August 09, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    राजशेखर नायर/धमतरी/शौर्यपथ

    शासन के पराली नही जलाने के तमाम निर्देशों के बावजूद किसान खेतों में पराली जला रहे है।
    इससे वातावरण पर विपरित असर पड़ता है।

    राजशेखर नायर/धमतरी ब्यूरो/दैनिक शौर्यपथ समाचार पत्र

    बुधवार व गुरुवार को नगरी के  वन विश्रामगृह बिरगुडी में   दो दिवसीय    *वन धन विकास योजना* सप्लाई चेन मेनेजमेंट,  ऑनलाइन विजुअल, केन्द्र स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
    प्रशिक्षण में ग्राम बिरगुडी, बोरई, सांकरा के जिला वनोपज सहकारी युनियन मर्यादित धमतरी वन मंडल के सदस्यों को online वनोपज खरीदी व अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला प्रदेश के व्हीआईपी जिले की श्रेणी में आता है बावजूद इसके दुर्ग जिला अस्पताल में अव्यव्स्ता का अम्बर है वही निजी नर्सिंग होम के…

    बस्तर संभाग के सात जिलों के 13 विकासखण्ड होंगे लाभान्वित
    गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा परियोजना का क्रियान्वयन

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की पहल पर राज्य के बस्तर अंचल के आदिवासी किसानों के कृषि विकास तथा उनके पोषण स्तर में सुधार तथा कृषि उपजों के मूल्य संवर्धन द्वारा कृषकों की आय वृद्धि हेतु 1036 करोड़ रूपए की विश्व बैंक सहायतित 6 वर्षीय परियोजना ’चिराग’ को विश्व बैंक वाशिंगटन डी.सी.(यू.एस.) द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
    चिराग परियोजना बस्तर संभाग के 7 जिलों के 13 विकासखण्डों बस्तर, बकावंड, बड़ेराजपुर, माकड़ी, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, सुकमा, छिंदगढ़, भैरमगढ़, भोपालपट्नम, चारामा एवं नरहरपुर तथा मुंगेली जिले के मुंगेली विकासखण्ड के 1000 गांवों में क्रियान्वित की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुसार उन्नत कृषि, उत्तम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पोषण आहार में सुधार, कृषि एवं अन्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना है। परियोजना अंतर्गत समन्वित कृषि, भू एवं जल संवर्धन, बाड़ी एवं उद्यान विकास, उन्नत मत्स्य एवं पशुपालन, दुग्ध उत्पादन के अतिरिक्त किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) द्वारा कृषकों के उपजों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों की आय वृद्धि से संबंधित कार्य सम्पादित किए जाएंगे। परियोजना का क्रियान्वयन गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण कृषि क्षेत्र में आए अवरोधों एवं कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए आय वृद्धि एवं रोजगार सृजन का उद्देश्य भी परियोजना में सम्मिलित है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएः-
    1- राज्य शासन के सभी शासकीय विभागों के द्वारा राज्य के प्रदायकों से ही सामग्री क्रय का निर्णय लिया गया। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम, 2020 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
    2-छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के पुनर्गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
    3-गोधन न्याय योजना के तहत उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय दर 8 रूपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 10 रूपए प्रति किलोग्राम करने के निर्णय का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुसमर्थन किया गया।
    4- दुर्ग जिला गृह निर्माण समिति राजनांदगांव (मोहन नगर) को आबंटित नजूल भूमि के पट्टा निष्पादन की अनुमति प्रदान की गई।
    5-भारतीय स्टाम्प (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    6-छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
    7-छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितीकरण अधिनियम 2002 एवं छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण नियम, 2002 में संशोधन किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद उप समिति का गठन कर प्रस्तावित संशोधनों में समिति की अनुशंसा प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
    8- नगर पालिक निगमों के स्वामित्व के खाली पड़े भवनों को सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर योजना के लिए उपयोग किए जाने हेतु छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अचल संपत्ति अंतरण नियम 1994 के प्रावधानों में शिथिलीकरण का निर्णय लिया गया।
    9- छत्तीसगढ़ राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    10- द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2020-21 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    11- राज्य के जिला मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में निर्मित जर्जर भवनों के रिडेव्हलपमेंट करने का निर्णय लिया गया। जिसमें रायपुर के शांति नगर के पुनर्विकास योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई।
    12- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल एवं रायपुर विकास प्राधिकरण को आबंटित शासकीय भूमि पर आवासीय एवं आवासीय/व्यवसायिक योजना में शामिल व्यवसायिक संपत्ति को फ्री -होल्ड करने की अनुमति निहित शर्तो पर दी जाए।
    13- छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण कार्यो के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के तहत ‘ई‘ श्रेणी के मापदण्ड (i) एवं (iv) में संशोधन का निर्णय लिया गया। जिसके तहत मापदण्ड (i) में अब सामान्य क्षेत्रों में स्नातक बेरोजगार युवाओं का पंजीयन होगा वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं का पंजीयन ई श्रेणी में किया जाएगा जबकि पूर्व में अनुसूचित क्षेत्रों में भी स्नातक उपाधिधारी बेरोजगार युवाओं का ई श्रेणी में पंजीयन किया जा रहा है।
    इसी तरह मापदण्ड (iv) में अब ई श्रेणी पंजीयन एवं प्रतिस्पर्धा ब्लाॅक एवं नगर निगम सीमा तक सीमित रहेगी। पंजीयन ब्लाॅक स्तर पर होगा तथा संबंधित नगर निगम सीमा क्षेत्र को भी पंजीयन के लिए एक इकाई माना जाएगा जबकि पहले प्रावधान था कि स्नातधारी जिस ब्लाॅक के निवासी होंगे, वह उसी ब्लाॅक अंतर्गत के कार्यो के लिए प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे।
    14- छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इंफ्रेस्ट्रक्चर डेव्हलमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा राज्य शासन से संप्रभु गारंटी प्राप्त कर बैंक/वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने एवं निर्माण कार्य संपादन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया।
    15- संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में शेष 69 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की सेवा अवधि में भी वृद्धि/नवीनीकरण का निर्णय लिया गया। पूर्व में 235 संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों की संविदा सेवा में वृद्धि की गई है।

    9 हजार 100 वर्गफुट की विशाल रंगोली गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुई दर्ज
    राज्य महिला आयोग ने ‘दो साल बेमिसाल’ की थीम पर बनाई विशाल रंगोली

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने मंत्रीमंडल के सदस्यों के साथ गुरूवार को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई.ग्राउण्ड में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा राज्य सरकार के दो साल पूरा होने पर तैयार की गई 9 हजार 100 वर्गफुट की विशाल रंगोली का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में बनी इस 130 फीट लम्बी और 70 फीट चौड़ी विशाल रंगोली ने वर्ल्ड रिकार्ड बनाया और उसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक की आधिकारिक संवाददाता श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने समारोह में इसकी अधिकारिक घोषणा की। समारोह की शुरूआत में दो साल पूरा होने की खुशी में शंख, घंटी की ध्वनि के साथ 100 महिलाओं ने आरती की थालियों और दीपक से मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रीमंडल के सदस्यों का भव्य स्वागत किया। इसके बाद राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार...‘ से छत्तीसगढ़ महतारी की स्तृति की गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य महिला आयोग को रंगोली के माध्यम से वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि पिछले साल चुनाव और इस साल कोरोना महामारी के बाद भी छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में हमने कोई कमी नहीं की। हर चेहरे में इसकी खुशी और प्रसन्नता है। सभी ने अपनी खुशी व्यक्त करने के अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। इसी क्रम में राज्य महिला आयोग द्वारा तैयार रंगोली ने वर्ल्ड रिकार्ड बना लिया है। छत्तीसगढ़ महतारी को इसी तरह सभी सजाएं,संवारें और खूब सेवा करें।
    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बघेल ने महिलाओं के स्वाभिमान को बनाए रखने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए अनेक अहम कदम उठाए हैं। सखी सेंटर और महिला आयोग के माध्यम से यहां की महिलाओं में विश्वास जागा है और वे अपने हक और अधिकार के लिए आगे आ रही हैं। छत्तीसगढ़ में विकास का जो बहाव शुरू हुआ है वह रूकेगा नहीं,बढ़ता जाएगा।
    राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि जिस प्रकार दीवाली में रंगोली और दीयों से महिलाएं घर सजाती हैं,उसी तरह रंगोली से छत्तीसगढ़ का नक्शा और उसमें इसे संवारने वाले मुख्यमंत्री बघेल की तस्वीर बनाकर छत्तीसगढ़ के आंगन को संवारा गया है। महिलाओं की ओर से रंगोली के माध्यम से छत्तीसगढ़ में दो साल में तेजी से किए गए बेमिसाल विकास कार्याें के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद किया गया है। मुख्यमंत्री बघेल के प्रयासों का परिणाम है कि कोरोना महामारी में भी हमारे प्रदेश को कोई आंच नहीं आई है। छत्तीसगढ़ में अब तक इतनी बड़ी रंगोली नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह रंगोली छत्तीसगढ़ के गौरव के प्रतीक के रूप में तैयार की गयी है।
    रायपुर के स्थानीय कलाकार विनोद पांडा द्वारा तैयार रंगोली में छत्तीसगढ़ के नक्शे में 12 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर बनायी गई। 7 धण्टे में तैयार की गई इस रंगोली में 11 रंगों की 1100 किलो रंगोली का प्रयोग किया गया। इसकी खासियत है कि यह स्टेंसिल रंगोली है जिससे खड़े किया जा सकता है और कहीं भी ले जाया जा सकता है। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में रंगोली को लगाने के लिए इसे मुख्यमंत्री को भेंट किया जाएगा।
    इस अवसर पर लोक निर्माण, गृह, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि तथा जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, संस्कृति एवं खाद्य विभाग मंत्री अमरजीत भगत, सांसद श्रीमती छाया वर्मा और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी उपस्थित थे।

    *राजशेखर नायर* /धमतरी /दैनिक शौर्यपथ समाचार

    जिले में आज 70 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई ।
    अब तक कोरोना वायरस के परीक्षण कुल *95391* सैंपल जांच किया गया ।
    जिसमें से *6772* धनात्मक मरीज की पहचान की गई है। जिसमें अब कुल *6066* मरीज स्वस्थ हो चुके हैं ।
    तथा *606* मरीज सक्रिय हैं।

    आज कुल 70 कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान की गई ।जिसमें गुजरा धमतरी ग्रामीण ब्लॉक से 27, कुरूद ब्लाक से 14, मगरलोड ब्लाक से 4, नगरी से 6 तथा धमतरी शहरी क्षेत्र से 19 धनात्मक पाया गया ।

    हमने हमेशा जन-जन में बसे राम को पूजा
    सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर चंदखुरी में हुआ समारोह
    पर्यटन रथ और बाइक रैली का भी समागम के साथ हुआ समापन
    मंत्रिमंडल के सदस्य, आयोगों के अध्यक्ष, विधायक, संसदीय सचिव भी हुए शामिल


    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कुछ लोग भगवान राम के नाम का उपयोग वैसे ही करते हैं, जैसे कालनेमि ने किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल स्वार्थवश राम का नाम लेते हैं। जबकि हम लोगों ने सदा से जन-जन में बसे राम को पूजा है। छत्तीसगढ़ में नयी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर रायपुर के निकट चंदखुरी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। श्री बघेल ने कहा कि जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारी गई थी, तब भी गांधीजी के मुंह से राम का ही नाम निकला था।
    माता कौशल्या की जन्मस्थली चंदखुरी में आयोजित इस समारोह में तीन दिनों से जारी राम वन गमन पथ रथ यात्रा और बाइक रैली का समापन भी हुआ। यह रैली उत्तर छत्तीसगढ़ के कोरिया तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा से 14 दिसंबर को एक साथ शुरु हुई थी। वनवासकाल में राम ने कोरिया से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था और सुकमा से गुजरते हुए दक्षिण भारत की ओर बढ गए थे। राज्य सरकार ने राम के इस पूरे वन-पथ में पर्यटन विकास के लिए 137 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत राम से संबंधित 75 चिन्हित स्थानों में से पहले चरण में 9 स्थानों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। माता कौशल्या का मायका कहा जाने वाला चंदखुरी भी इन्हीं में से एक है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या ने ही राम के चरित्र को गढ़ा था। जो चरित्र माता कौशल्या का था, वही छत्तीसगढ़िया लोगों का है। उन्होंने ही राम को दुख-सुख में सम भाव से रहना सिखाया। राम ने सहनशीलता और कर्तव्यों का पालन करना माता कौशल्या से ही सीखा। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करके राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को नयी वैश्विक पहचान दे रही है। कुछ वर्षों पहले तक अन्य राज्यों के लोग छत्तीसगढ़ को या तो भिलाई के नाम से जानते थे, या फिर नक्सल समस्या के कारण, लेकिन अब यह छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक संपन्नता के कारण जाना जाता है। इसकी पहचान इसके समृद्ध किसानों से होती है। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान हमारे किसान और आदिवासी है। हम इसी पहचान को आगे बढ़ा रह हैं, इसी उद्देश्य से हम लोगों ने रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आदिवासी नृत्य महोत्सव का भी आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि कल बाबा गुरु घासीदास की जयंती है, यह त्यौहार भी हम शानदार ढंग से मनाएंगे। छत्तीसगढ़ की नयी पहचान के लिए सिरपुर को भी विकसित किया जाएगा, जो नालंदा के बाद सबसे बड़ा बौद्ध परिसर है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का हर क्षेत्र में विशेष महत्व है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गौ-सेवा के क्षेत्र में हमारी गोधन न्याय योजना से बढ़िया व्यवस्था और कहीं नहीं है। छत्तीसगढ़ गो-सेवकों का प्रदेश है। यहां के किसानों और मजदूरों ने देश को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। जब पूरे देश में मंदी छाई हुई है, तब यहां मंदी का कोई असर नहीं है। नाराज किसान देश की राजधानी को घेर कर बैठे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में खुशहाली है। यदि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की नीति पर काम करे तो किसानों का आंदोलन कल वापस हो जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हर युग में रास्ता दिखाया है। हमारी संस्कृति नफरत फैलाने की नहीं, बल्कि प्रेम बांटने की है। हम सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं, चाहे कोई किसी भी जाति या धर्म का हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोई भी भूखा-प्यासा न रहे, सभी को शिक्षा और रोजगार मिले, हम ऐसी व्यवस्था के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं।
    रथ-यात्रा और बाइक रैली के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने चंदखुरी के कौशल्या माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और रुद्राक्ष पौधे रोपे। समारोह में मुख्यमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत मंत्री टी.एस.सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, निगम मंडलों के अध्यक्ष, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम को गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री रामसुंदर दास, पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, कृषि और जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के सचिव पी. अंबलगन ने स्वागत भाषण दिया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / ट्रेन के पिछले बोगियों में तैनात रहकर लाल और हरी झण्डी दिखाने वाले हुए लोको पायलटों का भी पद अब खत्म करने जा रही है और…
    आयुर्वेद /शौर्यपथ जामुन के बीज को सेहत के लिए वरदान माना गया है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनोइड, विटामिन सी, जिंक और कैल्शियम जैसे गुण न…

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