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June 01, 2026
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सेहत / शौर्यपथ / इसकी गिनती सरसों की जाति में होती है। इसका दाना छोटा व काला होता है। राई का प्रमुख गुण पाचक होता है।
पेट के कीड़े इसका पानी पीने से मर जाते है।
हैजे में राई को पीस कर पेट पर लेप करने से उदरशूल व मरोड़ में आराम मिलता है।
इसकी पुल्टिस बना कर दर्द वाली जगह पर सेंक किया जाए तो तुरंत राहत मिलती है। राई के लेप से सूजन कम होती है।
गर्म पानी में राई डालने से राई फूल जाती है। और उसके गुण पानी में पहुंच जाते हैं। इस पानी को गुनगुना सहने योग्य कर किसी टब में कमर तक भर कर बैठा जाए तो सभी प्रकार के यौन रोग प्रदर, प्रमेह आदि में बेहतर सुधार आता है।
इसे पीस कर शहद में मिलाकर सूंघने से जुकाम में आराम मिलता है।
मिर्गी-मूर्च्छा में मात्र राई पीस कर सूंघाने से फायदा होता है।
राई के तेल में बारीक नमक मिलाकर मंजन करने से पायरिया रोग का नाश होता है।
राई के अधिक प्रयोग से उल्टी हो सकती है अत: राई का सीमित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।

टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / बाथ साल्ट से स्नान करना हमारे लिए बेहद फायदेमंद होता है।
जैसे तनाव मुक्त महसूस करना, खून का संचार अच्छा होता है, नींद अच्छी आती है, साथ ही थकान भी मिट जाती है। नमक में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम, सल्फर, कैल्शियम, सोडियम, सिलिकॉन, ब्रोमाइन और स्ट्रोन्शियम मौजूद होता है जो बॉडी को रिलैक्स करने में मदद करता है। तो कई बार अधिक थकावट होने पर या नींद अच्छी नहीं आने पर आप बाथ साल्ट से स्नान कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं बाथ साल्ट से होने वाले कुछ 7 खास फायदों के बारे में
1.स्क्रब - नमक का पानी स्क्रब का काम करता है। शरीर में मौजूद डेड स्किन को निकालने में यह काफी मददगार है। कई बार मल जमा होने से खुजली भी होती है तो इससे राहत मिल जाएगी। अतिरिक्त पसीने की बदबू से भी छुटकारा मिलता है।
2.बॉडी को करें डिटॉक्स- जी हां, पानी में एपसॉम नमक का इस्तेमाल कर बॉडी को डिटॉक्स किया जा सकता है। यह नमक बॉडी से टॉक्सिन को निकालने में मदद करते हैं। नमक के साथ आप कुछ बूंदे सुगंधित तेल की भी मिला सकते हैं।
3.बॉडी को करें रिलेक्स- नमक में मैग्नीशियम होने से बॉडी को रिलैक्स करता है। इससे बॉडी में खून का संचार तेजी से होता है। यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मददगार होता है। वर्कआउट करने के बाद बाथ साल्ट लिया जाता है।
4.दिमाग को करें शांत- बाथ साल्ट
लेने से ब्रेन फंक्शन बेहतर करने लगता है। दिमाग को शांत करता है मन को स्थिर करने में मदद मिलती है।
5.फंगल इंफेक्शन से बचाएं- अक्सर बारिश के मौसम में खराब पानी की वजह से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सप्ताह में एक बार नमक के पानी से जरूर नहाएं। ताकि फंगल या अन्य इंफेक्शन के खतरे से बचा जा सकें।
6.ऑयल को करें कंट्रोल- अगर आपकी बॉडी और चेहरे पर बहुत अधिक मात्रा में ऑयल आता है तो आपको राहत मिलेगी। साथ ही चिपचिपाहट भी कम लगेगी।
7.दर्द में राहत- एक उम्र के बाद बॉडी में दर्द होने लगता है। खासकर ज्वाइंट और हड्डियों में। दर्द अधिक होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर नहाने से पूरी बॉडी में राहत मिलेगी।

टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ /मानसून के सीजन में भी हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। बल्कि यह मौसम भी बहुत खूबसूरत होता है। लेकिन बारिश में अच्छा सा अच्छा मेकअप भी थोड़ा-सा पानी लगने पर भी
बेकार हो जाता है। ऐसे में मानसून सीजन में कभी भी नॉर्मल मेकअप करने की गलती नहीं करें। इस सीजन में हमेशा वाटरप्रूफ मेकअप करें। वह लंबे वक्त तक टिका रहेगा।
तो आइए जानते हैं चिपचिपे मौसम में स्मूथ और वाटरप्रूफ मेकअप कैसे करें।
1. फाउंडेशन को कहे ना - जी हां, बारिश के मौसम में आप महंगे से महंगा प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर लें। लेकिन बारिश में वह बेकार हो जाएगा। इसके बदले आप बीबी क्रीम या सीसी क्रीम का इस्तेमाल करें। इससे आपके चेहरे पर दाग -धब्बे भी नहीं दिखेंगे और चेहरा बेकार भी नहीं होगा।
2.वाटरप्रूफ काजल और लाइनर - स्‍मोकी आई मेकअप या ग्लिटर आई मेकअप को ना कहें। बारिश में नमी होने के कारण आपका मेकअप मेल्‍ट भी हो सकता है और जल्दी फैल भी सकता है। जिससे आपकी आंखें एकदम काली हो सकती हो जाएगी। वहीं ग्लिटर आई मेकअप से आपकी आंखें चिपचिपी हो जाएगी। इसके बजाए आप वॉटरप्रूफ आईलाइनर और काजल का इस्तेमाल करें। यह लंबे वक्त तक टिका रहेगा।
3. हेयर स्ट्रेटनिंग - बारिश के मौसम में आप हेयर स्ट्रेट करने पर विचार कर रहे हैं तो ऐसा बिल्कुल नहीं करें। दरअसल, नमी की वजह से बाल भी चिपचिपे रहते हैं। बारिश के मौसम में प्राकृतिक तरीकों से आप हेयर स्ट्रेट कर सकते हैं। जिससे वह शाइन भी करेंगे और बेजाना भी नहीं दिखेंगे।
4. कंसीलर - बरसाती सीजन में मेकअप करने के दौरान बहुत ध्यान रखना होता है। इस सीजन में कंसीलर का उपयोग नहीं करना बेहतर होता है। कंसीलर की जगह क्रेयॉन कंसीलर का प्रयोग करना चाहिए। इससे चेहरे पर दाग धब्बे भी नहीं दिखेंगे। बारिश के मौसम सबसे अधिक कारगर रहेगा।
5.मस्करा - अगर आप मस्कारा लगाने के शौकीन है तो बारिश में इसका ध्यान से प्रयोग करें। दरअसल, बारिश में मेकअप का तरीका बदल जाता है। इसलिए मानसून सीजन में वाटरप्रूफ मस्कारा का इस्तेमाल करें। वह लंबे टाइम तक टिका रहेगा और फैलेगा भी नहीं।

आस्था / शौर्यपथ / जीवन की समस्त आशाओं को पूर्ण करने वाला आशा दशमी व्रत इस सोमवार को मनाया जा रहा है। यह व्रत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि से आरंभ किया जा सकता है। यह व्रत करने से मनुष्य के जीवन की सभी आशाएं पूर्ण होती हैं।
आशा दशमी मनाने का उद्देश्य अच्छी सेहत, अच्छा वर और पति और संतान की अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। इस दिन ऐन्द्री, आग्रेयी, याम्या, नैऋति, वारुणी, वाल्व्या, सौम्या, ऐशनी, अध्: तथा ब्राह्मी इन दस आशा देवियों से अपनी कामनाओं की सिद्धि के लिए पूजन एवं प्रार्थना की जाती है।
महत्व- आशा दशमी व्रत का प्रारंभ महाभारत काल से माना जाता है। इस व्रत का महत्व भगवान कृष्ण ने पार्थ को बताया था। आशा दशमी व्रत को आरोग्य व्रत भी कहा जाता है क्योंकि इस व्रत के प्रभाव से शरीर हमेशा निरोगी रहता है। इस व्रत से मन शुद्ध रहता है तथा व्यक्ति को असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
इस व्रत के पीछे यह धार्मिक मान्यता है कि कोई भी कन्या इस व्रत को करने से श्रेष्ठ वर प्राप्त करती है। अगर किसी स्त्री का पति यात्रा प्रवास के दौरान जल्दी घर लौट कर नहीं आता है तब सुहागिन महिला इस व्रत को करके अपने पति को शीघ्र प्राप्त कर सकती है। यदि कोई भी कन्या इस व्रत को करती हैं, तो वह श्रेष्ठ वर प्राप्त करती है।
आइए जानें किस देवी का पूजन, कैसे और कितने समय के लिए करें यह व्रत-
* यह व्रत 6 माह, 1 वर्ष अथवा 2 वर्षों त‍क करना चाहिए।
* दशमी के दिन प्रात: नित्य कर्म, स्नानादि से निवृत्त होकर देवताओं का पूजन करके रात्रि में पुष्प, अलक तथा चंदन आदि से 10 आशा देवियों की पूजा करनी चाहिए। ऐन्द्री, आग्रेयी, याम्या, नैऋति, वारुणी, वाल्व्या, सौम्या, ऐशनी, अध्: तथा ब्राह्मी इन दस आशा देवियों का पूजन करें। इस दिन माता पार्वती का भी पूजन किया जाता है।
* इस व्रत को करने वाले हर मनुष्‍य को आंगन में दसों दिशाओं के चित्रों की पूजा करनी चाहिए। दसों दिशाओं के अधिपतियों की प्रतिमा, उनके वाहन तथा अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित कर दस दिशा देवियों के रूप में मानकर पूजन करना चाहिए।
* इसके पश्‍चात निम्न प्रार्थना करती चाहिए।
'आशाश्चाशा: सदा सन्तु सिद्ध्यन्तां में मनोरथा:।
भवतीनां प्रसादेन सदा कल्याणमस्त्विति।।'
यानी 'हे आशा देवियों, मेरी सारी आशाएं, सारी उम्मीदें सदा सफल हों। मेरे मनोरथ पूर्ण हों, मेरा सदा कल्याण हो, ऐसा आशीष दें।'
* दसों दिशाओं में घी के दीपक जलाकर धूप दीप और फल आदि समर्पित करना चाहिए।
* तत्पश्चात ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देने के बाद प्रसाद स्वयं ग्रहण करना चहिए।
* इसी तरह तब तक हर महीने इस व्रत को करना चाहिए। जब तक आपकी मनोकामना पूर्ण न हो जाए।
* आशा दशमी का व्रत के करने से सभी आशाएं पूर्ण हो जाती हैं।
इस व्रत के प्रभाव से शिशु की दंत जनिक पीड़ा भी दूर हो जाती है।

खाना खजाना / शौर्यपथ /आपने चिली पोटैटो तो कई बार खाया होगा लेकिन क्या आपने शेजवान पोटैटो ट्राई किए हैं? अगर नहीं, तो देर किस बात की है आइए, जानते हैं शेजवान पोटैटो की रेसिपी
सामग्री :
बेबी पोटैटो- 16
अदरक-लहसुन पेस्ट- 2 चम्मच
बारीक कटी मिर्च- 2
कटा प्याज- 1/2 कप
शेजवान सॉस- 3 चम्मच
चीनी- 1 चम्मच
कॉर्नफ्लोर- 2 चम्मच
नमक- स्वादानुसार
तेल- आवश्यकतानुसार
बारीक कटा हरा प्याज
गार्निशिंग के लिए
विधि : आलू को उबाल लें। छिलका छीलकर उसमें जगह-जगह छेद कर दें। पैन में तेल गर्म करें और आलू को सुनहरा होने तक तल लें। उसी पैन में थोड़ा-सा तेल और गर्म करें। उसमें अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें। कुछ मिनट तक भूनें। पैन में कटा प्याज डालें और पारदर्शी होने तक भूनें। शेजवान सॉस और चीनी पैन में डालकर एक मिनट तक मिलाएं। अब आधे कप पानी में कॉर्नफ्लोर डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इस मिश्रण को पैन में डालें। अच्छी तरह से मिलाएं और ग्रेवी के गाढ़े होने तक पकाएं। सबसे अंत में आलू को पैन में डालकर मिलाएं। धीमी आंच पर चार से पांच मिनट तक पकाएं, ताकि मसाले आलू के भीतर चले जाएं। बारीक कटे हरे प्याज से गार्निश कर नूडल्स या फ्राइड राइस के साथ सर्व करें।

टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ /हम सभी जानते हैं कि हाइट बढ़ने एक निश्चित उम्र तक बढ़ती है। वहीं, आनुवांशिक कारणों के साथ कई ऐसी बातें हैं जिससे किसी व्यक्ति की लंबाई कितनी बढ़ेगी, इसका पता चलता है। कई पहलुओं के साथ डाइट भी एक खास वजह है जिससे किसी बच्चे की लंबाई प्रभावित होती है। आज हम आपको ऐसी चीजें बता रहे जिन्हें खाने से लंबाई बढ़ती है।
बैरीज
ब्लूबैरी, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी या रास्पबैरी भी कई प्रकार के न्यूट्रिशन से लैस होती हैं। इसमें मौजूद विटामिन-सी कोशिकाओं को बेहतर करता है और टिशू रिपेयर करने का काम करता है। विटामिन-सी कॉलेजन के सिंथेसिस को भी बढ़ाता है, एक ऐसा प्रोटीन जिसकी मात्रा आपके शरीर में सबसे ज्यादा होती है।
पत्तेदार सब्जियां
पालक, केल, अरुगुला, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में भी कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इन सब्जियों में विटामिन-सी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम के अलावा विटामिन-के भी पाया जाता है जो हड्डियों के घनत्व को बढ़ाकर लंबाई बढ़ाने का काम करता है।
अंडा
अंडा न्यूट्रिशन का पावरहाउस है। इसमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसमें हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। 874 बच्चों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से अंडा खाने वाले बच्चों की हाइट बढ़ती है। अंडे के पीले भाग (यॉक) में मौजूद हेल्दी फैट भी शरीर को फायदा दे सकता है।
बादाम
बादाम में मौजूद कई प्रकार के विटामिन और मिनरल भी लंबाई के लिए बेहद जरूरी हैं। इसमें हेल्दी फैट के अलावा, फाइबर, मैग्नीज और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-ई भी होता है, जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में दोगुना हो जाता है। एक स्टडी के मुताबिक, बादाम हमारी हड्डियों के लिए भी फायदेमंद चीज है।
साल्मन फिश
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर साल्मन फिश भी सेहत के लिए बड़ी फायदेमंद है। ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की सेहत को फायदा पहुंचाने वाला एक फैट है, जो शरीर की ग्रोथ और डेवलपमेंट के लिए भी अच्छा माना जाता है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि ओमेगा फैटी-3 एसिड हड्डियों की ग्रोथ को भी बढ़ावा दे सकता है। ये बच्चों में नींद की समस्या को भी दूर कर सकता है, जो कि उनकी ग्रोथ पर बुरा असर डालती है।
शकरकंद
विटामिन-ए से युक्त शकरकंद हड्डियों की सेहत को सुधारकर लंबाई बढ़ाने में मदद करती है। इसमें सॉल्यूबल और इनसॉल्यूबल दोनों प्रकार के तत्व होते हैं, जो आपकी डायजेस्टिव हेल्थ को प्रमोट करते औंर आंतों के लिए अच्छे बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देते हैं। यह विटामिन-सी के अलावा मैग्नीज, विटामिन बी6 और पोटेशियम का भी अच्छा स्रोत है।

सेहत / शौर्यपथ / चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए कई मर्तबा अलग-अलग क्रिम का उपयोग करते हैं लेकिन उसका असर कुछ ही वक्‍त रहता है। चेहरे को पिंपल फ्री, फलालेस, चमकदार
बनाने के लिए महंगे से महंगे ट्रीटमेंट लेते हैं। पर असर बहुत लंबे वक्‍त तक नहीं रहता है। शायद ही लोगों ने कभी चेहरे की खूबसूरती के लिए खाने की डाइट पर भी ध्‍यान दिया
होगा। जी हां, अपनी डाइट में इन 5 विटामिन्‍स को जरूर शामिल करें, ताकिृ प्राक़तिक रूप से आपके चेहरे का ग्‍लो बरकरार रहें।
विटामिन ए -
यदि आप इस तरह से पेपिलोमा पाते हैं, तो सावधान रहें!
तुरंत पता लगाओ!
विटामिन ए में मौजूद तत्‍व चेहरे की कोशिकाओं को रीजनरेट करते हैं। साथ ही ड्राय स्किन और रूखी त्‍वचा से लिए परेशान है तो विटामिन ए युक्‍त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पपीता, आम, तरबूज में भरपूर विटामिन मौजूद होता है।
विटामिन बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स -
त्‍वचा को बेहतर बनाने के लिए बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स मदद करता है। विटामिन बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स का सेवन करने से पिग्‍मेंटेशन की समस्‍या भी खत्‍म हो जाती है।ऑयली स्किन से परेशान है तो इसका सेवन जरूर करें। साबुत अनाज, फल, दही में यह पाया जाता है।
विटामिन सी -विटामिन सी कमी होने से त्‍वचा पर लाल रेशेज होने लगते हैं, दाने निकल आते हैं।
चेहरे पर असमय झुर्रियों के दिखने का एक कारण यह भी है। इसके लिए आप
नींबू, फूलगोभी, संतरा, शंकरकंद का सेवन करें।
विटामिन ई -
शरीर में विटामिन ई की कमी होने पर डार्क सर्कल, पिगमेंटेशन, पिंपल्‍स, सनटैन से बचाने में मदद करती है। इसके लिए बादाम, अखरोट, मूंगफली, पालक और ब्रोकलीका सेवन करें।
विटामिन डी -
विटामिन की डी कमी से कई सारी समस्‍या होने लगती है। त्‍वचा की बात की जाएं तो मशरूम, दूध, चीज, दही, पनीर में भरपूर तरह से मौजूद होता है।

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / कॉफी का उपयोग पीने से लेकर सेहत और ब्यूटी सभी के लिए फायदेमंद है। लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्यूटी हैक्स सबसे अच्‍छा उपाय है ताकि एक साथ दो काम हो सकें। कॉफी में मौजूद प्रॉपर्टीज से डेड स्किन को निकालने में बेहद आसान है। और इससे चेहरे पर इंस्‍टेंट ग्‍लो भी आ जाता है। अगर आप सनबर्न, टैनिंग, धब्बे, मुहांसे, डल स्किन से गुजर रहे हैं तो कॉफी की आइस क्‍यूब आपके लिए बेहद फायदेमंद है। आइए जानते हैं विधि,प्रयोग और फायदे।
सामग्री - ऑर्गेनिक कॉफी और आइस ट्रे।
आइस क्‍यूब बनाने की विधि -
- सबसे पहले 1 कप गर्म पानी करें। इसके बाद 3 चम्मच गर्म पानी में कॉफी डाल दें। इसके बाद उसे ठंडा होने दें।
- कॉफी पैक ठंडा होने के बाद आइस ट्रे में डालकर फ्रीजर में रख दें।
कैसे करें इस्तेमाल
क्यूब्स जम जाने के बाद आप इसे कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सबसे पहले अपने चेहरे को पानी से धो लें इसके बाद आइस क्‍यूब को सर्कुलर मोशन में घुमाएं।
आइस क्‍यूब बहुत ज्यादा बड़ी नहीं होती है इसलिए खत्म होने तक क्यूब को घुमाते रहें।
10 मिनट फेस को ऐसा ही रहने दें और लेट जाएं।
इसके बाद साफ पानी से धो लें।
कॉफी क्यूब लगाने के फायदे -
- स्किन टाइट करने में मदद करता है।
- ब्‍लड सर्कुलेशन अच्छा होता है।
- आंखों की सूजन कम होती है।
- मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स से पिंपल और मुंहासे कम करने में मदद मिलती है।

ब्यूटी टिप्स / शौर्यपथ / आंखों को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए आईलाइनर और काजल का इस्तेमाल किया जाता है। नॉर्मल हो या पार्टी मेकअप, आईलाइनर और काजल के बिना आपकी आंखों की खूबसूरती अधूरी-सी लगती है। परफेक्ट आईलाइनर के साथ गहरा काला काजल आपको एक बेहतरीन लुक देने में मदद करता है। लेकिन हम में से ऐसे कई लोग हैं, जो लाइनर और काजल लगाना तो चाहते हैं लेकिन खराब होने का डर उनमें बना रहता है।
अगर बात करें आईलाइनर लगाने की तो ये कोई मुश्किल काम नहीं है। लेकिन यदि आपके हाथ लाइनर लगाने के दौरान कांपते हैं, तो परफेक्ट लाइनर लगाना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो जाएगा। पर घबराएं नहीं, हम यहां आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनके इस्तेमाल से आप बिलकुल परफेक्ट आईलाइनर लगा सकती हैं, वहीं आंखों में सही काजल लगाना भी जरूरी है, क्योंकि काजल के फैलने के कारण आपका पूरा लुक खराब हो सकता है।
तो आइए जानते हैं कुछ टिप्स जिनकी मदद से आप परफेक्ट काजल और लाइनर लगा सकती हैं।
* यदि आप खड़े होकर लाइनर लगाने का प्रयास करती हैं तो ऐसा न करें। जब भी लाइनर लगाना हो तो आराम से कुर्सी पर बैठ जाएं, फिर लाइनर लगाएं।
* चम्मच की मदद से भी आप लाइनर लगा सकती हैं। इसके लिए सबसे पहले तो उसके लंबे वाले हिस्से से आप अपना लाइनर विंग बना लीजिए। सबसे ज्यादा परेशानी लाइनर विंग बनाने में ही होती है। दोनों विंग परफेक्ट बनने के बाद आप चम्मच को उल्टा करके उसके घुमावदार हिस्से को आंखों पर रखकर अपना लाइनर लगा लें।
* काजल लगाने के लिए पलकों के बीच से काजल लगाना शुरू करते हुए दोनों तरफ बाहर की ओर तक लगाते जाएं।
* ऊपरी पलक पर काजल लगाने के बाद उसी काजल का उपयोग करते हुए वॉटरलाइन पर भी लगाते हुए एक गहरी रेखा बनाएं।
* काजल लगाते समय अपनी आंखों के नीचे टेलकम पाउडर का इस्तेमाल करें जिससे कि काजल फैलने से बच सके।
* काजल लगाने के बाद आप लाइनर से अपने काजल को लॉक कर दें जिससे कि आपका काजल लंबे समय तक बिना फैले टिका रहेगा।
* सेलो टेप की मदद से भी आप अपना लाइनर आसानी से लगा सकती हैं। हां, सुनने में आपको अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन यह आपको परफेक्ट लुक देने में मदद करेगा। इसके लिए आंखों के आखिर में विंग बनाने के लिए उसे थोड़ा टेढ़ा चिपका लें।

आस्था / शौर्यपथ /हिन्दू माह का चौथा माह होता है आषाढ़ माह। इस माह की शुक्ल एकादशी से चातुमास प्रारंम हो जाते हैं। आषाढ़ी एकादशी के दिन से चार माह के लिए देव सो जाते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार चातुर्मास का प्रारंभ 20 जुलाई 2021 को हो रहा है। आओ जानते हैं इस चार माह में कौन से देवी देवता की होती है पूजा।
1. श्रीहरि विष्णु
2. माता लक्ष्मी
3. भगवान शिव
4. माता पार्वती और दुर्गा
5. हनुमानजी, मंगलदेव
6. सूर्यदेव
7. गणेशजी
8. भगवान श्रीकृष्‍ण
9.
श्रीराधा
10.पितृदेव

1. चातुर्मास में श्राहरि सहित सभी देवता चार माह के लिए राजा बलि के यहां पाताल लोक में योगनिद्रा में रहते हैं। और इस दौरान भगवान शिव के हाथों में सृष्टि का संचालन रहता है। इसलिए शिवजी की पूजा का महत्व है।
2. चातुर्मास के आषाढ़ माह में भगवान विष्णु, सूर्यदेव, मंगलदेव, दुर्गा और हनुमानजी की पूजा करने का दोगुना फल मिलता है। आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की वामन रूप में पूजा करने से पुण्य प्राप्त होता है। इस माह में विष्णुजी के साथ ही जलदेव की उपासना से धन की प्राप्ति सरल हो जाती है और मंगल एवं सूर्य की उपासना से ऊर्जा का स्तर बना रहता है। इसके अलावा देवी की उपासना भी शुभ फल देती है।

3. कहते हैं कि आषाढ़ में श्रहरि विष्णु के वामन रूप की पूजा, श्रावण मास में में शिव और पार्वती पूजा, भाद्रपद में गणेश और श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। आषाढ़ के महीने में अंतिम पांच दिनों में भगवान वामन की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस माह में इन दोनों देवताओं की विशेष कृपा पाने के लिए विशेष व्रत, उपवास, पूजा करना चाहिए। कार्तिक माह के 15 दिन देवउठनी एकादशी तक पुन: भगान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का महत्व बढ़ जाता है।

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