August 24, 2026
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    भारत

    भारत (1085)

    नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की अप्रैल 2026 रिपोर्ट के अनुसार, नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) के आधार पर भारत वर्तमान में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर भारत ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है।

    हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण नॉमिनल जीडीपी रैंकिंग में भारत एक स्थान नीचे खिसक गया है, लेकिन देश की वास्तविक आर्थिक मजबूती और विकास दर पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

    पिछले पांच वर्षों में भारत की वैश्विक जीडीपी रैंकिंग

    2022: भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल किया।

    2023: तेज आर्थिक विकास दर के दम पर भारत 5वें स्थान पर कायम रहा।

    2024: ब्रिटेन पर बढ़त बनाए रखते हुए भारत ने 5वां स्थान बरकरार रखा।

    2025: मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक सुधारों के चलते भारत कुछ समय के लिए 4थे स्थान तक पहुंचा और जापान को पीछे छोड़ने में सफल रहा।

    2026: विनिमय दरों में बदलाव के कारण भारत फिलहाल 6वें स्थान पर है, जबकि जापान और ब्रिटेन उससे आगे निकल गए हैं।

    तेज विकास दर से दुनिया का ध्यान भारत पर

    अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत घरेलू बाजार, बढ़ता निवेश, डिजिटल क्रांति, विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार और आधारभूत संरचना पर हो रहा बड़ा निवेश है। यही कारण है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत लगातार विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

    2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान

    IMF और विभिन्न वैश्विक आर्थिक संस्थानों के आकलन के अनुसार, यदि वर्तमान विकास दर और आर्थिक सुधारों की गति बनी रहती है तो वर्ष 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यह उपलब्धि भारत को अमेरिका और चीन के बाद वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

    नई दिल्ली: 9 जून 2026 की तारीख देश के इतिहास में एक ऐसे सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जहां एक तरफ भारत ने वैश्विक राजनीति और रणनीतिक ऊंचाइयों को छुआ, तो दूसरी तरफ खेल के मैदान और बुनियादी ढांचे में नए कीर्तिमान स्थापित किए। आइए रुख करते हैं आज की उन बड़ी और धमाकेदार राष्ट्रीय सुर्खियों पर, जिन्होंने पूरे देश को गौरव से भर दिया:

    ? ऐतिहासिक राजनीतिक मील का पत्थर: मोदी सरकार के 12 साल बेमिसाल

    भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने 12 वर्ष (3 कार्यकाल) का ऐतिहासिक सफर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। याद दिला दें कि 9 जून 2024 को उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल की शपथ ली थी, जिसके बाद से देश निरंतर विकास की नई परिभाषाएं गढ़ रहा है।

    ?️ रणनीतिक और बुनियादी ढांचा बुलेटिन: ज़ोजिला में कामयाबी, लद्दाख अब दूर नहीं!

    ज़ोजिला टनल (Zojila Tunnel) में बड़ी सफलता: कश्मीर और लद्दाख को हर मौसम में एक-दूसरे से जोड़े रखने वाली देश की सबसे रणनीतिक ज़ोजिला सुरंग परियोजना में आज एक बहुत बड़ा 'ब्रेकथ्रू' (Breakthrough) हासिल कर लिया गया। अब कड़कड़ाती सर्दियों और भारी बर्फबारी में भी लद्दाख तक भारतीय सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

    डिजिटल हुआ सीमा पार व्यापार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का भव्य शुभारंभ किया। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म देश के 15 लैंड पोर्ट्स पर सीमा पार होने वाले व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से पारदर्शी और पेपरलेस बनाएगा।

    ? स्पोर्ट्स डेस्क: खेल के मैदान से आईं दो बड़ी स्वर्णिम खुशियां!

    खेल प्रतियोगिता भारत का प्रदर्शन प्रतिद्वंदी टीम / स्कोर उपलब्धि

    सैफ (SAFF) महिला फुटबॉल शानदार जीत बांग्लादेश को 3-1 से हराया छठी बार चैंपियन ?

    पुरुष अंडर-18 एशिया कप हॉकी स्वर्ण पदक जापान को फाइनल में दी शिकस्त तीसरी बार खिताब ?

    महिला अंडर-18 एशिया कप हॉकी कांस्य पदक दक्षिण कोरिया को 3-0 से रौंदा तीसरा स्थान ?

    ? नीतिगत और सरकारी घोषणाएं: योजनाओं में बड़े बदलाव

    ? ₹33,660 करोड़ की 'भव्य' (BHAVYA) योजना: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने देश में 100 विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से BHAVYA डिजिटल पोर्टल को लॉन्च कर दिया है।

    ? कोल एक्सचेंज रूल्स, 2026: कोयला मंत्रालय ने देश के कोयला बाजार में पारदर्शिता और बाजार-संचालित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए नियमों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया।

    ? उज्ज्वला योजना में कटौती: केंद्र सरकार ने बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत मिलने वाले रियायती सिलेंडरों की संख्या सालाना 9 से घटाकर 4 कर दी है। अब लाभार्थियों को केवल शुरुआती 4 रिफिल पर ही ₹300 की सब्सिडी दी जाएगी।

    ⚖️ रक्षा और न्याय व्यवस्था: SIPRI की रिपोर्ट और एमपी का सियासी घमासान

    परमाणु ताकत में बढ़ा भारत का दम: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि भारत का परमाणु हथियार भंडार बढ़कर 190 वारहेड्स तक पहुंच गया है, और भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना हुआ है।

    राज्यसभा चुनाव पर अदालती साया: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सूबे में भारी राजनीतिक घमासान मच गया है, जिसके बाद कांग्रेस ने इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।

    ?️ मौसम और अन्य हादसे: कहीं राहत, कहीं आफत

    मौसम का डबल रोल: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी रफ्तार पकड़ ली है। इसके विपरीत, दिल्ली, यूपी समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाके अब भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के टॉर्चर से जूझ रहे हैं।

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में धमाका: विशाखापत्तनम के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) प्लांट में एक दुखद ब्लास्ट के कारण 8 श्रमिकों की जान चली गई। सरकार ने हादसे की गहराई से जांच के लिए तुरंत 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है।

    'द शौर्यपथ टाइम्स' का आज का विशेष समाचार बुलेटिन यहीं समाप्त होता है। देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ!

    CPA नॉर्थ ज़ोन सम्मेलन संपन्न, विकसित भारत-2047 के लिए चार अहम संकल्प पारित

    जनभागीदारी, विधायकों के प्रशिक्षण, AI के उपयोग और विधायी निगरानी को मिलेगा बढ़ावा

    चंडीगढ़/नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में लगातार होने वाले व्यवधान लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण, संवाद और सार्थक बहस के माध्यम से जनता का विश्वास मजबूत करना होगा।

    कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन अवसर पर श्री बिरला ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में भेजा है, इसलिए उनके व्यवहार और कार्यशैली का सीधा प्रभाव समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि "जैसा नेतृत्व होगा, वैसा ही समाज का स्वरूप भी विकसित होगा।"

    उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल मजबूत संसदीय और विधायी संस्थाओं के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने, विधायकों की क्षमता विकसित करने और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

    राज्यों के विकास से ही बनेगा विकसित भारत

    लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के संघीय ढांचे में राज्यों और केंद्र सरकार का समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यों का समग्र विकास ही राष्ट्रीय विकास का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का समाधान नए विचारों और नवाचारों से ही संभव है तथा सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझाव इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

    उन्होंने युवाओं और महिलाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अधिक भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि छात्र जीवन से ही संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित की जानी चाहिए।

    12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने की भागीदारी

    8-9 जून को चंडीगढ़ में आयोजित इस सम्मेलन में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित 12 राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण तथा अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

    सम्मेलन में पारित हुए चार प्रमुख संकल्प

    1. जन-जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा

    आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों और विधायकों के बीच संवाद बढ़ाने तथा तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के जरिए जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।

    2. विधायकों की क्षमता निर्माण

    निरंतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, अनुसंधान सहयोग और श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं के आदान-प्रदान के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को अधिक सक्षम बनाने पर सहमति बनी।

    3. विधायी निगरानी और जनविश्वास

    नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में नागरिकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    4. AI और डिजिटल तकनीकों का विस्तार

    सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।

    मुख्य संदेश

    चंडीगढ़ सम्मेलन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकसित भारत-2047 का मार्ग मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं, जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और जवाबदेह शासन से होकर गुजरता है। सम्मेलन में पारित चारों संकल्प आने वाले वर्षों में देश की संसदीय और विधायी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा तय करेंगे।

    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भले ही कई राज्यों में मजबूत स्थिति में हो, लेकिन दक्षिण भारत के कई प्रमुख राज्यों में पार्टी अभी भी व्यापक जनाधार बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। उपलब्ध विधानसभा आंकड़ों के अनुसार केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और झारखंड की कुल 971 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास केवल 97 विधायक हैं, जो कुल सीटों का लगभग 10 प्रतिशत है।

    केरल और तमिलनाडु में भाजपा का सीमित प्रभाव

    आंकड़ों के अनुसार केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के केवल 3 विधायक हैं, जबकि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की उपस्थिति मात्र 1 विधायक तक सीमित है। यह दर्शाता है कि इन राज्यों में पार्टी अभी भी क्षेत्रीय और पारंपरिक दलों के मजबूत प्रभाव को चुनौती नहीं दे पाई है।

    कर्नाटक बना सबसे बड़ा आधार

    दक्षिण भारत में भाजपा का सबसे मजबूत प्रदर्शन कर्नाटक में दिखाई देता है। 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 62 विधायक हैं। हालांकि पार्टी सत्ता से बाहर है, लेकिन विपक्ष के रूप में उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

    आंध्र प्रदेश में भी सीमित प्रतिनिधित्व

    175 सीटों वाली आंध्र प्रदेश विधानसभा में भाजपा के केवल 8 विधायक हैं। राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का दबदबा होने के कारण भाजपा को अभी लंबा राजनीतिक सफर तय करना है।

    झारखंड और पंजाब में भी चुनौती

    झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि पंजाब की 117 सीटों में भाजपा के केवल 2 विधायक हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के प्रभाव के बीच भाजपा का संगठन विस्तार अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

    राज्यवार स्थिति

    राज्य

    कुल विधानसभा सीटें    भाजपा विधायक  केरल

    140    3

    तमिलनाडु  234      1

    कर्नाटक  224

    62

    आंध्र प्रदेश   175

    8

    पंजाब  117

    2

    झारखंड   81

    21

    कुल    971

    97

    राजनीतिक विश्लेषण

    इन छह राज्यों के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय विस्तार होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में उसे अभी भी मजबूत क्षेत्रीय दलों, स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और पंजाब जैसे राज्यों में पार्टी का जनाधार सीमित है, जबकि कर्नाटक और झारखंड भाजपा के लिए अपेक्षाकृत मजबूत आधार बने हुए हैं।

     

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी पार्टी, अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर पर होगा शक्ति प्रदर्शन

    नई दिल्ली, । जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी लड़ाई को और तेज करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तो आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।

    पार्टी का आरोप है कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच घंटे तक प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने आगे की रणनीति की घोषणा की।

    देशभर में होगा विरोध प्रदर्शन

    CJP नेतृत्व का कहना है कि अब आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न राज्यों में संगठित कर जिला एवं राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। संगठन का दावा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों समर्थकों की ताकत को अब जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।

    अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर में जुटेंगे समर्थक

    प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो अगले शनिवार को एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि इस बार पहले से अधिक संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक आंदोलन में भाग लेंगे।

    डिजिटल सेना को जमीनी ताकत में बदलने की तैयारी

    सोशल मीडिया अभियानों और राजनीतिक व्यंग्य के माध्यम से चर्चा में आई CJP अब अपनी ऑनलाइन लोकप्रियता को वास्तविक जनआंदोलन में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिसका प्रभाव आगामी दिनों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

    शौर्यपथ विश्लेषण

    जंतर-मंतर का यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली, युवाओं के विश्वास और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे व्यापक सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और अगले सात दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो इस आंदोलन की दिशा और प्रभाव तय करेंगे।

    नई दिल्ली: 08 जून 2026 का दिन देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मोर्चे पर भारी उठापटक का गवाह रहा। राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ विपक्षी खेमे ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू की, वहीं दूसरी तरफ आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ डाल दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कल दिनभर की उन प्रमुख खबरों को, जो आज के अखबारों की मुख्य सुर्खियां बनी हैं:

    1. दिल्ली में विपक्षी एकजुटता: 'इंडिया' गठबंधन की महाबैठक

    आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कल नई दिल्ली में विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। देश की 23 प्रमुख विपक्षी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने एक मंच पर आकर 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आने वाले चुनावों के मद्देनजर सीटों के तालमेल, साझा एजेंडे और सरकार को घेरने की रणनीतियों पर घंटों गहन मंथन किया गया।

    2. रसोई का बजट बिगड़ा: एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा

    आम आदमी के घरेलू बजट को कल एक और करारा झटका लगा। देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की सीधी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस नए इजाफे के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर अब ₹942 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे गृहणियों की चिंताएं बढ़ गई हैं。

    3. पंजाब में भड़का आक्रोश: 17 जिलों में किसानों का उग्र प्रदर्शन

    अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब में एक बार फिर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। कल पंजाब के 17 जिलों में किसानों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके। किसानों की मुख्य नाराजगी भूमि अधिग्रहण की नीतियों और खेतों के लिए बेहद जरूरी यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

    4. रेल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर: शुरू हुआ विशेष अभियान

    रेलवे सेक्टर से एक सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कड़े निर्देशों के बाद, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक अभूतपूर्व और विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं का महज 24 घंटे के भीतर निवारण करना है। इसके साथ ही, ट्रेनों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए 'कोच सुरक्षा' पर भी इस अभियान के तहत विशेष फोकस किया जा रहा है।

    शौर्यपथ दैनिक समाचार विश्लेषण: कल की घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि जहां एक ओर देश में चुनावी बिसात बिछने लगी है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी जरूरतें (गैस, खाद और सुरक्षा) जनता और सरकार के बीच संवाद और संघर्ष का मुख्य केंद्र बिंदु बनी हुई हैं।

    विशाखापत्तनम/शौर्यपथ। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (क्रढ्ढहृरु) द्वारा संचालित विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र (ङ्कद्ब5ड्डद्द स्ह्लद्गद्गद्य क्कद्यड्डठ्ठह्ल) में सोमवार, 8 जून 2026 को एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना हो गई। हादसे में कम से कम 8 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद पूरे संयंत्र क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग 4:40 बजे स्टील प्लांट की स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (स्रूस्-1) के कंटीन्यूअस कास्टिंग डिपार्टमेंट (ष्टष्टष्ठ) की मशीन-2 में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला हुआ स्टील ले जा रहा एक लेडल (विशाल कंटेनर) अचानक फट गया।

    लेडल फटते ही सैकड़ों टन पिघला हुआ स्टील शॉप फ्लोर पर फैल गया, जिससे भीषण आग भड़क उठी और पूरे क्षेत्र में घना धुआं फैल गया। पिघले हुए स्टील की चपेट में आने से कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 8 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ कर्मचारियों के यूनिट के भीतर फंसे होने की आशंका के चलते देर शाम तक बचाव अभियान जारी रहा।

    घटना की सूचना मिलते ही संयंत्र का आपातकालीन सुरक्षा दल, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई की गई।

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संयंत्र प्रबंधन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    इस गंभीर औद्योगिक दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विस्तृत जांच शुरू की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी अथवा सुरक्षा मानकों में चूक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में से एक विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

    नई दिल्ली/ एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
    प्रधानमंत्री ने सोमवार शाम सोशल मीडिया मंच ङ्ग पर जारी अपने संदेश में कहा कि वह विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से अनुग्रह सहायता राशि की घोषणा करते हुए कहा कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा—
    "विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।"
    उन्होंने आगे कहा कि पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

      नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब जीतने वाली भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया।
    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारतीय टीम ने फाइनल में यादगार जीत दर्ज कर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं में हॉकी के प्रति बढ़ते उत्साह और लोकप्रियता को दर्शाती है।
    श्री मोदी ने टीम के सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आने वाली प्रतियोगिताओं में भी सफलता की उम्मीद जताई।

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