसैन ने कहा, 'सचिन आउट हुए, यह काफी चालाकी भरा प्लान था। इसके बाद लोग भी शांत हो गए। उस समय इंग्लैंड में भी किसी ने कहा था कि यह शर्मनाक है और इंग्लैंड ऐसे नेगेटिव प्लान का इस्तेमाल कर रहा है। यह लोगों को शांत करने के लिए था। यह इकलौता ऐसा मौका था जब तेंदुलकर स्टंप आउट हुए थे। भारत उस मैच में पहली पारी में करीब 300 (असल में 238) रनों पर ऑलआउट हुआ था, जो मेरी जीत थी।

मनोरंजन /शौर्यपथ / सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक एम एस धोनी में काम किया था। फिल्म की शूटिंग और प्रमोशन के दौरान सुशांत धोनी के परिवार के काफी क्लोज आ गए थे। वह उनसे मिलते रहते थे। इतना ही नहीं, एक बार तो सुशांत, अंकिता लोखंडे को भी धोनी की बेटी जीवा से मिलवाने ले गए थे।

सुशांत और अंकिता ने जीवा के साथ खूब मस्ती की थी। दोनों की फोटोज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बता दें कि इस फिल्म के बाद सुशांत और अंकिता दोनों अलग हो गए थे।

सुशांत सिंह राजपूत से ब्रेकअप के बाद भी अपने प्यार की निशानी को सहेज कर रख रखी थीं अंकिता लोखंडे

बता दें कि अंकिता, सुशांत से जितना प्यार करती थीं, उतना ही उनकी रिस्पेक्ट करती थीं। इतना ही नहीं भले ही दोनों के ब्रेकअप को इतने साल हो गए थे, लेकिन सुशांत के निधन से अंकिता काफी टूट गई थीं। वह सुशांत के परिवार से मिलने उनके घर भी गई थीं।

सुशांत को लेकर अंकिता के मन में इतनी रिस्पेक्ट थी कि आज भी उन्होंने अपने घर के नेमप्लेट से सुशांत का नाम नहीं हटाया। इस बात की जानकारी सुशांत और अंकिता के दोस्त संदीप सिंह ने दी।

दरअसल, संदीप ने सुशांत और अंकिता को लेकर इमोशनल पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'अंकिता आपने केवल उसकी खुशी और सफलता के लिए प्रार्थना की। आपका प्यार सच्चा था। आपने अभी भी अपने घर के नेमप्लेट से उसका नाम नहीं हटाया है'।

सुशांत को अंकिता बचा सकती थीं

संदीप ने आगे यह भी लिखा, 'मुझे पता है कि केवल आप (अंकिता) ही उसे बचा सकती थीं। काश, आप दोनों की शादी हो जाती जैसा कि हमने सपना देखा था। आप उसे बचा सकती थीं अगर वह बस आपको वहां रहने देता। आप उसकी प्रेमिका, उसकी पत्नी, उसकी मां, हमेशा के लिए उसकी सबसे अच्छे दोस्त थीं। मैं तुमसे प्यार करता हूं अंकिता। मुझे उम्मीद है कि मैं आप जैसे दोस्त को कभी नहीं खो सकता।'

 

मनोरजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन को आज एक सप्ताह बीत चुका है हालांकि उनके चाहने वालों के साथ फैमली-फ्रेंड और बॉलीवुड सितारे उन्हें मिस करना नहीं छोड़ हैं। क्योंकि उनकी मौत को कोई भी नहीं भूला पा रहा है। हर शख्स उनकी मौत से दुखी और सदमें है। सुशांत के फैमली और फ्रेंड उन्हें याद करते हुए उनकी थ्रोबैक फोटो और वीडियो शेयर कर श्रध्दाजंलि दे रहे हैं। इसी बीच सुशांत का एक और थ्रोबैक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सुशांत गांव की लड़की से शादी करने वाले एक सवाल पर एकदम देसी अंदाज में रिएक्शन दे रहे हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है।

इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उनका यह विडियो उनके पैतृक निवास का है। जब सुशांत आखिरी बार वहां अपना मुंडन संस्कार करने के लिए वहां गए थे। विडियो में सुशांत अपने पिता के साथ घर के आँगन में बैठे दिख रहे हैं। वीडियो में सुशांत के अवाला कुछ महिलाएं और परिवार के बाकी सदस्य भी नजर आ रहे हैं जो सुशांत से शादी को लेकर चर्चा कर रहे हैं।

इस वायरल विडियो में सुशांत के परिवार की एक महिला सुशांत से सवाल करती है कि – ‘शादी में सबको ले जाओगे न…?’ इस पर सुशांत बोलते हैं – ‘पहले लड़की ढूंढ लें…? आप लोग भी बताएं कोई हो तो… ‘ फिर महिला कहती है – ‘देहाती लड़की से कर लोगे?’ तो इस पर सुशांत बोलते हैं – ‘काहे नहीं…’

विडियो में सुशांत बड़े ही देसी अंदाज में बातचीत करते नजर आ रहे हैं। उनके बैठने के तरीके और बातचीत के ढंग से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे कितने जमीन से जुड़े शख्स थे। इतना ही नहीं वीडियो में सुशांत हाथ में नीम का दातुन लिए हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो देखकर लग रहा है कि यह सुबह-सुबह का वीडियो है। वे महिला के सवालों का बड़े अच्छे से जवाब दे रहे हैं। लोगों को सुशांत का ये देसी अंदाज बड़ा ही पसंद आया।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत फिल्म साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म कोई पो चे से की थी। इसी साल वह फिल्म शुद्ध देसी रोमांस में भी नजर आए थे। साल 2014 में सुशांत आमिर खान स्टारर फिल्म पीके में अनुष्का के लवर की भूमिका में दिखे थे। साल 2015 में सुशांत की फिल्म डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी रिलीज हुई थी। सुशांत सिंह राजपूत को सबसे ज्यादा लोकप्रियता मिली साल 2016 में रिलीज हुई बायोपिक फिल्म एम.एस.धोनी द अनटोल्ड स्टोरी से। इसके बाद सुशांत ने राब्ता, वेलकम टु न्यूयॉर्क, केदारनाथ, सोनचिड़िया और छिछोरे जैसी फिल्मों में नजर आए।

 

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