August 25, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    ट्रिपल इंजन की सरकार सफाई कर्मियों का वेतन नहीं दे पा रही

               रायपुर/शौर्यपथ / नगर निगम रायपुर के सफाई कर्मचारियों के वेतन की मांग को लेकर आंदोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महापौर मीनल चौबे का ट्रिपल इंजन की सरकार में सब कुछ बेहतर होने का दावा खोखला साबित हुआ है। दीपावली तिहार के समय में निगम के सफाई कर्मचारी वेतन की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे, चक्का जाम कर रहे, दो-दो महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं, यह बेहद चिंता का विषय है, लगातार निगम से संबंधित ठेकेदार सफाई कर्मचारी सामान सप्लायर भुगतान को लेकर शिकायत कर रहे हैं लेकिन शिकायत का कोई हल नही निकल रहा है।
      प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महापौर मीनल चौबे त्योहार के समय निगम की अव्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय जापान घूम में है। और इधर निगम के सफाई कर्मचारी वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। क्या यही ट्रिपल इंजन का विकास है? दीपावली के समय रात में सड़क अंधेरे से पटा हुआ है, सड़क में गड्ढे हैं, नालिया बज-बजा रही है, सफाई व्यवस्था चरामरा गई है। ठेला पसरा लगाने वालों के समान को जप्ती किया जा रहा है। क्या यही सुशासन है?
      प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि निकायों में सफाई कर्मियों, ठेकेदारों सामान सप्लायरों का भुगतान तत्काल किया जाए ताकि वह भी दीपावली का त्यौहार मना सके। निगम गरीबों के ठेला, खोमचा दुकानों को तोड़ना, सामानों को जप्त करना बंद करें।

    रायपुर / शौर्यपथ /
    प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर सूचना के अधिकार कानून (RTI Act) को कमजोर करने का आरोप लगाया।
    कांग्रेस ने कहा कि आज देश को आम नागरिक को सशक्त बनाने वाले RTI कानून को लागू हुए 20 वर्ष पूरे हो गए हैं, जिसे 12 अक्टूबर 2005 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में लागू किया गया था।

    कांग्रेस का दावा — मनमोहन सरकार ने दी थी पारदर्शिता की नींव

    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यूपीए सरकार ने RTI सहित कई जनहितकारी कानून बनाए, जिन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया।
    इनमें मनरेगा (2005), वन अधिकार अधिनियम (2006), शिक्षा का अधिकार (2009), भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा अधिनियम (2013) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (2013) प्रमुख हैं।

    नेताओं ने कहा कि RTI कानून ने आम नागरिक को शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार दिया। इसके माध्यम से राशन, पेंशन, मजदूरी, छात्रवृत्ति जैसे बुनियादी अधिकारों की सुरक्षा में आमजन को मदद मिली।

    “मोदी सरकार ने कानून की आत्मा को कमजोर किया”

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 2019 में केंद्र की भाजपा सरकार ने RTI कानून में संशोधन कर आयोगों की स्वतंत्रता को सीमित किया, जिससे कार्यपालिका का प्रभाव बढ़ गया।
    इसके अलावा, 2023 में लागू डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम (DPDP) के माध्यम से RTI की धारा 8(1)(j) को बदल दिया गया, जिससे “व्यक्तिगत जानकारी” की परिभाषा इतनी विस्तृत कर दी गई कि अब कई सार्वजनिक सूचनाएँ भी जनहित में साझा नहीं की जा सकतीं।

    कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इससे “सार्वजनिक धन के उपयोग, सांसद निधि, मनरेगा कार्यों या राजनीतिक फंडिंग” जैसे मामलों की पारदर्शिता पर असर पड़ा है।

    सूचना आयोगों में रिक्तियाँ और जवाबदेही का अभाव

    कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय सूचना आयोग में 11 में से केवल दो पद ही भरे हुए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त का पद दो वर्षों से खाली है और केवल एक आयुक्त कार्यरत हैं।
    इस स्थिति को “पारदर्शिता प्रणाली को निष्क्रिय करने की कोशिश” बताया गया।

    व्हिसलब्लोअर पर हमले और सुरक्षा की कमी

    कांग्रेस नेताओं ने आरटीआई कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
    उन्होंने भोपाल की शहला मसूद और सतीश शेट्टी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि “व्हिसलब्लोअर्स प्रोटेक्शन कानून” संसद से पारित होने के बावजूद लागू नहीं किया गया है।
    इसके चलते RTI का उपयोग करने वाले नागरिक भय के माहौल में हैं।

    कांग्रेस की छह मांगें

    कांग्रेस ने केंद्र सरकार से निम्न छह मांगें रखीं —
    2019 के संशोधनों को निरस्त कर सूचना आयोगों की स्वतंत्रता बहाल की जाए।
    DPDP अधिनियम की विवादित धाराओं की समीक्षा की जाए।
    केंद्र और राज्यों के सभी आयोगों में रिक्तियाँ तुरंत भरी जाएँ।
    आयोगों की निपटान दर और कार्य निष्पादन सार्वजनिक किया जाए।
    व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
    आयोगों में पत्रकारों, शिक्षाविदों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

    कांग्रेस का संकल्प

    कांग्रेस ने कहा — “सूचना का अधिकार आधुनिक भारत के सबसे बड़े लोकतांत्रिक सुधारों में से एक है। इसकी कमजोरी, लोकतंत्र की कमजोरी है। आरटीआई की 20वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस इस कानून की रक्षा और सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराती है, ताकि हर नागरिक निर्भय होकर सवाल पूछ सके और जवाब पा सके।”

    कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता

    प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री मो. अकबर, डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व सांसद छाया वर्मा, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, वरिष्ठ नेता राजेंद्र तिवारी, गिरीश देवांगन, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, महामंत्री सकलेन कामदार, प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेंद्र वर्मा, घनश्याम राजू तिवारी, डॉ. अजय साहू, नितिन भंसाली और अजय गंगवानी उपस्थित रहे।

    महतारी वंदन योजना पर उठा सवाल – 20वीं किश्त में 5 लाख महिलाएँ गायब?

    रायपुर / शौर्यपथ /
    प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने वाली महतारी वंदन योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। योजना की 20वीं किश्त के वितरण में करीब 5 लाख हितग्राहियों के नाम गायब होने पर कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा है।
      प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को स्पष्ट करना चाहिए कि महतारी वंदन योजना की 20वीं किश्त में 5 लाख महिलाएं कम कैसे हो गईं और इन्हें भुगतान से वंचित क्यों रखा गया।
      ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योजना की शुरुआत में 70 लाख महिलाओं को 655 करोड़ रुपये की पहली किश्त दी थी, जबकि हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने 64,94,768 महिलाओं को 609 करोड़ रुपये की राशि जारी की। “पांच लाख महिलाओं का नाम सूची से हट जाना क्या यह संकेत है कि  ‘मोदी की गारंटी’ अब कमजोर पड़ रही है?” ठाकुर ने सवाल किया।
      कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा ने नगरीय निकाय चुनावों के दौरान महतारी वंदन योजना से वंचित महिलाओं को जोड़ने का वादा किया था, परन्तु केवल बस्तर क्षेत्र में सीमित संख्या में ही नए हितग्राहियों को शामिल किया गया। “प्रदेश की अधिकांश महिलाएं अब भी योजना के दायरे से बाहर हैं, और जो जुड़ी थीं, उनमें से लाखों को हटा दिया गया है। यह महिलाओं के साथ स्पष्ट धोखा है,” उन्होंने कहा।
      ठाकुर ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “मोदी की गारंटी के नाम पर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा अब शर्तों और अपात्रता की आड़ में महिलाओं को लाभ से वंचित कर रही है। यदि यह योजना गारंटी थी, तो इसमें कोई अपवाद नहीं होना चाहिए।”
      उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल उन 5 लाख महिलाओं की 20वीं किश्त जारी करे, और योजना में सभी पात्र महिलाओं को पुनः जोड़ा जाए।

        रायपुर/ शौर्यपथ / भर्ती परीक्षा में धांधली और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार युवाओं का भरोसा पूरी तरह से खो चुकी है। एडीईओ भर्ती, वन रक्षक, पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा, आर आई प्रमोशन परीक्षा सहित विगत 20 महीनो के दौरान जितने भी प्रमोशन और भर्ती परीक्षा हुए हैं वे सभी संदेश के घेरे में हैं। किसी एक परीक्षा में 100 में से 27 प्रश्न गलत होना अर्थात लगभग एक तिहाई प्रश्न पत्र पर ही सवाल खड़ा होना सरकार और परीक्षा एजेंसी की क्षमता पर सवाल है। सहायक विकास विस्तार अधिकारी की परीक्षा में व्यापम ने खुद ही माना है कि 12 प्रश्न विलोपित किए जाए, 6 प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर मान्य किए गए और 3 प्रश्नों के उत्तर बदले फिर भी 6 प्रश्न अब तक विवादित है। सरकार की दुर्भावना के चलते भर्ती परीक्षा को मजाक बना दिया गया है ऐसे त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्र तैयार करने वाले जिम्मेदारों को यह सरकार बचा रही है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि वीडियो परीक्षा में व्यापम की दुर्भावना और लापरवाही से 2 लाख 22 हजार अभ्यार्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। 27 प्रश्न गलत पाए जाने पर तत्काल पूरी परीक्षा रद्द की जानी चाहिए, दोषियों को ब्लैक लिस्ट करके भविष्य में इस तरह की परीक्षाओं से परमानेंट पृथक किया जाना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया के लागत की रिकवरी ऐसे दोषी कर्मचारियों अधिकारियों पर की जानी चाहिए लेकिन यह सरकार उल्टे उन्हें संरक्षण दे रही हैं। सरकार के रवैया से व्यथित युवा अब भर्ती परीक्षा का भी बायकाट करने लगे हैं विगत रविवार को अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों के लिए भर्ती परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए, यह प्रमाणित करता है कि यह सरकार निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर युवाओं का भरोसा खो चुकी है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अपने चाहतों को सरकारी नौकरी बांटने और बोली लगाकर पद बेचने के लिए यह सरकार नए-नए पैंतरे आजमा रही है। आरआई प्रमोशन परीक्षा में परिजन एक साथ बैठकर पेपर लिखते पाए गए, पीएससी परीक्षा के पेपर अपात्र एल बी से जांचवाए, उनके नाम सार्वजनिक किए, वन रक्षक परीक्षा में हैदराबाद की इवेंट कंपनी को शामिल कर फर्जीवाड़ा किया गया, राजनांदगांव आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में तो पूरी गड़बड़ी का ठीकरा एक आरक्षण पर फोड़कर लीपापोती कर दी गई जिसके चलते आरक्षक अनिल रत्नाकर को जान गवानी पड़ी। हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में बड़े अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की गई। समग्र शिक्षा में 1400 पदों पर भर्ती हुई 17 तारीख की रात को अभ्यर्थियों को सूचना भेजी गई 18 तारीख को परीक्षा लिए और उसी दिन इंटरव्यू भी हो गया और 20 जुलाई को 1300 लोगों की लिस्ट जारी भी कर दी गई, बेहद स्पष्ट है कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची लेनदेन करके पहले से ही तैयार कर लिया गया था। क्या यही मोदी की गारंटी थी? क्या यही बीजेपी का यूपीएससी पेटर्न में भर्ती परीक्षा देने का तरीका है?

    भाजपा राज में प्रशासनिक अराजकता हावी
    जब भाजपा के कार्यकर्ता प्रताड़ित किये जा रहे तब आम आदमी का क्या होगा

    रायपुर/ शौर्यपथ राजनीती / पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने भाजपा सरकार के बदनुमा चेहरे को दिखाया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र प्रदेश में फैली प्रशासनिक अराजकता को बयान करता है। भाजपा राज में प्रशासनिक अराजकता हावी है। ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में सिल-सिलेवार बताया है कि किस प्रकार से प्रशासनिक अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ताओं और पत्रकार को प्रताड़ित कर रहे है। जब भाजपा के कार्यकर्ताओं का यह हाल है तो आम आदमी के साथ यह अधिकारी कैसा सलूक करते होगें, इसकी कल्पना की जा सकती है। ननकी राम कंवर का यह आरोप गंभीर है कलेक्टर डीएमएफ फंड का दुरुपयोग कर रहे व्यक्तिगत लाभ ले रहे। कोरबा के डीएमएफ फंड की राशि के खर्चे की जांच करवाई जानी चाहिये।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है प्रदेश के कलेक्टर लोकहित में काम नहीं करते है, व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिये अपने संवैधानिक शक्ति का दुरुपयोग कर रहे है। अधीनस्थों पर दबाव बनाकर अनैतिक काम कराया जाता है, जो न्यायहित में नहीं है तथा लोकतंत्र के लिये खतरा है। कलेक्टर सरकार के प्रतिनिधि है, वे वही करते है जैसा सरकार चाहती है। कलेक्टर गलत कर रहे मतलब सरकार उनसे वैसा करवा रही है।
     
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ननकी राम कंवर ने तो केवल एक जिले के कलेक्टर के बारे में पत्र में लिखा है। पूरे प्रदेश में यही हालात है। ननकी राम कंवर के पहले भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष आदिवासी नेता रवि भगत ने भी बेलगाम नौकरशाही और मंत्री के मनमानी को उजागर किया था। सरकार की कमजोर पकड़ के कारण प्रशासनिक तंत्र बेलगाम हो गया है। पिछले एक साल में राज्य में काम करने की संस्कृति समाप्त हो गई है। आम आदमी अपने रोजमर्रा के कामो के लिये सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है, किसी की कही सुनवाई नहीं हो रही है।

    बचत उत्सव मोदी सरकार की जीएसटी पर लूट पर पर्दा की कोशिश, जनता समझ रही - कांग्रेस

    रायपुर / शौर्यपथ / जीएसटी रिफॉर्म के बाद भाजपा को बचत उत्सव नहीं बल्कि 8 साल के अनवरत लूट के लिए “प्रायश्चित दिवस” मनाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म के बाद स्पष्ट हो गया है कि मोदी सरकार ने अनियमित जीएसटी लगाकर गरीब जनता ,माध्यम वर्गी परिवार किसानों आम लोगो की बचत को 8 सालों में लूटकर 55 लाख करोड रुपए अतिरिक्त कमाई की है, इससे सभी वर्गों की आर्थिक हालत खराब हुई है। जीएसटी रिफॉर्म मोदी सरकार की अपनी गलतियों की प्रायश्चित है, भाजपा को मोदी सरकार की गलतियों के कारण आम जनता को जो मानसिक, आर्थिक, व्यापारिक नुकसान हुआ है उसके लिए घर-घर जाकर माफी मांगनी चाहिए और प्रायश्चित दिवस मनाना चाहिए।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता 8 साल से महंगाई  डायन से पीड़ित  थी और जब महंगाई कम करने मांग विपक्ष उठाता रहा है तब भाजपा के नेता महंगाई के लिए अंतरराष्ट्रीय कारणों को जिम्मेदार बताते थे। जबकि सच्चाई यह है देश में खाद्यान्न सामग्री आवश्यक वस्तुओं के कीमतें कृषि यंत्रों पुस्तक, कॉपी, दवाईयां, एवं ऑटोमोबाइल व अन्य जरूरी सामानों के कीमतों के लिए मोदी सरकार के द्वारा मनमानी तरीके से थोपी गई जीएसटी कारण था। छोटे उद्योग, स्वदेशी उत्पादक, एमएसएमई बर्बाद हो गये, बरोजगारी और महंगाई बेतहाशा बढ़ गई।  जीएसटी रिफॉर्म के बाद आज खुद सरकार स्वीकार कर रही है कि महंगाई जीएसटी के अनियंत्रित स्लैबों के कारण था। जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा है ऐसे में जीएसटी के कारण जो आम जनता को आर्थिक नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कैसे होगी।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म में भी गोलमाल आज भी जीएसटी की दो नहीं बल्कि 6 स्लैब है। पुस्तक से 5 प्रतिशत जीएसटी हटाया गया है लेकिन पुस्तक जिस पेपर पर छपता है उस पेपर पर 18 पर्सेंट जीएसटी लगा दिया गया है, जो पहले 12 प्रतिशत के स्लैब में था। 2500 से अधिक मूल्य के रेडीमेड गारमेंट और फूटवियर जो पहले 12 प्रतिशत में था उसमें भी 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करके 18 प्रतिशत के स्लैब में ला दिया गया है। पूजन सामाग्री अगरबत्ती, लोभांग पर भी जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया गया है। यही नहीं 40 वस्तुओ पर जीएसटी की दरे बढ़ाई गई है। 19 वस्तुओं को 12 प्रतिशत से बढ़ा कर 18 प्रतिशत तथा 17 वस्तुओं पर 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत के भारीभरकम स्लैब में रखा गया है, अभी भी 35 से अधिक कृषि उत्पाद जीएसटी के दायरे में है, कफन पर भी यह सरकार बेरहमी से जीएसटी वसूल रही है। जीएसटी रिफॉर्म के पहले कई बड़ी कंपनियों ने अपने उत्पाद के दाम में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि किया है ऐसे में जीएसटी रिफॉर्म से महंगाई कम होगा यह जनता को गुमराह करने वाला है। फिर भाजपा किस मुंह से बचत दिवस मना रही है जबकि लोगों की बचत खत्म करने के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार हैं ऐसे में भाजपा को प्रायश्चित दिवस मनाना चाहिए। घर-घर जाकर जनता से माफी मांगना चाहिए और जीएसटी  रिफॉर्म का पारदर्शी तरीके लाभ जनता को मिले यह सुनिश्चित करना चाहिए।

    गृह मंत्री विजय शर्मा को झंडा विवाद कराने में मास्टरी हासिल है -- कांग्रेस

    रायपुर/ शौर्यपथ / कवर्धा जिले के कामठी में दो समुदायों के बीच में विवाद सरकार की लापरवाही और अक्षमता का परिणाम है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेहद चिंता का विषय है कि सरकार जिसका काम राज्य की कानून व्यवस्था बना कर रखना है, वही सरकार दो समाजों में आपसी झगड़े करवा रही है। सरकार चाहती तो यह घटना रोकी जा सकती थी। कवर्धा के कामठी गांव में जो कुछ हुआ उसके पीछे सरकार की अकर्मण्यता है। यह विवाद दो सालों से चल रहा था, सरकार ने दोनों पक्षों को बैठा कर समझौता क्यों नहीं करवाया? बातचीत कर तनाव समाप्त कराने के बजाए सरकार ने वहां पर पुलिस से लाठीचार्ज क्यों करवाया? बेहद आपत्तिजनक है कि महिलाओं पर मर्द पुलिसवालों ने प्रहार किया।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गृह मंत्री की नासमझी और अक्षमता से यह स्थिति निर्मित हुई है। कवर्धा गृहमंत्री का गृह जिला है। कवर्धा में लगातार आपराधिक घटनाएं और सामाजिक तनाव की घटनाएं बढ़ गई है। गृह मंत्री स्वयं वहां पर विवाद को बढ़ावा देते है। लोहारीडीह, पंडरिया और कवर्धा शहर की अनेकों घटनाओं में गृह मंत्री ने अपने पद की मर्यादा के अनुसार आचरण नहीं किया और कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गृह मंत्री का आज भी आचरण बजरंग दल और भाजयुमो के कार्यकर्ता की भांति है। उनके बस में राज्य की कानून व्यवस्था संभालना नहीं है। कुछ दिनों पूर्व भी जब दो समुदायों के बीच झंडा को लेकर विवाद हुआ था तब भी गृह मंत्री भाजयुमो के अध्यक्ष को वहां झंडा लगाने भेजे थे। गृह मंत्री विजय शर्मा को झंडा विवाद कराने में मास्टरी हासिल है, वे कवर्धा झंडा कांड जैसा माहौल पूरे प्रदेश में बना कर राजनैतिक फायदा लेने की कोशिश में रहते है, जिसके कारण पूरे प्रदेश की शांति व्यवस्था खतरे में पड़ती है।

    पीडब्ल्यूडी मंत्री बताये वो 717 सड़क कब बनेगी ? सड़कों की मरम्मत कब तक होगी?

    रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश के खस्ताहाल टूटी-फूटी, गड्ढों युक्त सड़को के लिए मरम्मत करने में डबल इंजन सरकार को असफल बताते हुये प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार एक साल में मात्र पौन किलोमीटर नयी सड़क बनाने कार्य आदेश दिया है इसे समझ सकते हैं कि सड़क को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। उपमुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव दावा करते हैं कि 717 सड़कों की मंजूरी दी गई है तो उन्हें बताना चाहिए कि वह 717 सड़क कहां है? और प्रदेश के सड़कों में गड्ढों की मरम्मत क्यों नहीं हुई? सरकार की उदासीनता के चलते ही प्रदेश के सड़कों में गड्ढा ही गड्ढा नजर आ रहे हैं मरम्मत नहीं हो पा रहा है।
      प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रायगढ़, अंबिकापुर, सरगुजा, राजनंदगांव, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, कोरिया, जशपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद सहित सभी जिलों में सड़कों की खस्ताहाल है। सड़कों के खराब स्थिति को लेकर जनता लगातार प्रदर्शन कर रही है सोशल मीडिया में विरोध जता रही है। लेकिन जिम्मेदार लोग आंख बंद करके बैठे हुए है। जनता की परेशानी से उन्हें कोई लेन देन नहीं है। सड़क में गड्ढों  के कारण भारी वाहन फंस जा रहे हैं। टू व्हीलर फोर व्हीलर में भी यात्रा करने में लोगों को भारी परेशानी हो रहा है। गाड़ियां खराब हो रही है यात्रा करने वालो को कमर दर्द,हाथ पैर ने दर्द,मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। सड़कों के गड्ढों में पानी इस तरह भर जाता है कि लोग उसमें नाव चला कर विरोध जाता रहे पर सरकार में बैठे जिम्मेदार लोगों के कान में जूं नही रेंग रहा है।
      प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता खस्ताहाल टूटी-फूटी गड्ढा युक्त सड़कों से परेशान है। डबल इंजन की सरकार नई सड़क तो बना नही पा रही और पूर्व से बनी सड़कों की मरम्मत करने की वित्तीय स्थिति नजर नहीं आ रही है। सड़कों के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे है दुर्घटना का कारण बन रही है। क्या यही सुशासन है?

    कांग्रेस ने पहले ही कहा था की महतारी वंदन योजना कुछ ही दिनों की है
    महतारी वंदन योजना के नाम पर महिलाओं से धोखा
    पिछले तीन महीना से 40 प्रतिशत महिलाओं को पैसा नहीं मिल रहा है

    रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि साय साय महिलाओं का नाम महतारी वंदन योजना की लिस्ट से काटा जा रहा है। महतारी वंदन योजना के नाम पर महिलाओं से धोखा हुआ है कांग्रेस पहले ही दावा किया था कि कुछ ही दिन महतारी वंदन का पैसा महिलाओं को मिलेगा अब यह बात सच साबित हो रहा है। पिछले तीन महीने से महतारी वंदन की राशि 40 प्रतिशत महिलाओं को नहीं मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी सत्ता में काबिज होने के लिए महिलाओं के भावनाओं से खेला गया। विधानसभा चुनाव में मोदी का गारंटी था कि महतारी वंदन योजना के नाम से प्रत्येक विवाहित महिलाओं को 1000 रू. देने का वादा किया था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार की एक नया साजिश है कि सर्वे के माध्यम से पात्र महिलाओं का नाम साय साय काटा जा रहा है। सरकार घोषित 70 लाख में से 60 प्रतिशत महिलाओं के खाते में पैसा डाल रही थी जुलाई अगस्त सितंबर माह में सभी पात्र महिलाओं को राशि नहीं मिली है बड़ी संख्या में महिलाओं को अपात्र बताकर उनका नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया गया है।
      प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार के नियत में खोट है इस लिए सर्वे के नाम पर महिलाओं को अपात्र के नाम पर काटा जा रहा है लेकिन जो पात्र महिला है उनका सर्वे क्यों नहीं कराया जा रहा है और उन महिलाओं को क्यों नहीं जोड़ा जा रहा है जो जो विवाहित भी है जो सरकारी नौकरी नहीं कर रही है। ऐसे लाखों महिलाएं हैं जो महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना चाहिए लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कूटनीति के कारण लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। आज महिलाएं चिंतित एवं परेशान है की महतारी वंदन योजना का पैसा भी नहीं मिल रहा है और  दोगुना तिगुना बिजली का बिल आ रहा है। यह कैसा विष्णु का सुशासन है जहां किए गए वादा पूरा नहीं  किया जाता और उल्टा जनता का खून पसीने की कमाई महंगी बिजली के नाम से, महंगे खाद्य पदार्थ के नाम से, महंगा शिक्षा के नाम से, महंगा स्वास्थ्य के नाम, महंगा खाद यूरिया के नाम पर लूटा जा रहा है।

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