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रायपुर/ शौर्यपथ / लोकसभा द्वारा राहुल गांधी की सदस्यता बहाल किये जाने का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश की जनता की मुखर आवाज एक बार फिर से लोकसभा में गूंजेगी। अब मोदी सरकार को अडानी के हिडनबर्ग घोटाले से लेकर मणिपुर मामले में राहुल गांधी के सवालों का जवाब देना होगा। देश की जनता के सामने आज भी यह सवाल कौंध रहा है कि आखिर अडानी के खिलाफ संसद में आवाज उठाते ही राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने का षड़यंत्र क्यों रचा गया?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हिंडनबर्ग खुलासे के लंबा समय बीत जाने के बावजूद अब तक ना कोई एफआईआर, ना किसी भी तरह की जांच का आदेश? आखिर मोदी सरकार मौन क्यों है? हिंडनर्बग के रिपोर्ट में उजागर आर्थिक अनियमितता, मनी लांड्रिंग, ब्लैक मनी और विदेशों में फर्जी सेल कंपनियां बनाकर किए जा रहे हैं फर्जीवाड़े पर भाजपा और मोदी सरकार को भी भागीदार है। अडानी से भाजपा को सपोर्ट मिलता है, चुनाव लड़ने के लिए पैसा मिलता है और इसीलिए अडानी को बचाने उसके फर्जीवाड़े पर मोदी सरकार पर्दा डाल रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि आखिर सरकारी बैंकों से अडानी को अनुपातहीन लोन किस के दबाव में दिया गया? षड्यंत्र उजागर होने के बाद भी एलआईसी का पैसा क्यों दबाव पूर्वक अडानी की कंपनी में लगवाया जा रहा है? एलआईसी और एसबीआई देश की जनता का भरोसा है, जिसे षड्यंत्र पूर्वक व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पूंजीपति मित्र पर लुटाया जा रहा है। लाखों करोड़ के मनी लांड्रिंग, ब्लैकमनी, विदेशों में फर्जी सेल कंपनी बनाकर अडानी की कंपनी में लगाने के तथ्य उजागर हुए हैं। बाजार में निगरानी रखने की जिम्मेदारी “सेबी“ की होती है, लेकिन मोदी सरकार के दबाव में सेबी भी मौन है। अडानी के घोटाले के कारण 120 मिलियन डॉलर अर्थात 10 लाख़ करोड़ से अधिक आम जनता के मेहनत का पैसा डूब गया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राहुल गांधी महात्मा गांधी के रास्ते पर चल रहे है। उनकी लड़ाई सत्य की लड़ाई है। सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं, यह सिर्फ राहुल गांधी की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। यह देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। देश के आम आदमी की लड़ाई है। राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करवा कर भाजपा देश में तानाशाही लाना चाह रही थी। कांग्रेस देश के प्रजातंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रही है। मोदी सरकार के अडानी प्रेम रिश्तो को लेकर लगातार राहुल गांधी ने सवाल उठाएं है। इससे घबराई मोदी सरकार राहुल गांधी को चुप कराने का षड्यंत्र रच संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने भाजपा के पूर्व मंत्री पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल (कृषि मंत्रालय ) में पौने डो हजार करोड़ का घोटाला हुआ था . प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने यह आरोप लगाया . संचार विभाग के अध्यक्ष के गौठान पर लागाये जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए संचार प्रमुख ने कहा कि पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा गोठानों पर लगाये गये आरोप सतही और काल्पनिक है। गोठान योजना में कुल 1334 करोड़ खर्च हुआ है और भाजपा हास्यास्पद आरोप लगाती है कि इस योजना में 1300 करोड़ का घोटाला हो गया है।
बृजमोहन बड़े सतही और बचकाने तौर पर गणना करके दावा कर रहे हैं कि 3380 गायों पर प्रति गाय 39.80 रू. खर्च हुआ है जबकि प्रदेश में 9790 से अधिक गोठान है, प्रति गोठान में औसतन 100 गाय भी होती है तो लगभग प्रदेश में लगभग दस लाख से अधिक गाय होती है। जबकि बृजमोहन को प्रदेश में मात्र 3900 गाय नजर आ रही है। बृजमोहन अग्रवाल गाय, गांव और गोठान के मर्म को नहीं समझ सकते। जब बृजमोहन कृषि पशुपालन मंत्री थे तब गौशाला के नाम पर 1667 करोड़ का घोटाला हुआ, घोटाला भाजपा के चरित्र में है। अतः उन्हें हमेशा सोते जागते घोटाला ही नजर आता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में 9790 गोठानो का निर्माण किया, इन गोठानो के माध्यम से पूरे प्रदेश में 3 लाख 50 हजार एकड़ जमीन चारागाह के लिए आरक्षित है। एक ओर जहां रमन राज में 1000 एकड़ सरकारी जमीन का बंदरबाट हुआ, कांग्रेस सरकार ने साढ़े तीन लाख जमीन आरक्षित किया। रमन राज में गौशालाओं के नाम पर 1677.67 करोड़ रू. भाजपाईयों ने गौशाला के नाम पर डकारा। रमन राज में 15 साल में 27000 से अधिक गायों की मौतें भूख से, बिना चारा पानी के तड़प कर हुई।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना से जुड़े सभी लाभान्वित हो रहे है। पशुपालक, चरवाहे, किसान से लेकर स्व सहायता समूह की महिलाओं और सरकार को भी फायदा हो रहा है। इस योजना से न्यूनतम लागत से अधिकतम रोजगार का सृजन हो रहा है। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की दूरदर्शी योजना गोधन न्याय योजना के तारीफ के पुल बांध रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता इस योजना की सफलता और यश को देखकर कुंठित होते रहे हैं और इसकी आलोचना करते रहे हैं। भूसे के ढेर में सुई की तरह मुद्दा खोजने की असफल कोशिश करने वाली भाजपा भूपेश सरकार द्वारा जनता के लिए लाई गई सफल और उत्कृष्ट योजनाओं का ही विरोध करने लगी है।
भूपेश सरकार सड़क बना रही है और रमन सरकार के गड्ढों को भी भर रही है
रमन सरकार के दौरान 81600 करोड रुपए की 27200 किलोमीटर की सड़क चोरी हो गई थी
रमन सरकार में 293745 सड़क की दुर्घटना हुई और 48461 लोगों की मौत हुई थी
रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा के आरोपों पर तीखा जवाब देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार नया सड़क बना रही है और रमन सरकार के दौरान जो सड़क घोटाला हुआ था और उस घोटाला के कारण जो सड़कों में गड्ढा हुआ था उन सड़कों के गड्ढे को भी भर रही है। रमन सरकार के दौरान मात्र 218 किलोमीटर सड़क प्रतिवर्ष बनता था मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार में प्रति वर्ष 330 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना धरसा योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से आम जनता को सड़क की सुविधा प्रदान की जा रही है गुणवत्ता पूर्ण सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन सरकार ने सड़कों को गुणवत्ताहीन बनाया बेतरतीब बनाया। ब्लैक स्पॉट को सुधारा नही जिसके चलते रमन सरकार के दौरान 293745 सड़क दुर्घटना हुई जिसमें 48461 लोगों की मौत हुई थी। यही स्थिति मोदी सरकार बनने के बाद नेशनल हाईवे में भी है मोदी सरकार बनने के बाद नेशनल हाईवे का सही तरीका से मेंटेनेंस नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार में ब्लैक स्पॉट को सुधारा गया है। सड़कों की गुणवत्ता सुधारी गई है और सड़के मजबूत बना है। जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। रमन सरकार के दौरान जहां प्रतिवर्ष 19000 से अधिक सड़क के दुर्घटनाएं होती थी उसमें भारी कमी आई है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सरकार के दौरान 81600 करोड रुपए की 27200 किलोमीटर सड़क चोरी हो गई थी इन सड़कों के नाम से रमन सरकार में पैसा निकाल लिया गया था लेकिन सड़क नही बनाई गई। 463 करोड़ रुपए का एक्सप्रेसवे उद्घाटन के पहले धसक गया ओवरब्रिज क्षति ग्रस्त हो गये जिसे कांग्रेस की सरकार ने पुरा तुड़वाकर मजबूत कराया। रमन सरकार के दौरान 1 जिले में बनी सड़क तस्वीर को दूसरे जिले का सड़क बताकर घोटाला किया जाता था।
- कुंभकर्णी नींद में सोई केंद्र सरकार ने बीमा करने के लिए एजेंसी तय करने में लेटलतीफी की
- 15 जुलाई से पहले फसल बीमा होना चाहिए था, केंद्र ने 25 जुलाई को तय की एजेंसी
- फसल बीमा पोर्टल में ढेर सारी खामियां : गांव का नाम, फसल जैसी एंट्री करने में हो रही दिक्कत
दुर्ग । शौर्यपथ । किसानों के फसल बीमा में विलंब को लेकर भाजपा के आरोपों को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र साहू ने झूठ का पुलिंदा करार दिया है। राजेंद्र ने कहा कि फसल बीमा का पोर्टल केंद्र सरकार की एजेंसी चलाती है। एजेंसी तय करने से लेकर पोर्टल शुरू करने में लेटलतीफी के लिए केंद्र की मोदी सरकार कुसूरवार है। केंद्र सरकार को दोषी ठहराने की बजाय भाजपा नेता प्रदेश सरकार की गलती बताकर उलटी गंगा न बहाएं।
राजेंद्र ने कहा कि वास्तव में 15 जुलाई से पहले ही किसानों का फसल बीमा हो जाना चाहिए था। लेकिन, केंद्र सरकार कुंभकर्णी नींद में सोती रही। पूरे देश के किसानों का फसल बीमा करने के लिए एजेंसी तय करने में लेटलतीफी की। केंद्र सरकार द्वारा 25 जुलाई को एजेंसी तय की गई। सभी प्रदेशों को यह जानकारी दी गई कि 28 जुलाई को फसल बीमा का पोर्टल खुलेगा। सच ये है कि 28 जुलाई को भी पोर्टल नहीं खुला। पोर्टल 29 जुलाई को खुला।
राजेंद्र ने कहा कि 29 और 30 जुलाई को अवकाश के बावजूद किसानों का फसल बीमा करने सहकारी बैंक की सभी शाखाएं खुली रही। बीमा पोर्टल में अभी भी ढेर सारी खामियों के कारण किसानों का फसल बीमा नहीं हो पा रहा है। पोर्टल में कई गांवों में नोटिफिकेशन क्रॉप मक्का प्रदर्शित हो रहा है, जिससे धान के सिंचित व असिंचित का बीमा विवरण दर्ज नहीं हो पा रहा है। कई गांवों का नाम पोर्टल में प्रदर्शित नहीं हो रहा है जिससे बीमित किसानों का विवरण दर्ज नहीं हो पा रहा है।
राजेंद्र ने कहा कि पोर्टल में ये दिक्कतें सभी राज्यों में हो रही है। केंद्र सरकार की एजेंसी के पोर्टल में खामियां होने के कारण किसानों का बीमा नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि पूरे देश में फसल बीमा की तारीख 16 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश सरकार ने धान सहित अन्य फसलों की कीमत सबसे ज्यादा देने के साथ ही कर्जमाफी, सिंचाई कर की माफी जैसी योजनाओं से किसानों को राहत दी है। किसानों के फसल बीमा में हो रहे विलंब और पोर्टल में लगातार हो रही समस्याओं के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। भाजपा नेता इसके लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताकर किसानों को गुमराह न करें। किसानों को गुमराह करने के भाजपाई मंसूबे पूरे नहीं होंगे।
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 8 लाख से अधिक गरीबों को मकान देने की मांग कर रहे तो भाजपा के पेट मे दर्द क्यो हो रहा है? भाजपा के 9 सांसदों ने पीएम आवास के शेष हितग्राहियों को आवास दिलाने में रुचि क्यो नही दिखाई? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में पौने 5 साल में ग्रामीण एवं शहरी मिलाकर 14 लाख 38 हजार 823 मकान स्वीकृत हुये जबकि रमन सरकार के दौरान पौने चार साल में ग्रामीण एवं शहरी मिलाकर मात्र 2 लाख 37 हजार मकान स्वीकृत हुआ था। प्रतिवर्ष के अनुसार देखा जाए तो भूपेश सरकार के पौने 5 साल में प्रति वर्ष 2 लाख 80 हजार मकान बने जबकि रमन सरकार के पौने चार साल में प्रति वर्ष मात्र 59 हजार मकान ही बने थे। भूपेश सरकार ने गरीबो के मकान बनाने अब ग्रामीण एवं शहरी मिलाकर 8489 करोड़ रुपया से अधिक की राशि जा रही कर चुके है। जबकि रमन सरकार के पौने चार साल में मात्र 272 करोड़ राज्यांश दिया गया था।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा बताये जब प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत हुई तब भारत सरकार के सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के अनुसार 1875585 ग्रामीण हितग्राही थे लेकिन उस दौरान रमन सरकार ने मात्र 2 लाख 18 हजार ग्रामीण मकान स्वीकृत क्यो किया? प्रदेश के 16 लाख57 हजार 585 गरीबो को पीएम ग्रामीण आवास योजना से वंचित क्यो रखा? भूपेश सरकार में 1176146 ग्रामीण हितग्रहियों का आवास का सपना पूरा हुआ।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी प्रधानमंत्री आवास योजना का आवंटन 2011 के सर्वे सूची के आधार पर हो रहा है 10 साल में होने वाले जनगणना के कार्यक्रम होते तो अब तक प्रदेश के कई गरीबों का नाम आर्थिक सर्वेक्षण सूची में जुड़ता और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलता लेकिन भाजपा गरीब विरोधी है इसीलिए जनगणना नहीं करवाई है और गरीबों को आवास की योजना से वंचित रखा है।
*जनजाति समाज के लोगो को उनका अधिकार न मिले इसके लिए कांग्रेस ने पूरा जोर लगाया अटकाने भटकाने और लटकाने का काम किया :अरुण साव*
*कई वर्षो तक लिपिकीय त्रुटि न सुधार पाने वाली कांग्रेस किस बात का श्रेय ले रही है*?
*राज्यसभा से छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सांसद क्यों गायब रहे:अरुण साव*
दुर्ग / शौर्यपथ / भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि प्रदेश के 12 आदिवासी समूह जो आज़ादी के बाद से अब तक अनुसूचित जाति में शामिल होने का अपना अधिकार नहीं पा सके थे, महज़ लिपिकीय त्रुटि को बहाना बनाकर कांग्रेस की सरकारों ने उन्हें दशकों तक उनके अधिकारों से वंचित रखा था।
ये जातियां हैं :- भारिया भूमिया के समानार्थी भूईया, भूईयाँ, भूयां, धनवार के समानार्थी धनुहार धनुवार, नगेसिया, नागासिया के समानार्थी किसान, सावर, सवरा के समानार्थी सौंरा, संवरा, धांगड़ के साथ प्रतिस्थापित करते हुए सुधार, बिंझिया, कोडाकू के साथ साथ कोड़ाकू, कोंध के साथ-साथ कोंद, भरिया, भारिया, पंडो, पण्डो, पन्डो को जनजाति वर्ग में शामिल किया गया है।
जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या 78 लाख 22 हज़ार 902 है। प्रदेश की कुल जनसंख्या का लगभग एक-तिहाई जनसंख्या (30.62 प्रतिशत) अनुसूचित जनजातियों की है। इनमें सर्वाधिक 72 लाख 31 हज़ार 82 ग्रामीण इलाकों में निवासरत हैं। अब जब सदन के दोनों सदनों में पारित करा कर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें उनका अधिकार लौटाया है, तब प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस बात का श्रेय लेने की बेशर्म कोशिश कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान न केवल सफ़ेद झूठ है बल्कि शर्मनाक भी है। सच तो यह है कि इस विधेयक को लोकसभा ने 21 दिसंबर 2022 को ही पारित कर दिया था, तबसे लगातार कांग्रेस ने किसी-न-किसी बहाने संसद की कार्यवाही को बाधित किया ताकि यह विधेयक राज्यसभा से पास होकर क़ानून न बन पाए। उसने इसे अटकाने, लटकाने और भटकाने की भरसक कोशिश की। यहां तक कि जब यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत हुआ तब भी छत्तीसगढ़ के राज्यसभा सदस्यों ने इसका अघोषित बहिष्कार किया, वे कार्यवाही से अनुपस्थित रहे। इससे पहले भी आरक्षण आदि के मुद्दे पर आपने लगातार कांग्रेस का दोहरा रवैया हमेशा देखा है।
सदन में जब इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हो रही थी तब वहां छत्तीसगढ़ कोटा से आने वाले सभी कांग्रेसी सदस्य अनुपस्थित थे। भले वोट की राजनीति के मजबूरीवश कांग्रेस सड़क पर कुछ भी कहती रहे लेकिन जब भी ऐसे कोई विषय परिणाम तक पहुँचने वाले होते हैं, तब कांग्रेस अड़ंगा लगाती ही है। आखिर 50 से अधिक वर्षों तक इसी कांग्रेस ने इन तमाम मामलों को लटकाए भी रखा था।
अब जब तमाम कांग्रेसी बाधाओं के बावजूद 12 समुदायों को उनका अधिकार मिला है और कांग्रेस अपनी लाख कोशिशों के बावजूद इसे रोक नहीं पायी, तब अब झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। 12 जनजाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा झूठा श्रेय बटोरने की प्रवृत्ति निंदनीय है।
केंद्रीय कैबिनेट में यह विधेयक सन 2016 में पास हो गया था और तब प्रदेश में भाजपा की राज्य सरकार थी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार 2018 में बनी तो मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र कब और किसको लिखा था? भाजपा पहले भी आदिवासी समाज के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और हमेशा खड़ी रहेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मैं भूपेश जी से पूछना चाहता हूं कि इस महत्वपूर्ण विषय पर हर बार वे और उनकी पार्टी ने झूठी राजनीति क्यों की? अविभाजित मध्यप्रदेश और देश में भी दशकों तक कांग्रेस का शासन रहने के बावजूद जब महज़ टंकण त्रुटि के कारण ये समुदाय अपने अधिकार से साज़िशपूर्वक कांग्रेस द्वारा वंचित रखे गए, तब आज मोदी जी द्वारा उनका अधिकार वापस देने पर कांग्रेस को तकलीफ़ क्यों हो रही है?
सबसे बड़ा सवाल तो यह भी है कि आखिर ये कथित टंकण या लिपकीय त्रुटि कांग्रेस ने किस साज़िश के तहत की होगी? जब यह त्रुटि हुई थी, तब सरकार तो कांग्रेस की ही थी। क्यों नहीं उसे उसी समय सुधार लिया गया था? सीधी-सी बात है कि आदिवासी और वंचित समाज के हर मामले में कांग्रेस 'चोर से कहो चोरी कर और गृहस्वामी से कहो जागते रह' की नीति अपनाती रही है जैसा कि आदिवासी आरक्षण के खिलाफ मुक़दमा करने वाले अपने कार्यकर्ता को पुरस्कृत कर हाल में भी प्रदेश सरकार ने किया है।
यहां विशेष तौर विशेष तौर पर उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कही जाने वाली विशेष पिछड़ी पण्डो जनजाति भी आजादी के 75 वर्ष बाद भी अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल नहीं किए गए थे। छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है जहाँ आदिवासियों को त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन सूची से बाहर जनजाति समुदायों के लोग किसी भी तरह चुनाव में भाग नहीं ले पाते थे। अब जा कर सभी अनुसूचित जनजाति समुदायों को उनका अधिकार मिला। मूलरूप से वे लोग अनुसूचित जनजाति के हैं, लेकिन मात्रात्मक त्रुटि के कारण उनके जाति प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे हैं, इसलिये अनुसूचित जनजातियों को मिलने वाले लाभ से वे और उनके बच्चे वंचित रह जाते हैं।
इन जाति समुदायों के छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल होने के बाद इन्हें शासन की अनुसूचित जनजातियों के लिये संचालित योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। छात्रवृत्ति, रियायती ऋण, अनुसूचित जनजातियों के बालक-बालिकाओं के छात्रावास की सुविधा के साथ शासकीय सेवा और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब कांग्रेस के झूठ की दुकान बिल्कुल नहीं चलने वाली है, समाज अब जाग गया है। कांग्रेस की काठ की हांडी अब दुबारा नहीं चढ़ने वाली है। उसके झूठ और फ़रेब की राजनीति कांग्रेस को ले डूबेगी। हम आदिवासी जन जीवन और जीविका से जुड़े इतने बड़े मामले का समाधान करने के लिए एक बार फिर से छत्तीसगढ़ की तरफ से मोदी जी को अशेष धन्यवाद देते हैं।
भिलाई / शौर्यपथ / भारतीय जनता युवा मोर्चा दुर्ग संभागीय बैठक पार्टी कार्यालय प्रियदर्शनी परिसर भिलाई में संपन्न हुई । बैठक का संपूर्ण संचालन युवा मोर्चा जिला भिलाई के द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य रूप मार्गदर्शन हेतु भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष ब्रजेश बिचपुरिया उपस्थित हुए। मुख्य वक्ता व दिशा निर्देश हेतु भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश सह प्रभारी वैभव बैस, जिला महामंत्री योगेंद्र सिंह, प्रदेश मंत्री ठाकुर पीयूष सिंह, भाजयुमो जिला प्रभारी मोरध्वज साहू, जिला अध्यक्ष अमित मिश्रा समेत समस्त संभाग के अन्य जिला के जिला अध्यक्ष, महामंत्री, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी उपस्थित हुए। जिसमें प्रवास, नव मतदाता संपर्क अभियान एवं सम्मेलन सहित आगामी तीन माह की कार्य योजना के संबध में चर्चा हुई।
जिला भाजपा अध्यक्ष ब्रजेश बिचपुरिया ने कहा कि नवीन मतदाता एक कोमल मिट्टी कि तरह है। उनको भाजपा कि रीति नीति, भाजपा का देश के प्रति प्रेम, हिंदूवादी विचार धारा, देश के प्रधानमंत्री द्वारा किए गए कार्यो को जिसमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल नल योजना के बारे मे युवा मोर्चा के कर्मठ कार्यकर्ता को नवीन मतदाता को प्रभावी ढंग से बताना चाहिए। मुख्य वक्ता वैभव बैस के द्वारा संभाग के जिला अध्यक्ष से उनके द्वारा किये गए कार्यो की समीक्षा की गयी। साथ ही नवीन मतदाता क्यों जरूरी है हमारे लिए हमारे संगठन के लिए हमारे भाजपा परिवार के लिए इस विषय पर अपनी विस्तृत बात रखी।
बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों में नीतेश मिश्रा, ऋषि भसीन, आकाश ठाकुर,अभिषेक धनकर, नीरज यादव, जिला अध्यक्ष राजनांदगांव मोनू बहादुर सिंह,बेमेतरा जिला अध्यक्ष परमेश्वर वर्मा, बालोद जिला अध्यक्ष आदित्य पिपरे उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / गुरु घासीदास सांस्कृतिक भवन, राजेन्द्र नगर रायपुर में 30 जुलाई को रखा गया। बैठक में अरविंद नेताम (पूर्व केंद्रीय मंत्री ,अध्यक्ष सर्व आदिवसी समाज) , रमेश यदु -अध्यक्ष, उमाकांत वर्मा- महासचिव, राजेन्द्र पटेल, राजेन्द्र भतपहरी, एल ऐन कोशले, विनोद नागवंशी - उपाध्यक्ष, बबलू त्रिवेंद्र, विनोद भारती, बसंत सिन्हा, ध्रुव कुमार सोनी, राजेह पटेल, हेमन्त केसरिया, श्रीमंती धनमती यादव, श्रीमंती रानी पटेल, रूपेंद्र नागरची, निखिल नेताम,श्रीमंती पुष्पा, श्रीमंती अनिता गुरूपंच, युवराज सिन्हा, के आर सागर, सहित सभी छत्तीसगढिय़ा समाज के प्रमुखों ने बात रखी जिसमे समाज की स्थिति राजनैतिक पिछड़ापन के बात रखते हुवा आगमी चुनाव में समाज को अपनी ताकत दिखानी चाहिए , आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज की बहुलता होने बाद भी अपने अधिकार की बात रखी। लेकिन समाजिक रूप से राजनीतिक दलों से टिकट के दावे की जगह अपने ताकत को मजबूत करे तभी हमारी पूछ परख होगी। इस प्रदेश में तीसरी मोर्चा बनना चाहिए पर चर्च हुआ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
