
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक हालिया बयान ने देश की राजनीतिक सरगर्मियों को तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने दावा किया है कि देश की नौकरशाही और विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नियंत्रण पहले जैसा नहीं रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
संस्थाओं के भीतर से जानकारी मिलने का दावा
एक बंद कमरे में आयोजित आदिवासी पेशेवर सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें देश की विभिन्न संस्थाओं के भीतर से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि नौकरशाही, खुफिया एजेंसियों, चुनाव आयोग और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कुछ लोग अब सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं।
राहुल गांधी के अनुसार, सरकारी तंत्र में कार्यरत अधिकारी अब स्वयं आगे आकर महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि सत्ता के शीर्ष नेतृत्व की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही।
"आर्थिक सुनामी" की चेतावनी
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत निकट भविष्य में एक बड़े आर्थिक संकट या "आर्थिक सुनामी" का सामना कर सकता है। उनके अनुसार बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि जन असंतोष और आर्थिक दबाव तेजी से बढ़ता है, तो सरकार कठोर प्रशासनिक कदम उठा सकती है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
भाजपा का पलटवार
राहुल गांधी के इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेताओं ने आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है।
भाजपा का कहना है कि देश की संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं और विपक्ष द्वारा बार-बार संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी से अपने दावों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने की भी मांग की है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
राहुल गांधी के बयान ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश में कई राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस अपने चरम पर है। विपक्ष जहां आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा विकास, बुनियादी ढांचे और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
आगे क्या?
राहुल गांधी के दावों और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है, जबकि देश की जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर टिकी है कि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं।
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जुलाई 2026 में पूरा होने जा रहा है, जिसके साथ ही संगठन में बड़े फेरबदल की संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया है। आगामी 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है।
टी.एस. सिंहदेव ने जताई संगठन संभालने की इच्छा
सरगुजा अंचल के प्रभावशाली नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से संगठन की कमान संभालने की इच्छा व्यक्त की है। हाल के दिनों में उनकी संगठनात्मक सक्रियता बढ़ी है और वे लगातार कार्यकर्ताओं के संपर्क में दिखाई दे रहे हैं। सिंहदेव का मानना है कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी साफ-सुथरी छवि, प्रशासनिक अनुभव और प्रदेशभर में स्वीकार्यता उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।
दीपक बैज भी दावेदारी में बरकरार
वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल भले ही समाप्ति की ओर हो, लेकिन वे अभी भी अपनी दावेदारी बनाए हुए हैं। बस्तर क्षेत्र के आदिवासी चेहरे के रूप में उनकी पहचान कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उनकी पकड़ और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उनके समर्थक नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में जल्दबाजी नहीं चाहते।
भूपेश बघेल का नाम भी चर्चा में
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल है। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को एक आक्रामक और जनाधार वाले नेतृत्व की जरूरत है। बघेल समर्थकों का तर्क है कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो सकता है।
हालांकि अभी तक बघेल की ओर से इस विषय पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान केवल प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर ही नहीं बल्कि संगठनात्मक संतुलन के व्यापक फार्मूले पर भी विचार कर रहा है। चर्चा है कि नए अध्यक्ष के साथ दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जा सकते हैं ताकि प्रदेश के विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।
यदि टी.एस. सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है, तो आदिवासी, ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर संतुलन साधने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
कार्यकारी अध्यक्ष पद के संभावित चेहरे
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि मुख्य अध्यक्ष पद किसी गैर-आदिवासी नेता को दिया जाता है तो आदिवासी समाज को संगठन में मजबूत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
इंद्रशाह मंडावी और लखेश्वर बघेल के नाम भी आदिवासी नेतृत्व के रूप में चर्चा में हैं। वहीं ओबीसी वर्ग से राम कुमार यादव का नाम तेजी से उभर रहा है।
अनुसूचित जाति वर्ग से पूर्व मंत्री शिव डहरिया की सक्रियता भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि संगठन में सामाजिक संतुलन स्थापित करने के लिए उन्हें भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सचिन पायलट और आलाकमान की नजर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट लगातार संगठनात्मक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान सभी संभावित नामों, क्षेत्रीय प्रभाव, सामाजिक समीकरणों और चुनावी रणनीति का विस्तृत अध्ययन कर रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व का लक्ष्य केवल नया अध्यक्ष चुनना नहीं, बल्कि ऐसा संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है जो 2028 विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती दे सके।
2028 की तैयारी का संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीसीसी अध्यक्ष का चयन केवल संगठनात्मक नियुक्ति नहीं होगा, बल्कि यह कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति का आधार भी बनेगा। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व, क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक प्रभाव जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह संगठन की दिशा और भविष्य की राजनीति तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
राजनांदगांव । जनपद पंचायत डोंगरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरमुंदा में स्वच्छता त्यौहार का आयोजन किया गया। प्रत्येक शनिवार को ग्राम पंचायतों में आयोजित स्वच्छता त्यौहार के तहत ग्राम पंचायत मुरमुंदा के विभिन्न चौक-चौराहों की साफ-सफाई की गई और ग्रामीणों को नियमित सफाई के लाभ के बारे में बताया गया। ग्राम मुरमुन्दा का बड़े तालाब का यह स्थल प्रवासी पक्षियों का निवास स्थल है। पर्यावरण के संरक्षण के तहत ग्राम के बड़े तालाब में कचरा संग्रहण एवं श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव ने ग्रामीणों को ग्रामसभा में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कचरा के चारों प्रकार के बारे में बताया एवं नियमित सफाई रखने कहा। उन्होंने ग्रामीणों से कचरा संग्रहण करने व यूजर चार्ज समय पर देने का आग्रह किया। इस अवसर पर एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, तहसीलदार श्री अमीय श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत सरपंच, पंच, अतिरिक्त सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगढ़, पटवारी, राजस्व निरीक्षक एवं स्वच्छ भारत मिशन से विकासखण्ड समन्वयक व संकुल समन्वयक, सचिव, रोजगार सहायक, महिला समूह की महिलाएं, स्वच्छाग्राही दीदी एवं ग्रामीणों ने स्वच्छता त्यौहार में हिस्सा लिया।
अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक श्री मुनीश शर्मा
डीडीएम नाबार्ड श्री मनोज नायक
निदेशक आरसेटी श्री अमित मिश्रा
इस अवसर पर अतिथियों ने संस्थान परिसर में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण, भूमिगत जल संरक्षण, ग्राउंड वाटर रिचार्ज तथा रेन वॉटर मैनेजमेंट की आवश्यकता पर विशेष जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि पर्यावरण संतुलन एवं भूजल स्तर सुधारने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
हर व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाए।
भूमिगत जल संरक्षण और ग्राउंड वाटर रिचार्ज को प्राथमिकता दी जाए।
रेन वॉटर मैनेजमेंट को दैनिक जीवन और संस्थागत स्तर पर अपनाया जाए।
पर्यावरण संरक्षण को एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत जिम्मेदारी के रूप में देखा जाए।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का पौधरोपण अभियान नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को पौधरोपण और जल संरक्षण की सतत जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
संकाय सदस्य श्री ऋषभ मिश्रा
सेलफोन रिपेयर के मास्टर ट्रेनर श्री प्रशांत मिश्रा
संस्थान स्टाफ श्री इंद्रेश ठाकुर
पशु सखी एवं मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षार्थी
कार्यक्रम का उद्देश्य
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अधिक से अधिक पौधरोपण को प्रोत्साहित करना तथा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना।
राजनांदगांव, । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत टेड़ेसरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों का प्राप्त कर उनके त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी ग्रामीणों को प्रदान की गई।
शिविर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को हर घर नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता तथा जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और निर्मित जल संरचनाओं के समुचित रखरखाव में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित एवं सतत पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
शिविर में यह भी बताया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में श्री संतोष अग्रवाल, डॉ. खिलेश्वर साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
राजनांदगांव/ शौर्यपथ / विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, जिला राजनांदगांव द्वारा शंकरपुर मुक्तिधाम के समीप वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा के 'बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के' अभियान के तहत किया गया।
भाजपा प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के निर्देश एवं भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत तथा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय राय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बड़ी संख्या में झाड़ीदार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय राय ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण एवं उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष सुमित भाटिया, जिला महामंत्री दीपेश शेंडे, जिला उपाध्यक्ष मयंक डोंगरे, जिला मंत्री महेश महोबे एवं प्रवेश इलमकर, भाजयुमो के साकेत वैष्णव, जिला सहसंयोजक कृष्णा तिवारी, मण्डल अध्यक्ष करण कोसरे, शहर महामंत्री रवि बंजारे, दक्षिण मण्डल अध्यक्ष राजेश बोइर, प्रगेश पगारे, विकाश गजभीये तथा जिला सोशल मीडिया प्रभारी रोशन लाऊत्रे, जिला संयोजक महेश महोबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
श्रीमती तिजकुंवर के पति श्री राम चरण ने बताया कि ग्राम मातेखेड़ा स्थित उनकी पत्नी की भूमि का खाता विभाजन होने के बाद भी उन्हें ऋण पुस्तिका प्राप्त नहीं हुई थी। इसके अभाव में खाद, बीज एवं कृषि दवाइयों की खरीदी, कृषि ऋण लेने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्होंने अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखी और ऋण पुस्तिका जारी करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर त्वरित कार्रवाई की और शिविर में ही उन्हें ऋण पुस्तिका उपलब्ध करा दी।
ऋण पुस्तिका मिलने से अब श्रीमती तिजकुंवर को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। वे कृषि ऋण, खाद-बीज वितरण तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से ले सकेंगी। इससे खेती-किसानी के कार्यों को नई गति मिलने के साथ उनकी आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर श्रीमती तिजकुंवर ने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे बिना किसी बाधा के कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगी।
सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को नई मजबूती मिल रही है।
क्या इस प्रकार का समाचार-लेखन प्रारूप आपके समाचार पत्र के लिए उपयुक्त है, या आप इसे और अधिक विश्लेषणात्मक, फीचर शैली अथवा स्थानीय संवाददाता शैली में तैयार करवाना पसंद करेंगे?
दुर्ग, । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय वी.वाई.टी. पीजी स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के 30 कैडेटों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की। महाविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों ने न केवल हरित वातावरण का संदेश दिया, बल्कि युवाओं की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष ही मानव जीवन, जैव विविधता और सतत विकास के सबसे मजबूत आधार हैं।
एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन पौधे लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक चेतना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कार्यक्रम में शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग की प्राचार्य डॉ. रिचा ठाकुर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. संजू सिन्हा, डॉ. सीतेश्वरी चन्द्राकर, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. मीना मान एवं डॉ. मोतीराम साहू सहित अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा शक्ति की सकारात्मक भागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
बड़ेगौरी गांव में जल अर्पण दिवस पर जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल को लेकर जागरूकता अभियान, जल बहिनी टीम के प्रयासों की हुई सराहना
कांकेर। जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के बड़ेगौरी गांव में इस योजना का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, जहां अब प्रत्येक घर तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
गांव के भ्रमण के दौरान जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत का अवलोकन किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सुबह और शाम नियमित रूप से नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हुआ है। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को अब दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने की कठिनाई से मुक्ति मिल गई है।
इस दौरान एक परिवार की बुजुर्ग महिला एवं घर की अन्य सदस्य से आत्मीय संवाद किया गया। उन्होंने बताया कि घर तक नल कनेक्शन पहुंचने से दैनिक जीवन काफी सरल और सुविधाजनक हो गया है। अब पेयजल के लिए अतिरिक्त समय और श्रम खर्च नहीं करना पड़ता।
जल अर्पण दिवस के अवसर पर ग्रामीणों के साथ वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल के महत्व पर सार्थक चर्चा भी की गई। ग्रामीणों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
गांव में सक्रिय जल बहिनी टीम द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पेयजल सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना की गई। टीम के प्रयासों से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।
जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बड़ेगौरी गांव इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
*मेडिकल कॉलेज बनेगा वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य का आधार - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा*
*बोड़ला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, तरेगांव में 2.50 करोड़ से बनेगा सीएचसी, राजा नवागांव में 75 लाख से अपग्रेड होगा सब सेंटर*
*पीएम जनमन से बैगा अंचलों तक पहुंच रही सड़क और विकास योजनाएं, बन रही 56 सड़कें*
रायपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में शामिल हुए। यहां उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिये। शिविर के दौरान उन्होंने विभिन्न हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित भी किया।
शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीते दिनों यहां 7 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया है। 1.5 करोड़ की लागत से यहां तालाब के सौंदर्यीकरण की स्वीकृति मिली है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य काम दस बीस सालों के लिये होते हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज जैसा काम सौ साल का होता है। उन्होंने बताया कि काम तेजी से हो रहा है। हर शुक्रवार निर्माण कार्य में हुई प्रगति का अपडेट लिया जाता है। उन्होंने कहा कि बोड़ला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। तरेगांव जंगल के पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन के लिए 2.50 करोड़ की स्वीकृति मिली है। राजा नवागांव सब सेंटर 75 लाख की लागत से पीएचसी में अपग्रेड होने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भोरमदेव कॉरिडोर में मंदिर परिसर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुंवा के साथ सरोदा बांध का उन्नयन किया जा रहा है। भोरमदेव मंदिर के इतिहास से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए संग्रहालय का निर्माण, सरोवर का सौंदर्यीकरण, कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना है। इसके लिए स्वदेश दर्शन योजना से 146 करोड़ रुपए मिले हैं। यह न सिर्फ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि पर्यटकों के आने से क्षेत्रवासियों के लिए आर्थिक विकास की राह भी खोलेगा। किसानों की सुविधा के लिए बोड़ला में ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है। नया सब स्टेशन का काम चल रहा है। फीडर अलग करने का काम भी जारी है। घरेलू कनेक्शन और खेतों में गया फीडर अलग किया जा रहा है। ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारु रहे।
लोरमी विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में इस पूरे क्षेत्र के समुचित विकास की ठोस आधारशिला रखी जा रही है जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा। उनके मार्गदर्शन में कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। जिसका लाभ पूरे जिले के मरीजों को मिलेगा। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। अटल आरोग्य लैब से कई प्रकार की जांच निःशुल्क होती है। उनके नेतृत्व में भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होने जा रहा है। यह परियोजना भोरमदेव मंदिर को देश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती अंकित करने का रहा है। यह सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी आगे बढ़ाएगा। उन्होंने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संकल्प और सतत प्रयासों से संभव हुआ है।
*पीएम जनमन से बैगा बसाहटों को जोड़ने बन रही 56 सड़कें*
पीएम जनमन से प्रदेश की 2.25 लाख विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए करीब 800 सड़कें बनाई गई। जिले में बैगा बाहुल्य बसाहटों के 56 सड़कें बन रही हैं, जिनमें से अधिकांश सड़कें पूरी हो चुकी हैं। पीएमजीएसवाय फेज-4 से बोड़ला विकासखंड में 16 सड़कें बन रही हैं। विभिन्न सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। दूरस्थ अंचलों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए विशेष रूप से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला एवं बाल विकास के साथ अन्य महत्वपूर्ण योजना का लाभ पहुंचाने का काम हो रहा है। जिससे जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।
*महतारी वंदन योजना की 28 वीं किश्त जारी*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कल ही महतारी वंदन की 28 वीं किश्त जारी किया है। हर हितग्राही माता बहनों को हर माह 1-1 हजार रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 27 किश्तों में जिले की महिलाओं करीब 633 करोड़ रूपये से अधिक जारी हो चुके हैं।
*2.5 वर्षों में पूरे देश में सर्वाधिक आवास किये पूरे*
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार गठन के बाद पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति और उसे पूर्ण करने का काम पूरी तेजी से किया गया। उन्होंने बताया कि बीते 2.5 वर्षों में पूरे प्रदेश में 10 लाख 60 हजार पीएम आवास पूरा किया है। यह इस अवधि में पूरे देश में सर्वाधिक है। जनवरी 2025 से अक्टूबर तक प्रदेश में 2 हजार आवास प्रतिदिन पूर्ण हो रहे थे। यह देश में सबसे अधिक था। आज भी देश में सबसे ज्यादा 1600 आवास प्रतिदिन पूरा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी आवास निर्माण की गति बढ़ाई जा रही है।
*उप मुख्यमंत्री ने सौंपी आवास की चाबी, हितग्राहियों को किया लाभन्वित*
सुशासन तिहार के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी सौंपी गई। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वारा नवीन राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, एचआईवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र का भी वितरण किया। साथ ही कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समाधान शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
सुराना कॉलेज एवं भारती कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश, वृक्षारोपण के साथ पौधों की देखभाल का भी लिया गया संकल्प
दुर्ग,। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, दुर्ग द्वारा सुराना कॉलेज एवं भारती कॉलेज में पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था।
दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरदीप सिंह भाटिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सदस्यों को तुलसी, नीम, आम, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे निःशुल्क वितरित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कांग्रेस पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दिलाया।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय वृक्षारोपण है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, छाया सांसद राजेंद्र साहू, प्रोफेशनल कांग्रेस प्रदेश समन्वयक क्षितिज चंद्राकर, नेता प्रतिपक्ष दुर्ग नगर निगम संजय कोहले, दुर्ग कांग्रेस संगठन महामंत्री राय सिंह ढीकोला, युवा कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष जयंत देशमुख, दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की सचिव बिना देशमुख, उपाध्यक्ष अहमद चौहान, सचिव ललित उके, सचिव शाहनवाज़ खान, अनिल देशमुख, गौरव उमरे तथा डॉ. भूपेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, कॉलेज कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्यों तथा महाविद्यालय परिवार के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में सभी उपस्थितजनों ने हर वर्ष अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
दुर्ग। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर दुर्ग शहर की राजनीति इन दिनों पूरी तरह गर्म हो चुकी है। ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया और 35 वर्ष की आयु सीमा के बीच युवा नेतृत्व की इस लड़ाई ने कांग्रेस संगठन के भीतर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। चुनावी मैदान में मनीष सोनवानी, ऋषि साहू, रौनक दुबे और मोहित वाल्दे जैसे युवा चेहरे अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा मनीष सोनवानी और ऋषि साहू के बीच सीधे मुकाबले की हो रही है।
स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं और संगठन के भीतर चल रही गतिविधियों पर नजर डालें तो मनीष सोनवानी वर्तमान समय में सबसे मजबूत और संगठित दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं। युवा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रियता, संगठन में बढ़ती स्वीकार्यता तथा विभिन्न स्तरों पर मिल रहा सहयोग उन्हें अन्य प्रत्याशियों की तुलना में बढ़त दिलाता नजर आ रहा है। कांग्रेस के कई सक्रिय कार्यकर्ता मानते हैं कि यदि वर्तमान परिस्थितियां इसी प्रकार बनी रहती हैं तो मनीष सोनवानी अध्यक्ष पद की दौड़ में निर्णायक बढ़त हासिल कर सकते हैं।
दूसरी ओर ऋषि साहू भी चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ डटे हुए हैं। उनके समर्थन में विवेक मिश्रा लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं और युवा कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऋषि साहू के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी पूर्व विधायक अरुण वोरा के करीबी समर्थक के रूप में बन रही छवि है। कांग्रेस के भीतर बदलते शक्ति संतुलन के बीच यह समीकरण कई युवाओं को आकर्षित करने के बजाय दूरी बनाने के लिए भी प्रेरित कर सकता है।
रौनक दुबे भी चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। उन्हें पूर्व विधायक स्तर के कुछ नेताओं का समर्थन मिलने की चर्चाएं हैं और युवा वर्ग का एक हिस्सा उनके साथ दिखाई देता है। हालांकि संगठनात्मक स्तर पर अभी तक वह उतनी मजबूत स्थिति बनाते नजर नहीं आ रहे जितनी मनीष सोनवानी के पक्ष में दिखाई दे रही है।
यदि दुर्ग कांग्रेस की राजनीति को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो एक समय प्रदेश कांग्रेस और दुर्ग कांग्रेस की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा वोरा बंगला अब पहले जैसी राजनीतिक ऊर्जा का केंद्र नहीं दिखाई देता। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में संगठनात्मक शक्ति और प्रभाव के स्तर पर पूर्व विधायक अरुण वोरा की स्थिति लगातार कमजोर हुई है। यही कारण है कि यूथ कांग्रेस चुनाव में भी प्रत्याशियों का पूरा राजनीतिक केंद्र अब केवल वोरा बंगले तक सीमित नहीं रह गया है।
यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेजी से चल रही है कि युवा कांग्रेस के इस चुनाव में कई कार्यकर्ता ऐसे प्रत्याशियों के पक्ष में खड़े होना चाहते हैं जो भविष्य की नई राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हों। इस दृष्टिकोण से मनीष सोनवानी को लाभ मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि अरुण वोरा समर्थक माने जाने वाले खेमों को अतिरिक्त राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
इस पूरे चुनावी परिदृश्य के बीच मोहित वाल्दे भी लगातार दमदारी से चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। हालांकि वर्तमान राजनीतिक समीकरणों में मुकाबला मुख्य रूप से मनीष सोनवानी और ऋषि साहू के बीच सिमटता हुआ दिखाई देता है, जबकि रौनक दुबे तीसरे कोण के रूप में चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं।
उधर दुर्ग शहर कांग्रेस की सक्रियता भी इस चुनाव को विशेष महत्व प्रदान कर रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के कार्यकाल में कांग्रेस की जमीनी गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। लंबे समय बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क से लेकर संगठन तक सक्रिय दिखाई दिए हैं। ऐसे में युवा कांग्रेस के चुनाव को केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि भविष्य के नेतृत्व चयन के रूप में भी देखा जा रहा है।
अब सबकी निगाहें ऑनलाइन मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हैं। क्या मनीष सोनवानी अपनी बढ़त को जीत में बदल पाएंगे? क्या ऋषि साहू राजनीतिक चुनौतियों को पार कर वापसी करेंगे? क्या रौनक दुबे अंतिम समय में समीकरण बदल देंगे? इन सभी सवालों का जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा। फिलहाल दुर्ग की राजनीति में एक बात स्पष्ट दिखाई दे रही है कि युवा नेतृत्व की इस लड़ाई में मनीष सोनवानी सबसे मजबूत दावेदार के रूप में चर्चा के केंद्र में हैं।
नोट:यह लेख राजनीतिक विश्लेषण और चर्चाओं की शैली में तैयार किया गया है,
महतारी वंदन की 28वीं किस्त जारी, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक पुनर्वास केंद्रों का शिलान्यास
बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर, पांच मंगल भवनों की घोषणा
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन, विकास और जनकल्याण राज्य सरकार की कार्यशैली और पहचान है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की तथा आमजनों के हित में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की। ट्राईसाइकिल प्राप्त कर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशील नीतियों का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां भी सौंपीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एसईसीएल के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद से 22 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 200 सीटर बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन का शिलान्यास किया। इस भवन में वरिष्ठ नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी तथा समग्र पुनर्वास जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 500 सीटर दिव्यांगजन शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र का शिलान्यास किया। यह केंद्र दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑडिटरी ट्रेनिंग तथा पुनर्वास की समग्र सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनेंगे और रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर एवं जटिल बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी और मरीजों को बेहतर, त्वरित तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के पराक्रम और बस्तर की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हो रही है। बस्तर में अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत 400 से अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। आमजनों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। जनता की भलाई और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास सुशासन का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार, रेलवे अधोसंरचना विकास तथा अरपा परियोजना के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का जीवंत उदाहरण है। समाधान शिविरों में उमड़ रही भीड़ सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला की मांग पर बेलतरा महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के नगर निगम क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना पर कार्य कर रही है और जिले से जुड़े सभी आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
