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राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनसामान्य को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। आयुर्वेद की विभिन्न उपचार विधियों से जिला आयुर्वेद विभाग द्वारा नागरिकों की सेवा की जा रही है। कोरोना माहमारी से बचाव के लिए जागरूकता एवं काढ़ा वितरित किया जा रहा है। विगत आठ माह में 21 स्थानों पर नियमित सेवाएं दी जाकर लगभग 20 हजार ग्रामवासियों का परीक्षण कर औषधि प्रदान किया गया।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अरविंद मरावी ने बताया कि राजनांदगांव शहर के चिखली में आयुष पॉलीक्लीनिक का निर्माण 2 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से किया जा रहा है। आयुर्वेदिक यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा की सुविधा के लिए अलग-अलग विंग बनाए जा रहे हैं, ताकि एक ही स्थान पर लोगों को समन्वित चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा। राजनांदगांव शहर में जिले एवं शहर के मरीजों को बेहतर आयुष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभी आयुष पॉलीक्लीनिक मोतीपुर में सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। कोरोना काल में क्षेत्र विशेष के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए काढ़ा वितरण किया जा रहा है एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पाम्पलेट के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। अब तक लगभग 25 हजार लोगों को काढ़ा पिलाया गया। जिला राजनांदगांव के 9 विकासखण्ड में कुल 53 आयुष संस्था के माध्यम से सेवाएं दी जा रही है।
जिले के जीर्ण रोगियों को आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पंचकर्म का लाभ जिला स्तर पर आयुषविंग से मिल रहा है। शासन द्वारा 2018 में आयुषविंग के लिये नवीन भवन स्वीकृत कर निर्माणाधीन है, जिसमें आयुर्वेद के पंचकर्म चिकित्सा से जीर्ण रोगियों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वर्तमान में रोगियों को केरल या कर्नाटक के विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं में जाना पड़ता है, वह सुविधा यहां उपलब्ध कराई जा सकेगी। कोरोना काल में संस्था द्वारा रोगियों को ओपीडी में सामान्य पंचकर्म एवं औषधि वितरण किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन लगभग 40 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है, साथ ही कोरोना के प्रकोप काल में प्रतिदिन क्वाथ वितरण एवं शहर के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जैसे बढ़ते कदम, आरोग्य भारती, लायंस क्लब, विभिन्न वार्ड के पार्षदों एवं राजनैतिक संस्थाओं के माध्यम से लगभग 50 हजार लोगों को काढ़ा वितरण किया गया।
ग्रामीण स्तरों पर आयुष के 47 केन्द्र संचालित है, जिनके द्वारा ग्राम स्तर पर ग्रामवासियों को चिकित्सा सुविधा आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के साथ-साथ छोटी-बड़ी बीमारियों में अत्याश्यक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे टीकाकरण, ए.एन.सी., स्कूल स्वास्थ्य परीक्षण, योग, स्वास्थ्य शिविर, ग्रामवासियों की आवश्यकता अनुसार रोगानुसार स्वास्थ्य शिविर, नेत्र परीक्षण, रक्त परीक्षण, जरा (वृद्ध) क्लीनिक, महिलाओं के लिये शिविर, जागरूकता शिविर आदि के द्वारा जनसामान्य को जागरूक एवं सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें विगत दो वर्षो में लगभग 5 लाख रोगियों का उपचार एवं औषधि प्रदान की गई। आयुष संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा अंतर्गत ग्रामवासियों को उनके आस-पास में ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
कोरोना काल में बागनदी चेक पोस्ट में स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच, कॉल सेन्टरों, कोविड सेन्टरों, आइसोलेशन सेन्टरों के साथ-साथ ग्राम में प्रवासी मजदूरों के लिए बनाये गये सेन्टरों में नियमित जांच एवं क्वाथ वितरण करते हुये चिकित्सा सुविधाएंं उपलब्ध कराई गई। राज्य शासन के द्वारा केन्द्रों में सुविधाएं उपलब्ध किया जाकर केन्द्रों को पूर्ण सुविधायुक्त बनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत आयुष के 53 केन्द्रों में से लगभग 10 केन्द्रों को नवीन भवन, 6 केन्द्रों में ऊर्जा संरक्षण अंतर्गत सौर पैनल, 45 केन्द्रों में जल संरक्षण अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग, पर्यावरण संरक्षण अंतर्गत 6 केन्द्रों में सघन वृक्षारोपण कर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने पर चर्चा , नवीन औद्योगिक नीति के संदर्भ में उद्योगों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान सुविधाओं की दी गई जानकारी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए लीज होल्ड भूमि से फ्री होल्ड भूमि करने के लिए आज निजी होटल में औद्योगिक सेमीनार का आयोजन किया गया। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने सेमीनार को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण के समय में लगातार उत्पादन कर उद्योगों ने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखा और यहां देशव्यापी आर्थिक मंदी का असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि जिला व्यापार उद्योग केन्द्र द्वारा निरंतर उद्यमियों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से यहां के स्थानीय निवासियों को रोजगार देने पर जोर दिया। उन्होंने बड़ी संख्या में उद्योगपतियों के इस सेमीनार में शामिल होने पर प्रसन्नता जाहिर की।
उद्योग संचालनालय रायपुर से आए संयुक्त संचालक उद्योग संजय सिन्हा ने नवीन औद्योगिक नीति के अंतर्गत विस्तृत जानकारी दी। स्थायी पूंजी निवेश, अनुदान, ब्याज अनुदान, वनांचल पैकेज के बारे में उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड भूमि में परिवर्तित किया गया है। जिसमें शासन के नियमानुसार उद्योग विभाग की भूमि जो उद्योगपतियों को लीज पर 99 वर्ष के लिए दी जाती थी। अब नियम में परिवर्तन के बाद उद्योगपति को संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाएगा। उद्योगपतियों ने सेमीनार के दौरान अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एसके सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 के अंतर्गत पट्टे पर औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों अथवा अन्य नामों से स्थापित एवं संस्थानों के नियंत्रण में संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में जो कि शासन की अधिसूचना 31 अक्टूबर 2019 के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विभाग द्वारा पट्टा अभिलेख द्वारा किए गए भूमि आबंटन रकबा 4 हेक्टेयर या 10 एकड़ तक की एकचक भूमि के प्रकरणों पर प्रभावशील होंगे। इकाईयों को आबंटित 4 हेक्टेयर या 10 एकड़ तक की एकचक भूमि या इससे कम पट्टा अभिलेख पर आबंटित भूमि इस प्रावधान के अंतर्गत फ्री होल्ड की जाएगी। इकाईयों को पट्टा अभिलेख में उल्लेखीत मूल प्रयोजन हेतु इकाईयों द्वारा प्रथम उत्पादन दिनांक से 10 वर्षों अथवा उससे अधिक अवधि से उद्योग उत्पादन प्रारंभ किया हो, उन इकाईयों को फ्री होल्ड पर भूमि प्राप्त करने की प्राथमिकता होगी। इकाई को फ्री होल्ड किए जाने की सहमति संबंधित भू-खंड पर लिए गए ऋण अग्रिम आदि के भार से मुक्त हो सकने की स्पष्ट स्थिति पर दी जाएगी। यदि किए इकाई द्वारा आबंटित भूमि अतिरिक्त अन्य भूमि पर अतिक्रमण, अवैध आधिपत्य पाया जाता है, तो ऐसी इकाईयों को फ्री होल्ड की पात्रता नहीं होगी। उन्होंने लीज होल्ड से फ्री होल्ड की प्रक्रिया की जानकारी दी।
सेमीनार में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में चर्चा की गई, ताकि उद्योगपतियों को होने वाली कठिनाईयां कम हो सके। नवीन औद्योगिक नीति के संदर्भ में उद्योगों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान सुविधाओं, छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि आबंटन नियम के सरलीकरण एवं औद्योगिक क्षेत्र में लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड भूमि में परिवर्तित करने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राजनांदगांव इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष जैन, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष आकाश गुप्ता, टेड़ेसरा औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता, राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल एवं औद्योगिक संघो के प्रमुख एवं जिले के उद्योगपति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सहायक संचालक उद्योग गोपाल राव ने आभार प्रदर्शन किया।
० शासन की योजना के प्रति नागरिकों को किया गया जागरूक
० शासकीय योजना के प्रचार-प्रसार के लिए लोगों को मिली प्रेरणा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनसंपर्क विभाग द्वारा कलेक्टोरेट में आयोजित जिला स्तरीय फोटो प्रदर्शनी देखने आज जनसामान्य एवं सभी वर्ग के लोग पहुंचे। जमात पारा राजनांदगांव के निवासी डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा जो शास्त्रीय नृत्य कला के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाचार पत्र से जानकारी मिली कि कलेक्टोरेट में जनसंपर्क विभाग द्वारा फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जिससे उत्साहित होकर वह प्रदर्शनी देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि डिस्प्ले बोर्ड में लगी फोटो एवं जानकारी देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि वह कला के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार दूरदराज इलाकों में करते आ रहे हैं। जनसंपर्क विभाग द्वारा लोगों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए लगी यह फोटो प्रदर्शनी सराहनीय एवं नवाचार हैं जिससे लोगों को लाभ मिलेगा। पुराना बस स्टैंड निवासी जगदीश राम यादव ने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से गोधन न्याय योजना एवं किसानों को मिलने वाले लाभ से मैं अवगत हुआ। जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी एक अच्छा प्रयास है।
गौरी नगर निवासी श्रीमती सुनीता मेश्राम अपनी मां आशा बाई सिंघाड़े के आधार कार्ड में सुधार करने के लिए कलेक्टोरेट आई हुई थी। वह मजदूरी का कार्य करती हैं और एक छोटी सी किराना दुकान उन्होंने खोली है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई यह फोटो प्रदर्शनी लोगों को जागरूक करने के लिए अच्छी है, यहां बहुत सारी जानकारी मिली। संबल पुस्तक में शासन द्वारा संचालित जानकारी मेरे लिए बहुत लाभकारी है। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास के लिए तहेदिल से धन्यवाद दिया। तुलसीपुर राजनांदगांव की निवासी श्रीमती किरण गणवीर एवं झमित पटेल मितानिन हैं वे लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करती हैं एवं उन्हें लाभ दिलाती हैं। जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को उन्होंने देखा और कहा कि उन्हें इस फोटो प्रदर्शनी से उन्हें प्रेरणा मिली है। ग्राम अर्जुनी निवासी दिनेश कुमार साहू बीमा अभिकर्ता है। यहां आकर मुझे पूरी योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। सरकार ने छत्तीसगढ़ी परंपरा का संरक्षण एवं संवर्द्धन किया है। छत्तीसगढ़ी त्यौहार पर शासकीय अवकाश दिवस घोषित किया गया है जो शासन का बहुत ही अच्छा कार्य है। साथ ही गढ़कलेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ी व्यंजन को बढ़ावा दिया गया है। जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई यह फोटो प्रदर्शनी एक सार्थक प्रयास है जिसके लिए जनसंपर्क विभाग को बधाई देता हूं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राजनांदगांव के सांसद रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल जी वोरा जी का ९३ वर्ष की आयु में निधन होने पर राजनांदगांव जिले के कांग्रेसजन शोकाकुल हो संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने बताया कि अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल, राजनांदगांव के सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री के रूप में दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करने वाले वोरा जी के निधन पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वोरा जी का जीवन हम सबके लिए प्रासंगिक है। उन्होंने अपने निष्ठा त्याग समर्पण से राजनीति में जो मुकाम पाया है वह एक उदाहरण है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति के लिए वोरा जी का निधन बड़ी क्षति है। पार्टी नेतृत्व के निर्णय को स्वीकारने की अद्भुत सीख वोरा जी के जीवन से मिलती है, उनके निधन से हमने सर्वमान्य नेता खो दिया है। वोरा जी को पूर्व मंत्री व छग अंतव्यवसायी वित्त निगम के अध्यक्ष धनेश पटिला, विधायक व पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू, विधायक व अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल, विधायक संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी, विधायक छन्नी साहू, पीसीसी महामंत्री शाहिद भाई, थानेश्वर पाटिला, पूर्व विधायक भोलाराम साहू, गिरवर जंघेल, इमरान मेमन, प्रकाश यादव, महापौर हेमा देशमुख, निगम अध्यक्ष हरि नारायण धकेता, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्षगण श्रीकिशन खंडेलवाल, अलाली राम यादव, नवाज खान, रमेश राठौर, जितेंद्र मुदलियार, दिनेश शर्मा, शशिकांत अवस्थी, प्रेम बाफना शरद चितलांग्या, रमेश डाकलिया, कुतुबुद्दीन सोलंकी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हफीज खान, राजगामी संपदा के अध्यक्ष विवेक वासनिक, पूर्व महापौर सुदेश देशमुख, नरेश डाकलिया, उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष आसिफ अली, सूर्यकांत जैन, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रामछत्री चंद्रवंशी, शहर अध्यक्ष रोशनी सिन्हा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनीष निर्मलकर, चेतन भानूशाली, एनएसयूआई अध्यक्ष विप्लव शर्मा, सेवादल अध्यक्ष बबलू कसार, सहितए जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षगण, कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ, विभाग के पदाधिकारी कार्यकर्तागण, नगरीय निकाय के अध्यक्षए उपाध्यक्ष, पार्षदगण, एल्डरमैनगण, २० सूत्रीय समिति के सदस्यगण आदर भाव के साथ श्रद्धांजलि अर्पित किये है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख की अध्यक्षता में महापौर परिषद की बैठक निगम स्थित महापौर कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय परिवार सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा पेशन योजना के पात्र आवेदनों की स्वीकृति, नजूल भूमि मांग की अनुशंसा सहित निगम सीमा क्षेत्र स्थित दुकान की लीज अवधि व किराये में वृद्धि, वित्तीय वर्ष २०२१-२२ में संपत्तिकर निर्धारण किये जाने के साथ साथ अन्य विषयों पर स्वीकृति प्रदान की गयी।
महापौर श्रीमती देशमुख ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि भुगतान किये जाने की स्वीकृति, लोकसेवा केन्द्र से प्राप्त सामाजिक सुरक्षा पेशन के पात्र हितग्राहियों के अनुमोदन के अलावा मवेशी बाजार नीलामी की अवधी में वृद्धि, पुराना अस्पताल के सामने सुलभ काम्पलेक्स के पास निर्मित दुकान क्रमांक ई-१ की लीज अवधी व किराये में वृद्धि, वित्तीय वर्ष २०२१-२२ में संपत्तिकर भुगतान करने पर माहवार छुट दिये जाने के साथ साथ नजूल भूमि मांग सहित अन्य प्रकरणों पर स्वीकृति प्रदान की गयी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष २०२१-२२ में संपत्तिकर के संबंध में निगम अधिनियम १९५६ की धारा १३७ के तहत धारा १३५ व १३६ में अंतार्विष्ट किसी बात के होते हुये भी निगम की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुये एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये वर्ष २०२१-२२ के अपै्रल, मई व जून में १० प्रतिशत, जुलाई, अगस्त व सितंबर में ८ प्रतिशत, अक्टूबर, नवंबर व दिसम्बर में ६ प्रतिशत तथा जनवरी फरवरी मार्च में ० प्रतिशत संपत्तिकर में छुट प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक सहित महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सर्वश्री मधुकर बंजारी, सतीश मसीह, संतोष पिल्ले, विनय झा, भागचंद साहू, गणेश पवार, राजा तिवारी, राजेश गुप्ता चंपू, श्रीमती बैना बाई टुरहाटे, उपायुक्त सुदेश सिंह, सहायक अभियंता कामना सिंह यादव व संदीप तिवारी, लेखा अधिकारी यूएस वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी भूपेन्द्र वाडेकर,, राजस्व अधिकारी नारायण साहू, स्थापना प्रभारी आरबी तिवारी सहित निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर के सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये नगर निगम द्वारा पेंशन का भुगतान वार्डो में शिविर लगाकर किया जा रहा है। इसी कडी में पेंशन का भुगतान के लिये वार्डो में १७ दिसंबर से ८ जनवरी २०२१ तक शिविर का आयोजन प्रातः १० बजे से दोपहर २ बजे तक किया जा रहा है। जिसके तहत २२ दिसम्बर को मोहारा वार्ड नं. ४७ के लिये पार्षद कार्यालय मोहारा में व शिवनाथ वार्ड नं. ५१ के लिये सामुदायिक भवन हरदी में, २३ दिसंबर को मोहड वार्ड नं. ४९ के लिये सार्वजनिक मंच मोहड में, रानी जोतकुंवर वार्ड नं. ५० के लिये सार्वजनिक मंच गौठान सिंगदई में, २४ दिसंबर को राजीव वार्ड नं. ४२ व सर्किट हाउस वार्ड नं. ४३ के लिये फिरंतीन मंदिर राजीव नगर में व बसंतपुर वार्ड नं. ४६ के लिये हनुमान मंदिर बसंतपुर में एवं २८ दिसंबर को महात्मा गांधी वार्ड नं. ७ व शंकरपुर वार्ड नं. ९ के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
उक्त आशय की जानकारी देते हुये निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों की सुविधा के लिये नगर निगम द्वारा वार्डो में प्रति माह शिविर लगाकर पेंशन भुगतान करने की व्यवस्था की गयी है। जिसका आईसीआईसीआई बंैक द्वारा सत्यापन भी किया गया था। जिनका सत्यापन किया गया था उनका पुनः शिविर के माध्यम से बायोमेट्रिक पद्धति से भुगतान किया जायेगा और जिनका सत्यापन नहीं हो पाया है उनका शिविर में ही सत्यापन किया जायेगा। जिसके लिये आधार कार्ड व बैक पास बुक लेकर उपस्थित होना है। जिसमें सत्यापित हितग्राहियों का बायोमेट्रिक पद्धति से पेंशन राशि का भुगतान किया जायेगा। इसी प्रकार शेष वार्डो के लिये शिविर का आयोजन किया जायेगा। उन्होने सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों से वार्डो में आयोजित शिविर में कोरोना वायरस संक्रमण को ध्यान में रखते हुये सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये उपस्थित होकर लाभ लेने की अपील की है।
० सुपोषण का प्रयासः मानपुर ब्लाक के कोंदाबोड़ी सेक्टर क्षेत्र में बताए गए सुपोषण के फायदे
० बच्चे को एक ही बार में सारा खाना न खिलाएं बल्कि नियमित अंतराल भी जरूरी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सुपोषण जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन की सहायता से मानपुर ब्लाक के कोंदाबोड़ी सेक्टर क्षेत्र में सुपोषण के फायदे बताए। ग्राम पंचायत कहगांव के आंगनबाड़ी केंद्र तेलीटोला में शिशुवती माताओं को पूरक आहार बनाने व खिलाने की समझाईश देने के साथ ही संक्रमण से बचाव हेतु साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन ने लाभार्थियों को सुपोषण के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। वहीं तेलीटोला गांव के एक परिवार में दो जुड़वां बच्चों के गंभीर कुपोषित होने की जानकारी मिलने पर भेंटवार्ता कर बच्चों के सुपोषण के लिए विभिन्न उपाय बताए गए। कुपोषित बच्चों के परिजनों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को बताया कि, जन्म के समय से ही बच्चों का वजन औसतन सामान्य से कम है। इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा क्षीरसागर व मितानिन जयंती साहू ने उन्हें बताया, पोषक तत्वों की कमी से भी बच्चा कुपोषण का शिकार हो सकता है और ऐसे में बच्चे को सिर्फ सामान्य खाना खिलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे के आहार में पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में शामिल हों। कुपोषण के लक्षण दिखने पर सबसे पहले बच्चे को संतुलित व पोषक तत्वों से भरपूर आहार देना चाहिए। बच्चे को एक ही बार में सारा खाना न खिलाएं बल्कि खाने के बीच नियमित अंतराल रखें। बच्चे को कुपोषण से दूर रखने के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं। प्रतिदिन उसे कम से कम १.५ लीटर पानी जरूर पिलाएं। इसके साथ ही मां का दूध बच्चे के लिए सबसे पौष्टिक आहार होता है। यह बच्चे को हर तरह की बीमारी से दूर रखता है। ऐसे में जरूरी है कि मां अपने बच्चे को रोजाना पर्याप्त मात्रा में स्तनपान कराए। मां द्वारा शिशु को कम से कम ६ माह तक सिर्फ स्तनपान कराना चाहिए, क्योंकि इससे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा स्वास्थ्य और पोषण अच्छा रहता है। वहीं माता को स्वयं भी मौसमी फलों, हरी सब्जियों और रेडी-टू-ईट का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। इसी तरह बच्चा अगर सख्त चीजें खाने लगा है तो उसे नियमित रूप से फल और सब्जियों का सेवन कराएं। कुपोषित बच्चों के माता-पिता को यह भी बताया गया कि, बच्चे के आहार में वे आलू और स्टार्च भी शामिल करा सकते हैं। बच्चे को मांस, मछली, अंडा व बीन्स खाने को दें। ये सभी चीजें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। यह सब खिलाकर बच्चे को कुपोषण से बचाया जा सकता है।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, सुपोषण के लिए किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों के तहत मानपुर ब्लाक के कोंदाबोड़ी सेक्टर क्षेत्र में शिशुवती माताओं व गर्भवती महिलाओं को सुपोषण का महत्व बताया गया। उन्हें पोषक आहार तथा इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा, कुपोषण को मिटाने के उद्देश्य से जिले में विभिन्न जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन की भी सराहनीय भूमिका है।
धान के उठाव के कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश ,गौठान एवं बाड़ी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित होंगे , पलायन रोकने के लिए श्रम मूलक कार्यों को बढ़ावा दें
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में धान खरीदी में तेजी आई है और 22 नये धान खरीदी केन्द्र के निर्माण होने से लोगों को सुविधा मिल रही है। छोटे किसानों का धान एक ही बार में खरीदी किया जाना है। उन्होंने कहा कि सभी संग्रहण केन्द्रों से टीओ जारी करते हुए धान का उठाव प्रारंभ करें एवं मिलर्स के लिए डीओ काटकर धान उठाव के कार्य में प्रगति लाए। बारदाने की स्थिति का भी मूल्यांकन कर लें। समितियों के द्वारा हमाल की व्यवस्था की जाएगी। उनके द्वारा व्यवस्था नहीं करने पर परिवहनकर्ता द्वारा हमाल की व्यवस्था होगी। सभी एसडीएम अंतर्राज्यीय सीमाओं पर कोचियों की खबर मिलने पर कड़ी कार्रवाई करें।
उक्त बातें कलेक्टर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक के दौरान कही। उन्होंने एसडीएम से कहा कि किसानों के रकबा में संशोधन के लिए आवेदन का प्रमाण पत्र शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की सुरक्षा के लिए शासन के निर्देशानुसार क्रिसमस एवं नये वर्ष के पर्व के लिए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। इस दौरान मंदिर, पर्यटन स्थल एवं अन्य स्थानों पर सोशल डिस्टेसिंग के पालन का ध्यान रखें। भारत शासन के निर्देशानुसार देश में कोरोना वैक्सीन के लिए टीकाकरण की तैयारी करने के लिए कहा गया है। इसके लिए 13 हजार 956 ऑनलाईन एन्ट्री भी की जा चुकी है। जिनका फेज -1 में टीकाकरण किया जाना है। कोरोना वैक्सीन के रख-रखाव के लिए जिले में 54 कोल्ड चेन पाइंट बनाये गये हैं। उन्होंने इसकी पूरी तैयारी रखने के लिए कहा।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि गौठान में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के कार्य में गति लाए और महिला स्वसहायता समूहों को सेल्फ सस्टेनेबल बनाए। गौठान एवं बाड़ी को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करना है। जहां समूह की सहभागिता से मल्टीएक्टीविटी को बढ़ावा देना है। गौठान निर्माण एवं गोधन न्याय योजना के अनुभव से व्यापक तरीके से इससे संबंधित अन्य बातों को समझना आसान होगा। वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में तेजी के साथ ही इसके विक्रय पर भी ध्यान दें। वर्मी कम्पोस्ट की राशि सहकारी समिति के माध्यम से खाते में जमा होगी इसके लिए नगद राशि स्वीकार्य नहीं होगी। सभी जनपद सीईओ को वर्मी कम्पोस्ट के लिए सैम्पल लैब प्रमाणीकरण के लिए भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में पलायन रोकने के लिए मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने श्रम मूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ को निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।
कलेक्टर ने वनमंडलाधिकारी बीपी सिंह से चलित मौसम में लघु वनोपज संग्रहण के संबंध में जानकारी ली। डीएफओ ने बताया कि इस मौसम में हर्रा, बहेरा, कालमेघ, चरोटा लघु वनोपज का संग्रहण किया जा रहा है एवं समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। कलेक्टर ने वनधन केन्द्रों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वनवासियों के हित के लिए लघु वनोपज के संग्रहण के लिए यह जरूरी है कि बिचौलियों से सुरक्षित रहते हुए संग्राहक सीधे शासन को समर्थन मूल्य में लघु वनोपज विक्रय करें। कलेक्टर ने ठंड से बचाव के लिए नगरीय निकायों में बस स्टैण्ड, रैनबसेरा, चौक-चौराहों में रिक्शा चालकों एवं गरीब तथा जरूरतमंद लोगों के लिए अलाव जलाने के निर्देश दिए। आकांक्षी जिला के संकेतक की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना है। गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन के बाद उनके स्वास्थ्य की निरंतर जानकारी लेते रहें एवं इस कार्य में पंचायत का भी सहयोग लें। संस्थागत प्रसव बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने अवैध प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजर एवं लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ संजय यादव, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी एसडीएम एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के अलावा अन्य उत्पादों का करें निर्माण
महिला स्वसहायता समूह बाड़ी में व्यवसायिक दृष्टि से सब्जियों का करें उत्पादन
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं गोधन न्याय योजना, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी तथा मनरेगा अंतर्गत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की प्राथमिकता वाली योजना है जिन गौठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है वहां शत प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन कर विक्रय प्रारंभ होना चाहिए। शासन के जारी निर्देश के अनुसार सभी गौठानों में कार्य करें। कृषि विभाग द्वारा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जाए। गौठान में वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण में तेजी लाए।
उन्होंने कहा कि सभी गौठानों में गोबर खरीदी लगातार होनी चाहिए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक ग्राम सचिव को जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करनी होगी। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले सचिव पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन गौठानों में वर्मी उत्पादन हो रहा है उनका लगातार विक्रय करें। बड़े किसान, उन्नत किसान तथा द्विफसल लेने वाले किसान को वर्मी कम्पोस्ट की खरीदी के लिए प्रेरित करें। शासकीय विभाग जिनकों वर्मी कम्पोस्ट की आवश्यकता है वे समूहों द्वारा निर्मित कम्पोस्ट का खरीदी करें। उन्होंने कहा कि गोबर का उपयोग वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के अलावा अन्य ऐसे उत्पाद बनाने में किया जाए जिसकी विक्रय आसानी से हो सके। जिन गांवों में गौठान नहीं है वहां स्थान का चिन्हांकन करें और इन स्थानों को मल्टीएक्टीविटी सेंटर के रूप में तैयार किया जाए। जहां पर महिला स्वसहायता समूह विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़े कार्य कर सके।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिन गांवों में गौठान बने है वहां रबी के रकबे में वृद्धि होना चाहिए। मवेशी गौठान में रहे ताकि फसलों को चराई से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी गौठानों में स्वसहायता समूह को आर्थिक गतिविधियों से जोडऩा है। गौठानों को मल्टीएक्टीविटी सेंटर के रूप में विकसित करना है। इसके लिए गौठानों में शेड तैयार करें जहां महिला स्वसहायता समूह गौठान में रहकर ही कार्य करें। गौठानों में कार्य करने वाले समूह अपने आमदनी का कुछ हिस्सा रिवाल्विंग फंड में जमा करें। जिससे वे आगे के कार्यों के लिए सामग्री क्रय कर सके। जिससे उनकी गतिविधियां लगातार चलती रहे। कलेक्टर श्री वर्मा ने बाड़ी योजना के अंतर्गत इसके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाड़ी में व्यवसायिक दृष्टि से सब्जियों का उत्पादन किया जाना चाहिए। जिससे महिला समूह की आमदनी में वृद्धि होगी। महिलाएं बाड़ी में सब्जियों का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में विक्रय करें। उन्होंने स्वीकृत किए गए वनधन केन्द्र के निर्माण कार्यों के प्रगति की जानकारी लेकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इसका निर्माण हाट बाजार में हो जहां स्वसहायता समूह के माध्यम से वनोपज खरीदा जाए। इन केन्द्रों में वनोपज को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी की जाए। उन्होंने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा कर लक्ष्य के अनुरूप मजदूर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत पंचायतों में स्वीकृत कार्य किए जाए। 100 दिन पूरा करने वाले मजदूरों की संख्या में वृद्धि करें। उन्होंने नरवा के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत स्वीकृत हुए कार्य पूरे किए जाए। मनरेगा के अंतगत कुओ का निर्माण भी किया जाना चाहिए।
कलेक्टर वर्मा ने एनआरएलएम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि महिला समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनके आर्थिक विकास का कार्य करें। विभिन्न पंचायतों में व्यवसायिक परिसरों का निर्माण किया गया है, उनका उपयोग होना चाहिए। व्यवसायिक परिसर में स्थित खाली दुकानों का आबंटन किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा अनेक बीमा योजना चलाई जा रही हैं। जिसका लाभ हितग्राहियों को मिलना चाहिए। किसी व्यक्ति की मृत्यु या दुर्घटना होने पर बीमित राशि उन्हें प्राप्त होनी चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी प्रारूप तैयार कर जानकारी रखें और हितग्राहियों को लाभ पहुंचाए। जिन गांवों में बैंक नहीं है वहां बैंक सखी के माध्यम से राशि अंतरण का कार्य किया जाए। इसके लिए लोगों को जागरूक करें जिससे बैंक में भीड़ नहीं होगी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, अतिरिक्त सीईओ दिलीप कुर्रे, उप संचालक कृषि बीएस धु्रर्वे, सभी जनपद पंचायत के सीईओ, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सचिव सह आबकारी आयुक्त निरंजन दास एवं प्रबंध संचालक एपी त्रिपाठी के निर्देशानुसार अवैध शराब विक्रेताओं एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत 14 दिसम्बर को सूचना के आधार पर ग्राम बनभेड़ी थाना लालबाग में ओमप्रकाश कंवर के आधिपत्य के रिहायशी मकान से 96 पाव देशी दारू टायगर संत्री केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल कुल मात्रा 17.28 बल्क लीटर जप्त किया गया। इस प्रकार 12 दिसम्बर को बूचटोला मार्ग में नाका लगाकर वाहन चेकिंग के दौरान हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल वाहन क्रमांक सीजी 08 एडी 6424 में अवैध मदिरा परिवहन करते हुए गोपालपुर थाना छुरिया दीनू टेकाम से 51 पाव देशी दारू टायगर संत्रा केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक में 180 एमएल कुल मात्रा 9.18 लीटर जप्त किया गया।
आयुक्त आबकारी नवीन प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती निरूपमा लोन्हारे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी डोंगरगांव एसके द्विवेदी, आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त घुमका जीतेश्वरी आलेंद्र , आबकारी उपनिरीक्षक वृत-चिचोला गीता साहू तथा आरक्षक निजाम शाह ठाकुर, आबकारी मुख्य आरक्षक दीपक गुप्ता, आबकारी आरक्षक वृत्त डोंगरगांव ओमप्रकाश सिन्हा एवं सहयोगी अनिल सिन्हा उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / आज डोंगरगढ़ विधायक अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्राधिकरण भुनेश्वर बघेल के निर्देशानुसार धान खरीदी केन्द्र पदुमतरा का निरीक्षण क्षेत्रीय जनपद सदस्य व सभापाति ओमप्रकाश साहू व युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ वैष्णव पहंुचे।
जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू ने किसानों से मुलाकात किये धान खरीदी की व्यवस्था देखा व अधिकारी-कर्मचारियों व हमालों से बातचीत किये व बेहतर व्यवस्था रखने की बात कही व किसानों को किसी प्रकार परेशानी न हो इस पर विशेष ध्यान रखने कहा गया।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ वैष्णव ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सरकार है किसानो की धान खरीदी व्यवस्था का ध्यान देने की बात कही।
० एनीमिक गर्भवती माता श्रीमती गोमती सिन्हा ने स्वस्थ शिशु को दिया जन्म
० आंगनबाड़ी केन्द्र में पौष्टिक भोजन, अंडा एवं मूंगफल्ली की चिक्की से स्वास्थ्य हुआ अच्छा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत राजनांदगांव की एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना (शहरी) के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषण की रोकथाम के लिए एनीमिक गर्भवती माताओं को घर-घर जाकर पौष्टिक आहार दिया जा रहा है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान संपूर्ण देखभाल की जानकारी दी जा रही है। आंगनबाड़ी केन्द्र बलराम दास वार्ड नंबर 15 केन्द्र क्रमांक 2 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती लता सोनटिया ने वजन पंजीयन के दौरान देखा कि गर्भवती महिला श्रीमती गोमती सिन्हा का वजन 50 किलोग्राम था और उनका हिमोग्लोबिन 9.5 ग्राम था। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत उन्हें लगातार आंगनबाड़ी केन्द्र में सप्ताह में तीन दिन अंडा, मूंगफल्ली की चिक्की एवं प्रतिदिन गर्म भोजन दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गृह भेंट के दौरान पौष्टिक भोजन के साथ ही आयरन, फॉलिक एसिड की गोली, टीकाकरण, नियमित जाँच की सतत निगरानी की। जिसके फलस्वरूप गर्भवती महिला श्रीमती गोमती सिन्हा का हिमोग्लोबिन 12 ग्राम हो गया और उन्होंने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन 3 किलोग्राम था।
मार्च 2020 से कोविड-19 के कारण आंगनबाड़ी बंद हो जाने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर एनीमिक गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन वितरण किया गया और सतत निगरानी की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा परिवार एवं समुदाय के बीच एनिमिया और कुपोषण की कमी हेतु उपलब्ध इ-ईला के विडियो और विभिन्न चार्ट, पोस्टरों के माध्यम से जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं। स्वच्छता और कोविड-19 से बचाव हेतु गृह भेंट कर सभी बच्चों के पालकों, गर्भवती महिलाओं एवं परिवार को लगातार मार्गदर्शन दे रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम एवं पर्यवेक्षक के आपसी समन्वय से शीघ्र से शीघ्र गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के तुरन्त बाद या 1 घण्टे के अंदर स्तनपान, टीकाकरण, कुपोषित बच्चों को पर्याप्त ऊपरी पौष्टिक आहार, वजन, कृमिनाशक गोली, आयरन सिरप का वितरण एवं बच्चों और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन करवा रही हैं। ताकि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया की दर में कमी आ सके।
० खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाकर बताए फायदे
० शहरी क्षेत्र के गौरी नगर में हुआ पोषण जागरुकता कार्यक्रम
राजनांदगांव / शौर्यपथ / बच्चों और महिलाओं को सुपोषित बनाने के लिए जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य कुपोषण को मिटाना है। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहरी क्षेत्र के गौरीनगर में महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने विशेषकर गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य से संबंधित कई कार्यक्रम किए।
इस अवसर पर मौजूद लाभार्थियों को सुपोषण के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया गया। कुपोषण मुक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यहां विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से मूंगफली, केला, कुंदरू, कद्दू, अंडे, पपीता, सोया बड़ी, चना, उड़द, अरहर दाल, बटरा, पापड़, प्याज, आलू, मुनगा भाजी, कांदा भाजी, पोई भाजी और मीठा नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों को रखा गया। साथ ही महिलाओं को इसके सेवन से होने वाले फायदे भी बताए गए। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को कम वजन के नवजात शिशुओं को कंगारू मदर केयर देने की जानकारी दी। साथ ही संक्रमण से बचाव हेतु साफ सफाई बरतने, मां द्वारा शिशु को कम से कम 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराने तथा माता को स्वयं मौसमी फलों, हरी सब्जियों और रेडी-टू-ईट का उपयोग करने हेतु समझाइश दी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा, सही पोषण ही बेहतर विकास की नींव मानी जाती है, इसलिए जो चीजें हमारे आसपास ही मौजूद हैं, उसका भरपूर उपयोग करें। शिशु व स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर लाभार्थी महिलाएं सजगता के साथ समय-समय पर जरूरी सलाह लेती रहेंगी तो कुपोषण के खिलाफ जारी लड़ाई जीतने में निश्चित तौर पर बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि, बच्चों को कुपोषित होने से बचाना है तो आंगनबाड़ी केन्द्र में होने वाली गतिविधियों से जरूर जुड़ें। आंगनबाड़ी के लाभ को अपनाएं। इसके साथ-साथ रेडी-टू-ईट, हरी सब्जियों, अंडा और खासकर मुनगा जैसी चीजों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और कुपोषण से मुक्ति पाएं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर ने बताया, महिलाओं और शिशुओं में सुपोषण के लिए गोद भराई, उचित पोषण आहार, रेडी-टू-ईट या वजन जांचने जैसे क्रिया-कलाप क्षेत्र में लगातार किए जा रहे हैं और इससे महिलाएं लाभान्वित भी हो रही हैं। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, सुपोषण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजनांतर्गत इस वर्ष अब तक 9,093 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई एवं 4,281 गंभीर कुपोषित बच्चों को निःशुल्क दवा वितरण किया गया है। जिले में 6 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित हैं, जिसमें नियमित रूप से बच्चों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में माह फरवरी 2020 तक कुल 960 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र का लाभ दिया गया। पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिवस लाभ लेने के बाद घर पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
उन्होंने बताया, कुपोषण मुक्ति के लिए स्थानीय पौष्टिक आहार को प्रमुखता, बाड़ी, किचन गार्डन को बढ़ावा और अधिक से अधिक जन समुदाय की सहभागिता जैसे कई प्रयास एक साथ और लगातार किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चे का नियमित टीकाकरण हो, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है और इसी कड़ी में गौरी नगर क्षेत्र में पोषण से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिले में 58 हजार 588 नये राशन कार्ड बने
कोविड-19 के दौरान बीपीएल श्रेणी के 2 लाख 92 हजार 402 परिवारों एवं 1896 प्रवासी मजदूरों को दिया गया नि:शुल्क राशन
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन की ओर से प्रदेश की जनता को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सशक्त कदम उठाए गए हैं। राजनांदगांव जिले में जनवरी 2019 से 9 दिसम्बर 2020 तक 58 हजार 588 नए राशन कार्ड बनाए गए। जिसमें नये बीपीएल राशन 10 हजार 727 तथा नये एपीएल राशन कार्ड 47 हजार 861 बनाए गए। खाद्य विभाग द्वारा कोविड-19 संक्रमण के दौरान युद्ध स्तर पर कार्य किया गया। वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने तथा रोकथाम के उपाय हेतु लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन से लोग घरों में रहने विवश थे। वहीं बीपीएल श्रेणी के परिवारों एवं प्रवासी मजदूरों के सामने लॉकडाउन के समय भोजन व्यवस्था की चिंता सताने लगी थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बीपीएल राशनकार्डधारी तथा बिना राशनकार्डधारी (प्रवासी मजदूर) परिवारों की चिंता दूर करने के लिए माह अप्रैल, मई, जून का राशन एकमुश्त नि:शुल्क प्रदाय करने के निर्णय लेकर तत्काल वितरण प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से जिले के सामान्य एवं आदिवासी वनांचल क्षेत्र के बीपीएल परिवारों की एवं प्रवासी मजदूरों की बड़ी चिंता दूर हो गयी। शासन की ओर से एपीएल परिवारों को भी खाद्यान्न दिया जा रहा है।
कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये जिले के सभी 869 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में सामान्य दूरी बनाये रखते हुए खाद्यान्न का सफल वितरण किया गया एवं प्रवासी मजदूरों के पलायन के समय मजदूरों के परिवहन हेतु पेट्रोल, डीजल एवं भोजन की व्यवस्था की गयी। जिला खाद्य अधिकारी श्री किशोर सोमावार ने बताया कि कोविड-19 के दौरान जिले में 2 लाख 92 हजार 402 बीपीएल परिवारों को कुल 3 माह का चावल 453566.7 क्ंिवटल, चना 12669.38 क्ंिवटल नि:शुल्क वितरण किया गया। साथ प्रवासी मजदूरों (लगभग 1896) को माह मई, जून, जुलाई 2020 को कुल 29.78 क्ंिवटल चना, 413.61 क्ंिवटल चावल नि:शुल्क वितरण किया गया।
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