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April 13, 2026
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भारत

भारत (992)

  नई दिल्ली / एजेंसी / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पाड़वा, चेटी चांद, नवरेह और सादिबुचेरोबा के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुडी पड़वा, चेती चांद, नवरेह और सादिबुचेरोबा के शुभ अवसर पर, मैं देश-विदेश में रहने वाले सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।
नव वर्ष के आगमन पर मनाए जाने वाले ये पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध के प्रतीक हैं। उत्सव नई आशाओं, नए संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। हमारी संस्कृत के वाहक ये पर्व मिलकर खुशियां बांटने की हमारी गौरवशाली परंपरा को भी दर्शाते हैं।
मैं कामना करती हूं कि ये सभी त्यौहार भारत के विभिन्न समुदायों को प्रेम, सौहार्द और स्नेह के बंधन में बांधें और सभी के लिए खुशहाली तथा सुख-समृद्धि लेकर आएं।”

नई दिल्ली / 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात कर त्योहार की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री ने कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की और आगामी ईद के त्योहार की शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान, श्री मोदी और युवराज ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर विचार-विमर्श किया और हाल के घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की भारत की निंदा को दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक जुड़ाव को अनिवार्य माना। प्रधानमंत्री ने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए युवराज द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

"कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बात की और आगामी ईद के त्योहार पर बधाई दी।
हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर विचार-विमर्श किया और हाल के घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की। हमने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय जुड़ाव पर हमलों की भारत की निंदा को दोहराया। होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक जुड़ाव अनिवार्य बना हुआ है। मैंने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।"

  नई दिल्ली/पटना। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया सोमवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। इनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों पर बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मतदान हुआ। सुबह 9 बजे शुरू हुई वोटिंग के बाद मतगणना हुई और नतीजे घोषित किए गए।

इस बार सबसे अधिक राजनीतिक नजरें बिहार की 5 सीटों पर टिकी हुई थीं, जहां 6 उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया था। अंततः परिणामों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन करते हुए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर ली

बिहार में एनडीए का दबदबा

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों नीतीश कुमार (JDU), नितिन नवीन (BJP), उपेंद्र कुशवाहा (RLM), शिवेश राम (BJP) और रामनाथ ठाकुर (JDU) को जीत मिली।
महागठबंधन की ओर से आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह मैदान में थे, लेकिन समीकरण उनके पक्ष में नहीं बन पाए।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जिससे महागठबंधन की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा। द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के आधार पर एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम की जीत सुनिश्चित हो गई। हालांकि परिणामों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है

तेजस्वी यादव का आरोप

परिणाम आने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में धनतंत्र और मशीनतंत्र का इस्तेमाल किया गया

तेजस्वी यादव ने कहा,
“हमारी जितनी भी संख्या होती, हम भाजपा से लड़ते। अगर हमारे विधायकों ने धोखा नहीं दिया होता तो हम यह चुनाव जीत सकते थे। हमारे विधायक क्यों नहीं आए, इस पर आगे प्रक्रिया होगी। भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”

विधानसभा परिसर में नारेबाजी

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार विधानसभा के पोर्टिको में एनडीए और महागठबंधन के विधायकों के बीच नारेबाजी भी देखने को मिली।
एनडीए विधायकों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जबकि महागठबंधन के विधायकों ने “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” के नारे लगाकर विरोध जताया।

अन्य राज्यों में भी मुकाबला

राज्यसभा की जिन सीटों पर मतदान हुआ उनमें बिहार (5 सीट), ओडिशा (4 सीट) और हरियाणा (2 सीट) शामिल हैं। ओडिशा में 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।

विजय शर्मा ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बिहार में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत बिहार में विकास और सुशासन के संकल्प को और मजबूत करेगी।

उन्होंने अपने संदेश में कहा,
“बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
श्री नीतीश कुमार जी, श्री नितिन नवीन जी, श्री उपेंद्र कुशवाहा जी, श्री शिवेश राम जी और श्री रामनाथ ठाकुर जी को इस शानदार जीत पर बहुत-बहुत बधाई।
आप सभी के नेतृत्व में बिहार के विकास, सुशासन और जनसेवा का संकल्प और मजबूत होगा।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में एनडीए की यह जीत राज्य की आगामी राजनीतिक रणनीतियों और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर भी असर डाल सकती है

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावी तैयारियां शुरू; दलों की रणनीति और बयानबाजी तेज

नई दिल्ली / शौर्यपथ / :

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग के ऐलान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए चुनावी रणनीति में जुट गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव कार्यक्रम का स्वागत करते हुए भरोसा जताया है कि जनता विकास, स्थिरता और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पांचों राज्यों में एनडीए और भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार फिर से बनेगी, वहीं पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में भी जनता के आशीर्वाद से एनडीए को विजय प्राप्त होगी।

वहीं कांग्रेस ने चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने के फैसले को सकारात्मक कदम बताया है। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित किया जाए ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

इधर केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (एलडीएफ) की प्रमुख पार्टी सीपीआई(एम) ने भी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने आगामी चुनाव में 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है, जिनमें से 56 वर्तमान विधायकों को फिर से टिकट देने का फैसला किया गया है।

विधानसभा कार्यकाल समाप्ति की स्थिति

निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी राज्यों में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त होगा।

तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई तक है।

असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो जाएगा।

केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई तक है।

पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त होगा।

चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक दलों की सक्रियता, रैलियां, गठबंधन और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी गर्म होने के आसार हैं, क्योंकि सभी दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

दुर्ग / शौर्यपथ समाचार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर के लिए गौरव का क्षण तब सामने आया जब शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी मनीष पारख को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रिका Forbes India की प्रतिष्ठित सूची “Game-Changing Leaders” में स्थान मिला है। यह सम्मान उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में किए जा रहे उनके नवाचारी और प्रभावशाली कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।

फोर्ब्स इंडिया द्वारा जारी इस सूची में देशभर के उन चुनिंदा व्यक्तित्वों को शामिल किया जाता है जिन्होंने अपने कार्यों और दूरदर्शी नेतृत्व से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे में दुर्ग शहर के निवासी मनीष पारख का इस सूची में शामिल होना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से दुर्ग जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल

मनीष पारख मेघ गंगा ग्रुप के संस्थापक एवं चेयरमैन हैं। उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन किया जा रहा है, जो आधुनिक तकनीक और विश्वसनीय जांच सेवाओं के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है।

आज के समय में सटीक और समय पर जांच स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला मानी जाती है। ऐसे में लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर के माध्यम से मनीष पारख ने दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

शिक्षा क्षेत्र में नए आयाम

स्वास्थ्य के साथ-साथ मनीष पारख शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी संस्था Avish Educom के माध्यम से आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और नई पीढ़ी को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में उनकी पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना है।

“मोर शहर-मोर जिम्मेदारी” के तहत शहर सौंदर्यीकरण

मनीष पारख केवल उद्योग और संस्थागत विकास तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दुर्ग शहर के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

“मोर शहर-मोर जिम्मेदारी” अभियान के तहत दुर्ग शहर के विभिन्न चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण और शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए वे लगातार पहल कर रहे हैं। उनका मानना है कि शहर की पहचान केवल विकास से नहीं बल्कि उसकी स्वच्छता, सौंदर्य और नागरिक जिम्मेदारी से भी बनती है।

फोर्ब्स में स्थान मिलने पर क्या बोले मनीष पारख

फोर्ब्स इंडिया की सूची में शामिल होने पर मनीष पारख ने इसे समाज के विश्वास और सहयोग का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा –

“आप सभी के साथ और आपके विश्वास का यह परिणाम मेरे और मेरे परिवार के लिए हर्ष और उल्लास का विषय है। इस भरोसे को बनाए रखने के लिए मैं सदैव कर्तव्यबद्ध रहूँगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उन सभी सहयोगियों, कर्मचारियों और समाज के लोगों का है जिन्होंने उनके प्रयासों पर विश्वास किया और साथ दिया।

समाज के लिए प्रेरणा

फोर्ब्स जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक पत्रिका में नाम दर्ज होना इस बात का संकेत है कि दुर्ग जैसे शहरों से भी ऐसे नेतृत्व उभर रहे हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में किए जा रहे मनीष पारख के कार्य न केवल स्थानीय समाज के लिए लाभकारी हैं बल्कि युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं।

फोर्ब्स इंडिया की “Game-Changing Leaders” सूची में स्थान मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि दूरदर्शी सोच, सामाजिक प्रतिबद्धता और नवाचार के साथ किया गया कार्य किसी भी व्यक्ति को वैश्विक मंच तक पहुंचा सकता है।

नई दिल्ली / शौर्यपथ /  ✈️

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल इंडिगो (IndiGo) ने विमान ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते 14 मार्च 2026 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया देना होगा।

एयरलाइन कंपनी के अनुसार यह अतिरिक्त शुल्क नई टिकट बुकिंग पर ही लागू होगा, यानी 14 मार्च या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर यह सरचार्ज लिया जाएगा।

दूरी और सेक्टर के आधार पर बढ़ा किराया

इंडिगो द्वारा लागू किए गए फ्यूल सरचार्ज को यात्रा की दूरी और अंतरराष्ट्रीय सेक्टर के आधार पर तय किया गया है।

घरेलू उड़ानें और भारतीय उपमहाद्वीप: ₹425 प्रति सेक्टर

मिडल ईस्ट (Middle East): ₹900 प्रति सेक्टर

दक्षिण पूर्व एशिया और चीन: ₹1,800 प्रति सेक्टर

अफ्रीका और पश्चिम एशिया: ₹1,800 प्रति सेक्टर

यूरोप: ₹2,300 प्रति सेक्टर

इस निर्णय के बाद छोटी दूरी की उड़ानों से लेकर लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक यात्रियों के किराए में वृद्धि देखने को मिलेगी।

ईंधन की कीमतों में 85% से अधिक उछाल

इंडिगो ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालात के कारण वैश्विक बाजार में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 85 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

एयरलाइन उद्योग में ईंधन सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। इंडिगो के अनुसार कुल परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर ही खर्च होता है, जिसके कारण कंपनी को यह अतिरिक्त शुल्क लागू करना पड़ा।

पहले एयर इंडिया ने भी किया था ऐलान

गौरतलब है कि इंडिगो से पहले एयर इंडिया ने भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया था। अब इंडिगो के इस कदम के बाद अन्य एयरलाइनों के भी इसी दिशा में कदम उठाने की संभावना जताई जा रही है।

यात्रियों पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की लागत बढ़ेगी, जिससे यात्रियों के बजट पर असर पड़ सकता है। हालांकि एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच परिचालन संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी हो गया है।

✈️ विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और विमान ईंधन की कीमतें आगे भी बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में हवाई किराए में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

नई दिल्ली / शौर्यपथ / 

भारतीय राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस प्रस्तुत किया है। जानकारी के अनुसार, यह भारत के इतिहास में किसी मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की पहल का पहला मामला माना जा रहा है।

इस प्रस्ताव को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह कदम उठाया है।

ममता बनर्जी की पहल पर तैयार हुआ प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार इस महाभियोग प्रस्ताव की रणनीति और निर्णय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहल पर तैयार किया गया। टीएमसी का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह प्रस्ताव लाया गया है।

193 सांसदों के हस्ताक्षर

महाभियोग प्रस्ताव पर कुल 193 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं, जिनमें

लोकसभा के 130 सांसद

राज्यसभा के 63 सांसद शामिल हैं।

संवैधानिक नियमों के अनुसार महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। इस लिहाज से प्रस्ताव को प्रारंभिक समर्थन की आवश्यक संख्या प्राप्त हो चुकी है।

17 विपक्षी दलों का समर्थन

टीएमसी के इस कदम को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), द्रमुक (DMK), आम आदमी पार्टी (AAP), शरद पवार की एनसीपी सहित लगभग 17 विपक्षी दलों का समर्थन बताया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि हाल के समय में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई प्रश्न खड़े हुए हैं, जिन्हें संसद के माध्यम से स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।

लगाए गए गंभीर आरोप

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

प्रमुख आरोपों में शामिल हैं –

चुनावी अनियमितताओं की जांच में कथित रूप से बाधा उत्पन्न करना

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव

बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप

विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर आपत्ति

विपक्ष का दावा है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

क्या कहता है संविधान

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया अत्यंत कठिन और कठोर होती है। यह प्रक्रिया लगभग उसी प्रकार होती है जैसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को पद से हटाने की प्रक्रिया।

इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत आवश्यक होता है, जिसमें:

सदन के कुल सदस्यों का बहुमत

तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत का समर्थन शामिल होता है।

आगे की प्रक्रिया क्या होगी

अब यह महाभियोग नोटिस लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के पास जाएगा। यदि वे इसे स्वीकार करते हैं तो आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की जा सकती है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संसद में आगे की कार्रवाई तय होगी।

राजनीतिक और संवैधानिक महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि इससे चुनाव आयोग की स्वायत्तता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक बहस छिड़ सकती है।

यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो यह आने वाले समय में भारतीय लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण संवैधानिक परीक्षण साबित हो सकता है।

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व और बड़ी प्रतियोगी परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र तथा 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन सभी आयोजनों के कारण प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां होंगी, इसलिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो और हर स्थिति पर सतत नजर रखी जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों और परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में प्रशासनिक समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना बेहद जरूरी है, ताकि प्रदेश में शांति और व्यवस्था कायम रहे।

  रायपुर/नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस ट्रेन और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर देश को समर्पित करेंगे। साथ ही केरल के एर्णाकुलम से एक और पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत की जाएगी। इन नई रेल सेवाओं से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री इस अवसर पर पोदानूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस और नागरकोइल–चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को भी शुरू करेंगे। पोदानूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस पहली बार कोयंबटूर के औद्योगिक क्षेत्र को झारखंड के कोयला और इस्पात क्षेत्र से सीधे जोड़ेगी, जिससे विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों और उद्योगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वहीं नागरकोइल–चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस कन्याकुमारी और केरल-तमिलनाडु तट को तेलंगाना से जोड़ेगी, जिससे विद्यार्थियों, श्रमिकों और यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

इसके अलावा रामेश्वरम–मंगलुरु एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली–मंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेनें तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तीर्थयात्रियों और तटीय क्षेत्रों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा प्रदान करेंगी। साथ ही मयिलादुथुराई–तिरुवरूर–काराईकुडी पैसेंजर और पालक्काड–पोल्लाची पैसेंजर ट्रेन सेवाएं भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।

इस कार्यक्रम के दौरान केरल के शोरनूर, कुट्टिप्पुरम और चंगनास्सेरी रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित कर राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही शोरनूर–निलांबुर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में तेज, स्वच्छ और आधुनिक रेल सेवाएं सुनिश्चित होंगी।

अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए किफायती और आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से देश के विभिन्न औद्योगिक, तटीय और तीर्थ क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को बेहतर एवं तेज़ रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।

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