
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों तथा मिनी मार्वेल्स स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आज लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को अपने हाथों से बनाई गई राखियां बांधीं। बच्चों ने रक्षा सूत्र बांधकर राज्यपाल के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई राखियों की विशेषता भी बताई। इसके बाद बच्चों ने राज्यपाल का मुंह मीठा कराया।
मासूम हाथों से बनाई गई राखियां जब राज्यपाल श्री डेका की कलाई पर सजीं तो रक्षाबंधन का यह अवसर आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा। राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया तथा उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
लोक भवन पहुंचकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। विशेष रूप से कोपल वाणी के दिव्यांग बच्चों के लिए यह अवसर सम्मान, आत्मविश्वास और गौरव से भरा रहा। अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें राज्यपाल की कलाई पर बांधना बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण रहा। इस अवसर ने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
राज्यपाल श्री डेका ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, स्नेह और पारस्परिक विश्वास का पर्व है। बच्चों का यह आत्मीय स्नेह मन को छू लेने वाला है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज को दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर कोपल वाणी की संस्थापिका श्रीमती पदमा शर्मा, श्रद्धा साहू एवं सोनिया दामनी उपस्थित रहीं। मिनी मार्वेल्स स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती अनुभूति श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण भी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर अंचल में महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने अपनी लगन और नवाचार के दम पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। बस्तर वनमंडल (जिला यूनियन जगदलपुर) के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र, बकावंड की धारणी करीन स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्थानीय वनोपज का मूल्य-संवर्धन करते हुए बस्तर के ऑर्गेनिक काजू और शुद्ध ऑर्गेनिक गुड़ के अनूठे मेल से बिना शक्कर की स्वास्थ्यवर्धक बस्तर काजू-कतली तैयार की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने काजू-कतली के स्वाद और महिलाओं की उद्यमशील सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
ऋण से शुरुआत और नवाचार की सफलता
समूह की महिलाओं ने मुख्य वन संरक्षक कार्यालय जगदलपुर के रिवाल्विंग फण्ड से ऋण लेकर बाजार दर पर कच्चे काजू की खरीदी शुरू की थी। प्रसंस्करण के बाद इसे खुले बाजार में बेचकर लाभ कमाने के बाद महिलाओं ने नया प्रयोग करते हुए शक्कर-रहित काजू-कतली बनाई। आधा किलो और एक किलोग्राम की आकर्षक पैकेजिंग में तैयार इस मिठाई को बाजार में ग्राहकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है।
वन मंत्री से मुलाकात और आगामी योजना
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सर्किट हाउस जगदलपुर में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप से सौजन्य भेंट कर उन्हें प्रथम चरण में तैयार की गई बस्तर काजू-कतली भेंट की। महिलाओं ने बताया कि आगामी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और दीपावली के अवसर पर आम नागरिकों के लिए विभागीय आउटलेट श्संजीवनीश् के माध्यम से इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने काजू-कतली के स्वाद और महिलाओं की उद्यमशील सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर सुश्री स्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री उत्तम कुमार गुप्ता और वनमंडलाधिकारी बस्तर श्री दीपेश कपिल को समूह को आवश्यकतानुसार हरसंभव विभागीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
आपदा के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने नागरिकों की सहायता के लिए बढ़ाए कदम
रायपुर / शौर्यपथ / नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की आपदा के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्परता से कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों से नेपाल गए नागरिकों की जानकारी एकत्रित कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है।
रायपुर की मोनिका यादव लापता, तलाश जारी
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले के महादेव घाट (थाना डी.डी. नगर) की निवासी सुश्री मोनिका यादव के नेपाल में बाढ़ के बाद से लापता होने की सूचना मिली है। वे 22 अगस्त 2026 से नेपाल प्रवास पर थीं और वर्तमान में परिजनों से उनका संपर्क टूट गया है। राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों एवं केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षित खोजबीन के प्रयास कर रही है।
सरकार की परिजनों से अपील और हेल्पलाइन नंबर जारी
संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। सरकार का कहना है कि नेपाल गए या वहां रह रहे प्रदेश के नागरिकों के संबंध में यदि किसी के पास भी कोई जानकारी हो, तो उसे तुरंत प्रशासन से साझा करें।
सहायता और सूचना के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर
टोल फ्री नंबर 1070, कंट्रोल रूम नंबर 0771-2223471 छत्तीसगढ़ सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में प्रभावित छत्तीसगढ़ के नागरिकों के संबंध में लगातार जानकारी जुटा रही है तथा उनके परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से मिली 1,000 रुपए की राशि, राखी-मिठाई की खरीदारी से आसान हुई त्योहार की तैयारियां
रायपुर / शौर्यपथ / भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार सरगुजा जिले की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल की नई खुशी लेकर आया है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि त्योहार से पहले मिलने से महिलाओं को रक्षाबंधन की तैयारियां करने में सहूलियत मिली है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पुहपुटरा निवासी श्रीमती कुसुम शुक्ला के लिए भी समय पर मिली यह राशि त्योहार की खुशियों को दोगुना करने वाली साबित हुई है।
कुसुम शुक्ला ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद रही हैं। रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से इस बार वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक चिंता के अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और परिवार के साथ पर्व मनाने की तैयारी कर पा रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले मिला संबल, चेहरे पर आई खुशी
कुसुम शुक्ला ने कहा कि महतारी वंदन योजना की राशि समय पर मिलने से उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा, “राखी बांधने से पहले राशि मिल गई है। इससे राखी और मिठाई लेने में मदद मिलेगी। मैं बहुत खुश हूं। दीदी-बहनों की तरफ से विष्णु भैया को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।” उन्होंने बताया कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। त्योहारों के अवसर पर इस राशि का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि महिलाएं अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार खरीदारी कर परिवार की खुशियों में सहभागी बन पाती हैं।
महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास को मिल रहा बल
महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। योजना की सहायता राशि से महिलाएं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और पारिवारिक आयोजनों में भी आर्थिक योगदान दे पा रही हैं।
कुसुम शुक्ला की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर है। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम के पर्व को खुशी और आत्मविश्वास के साथ मनाने का अवसर भी है। समय पर मिली राशि ने उन्हें राखी और मिठाई की खरीदारी करने में मदद दी और त्योहार की तैयारियों को सहज बनाया।
विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
कुसुम शुक्ला ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की राशि मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार और त्योहारों की खुशियों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पा रही हैं।
कुसुम के लिए इस बार रक्षाबंधन का पर्व सिर्फ राखी और मिठाई की खरीदारी तक सीमित नहीं है। महतारी वंदन की राशि ने उनके भीतर यह विश्वास भी मजबूत किया है कि वे अपनी छोटी-छोटी खुशियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों में आर्थिक रूप से अपना योगदान दे सकती हैं।
राखी के धागे में भाई-बहन के प्रेम के साथ आर्थिक संबल का विश्वास जुड़ गया है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने कुसुम शुक्ला जैसी महिलाओं के लिए रक्षाबंधन की तैयारियों को आसान बनाया है और त्योहार की खुशियों को नई आत्मीयता दी है।
विष्णु भैया की सौगात से सजा रक्षाबंधन, खाते में पहुंची राशि से बढ़ी त्योहार की खुशियां
रायपुर / शौर्यपथ / रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। इस बार जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती सुवासिनी सूर्यवंशी के लिए यह पर्व एक विशेष खुशी लेकर आया। महतारी वंदन योजना के तहत खाते में पहुंची 1,000 रुपये की राशि ने उनके लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया। सुवासिनी इसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से बहनों के लिए मिले भाई के उपहार के रूप में देखती हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं की व्यक्तिगत और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा बन रही है।
श्रीमती सुवासिनी सूर्यवंशी के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि हर महीने मिलने वाली नई उम्मीद और आत्मविश्वास का आधार बन गई है। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का वे सोच-समझकर उपयोग करती हैं। घर की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ वे कुछ राशि बचाकर भविष्य की बड़ी जरूरतों के लिए भी सुरक्षित रखती हैं।
रक्षाबंधन से पहले खाते में 1,000 रुपये की राशि पहुंचने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने कहा, “इस बार रक्षाबंधन के पहले ही विष्णु भैया ने हमारे खाते में एक हजार रुपये भेजकर त्योहार की खुशी और बढ़ा दी। अब इन पैसों से अपने लिए साड़ी और राखी खरीदेंगे। हमारे लिए यह रक्षाबंधन पर भाई की ओर से मिला उपहार है।”
सुवासिनी बताती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है। वे अपनी आवश्यकताओं को लेकर स्वयं निर्णय ले पा रही हैं और परिवार की जरूरतों में भी योगदान कर रही हैं। उनके लिए यह राशि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उनके जैसे परिवारों को आर्थिक सहारा दिया है। “रक्षाबंधन के समय मिली यह राशि हमारे लिए बहुत खास है। इससे त्योहार की खुशी बढ़ी है और यह एहसास भी हुआ है कि विष्णु भैया अपनी बहनों के साथ खड़े हैं।”
महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। सुवासिनी सूर्यवंशी की कहानी इस बात की मिसाल है कि आर्थिक सहायता का छोटा-सा संबल भी महिलाओं के जीवन में बड़ी खुशियां और भविष्य के लिए नया भरोसा ला सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं सतीश चंद्र दुबे सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
1 सितंबर को नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा, माइन विजिट भी प्रस्तावित
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश, अन्वेषण और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।
केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए शामिल किया गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इन खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना देश की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष भी संबोधित करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कोयला और खान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ
रोड शो के दौरान संचालक, भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा खनिज क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अवसर पर टिन पोर्टल एवं ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पीटीआरएसयू के साथ एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और खनिज ब्लॉक्स पर होगी चर्चा
दोपहर 2 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें एमईसीएल द्वारा ट्रेंच-VIII के तहत नीलामी के लिए रखे गए खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा। तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खनिज ब्लॉक्स की संभावनाओं, नीलामी प्रक्रिया, निवेश के अवसर और खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। खान मंत्रालय के निदेशक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ रोड शो का समापन होगा।
नीलाम खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा
रोड शो के बाद मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट प्रस्तावित है।
रोड शो और समीक्षा बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण, नीलामी और खनन को गति देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
रायुपर / /बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ओखर स्थित गौधाम में पशुओं की मृत्यु के मामले में पशु चिकित्सा विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल को सौंप दी है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, गौधाम में पिछले तीन दिनों के दौरान कुल 6 पशुओं की मृत्यु हुई है, जिनमें से 4 की मौत वृद्धावस्था के कारण और 2 की मृत्यु अन्य कारणों से हुई है।
कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने तत्काल वस्तुस्थिति की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) डॉ. गोपाल शरण सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ओखर स्थित गौधाम का मैदानी निरीक्षण किया। टीम ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया और मौके का जायजा लेकर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया।
जलभराव और सुरक्षा उपाय
जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि हाल ही में हुई अत्यधिक बारिश के कारण गौधाम परिसर में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई थी। गौधाम में 21 अगस्त 2026 को पशुओं को विस्थापित किया गया था और वर्तमान में वहां ग्राम पंचायत ओखर के लगभग 300 पशु मौजूद हैं।
सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय
पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, ग्राम पंचायत ओखर के सरपंच की सहमति से गौधाम के सभी 300 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और उन्हें चराने के लिए बाहर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बाढ़-भूस्खलन में जनहानि पर मुख्यमंत्री ने व्यक्त की संवेदना, कहा—संकट की घड़ी में हर नागरिक के साथ खड़ी है राज्य सरकार
रायपुर / शौर्यपथ / नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस कठिन आपदा की घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीडि़तों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिवारों को इस अपार दु:ख को सहने की शक्ति देने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की।
नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़वासियों के लिए हेल्पलाइन
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता एवं सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर राज्य प्रशासन प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों से समन्वय कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता और आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़वासियों की सुरक्षित वापसी और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
ग्राम कर्रा में मंगल भवन की घोषणा; शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर से जोड़ रही सरकार, रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालु लाभान्वित
बलरामपुर-रामानुजगंज / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकासखंड राजपुर के ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल होकर प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध भूमि है। राज्य सरकार प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोडऩे की दिशा में कार्य कर रही है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं तीर्थ दर्शन योजना के तहत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है और करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना है।
मां के नाम रोपा रुद्राक्ष का पौधा
मुख्यमंत्री ने बाबा कर्मेश्वर धाम परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम 3.0Ó अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम रुद्राक्ष का पौधा रोपा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बेल का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की सदियों पुरानी लोक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था और पीढिय़ों से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।
कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नई दिल्ली / एजेंसी (पीआईबी) । नेपाल में अचानक आई बाढ़ और संभावित ग्लेशियल लेक आउटबस्र्ट फ्लड (त्ररुह्रस्न) की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में आई आपदा के संबंध में बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। सीमावर्ती क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, राहत-बचाव दलों और हृष्ठक्रस्न को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ङ्ग पर कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है। उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा
केंद्रीय जल आयोग (ष्टङ्खष्ट) की सलाह और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़/त्ररुह्रस्न के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर फुरके खोला क्षेत्र में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर भी संभावित प्रभाव की आशंका जताई गई है।
स्थिति को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के नजदीक रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों को सतर्क रहने और स्थिति की लगातार निगरानी करने की सलाह दी गई है।
केंद्र के कई मंत्रालय लगातार कर रहे निगरानी
गृह मंत्रालय के अधिकारी विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नेपाल की ओर जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है, हालांकि सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रखा गया है।
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल के विभिन्न इलाकों में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
भारतीय नागरिक सहायता के लिए दूतावास के इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर उच्च स्तर से लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पडऩे पर सीमावर्ती क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को और मजबूत किया जाएगा।
प्रविष्टि: 26 अगस्त 2026, रात 9:08 बजे 7 क्कढ्ढक्च दिल्ली
नई दिल्ली / पीआईबी(एजेंसी)/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और भारतीय दल बचाव तथा राहत कार्यों में नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारे दल बचाव और राहत प्रयासों में मिलकर निकटता से समन्वय कर रहे हैं।
पंडरीपानी में बहनों से संवाद और रक्षाबंधन कार्यक्रम
महतारी सदन, सड़क और महिला समूहों को आर्थिक संबल की सौगात
जशपुर / शौर्यपथ / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में आयोजित 'रक्षाबंधन एवं बहनों से संवादÓ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने उन्हें उपहार भेंट कर स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के प्रति जिम्मेदारी दोहराने का अवसर भी है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने और परिवार एवं समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी में करीब ?64 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण प्रमुख है। उन्होंने फरसाबहार और भेलवा में महतारी सदन निर्माण की घोषणा भी की। साथ ही मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ?3.23 करोड़ की स्वीकृति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण और आजीविका गतिविधियों का सुविधाजनक केंद्र बनेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अधोसंरचना के साथ महिलाओं और परिवारों के जीवन को सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
67 लाख से अधिक बहनों को मिली महतारी वंदन की 31वीं किस्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह ?1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 31वीं किस्त के रूप में ?631 करोड़ से अधिक की राशि सितंबर माह के लिए अग्रिम रूप से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह सहायता महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है।
महिला समूहों को आर्थिक संबल
कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि प्रदान की गई। मोंगरा, वैष्णवी और चांद स्व-सहायता समूहों को ?1.50-?1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह को ?1 लाख की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोडऩे का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक तथा स्वामित्व योजना के तहत हरावती, जगमनी, राजमनी, लक्ष्मी और सुमित्रा को अधिकार अभिलेख/पट्टे प्रदान किए गए।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सेवा सेतुÓ के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है।
पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने मुख्यमंत्री को बहनों का 'विष्णु भैयाÓ बताते हुए कहा कि महतारी वंदन और महतारी सदन जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक संबल और सम्मानजनक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने पंडरीपानी में एसबीआई शाखा शुरू होने को भी महत्वपूर्ण सौगात बताया।
कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
बिलासपुर / शौर्यपथ / पुलिस एवं अन्य वर्दीधारी अनुशासित बलों में बिना अनुमति ड्यूटी अथवा प्रशिक्षण छोड़कर लंबे समय तक अनुपस्थित रहना गंभीर परिणाम वाला कृत्य हो सकता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कठिन परिस्थितियों या असुविधा के कारण प्रशिक्षण कैंप छोड़ देना डेजर्शन यानी सेवा से पलायन की श्रेणी में आ सकता है। अनुशासित बलों में इस तरह के आचरण को सामान्य नहीं माना जा सकता।
जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ ने तीन आरक्षकों की याचिकाएं खारिज करते हुए उनकी सेवा से बर्खास्तगी के आदेश को उचित ठहराया है। याचिकाकर्ताओं त्रिलोक चंद साहू, तीरथ दास और लक्ष्मीनारायण पटेल की पुलिस विभाग में वर्ष 2008-09 में नियुक्ति हुई थी।
// बिना अनुमति प्रशिक्षण बीच में छोड़ा //
17 जून 2009 को तीनों आरक्षकों को महाराष्ट्र के चाकुर स्थित बीएसएफ स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर में बुनियादी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। हालांकि, तीनों ने बिना अनुमति प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद विभाग ने 8 फरवरी 2010 को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा। जवाब के बाद 10 मार्च 2010 को तीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। विभागीय अपील और दया याचिकाएं भी खारिज होने के बाद तीनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
// तीन वर्ष की सेवा पूरी नहीं होने का भी रहा महत्व //
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड और संबंधित नियमों की समीक्षा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सेवा की तीन वर्ष की अवधि पूरी नहीं की थी, इसलिए वे स्थायी कर्मचारी नहीं थे। वर्दीधारी बलों में तैनात कर्मचारी सामान्य अथवा मामूली कारणों से लंबे समय तक अनुपस्थित नहीं रह सकते।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कठिन क्षेत्र में ड्यूटी या असुविधाजनक स्थान पर प्रतिनियुक्ति की आशंका के कारण प्रशिक्षण कैंप छोड़ देना डेजर्शन की श्रेणी में आता है। अनुशासित बलों में इस प्रकार के आचरण को किसी भी परिस्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता।
// स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला //
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उन्हें स्वीकृत पदों पर नियुक्त किया गया था और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से वे अनुपस्थित हुए थे। उनके अनुसार, उन्होंने चिकित्सा संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे और विभागीय जांच के बिना की गई बर्खास्तगी को गलत बताया गया।
राज्य सरकार ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि तीनों अस्थायी कर्मचारी थे। नियमों के तहत अस्थायी सरकारी कर्मचारी को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटाया जा सकता है और ऐसे मामलों में विभागीय जांच अनिवार्य नहीं है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष को स्वीकार करते हुए तीनों याचिकाएं खारिज कर दीं और बर्खास्तगी के आदेश को बरकरार रखा। इस फैसले से स्पष्ट है कि अनुशासित बलों में प्रशिक्षण और ड्यूटी के दौरान बिना अनुमति अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा कठिन परिस्थितियों का हवाला देकर सेवा या प्रशिक्षण से पलायन को सामान्य कृत्य नहीं माना जा सकता।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
