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अंगना में महुआ छोड़ ,माताएं आई अंगना में शिक्षा मेला में
प्राथमिक शाला धाकड़ पारा में अंगना में शिक्षा 2.0 मेला सह माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
कोंडागांव /शौर्यपथ/
कोंडागांव जिला अंतर्गत संचालित प्राथमिक शाला धाकड़ पारा में दिनांक चार अप्रैल को राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना अंगना में शिक्षा 2 .0 मेला सह माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम का उद्देश्य घर पर ही रह कर विभिन्न नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से माताओं द्वारा प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने को प्रोत्साहित करना है। जिसमें चलना, कूदना, रंग भरना, चित्र बनाना, मौखिक वार्तालाप, अक्षर व अंक पहचानना आदि गतिविधियां बच्चों ने अपनी मां के साथ मिलकर किया। विभिन्न गतिविधियों के आधार पर श्रीमती जानकी मंडावी, शामबती मण्डावी, जयमति मरकाम को स्मार्ट माता के खिताब से नवाजा गया। प्राथमिक विद्यालय धाकड़ पारा की प्रधान पाठक मधु तिवारी ने अंगना में शिक्षा कार्यक्रम व माताओं की भमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला
बच्चों ने लगाई हस्तशिल्प प्रदर्शनी
बच्चों द्वारा हस्त कला द्वारा निर्मित विभिन्न खिलोने, भगवान की मूर्ति घरोंदे आदि की प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसकी सरपंच अम्बिका मंडावी सहित उपस्थित माताओं भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए उनके आदर्शों पर चलकर बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया
कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के सदस्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आयती मण्डावी , सुकमती नेताम तारा वासनीकर, दिनेश देवांगन, व महिला समूह के सदस्यों का भरपूर सहयोग रहा।
कोंडागांव / शौर्यपथ /
रायपुर में 30 मार्च को आयोजित छत्तीसगढ़ फैशन एफिनिटी में रनर अप का खिताब लेकर जिला मुख्यालय कोण्डागांव के समीप बसे अपने गृह ग्राम चिखलपुटी में 31 मार्च की रात में वापस लौटाने पर विवेक शुक्ला का उनके रिस्तदारों, ग्राम पंचायत सरपंच सहित अन्य ग्रामीणजनों के द्वारा स्वागत किया गया। जिले के लिए गौरव का विषय बने विवेक शुक्ला ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ फैशन एफिनिटी में रनर अप का खिताब पाने में सफल रहने पर बहुत खुश हैं। छत्तीसगढ़ फैशन एफिनिटी में रनर अप का खिताब मिलने पर उनका आत्मविष्वास बढ़ा है, चूंकि उनकी रुचि शुरु से ही मॉडलिंग के फिल्ड में रही है और उनका सपना मॉडलिंग के फिल्ड में अपनी पहचान बनाना है और उनके हिसाब से मिस्टर छत्तीसगढ़ के लिए उनका चयन होना और वहां रनरअप का खिताब हासिल करना किसी सपने से कम नहीं है
साथ ही शुक्ला ने बताया कि गोवा में होने वाले मिस्टर भारत इवेंट में भी जल्द रवाना होएंगे इवेंट 28,29 और 30 अप्रैल को होने है जिसका निर्णय 30 अप्रैल 2022 को किया जाएगा।
जिसके लिए में लगातार तैयारी कर रहा हु इस छत्तीसगढ़ इवेंट के बाद मेरा सपना मिस्टर भारत का खिताब जितना है।
उन्हें रनरअप का खिताब मिलने पर उनके परिजनों में काफी खुशी है कि उनका चयन मिस्टर छत्तीसगढ के लिए हुआ और भले ही वहां रनरअप का खिताब मिला, यह भी एक बड़ी उपलब्धि है कि गांव में पले-बढ़े होने के बावजूद राजधानी रायपुर में आयोजित बड़े आयोजन में पूरे आत्मविष्वास के साथ बेहतरीन प्रदर्षन कर अपने आपको अन्य प्रतिभागियों से बेहतर साबित कर रनरअप का खिताब हासिल किया।
उक्त कम्पीटिशन अनिता खंडेलवाल व ईशान की देखरेख में किया गया। विवेक शुक्ला ने भविश्य में भी देष स्तर पर होने वाले मॉडलिंग प्रतियोगिता में कोण्डागांव जिले सहित छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन करने का प्रयास करने की बात कही है।
कोंडागांव / शौर्यपथ /
कोंडागांव जिला मुख्यालय के स्थानीय बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में गंदगी के आलम को देखते हुए आज हिन्दू नव वर्ष के दिन भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रौनक पटेल के शिकायत पर कोंडागांव नगरपालिका परिषद के उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी पहुँचे जिसके बाद बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में गंदगी का आलम देखते हुए नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों को फटकार लगाते हुये सफाई अभियान चलाया ।
उसेंडी ने बताया कि स्थानीय बस स्टैंड में प्रतिदिन सैकड़ों बसे आती है और साथ ही साथ सैकड़ो राहगीर को यात्री प्रतीक्षालय में बसों का इंतिजार भी करना पड़ता है जिन्हें यात्री प्रतीक्षालय में गंदगी का सामना भी करना पड़ता है साथ ही गर्मी के दिनों में पंखे न होने के कारण यात्रियों को गर्मी का भी सामना करना पड़ता है ऐसे में राहगीरों को भारी असुविधाएं होती है जिसे देखते हुए उनके लिए पंखे की व्यवस्था भी किया गया हैं
साथ ही नगर पालिका के कर्मचारियों को बोला गया है कि प्रतिदिन बस स्टैंड की सफाई के साथ साथ यात्री प्रतीक्षालय की सफाई भी किया जाए कहा बाहर से आने वाले राहगीर हमारे मेहमान है उन्हें किसी प्रकार की असुविधाएं नही होनी चाहिए।
नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी के साथ साथ ललित देवांगन पार्षद, तेज देवांगन, नागेश देवांगन, रौनक पटेल, संतोष देवांगन , सुमित शाह, योगेंद्र नेताम, निताई चौधरी, नानू देवांगन, मुन्ना जायसवाल, कुणाल कटियाला, बंटी नाग, कुलवंत चहल, देवेंद्र मौर्य, लोमेश्वर पटेल, महेंद्र देवांगन साथ ही बस स्टैंड के नागरिक गण उपस्थित रहे।
दीपक वैष्णव की रिपोर्ट
कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव जिला मुख्यालय के स्थानीय बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में गंदगी के आलम को देखते हुए आज हिन्दू नव वर्ष के दिन भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रौनक पटेल के शिकायत पर कोंडागांव नगरपालिका परिषद के उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी पहुँचे जिसके बाद बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में गंदगी का आलम देखते हुए नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों को फटकार लगाते हुये सफाई अभियान चलाया ।
श्री उसेंडी ने बताया कि स्थानीय बस स्टैंड में प्रतिदिन सैकड़ों बसे आती है और साथ ही साथ सैकड़ो राहगीर को यात्री प्रतीक्षालय में बसों का इंतिजार भी करना पड़ता है जिन्हें यात्री प्रतीक्षालय में गंदगी का सामना भी करना पड़ता है साथ ही गर्मी के दिनों में पंखे न होने के कारण यात्रियों को गर्मी का भी सामना करना पड़ता है ऐसे में राहगीरों को भारी असुविधाएं होती है जिसे देखते हुए उनके लिए पंखे की व्यवस्था भी किया गया हैं
साथ ही नगर पालिका के कर्मचारियों को बोला गया है कि प्रतिदिन बस स्टैंड की सफाई के साथ साथ यात्री प्रतीक्षालय की सफाई भी किया जाए कहा बाहर से आने वाले राहगीर हमारे मेहमान है उन्हें किसी प्रकार की असुविधाएं नही होनी चाहिए।
नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी के साथ साथ ललित देवांगन पार्षद, तेज देवांगन, नागेश देवांगन, रौनक पटेल, संतोष देवांगन , सुमित शाह, योगेंद्र नेताम, निताई चौधरी, नानू देवांगन, मुन्ना जायसवाल, कुणाल कटियाला, बंटी नाग, कुलवंत चहल, देवेंद्र मौर्य, लोमेश्वर पटेल, महेंद्र देवांगन साथ ही बस स्टैंड के नागरिक गण उपस्थित रहे।
कोण्डागांव / शौर्यपथ /
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के द्वारा गोठानों को मल्टी एक्टीविटी सेंटर तथा ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने एवं इसके द्वारा गांवों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 25 समूहों की महिलाओं को क्षमतावर्धन कार्यक्रम के तहत् क्षेत्रीय भ्रमण कराया गया। इसके तहत् इन महिलाओं को जिले के मल्टी एक्टीविटी गोठानों में विभिन्न गतिविधियों के संचालन एवं उनके विपणन के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें इन गतिविधियों को अपने गांव के गोठानों में संचालित करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया साथ ही इन सफल गोठानों के संचालन के तरीकों के संबंध में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। इसके तहत् इन महिलाओं को मुरनार, कोंगेरा, बोलबोला, कनेरा आदि गोठानों का भ्रमण कराया गया। जिसमें उन्हें डेयरी, सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मुर्गीपालन, बटेर पालन, सुकर पालन, बकरी पालन आदि की जानकारी दी गई।
जिले में 06 ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की होगी स्थापना
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में 06 स्थलों पर ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की स्थापना की जायेगी। जिसके तहत् ग्राम करनपुर में बेलमेटल से बनी सामग्रियों के लिए, ग्राम चुरेगांव में दुग्ध उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण हेतु, बोरगांव में रेशम बुनकरों हेतु, मसोरा में रेशम उत्पादन केन्द्र में रेशम उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण हेतु, माकड़ी में जैविक चावल उत्पादन एवं प्रसंस्करण हेतु तथा राजागांव में सुगंधित तेल के उत्पादन एवं उनके प्रसंस्करण हेतु ग्रामीण औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे। इन ग्रामीण औद्योगिक पार्कों की सहायता से राज्य शासन द्वारा अधिक से अधिक लोगों एवं बिहान समूहों को इससे जोड़कर रोजगार देने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके माध्यम से जिले में हजारों की संख्या में रोजगार उत्पन्न होंगे।
कोंडागांव / शौर्यपथ /
देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल कोण्डागांव एक जनजातीय बहुल जिला है। जहां 80 फिसदी से अधिक आबादी गांवों में निवास करती है। जहां जनजातीय गांवों में सभी रोगों एवं व्याधियों के उपचार के लिए ग्रामीणों द्वारा झाडफ़ूक एवं परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों के द्वारा उपचार किया जाता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में मोतियाबिंद जैसी नेत्र व्याधियों को सामान्य वृद्धावस्था की समस्या मानकर अनदेखा कर दिया जाता है। ऐसे में अपने आंखों की रौशनी को जाता देखकर भी व्यक्ति इसके संबंध में कुछ नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसे कुछ भी दिखना बंद हो जाता है। इस स्थिति को देखकर राज्य शासन के निर्देश पर जिले में सीएमएचओ डॉ0 टीआर कुंवर के मार्गदर्शन में अंधत्व निवारण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इस संबंध में सहायक नोडल अंधत्व निवारण एवं नेत्र सहायक अधिकारी अनिल बैध ने बताया कि अंधत्व निवारण कार्यक्रम के समक्ष आधुनिक संसाधनों एवं विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी बाधा थी। ऐसे में कलेक्टर के द्वारा डीएमएफ फण्ड से नेत्र चिकित्सा के आधुनिक उपकरणों एवं ऑपरेशन थियेटर के निर्माण जिले के लोगों के उपचार हेतु कराया गया। इसके पश्चात् नेत्र सर्जन डॉ0 कल्पना मीणा की नियुक्ति के पश्चात् अंधत्व निवारण कार्यक्रम को नई उड़ान मिल गई। पहले जहां 2017 में केवल 210, 2018 में 40, 2019 में 482 एवं 2020 में 41 ही मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए थे। वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा सीधे 1144 पहुंच गया। अंधत्व निवारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए एवं जिले के प्रत्येक व्यक्ति की नेत्र जांच कर नेत्र विकारों एवं मोतियाबिंद से लोगों को निजात दिलाने के लिए मितानिन एवं स्वास्थ्य संयोजकों द्वारा सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शिविर लगाकर सहायक नेत्र अधिकारियों द्वारा नेत्र रोगियों की पहचान कर उन्हें जिला अस्पताल में भेजा जाता है। जहां नेत्र सर्जन डॉ0 कल्पना मीणा द्वारा प्रत्येक मरीज की जांच कर उनका उपचार किया जाता है।
इस संबंध में डॉ0 कल्पना मीणा ने बताया कि जिले में लोगों के बीच फैली भ्रांतियों जैसे ठण्ड में नेत्र ऑपरेशन के बेहतर होने, ऑपरेशन से देवताओं के नाराज होने आदि कारणों से लोग ऑपरेशन से बचते थे। ऐसे में लोगों को जागरूक कर ऑपरेशन हेतु जिला अस्पताल तक लाना पहली चुनौती हुआ करती है। जिले में इन भ्रांतियों के कारण कई लोग जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त होने के बावजूद भी ऑपरेशन कराने से डरते थे। जागरूकता अभियान के साथ आधुनिक उपकरणों के जिला अस्पताल में लग जाने एवं सहयोगी विशेषज्ञों की उपलब्धता से अब मरीजों के उपचार की गति में वृद्धि हुई है। इसी का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में अप्रैल से मार्च के मध्य कुल 1333 सर्जरी हो पायी है। जिनमें 1144 प्रकरण मोतियाबिंद के थे। इसके लिए मैं अपने सभी ऑपरेशन में सहायक स्टॉफ का भी धन्यवाद करती हूं। जिनका मुझे पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है।
ओडि़सा के भी 100 से अधिक लोगों की हुई सर्जरी
इस संबंध में अंधत्व निवारण नोडल डॉ0 हरेन्द्र बघेल ने बताया कि जिले में नेत्र ऑपरेशन के आधुनिक उपकरण एवं विशेषज्ञ सर्जन के आने से मोतियाबिंद के मरीजों के उपचार में तेजी से वृद्धि हुई है। जहां वर्ष 2017 से 2020 तक जिला अस्पताल में कुल 773 मरीजों के मोतियाबिंद का उपचार हुआ था। वहीं वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के कारण नेत्र ऑपरेशन रूक से गये थे। वहीं कोरोना महामारी के प्रसार के कम होते ही वर्ष 2021-22 में नेत्र चिकित्सा की रफ्तार बढ़ा दी गई है। जिससे एक वर्ष में 7934 ओपीडी एवं 1333 सर्जरी निस्पादित की गई है। जिसमें 1144 मोतियाबिंद तथा 189 अन्य ऑपरेशन किये गये हैं। जो कि शायद इस वर्ष राज्य में किसी नेत्र सर्जन द्वारा व्यक्तिगत रूप से किये गये ऑपरेशनों में सर्वाधिक होगा। इस वर्ष जिसमें छोटे नाबालिक बच्चों, जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़तों, गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों से लेकर अत्यंत वृद्ध व्यक्तियों को भी उपचारित किया गया है। जिला अस्पताल में नेत्र चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था को देखते हुए न सिर्फ आस-पास के जिलों अपितु पड़ोसी राज्य ओडि़सा के सीमावर्ती जिलों से भी मरीज गंभीर रोगों उपचार हेतु जिला अस्पताल आ रहे हैं। अब तक ओडि़सा से आये 454 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं 100 से अधिक लोगों की सर्जरी की गई है।
कोंडागांव / शौर्यपथ /
जब रोजगार, घर या भोजन से महरूम मजदूरों के आर्थिक सामाजिक हालात से बेखबर सरकार स्वयं की पीठ थपथपाकर प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी की दर को आंकड़ों के मकडज़ाल मे उलझा कर झूठा दंभ भर रही हो और ज़मीनी हकीकत कुछ और बयां करे तब अनायास ही प्रगति के समान अवसर के सब्जबाग दिखाने वालों की कलई खुलती नजर आती है । उस पर प्रशासनिक संवेदनहीनता का डबल डोज पलायन का दंश झेलते व्यक्ति को मिलने वाली न्याय की आस को अंदर तक तोड़ते हुए परिवारों और अंतत: समाज को पंगु बना देता है ।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रौनक दीवान ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि ताजा वाक्या नगर के कोपाबेड़ा वार्ड निवासी तरसीम नेताम से जुड़ा है जिसे बहला फुसला कर अच्छी नौकरी और मुकम्मल जि़ंदगी का सपना दिखाते विजयवाड़ा ले जाया गया जहां से आगे बैंगलोर ले जाकर बंधुआ मजदूरी करवाने का मामला प्रकाश में आया है । मजदूर के पिता रामलाल ने दिनांक 10/03/2022 को पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि उनका पुत्र तरसीम नवंबर माह से विजयवाड़ा में कार्यरत था । मार्च माह में किसी तरह घर वापस आए उस युवक के दो अन्य दोस्तों के माध्यम से जानकारी मिली की वह बैंगलोर के किसी एम पी ए आर कंपनी में बंधुआ मजदूर के रूप में कार्य कर रहा है । जहां से वह अपने घर वापस आना चाहता है किंतु बंधक बनाए जाने से वापस घर आने में असमर्थ है । 12 दिनों के बाद दिनांक 22/03/2022 को पुलिस प्रशासन की आंख खुली जिस पर कार्यवाही के नाम पर श्रम विभाग कोंडागांव के नाम एक पत्र अग्रेषित किया गया जिसमे उक्त युवक को वापस लाने एक टीम गठित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया ।
संवेदन शून्यता का परिचय देते श्रम कार्यालय से आवेदक को मौखिक रूप से कहा गया की बंधुआ मजदूरों को घर लाने की एक प्रक्रिया होती है जिस पर शासन का बहुत सा रुपया खर्च होता है । नगर के जागरूक जनप्रतिनिधि और नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने फौरन कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन देकर प्रार्थी रामलाल को न्याय दिलाने व तरसीम की सकुशल घर वापसी की गुहार लगाई जिस पर जिला कलेक्टर ने श्रम विभाग से जानकारी लेने की बात कहते उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है । इस पर क्या कार्यवाही होती है यह समय के गर्भ में है किंतु यह वाकया रोजगार देने का वादा करती प्रदेश सरकार के दंभ को चूर चूर कर प्रशासनिक उदासीनता इंगित करने को पर्याप्त है ।
नगर पालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी ने कहा कि भले ही भूपेश बघेल घूम घूम कर छत्तीसगढ़ मॉडल की बात कर रहे हो लेकिन छत्तीसगढ़ में यह मॉडल कितना प्रभावी है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश से हर दिन रोजगार की तलाश में हजारों मजदूर पलायन कर रहे हैं । किसी भी समाज की खुशहाली के लिए जरूरी है कि विभिन्न कारणों से होने वाले पलायन को रोका जाए । सरकारी दावों के बावजूद पलायन न रुकना यह बताता है कि विकास के लिए जिस तरह के समेकित प्रयास होने चाहिए वह नहीं हो रहे है ।
कोंडागांव / शौर्यपथ /
सर्व समाज कोंडागांव के तत्वाधान में एक अति आवश्यक बैठक आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से बस्तर रेल आंदोलन का शंखनाद कांकेर जिले के अंतागढ़ से पदयात्रा 03/ 04/2022 को सुबह 10:00 बजे आरंभ की जावेगी । जोकि आगामी दिनांक 8/4 2022 को कोडागाँव पदयात्री कोडागाँव पहुंचेगी व रायपुर नाका से रैली एवं आमसभा चौपाटी मैदान उसके बाद रेल आंदोलन पदयात्री जगदलपुर की ओर रवाना किया जावेगा जो 12/04/2022 को जगदलपुर में समाप्त होगी! जिसका आगाज सर्व समाज, कोंडागांव, सर्व समाज जगदलपुर, सर्व समाज, नारायणपुर ,सर्व समाज, अंतागढ़ सर्व समाज तथा पूरे बस्तर संभाग के लोगों द्वारा किया जावेगा। जिसकी रूपरेखा आज के बैठक में तय किया गया तथा यह भी तय किया गया कि बस्तर के हजारों लोग इस आंदोलन भाग लेंगे. ताकी सरकार जल्द से जल्द इस रेल मार्ग पूर्ण करवाए, देश आजाद हुए 70 बरस होने के बाद भी बस्तर संभाग रेल लाइन नहीं आना विकास से कोसों दूर नजर आ रहा है कहीं ना कहीं सरकार बस्तर के आम लोगों के साथ छलावा कर रही है जिसके लिए सर्व समाज रेल आंदोलन रोड से लेकर सदन तक आंदोलन करने को तैयार है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी सर्व समाज बस्तर संभाग के सर्व समाज एवं आम जनता आम नागरिक एवं विभिन्न संगठन की पदाधिकारियों से अपील है कि इस रेल लाइन विस्तार आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग ले ताकि हमारा आवाज दिल्ली तक पहुंच सके
इस बैठक में मुख्य रूप से सर्व समाज के संरक्षक सी आर कोर्राम, शांतिलाल सुराना, आरके जैन, एमडी बघेल, सर्व समाज के अध्यक्ष धंसराज टंडन, उपाध्यक्ष मणिशंकर देवांगन, सचिव शीतल कोर्राम, कोषाध्यक्ष आई सी निषाद प्रवक्ता नीलकंठ शार्दुल, सह सचिव श्रीनिवास नायडू , सह कोषाध्यक्ष रमाकांत महाजन ,मीडिया प्रभारी विश्वजीत चक्रवती, संगठन मंत्री सी एल मेश्राम मुख्य सलाहकार सुरेंद्र मिश्रा एवं कार्यकारिणी सदस्य प्रेम सिंह नाग, चमन वर्मा ,शोभाराम ठाकुर ,अशोक गुप्ता ,ओमप्रकाश टावरी, इरशाद खान, केएल वर्मा ,पी एल ठावरे , मास्टर सोना, शंकरलाल नेताम ,मनोज देवांगन नकुल देवांगन , भोला गुप्ता, सुरेश कुमार, भागवत सफरचंद, दशरथ पांडे ,नरसू नाग , प्रकाश, चंद्रेश चतुर्वेदी, किशोर डहरिया ,गदलपुर से संपत झा, दशरथ कश्यप, किशोर पारख आदि समाज सर्व समाज उपस्थित रहे
कोण्डागांव / शौर्यपथ /
अनिष्चितकालीन आंदोलन पर बैठे वन कर्मचारियों की मांगों का सीपीआई द्वारा समर्थन किए जाने के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव के जिला सचिव तिलक पाण्डे ने बताया कि भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी से जुड़े कम्युनिश्ट कामरेड्स 29 मार्च को वन कर्मचारियों द्वारा जिला मुख्यालय कोण्डागांव में वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल कार्यालय कोण्डागांव के समीप अनिष्चितकालीन आंदोलन कर रहे स्थल पर पहुंचे और वन कर्मचारियों की मांगें जायज होने के कारण उनकी मांगों का समर्थन किया।
इस दौरान जिला सचिव तिलक पाण्डे ने समाचार पत्र के माध्यम से मुख्य मंत्री छ.ग.षासन से अपील किया कि मुख्य मंत्री को वन कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द पुरा कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि वन विभाग के इन्हीं कर्मचारियों की बदौलत ही वन क्षेत्र में हरे-भरे पेड़-पौधे जीवित हैं तथा जिसकी वजह से ही पर्यावरण बचा हुआ है। वैसे भी देर सबेर वन कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करना ही होगा, अच्छा हो कि समय रहते वन कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर उन्हें उनकी ड्यूटी पर जाने को कहा जाए, अन्यथा वन कर्मचारियों के अनिष्चितकालीन आंदोलन पर बैठे होने का लाभ उठाते हुए कई लोगों के द्वारा वन क्षेत्र में खडे हरे-भरे पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई की जा सकती है, वहीं गर्मी का मौसम होने से वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों को नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर वन कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा कर देने में ही वन विभाग के कर्मचारियों सहित वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों की भलाई है।
यदि मुख्य मंत्री छ.ग.षासन वन कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं करते हैं और वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों को नुकसान होता है तो जिला सचिव तिलक पाण्डे के नेतृत्व में शैलेष शुक्ला, बिरज नाग, बिसम्बर मरकाम, जयप्रकाश नेताम, लक्षण महावीर, दिनेश मरकाम, रामकुमार नेताम, दिपेष, फगनू, छबीलाल नेताम, अनिल नाईक सहित अन्य जिले अन्य कम्युनिश्ट उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
