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May 02, 2026
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राजनांदगांव

राजनांदगांव (1750)

० खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाकर बताए फायदे
० शहरी क्षेत्र के गौरी नगर में हुआ पोषण जागरुकता कार्यक्रम

राजनांदगांव / शौर्यपथ / बच्चों और महिलाओं को सुपोषित बनाने के लिए जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य कुपोषण को मिटाना है। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहरी क्षेत्र के गौरीनगर में महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने विशेषकर गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य से संबंधित कई कार्यक्रम किए।
इस अवसर पर मौजूद लाभार्थियों को सुपोषण के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया गया। कुपोषण मुक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यहां विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से मूंगफली, केला, कुंदरू, कद्दू, अंडे, पपीता, सोया बड़ी, चना, उड़द, अरहर दाल, बटरा, पापड़, प्याज, आलू, मुनगा भाजी, कांदा भाजी, पोई भाजी और मीठा नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों को रखा गया। साथ ही महिलाओं को इसके सेवन से होने वाले फायदे भी बताए गए। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को कम वजन के नवजात शिशुओं को कंगारू मदर केयर देने की जानकारी दी। साथ ही संक्रमण से बचाव हेतु साफ सफाई बरतने, मां द्वारा शिशु को कम से कम 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराने तथा माता को स्वयं मौसमी फलों, हरी सब्जियों और रेडी-टू-ईट का उपयोग करने हेतु समझाइश दी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा, सही पोषण ही बेहतर विकास की नींव मानी जाती है, इसलिए जो चीजें हमारे आसपास ही मौजूद हैं, उसका भरपूर उपयोग करें। शिशु व स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर लाभार्थी महिलाएं सजगता के साथ समय-समय पर जरूरी सलाह लेती रहेंगी तो कुपोषण के खिलाफ जारी लड़ाई जीतने में निश्चित तौर पर बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि, बच्चों को कुपोषित होने से बचाना है तो आंगनबाड़ी केन्द्र में होने वाली गतिविधियों से जरूर जुड़ें। आंगनबाड़ी के लाभ को अपनाएं। इसके साथ-साथ रेडी-टू-ईट, हरी सब्जियों, अंडा और खासकर मुनगा जैसी चीजों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और कुपोषण से मुक्ति पाएं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर ने बताया, महिलाओं और शिशुओं में सुपोषण के लिए गोद भराई, उचित पोषण आहार, रेडी-टू-ईट या वजन जांचने जैसे क्रिया-कलाप क्षेत्र में लगातार किए जा रहे हैं और इससे महिलाएं लाभान्वित भी हो रही हैं। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, सुपोषण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजनांतर्गत इस वर्ष अब तक 9,093 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई एवं 4,281 गंभीर कुपोषित बच्चों को निःशुल्क दवा वितरण किया गया है। जिले में 6 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित हैं, जिसमें नियमित रूप से बच्चों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में माह फरवरी 2020 तक कुल 960 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र का लाभ दिया गया। पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिवस लाभ लेने के बाद घर पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
उन्होंने बताया, कुपोषण मुक्ति के लिए स्थानीय पौष्टिक आहार को प्रमुखता, बाड़ी, किचन गार्डन को बढ़ावा और अधिक से अधिक जन समुदाय की सहभागिता जैसे कई प्रयास एक साथ और लगातार किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चे का नियमित टीकाकरण हो, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है और इसी कड़ी में गौरी नगर क्षेत्र में पोषण से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिले में 58 हजार 588 नये राशन कार्ड बने
कोविड-19 के दौरान बीपीएल श्रेणी के 2 लाख 92 हजार 402 परिवारों एवं 1896 प्रवासी मजदूरों को दिया गया नि:शुल्क राशन

राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन की ओर से प्रदेश की जनता को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सशक्त कदम उठाए गए हैं। राजनांदगांव जिले में जनवरी 2019 से 9 दिसम्बर 2020 तक 58 हजार 588 नए राशन कार्ड बनाए गए। जिसमें नये बीपीएल राशन 10 हजार 727 तथा नये एपीएल राशन कार्ड 47 हजार 861 बनाए गए। खाद्य विभाग द्वारा कोविड-19 संक्रमण के दौरान युद्ध स्तर पर कार्य किया गया। वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने तथा रोकथाम के उपाय हेतु लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन से लोग घरों में रहने विवश थे। वहीं बीपीएल श्रेणी के परिवारों एवं प्रवासी मजदूरों के सामने लॉकडाउन के समय भोजन व्यवस्था की चिंता सताने लगी थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बीपीएल राशनकार्डधारी तथा बिना राशनकार्डधारी (प्रवासी मजदूर) परिवारों की चिंता दूर करने के लिए माह अप्रैल, मई, जून का राशन एकमुश्त नि:शुल्क प्रदाय करने के निर्णय लेकर तत्काल वितरण प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से जिले के सामान्य एवं आदिवासी वनांचल क्षेत्र के बीपीएल परिवारों की एवं प्रवासी मजदूरों की बड़ी चिंता दूर हो गयी। शासन की ओर से एपीएल परिवारों को भी खाद्यान्न दिया जा रहा है।
कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये जिले के सभी 869 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में सामान्य दूरी बनाये रखते हुए खाद्यान्न का सफल वितरण किया गया एवं प्रवासी मजदूरों के पलायन के समय मजदूरों के परिवहन हेतु पेट्रोल, डीजल एवं भोजन की व्यवस्था की गयी। जिला खाद्य अधिकारी श्री किशोर सोमावार ने बताया कि कोविड-19 के दौरान जिले में 2 लाख 92 हजार 402 बीपीएल परिवारों को कुल 3 माह का चावल 453566.7 क्ंिवटल, चना 12669.38 क्ंिवटल नि:शुल्क वितरण किया गया। साथ प्रवासी मजदूरों (लगभग 1896) को माह मई, जून, जुलाई 2020 को कुल 29.78 क्ंिवटल चना, 413.61 क्ंिवटल चावल नि:शुल्क वितरण किया गया।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / बैकयार्ड कुक्कुट पालन से डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम माड़ीतराई के संजय कुमार वर्मा की आमदनी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पशुधन विकास विभाग द्वारा कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र डोंगरगढ़ से 45 नग रंगीन चूजे शासन की बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत प्रदान किए गए थे। मुर्गी पालन से प्रतिदिन 10 से 12 अंडे प्राप्त होते हैं जो 10 से 15 रूपए प्रति अंडे बिकते थे। वहीं मुर्गी को वजन के हिसाब से 400 से 500 रूपए प्रति नग के हिसाब से विक्रय करते हैं। हमने मुर्गी पालन का व्यवसाय बढ़ाने के लिए 112 अंडों की क्षमता का इक्यूवेटर लिया है। जिससे अंडों से चूजे निकालकर विक्रय करते हैं। इस तरह लगभग 10 हजार रूपए की मासिक आमदनी होने लगी है, जिससे मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी है। उन्होंने कहा कि पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन एवं सहयोग से कुक्कुट पालन का कार्य सफलतापूर्वक कर रहे हैं। 

जिले में उद्योग विभाग द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निवेश प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य

राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में समन्वित समावेशी एवं सस्टेनेबल औद्योगीकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं प्रगतिशील अर्थव्यस्था निर्माण की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। राजनांदगांव जिले में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत समावेशी विकास के लिए तथा निवेश प्रोत्साहन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए गए हंै। स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देते हुए समाज के कमजोर वर्ग को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से जिले के युवाओं के जिन्दगी में परिवर्तन आया है और आत्मनिर्भर बने हैं। वर्ष 2018-19 में 25 युवाओं के लिए 31 लाख 14 हजार रूपए का ऋण वितरित किया गया है। वहीं वर्ष 2019-20 में 11 युवाओं को 29 लाख 75 हजार रूपए का ऋण प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2018-19 में 48 युवाओं को राज्य अनुदान के साथ 1 करोड़ 55 लाख 74 हजार रूपए की राशि तथा वर्ष 2019-20 में 50 युवाओं को 2 करोड़ 17 लाख 16 हजार रूपए की राशि प्रदान की गई है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री एसके सिंह ने बताया कि नवीन उद्योग की स्थापना के लिए युवाओं को स्टॉम्प शुल्क में छूट प्रदान किया गया है। वर्ष 2018-19 में जिले में 41 हितग्राहियों को जिनमें 13 बैंक ऋण के लिए एवं 28 भूमि क्रय के लिए स्टॉम्प शुल्क छूट प्रदान किया गया है। 63 हितग्राहियों को 3 करोड़ 12 लाख 84 हजार की राशि उद्योग स्थापना हेतु बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज अनुदान प्रदान किया गया है। उद्योगों द्वारा भूमि, भवन, शेड एवं यंत्र-संयत्र के व्यय पर अनुदान के रूप में 30 औद्योगिक इकाईयों को 6 करोड़ 78 लाख 8 हजार 917 रूपए की राशि लागत पूंजी अनुदान के रूप में प्रदान की गई। वहीं एक औद्यागिक इकाई को 17 करोड़ 92 लाख 94 हजार की राशि पूंजीगत अनुदान निवेश प्रोत्साहन सहायता अनुदान के रूप में प्रदान की गई। वहीं वर्ष 2019-20 में 23 हितग्राहियों को नवीन उद्योगों की स्थापना के लिए स्टॉम्प शुल्क प्रदान किया गया है। जिनमें 11 हितग्राहियों को बैंक ऋण पर एवं 12 हितग्राहियों को भूमि क्रय पर स्टॉम्प शुल्क प्रदान किया गया है। 62 हितग्राहियों को उद्योग स्थापना के लिए 2 करोड़ 58 हजार की राशि बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज अनुदान प्रदान किया गया है। उद्योगों द्वारा भूमि, भवन, शेड एवं यंत्र-संयत्र के लिए व्यय पर 21 हितग्राहियों को 4 करोड़ 74 लाख 41 हजार रूपए औद्योगिक इकाईयों को लागत पूंजी अनुदान प्रदान किया गया है। वर्ष 2020-21 में 14 हितग्राहियों को स्टॉम्प शुल्क छूट प्रदान किया गया वहीं 57 हितग्राहियों को 1 करोड़ 63 लाख 95 हजार रूपए ब्याज अनुदान एवं 28 औद्यागिक इकाईयों को 8 करोड़ 25 लाख 40 हजार 119 रूपए की राशि लागत पूंजी अनुदान प्रदान की गई है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने जिले में व्यापक रूप से की जा रही धान खरीदी की समीक्षा के लिए राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सिंघोला, रानीतराई, सुरगी, भर्रेगांव एवं अंजोरा धान खरीदी केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर वर्मा ने किसानों से बातचीत की एवं उनकी समस्याओं के संबंध में भी जानकारी ली। किसानों ने उन्हें बताया कि टोकन लेने में कोई परेशानी नहीं हुई है और केन्द्र में समिति प्रबंधक एवं अन्य कर्मचारियों का व्यवहार अच्छा है।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और किसी भी धान खरीदी केन्द्र से पैसे लेने की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों से पैसे लेने वाले प्रबंधक एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि धान खरीदी के पहले ढेरी लगाकर धान की गुणवत्ता की जांच करें। उन्होंने धान तौलाई, कांटा-बाट, बारदानों की व्यवस्था, नमी मापक यंत्र, पेयजल व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता का साफ-सुथरा धान खरीदें और डीओ काटकर धान खरीदी केन्द्रों से धान का शीघ्र ही उठाव कराएं।
कलेक्टर ने किसानों से बातचीत की। इस दौरान ग्राम भंवरमरा के रामभगत ने बताया कि उनकी 5 एकड़ जमीन है और 75 कट्टा धान बिक्री के लिए लेकर आए हैं। किसान श्री सुरेश साहू, श्री चेतन साहू एवं श्री नेमीचंद पटेल ने उन्हें बताया कि धान विक्रय करने के लिए पैसे लेने जैसी कोई मांग यहां नहीं की गई है और समिति की व्यवस्था के प्रति संतुष्टि जाहिर की। समिति प्रबंधक ने बताया कि 82 किसानों का टोकन कटा है और ग्रामवार धान खरीदी की जा रही है। छोटे किसानों का धान पहले खरीदा जा रहा है। कृषक श्री नारायण सिन्हा ने बताया कि उनके पास 3 एकड़ जमीन है और वे एक साथ 55 क्विंटल धान विक्रय करने के लिए लेकर आएं हैं। धान खरीदी केन्द्र रानीतराई में कलेक्टर ने किसानों से बातचीत की जहां किसानों ने उन्हें अवगत कराया कि इस साल फसल अच्छी हुई है। यहां धान खरीदी केन्द्र में किसी तरह के पैसे की मांग नहीं की जा रही है।
समिति प्रबंधक ने धान खरीदी केन्द्र में बैनर में किसी भी कर्मचारी को पैसा नहीं देने के लिए उल्लेख किया है। कलेक्टर श्री वर्मा ने धान खरीदी केन्द्रों में निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी के नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। समिति के प्रबंधक ने उन्हें जानकारी दी कि डीओ कट गया है और अब तक 1860 क्ंिवटल धान का उठाव हो गया है। कलेक्टर को धान खरीदी केन्द्र भर्रेगांव के किसान विष्णु प्रसाद, कार्तिक राम बंजारे एवं सियाराम कुम्भकार ने बताया कि यहां किसी तरह की पैसे की मांग नहीं गई है। कलेक्टर ने किसानों को बताया कि रकबा की शिकायत होने पर इसमें आवेदन कर संशोधन करा सकते है। धान खरीदी केन्द्र अंजोरा में भी किसानों से बातचीत की। जहां किसानों ने व्यवस्था के प्रति संतुष्टि जाहिर की।

० शारीरिक या मानसिक आघात की चाइल्ड लाइन को 1098 पर दें सूचना
० बच्चों को दें श्गुड टच व बैड टचश् की जानकारीए बचाएं उन्हें शोषण से
० कोरोना संकटकाल में उनके संपूर्ण स्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण के संकटकाल का व्यापक असर बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा हैण् लॉकडाउन के कारण लगातार घर में रहने व स्कूलों व कोचिंग संस्थानों के नियमित नहीं खुलने के कारण उनकी दिनचर्या पर असर पड़ा है, उनके जीवनशैली में अचानक हुए इस बदलाव के कारण उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। ऐसे में बच्चों में कई नकारात्मक सोच उभरने की आशंका भी बढ़ी है। इस परिस्थिति में उन्हें भावनात्मक मदद मिलनी जरूरी है, अन्यथा वह किसी बड़े शारीरिक व मानसिक आघात का शिकार हो सकते हैं। बच्चों को इस संकट से उबारने के लिए दी ब्लू ब्रिगेड, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं यूनिसेफ ने मिलकर लोगों को इसके प्रति जागरूक करने व उन्हें बच्चों के प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाने के उद्देश्य से एक मार्गदर्शिका जारी की है।
मार्गदर्शिका के अनुसार बच्चों के साथ किसी प्रकार की भी ऐसी घटना जिसमें शारीरिक शोषण, बच्चें की पिटाई, किसी वस्तु से चोट पहुंचाना, घर से निकालना, काटना, जलाना या ज्यादा ही सख्ती से पेश आना, उपयुक्त भोजन एवं सुरक्षा प्रदान नहीं करना, अपमानित करना, अनुचित भाषा का प्रयोग करना, यौन शोषण करना व उपेक्षा करना आदि शामिल हों, इसकी सूचना चाइल्ड लाइन को 1098 पर कॉल कर देनी है।

आवश्यक टीकाकरण को भी दी गई है तरजीह
कोविड-19 संक्रमण के असर के मद्देनजर बच्चों के आवश्यक टीकाकरण को भी तरजीह दी गयी है। बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र, जिला अस्पताल सहित सामुदायिक व प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर टीकाकरण जरूर दिलाया जाना चाहिए। बच्चों को दिये जाने वाले टीकाकरण में विशेषतौर पर हेपेटाइटिस बी, काली खांसी, टीबी, हिब इंफेक्शन, दिमागी बुखार, पोलियो, खसरा व रूबेला, डिप्थेरिया व टिटनेस शामिल हैं। ये टीकाकरण बच्चों को जानलेवा बीमारियों से रक्षा करने के साथ उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने का काम करती हैं।

गर्भस्थ शिशु का भी रखा गया है पूरी तरह ध्यान
मार्गदर्शिका में कोविड-19 संकटकाल में गर्भस्थ शिशु के भी स्वास्थ्य का संपूर्ण ध्यान रखते हुए गर्भवती महिलाओं से प्रसव के लिए सरकारी या निजी स्वास्थ्य केंद्रों का चयन करने के लिए कहा गया है। इस बात पर बल दिया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के क्या फायदे हैं और इसकी तैयारी किस प्रकार होनी चाहिए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा भगिनी प्रसूति सहायता योजना आदि की भी जानकारी दी गयी है। गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 के भय को दूर करने तथा गर्भवती को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा या नर्स से मिलवाना व सरपंच या पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग दिलावाने के लिए लोगों से अपील की गयी है।

गुड टच, बैड टच व्यवहार के प्रति भी जागरूकता
जारी मार्गदर्शिका में बच्चों को शारीरिक स्पर्श के बारे में भी सजग व जागरूक बनाने के लिए कहा गया है। बच्चों को यह बताने की अपील की गयी है कि यदि कोई उन्हें अनुचित ढंग से छुए तो उसे रोकें और मदद के लिए जोर से चिल्लाए। ऐसे व्यवहार जिनमें वे स्वयं को सहज महसूस नहीं करते उन्हें बैड टच के रूप में देखा जाता है। पैर के बीच, नितंब व जांघों के बीच, छाती व चेहरा को छूना या ऐसे कोई भी स्पर्श जिससे बच्चा असहज होता है बैड टच की श्रेणी में आता है। ऐसी बातों को मां-पिता, दादा-दादी व शिक्षक आदि से बताने के लिए कहा गया है।

कोविड के दौरान घर पर ही सीखने की प्रक्रिया पर बल
कोविड के दौरान इस बात पर जोर दिया गया है कि बच्चों के घर पर सीखना जारी रहे। कोविड-19 के कारण बच्चों के सामने शिक्षा को लेकर कई चुनौतियां हैं। ऐसी चुनौतियों के बीच बच्चे घर पर रहते हुए सीखना जारी रखें। स्वयं को सीखने की प्रक्रिया में व्यस्त रख इस महामारी में तनाव से निपटन में मदद मिलेगी। सीखने की प्रक्रिया में उनके भाई-बहन, माता-पिता या चाचा-चाची अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं, उनके साथ पंसदीदा कहानियां पढ़ने या खेलने सहित अन्य रचनात्मक कार्य में मदद कर सकते हैं।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / 1 दिसंबर से धान खरीदी शुभारंभ होने से जिले में जो उत्साह का माहौल है और अन्नदाताओं की इस खुशहाली को बनाये रखने जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने ब्लॉकवार खरीदी केंद्रों की निगरानी समिति बनाने समन्वय स्थापित करने के लिए जिला पदाधिकारियों/वरिष्ठ कांग्रेसजनों को प्रभारी नियुक्त किये है।
जिला कांग्रेस के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने सूची जारी करते हुए कहा कि छ ग सरकार देश की पहली सरकार है जो किसानों को 25 सौ का समर्थन मूल्य देकर उन्हें सम्मान दे रही है अन्नदाताओं को धान खरीदी में कोई परेशानी ना हो इसलिए ब्लॉकवार जिला पदाधिकारियों/वरिष्ठ कांग्रेसजनों को जिम्मेदारी दी गई है साथ ही ब्लॉक अध्यक्षों को विशेष निर्देशित किया है कि वे नियुक्त प्रभारियों से संपर्क कर ब्लॉक में निवासरत प्रदेश, जिला, संगठन पदाधिकारी, सम्मानित जनप्रतिनिधि/ वरिष्ठ कांग्रेसजन की बैठक कर धान खरीदी केंद्र में समन्वय के साथ निगरानी समिति का गठन कर सुनिश्चित करावें कि किसान साथियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
ब्लॉकवार प्रभारियों में राजनांदगांवनीलाम्बर वर्मा, घुमका राजभान लोधी, डोंगरगांव पंकज बांधव, डोंगरगढ़ विपिन यादव, खैरागढ़ मोती साहू, छुईखदान अय्यूब कुरैशी, गंडई मोती जंघेल, कुमर्दा श्रीमती विभा साहू, अंबागढ़ चौकी नरेश शुक्ला, लालबहादुर नगर महेंद्र यादव, मोहला अवध चुरेन्द्र, मानपुर संजय जैन, छुरिया मदन साहू, मुढ़ीपार गोवर्धन देशमुख शामिल है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला पंचायत अध्यक्ष गीता घासी साहू ने जनपद पंचायत अंबागढ़ चौकी के सभागृह में समीक्षा बैठक लिया।समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दिवाली के बाद ज्यादा कोविंड़ मरीज मिले हैं जिनको शिविर लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग बोहरनभेडी तीन वर्ष से कार्यअपूर्ण है एक ठेकेदार के चक्कर लगा रहे है जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष गीता साहू ने नाराजगी जताई एवं नोटिस देकर कार्यवाही करने का आदेश दिया। महिला बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की संख्या 209 एवं कुपोषण बच्चों को गर्म भोजन दिया जा रहा है। पशुधन विभाग हर महा शिविर लगाई जा रहीऔर महिलाओं को मुर्गी पालन का लाभ देने के लिए एवं अन्य महिलाओं को जोड़ा जा रहा हैं।
आतर गांव में 60 म्टिल गेहूं बीज वितरण किया गया है जनपद सदस्य श्रीमती योग माया साहू के द्वारा चना, गेहूं , धान बीज में मलिटी खराबी की शिकायत की गई इस बात पर कृषि अधिकारी द्वारा उचित जवाब नहीं दिया गया।विधुत विभाग द्वारा 400 यूनिट से कम खपत पर बिजली बिल हाफ का लाभ मिलेगा 180 नए बोर कनेक्शन का कार्य होना है। उद्यानिकी विभाग राष्ट्रीय बागवानी मिशन ग्राम सांगली, भड़सेनी, पांगरी में चल रही है जिस में गौठान ग्राम को प्राथमिकता पर लिया गया है वर्मी कंपोस्ट का टाका निर्माण कार्य बंद है। सहकारिता विभाग बारदाना की समस्या हैं यदि धान का उठाव ग्राम आमाटोला में नहीं होगा तो किसानों को धान बेचने में परेशान होगी।जिपं.अध्यक्ष ने किसानों को परेशानी ना हो उक्त संबंध में धान उठाव पर सबंधित अधिकारी को जिम्मेदारी लेनी कहा गया। शिक्षा विभाग ऑनलाइन क्लासेस में पढ़ाई जारी है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जल जीवन मिशन) के अंतर्गत 153 गांवो पर एक इंजीनियर के भरोसे काम चल रहा है इंजीनियर की कमी है। गौठान समिति गठित नहीं हुआ है। मनरेगा विभाग में 62 ग्राम पंचायतों में सात मुक्तिधाम, दो नाली निर्माण, चार चबूतरा निर्माण पूर्ण और पाँच पर कार्य प्रगतिरत है कुल 58 निर्माण कार्य हुआ है। मनरेगा में कुल 17 लाख का मजदूरी पेमेंट में 11 लाख मजदूरी पेमेंट मिल चुका है।
समीक्षा बैठक में जिपं अध्यक्ष गीता घासी साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष गुलाब गोस्वामी, धर्मेन्द्र साहू पार्षद, लाल सिंह साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद उपाध्यक्ष नरोत्तम देवहारी, जनपद सदस्य योगमाया साहू, डालसिंग साहू, जनपद सदस्यगण मोनी पप्पू साहू, श्रवण कुमार निर्मलकर फत्ते साय किरेगे, रामाधार हिरवानी, रागिनी सोरी, शेसशवरी धुर्वे, अरुण गोआर्य, उमा पटेल व सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारीगण की उपस्थिति रही।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी 2020-21 में जिले में अधिसूचित फसल चना, गेंहंू सिंचित, गेहूं असिंचित एवं अलसी के फसलों का बीमा किया जा रहा है। फसलों की बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2020 है। जिले में फसल बीमा कराने एवं प्रचार-प्रसार के लिए 1 से 15 दिसम्बर 2020 तक कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त दल द्वारा तिथिवार ग्रामों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता साहू द्वारा 5 दिसम्बर को फसल बीमा रथ को हरी झण्डी दिखाया गया। फसल बीमा रथ 15 दिसम्बर तक जिले के पूरे गांव में जाकर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे तथा फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी किसानों को दी जाएगी। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जी.एस. धुर्वे, सहायक संचालक कृषि ए.के. गुप्ता, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एन. के. टेम्भरे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एन.एल. पर्ते एवं बीमा कम्पनी के कर्मचारी उपस्थित थे। किसानों से अपील है कि मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए अपनी फसलों का बीमा नजदीकी बैंक या लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम कराएं।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा शिक्षित युवाओं को स्वयं का रोजगार एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत 8वीं उत्तीर्ण युवा बैंकों के माध्यम से उद्योग के लिए अधिकतम 25 लाख रूपए, सेवा इकाई के लिए 10 लाख रूपए तथा व्यवसाय के लिए 2 लाख रूपए ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसमें शासन द्वारा अधिकतम 25 प्रतिशत अनुदान दिए जाएंगे।
आवेदन के लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। किसी अन्य बैंक का चूककर्ता नहीं हो तथा भारत सरकार या राज्य शासन की किसी अन्य योजना के अंतर्गत अनुदान का लाभ नहीं लिया हो। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार के आवेदन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र नया संयुक्त जिला कार्यालय भवन राजनांदगांव में सीधे जमा कर सकते है। इसके संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग राजनांदगांव में कार्यालयीन समय में प्राप्त कर सकते हैं।

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