January 26, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

 

राजनांदगांव ।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन जांच चौकी पाटेकोहरा में रात्रिकालीन विशेष अभियान के तहत अंतर्राज्यीय तथा राज्य के भीतर संचालित 26 यात्री स्लीपर बसों की सघन जांच की गई।

जांच के दौरान बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, रिफ्लेक्टर, स्पीड गवर्नर सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की बारीकी से जांच की गई। कई बसों में सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं बस संचालकों को यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और विशेष जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा

 

राजनांदगांव ।
राज्य शासन द्वारा नागरिकों को विभिन्न शासकीय दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा दस्तावेजों में आवश्यक संशोधन की सुविधा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (लोक सेवा केंद्र) की स्थापना की गई है। जिले में वर्तमान में 9 लोक सेवा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।

ये लोक सेवा केंद्र जिला कार्यालय (कलेक्टोरेट), नगर निगम राजनांदगांव, तहसील कार्यालय राजनांदगांव, डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, लालबहादुर नगर तथा जनपद पंचायत डोंगरगांव में संचालित हैं।

लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से जाति, निवास, आय एवं विवाह प्रमाण पत्र, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, व्यापार लाइसेंस, सभी प्रकार की पेंशन सेवाएं, नगरीय क्षेत्र में संपत्ति नामांतरण, नल कनेक्शन, सूचना का अधिकार, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी सहित कुल 76 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की जा रही हैं। सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल 2025 से अब तक जिले में लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 1,37,080 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,23,064 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इस अवधि में डोंगरगांव से 21,053, डोंगरगढ़ से 18,419, कुमरदा से 12,456, घुमका से 9,790, लालबहादुर नगर से 9,826 तथा राजनांदगांव से 30,422 नागरिक इन सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं।

राजनांदगांव ।
जिले में वर्तमान में दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से कम तथा रात्रि का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इस कारण ठंडी हवाओं का मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शीतलहर का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों तथा उच्च रक्तचाप के मरीजों पर पड़ता है।

ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हृदयघात, ब्रेन स्ट्रोक एवं अनियमित हृदयगति जैसी गंभीर समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक ठिठुरन, शरीर का अकड़ना, उंगलियों का पीला या सफेद पड़ जाना, सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

उन्होंने नागरिकों को ठंड से बचाव के लिए स्वेटर, जैकेट, मोजे, दस्ताने सहित गर्म कपड़ों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, मौसम के अनुरूप वस्त्र पहनने तथा अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क करने का आग्रह किया गया है।

डॉ. नवरतन ने शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करते रहने तथा आग तापते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने बंद कमरे में कोयला या लकड़ी न जलाने की चेतावनी दी, क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अत्यंत जहरीली और जानलेवा हो सकती है।

उन्होंने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ठंड से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पृथक बेड आरक्षित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

518 रोगियों ने लिया उपचार, 128 बच्चों का हुआ स्वर्णप्राशन

राजनांदगांव ।
आयुष विभाग द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कोलिहापुरी में विकासखंड स्तरीय निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आयुर्वेद, होम्योपैथी तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत संचालित एनपीसीडीसीएस योजना के तहत ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

शिविर में कुल 518 रोगियों ने उपचार का लाभ लिया। इनमें से 62 रोगियों की ब्लड प्रेशर एवं मधुमेह जांच कर उन्हें आहार-विहार संबंधी आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। साथ ही गैर-संक्रामक रोगों के कारण, लक्षण एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

शिविर के दौरान योग, प्राणायाम, दिनचर्या, ऋतुचर्या तथा स्वर्णप्राशन के महत्व पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोगियों को आवश्यकता अनुसार निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर 128 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।

शिविर में ग्राम सरपंच मदन देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी हर्ष साहू, शोबी खान, वंदना डकहा, होम्योपैथी चिकित्साधिकारी आलोक कल्चुरी, आयुष चिकित्सक अनमोल गुप्ता, योग चिकित्सक स्नेहा देशमुख सहित आयुष विभाग के अन्य कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

बोरी एवं भेड़ीकला हायर सेकेंडरी स्कूल में शैक्षणिक स्थिति का लिया जायजा

राजनांदगांव ।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा अद्र्धवार्षिक परीक्षा में अपेक्षाकृत कम परिणाम वाले राजनांदगांव विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल बोरी एवं भेड़ीकला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई की स्थिति, विषयों की समझ और परीक्षा तैयारी की जानकारी ली।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई कोई कठिन कार्य नहीं है। निरंतर अभ्यास, समय प्रबंधन और ध्यान केंद्रित करने से किसी भी विषय को आसानी से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता है तथा पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद पूर्व वर्षों के प्रश्न पत्रों का नियमित अभ्यास करना अत्यंत लाभकारी होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। पढ़ाई के लिए आज अनेक विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें शिक्षक, पुस्तकें एवं ऑनलाइन माध्यम शामिल हैं। स्कूल से घर लौटने के बाद भी नियमित स्व-अध्ययन और अभ्यास को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है।

कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की कमजोरियों की पहचान कर विषयवार विशेष ध्यान दें तथा परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं और पुनरावृत्ति अभ्यास पर जोर दें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और मार्गदर्शन से ही बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए विद्यार्थियों को अभी से गंभीरता से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने और पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने की सलाह दी।

निरीक्षण के दौरान डीएमसी सतीष ब्यौहारे, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू, फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।

स्टॉक व खाली बारदानों का कराया भौतिक सत्यापन

बालोद, 08 जनवरी 2026
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री नूतन कंवर ने आज जिला मुख्यालय स्थित गंगोत्री राइस मिल, बालोद का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान धान स्टॉक एवं खाली बारदानों का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि राइस मिल संचालक द्वारा क्षमता के अनुरूप धान उठाव के लिए आवश्यक रिक्वेस्ट नहीं डाली गई थी। जहां मिल को 6666 क्विंटल धान के उठाव हेतु रिक्वेस्ट डाली जानी थी, वहां केवल 4380 क्विंटल की रिक्वेस्ट पाई गई।

इस पर एसडीएम श्री नूतन कंवर ने मिल संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए मौके पर ही 2280 क्विंटल धान के उठाव हेतु शेष रिक्वेस्ट डलवाई। उन्होंने भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर राइस मिल के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा राइस मिल के विद्युत कनेक्शन एवं बिजली बिल की समय पर अदायगी की भी जांच की गई।

इस अवसर पर तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा, सहायक खाद्य अधिकारी श्री संतोष कुमार, मंडी निरीक्षक श्री जितेन्द्र जुंगेले, राजस्व निरीक्षक श्री दयालु राम सागर, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता श्री आर.के. कंवर सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बालोद
धान खरीदी केंद्रों से समय पर धान उठाव सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा राइस मिलों की लगातार जांच की जा रही है।

इसी क्रम में आज एसडीएम श्री राम कुमार सोनकर ने राजस्व, खाद्य एवं कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारियों के साथ गुरूर विकासखंड स्थित खेम ट्रेडर्स यूनिट-वन, उसना राइस मिल (पुरूर) का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध धान एवं चावल का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में संचालित अरवा राइस मिल की भी जांच की गई।

साथ ही छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों द्वारा राइस मिल के विद्युत कनेक्शन एवं बिजली बिल भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की गई। एसडीएम ने राइस मिल संचालक को धान खरीदी केंद्रों से समय पर धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बालोद
जिला मुख्यालय बालोद के समीप ग्राम दुधली में 09 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में आम जनता की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

जंबूरी का अवलोकन करने हेतु आने वाले नागरिकों को डे विजिटर पास जारी किया जाएगा। इसके लिए आगंतुकों को जंबूरी स्थल स्थित कंट्रोल रूम में अपना वैध पहचान पत्र एवं आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा। पहचान सत्यापन के पश्चात उन्हें डे विजिटर पास प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वे जंबूरी स्थल में प्रवेश कर विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कर सकेंगे।

बिलासपुर ।
व्हीबी–जी राम जी योजना को लेकर गुरुवार को बिलासपुर में एक बार फिर पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। यह वार्ता केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू द्वारा आयोजित की गई, जिसमें पीआईसी के तत्वावधान में पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना का पक्ष रखा गया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व 7 जनवरी को स्थानीय विधायक द्वारा भी इसी विषय पर पत्रकार वार्ता की जा चुकी है।

लगातार हो रही पत्रकार वार्ताओं से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार आजीविका मिशन से जुड़े इस नए अधिनियम को लेकर स्वयं भी असमंजस और दबाव में नजर आ रही है। मंत्री महोदय ने इसे “लोकतांत्रिक विमर्श” बताया, लेकिन सवाल यह उठता है कि यही लोकतांत्रिक विमर्श नोटबंदी, एकतरफा लॉकडाउन, किसान कानून और श्रम कानून लागू करते समय क्यों नहीं दिखाई दिया।

पूरी योजना में जल और पानी को केंद्र में रखा गया है। इस संदर्भ में प्रसिद्ध समाज सुधारक रहीम का दोहा प्रासंगिक प्रतीत होता है—
“रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून,
पानी गए न ऊबरे, मोती मानस चून।”

व्हीबी–जी राम जी योजना को कई योजनाओं का मिश्रण मात्र बताया जा रहा है। जिस तरह ठेले पर उपलब्ध तमाम व्यंजनों को देखकर ग्राहक भ्रमित हो जाता है और अंततः ‘गटपट’ मंगा लेता है, या रेस्तरां में ‘मिक्स वेज’ पर संतोष कर लेता है—कुछ वैसी ही स्थिति इस योजना की भी दिखाई देती है।

मनरेगा को नए रूप में प्रस्तुत करते हुए इसे विकसित भारत की आधारशिला बताया जा रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि बीते दस वर्षों में लाए गए ‘स्मार्ट सिटी’ जैसे बड़े कॉन्सेप्ट भी ज़मीनी हकीकत में पूरी तरह उतर नहीं पाए। उदाहरण के तौर पर बिलासपुर स्मार्ट सिटी को आज तक घोषित बजट का आधा हिस्सा भी प्राप्त नहीं हो सका।

अब मनरेगा को भ्रष्ट व्यवस्था बताकर नए प्रयोगों के हवाले किया जा रहा है—मानो “बंदरों के हाथ में राम जी” सौंप दिए गए हों। ऐसे में जनता के बीच यह भाव और गहराता जा रहा है कि अब सब कुछ राम भरोसे ही है।

इसी भाव को समेटते हुए अंत में यही पंक्तियाँ सटीक प्रतीत होती हैं—
“जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए।”

बालोद
राज्यपाल श्री रमेन डेका शुक्रवार 09 जनवरी को बालोद जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दुधली में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के शुभारंभ समारोह में शामिल होंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल दोपहर 01.30 बजे रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 01.55 बजे ग्राम दुधली हेलीपैड पहुँचेंगे तथा 02 बजे जंबूरी स्थल पहुंचेंगे। शुभारंभ समारोह में सहभागिता के पश्चात वे दोपहर 03.10 बजे ग्राम दुधली से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

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