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सेहत टिप्स /शौर्यपथ /हर कोई अपने पेट की चर्बी को कम करना चाहता है. हर कोई वजन कम करने के लिए जिम में 2 घंटे पसीना नहीं बहा सकता, जीरो ऑयल और जीरो शुगर वाली डाइट नहीं खा सकता. जब वेट लॉस डाइटिंग की बात आती है तो हममें से ज्यादातर लोग इसे बीच में ही छोड़ देते हैं. हममें से ज्यादातर लोगों के लिए डाइटिंग एक टेंपररी फेज है और हम इससे तुरंत रिजल्ट की उम्मीद करते हैं. हालांकि इंटरनेट पर वेट लॉस के टिप्स कई हैं, लेकिन नेचुरल तरीके से वजन घटाने के लिए उपाय करना सबसे ज्यादा असरदार हो सकता है. किसी भी पोषण संबंधी कमी को रोकने के लिए बैलेंस डाइट को फॉलो करने की सलाह दी जाती है. हालांकि सभी चीजें हर किसी पर काम नहीं करती हैं, इसलिए यहां कुछ आजमाए हुए तरीके दिए गए हैं जिनसे लोगों को तेजी से वजन कम करने में मदद मिली है.
तेजी से वजन कम करने के उपाय |
अच्छा खाना खाएं: सब्जियां, फल, लीन मीट और अनाज जैसे चीजें खाने पर ध्यान दें. कम पैक की गई चीजें, ज्यादा ताजी चीजें और ज्यादा खाने से बचें.
खान-पान की आदतें: हेल्दी और बैलेंस डाइट फॉलो करें. मन मुताबिक नहीं बल्कि पेट पर कंट्रोल करके खाना चाहिए.
आसान एक्सरसाइज: तेज चलना, डांस करना या यहां तक कि घर की सफाई करना भी आपकी हार्ट बीट को बढ़ा सकता है.
हाइड्रेटेड रहें: पानी पिएं. कभी-कभी हम सोचते हैं कि हम भूखे हैं जबकि हम प्यासे होते हैं.
अच्छी नींद लें: 7-8 घंटे सोने का टारगेट रखें. आराम करने वाला शरीर बेहतर काम करता है.
छोटे टारगेट बनाएं: मैं 20 किलो वजन कम करने की बजाय, मैं हर रोज 10 मिनट पैदल चलूंगा का प्रयास करें.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / भारत में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाने वाला हिंदू त्योहार गणेश चतुर्थी अब आने ही वाला है. बता दें कि इस साल यह त्योहार 19 सितंबर से शुरू हो रहा है. यह दस दिवसीय उत्सव एक ऐसा समय है जब भगवान गणेश के भक्त पहले से ही अपनी तैयारी शुरू कर देते हैं. अपने प्रिय देवता को प्रसन्न करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाती. सजावट से लेकर उनके पसंदीदा प्रसाद तक, हर बात पर ध्यान दिया जाता है. जबकि भगवान गणेश को मोदक बेहद पसंद हैं इसके अलावा हलवा, पूरन पोली, खीर और मोतीचूर के लड्डू जैसे दूसरे क्लासिक व्यंजन भी आमतौर पर बप्पा को चढ़ाए जाते हैं.
हालाँकि, यदि आप इस साल अपने प्रसाद में कुछ अलग जोड़ना चाहते हैं तो, हमारे पास आपके लिए एकदम सही डिश है: गुड़ चूरमा लड्डू.
गुड़ चूरमा लड्डू, कई त्योहारों और पूजा के दौरान घरों में बनाई जाने वाली एक पसंदीदा भारतीय मिठाई है. गुड़ चूरमा लड्डू न केवल बेहद स्वादिष्ट है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है, इसके लिए आपको ज्यादा चीजों की भी जरूरत नहीं पड़ती है.
इन लड्डुओं को बनाने के लिए आपको चाहिए-
गेहूं का आटा
गुड़
जायफल पाउडर
तेल
घी
कैसे बनाएं गुड़ चूरमा लड्डू
सबसे पहले आटा लें, उसमें घी या तेल डालें और गुनगुने पानी से सख्त आटा गूंथ लें. आटे को 15 मिनट के लिये रेस्ट होने के लिए रख दीजिये.
अब आटे को छोटी-छोटी मुठिया का शेप दें और एक पैन में घी गर्म करें.
इन मुठिया को तब तक डीप फ्राई करें जब तक ये सुनहरे कुरकुरे न हो जाएं. फ्राई हो जाने पर इसे ठंडा होने दीजिए.
ठंडा होने के बाद इसे हाथों से छोटे-छोटे टुकड़ो में तोड़ लीजिए और मिक्सर में पीस लीजिए.
इस मिश्रण को एक कटोरे में निकाल लें, एक पैन में गुड़ पिघला लें, इसे मिश्रण में डालें और अच्छी तरह मिला लें. इसमें इलायची पाउडर और थोड़ा सा पिसा हुआ जायफल मिलाएं.
इसके बाद घी को गरम करें और इस मिश्रण में मिलाकर लड्डू बनाएं, आप इस पर खसखस भी डाल सकते हैं. चाहें तो इसमें सूखे मेवे भी शामिल कर सकते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व होता है. शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होती है और नौ दिनों तक चलती है. मान्यतानुसार भक्त नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर पूजा का समापन करते हैं. माना जाता है नवरात्रि पर पूजा-आराधना करने पर मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों के सभी कष्टों का निवारण कर देती हैं. व्रती भक्तों को सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति भी होती है. जानिए किस दिन से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि और घटस्थापना कैसे करते हैं.
शारदीय नवरात्रि की तिथि |
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि इस साल 14 अक्टूबर, शनिवार रात 11 बजकर 24 मिनट से शुरू होगी और 16 अक्टूबर, सोमवार की मध्यरात्रि 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. इस चलते शारदीय नवरात्रि का पहला व्रत 15 अक्टूबर, रविवार के दिन रखा जाएगा और इसी दिन से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो जाएगी. इस दिन स्वाति और चित्रा नक्षत्र भी बन रहे हैं.
नवरात्रि के नौ दिनों में मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां सिद्धिदात्री और मां महागौरी की क्रमानुसार पूजा की जाती है.
शारदीय नवरात्रि पर घटस्थापना
शारदीय नवरात्रि के दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त चित्रा नक्षत्र के दौरान किया जाता है. इस बार चित्रा नक्षत्र की तिथि 14 अक्टूबर शाम 4 बजकर 24 मिनट पर शुरू हो रही है और अगले दिन 15 अक्टूबर की शाम 36 बजकर 13 मिनट पर रहेगा. ऐसे में इस अवधि में ही घटस्थापना करना बेहद शुभ साबित होता है.
घटस्थापना करने के लिए शारदीय नवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. व्रत रखने वाले लोग व्रत का संकल्प लेते हैं. मंदिर की साफ-सफाई की जाती है और गंगाजल से मंदिर को साफ किया जाता है. इसके बाद लाल कपड़े को चौकी पर बिछाते हैं. मां दुर्गा की प्रतिमा सजाई जाती है. इसके बाद पास ही मिट्टी का कलश रखा जाता है और उसके चारों ओर अशोक के पत्ते लगाए जाते हैं और स्वास्तिक बनाते हैं. इसमें सुपारी, सिक्का और अक्षत डाले जाते हैं. नारियल में लाल चुनरी लपेटकर इसे कलश के ऊपर रखते हैं और मां जगदंबे को आवाहन देते हैं. दीप जलाया जाता है और कलश स्थापना की विधि पूरी होती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / किसी भी मंगल कार्य के पहले पूजे जाने वाले भगवान गणेश का महापर्व गणेश उत्सव चल रहा हैं. 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान बप्पा का ध्यान करना, घर पर उनकी स्थापना करना और व्रत करना काफी फलदायक हो सकता हैं और बप्पा की असीम कृपा बरस सकती हैं. विधिवत पूजा करने से भगवान गणेश सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. एकदंत को उत्सव के दौरान कई प्रकार के भोग चढ़ाएं जाते हैं, खासतौर से उनका प्रिय मोदक जरूर चढ़ता है. लेकिन अगर किसी कारण आप बप्पा को मोदक नहीं चढ़ा सकते हैं तो इन भोगों का चढ़ावा भी उन्हें उतना ही प्रसन्न कर सकता हैं.
गणेश जी को पसंद हैं ये भोग
बेसन के लड्डू
बेसन के ताजे लड्डू भगवान गणेश को बहुत प्रिय हैं. अगर आप उन्हें भोग के रूप में ये लड्डू चढ़ाएंगे तो इससे बप्पा काफी प्रसन्न होंगे.
मोतीचूर के लड्डू
दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान आप उन्हें मोतीचूर के लड्डू भी चढ़ा सकते हैं. किसी भी प्रकार का लड्डू बप्पा को बहुत पसंद आता है.
खीर
घर पर गाय के दूध से बना खीर भी भगवान को भोग के रूप में चढ़ाया जा सकता हैं. इसे और भी शुद्ध और भोग लायक बनाने के लिए आप इसमें मखाने, ड्राई फ्रूट और मेवे डाल सकते हैं.
गुड़
पूजा-पाठ के कार्यों में मीठे के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला गुड भी भोग के रूप में चढ़ाया जा सकता है. भगवान ऐसा कभी नहीं कहते कि मुझे मोदक या लड्डू ही चाहिए. सही और शुद्ध आचरण से बप्पा को चढ़ाए गुड से भी वे उतने ही प्रसन्न होंगे.
नारियल
नारियल को भगवान गणेश के रूप में ही पूजा जाता है. ऐसे में बप्पा को नारियल भी काफी ज्यादा पसंद है. मांगलिक कार्यों में और पूजा-पाठ में नारियल चढ़ाने का हमेशा से खास महत्व रहा है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /आजकल लोग अपने बच्चे को जन्म से ही गाय का या भैंस का दूध पिलाना शुरू कर देते हैं. इससे मां के दूध से मिलने वाले फायदों से बच्चा दूर रहता है. लेकिन इस लापरवाही से बच्चे को कई परेशानियां हो सकती हैं और उसका ग्रोथ बुरी तरह से प्रभावित हो सकता हैं. अगर मां को दूध पीलाने में कोई परेशानी है तो बच्चे को फॉर्मुला दूध देना ज्यादा अच्छा है. डॉक्टर पवन मंडाविया बताते हैं कि एक साल से छोटे बच्चों को गाय का दूध क्यों नहीं देना चाहिए
नवजात को इन 5 कारणों से ना दें गाय का दूध
1. हाई कॉमप्लेक्स प्रोटीन
दूध में मिलने वाला प्रोटीन कॉम्प्लेक्स होता है. ये गाय के बच्चे के तेज ग्रोथ में मदद करता है. लेकिन 1 साल से छोटे बच्चे में इसका पचना मुश्किल होता है. इससे उनकी कीडनी और आंतों पर बुरी तरह असर डाल सकता है.
2. आयरन की कमी
शरीर में खून की सही मात्रा बनाएं रखने के लिए आयरन रीच फूड बहुत जरूरी हैं. खासतौर से नवजात बच्चे को अच्छा ग्रोथ देने के लिए आयरन की मात्रा शरीर में जानी चाहिए. लेकिन गाय के दूध में आयरन की कमी होती है. इससे बच्चे को अनीमिया भी हो सकता है.
3. विटामिन-सी की कमी
इम्यूनिटी बूस्टर वीटामिन-सी भी गाय के दूध में कम मात्रा में देखने को मिलता है. जबकि 1 साल से छोटे बच्चे की इम्यूनिटी मजबूत करने वाली चीज ही खिलानी-पीलानी चाहिए.
4. कम न्यूट्रिएंट्स
बच्चे की सही ग्रोथ के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स गाय के दूध से उसे नहीं मिल पाता है. इससे बच्चे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती हैं. साथ ही दूध में पानी मिला होने के कारण बच्चे को सही मात्रा में फैट भी नहीं मिल पाता है.
5. शरीर फूल जाना
गाय के दूध में प्रोटीन, फॉस्फेट और कैल्सियम की मात्रा ज्यादा होती हैं. इससे बच्चे का शरीर बाहर से फूल जाता है और बच्चा हेल्दी नजर आता है लेकिन अंदर से उसका शरीर कमजोर ही रह जाता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / भारतीय खानों के स्वाद में चार चांद लगाने वाला धनिया और इसके छोटे बीज सेहत के लिए भी बहुत अच्छे साबित हो सकते हैं. इनमें भारी मात्रा में विटामिन-सी , विटामिन-के , और एंटीऑक्सीडेंट गुण देखने को मिलते हैं. ये ऐसे बीज हैं जो हर किचन में आसानी से मिल जाते हैं लेकिन लोगों को इसके फायदे के बारे में पता नहीं होता हैं. सुबह उठकर खाली पेट धनिया का पानी पीना आपको कई सारे रोगों से बचा सकता हैं. इसके कुछ मुख्य फायदे ये हैं.
इन 5 तरीकों से हैं फायदेमंद
शुगर कंट्रोल में असरदार
शुगर के मरीजों के लिए धनिया का पानी काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता हैं. इसे रोज पीने से आपके शरीर का शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा.
इम्यूनिटी बूस्टर
धनिया के बीज में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है और रोध-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से आपको असर जल्दी दिखने लगेगा.
आंखों के लिए फायदेमंद
विटामिन-ए, विटामिन-सी और विटामिन-ई के गुणों के कारण धनिया का पानी आपके आंखों के लिए अच्छा साबित हो सकता हैं. इससे आंखों की रौशनी बेहतर रहती है और आंखों को सही न्यूट्रीएंट्स भी मिलते है.
वजन कर सकता है कम
खाली पेट धनिया का पानी पीने से आपका वजन कम हो सकता है. इससे आपके शरीर में मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा मिलता है. आप इसे डिटॉक्स वाटर के रूप में भी पी सकते हैं.
बालों को देता है मजबूती
धनिया के बीज में मिलने वाले विटामिन-सी और विटामिन-के बालों को मजबूती देते हैं. इससे बालों का झड़ना और टूटना रूक सकता हैं.
ऐसे करें इस्तेमाल
एक बाउल पानी में एक चम्मच धनिया के दाने डालें
फिर इसे अच्छी तरह उबाल लें
पानी के उबलकर आधा होने के बाद इसे उतार लें
अब इसे छान कर थोड़ा गुनगुना करके पिएं
वास्तु टिप्स /शौर्यपथ /आपके रोज के खाने से लेकर मां अन्नपूर्णा के घर में वास करने तक कई चीजों के हिसाब से किचन घर का काफी जरूरी हिस्सा बन जाता है. सभी अपने किचन की सजावट अपने हिसाब से करते हैं. अकसर लोग किचन में वास्तु का ख्याल नहीं रखते हैं. कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें किचन में रखने से वास्तु दोष लग सकता है और आपकी बरकत और खुशहाली पर प्रभाव पड़ सकता हैं. ऐसे में आप कंगाल भी हो सकते हैं. आज ही आपको इन चिजों को अपने किचन से हटा देना चाहिए.
इन 6 चीजों को किचन से तुरंत हटाएं
प्लास्टिक का स्टोरेज सेट
कई लोग ऑनलाइन सस्ते मिलने वाले प्लास्टिक के स्टोरेज सेट अपने किचन में रखते हैं. लेकिन वास्तु के हिसाब से किचन में प्लास्टिक के बर्तन और डब्बे नहीं रखने चाहिए. इससे घर में नकारात्मक एनर्जी और स्वास्थ से जुड़ी समस्या भी पैदा हो सकती है. प्लास्टिक को इस्तेमाल करने से राहु ग्रह का दोष लग सकता है.
दवाइयां
किचन में दवाइयां या फर्स्ट एड कीट रखना वास्तु के हिसाब से गलत है. इसे किचन में रखने से धन हानि की समस्या पैदा हो सकती है. साथ ही इससे निगेटिव एनर्जी भी बढ़ सकती हैं.
कचरे का डिब्बा
अकसर लोग अपने किचन में ही कचरे का डिब्बा रखते हैं. इससे घर का सारा कूड़ा किचन में ही जाता है. कूड़ा नकारात्मकता की पहचान है. कचरे के डिब्बे को किचन में रखने से घर के सभी लोगों के सेहत पर गलत प्रभाव पड़ सकता हैं.
शीशा
किचन में आइना रखना अशुभ हो सकता है. खासतौर से ऐसा आइना जिसमें आपके चूल्हे की आग नजर आती हो, तो इसे तुरंत हटा दें. वास्तु के अनुसार शीशे की वजह से किचन में अधिक उर्जा का प्रवाह हो सकता है, जिससे किचन में आग और पानी का संतु्लन बिगड़ सकता है.
टूटे हुए बर्तन
टूटे हुए बर्तन किचन में रखना अशुभ फलदायी माना जाता है. ऐसे में माता लक्ष्मी नाराज होती हैं और धन हानि की आशंका बढ़ती हैं. साथ ही इससे घर में दरिद्रता और दुर्भाग्य भी बढ़ता है. किचन में भुलकर भी टूटे कप, प्लेट, तवा, जैसी कोई भी चीज न रखें.
झाड़ू
वास्तु के अनुसार झाडू को कभी किचन में नहीं रखना चाहिए. हालांकि झाडू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन किचन में इसे रखना बहुत अशुभ होता है. इससे घर के लोगों के बीच विश्वास कम होता है और घर में सुख-शांति खत्म होती हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों की देखरेख सही तरह से ना की जाए या बालों में पोषण की कमी हो जाए तो एक नहीं बल्कि बालों से जुड़ी कई दिक्कतें परेशान करने लगती हैं. कभी बाल जरूरत से ज्यादा झड़ना शुरू हो जाते हैं तो कभी बालों का पतलापन चिंता की वजह बन जाता है. वहीं, बालों पर चमक ना हो और बाल चिपचिपे हों तो भी देखने में अच्छे नहीं लगते. अगर आपकी दिक्कतें भी इसी तरह की हैं तो आपको जरूरत है प्याज का रस लगाकर देखने की. प्याज का रस बालों को एक नहीं बल्कि कई फायदे देता है. जानिए इस रस को लगाने का तरीका और फायदों के बारे में.
बाल बढ़ाने के लिए प्याज का रस
प्याज के रस में ऐसे कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो हेयर ग्रोथ को प्रोमोट करते हैं. हाई सल्फर होने के चलते इसमें हेयर फॉलिकल्स बेहतर होते हैं. इसके अलावा, समय से पहले सफेद होते बालों की दिक्कत प्याज में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स से दूर होती है. प्याज का रस बालों को घना और मजबूत बनाने के लिए लगाया जा सकता है.
ऐसे लगाएं बालों पर प्याज का रस
बालों पर प्याज का रस लगाने के लिए एक से दो प्याज लें और छिलका हटाकर इसे घिस लें. प्याज घिसने के बाद इसे मुट्ठी में लेकर या फिर किसी मलमल के कपड़े में बांधकर निचौड़ें और कटोरी में रस निकाल लें. बस तैयार है इस्तेमाल के लिए ताजा प्याज का रस.
प्याज का रस बालों पर लगाने का सबसे आसान तरीका है कि आप इसे जस का तस ही बालों पर लगा लें. इसे बालों पर सिर धोने से आधा घंटा पहले लगाएं और फिर बाल धो लें. प्याज का रस आप उंगलियों से भी लगा सकते हैं या फिर रूई से भी इसे लगाया जा सकता है.
प्याज का रस नारियल तेल के साथ मिलाकर भी लगाया जा सकता है. इससे प्याज का तेल तैयार हो जाता है. यह तेल बालों को बढ़ाने में असरदार है. तेल तैयार करने का सबसे आसान तरीका है कि आप प्याज को छोटे टुकड़े में काटें. एक कटोरी में नारियल का तेल लेकर आंच पर चढ़ाएं. इस तेल में कटे हुए प्याज डालकर पकाएं. जब प्याज पक जाएं तो आंच बंद कर दें. अब इसे ठंडा करके शीशी में भरकर रख लें. बस तैयार है आपका प्याज का तेल . इस तेल को सिर धोने से आधा घंटा पहले लगाकर रखा जा सकता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / रसोई की एक नहीं बल्कि ऐसी कई चीजें हैं जिनका इस्तेमाल स्किन केयर में होने लगा है. इन्हीं में से एक चीज का जिक्र हम यहां कर रहे हैं. यह चीज कुछ और नहीं बल्कि चावल का आटा है. चावल के आटे से आपने स्वादिष्ट पकवान बनाकर तो खूब खाए होंगे अब इसे चेहरे पर लगाना भी सीख लीजिए. चावल के आटे में ऐसे कई गुण होते हैं जो स्किन को फायदे देते हैं. यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है. इससे स्किन एक्सफोलिएट होती है, चेहरे पर निखार आता है, चेहरा बेहतर तरह से क्लेंज होता है और डेड स्किन सेल्स हटती हैं सो अलग. जानिए किस-किस तरह से चेहरे पर लगा सकते हैं चावल का आटा.
चावल के आटे का फेस पैक |
दूध के साथ
चावल के आटे और दूध को मिलाकर कमाल का फेस पैक तैयार किया जा सकता है. इसे चेहरे के अलावा हाथ-पैरों पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. फेस पैक बनाने के लिए 2 चम्मच चावल के आटे में जरूरत के अनुसार दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाए रखने के बाद धोकर हटा लें. चेहरा धो लेने के बाद मॉइश्चराइजर लगाना ना भूलें. स्किन पर निखार नजर आने लगेगा.
अंडे के साथ
चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइंस नजर आती हैं तो चावल के आटे और अंडे की सफेदी को साथ मिलाकर फेस पैक बना लें. इस फेस पैक से स्किन को एंटी-एजिंग गुण भी मिलते हैं. एक चम्मच चावल के आटे में 2 अंडे की सफेदी मिलाएं और मोटा पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर कुछ देर लगाकर रखने बाद धोकर हटा लें.
एलोवेरा के साथ
डेड स्किन सेल्स हटाने के लिए चेहरे पर इस फेस पैक को लगाया जा सकता है. यह फेस पैक तैयार करना बेहद आसान है. इसके लिए 2 चम्मच एलोवेरा में एक चम्मच भरकर चावल का आटा मिलाएं और पेस्ट तैयार कर लें. इसे चेहरे पर 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धो लें. चेहरे पर चमक और निखार दिखने लगेगा. यह फेस पैक बेजान त्वचा में भी चमक ले आता है.
टमाटर के साथ
स्किन पर अगर दाग-धब्बे नजर आते हैं तो इस फेस पैक को बनाकर लगा लीजिए. फेस पैक बनाने के लिए बराबर मात्रा में चावल का आटा और गेंहू का आटा मिलाएं. अब टमाटर का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं. फेस पैक गाढ़ा हो तो इसमें पानी मिला लें. इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाकर रखने के बाद धोएं. स्किन चमक जाती है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चेहरे पर चमक सभी को अच्छी लगती है लेकिन यह चमक चिपचिपाहट में बदल जाए तो इससे छुटकारा पाने के तरीके भी ढूंढने पड़ते हैं. जरूरत से ज्यादा चिपचिहाट की वजह सीबम का अत्यधिक प्रोडक्शन है. ऐसे में ऑयली स्किन की दिक्कत दूर करने में कुछ घरेलू उपाय काम आ सकते हैं. इन नुस्खों को आजमाकर आपकी त्वचा से भी चिकनाहट कम होगी और निखार नजर आएगा. साथ ही, रोजमर्रा में कुछ बातों का ख्याल रखकर ऑयली स्किन से निपटा जा सकता है.
ऑयली स्किन के घरेलू उपाय |
टमाटर का रस
टमाटर का रस ऑयली स्किन की दिक्कतों को कम करने में कमाल का असर दिखाता है. टमाटर का रस निकालें और इसमें थोड़ा खीरे का रस मिला लें. इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धोकर हटा लें. हफ्ते में एक से दो बार इस नुस्खे को आजमाकर देखें. यह स्किन की ऑयलीनेस यानी चिपचिपाहट को कम करता है और चेहरे को ग्लो देने में असरदार है.
दूध लगाकर देखें
हफ्ते में 2 बार दूध के इस्तेमाल से भी चेहरे की चिकनाहट कम होने में असर नजर आ सकता है. कटोरी में दूध लें और इसमें रूई डुबोकर चेहरे पर मलें. कुछ देर लगाकर रखने के बाद चेहरा धोकर साफ कर लें. ध्यान रहे आपको कच्चे दूध का इस्तेमाल करना है. कच्चे दूध से ऑयली स्किन से एक्सेस ऑयल हटता है.
ये टिप्स भी आएंगे काम
ऑयली स्किन को मैनेज करने के लिए और भी कुछ टिप्स आजमाए जा सकते हैं. जैसे, रोजाना स्किन को सही तरह से क्लेंज किया जाए तो ऑयली स्किन की दिक्कत कम होती है. ध्यान रहे कि आप चेहरा दिन में 2 से 3 बार से ज्यादा ना धोएं. इससे सीबम का प्रोडक्शन बढ़ सकता है और स्किन ज्यादा ऑयली होने लगती है.
चाहे स्किन ऑयली क्यों ना नजर आए मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं. आप लाइट वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइजर लगा सकते हैं.
स्किन को स्क्रब करने पर चिपचिपाहट से छुटकारा मिल सकता है. ध्यान रहे आप उन्हीं प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जो ऑयली स्किन के लिए बने हों.
स्किन का ऑयल कंट्रोल हो सके इसलिए शरीर को हाइ़ड्रेटेड रखें और पानी पीते रहें. इससे फर्क नजर आ सकता है.
ब्लोटिंग पेपर से आप हल्के हाथों से थपथपी देकर चेहरे से ऑयल कम कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /यह कहना गलत नहीं होगा कि मोटापा आज के समय में सबसे बड़ी समस्या बन गई है. खास तौर पर युवाओं में ये परेशानी का सबसे बड़ा कारण है. बढ़ते वजन से वे लगातार परेशान है. वेट लॉस के लिए कोई एक्सरसाइज का सहारा ले रहा तो कोई डाइटिंग को सही मान रहा. इससे अक्सर हमारी सेहत पर बुरा असर पड़ता है. वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज एक अच्छी सलाह है, लेकिन अगर आप लंबे समय से एक्सरसाइज कर रहे हैं और आपको उसका परिणाम नहीं मिल रहा तो यह आयुर्वेदिक पाउडर आपके लिए है. मोरिंगा आयुर्वेदिक पाउडर के सेवन से कुछ ही दिनों में आपको असर देखने को मिलेगा और आपकी बढ़ी हुई चर्बी बिल्कुल गायब हो जाएगी.
ऐसे करें मोरिंगा का सेवन |
चाय
आप मोरिंगा पाउडर का काढ़ा बनाकर चाय की तरह सेवन कर सकते हैं. इसमें कैफीन नहीं होता इसलिए ये लाभदायक है.
पाउडर
आप मोरिंगा पाउडर को स्मूथ, दही या शेक में मिला सकते हैं. ज्यादातर लोग इसी तरीके से मोरिंगा पाउडर को लेना पसंद करते हैं.
कैप्सूल
आपको बाजार में मोरिंगा पाउडर का कैप्सूल भी मिल जाएगा. कैप्सूल का लेना बहुत आसान है इसे पानी के साथ निगला जा सकता है. कई महिलाएं वजन घटाने के लिए मोरिंगा कैप्सूल का सेवन करती हैं. ध्यान रखें कैप्सूल की सही खुराक ही लें.
वजन घटाने के लिए मोरिंगा पाउडर है असरदार |
मोरिंगा की पत्तियों में क्लोरोजेनिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो वजन घटाने में मदद करते हैं.
ये फैट बर्नर के रूप में काम करता है और ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखता है.
मोरिंगा पाउडर को किसी और सप्लीमेंट के साथ मिलाकर लिया जाए तो ये वजन घटाने में और भी अच्छा काम करता है.
इसे ड्रमस्टिक भी कहा जाता है. वजन घटाने के लिए आप इसके पाउडर को गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं.
सेहत /शौर्यपथ /सुबह उठने के बाद हम पहला मील जो भी खाते हैं वो हमारे पूरे दिन के लिए शरीर को एनर्जी देता है. वहीं ये मील हेल्दी होना भी जरूरी है. ऐसे में अगर आप सुबह उठकर धनिए के पानी पीते हैं तो आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है. धनिये के बीज में मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आपकी हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है. यह एक हर्बल ड्रिंक है जो आपके डाइजेशन में सुधार करता है और सूजन को कम कर के ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए जाना जाता है. इसके अलावा यह स्किन हेल्थ में भी सुधार कर सकता है और आंतों की समस्या को भी कम कर सकता है. आप अपनी डाइट में धनिये के बीज का पानी शामिल कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं धनिए का पानी पीने से होने वाले फायदे.
वजन कम करने में
अगर आप वेट लॉस करना चाहते हैं तो ऐसे में धनिया बीज का पानी आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है. इसके लिए आप रात को धनिया के बीजों को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इसको छानकर पानी को हल्का गर्म कर के पिएं. ये आपके डाइजेशन को मजबूत बनाने के साथ, मेटाबॉलिज्म को भी दुरूस्त करने में मदद करेगा. जो आपका वजन कम करने में फायदेमंद साबित हो सकता है.
इम्यून सिस्टम
धनिये के बीज का पानी पीने सेहत के लिए फायदेमंद होता है और आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाए रखने में भी मदद कर सकता है. धनिए के बीज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स की गतिविधि को रोकने और कम करने के लिए एक साथ काम करते हैं. इतना ही नहीं, धनिये के बीज का पानी बीमारियों की रोकथाम में भी मदद कर सकता है.
डाइजेशन
क्या आप जानते हैं कि धनिये के बीज का पानी पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए प्रसिद्ध हैं क्योंकि उनमें बहुत सारे पाचन गुण पाए जाते हैं. पाचन और अवशोषण में ये एसिड बेहद जरूरी होता है. सुबह धनिए का पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ सकता है और पूरे दिन बेहतर पाचन में मदद मिल सकती है.
डायबिटीज के लिए
डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए भी सुबह सबसे पहले धनिए के बीज का पानी मदद कर सकता है. धनिये के बीज ब्लज शुगर के लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं. ये उन सभी कोशिकाओं के कार्य को सुचारू करते हैं जो इंसुलिन बनाते हैं और ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं.
बालों के लिए अच्छा है
धनिये के बीज के पानी में विटामिन के, सी और ए अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. ये बालों की मजबूती और ग्रोथ के लिए भी काफी जरूरी होते हैं. सुबह धनिये का पानी पीने से बालों का झड़ना और टूटना कम हो सकता है. धनिये का पानी बालों को झड़ने से रोकने में मदद कर सकता है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी का विशेष महत्व है. परिवार में सुख- समृद्धि और धन प्राप्ति के लिए लोग मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते हैं. आज से महालक्ष्मी व्रत का शुभारंभ हो रहा है. ऐसे में लोगों में उत्साह का माहौल बना हुआ है. महालक्ष्मी व्रत 22 सितंबर, शुक्रवार से 6 अक्टूबर, शुक्रवार तक चलेगा. यह व्रत भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से आश्विन कृष्ण अष्टमी तक चलता है. यह खास इसलिए भी है क्योंकि इसकी शुरुआत शुक्रवार से हो रही है और शुक्रवार को ही ये इसका समापन भी है. ऐसे में जल्दी से आप व्रत का शुभ मुहूर्त,मंत्र और सही पूजा विधि नोट कर लें ताकि मां लक्ष्मी आपकी भी झोली भरे और आपके परिवार में धन वैभव बना रहे.
महालक्ष्मी व्रत का शुभारंभ
भाद्रपद शुल्क अष्टमी तिथि का आरंभ 22 सितंबर, शुक्रवार यानी आज दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर होगा और 23 सितंबर, शनिवार यानी कल दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर इसका समापन होगा.
महालक्ष्मी व्रत का समापन
आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि की शुरुआत 6 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 34 मिनट पर होगी और इसका समापन 7 अक्टूबर, शनिवार को सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर होगा.
महालक्ष्मी व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार महालक्ष्मी व्रत का शुभ मुहूर्त 22 सितंबर 2023 को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट से लेकर 23 सितंबर 2023 दिन शनिवार को दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक का है.
महालक्ष्मी व्रत पूजा मंत्र
अगर महालक्ष्मी की कृपा चाहते हैं और अपने परिवार में सुख शांति समृद्धि के साथ धन वैभव चाहते हैं तो ओम श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध नमः मंत्र का जाप करें. इससे मां लक्ष्मी की कृपा आपके परिवार पर सदैव बनी रहेगी.
महालक्ष्मी व्रत पूजा विधि
अगर विधिवत तौर पर मां की पूजा अर्चना की जाए तो मां अपने भक्तों से प्रसन्न होती है की उनकी कृपा हमेशा उनके भक्तों पर बनी रहती है. ऐसे में जरूरी है की पूजा करते समय आप इन बातों का खास खयाल रखें. सबसे पहले मां लक्ष्मी की मूर्ति भगवान गणेश के साथ स्थापित करें. उसके बाद मां के सामने गुलाब, कमल का फूल, साड़ी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, बिछिया, धूप, दीप, फल अर्पित करें. उसके बाद एक गुलाबी रंग या लाल रंग का धागा लें उसमें 16 गांठें लगा दें और उसकी भी पूजा करें. याद रहे यह चीज आपको 15 दिनों तक करनी है. उसके बाद महालक्ष्मी मंत्र का जाप करें और मनोकामना मांगे. अंतिम दिन मां लक्ष्मी की मूर्ति का विसर्जन कर दें. आप चाहे तो मूर्ति को अपने पूजा घर में स्थापित भी कर सकते हैं.
आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में भादों का महीना बहुत खास माना जाता है. इस महीने में ऐसे कई त्योहार होते हैं जो लोगों के जीवन में विशेष महत्व रखते हैं. भौम प्रदोष व्रत भी उन्हीं विशेष त्योहारों में से एक है. यह व्रत हर महीने दो बार होता है, यानी 12 महीने में कुल मिलाकर यह व्रत 24 बार होता है. शिव भक्तों के लिए इस व्रत का महत्व जाता होता है. प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है. इससे हमारे जीवन के सभी कष्टों का निवारण होता है. इस साल भाद्रपद महीने का आखिरी प्रदोष व्रत 27 सितंबर, बुधवार को रखा जाएगा. लेकिन कई लोग प्रदोष व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त को लेकर दुविधा में होते हैं तो चलिए आपके कंफ्यूजन को दूर करें.
बुध प्रदोष व्रत की क्या है तिथि |
इस साल शिव भक्तों के द्वारा भाद्रपद माह का आखिरी प्रदोष व्रत 27 सितंबर 2023, बुधवार को रखा जाएगा. व्रत की शुरुआत 27 सितंबर 2023, बुधवार को प्रातः काल 1 बजकर 47 मिनट पर होगी और रात 10 बजकर 20 मिनट इसका समापन होगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त |
अगर बुध प्रदोष व्रत की पूजा शुभ मुहूर्त पर की जाए तो इसके कई लाभ देखने को मिल सकते हैं. प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त 27 सितंबर, बुधवार को शाम 5 बजकर 58 मिनट से लेकर रात 7 बजकर 52 मिनट तक का है. इस बीच भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है.
क्या है पूजा सामग्री
गंगाजल, धूप दीप, पूजा के बर्तन, दही, शुद्ध देसी घी, पांच मिष्ठान, धतूरा, भांग, कपूर, चंदन, रोली, मौली, पांच फल, मेवे ये शिव जी के प्रिय श्रृंगार सामग्री है.
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करके साफ- सुथरे कपड़े पहनें.
भगवान शिव माता पार्वती के लिए आसान तैयार करें और उन्हें उस पर विराजमान करें.
इसके बाद मंदिर में दीप जलाएं और व्रत लेने का संकल्प लें.
भगवान का साज श्रृंगार करें और उनके सामने उनकी प्रिय सामग्री और फल चढ़ाएं.
भोग लगाएं और पुष्प अर्पित करें.
इसके बाद भगवान शिव माता पार्वती और गणेश भगवान की आराधना करें.
आखिर में भगवान शिव की आरती करते हुए ओम नमः शिवाय का जाप करें.
शाम में भी दिया जरूर जलाएं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
