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पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक पर रेप का लगा आरोप, चैंबर के रेस्ट रूम में कलेक्टर ने युवती को बनाया हवस का शिकार, एनजीओं को काम दिलाने के लिए पीड़ित पहुंची थी कलेक्टर के द्वार, पुलिस को सुनाई आपबीती, 15 मई की घटना, कलेक्टर के साथ हुई चैटिंग और तस्वीरों को पुलिस के साथ किया साझा, कार्रवाई में जुटी पुलिस
जिला प्रतिनिधि कृष्णा टण्डन दैनिक शौर्यपथ अखबार जांजगीर
जांजगीर चाम्पा । शौर्यपथ । जनक पाठक पूर्व आई ए एस अधिकारी पर बलात्कार का आरोप लगा है पीड़ित युवती ने आपबीती सुनाते हुए पुलिस को साक्ष्य भी पेश किये है उसने बताया है कि कलेक्टर साहब ने चैंबर में ही उसके साथ संबंध स्थापित किये थे उन्होंने उसे भरोसा दिलाया था कि उसके एनजीओं को वो फौरन काम दिला देंगे इसके बाद डेढ़ महीने तक वो इंतजार करते रही लेकिन एनजीओं को काम मिलना तो दूर , हवस का पुजारी यह कलेक्टर बार बार अपनी प्यास मिटाने की गुहार लगाते रहा पीड़ित युवती ने उसके और कलेक्टर के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग और कुछ तस्वीरें पुलिस को सौंपी है पीड़ित युवती अनुसूचित जाति की है उसने अपनी शिकायत में कलेक्टर और उसके बीच नियमित होने वाली बातचीत और अश्लील वीडियों का ब्यौरा भी दिया है उसने बताया कि कलेक्टर ने कई बार उसके गुप्तांगों की तस्वीरें भी मांगी थी 32 वर्षीय पीड़ित युवती शादीशुदा है उसने बताया कि खुद कलेक्टर साहब उसे अपने मोबाइल से अश्लील तस्वीरें और वीडियों भी भेजा करते थे पीड़ित युवती का कहना है कि उसका पति सरकारी सेवा में है , इसकी जानकारी कलेक्टर को लगने के बाद उन्होंने उसे भी अच्छी पदस्थापना देने का भरोसा दिलाया था लेकिन कलेक्टर ने उसे धोखा दिया पीड़ित युवती ने बताया कि जब उसे कलेक्टर की असलियत का अंदाजा हुआ तो उसने उससे दूरियां बनानी शुरू की इस दौरान कलेक्टर ने उसके पति की नौकरी से बर्खास्तगी की धमकी दी थी लिहाजा वो शांत हो गई हाल ही में अब इस कलेक्टर के ट्रांसफर के बाद उसने हिम्मत जुटाकर उसके खिलाफ FIR दर्ज करने का फैसला किया है । बुधवार को अपने पति के साथ यह पीड़ित महीला पुलिस अधीक्षक कार्यालय जांजगीर पहुंची यहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर को अपनी आपबीती सुनाते हुए शिकायती आवेदन सौंपा पुलिस ने उसे कार्रवाई का भरोसा दिलाया है पीड़ित महिला के आवेदन में जांजगीर के तत्कालीन कलेक्टर जेपी पाठक पर बलात्कार का आरोप लगाया गया है जेपी पाठक 2007 बैच के आईएएस अधिकारी है हप्तेभर पूर्व राज्य सरकार ने उन्हें जांजगीर कलेक्टर के पद से स्थानांतरित करते हुए रायपुर स्थित भू-अभिलेख शाखा में पदस्थापना दी है ! जांजगीर एस पी ने की मीडिया से चर्चा पीड़ित ने बताई आपबीती देखे वीडियो
दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग पुलिस को मिली बड़ी सफलता । बता दें कि क्षेत्र में लगातार हो रही किसानों के सामान की चोरियों पर मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्य वाही की गई । मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी नेहरू राम बंजारे ग्राम धूमा थाना पाटन ने थाना आकर जबानी रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 29/ 5/20 की मध्य रात्रि उसकी खेत में लगे सोलर पैनल में लगे तार जिसमें ताबा एवं एलमुनियम तार है जिसमें से करीब 100 मीटर एलमुनियम तार एवं करीब 30 मीटर तांबा तार को अज्ञात चोर चोरी कर लिए और तार को जलाकर उसमें रखें उसमें लगे एलमुनियम और ताबा तार को ले गए हैं प्राथमिक रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव द्वारा अज्ञात चोरों को शीघ्र गिरफ्तारी करने एवं क्षेत्र में हो रहे चोरी पर अंकुश लगाने हेतु निर्देशित किए जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं पाटन एसडीओपी आकाश गिरिपुंजे के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार थाना प्रभारी पाटन से निरीक्षक शिवानंद तिवारी द्वारा टीम गठित कर आरोपियों की पतासाजी हेतु थाना पाटन रन चिरई रानीतराई गुंडरदेही अमलेश्वर एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के कबाड़ी दुकान पर फेरी वालों करीब 200 से 300 व्यक्तियों से पूछताछ किया गया एवं पतासाजी के दौरान जरिए मुखबिर सूचना मिली की ग्राम उत्ई वार्ड नंबर 3 का सोनू राजपूत मोबाइल के माध्यम से ग्राम कोसा के मिथुन मारकंडे से करीब 20 किलो तांबा वायर और एलमुनियम वायर को बेचने की बात कर रहा है की सूचना पर आरोपी सोनी राजपूत पिता पंचानंद उम्र 21 वर्ष निवासी उतई प्रदीप नेताम , अभिषेक साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया गवाहों के समक्ष पूछताछ पर आरोपियों के कब्जे से घटना में चोरी किया हुआ 15किलोग्राम तांबा और एल्युमिनियम तार कित्ती करीब 1लाख रूपये तथा घटना पर प्रयुक्त पिलास एवं वायरकटर को जप्त किया गया आरोपियों से पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपना जुर्रत स्वीकार करने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी में थाना पाटन के सहायक उपनिरीक्षक रेमन साहू सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र तारम आरक्षक दिलेश्वर पठारे आरक्षक महेंद्र बंजारे हुमन साहु तुषार वर्मा कमल साहू दीपक गोस्वामी कि सराहनीय भूमिका रही
दुर्ग । शौर्यपथ । मनी बैक जीवन बीमा पॉलिसी लेने वाले शासकीय कर्मचारी को आठवें और बारहवें वर्ष में मनी बैक का बेनिफिट नहीं दिया, इस कृत्य को सेवा में निम्नता ठहराते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने भारतीय जीवन बीमा निगम की पदमनाभपुर दुर्ग शाखा पर 21 हजार रुपये हर्जाना लगाया। *परिवादी की शिकायत* आनंद नगर दुर्ग निवासी शासकीय कर्मचारी ए.के. पाठक ने महासमुंद में पदस्थ रहते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम से 28 फरवरी 2003 को जीवन सुरभि मनी बैक पॉलिसी ली थी, जिसका वार्षिक प्रीमियम 6170 था, इस पॉलिसी में 4 वर्ष बाद 30 प्रतिशत, 8 वर्ष बाद 30 प्रतिशत 12 वर्ष बाद 40 प्रतिशत मनी बैक बेनिफिट दिया जाना था एवं अंतिम वर्ष में परिपक्वता राशि का भुगतान किया जाना था। शासकीय कर्मचारी होने के कारण परिवादी का महासमुंद से दुर्ग स्थानांतरण हुआ तब उसने अपनी बीमा पॉलिसी को भी दुर्ग स्थानांतरित करा लिया। स्थानांतरण के पश्चात परिवादी को पॉलिसी से मिलने वाली मनी बैक बेनिफिट आठवें वर्ष (2011) और बारहवें वर्ष (2015) में नहीं मिली और दिनांक 28 फरवरी 2018 को पॉलिसी परिपक्व होने के बाद भी उसे इस लाभ से वंचित रखा गया। इसके बाद परिवादी ने लिखित में जानकारी भी बीमा कंपनी को दी लेकिन परिवादी को उसकी मनी बैक बेनिफिट रकम 41648 रुपये का भुगतान नहीं किया गया। *अनावेदक का जवाब* बीमा कंपनी ने प्रकरण में उपस्थित होकर जवाब दिया कि परिवादी ने अपनी पालिसी महासमुंद से क्रय की थी जिसका भुगतान महासमुंद शाखा से प्राप्त होना था और आठवें वर्ष में 15000 रुपये एवं बारहवें वर्ष में 20000 रुपये का चेक महासमुंद शाखा से समय पर भेजा गया था किंतु परिवादी के नाम से जारी पॉलिसी ट्रांसफर हो जाने के कारण और परिवादी द्वारा किसी प्रकार की सूचना नहीं दिए जाने के कारण परिवादी को भुगतान नहीं हो सका। कंपनी ने भुगतान करने का प्रयास किया था। परिवादी ने ही घोर लापरवाही की है। *फोरम का फैसला* प्रकरण में पेश दस्तावेजों एवं प्रमाणों तथा दोनों पक्षों के तर्को के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने यह निष्कर्ष निकाला कि परिवादी का स्थानांतरण दुर्ग हुआ तब परिवादी ने नए पते की सूचना दी थी ऐसे में अनावेदक का यह दायित्व था कि आठवें एवं बारहवें वर्ष मिलने वाली राशि को परिवादी के पालिसी में दर्शित पते पर भेजता। इसके बाद जब बीमा कंपनी ने दिनांक 28 फरवरी 2018 को अंतिम भुगतान किया उस दौरान भी परिवादी को आठवें एवं बारहवें वर्ष की राशि का भुगतान किया जा सकता था किंतु उस समय भी परिवादी को उसकी राशि नहीं दी गई जबकि अनावेदक को परिवादी के पते का ज्ञान हो चुका था। उपभोक्ता फोरम के समक्ष प्रकरण के लंबित रहने के दौरान बीमा कंपनी ने 41648 रुपये का भुगतान आठवें और बारहवें वर्ष के लिए ब्याज सहित किया है। ये राशि परिवादी को वर्ष 2011 एवं 2015 में ही अनावेदक से प्राप्त होनी थे किंतु उसे राशि प्राप्त नहीं हुई और कई वर्षों तक पत्र व्यवहार करना पड़ा और अनावश्यक चक्कर लगाने पड़े। इससे उसे आर्थिक व मानसिक पीड़ा हुई है और परिवादी अपनी ही राशि से कई वर्षों तक वंचित रहा। यदि परिवादी ने फोरम के समक्ष परिवाद प्रस्तुत न किया गया होता तो उसे उसकी राशि भी प्राप्त नहीं होती। इस आधार पर परिवादी अनावेदक बीमा कंपनी से 20000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी है साथ ही बीमा कंपनी को वाद व्यय के रूप में 1000 रुपये भी परिवादी को देना होगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । विधायक अरूण वोरा ने आईएएनएस.सी वोटर स्टेट ऑफ द नेशन 2020 सर्वे में देश के दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बधाई देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता के नजर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे देश में सबसे उत्कृष्ट मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री और उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का काम दूसरे नंबर पर नहीं बल्कि पहले नंबर पर है। वोरा ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में भूपेश सरकार ने किसानों की कर्जमाफी और 25 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी के साथ न्याय योजना शुरू कर बहुत बड़े राहत भरे फैसले किए हैं। देश में धान का सबसे ज्यादा मूल्य छत्तीसगढ़ सरकार दे रही है। इसी तरह वनोपज का मूल्य भी आदिवासियों को सबसे ज्यादा दिया जा रहा है। इन फैसलों से परेशानहाल किसानों व आदिवासियों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है। इसी तरह भूपेश सरकार ने हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक जैसी योजनाएं शुरू कर लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उनके इलाज की चिंता की है। हाफ बिजली बिल जैसी योजना लागू कर पूरे छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत देने का महत्वपूर्ण फैसला किया गया है। भूपेश सरकार ने कोविड 19 महामारी से बचाव और इलाज के लिए जिस तरह से योजनाबद्ध ढंग से काम किया है उसकी देश विदेश में प्रशंशा हो रही है। वोरा ने कहा कि लॉकडाउन की विपरीत परिस्थितियों में लाखों गरीबों, मजदूरों को रोज भोजन देने, प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए भोजन, नाश्ता, पेयजल के साथ चरणपादुका जैसी व्यवस्थाएं करते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से मजदूरों को वापस लाने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण काम किया है। वोरा ने दावा किया कि सर्वे एजेंसियों की नजर में भले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दूसरे नंबर पर हों, लेकिन प्रदेश के हर नागरिक को राहत देने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की जनता की नजर में पहले नंबर पर हैं।
दुर्ग । शौर्यपथ । मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अलताफ अहमद ने बयान जारी कर कहा कि मोदी सरकार का 6 वर्ष का कार्यकाल सिर्फ हवा हवाई व जुमलेबाजी से भरा हुआ निराशा जनक जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों पर पानी फेरने वाला रहा।प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रहें हैं अपनी की गई घोषणाओं को धरातल पर लाने में रुचि नही दिखाये जिससे देश की जनता को लाभ नही मिला।मोदी सरकार की नाकामियों को बताते हुए अलताफ अहमद ने कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला हुआ जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया लोगों को लाइन में खड़ा कर लोगों की जेब से उनकी मेहनत की कमाई निकाल ली और आदमी सम्हलता उसके पहले जीएसटी लगाकर छोटे बड़े उद्योगों के व्यापारियों को जम का करंट देकर काम धंधा बन्द करने पर मजबूर कर दिया।कहां गये मोदी सरकार के पूर्व में किये गए मंहगाई कम करने,पेट्रोल डीजल के दाम कम करने,भ्रष्टाचार मिटाने,कालाधन वापस लाने,प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगार को रोजगार देने की बात कही गई थी पर सत्ता में आने के बाद यह सब जुमला ही रहा काम किसी पर नही हुआ जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।प्रधानमंत्री ने ऐसे सैकड़ों जुमलेबाजी को आगे बढ़ाते हुए देश को 50 साल पीछे कर दिया।कांग्रेस ने रेल,सेल,बी एस एन एल,एयरपोर्ट,बनाये उन्हें और विकसित करने के बजाये उन्हें अपने चहेते उद्योगपति मित्रों को निजीकरण की आड़ में बेचा जा रहा है। अलताफ अहमद ने कहा की पूरा देश कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है उससे निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई सकारात्मक योजना नहीं है आज जो व्यवस्था हो राज्यों की सरकारें ही अपने अपने स्तर पर कर रही है।केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर जिसमें बड़े बूढ़े,नौजवान, महिलाएं अपने बच्चों के साथ अपने घरों को जाने भूखे प्यासे हजारो किलोमीटर पैदल ही निकल गए जिसमें 80 से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों की रास्तो में ही मौत हो गई और मोदी सरकार तमाशबीन रही 20 लाख करोड़ का झुनझुना पकड़ा दिया और ये नही बताया कि इन राशियों का लाभ कब और कितना देश के लोगों को मिलेगा। 12 करोड़ से भी ज्यादा लोग बेरोजगार क्यों हुए ,गरीबों के खाते में प्रतिमाह 7500 रु.कब डालोगे,चीन भारत की सीमा पर बवाल क्यों कर रहा वहीं नेपाल ने भारत के कुछ हिस्से अपने नक्शे में क्यों दिखाया इससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी फेल हो गई है। मोदी सरकार जनता के सब्र का इम्तिहान न ले नही तो वक्त आने पर देश की भोली भाली जनता ऐसा जवाब देगी की मोदी सरकार फर्श पर ऐसा आएगी की फिर उठ न सकेगी ।
दुर्ग । शौर्यपथ । मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अलताफ अहमद ने बयान जारी कर कहा कि मोदी सरकार का 6 वर्ष का कार्यकाल सिर्फ हवा हवाई व जुमलेबाजी से भरा हुआ निराशा जनक जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों पर पानी फेरने वाला रहा।प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रहें हैं अपनी की गई घोषणाओं को धरातल पर लाने में रुचि नही दिखाये जिससे देश की जनता को लाभ नही मिला।मोदी सरकार की नाकामियों को बताते हुए अलताफ अहमद ने कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला हुआ जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया लोगों को लाइन में खड़ा कर लोगों की जेब से उनकी मेहनत की कमाई निकाल ली और आदमी सम्हलता उसके पहले जीएसटी लगाकर छोटे बड़े उद्योगों के व्यापारियों को जम का करंट देकर काम धंधा बन्द करने पर मजबूर कर दिया।कहां गये मोदी सरकार के पूर्व में किये गए मंहगाई कम करने,पेट्रोल डीजल के दाम कम करने,भ्रष्टाचार मिटाने,कालाधन वापस लाने,प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगार को रोजगार देने की बात कही गई थी पर सत्ता में आने के बाद यह सब जुमला ही रहा काम किसी पर नही हुआ जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।प्रधानमंत्री ने ऐसे सैकड़ों जुमलेबाजी को आगे बढ़ाते हुए देश को 50 साल पीछे कर दिया।कांग्रेस ने रेल,सेल,बी एस एन एल,एयरपोर्ट,बनाये उन्हें और विकसित करने के बजाये उन्हें अपने चहेते उद्योगपति मित्रों को निजीकरण की आड़ में बेचा जा रहा है। अलताफ अहमद ने कहा की पूरा देश कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है उससे निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई सकारात्मक योजना नहीं है आज जो व्यवस्था हो राज्यों की सरकारें ही अपने अपने स्तर पर कर रही है।केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर जिसमें बड़े बूढ़े,नौजवान, महिलाएं अपने बच्चों के साथ अपने घरों को जाने भूखे प्यासे हजारो किलोमीटर पैदल ही निकल गए जिसमें 80 से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों की रास्तो में ही मौत हो गई और मोदी सरकार तमाशबीन रही 20 लाख करोड़ का झुनझुना पकड़ा दिया और ये नही बताया कि इन राशियों का लाभ कब और कितना देश के लोगों को मिलेगा। 12 करोड़ से भी ज्यादा लोग बेरोजगार क्यों हुए ,गरीबों के खाते में प्रतिमाह 7500 रु.कब डालोगे,चीन भारत की सीमा पर बवाल क्यों कर रहा वहीं नेपाल ने भारत के कुछ हिस्से अपने नक्शे में क्यों दिखाया इससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी फेल हो गई है। मोदी सरकार जनता के सब्र का इम्तिहान न ले नही तो वक्त आने पर देश की भोली भाली जनता ऐसा जवाब देगी की मोदी सरकार फर्श पर ऐसा आएगी की फिर उठ न सकेगी ।
दुर्ग । शौर्यपथ । मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अलताफ अहमद ने बयान जारी कर कहा कि मोदी सरकार का 6 वर्ष का कार्यकाल सिर्फ हवा हवाई व जुमलेबाजी से भरा हुआ निराशा जनक जनता की अपेक्षाओं उम्मीदों पर पानी फेरने वाला रहा।प्रधानमंत्री के साथ साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रहें हैं अपनी की गई घोषणाओं को धरातल पर लाने में रुचि नही दिखाये जिससे देश की जनता को लाभ नही मिला।मोदी सरकार की नाकामियों को बताते हुए अलताफ अहमद ने कहा कि मोदी सरकार में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला हुआ जिसने देश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया लोगों को लाइन में खड़ा कर लोगों की जेब से उनकी मेहनत की कमाई निकाल ली और आदमी सम्हलता उसके पहले जीएसटी लगाकर छोटे बड़े उद्योगों के व्यापारियों को जम का करंट देकर काम धंधा बन्द करने पर मजबूर कर दिया।कहां गये मोदी सरकार के पूर्व में किये गए मंहगाई कम करने,पेट्रोल डीजल के दाम कम करने,भ्रष्टाचार मिटाने,कालाधन वापस लाने,प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगार को रोजगार देने की बात कही गई थी पर सत्ता में आने के बाद यह सब जुमला ही रहा काम किसी पर नही हुआ जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है।प्रधानमंत्री ने ऐसे सैकड़ों जुमलेबाजी को आगे बढ़ाते हुए देश को 50 साल पीछे कर दिया।कांग्रेस ने रेल,सेल,बी एस एन एल,एयरपोर्ट,बनाये उन्हें और विकसित करने के बजाये उन्हें अपने चहेते उद्योगपति मित्रों को निजीकरण की आड़ में बेचा जा रहा है। अलताफ अहमद ने कहा की पूरा देश कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है उससे निपटने के लिये केंद्र सरकार के पास कोई सकारात्मक योजना नहीं है आज जो व्यवस्था हो राज्यों की सरकारें ही अपने अपने स्तर पर कर रही है।केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर जिसमें बड़े बूढ़े,नौजवान, महिलाएं अपने बच्चों के साथ अपने घरों को जाने भूखे प्यासे हजारो किलोमीटर पैदल ही निकल गए जिसमें 80 से भी ज्यादा प्रवासी मजदूरों की रास्तो में ही मौत हो गई और मोदी सरकार तमाशबीन रही 20 लाख करोड़ का झुनझुना पकड़ा दिया और ये नही बताया कि इन राशियों का लाभ कब और कितना देश के लोगों को मिलेगा। 12 करोड़ से भी ज्यादा लोग बेरोजगार क्यों हुए ,गरीबों के खाते में प्रतिमाह 7500 रु.कब डालोगे,चीन भारत की सीमा पर बवाल क्यों कर रहा वहीं नेपाल ने भारत के कुछ हिस्से अपने नक्शे में क्यों दिखाया इससे यह साबित होता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी फेल हो गई है। मोदी सरकार जनता के सब्र का इम्तिहान न ले नही तो वक्त आने पर देश की भोली भाली जनता ऐसा जवाब देगी की मोदी सरकार फर्श पर ऐसा आएगी की फिर उठ न सकेगी ।
मनोरंजन/ शौर्यपथ / अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा लॉकडाउन के खत्म होने के बाद अपने दोस्तों के साथ मिलने और पार्टी करने को लेकर इंतजार में हैं। अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट-लॉकडाउन विशलिस्ट का खुलासा किया है।
एक बार लॉकडाउन के हटने के बाद वह कौन सा काम है, जो वह करना चाहेंगी। इस पर उन्होंने कहा, “मैं बस अपने सभी दोस्तों के साथ पार्टी करना और काम पर वापस जाना चाहती हूं ! लेकिन वह भी केवल सुरक्षित रहने पर।”
अभिनेत्री ने कहा था कि भले ही वह अपने दोस्तों और काम को याद कर रही हैं, लेकिन अगर घर पर रहने से वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है, तो लॉकडाउन में उन्हें ऐसा करने में कोई आपत्ति नहीं है।
सोनाक्षी कैसे लॉकडाउन से मुकाबला कर रही हैं, इस पर उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों को याद करती हूं, लेकिन यदि आप चीजों को परिप्रेक्ष्य में रखते हैं, तो वास्तव में यह एक मुद्दा भी नहीं है। मुझे लॉकडाउन से कोई दिक्कत नहीं अगर इससे हम वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं। इसने सभी को एहसास दिलाया कि चीजों को हलके में नहीं लेना चाहिए।”
लॉकडाउन के दौरान सबसे चुनौती पूर्ण काम के बारे में पूछे जाने पर सोनाक्षी ने कहा, “कुछ भी नहीं। मैं अपने प्रियजनों के साथ घर पर रह रही हूं और मैं इसके लिए खुद को भाग्यशाली मानती हूं। जब आप चारों ओर उन लोगों को देखते हैं, जो अपने घर-परिवारों से दूर हैं और खुद के लिए भोजन जुटाने में भी सक्षम नहीं हैं, तो असल में चुनौतियों का सामना वे लोग कर रहे हैं। मेरा दिल उनके लिए व्यथित हो जाता है और मैं उनकी मदद करना चाहती हूं।”
सोनाक्षी कैसे लॉकडाउन से मुकाबला कर रही हैं, इस पर उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों को याद करती हूं, लेकिन यदि आप चीजों को परिप्रेक्ष्य में रखते हैं, तो वास्तव में यह एक मुद्दा भी नहीं है। मुझे लॉकडाउन से कोई दिक्कत नहीं अगर इससे हम वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं। इसने सभी को एहसास दिलाया कि चीजों को हलके में नहीं लेना चाहिए।”
लॉकडाउन के दौरान सबसे चुनौती पूर्ण काम के बारे में पूछे जाने पर सोनाक्षी ने कहा, “कुछ भी नहीं। मैं अपने प्रियजनों के साथ घर पर रह रही हूं और मैं इसके लिए खुद को भाग्यशाली मानती हूं। जब आप चारों ओर उन लोगों को देखते हैं, जो अपने घर-परिवारों से दूर हैं और खुद के लिए भोजन जुटाने में भी सक्षम नहीं हैं, तो असल में चुनौतियों का सामना वे लोग कर रहे हैं। मेरा दिल उनके लिए व्यथित हो जाता है और मैं उनकी मदद करना चाहती हूं।”
अभिनेत्री समझती है कि 'हम सभी एक साथ' हैं और 'सर्वश्रेष्ठ के लिए' उम्मीद कर रहे हैं।
काम की बात करें, तो सोनाक्षी जल्द ही 'भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया' में दिखाई देंगी। फिल्म में अजय देवगन, संजय दत्त, शरद केलकर, एम्मी विर्क और प्रणिता सुभाष ने भी काम किया हैं।
वास्तु टिप्स / शौर्यपथ / घर की किस दिशा में कौनसा वृक्ष, पेड़ या पौधा लगाना चाहिए और कौनसा नहीं यह जानना जरूरी है। यदि घर के आसपास नकारात्मक वृक्ष लगे हैं तो उससे जीवन में परेशानिया खड़ी होती है। आओ जानते हैं वृक्ष के वास्तु नियम।
1. पौधारोपण हेतु उत्तरा, स्वाति, हस्त, रोहिणी और मूल नक्षत्र अत्यंत शुभ होते हैं। इनमें रोपे गए पौधों का रोपण निष्फल नहीं होता है। जिन्हें अपना जन्म नक्षत्र ज्ञात हो वे जन्म नक्षत्र अनुसार रोपण करें। दूसरा यह कि पौधों के शुक्ल पक्ष में पौधारोपण करें। शुक्ल पक्ष की अष्टमी से कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय वृक्षारोपण के लिये शुभ रहता है।
2. कोई भी पौधा घर के मुख्य द्वार के सामने न रोपे, बड़े वृक्ष मुख्य द्वार की ऊंचाई के तीन गुना दूर लगाएं। वृक्ष की छाया प्रात: 9 से 3 बजे तक घर पर नहीं पड़ना चाहिए। घर की छाया से थोड़ी दूर पर पीपल, आम और नीम लगा सकते हैं। घर के उत्तर एवं पूर्व क्षेत्र में कम ऊंचाई के पौधे लगाने चाहिए।
3. पौधों को पहले मिट्टी के गमलों में व फिर जमीन में लगाना चाहिए। ऐसा करने से उनका विकास अच्छा रहता है। यदि किसी भी कारण से किसी वृक्ष को निकालना आवश्यक हो जाता है तो उसे माघ या भाद्रपद माह में ही निकालना चाहिए। साथ ही एक वृक्ष निकालने के स्थान पर एक नया वृक्ष लगाने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसा तीन माह के भीतर कर देना चाहिए।
4. कहते हैं कि जो वृक्ष ऊंचे और मजबूत तथा कठोर तने वाले (शीशम इत्यादि) हैं, उन पर सूर्य का विशेष अधिकार होता है। दूध वाले वृक्षों (देवदार इत्यादि) पर चंद्र का प्रभाव होता है। लता, वल्ली इत्यादि पर चंद्र और शुक्र का अधिकार होता है। झाड़ियों वाले पौधों पर राहू और केतू का विशेष अधिकार है। जिन वृक्षों में रस विशेष न हो, कमजोर, देखने में अप्रिय और सूखे वृक्षों पर शनि का अधिकार है। सभी फलदार वृक्ष बृहस्पति के वर्ग में, बिना फल के वृक्षों पर बुध का और फल, पुष्प वाले चिकने वृक्षों पर शुक्र का अधिकार है।
5. सूर्य की दिशा पूर्व, बृहस्पति की दिशा उत्तर, मंगल की दिशा दक्षिण, शनि की दिशा पश्चिम है।
6. पूर्व दिशा : घर की पूर्व दिशा में बरगद का पेड़ होने से समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं, लेकिन इसकी घर पर छाया नहीं पड़ना चाहिए और घर की छाया इस पर नहीं पड़ना चाहिए। पूर्व में पीपल से भय और निर्धनता आती है। पूर्व में लगे फलदार वृक्ष से संतति की हानि होती है। हालांकि घर की पूर्व दिशा की ओर पीपल और बरगद के वृक्ष लगाने शुभ नहीं होते। इनसे स्वास्थ्य हानि, प्रतिष्ठा में कमी एवं अपकीर्ति के संकेत मिलते हैं। घर की पूर्व दिशा में गुलाब, चंपा, गूलर, चमेली, बेला, दुर्वा, तुलसी आदि के पौधे लगाने चाहिए। इससे शत्रुनाश, धनसंपदा की वृद्धि व संतति सुख प्राप्त होता है।
7. पश्चिम : पश्चिम में लगे कांटेदार वृक्ष से शत्रु का भय उत्पन्न होता है। पश्चिम में पीपल का वृक्ष शुभ फलदायी होती है। घर के दक्षिण एवं पश्चिम क्षेत्र में ऊंचे वृक्ष (नारियल अशोकादि) लगाने चाहिए। इससे शुभता बढ़ती है।
8. उत्तर : तुलसी, कैथ, पाकड़ या केले के पेड़ को ईशान या उत्तर में लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यहां इस पौधे का अत्यंत शुभ फल मिलता है। लेकिन यदि गूलर और नींबू का पेड़ है तो आंखों से संबंधित रोग उत्पन्न होंगे। उत्तर दिशा में फलदार पेड़ लगाने से संतान पीड़ा अथवा बुद्धि का भी नाश होता है।
9. ईशान : तुलसी, कैथ, पाकड़ या केले के पेड़ को ईशान या उत्तर में लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। ईशान कोण में लटजीरा लगा सकते हैं। ईशान कोण की वाटिका में हल्के फूलों वाले पौधे, बेल और लताएं और औषधीय गुणों वाले पौधे जैसे तुलसी, आंवला इत्यादि लगाए जाने चाहिए। मकान से कुछ दूरी पर ईशान में आंवला भी लगा सकते हैं।
10. दक्षिण : घर की दक्षिण दिशा में गुलाब, गूलर, खैर, नारियल, अशोक और नीम का पेड़ शुभ फलदायक होता है। घर के पिछवाड़े या दक्षिण की ओर फलदार वृक्ष शुभ होने चाहिए। इस दिशा में कांटेदार पेड़-पौधे होने से घर में रोग उत्पन्न हैं। तुलसी का पौधा कठोर यातना देता है। दक्षिण में दूधवाले वृक्ष लगे होने से धन नाश होता है। गुलमोहर, पाकड़, कटहल के वृक्ष लगाने से अकारण शत्रुता, अर्थनाश, असंतोष व कलह होने की आशंका रहती है। जिस व्यक्ति को संकटों से मुक्ति पाना और निरोगी रहना हो उसे घर के दक्षिण में नीम का वृक्ष लगाना चाहिए। घर की छाया से थोड़ी दूर नीम लगा सकते हैं।
11. आग्नेय कोण : दक्षिण पूर्व दिशा अर्थात आग्नेय कोण की ओर पलाश, ढाक, जवाकुसुम, बरगद, अनार, लाल गुलाब अशुभ एवं कष्टदायक होते हैं। इस दिशा में लाल फूलों के वृक्षों व लताएं तथा कांटे वाले वृक्ष अनिष्टकारक एवं मृत्युकारक माने गए हैं।
12. नैऋत्य : नैऋत्य में इमली का पेड़ शुभ फल देता है।
13. वायव्य : नीम के वृक्ष को वायव्य कोण में लगाना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है। बेल का वृक्ष भी वायव्य कोण में लगा सकते हैं।
14 कदम्ब, केला और नींबू जिसके घर में उत्पन्न होता है, उस घर का मालिक कभी विकास नहीं करता। अत: इसकी दिशा का ज्ञान होना जरूरी है।
15. पाकड़, गूलर, आम, नीम, बहेड़ा तथा कांटेदार वृक्ष, पीपल, अगस्त, इमली ये सभी घर के समीप निंदित कहे गए हैं।
16. कहते हैं कि पूर्व में पीपल, अग्निकोण में दुग्धदार वृक्ष, दक्षिण में पाकड़, निम्ब, नैऋत्य में कदम्ब, पश्चिम में कांटेदार वृक्ष, उत्तर में गूलर, केला, छाई और ईशान में कदली वृक्ष नहीं लगाना चाहिए। बैर, पाकड़, बबूल, गूलर आदि कांटेदार पेड़ घर में दुश्मनी पैदा करते हैं। इनमें जति और गुलाब अपवाद हैं। घर में कैक्टस के पौधे नहीं लगाएं।
17. जामुन और अमरूद को छोड़कर फलदार वृक्ष भवन की सीमा में नहीं होने चाहिए। इससे बच्चों का स्वास्थ्य खराब होता है। आवासीय परिसर में दूध वाले वृक्ष लगाने से धनहानि होती है। जिन पेड़ों से गोंद निकलता हो अर्थात चीड़ आदि घर के परिसर में नहीं लगाने चाहिए। यह धनहानि की आशंका को बढ़ाता है।
18. जिस घर की सीमा में निगुंडी का पौधा होता है वहां गृह कलह नहीं होती।
19. जिस घर में एक बिल्व का वृक्ष लगा होता है उस घर में लक्ष्मी का वास बतलाया गया है।
20. जिस व्यक्ति को उत्तम संतान एवं सुख देने वाले पुत्र की कामना हो, उसे पलाश का पेड़ लगाना चाहिए।
21. जिस व्यक्ति को राहु के दोष दूर करना हो उसे चंदन का वृक्ष लगाना चाहिए।
22. जिस व्यक्ति को शनि से संबंधित बाधा दूर करना हो उसे शमी का वृक्ष लगाना चाहिए।
23. अनार का पौधा घर में लगाने से कर्जे से मुक्ति मिलती है।
24. हल्दी का पौधा लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा नहीं रहती।
25. नीले फूल वाली कृष्णकांता की बेल से आर्थिक समस्याएं खत्म होती हैं।
26. नारियल के पेड़ से मान-सम्मान में खूब वृद्धि होती है।
27. अशोक का वृक्ष लगाने से घर के बच्चों की बुद्धि तेज होती है।
28. तुलसी, आंवला और बहेड़ा का पौधा घर में लगाने से बीमारी नहीं आती है।
29. गेंदा लगाने से बृहस्पति मजबूत होता है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
30. बांस का पेड़ लगाने से तरक्की होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। निगेटिव एनर्जी भी दूर होती है। लेकिन किसी विशेषज्ञ से पूछकर लगाएं।
31. गुड़हल का पौधा लगाने से कानून संबंधी सभी काम पूरे हो जाते हैं। बेलपत्र का पौधा लगाने से पीढ़ी दर पीढ़ी लक्ष्मी जी का वास बना रहता है।
धर्म संसार / शौर्यपथ / गर्ग मुनि के पास एक ऋषि आकर कहते हैं कि गुरुदेव आश्रम द्वार पर एक अंधा गाने वाला आया है और आपसे भेंट करने की आज्ञा चाहता है। गर्ग मुनि कहते हैं कि उस महान कलाकार को बड़े आदर के साथ ले आओ और हमारी कुटिया में बिठाओ।
यह सुनकर अक्रूरजी कहते हैं कि ये लीजिये, जिसकी दृष्टि की आप प्रशंसा कर रहे थे वो तो दृष्टिहिन निकला। तब गर्ग मुनि कहते हैं कि मैंने दृष्टि नहीं दूरदृष्टि की बात कही थी। चलिए...दोनों उठकर अंधे गायक से मिलने चले जाते हैं। एक ऋषि उन्हें आसन पर बिठाते हैं। गर्ग मुनि कहते हैं बिराजिए।
वह अंधा गायक गर्ग मुनि के श्रीचरणों में प्रणाम करता है। गर्ग मुनि आशीर्वाद देकर कहते हैं बिराजिये कविराज। कहिये क्या आज्ञा है? यह सुनकर वह अंधा गायक आंखों में आंसू भरकर कहता है प्रभु आप स्वयं ही ब्रह्माजी के पुत्र हैं। इसलिए आपको सर्वसमर्थ जानकर एक प्रार्थना लेकर आया हूं। तब गर्ग मुनि कहते हैं कि हम यथा शक्ति आपकी आज्ञा का पालन करेंगे, कहिये।
वह गायक कहता है कि आपका आशीर्वाद व्यथा नहीं जा सकता। इसलिए मुझे एक आशीर्वाद चाहिए। सुना है कि भगवान कृष्ण रूप में अवतार लेकर इस समय धरती पर विराजमान हैं।... यह सुनकर अक्रूरजी को आश्चर्य होने लगता है।
आगे अंधा गायक कहता है मुझे केवल उनके दर्शन मात्र के लिए थोड़ी देर के लिए ही सही आंखें प्रदान कर दीजिए। जिनसे मैं उन्हें एक बार देख लूं। फिर भले ही आप मुझे नेत्रहिन कर दीजिए। यह सुनकर गर्ग मुनि कहते हैं कि आपको आंखें प्रदान करना कोई मुश्किल काम नहीं। परंतु एक बात का उत्तर दीजिए आपके मन के अंतरमन में अभी तक उनके दर्शन नहीं हुए?
तब आंखें बंद करके वह श्रीकृष्ण को अपने अंतरमन में देखते हैं और कहते हैं कि मेरे मन ने एक आलौकिक बालक को शीशु अवस्था से लेकर बड़े होते हुए देखा है। क्या यह वही है? तब गर्ग मुनि कहते हैं कि हां ये वही है। यह सुनकर वह अंधे बाबा प्रसन्न हो जाते हैं। तब गर्ग मुनि कहते हैं कि ये रूप बड़े-बड़े तपस्वियों को भी इस प्रकार स्पष्ट रूप से नहीं दिखता जिस प्रकार आप देख रहे हैं और वह इसलिए कि आपकी दिव्य दृष्टि से आप एक ही दृश्य देख रहे हैं और यदि आपके चक्षू खोल दिए जाए तो आपको अनेक दृश्य दिखाई देंगे। इसलिए सोच लीजिए इसी एक ही दिव्य रूप को मन में स्थिर रखना है या माया द्वारा निर्मित अनेक रूपों को?
यह सुनकर वह अंधा गायक कहता है कि अब मुझे समझ में आया कि प्रभु ने मुझे ये नयनहिन शरीर देकर मुझ पर कितनी बड़ी कृपा की है। इसके बाद वह अंधा गायक कहता है कि आप महान ज्योतिष हैं इसलिए हे महामुनि आप मुझे मेरा भविष्य बता दीजिए। क्या इसी जन्म में मुझे प्रभु चरणों में मुक्ति प्राप्त हो जाएगी?
यह सुनकर गर्ग मुनि आंखें बंद करके भविष्य में झांकते हैं। यह देखकर अक्रूरजी फिर से आश्चर्य करने लगते हैं। फिर वे आंखें खोलकर कहते हैं कि अभी नहीं कविराज। यह सुनकर कविराज निराश हो जाते हैं। फिर आगे मुनि कहते हैं कि अभी तो आपकी आवश्यकता कलयुग में पड़ेगी। यह सुनकर वह अंधा गायक कहता है कलयुग में?
मुनि कहते हैं हां, कलयुग में करोड़ों प्राणियों को आपको अपने भक्ति रस में डूबोना है। जब कलयुग में भक्ति का हास होगा तो आपको अपनी दिव्य दृष्टि से प्रभु की लीला दिखाई देने लगेगी और आप उसका वर्णन अपनी वाणी से करेंगे। उस समय भी आपको नैनहिन शरीर की प्राप्त ही होगी। उसी जन्म में आपको मुक्ति भी मिलेगी। यह सुनकर कविराज प्रसन्न होकर वहां से विदा ले लेते हैं।
फिर गर्ग मुनि कहते हैं कि अक्रूरजी कविराज का भविष्य देखते देखते ज्योतिष विद्या के अनुसार शीघ्र ही आपका भी मानसिक कायाकल्प होने वाला है। जल्द ही आप पर प्रभु की महान कृपा होने वाली है और उस समय आप वह सब देखेंगे जिसे आपका मस्तिष्क अभी तक नहीं मानता। हम देख रहे हैं कि प्रभु की प्रेमलीला अपनी पराकाष्ठा तक पहुंचने वाली है। गोकुल की सारी ब्रज बालाएं एक माह तक कात्यायिनी मां का व्रत रखने के पश्चात आज मार्गशीर्ष संक्रांति के दिन अपने मन के अनुसार पति पाने के लिए गौरी पूजन कर रही हैं और उस प्रभु की माया तो देखो कि हर गोपिका श्रीकृष्ण को ही पति रूप में पाने की गुप्त कामना लिए इस व्रत का अनुष्ठान कर रही हैं।
दूसरी ओर राधा सहित सभी ब्रज बालाओं को गौरी व्रत पूजन करते हुए बताया जाता है। उनकी पूजन और व्रत से प्रसन्न होकर माता गौरी प्रकट होकर कहती है, मांगों क्या चाहिए। यह सुनकर राधा माता गौरी की प्रशंसा करने के बाद कहती हैं कि जिस प्रकार आपने व्रत करके अपना मनवांछित पति पाया उसी प्रकार हम भी अपना मनवांछित पति पाएं। हम सभी को अपना अपना श्रेष्ठ पति प्राप्त हों। यह कहकर सभी गोपिकाएं माता को प्रणाम करती हैं।
माता अपनी माया से सभी के बीच से राधा को उठाती है जिसे कोई दूसरी सखियां देख नहीं पाती हैं। फिर माता कहती हैं कि हे राधे आप तो श्रीकृष्ण की अर्धांगिनी हैं और इन सब गोपियों में तो श्रीकृष्ण को ही पति रूप में पाने की कामना हैं और मुझे तो इन सभी गोपियों में आपका ही रूप नजर आता है। फिर भी मैं आपको वर देती हूं कि आपका मनवांछित वर आपको हर जन्म में प्राप्त होगा। चैत्रमास के शुक्ल पक्ष में वृंदावन के रासमंडल में इन समस्त गोपिकाओं के सहित श्रीकृष्ण के साथ आपकी रासलीला सम्पन्न होगी।
फिर सभी गोपिकाएं प्रणाम करके राधा के साथ उठती है तो माता कहती हैं हम तुम सबके हृदय का रहस्य जानते हैं किसके हृदय में किस पति की कामना है वो भी हमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हमारा वरदान है कि शीघ्र ही तुम्हारा मनोरथ सिद्ध होगा। आज से तीन मास व्यतीत होने पर जब मनोहर मधुमान का शुक्ल पक्ष आएगा तब तुम सबको अपने अपने मनवांछितकांत की प्राप्त होगी। हमारा ये वचन निष्फल नहीं होगा। यह वचन देकर माता चली जाती हैं।
सभी गोपिकाएं व्याकुल हो तीन माह का इंतजार करती हैं। तीन माह के निश्चित समय पर श्रीकृष्ण मुरली की धुन छेड़ते हैं और सभी गोपिकाएं बैचेन होकर सभी श्रीकृष्ण के पास पहुंच जाती हैं। फिर सभी सखियों के संग प्रभु का महारास होता है। सभी देवता इस नृत्य को देखते हैं और फूल बरसाते हैं और वे भी उनके साथ रास रचाते हैं। श्रीकृष्ण अनेक रूप धरकर सभी सखियों के संग नृत्य करते हैं।
फिर रामानंद सागर जी महारास का अर्थ बताते हैं और बताते हैं कि आगे चलकर अब श्रीकृष्ण की राजनैतिक लीलाओं और महान यादव वीरों का आततायी कंस से लोहा लेने का समय आ रहा है। जय श्रीकृष्णा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
