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खेल /शौर्यपथ / पैट कमिंस की गेंद ने विराट कोहली के बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और कैमरन ग्रीन ने शानदार कैच पकड़ते हुए टीम इंडिया के कप्तान की साल 2020 की आखिरी पारी का अंत कर दिया। टीम को इस मुश्किल परिस्थिति से निकाल नहीं पाने की मायूसी कोहली के चेहरे पर साफ दिख रही थी। पिछले दो सालों में तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 18 शतक लगाने वाले विराट कोहली को साल 2020 में एक भी शतक ना लगा पाने की मलाल मन में था। इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद यह पहला ऐसा साल रहा, जब विराट के बल्ले से एक भी शतकीय पारी नहीं देखने को मिली। 2009 में ईडन गार्डेन के मैदान पर शुरू हुआ वह शतकों का सफर लगातार 11 साल तक चला, हर साल कोहली ने अपने शतकों के खाते में इजाफा किया, लेकिन साल 2020 में कोरोना वायरस नाम की महामारी ने लाखों जिंदगियों के साथ-साथ विराट के इस खास रिकॉर्ड पर भी ब्रेक लगा दिया।
कोरोना वायरस के चलते इस साल पूरे विश्व में काफी कम क्रिकेट खेला गया और खेल के नियमों में भी काफी बदलाव किए गए। विराट कोहली ने साल 2020 में भारत के लिए 9 वनडे, 3 टेस्ट और 10 टी20 मैच खेले और टीम इंडिया का यह स्टार बल्लेबाज कई बार शतक के बेहद करीब भी पहुंचा, लेकिन अपने 11 साल के रिकॉर्ड को बरकरार रखने से हर बार चूक गया। कोहली इस साल दो बार 89 रनों के स्कोर तक पहुंचे, लेकिन दोनों ही बार ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने विराट को पवेलियन भेज दिया। एडिलेड टेस्ट मैच की पहली पारी में जब भारतीय कप्तान शानदार लय में बल्लेबाजी कर रहे थे, तो हर किसी को बस यही लग रहा था कि साल का शतक का सूखा आज खत्म हो जाएगा, लेकिन अजिंक्य रहाणे की गलत कॉल के चलते विराट 74 रनों पर रनआउट हो गए।
50 रनों का आंकड़ा पार करने के बाद पल झपकते अपनी पारी को शतक में तब्दील करने वाले विराट ने इस साल बल्ले से वैसी चमक भी नहीं बिखेरी, जिसके लिए दुनिया उनकी दीवानी है। कोहली ने साल 2020 में तीन टेस्ट मैचों की 6 पारियों में 19.33 के औसत से महज 116 रन बनाए, इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला। टीम इंडिया के कप्तान ने साल 2020 में 10 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 47.88 के औसत से 431 रन बनाए, इस दौरान उन्होंने 4 फिफ्टी लगाई। 10 टी20 मैचों में कोहली ने 295 रन जरूर बनाए, लेकिन इस बीच उन्होंने सिर्फ एक हाफसेंचुरी जड़ी। भले ही दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने साल 2020 में कम मैच खेले हों, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि अपनी पारी को तब्दील करने के मामले में कोहली साल 2020 में उतने सफल नहीं रहे हैं। साल 2016 में विराट ने 10 एकदिवसीय मैच खेले थे, यानी इस साल से महज एक वनडे मैच ज्यादा, पर उस समय स्टार बल्लेबाज ने 3 सेंचुरी लगाई थीं।
खेल / शौर्यपथ /क्रिकेट के बाइबल कहे जाने वाले विजडन ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की ऑलटाइम बेस्ट रैंकिंग के आधार पर सर्वश्रेष्ठ वनडे इलेवन चुनी है जिसमें एकमात्र भारतीय खिलाड़ी के रूप में वर्ल्डकप विजेता कप्तान कपिल देव को जगह मिली है जिन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया गया है। विजडन ने आईसीसी की ऑलटाइम रैंकिंग को आधार बनाते हुए सर्वश्रेष्ठ वनडे टीम का चयन किया है।
इस टीम में खिलाड़ियों को ऑलटाइम सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग के आधार पर जगह दी गई है। इस रैंकिंग में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने वाले, सर्वाधिक रन बनाने वाले और सर्वाधिक शतक बनाने वाले लीजेंड बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को जगह नहीं मिली है। इस प्लेइंग इलेवन में एकमात्र भारतीय भारत के पहले वर्ल्डकप विजेता कप्तान कपिल हैं जिन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया गया है।
कपिल देव ऑलराउंडर रैंकिंग में 631 रेटिंग प्वॉइंट्स के साथ 22 मार्च 1985 को नंबर एक स्थान पर रहे थे। भारत ने 1983 में कपिल की कप्तानी में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर दो बार के विश्व चैंपियन शक्तिशाली वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीता था। विजडन की ऑलटाइम वनडे इलेवन के अन्य खिलाड़ियों में वेस्टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स, ऑस्ट्रेलिया के डीन जोन्स, पाकिस्तान के जहीर अब्बास, ऑस्ट्रेलिया के ग्रैग चैपल, इंग्लैंड के डेविड गावर, दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स, दक्षिण अफ्रीका के शॉन पोलाक, न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली, वेस्टइंडीज के जोएल गार्नर और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन शामिल हैं।
विजडन की ऑलटाइम वनडे इलेवन- कपिल देव(कप्तान), विवियन रिचर्ड्स, डीन जोन्स, जहीर अब्बास, ग्रैग चैपल, डेविड गावर, एबी डिविलियर्स, शॉन पोलाक, रिचर्ड हैडली, जोएल गार्नर, मुथैया मुरलीधरन।
खेल /शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज सीरीज शुरू होने में अब ज्यादा समय बाकी नहीं रह गया है। दोनों टीमों के बीच 17 दिसंबर से सीरीज का पहला मैच एडिलेड में खेला जाएगा। यह एक डे-नाइट टेस्ट मैच होगा। भारत को डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है और उसने अब तक केवल एक ही मैच खेला है। टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले दोनों ही टीमें चोट की समस्या से गुजर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर और विल पुकोवस्की एडिलेड टेस्ट से बाहर हो चुके है, वहीं भारत की तरफ से रोहित शर्मा शुरुआत दो टेस्ट और टेस्ट स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। इस बीच, टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने उस गेंदबाज का नाम लिया है जो टेस्ट सीरीज में ईशांत शर्मा को रिप्लेस कर सकता है।
भारतीय टीम के लिए मुश्किल हो चुके इस मुद्दे पर 'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' से बात करते हुए मोहम्मद कैफ़ ने कहा है कि, ''मेरे लिए तीसरे पेसर के तौर पर सबसे अच्छा ऑप्शन उमेश यादव होंगे। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि पिछली सीरीज़ जीत में अहम भूमिका निभाने वाले ईशांत शर्मा इस सीरीज़ में टीम के साथ नहीं है। अन्य तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के साथ उमेश का तालमेल भी काफी बेहतरीन है। इन तीन तेज गेंदबाजों के साथ ऑफ स्पिनर आर अश्विन और पार्ट टाइम स्पिनर हनुमा विहारी भारतीय टीम की बॉलिंग को मजबूती दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बेशक नवदीप सैनी और मोहम्मद सिराज ने आईपीएल 2020 में अपनी स्पीड से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा हो, लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दोनों ही गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट खेलने के मामले में बिल्कुल भी अनुभवी नहीं हैं। यहां उमेश यादव की बात करते हुए दिल्ली कैपिटल्स के फील्डिंग कोच कैफ ने कहा कि उन्हें टेस्ट खेलने का अच्छा अनुभव भी है, इसलिए पहले मैच में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के साथ उमेश यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलनी चाहिए। उमेश के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 46 टेस्ट में 144 विकेट झटके हैं।
खेल /शौर्यपथ / भारतीय क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच गुलाबी गेंद से खेला गया दूसरा तीन दिवसीय अभ्यास मैच रविवार को यहां ड्रॉ रहा जिसमें कई चीजें मेहमान टीम के लिए सकारात्मक रहीं। भारतीय टीम इसलिए भी खुश होगी क्योंकि उसके पास चयन के लिए काफी दावेदार मौजूद होंगे जिससे वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दिन-रात्रि टेस्ट में काफी सकारात्मक होकर मैदान में उतरेगी। 4 टेस्ट मैचों की श्रृंखला 17 दिसंबर से एडीलेड में शुरू होगी।
ऑस्ट्रेलिया ए ने तीसरे दिन 25 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे लेकिन बेन मैकडर्मोट और जैक विल्डरमुथ के शतकों की बदौलत उसने 4 विकेट पर 305 रन बना लिए थे। दोनों बल्लेबाजों ने दूधिया रोशनी में भारतीय तेज गेंदबाजों के बाउंसर का डटकर सामना किया। मैकडर्मोट (167 गेंद में 107 रन) ने अपने कप्तान एलेक्स कैरी (58 रन, 111 गेंद) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 117 रन की भागीदारी निभाकर मैच को बचाने में अहम भूमिका अदा की।
वहीं विल्डरमुथ (119 गेंद में 111 रन) ने भी अपना शतक पूरा करने के अलावा मैकडर्मोट के साथ 165 रन जोड़े लेकिन डग आउट में बैठकर मैच देख रहे विराट कोहली और रवि शास्त्री इस बात से खुश होंगे कि मैच ने उन्हें चयन के लिए कई विकल्प दे दिए हैं।
पहले घंटे में ही पहले टेस्ट के लिए जो बर्न्स (01) और मार्कस हैरिस (05) की संभावित सलामी बल्लेबाजी जोड़ी को मोहम्मद शमी ने पैवेलियन भेज दिया। शमी ने 13 ओवर में 58 रन देकर दो विकेट चटकाए। दोनों सलामी बल्लेबाजों के रन नहीं जुटाने से ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता निश्चित रूप से बढ़ जाएगी।
जहां तक भारतीय टीम की बात की जाए तो पृथ्वी साव की मैच में दो पारियों के दौरान ढीली बल्लेबाजी की तुलना में शुभमन गिल का संयम और पारी का आगाज करने की तकनीक ने ध्यान आकर्षित किया। इसी तरह हनुमा विहारी ने भी संयम से खेले गए शतक से खुद को दावेदारी में मजबूत रखा है। वे ऑफ ब्रेक गेंदबाजी कर सकते हैं, उनकी इसी गेंद ने कैरी को आउट किया जिससे वे टीम में छठे विशेषज्ञ बल्लेबाज के स्थान के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
लेकिन फिर लोकेश राहुल भी मौजूद हैं जो अपने कप्तान के सामने पसीना बहा रहे हैं। राहुल सलामी बल्लेबाज और मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर कई विकल्प देते हैं। उन्हें 36 टेस्ट मैचों का अनुभव है तो जब एडीलेड के लिए अंतिम एकादश का चयन किया जायेगा तो उनके अनुभव की अनदेखी नहीं की जा सकती।
अगर दिन-रात्रि अभ्यास मैच से कुछ संकेत मिले हैं तो ऋषभ पंत 73 गेंद में शतकीय पारी खेलने के बाद विकेटकीपिंग के लिये मुख्य दावेदार हैं। चयन पूर्ण रूप से पंत की अपनी बल्लेबाजी से एक सत्र में मैच का रुख बदलने की काबिलियत पर होगा जिसमें दुर्भाग्य से उनके सीनियर विकेटकीपर रिद्धिमान साहा सक्षम नहीं हैं। जहां तक गेंदबाजी का संबंध है तो जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और आर अश्विन टेस्ट मैच में शुरुआत करने को तैयार हैं।
उमेश और अश्विन हालांकि दूसरे अभ्यास मैच में नहीं खेले थे, लेकिन ऐसा अन्य तेज गेंदबाजों को देखने तथा बुमराह और शमी को अभ्यास देने के लिए किया गया। तीसरे दिन दोनों ने 13-13 ओवर गेंदबाजी की जबकि बैकअप तेज गेंदबाज नवदीप सैनी (16 ओवर में 87 रन) और मोहम्मद सिराज (17 ओवर में 54 रन देकर एक विकेट) ने लंबे स्पैल डाले।
खेल/ शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला सिडनी में खेला गया। भारत को सीरीज के आखिरी मुकाबले में 12 रनों से हार का सामान करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मैथ्यू वेड ने 53 गेंदों पर 80 रनों की पारी खेली है। मैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब कप्तान कोहली ने मैथ्यू वेड के खिलाफ डीआरएस लिया लेकिन अंपायर ने उसे नामंजूर कर दिया। कोहली ने इसके लिए प्रोडक्शन टीम को जिम्मेदार ठहराया।
कप्तान विराट कोहली ने कहा, 'हम अभी चर्चा ही कर रहे थे और रिप्ले को बड़े स्क्रीन पर चला दिया गया। जब हमने डीआरएस लेने का फैसला किया तो अंपायर ने यह कहते हुए मना कर दिया कि अब आप अपील नहीं कर सकते हैं।' इस फैसले से कोहली काफी नाखुश थे। इस पूरे प्रकरण पर भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी अंपायर का समर्थन किया और कहा,'बड़ी स्क्रीन पर डिस्प्ले देखने के बाद रिव्यू नहीं ले सकते। पहले ही डीआरएस ले लेना चाहिए था।'
क्या है पूरा मामला
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20 मैच में 11 वें ओवर में नटराजन की चौथी गेंद पर मैथ्यू वेड एलबीडब्ल्यू आउट थे। लेकिन अंपायर ने नाॅट-ऑउट करार दिया। जिसके बाद कोहली अन्य खिलाड़ियों से डीआरएस लेने पर विचार कर रहे थे इसी दौरान रिप्ले को बड़े स्क्रीन पर चला दिया गया। कोहली ने डीआरएस लिया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। और अंपायर ने कोहली की अपील को नहीं माना।
मैथ्यू वेड ने 53 गेंदो पर 80 रन बनाए। जिनकी पारी की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने भारत को तीसरे और आखिरी टी ट्वेंटी मैच में 12 रनों से हराया और सीरीज क्लीन स्वीप होने से बचा लिया।
खेल /शौर्यपथ / भारत और आस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मैच 17 दिसंबर को खेला जाएगा। लेकिन उससे पहले दोनों देशों के बीच दो अभ्यास मैच होंगे। इंडिया ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच होने वाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच से पहले आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने भारतीय बोलिंग लाइन की तारीफ की। ट्रेविस हेड आस्ट्रेलिया ए टीम के कप्तान है। पहला मैच रविवार को खेला जाएगा।
प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए 26 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा,'भारतीय गेंदबाजी आक्रामण काफी शानदार है। सभी गेंदबाज एक दूसरे का बखूबी साथ निभाते हैं। आपका सामान मोहम्मद समी जैसे गेंदबाजों से होगा। जिनके खिलाफ आप ढिलाई नहीं कर सकते। आपको हर एक भारतीय गेंदबाज के सामने सतर्क रहना होगा। उनके खिलाफ आपको हमेशा 100 प्रतिशत देना होगा।'
ट्रेविस हेड 2018 में भारत के खिलाफ खेली गई सीरीज़ का हिस्सा थे। तब ट्रेविस हेड ने दो अर्द्धशतक लगाए थे। ट्रेविस ने कहा, 'इन अभ्यास मैचों का फायद आस्ट्रेलिया ए टीम को मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए यह शानदार मौका है। और वह पूरी तरह से तैयार हैं। पिछले 12 से 18 महीने हमारे लिए काफी शानदार रहे हैं। खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं हम पहले दिन से ही दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।'
पिछली भारत और आस्ट्रेलिया सीरीज़ का हिस्सा रहे ट्रेविस कहते हैं, 'उस सीरीज की यादें काफी अच्छी थी। उसका फायदा हमें मिलेगा। तब से अब तक मेरे खेल में भी काफी सुधार आया है।' इंडिया ए और आस्ट्रेलिया ए के बीच पहला तीन दिवसीय अभ्यास मैच रविवार को रेड बाल से खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 11 दिसंबर से पिंक बाल से खेला जाना है। वहीं पहला टेस्ट मैच 17 दिसंबर से शुरु होगा। वन-डे सीरीज गंवाने के बाद भारत ने पहला टी-ट्वेंटी मैच जीत लिया है।
खेल /शौर्यपथ / कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया के तमाम क्रिकेट इवेंट्स स्थगित या रद्द करने पड़े थे। इसमें एशिया कप 2020 भी शामिल था, जिसे स्थगित कर दिया गया था। एशियाई क्रिकेट परिषद की नई बैठक में यह फैसला हुआ है कि पाकिस्तान 2022 में एशिया कप आयोजन करेगा, जबकि 2021 में श्रीलंका को टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला है।
पीटीआई से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सीईओ वसीम खान ने कहा, '2021 में होने वाले एशिया कप का आयोजन श्रीलंका में होगा जबकि 2022 में पाकिस्तान को मेजबानी का मौका मिलेगा।' पहले एशिया कप इस साल अगस्त और सिंतबर के बीच पाकिस्तान में होना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण टूर्नामेंट आयोजित नहीं किया जा सका। अब इसे 2021 जून में श्रीलंका में आयोजित किया जाएगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए आसान नहीं होगी राह
2022 में भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को टूर्नामेंट को पाकिस्तान में आयोजित करवाना आसान नहीं होगा। 2009 में श्रीलंका टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद से ही दुनिया भर की क्रिकेट टीमें पाकिस्तान जानें से कतराती हैं, हालांकि पिछले एक साल के दौरान जिम्बाब्वे, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमों ने पाकिस्तान का दौरा किया है।
इन सबके बावजूद बहुत कुछ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के रुख पर निर्भर करेगा। अगर भारत अपनी आपत्ति जताता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बोर्ड को दिक्कतों का समाना करना पड़ सकता है। पिछले कई सालों से पाकिस्तान का होम ग्राउंड यूएई बना हुआ था। टीमों के दौरा न करने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को काफी नुकसान उठाना पड़ता था।
समस्याएं दूर करने के साथ ही दूंगा आवश्यक सामग्री- विधायक यादव
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई नगर के युवा विधायक व महापौर देवेंद्र यादव गुरूवार की सुबह 7.30 बजे सायकल पोलो ग्राउड पहुंचे। जहां महापौर यादव खिलाडयि़ों से मिले और उनका हालचाल जाना। इसके बाद महापौर श्री यादव ने खुद भी सायकल पोलो खिलाडियों के साथ खेल का प्रैक्टिस किए और सभी खिलाडयि़ों का हौसला बढ़ाया। बात चीत के दौरान छ.ग. सायकल पोलो एसोसिएशन सचिव चीन्नावर ने महापौर श्री यादव को बताया कि जितने भी खिलाड़ी है। सभी सामान्य और गरीब परिवार से है। दूर दराज से प्रैक्टिस करने आते हैं। मैदान में लगे ग्रील टूट गए हैं। मैदान में भी कई जगह गडढे हो गए है। इस पर महापौर श्री यादव ने खिलाडियों को आश्वान देते हुए कहा कि आप सभी निश्चिंत रहे। जल्द ही मैदान का मरम्मत कराया जाएगा और भी जो छोटी बड़ी समस्याए है। सभी का दूर करेंगे। इसके बाद महापौर श्री यादव ने खिलाडयि़ों से कहा कि उन्हें सुरक्षा किट के लिए जो भी जरूरी सुविधाएं चाहिए होंगी वह उन्हें उपलब्ध कराएंगे।
खिलाडियों का हौसला बढ़ाते हुए महापौर यादव से कहा कि आप सब अच्छे से प्रैक्टिस करें और भिलाई व प्रदेश का नाम रौशन करें। हम आपसभी के साथ है और जो भी सुविधाएं जरूरी होगी हम उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद मेयर खुद खिलाडयि़ों के साथ मैदान में उतरे और 3 गोल भी किए। महापौर ने कहा कि यह काफी कठिन खेल है। साथ ही आगे उन्होंने कहा कि पिछले साल जब सीएम भूपेश बघेल ने सीएम टॉफ्री का इनाम छ.ग. सायकल पोलो एसोसिएशन को सम्मान मिला तब आप सभी ने हमें भी सम्मान प्राप्त करने मंच पर बुलाए औैर गौरवानवित किए। साथ ही महापौर यादव ने मैदान में उपस्थित सीनियर खिलाडयि़ों से भी मिले और उनका भी हालचाल जाने। इस अवसर पर छ.ग. सायकल पोलो एसोसिएशन के सचिव चिन्नावर, ख्वाजा अहमद छ.ग. कांग्रेस स्पोर्टस प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष, राजेंद्र प्रसाद अर्जुन अवार्डेड, सुनिल कुमार, बीएसपी सायकल पोलो सचिव, कलपना स्वामी असीसटेंस डायरेक्टर एजुकेशन दुर्ग सहित सभी खिलाड़ी उपस्थित रहे।
खेल /शौर्यपथ / मोहम्मद कैफ का नाम आते ही, जो सबसे पहली याद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को आती है, वो है लॉर्डस का मैदान. जहां सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद फैन्स को लगा था कि नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल टीम इंडिया अब हार गई, मगर 2002 में उन दिन चमत्कार हुआ और यह चमत्कार मोहम्मद कैफ ने किया. कैफ के इसी चमत्कार ने सौरव गांगुली को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने के लिए मजबूर कर दिया था. आज यानी 1 दिसंबर को मोहम्मद कैफ अपना 40वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं.
प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में जन्में कैफ ने मेवा लाल अयोध्या प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज सोरांव से 12वीं तक की पढ़ाई की है. इसके बाद वे क्रिकेट की दुनिया में ही रच बस गए. बचपन से ही उनका मन क्रिकेट में बसता था और वे प्रयागराज से कानपुर आ गए. यहां पर वे ग्रीन पार्क स्टेडियम के हॉस्टल में रहने लगे. यहीं से उनका सफर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचा.
भारत को बनाया पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन
घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत से उन्हें भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह मिल गई. साल 2000 में श्रीलंका में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्हें कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने टीम इंडिया को इस कैटेगरी में वर्ल्ड चैंपियन बना दिया. उनके नेतृत्व में भारत ने पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. इसी साल उन्हें दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया. दो साल बाद ही वे वनडे टीम का हिस्सा बन गए और उन्होंने 2003 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया. उस समय वे युवराज सिंह के साथ मिलकर भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ हुआ करते थे.
2002 में दादा को लॉर्ड्स की बालकनी में शर्ट उतारने को किया मजबूर
इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में खेली गई उनकी पारी को भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है. कैफ ने लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मैच में नाबाद 87 रनों की पारी खेलकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. कैफ ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में 325 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई भारतीय पारी को युवराज सिंह के साथ संभाला था और छठे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई थी. इस जीत के बाद कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी शर्ट उतारकर जश्न मनाया था.
सचिन के आउट होने के बाद कैफ का परिवार फिल्म देखने चला गया था
मोहम्मद कैफ ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि नेटवेस्ट सीरीज 2002 में सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद हर किसी को लग रहा था कि मैच खत्म हो गया है. इलाहाबाद में रह रहे कैफ के परिवार को भी यही लगा था. इसीलिए उनके पिता भी परिवार के साथ देवदास फिल्म देखने के लिए चले गए थे. लेकिन पीछे से उनके बेटे ने देश को यह जीत दिला दी थी.
स्लेजिंग कर नासिर ने तोड़ने की कोशिश की
मोहम्मद कैफ ने बताया था कि जब वह बल्लेबाजी करने आए तो नासिर हुसैन ने स्लेज किया और उन्हें यह समझने में समय लगा. दरअसल नासिर ने कैफ को बस ड्राइवर कहा था. जिसके बाद कैफ ने कहा कि यह बस ड्राइवर के लिए बुरा नहीं है. कैफ ने कहा कि टीम को 326 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल करना था और बल्लेबाजी पर आने से पहले हमारा मूड सही नहीं था. युवराज और मैं यूथ टीम में ही साथ थे और हम दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझते थे. युवी अपने शॉट्स खेल रहे थे और मैंने भी रन निकालने शुरू किए. मैच धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा.
मोहम्मद कैफ का क्रिकेट करियर
कैफ ने भारत के लिए 125 वनडे मैच खेले जिनमें 32.01 की औसत से 2753 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 111 रहा. उन्होंने अपने वनडे करियर में दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए. कैफ ने भारत के लिए 13 टेस्ट मैच भी खेले. खेल के लंबे प्रारूप में कैफ का औसत 32.84 का रहा जिसकी मदद से उन्होंने 22 पारियों में 624 रन बनाए हैं. टेस्ट में कैफ के नाम एक शतक और तीन अर्धशतक हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 148 है. कैफ को भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स में से एक माना जाता है. वह 2003 में विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे. कैफ ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच 2006 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेला था. वह अभी आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम का हिस्सा हैं.
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