January 09, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

 रायपुर / शौर्यपथ /

ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और 'विकसित भारत ञ्च2047Ó के राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा एक ऐतिहासिक पहल के तहत 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (व्हीबी जी राम जी) अधिनियम 2025Ó लागू किया गया है। इस नए अधिनियम के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिनियम के लिए जिला एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं एवं ग्राम सभा में चर्चा के बिंदु हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष ग्राम सभा के आयोजन के दौरान ग्राम पंचायतों में गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा तथा ग्राम सभा की तिथि व समय का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति - जनजाति परिवारों एवं अन्य कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में व्हीबी जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों, बढ़ी हुई रोजगार गारंटी तथा विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा और मार्गदर्शन दिया जाएगा। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं की मुद्रित प्रतियां भी वितरित की जाएंगी एवं विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी।

24 और 26 दिसंबर को विशेष ग्राम पंचायतों का होगा आयोजन
निर्देशों के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें व्हीबी जी राम जी योजना को एजेंडा में शामिल किया जाएगा। अनूसूचित क्षेत्रों को छोड़कर शेष ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर 2025 को 'विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)Ó के प्रति जनजागरूकता हेतु विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा।

संपूर्ण कार्यवाही पंचायत निर्णय एप पर होगी अपलोड
विशेष ग्राम सभा की संपूर्ण कार्यवाही, फोटो एवं वीडियो को वास्तविक समय में 'पंचायत निर्णयÓ मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाएगा। साथ ही वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की मिलेगी वैधानिक गारंटी
यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अधिकार को और मजबूत करता है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग के बावजूद समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य सरकार की बाध्यता होगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा। कार्य योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होंगी, जिससे ग्राम स्तर पर निर्णय और पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशासनिक मद की सीमा बढ़ाकर की गई 9 प्रतिशत
प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है, जिससे फील्ड स्तर के कर्मचारियों की सेवाएं सुदृढ़ होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और नए अधिनियम के लागू होने से रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। राज्य शासन इस अधिनियम के द्वारा ग्रामीण रोजगार, आजीविका, पारदर्शिता और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है जिससे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेंगे।

   मुंगेली / शौर्यपथ / जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल करते हुए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आगामी 100 दिनों तक विशेष जागरूकता एवं गतिविधि आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती अंजुबाला शुक्ला के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 27 नवंबर 2024 को प्रारंभ किए गए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने पर इसे दूसरे चरण के रूप में व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता एवं सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है। प्रशासन द्वारा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 10 मार्च 2024 को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया गया था। इसी क्रम में जिला मुंगेली वर्ष 2025-26 में 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। वर्तमान में 50 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों द्वारा बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2029 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय टीम द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पूर्व लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत जिले की शैक्षणिक संस्थाओं, धार्मिक स्थलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संघों, डीजे एवं बैंड संचालकों से संवाद कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही शिविरों के माध्यम से लोगों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया जा रहा है।

  मोहला / शौर्यपथ /

श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना निर्माण श्रमिकों के लिए दुर्घटना एवं गंभीर बीमारियों की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को दुर्घटना, स्वास्थ्य उपचार एवं गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा कराने पर वास्तविक व्यय अथवा अधिकतम 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए स्वास्थ्य सहायक उपकरणों हेतु भी सहायता का प्रावधान किया गया है। दृष्टिबाधित श्रमिकों को चश्मा हेतु 1 हजार रुपए, कृत्रिम दंत हेतु 5 हजार रुपये तथा श्रवण बाधित यंत्र हेतु 6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यदि कोई श्रमिक 15 दिवस से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहता है, तो उस अवधि में घोषित न्यूनतम वेतन के मान से 15 दिवस के बराबर वेतन की प्रतिपूर्ति मंडल द्वारा की जाएगी। योजना के अंतर्गत मंडल में निरंतर तीन वर्ष तक पंजीकृत श्रमिक यदि हृदय शल्य क्रिया, गुर्दा या लीवर प्रत्यारोपण, मस्तिष्क अथवा रीढ़ की हड्डी की शल्य क्रिया, घुटना प्रत्यारोपण, कैंसर उपचार या लकवा जैसी गंभीर बीमारियों से पीडि़त होते हैं, तो उनके बेहतर इलाज, दवा एवं चिकित्सा हेतु वास्तविक व्यय अथवा अधिकतम 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता राशि प्रदेश में संचालित आयुष्मान भारत योजना एवं खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अतिरिक्त होगी।
पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया

योजना के लिए 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत निर्माण श्रमिक पात्र होंगे। श्रमिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से विभागीय वेब पोर्टल, श्रमेव जयते मोबाइल ऐप, किसी भी चॉइस सेंटर, संबंधित श्रम कार्यालय अथवा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ श्रमिक पंजीयन परिचय पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, अस्पताल द्वारा जारी उपचार संबंधी प्रमाण पत्र तथा दुर्घटना की स्थिति में एफआईआर रिपोर्ट की स्कैन प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन की जांच उपरांत पात्रता अनुसार सहायता राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हितग्राही के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।

  मुंगेली / शौर्यपथ / ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 600 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के समन्वय (कन्वर्जेन्स) से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।
आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों में आवश्यक सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित होगी। इससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन, रोजगार सृजन और आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाएगी।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि आजीविका डबरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी मॉडल है। विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से यह योजना लोगों को बहुआयामी लाभ प्रदान करेगी। जिले में 600 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे मनरेगा योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण के लिए आगे आएँ और इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएँ।

   मुंगेली / शौर्यपथ / शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले में "प्रशासन गांव की ओर" थीम पर 25 दिसंबर तक सुशासन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित लाभ सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत रोहराकला एवं टेमरी में जनसमस्या समाधान सह सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविरों में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में आमजन की समस्याओं का निराकरण किया गया।
ग्राम पंचायत रोहराकला में आयोजित शिविर के दौरान कुल 436 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 154 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम पंचायत टेमरी में आयोजित शिविर में 308 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 155 मामलों का त्वरित निराकरण किया गया, शेष प्रकरणों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह अचानकमार में आमजनों द्वारा विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित 235 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं के तहत लाभान्वित भी किया गया।
ग्राम पंचायत रोहराकला में आयोजित शिविर में विधायक बिल्हा विधानसभा श्री धरमलाल कौशिक शामिल हुए। उन्होंने आमजनों को शिविर का लाभ उठाने प्रेरित करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति, महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त भुगतान, सुव्यवस्थित धान खरीदी, आयुष्मान भारत योजना से नि:शुल्क उपचार, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे, संस्थागत प्रसव एवं सुपोषण अभियान के प्रभावी परिणामों की जानकारी दी। इस दौरान जिला पंचायत सभापति श्रीमती अनीला देवेंद्र राजपूत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा मनीष जांगड़े, जनपद सभापति श्री रिंकू ठाकुर, जनपद सदस्य श्री अश्वनी वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रायपुर/शौर्यपथ /

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार अव्यवस्था और शिकायतों की सूचनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
बघेल के अनुसार बोवाई के समय किसानों को डीएपी की एक बोरी तक उपलब्ध नहीं कराई गई और अब धान कम खरीदने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वन ग्रामों और पट्टाधारी किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है तथा बड़ी संख्या में किसानों के रकबे एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन न होने से कट गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खरीदी केंद्रों पर हर कट्टे में लगभग एक किलो अतिरिक्त धान किसानों से लिया जा रहा है, जिसके चलते केंद्रों में 'अतिरिक्त धानÓ का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन पोर्टल कुछ ही मिनटों में बंद हो जाता है, जबकि ऑफलाईन खरीदी में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपने लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने मिलर्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई राइस मिलरों ने अभी तक एग्रीमेंट नहीं किया है, जिसके कारण उठाव बाधित है और सीधे तौर पर किसानों को नुकसान हो रहा है।
धर्मांतरण मामले में कांकेर बंद पर प्रतिक्रिया
कांकेर में धर्मांतरण प्रकरण को लेकर कल सामाजिक बंद और चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समर्थन के मामले में बघेल ने कहा कि कांग्रेस जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ है, लेकिन इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंद के पीछे कुछ ठोस कारण अवश्य होंगे, परंतु मूल प्रश्न समाधान का है। उन्होंने पूछा कि भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसी घटनाएँ क्यों बढ़ी हैं।
महतारी गौरव वर्ष पर हमला
राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष को 'महतारी गौरव वर्षÓ घोषित करने पर बघेल ने कहा कि सरकार का व्यवहार ही महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना में करोड़ों महिलाओं को धोखा दिया गया है और राशन कार्डों से 30 लाख नाम हटाए गए हैं। बघेल ने गोधन न्याय योजना, रीपा और बिहान की स्थिति को भी खराब बताया तथा कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं।
झीरम कांड पर जेपी नड्डा के बयान का जवाब
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के झीरम घाटी मामले को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि नक्सलियों से सांठगांठ भाजपा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नक्सली भाजपा नेताओं से लेवी मांगने एकात्म परिसर तक पहुंचते थे।उन्होंने कहा कि एनआईए ने जांच पूरी नहीं की और भाजपा सरकारों ने हमेशा जांच को रोका। बघेल ने दोहराया कि झीरम कांड एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका लाभ भाजपा को मिला।
चैतन्य बघेल केस में सेंसेशन फैलाने का आरोप
चैतन्य बघेल के खिलाफ कोर्ट में पेश चार्जशीट पर बघेल ने कहा कि छह सप्लीमेंट्री में उनका नाम नहीं था, लेकिन अब बिना आधार के सनसनी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे के व्हाट्सऐप चैट और पप्पू बंसल के बयान पर केस खड़ा किया जा रहा है, जबकि बयान चालान में शामिल तक नहीं है।उन्होंने इसे राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि उनकी और परिवार की पुरानी संपत्तियों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।

   बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आज छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का शानदार शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सामथ्र्य को सलाम करते हुए कहा कि "युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं" और सरकार हर क्षेत्र में उन्हें नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026 के शुभंकर 'मोर वीरÓ, थीम सॉन्ग और खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण से हुई। अबूझमाड़ के युवा खिलाडिय़ों ने शानदार मलखंब प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि- मलखंब खिलाडिय़ों को 1लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को भी प्रोत्साहन राशि मिलेगी।अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का पूरा खर्च राज्य सरकार देगी।
उन्होंने बताया कि इस युवा महोत्सव में प्रदेश के 3,000 से अधिक युवा शामिल हुए हैं, जो 14 सांस्कृतिक और 6 साहित्यिक एवं व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं। विजेता प्रतिभागी आगामी वर्ष नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार युवाओं की सहभागिता यह साबित करती है कि राज्य तीव्र गति से विकास और शांति की ओर बढ़ रहा है। जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का संकल्प सरकार ने पुन: दोहराया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने भी युवाओं को संबोधित किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा में आगामी समय में ओलंपिक स्तर के खेल आयोजन कराने की घोषणा की। बदलते हुए छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति आज नए उत्साह और नई उमंग के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराने के लिए तैयार दिखी।

GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण

रायपुर / शौर्यपथ /

भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोडऩे की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (क्करू स्श्वञ्ज) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (रूशह्य) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे।

कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट
निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया। लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (रूरूञ्जक्क्र) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।
यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (रूहृछ्वक्करु) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है।
परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी।

विविध क्षेत्रों में निवेश -मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र
गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुन: पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।

"छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोडऩे पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।"
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नई दिल्ली। शौर्यपथ  ।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की मांग के बाद उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी खुले तौर पर इस विचार के समर्थन में सामने आ गए हैं। वाड्रा का कहना है कि प्रियंका को आगे लाने की मांग सिर्फ एक जगह से नहीं,बल्कि हर तरफ से उठ रही है।
गौरतलब है कि संसद के हालिया शीतकालीन सत्र में राहुल गांधी की विदेश यात्रा के बाद से प्रियंका की सक्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा पहले से ही तेज थी। वाड्रा का यह बयान कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही संभावित खींचतान को और उभारता दिख रहा है।
जब रॉबर्ट वाड्रा से इमरान मसूद के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मांग तो सब जगह से है कि प्रियंका आगे आएं। मांग यह भी है कि मुझे राजनीति में आना चाहिए। लेकिन अभी हमें असली मुद्दों पर फोकस करना है, जो लोगों से जुड़े हैं।"
उधर, इमरान मसूद ने मंगलवार को दावा किया था कि अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री होतीं, तो वह बांग्लादेश की घटनाओं पर इंदिरा गांधी की तरह करारा जवाब देतीं। उन्होंने कहा, "उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे कैसी प्रतिक्रिया देती हैं।"
प्रियंका गांधी ने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पड़ोसी देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि धर्म और पहचान के आधार पर हिंसा किसी भी सभ्य समाज में अक्षम्य है और भारत सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।

जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ

रायपुर । शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम में 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का सौभाग्य मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के उत्कृष्ट अवसर मिल रहे हैं और पूरे देश-प्रदेश में खेलों के प्रति उत्साहजनक वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य में खेलों का विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया के नए परिसरों की शुरुआत की गई है, जिससे उभरते खिलाडिय़ों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। राज्य में आयोजित होने वाले खेल अलंकरण समारोह के जरिए भी खिलाडिय़ों को खास प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार ने घोषणा की है कि ओलंपिक में शामिल होने वाले एथलीट को 21 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़, रजत पर 2 करोड़ और कांस्य पदक पर 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 22 से 30 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, आर्चरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मोरारका, महासचिव आयुष मोरारका, ईश्वर प्रसाद अग्रवाल सहित विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी, कोच, मैनेजर, गणमान्यजन और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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