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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
हिंसा का त्याग कर लोकतंत्र व विकास की मुख्यधारा में लौटे 18 महिलाएं और 45 पुरुष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश— “बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान”
रायपुर ।
बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। दंतेवाड़ा जिले में राज्य सरकार की “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 36 इनामी सहित कुल 63 माओवादियों— जिनमें 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल हैं — ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया। यह कदम केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य को नई दिशा देने वाला निर्णायक परिवर्तन है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की स्पष्ट, बहुआयामी सुरक्षा एवं विकास रणनीति का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने दो टूक कहा— “हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है, स्थायी शांति का रास्ता संवाद और विकास से होकर ही जाता है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति, सटीक सुरक्षा रणनीति और सुशासन आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण नक्सलवाद अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। माओवादी नेटवर्क का लगातार विघटन हो रहा है और बस्तर के सुदूर अंचलों तक अब तेज़ी से सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी युवाओं को सरकार द्वारा सम्मानजनक पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार एवं आजीविका के अवसर तथा सामाजिक पुनर्स्थापन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर नागरिक बनकर समाज में स्थायी रूप से स्थापित हो सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब भय की पहचान से बाहर निकलकर संभावनाओं और प्रगति की भूमि बन रहा है, जहां शांति, सुशासन और विकास मिलकर एक सुरक्षित और स्वर्णिम भविष्य की नींव रख रहे हैं।
कोलकाता / शौर्यपथ / 8-9 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल में I-PAC (प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित राजनीतिक परामर्श फर्म) के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य में भारी राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है।
इस घटना के बाद की मुख्य घटनाएँ और राजनीतिक हालात निम्नलिखित हैं:
ममता बनर्जी का हस्तक्षेप: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छापेमारी के दौरान स्वयं साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुँच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि ED उनकी पार्टी के चुनावी दस्तावेजों, उम्मीदवार सूचियों और डेटा को "चुराने" की कोशिश कर रही है।
फाइलों की बरामदगी: मुख्यमंत्री को छापेमारी वाली जगह से हाथ में कुछ हरे रंग की फाइलें और हार्ड डिस्क लेकर निकलते देखा गया, जिसे उन्होंने अपनी पार्टी की संपत्ति बताया।
सड़कों पर विरोध प्रदर्शन: ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को "राजनीतिक प्रतिशोध" बताया और 9 जनवरी 2026 को कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इसके साथ ही TMC सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर धरना दिया।
कानूनी कार्रवाई और FIR: पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुख्यमंत्री की शिकायतों के आधार पर ED के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। वहीं, ED ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है और मुख्यमंत्री पर जाँच में बाधा डालने और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए CBI जाँच की मांग की है।
अदालती रुख: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ED की तत्काल सुनवाई की याचिका को खारिज कर दिया और मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 के लिए तय की है।
BJP की प्रतिक्रिया: भाजपा ने ममता बनर्जी के आचरण को "असंवैधानिक" बताया और आरोप लगाया कि वे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कानून की प्रक्रिया में बाधा डाल रही हैं। भाजपा नेताओं ने राज्य में 'जंगलराज' होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे या राष्ट्रपति शासन की मांग की है।
यह पूरा विवाद 2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक युद्ध में बदल गया है, जहाँ TMC इसे "बंगाल की अस्मिता पर हमला" बता रही है और BJP इसे "भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई" कह रही है।
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी ने अत्यंत पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की पहल की है। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम गुडरूमुड़ा में आठ पहाड़ी कोरवा परिवार अब घर बैठे निःशुल्क बिजली का लाभ उठा रहे हैं।
यह पहल प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के अभिसरण से संभव हुई है। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों को स्थायी बिजली सुविधा मिली, बल्कि घरेलू बिजली के खर्च से पूरी तरह मुक्ति भी मिली है।
एक किलोवाट के सोलर प्लांट पर लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की सब्सिडी लगभग 45 हजार रूपए और शेष 15 हजार रुपये डीएमएफ से वहन किए गए। इस समन्वित प्रयास में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी और जिला प्रशासन का योगदान शामिल है।
मंगलू राम और उनके परिवार ने कहा,
"हमारा जीवन संवर जाएगा। अब हमें निरंतर बिजली मिलेगी और बिल का झंझट नहीं रहेगा। विद्युत कंपनी के लोग हर कदम में मदद कर रहे हैं।"
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कहा,
"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता में योजनाओं के अभिसरण का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह पहल पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए स्थायी लाभ लेकर आई है।"
मैनेजिंग डायरेक्टर भीम सिंह ने कहा,
"प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और डीएमएफ के समन्वय से हमने देश में एक नई मिसाल कायम की है। यह पायलट प्रोजेक्ट भविष्य में कई अन्य परिवारों के लिए मार्गदर्शक बनेगा।"
गुडरूमुड़ा का यह प्रोजेक्ट अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए सोलर ऊर्जा और ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल बन गया है। भविष्य में इसे कई अन्य पिछड़ी और जरूरतमंद जनजाति परिवारों तक विस्तार देने की योजना है।
अगर आप चाहें तो मैं इसे और “ब्रेकिंग न्यूज़ / सोशल मीडिया फ्रेंडली” संस्करण भी बना दूँ, जिसमें छोटे पैराग्राफ, इमोजी और बुलेट के साथ मोबाइल पढ़ने वालों के लिए आकर्षक बन जाएगा।
बैठकों में धान खरीदी में किसानों की समस्याओं, वंचित मतदाताओं के नाम जोड़ने और मनरेगा संशोधन के खिलाफ अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधन से ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, और इसे वापस लेने तक अभियान जारी रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा बजट में कटौती कर रोजगार के दिनों को घटा दिया है। छत्तीसगढ़ में औसत केवल 28 दिन बचा है। कांग्रेस मांग कर रही है कि मनरेगा मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन की जाए और संशोधन वापस लिया जाए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आंदोलन को आम आदमी और मजदूरों के हित की लड़ाई बताया और कहा कि केंद्र सरकार को मजबूर करना है कि वह मनरेगा के अधिकारों को बहाल करे। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि संशोधनों के संभावित नुकसान जनता के बीच स्पष्ट किए जाएंगे।
10 जनवरी: जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस, संशोधन के दुष्प्रभावों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
11 जनवरी: एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर।
12–29 जनवरी: पंचायत स्तर पर चौपालें, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क।
30 जनवरी: वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने।
31 जनवरी–6 फरवरी: जिला स्तरीय मनरेगा धरना और ज्ञापन सौंपना।
7–15 फरवरी: राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव।
16–25 फरवरी: क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियां।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, पूर्व मंत्री, जिला अध्यक्ष और युवा नेतृत्व सहित सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। कांग्रेस ने जनता को मनरेगा के संवैधानिक अधिकारों और रोजगार सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत जांच टीम भेजकर मामले की तहकीकात की। जांच में शिक्षक पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासनहीनता और गरिमा के खिलाफ कोई रियायत नहीं होगी।
शिक्षा विभाग ने कहा कि यह कदम केवल सजा देने के लिए नहीं, बल्कि सभी शिक्षकों और अधिकारियों को अनुशासन, जिम्मेदारी और नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए उठाया गया है।
अधिक जानकारी के लिए मुंगेली जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखें।
मुंगेली ।
जवाहर नवोदय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 09वीं और 11वीं में प्रवेश हेतु पार्श्व चयन परीक्षा 07 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस संबंध में प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं।
विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 09वीं में 226 और कक्षा 11वीं में 210 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
विद्यार्थी अपने प्रवेश पत्र निम्न वेबसाइटों से डाउनलोड कर सकते हैं:
कक्षा 09वीं: https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9
कक्षा 11वीं: https://cbseitms.nic.in/2025/nvsxi_11
डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी।
जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी 07 सीए 4923 को रोका गया और तलाशी लेने पर इसमें 150 कट्टी अवैध धान पाया गया। वाहन चालक की पहचान सत्यवान दास मानिकपुरी, निवासी भाटापारा के रूप में हुई, जबकि परिवहन किया जा रहा धान किसान समारू यादव, निवासी दामापुर से संबंधित पाया गया।
प्रकरण में धान सहित वाहन को जब्त कर थाना सरगांव को सुपुर्द किया गया। एसडीएम रेखा चंद्रा ने बताया कि नियमों के अनुसार आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुंगेली ।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी का प्रत्यक्ष उदाहरण पथरिया विकासखंड की ग्राम पंचायत बरदुली की महिला सुष्मिता जाटवर हैं, जिन्होंने संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक सफर तय किया।
सुष्मिता जाटवर पहले आर्थिक रूप से कमजोर थीं। परिवार की सीमित आय और छोटे-छोटे कार्यों पर निर्भरता के कारण उन्हें जरूरतें पूरी करने के लिए साहूकारों से उच्च ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था।
एनआरएलएम के तहत सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड सहायता और बैंक लिंकेज के तहत 50 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने खेत और किराए की जमीन पर कृषि कार्य में निवेश करने और छोटा व्यवसाय शुरू करने में किया।
आज सुष्मिता भिंडी, करेला, लौकी और टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं, जिसे स्थानीय मंडी में बेचकर प्रतिमाह करीब 50 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पहले उनकी आय केवल 3 हजार रुपये प्रतिमाह थी।
आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनका परिवार भी बेहतर जीवन स्तर का अनुभव कर रहा है। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार हुआ, साहूकारों से लिया गया ऋण चुका दिया गया, और अब वह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरक मॉडल बन गई हैं।
भविष्य में सुष्मिता व्यवसाय का विस्तार करने और बैंक सखी के रूप में अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य करेंगी।
मुंगेली ।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। योजना के तहत निर्मित डबरी जैसी जल संरचनाएं ग्रामीण किसानों के लिए स्थायी सिंचाई, अतिरिक्त आय और रोजगार का मजबूत साधन साबित हो रही हैं।
विकासखंड मुंगेली के ग्राम पंचायत रामगढ़ में किसान रामकुमार यादव की निजी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत 1.58 लाख रुपये की लागत से डबरी का निर्माण किया गया। इससे 676 मानव दिवस का सृजन हुआ और किसान को सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन का अवसर मिला। डबरी से प्रति वर्ष लगभग 30–35 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई, जबकि डबरी की मेड़ पर उगाई गई अरहर की फसल से करीब 20 हजार रुपये का लाभ अर्जित किया गया।
इससे पहले सिंचाई संसाधनों की कमी के कारण कृषि उत्पादन सीमित था, लेकिन अब यह डबरी स्थायी जलस्रोत बन गई है, जिसने कृषि के साथ मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों को संभव बनाया।
आयुक्त मनरेगा, रायपुर तारन प्रकाश सिन्हा ने ग्राम रामगढ़ पहुंचकर डबरी का निरीक्षण किया और रामकुमार से संवाद कर आजीविका एवं आय में हुए सकारात्मक बदलाव की जानकारी ली। उन्होंने डबरी निर्माण को ग्रामीण आय संवर्धन का मॉडल बताया।
जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से निर्मित जल संरचनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती हैं। डबरी जैसे कार्य किसानों को सिंचाई, मत्स्य पालन और पशुपालन में बहुआयामी लाभ प्रदान करते हैं। जिला प्रशासन अधिक से अधिक किसानों तक इस लाभकारी योजना को पहुँचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सीईओ जिला पंचायत मुंगेली ने बताया कि डबरी निर्माण से स्थायी परिसंपत्ति के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होता है। ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक अधिकतम रूप से पहुँच सके, जिससे आय वृद्धि और आजीविका सशक्तिकरण स्वाभाविक रूप से संभव हो।
मुंगेली ।
राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, जनसेवा की गुणवत्ता और मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को शासन-प्रशासन की सकारात्मक छवि दिखाई दे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंचे, यह प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वन मंडलाधिकारी अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, तीनों अनुविभागों के एसडीएम और सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आदिवासी विकास विभाग: छात्रावासों में पेयजल, बिजली, बिस्तर और अन्य सुविधाओं की सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा; ग्राम जाकड़बांधा में अवैध वृक्ष कटाई पर तत्काल कार्रवाई।
राजस्व विभाग: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और ऋण पुस्तिका से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण; पटवारियों द्वारा अनावश्यक चक्कर न लगवाने के निर्देश।
शिक्षा विभाग: पाठ्यपुस्तक वितरण, नि:शुल्क साइकिल, पीएम श्री योजना, न्योता भोजन कार्यक्रम का समयबद्ध क्रियान्वयन; शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना।
श्रम विभाग: श्रमिकों को आवास योजना और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु शिविरों और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था।
महिला एवं बाल विकास: कुपोषण पर नियंत्रण, महतारी वंदन और मातृवंदना योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान भारत, जीवन धारा, कुष्ठ उन्मूलन, डायरिया नियंत्रण और सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा।
उद्योग विभाग: जिले में उद्योग विस्तार हेतु ठोस कार्ययोजना।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग: जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल और पाइपलाइन कार्य में समुचित समतलीकरण।
लोक निर्माण विभाग: खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मत और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का समयबद्ध निर्माण; पीएमजीएसवाई परियोजनाओं का तेजी से पूरा करना।
धान खरीदी केंद्र: सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश।
कलेक्टर ने सभी विभागों की प्रगति की जानकारी दी। इसमें छात्रावासों का नियमित निरीक्षण, मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं एटीआर बफर क्षेत्र में मोबाइल टावर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, आजीविका डबरी, सामाजिक ऑडिट सहित अन्य उपलब्धियों का विवरण शामिल था।
पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, ऑपरेशन बाज और जागरूकता कार्यक्रमों की रिपोर्ट दी, जिसमें 12 लाख रुपये से अधिक साइबर ठगी की राशि नागरिकों को वापस कराई गई। वन विभाग ने अतिक्रमण मामलों में सख्त कार्रवाई और ‘एक पेड़ मां के नाम’ योजना की प्रगति से अवगत कराया।
मंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि जनता को शासन की योजनाओं का समय पर और समुचित लाभ मिल सके।
? नगर निगम की समीक्षा बैठक में धीमे कार्यों पर कड़ा रुख
? 15वें वित्त आयोग व अधोसंरचना मद के कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तलब
? नागरिकों को समय पर मिले विकास का लाभ—अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
दुर्ग |
महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में नगर निगम के लोक कर्म प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में शहर में संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा बैठक ली।
बैठक में कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, सहायक अभियंता संजय ठाकुर, राजेन्द्र धाबाले, विनोद मांझी, मोहित मरकाम, अर्पणा मिश्रा, करण यादव, पंकज साहू, प्रेरणा दुबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लोक कर्म प्रभारी ने अधोसंरचना मद एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत तथा प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए उनकी अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
देवनारायण चंद्राकर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर विकास कार्यों का लाभ मिल सके।
समीक्षा के दौरान निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। प्रभारी ने चेतावनी दी कि जिन एजेंसियों के कारण कार्यों में देरी हो रही है, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल कार्य कराना नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है, जिससे शहरवासियों को बेहतर और स्थायी सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
राजनांदगांव, ।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में संचालित धान खरीदी अभियान से किसानों में उत्साह और संतोष का माहौल है। शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान खरीदी की जा रही है।
जिले में धान खरीदी के सुचारू संचालन हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाइस, श्रमिकों की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आर्द्रता मापी यंत्रों के माध्यम से धान की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य एवं खरीदी संबंधी जानकारी प्रदर्शित की गई है।
धान बिक्री के लिए किसान ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे समय की बचत हो रही है और किसानों को सुविधा मिल रही है। धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है तथा कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान खरीदी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक जिले में 84,398 पंजीकृत किसानों से 44,11,868.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल कीमत 1047 करोड़ 41 लाख 77 हजार रुपये है। धान का उठाव भी निरंतर जारी है और अब तक 11,89,219.50 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है।
धान खरीदी अभियान की सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान से जिले के किसानों में संतोष और भरोसा बढ़ा है।
राजनांदगांव ।
ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मिशन जल रक्षा के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा एवं फरहद में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल तथा बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर संरचनाओं का अवलोकन किया।
इसके अतिरिक्त ग्राम भंवरमरा में निर्मित ऑक्सीजोन संरचना का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने भू-जल संवर्धन से जुड़ी तकनीकी विशेषताओं पर अधिकारियों से चर्चा की तथा समीप निर्मित बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर के निर्माण कार्य को भी देखा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि बोरवेल रिचार्ज सॉफ्ट सेंटर एक प्रभावी एवं उपयोगी तकनीक है, जिसके माध्यम से असफल बोरवेल में पुनर्भरण कर भू-जल स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में जल संरक्षण के लिए नवीन तकनीकों के अधिकाधिक विस्तार के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर जल संरचनाओं के उपयोग, रख-रखाव तथा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्ता, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू, फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
