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March 10, 2026
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राजनांदगांव

राजनांदगांव (1732)

पटवारी को मुख्यालय में रहने तथा उनके कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए
खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कार्य में निष्क्रियता बरतने के कारण वहां तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए

राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड-19, खनिज संस्थान न्यास निधि शासी परिषद (डीएमएफ) एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मंडावी, अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह, विधायक प्रतिनिधि लीलाराम भोजवानी, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कोविड-19 के संबंध में की गई व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि जिले में 4 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित है। जिसमें बस में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मास्टि एवं नर्स की टीम कोविड-19 के मरीजों का परीक्षण कर रही है। मंत्री मोहम्मद अकबर ने होम क्वारेंटाईन के संबंध में भी जानकारी ली।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि जिले में कोविड-19 प्रकरणों में कुल कोरोना पॉजिटिव प्रकरण 10223, स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 8682, सक्रिय प्रकरण 1456 है तथा 85 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिले में कोविड-19 संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए एक युद्ध कोरोना के विरूद्ध, मुख्यमंत्री शहरी स्लम कार्यक्रम, कोरोना मुक्त ग्राम पंचायत एवं कोरोना मुक्त वार्ड का संचालन, कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान तथा कोरोना सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि खनिज विभाग निर्माण कार्य एजेंसी को पत्र भी जारी करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ हो सके। एसडीएम श्री मुकेश रावटे ने डीएमएफ के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ में अभी वर्तमान में 9 करोड़ रूपए की राशि है जिसे खनिज प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य किया जाना है। प्रभारी मंत्री अकबर ने खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कार्य में निष्क्रियता बरतने के कारण वहां के तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, विवादित बंटवारा, भुईयां साफ्टवेयर में राजस्व अभिलेखों का डिजिटलाईजेशन की समीक्षा की।
अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने उन्हें राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पटवारी मुख्यालय में नहीं रहते उनकी शिकायतों को देखते हुए अधिकारियों को पटवारियों पर नियंत्रण रखने के लिए कहा और इनके कार्यों का सतत निरीक्षण करने कहा। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि पटवारी मुख्यालय में रहें। सभी अनुविभागों में पटवारियों की नियुक्ति में साम्यता होनी चाहिए। इस अवसर पर वामपंथ उग्रवाद (नक्सल प्रभावित) क्षेत्रों के लिए स्वीकृत राशि की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जनपद पंचायत को पंचायतों में निर्माण कार्य के लिए राजनांदगांव अनुविभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर कोरोना सुरक्षा सप्ताह के तहत कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की शपथ ली गई। इस मौके पर वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ रामावतार दुबे, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, जिला स्तरीय अधिकारी एवं सभी अनुविभागों के एसडीएम उपस्थित थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / संसदीय सचिव इन्द्रशाह मंडावी ने कहा कि सीतागांव में महिलाओं को माहवारी के समय अलग कुटिया में रखा जाता है जो कि अनुचित है। जहां सांप, बिच्छू का डर तो होता ही है साफ-सफाई भी नहीं होती। यह परिवार की महिला सदस्य के साथ अन्याय है। यह एक प्राकृतिक देन है, पाप नहीं है और इसमें छुआ-छूत जैसी कोई बात नहीं है। हमारी माताओं और बहनों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बदलते वक्त के साथ चलने की जरूरत है और अच्छी सोच के साथ समझदारी से काम लेना चाहिए। जिस तरह समय के साथ शिक्षा का स्तर और जीवन के स्तर की गुणवत्ता बढ़ी है। उसी तरह हमें भी समाज की कुप्रथाओं को दूर करना चाहिए। उक्त बातें उन्होंने मानपुर विकासखंड के सीतागांव में आयोजित महिला जागृति शिविर में कही। इस अवसर पर वनाधिकार पट्टा का भी वितरण किया गया।
संसदीय सचिव ने बड़े बुजुर्गों को भी समझाते हुए कहा कि आप सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसी कुप्रथा को दूर करें और कुछ सकारात्मक सोचे। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करें। जब तक वैक्सीन नहीं आता, तब तक मास्क लगाकर रहना होगा। उन्होंने युवाओं को नशे की आदत छोडऩे को कहा। जनपद अध्यक्ष श्री दिनेश मंडावी ने कहा कि हमें समाज से छुआ-छूत की भावना को मिटाना है और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की दिशा में आगे कदम बढ़ाना है। गांव के सभी लोग मिलकर इस कुप्रथा को दूर करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्राथमिकता से वन अधिकार पट्टा वनवासियों को दिया और छत्तीसगढ़ देश में वन अधिकार पट्टा वितरित करने में अग्रणी राज्य है। जिससे हमारे गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना पूरा होगा। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधिका अंधारे ने कहा कि यह कुप्रथा ठीक नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं गांव के शिक्षित लोग सभी को समझाने की कोशिश करें।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सीपी बघेल ने कहा कि समाज की कुप्रथाओं को तोडऩे के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। समय में परिवर्तन आया है और महिलाएं सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। हमें समाज की ऐसी अनुचित रूढिय़ों को समाप्त कराना होगा ताकि महिलाओं को उनके विकास का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश ने कहा कि ऐसे दूरस्थ क्षेत्र में आज भी ऐसी कुरीतियां है, जहां बच्चे की डिलिवरी के बाद माता को अलग कुटिया में रखा जाता है वहीं महिलाओं को भी माहवारी के समय अलग स्थान में रखा जाता है। जबकि ऐसे समय में छोटे से बच्चों को भी संक्रमण से बचाना होता है और अस्वच्छ वातावरण में भी नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपने परिवार को समझाएं और जागरूकता लाएं। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा है कि यह दुखद बात है और हमारी चिंता बढ़ जाती है जब हम आगे बढ़ रहे हैं और महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं। इसके बावजूद आज भी इस तरह की कुरीतियां समाज में मौजूद है। यहां की सरपंच महिला है इसके बाद भी ऐसी कुप्रथा टूट नहीं पा रही है दुख की बात है। उन्होंने कहा कि हम इस सामाजिक कुप्रथा को दूर करने में सहयोग करेंगे। ऐसे चिन्हांकित लोगों के घर-घर जाकर उन्हें समझाईश देंगे कि पहले से चली आ रही प्रथा अब के समय में ठीक नहीं है। माहवारी के दिनों के लिए महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का उपयोग कर रही हैं। यह तकलीफ के दिनों को कम करते हैं और जिसकी वजह से महिलाएं सामान्य दिनों की तरह काम कर पाती हैं। महिला स्वसहायता समूह द्वारा कम कीमत पर सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने पति एवं सास-ससुर के बातों पर भरोसा करती हंै। आप उन्हें समझाएं कि आज के समय में यह सही नहीं है और इस कुरीति को जड़ से खत्म करना है। बच्चों की बेहतरी के लिए हमें यह कार्य करना होगा। पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर एवं घर-घर जाकर ही सभी समझाईश देंगे। इस कुरीति को दूर करने के लिए हमें युद्ध स्तर पर कार्य करना होगा और आप सभी को साथ देना होगा।
जनपद सीईओ डीडी माण्डले ने कहा कि हमारे समाज में कई तरह की बुराईयां है। जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। देश के महान समाज सुधारक राजाराम मोहन राय ने सती प्रथा का अंत किया था एवं बाल विवाह के अंत के लिए कार्य किया। ऐसी कुप्रथाएं महिलाओं के प्रति अत्याचार है। इनको समाप्त करने के लिए किसी न किसी व्यक्ति को आगे बढऩा होता है और वे समाज में परिवर्तन लाते हैं। उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा का अंत करें, बच्चों को सुपोषित करें और उन्हें आंगनबाड़ी भेजे। इस मौके पर श्रीमती सुशीला यादव ने महिलाओं को गोंड़ी भाषा में समझाया कि कुटिया घर, कोंटा घर ठीक नहीं है पुरखों के इस चलन और कुप्रथा को दूर करना है। सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करें और बीमारियों से दूर रहे। इस अवसर पर कला जत्था द्वारा लघु नाट्य के माध्यम से इस कुप्रथा को दूर करने का संदेश ग्रामवासियों को दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से महिलाओं को पौष्टिक आहार की जानकारी दी गई एवं पौष्टिक नाश्ता भी दिया गया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य अभिमन्यु सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती छाया उइके, सभापति महिला बाल विकास सुशीला भंडारी, सुरेन्द्र उर्वशा, सृजन साहू, सीडीपीओ योगेश भगत, सरपंच सीतागांव सुश्री चन्दा मंडावी, दुरगू राम उपस्थित थे।

० साल्हेवारा, आमगांव, रामपुर संकुल के पारा मोहल्ला स्कूल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
० अधिकारियों ने शिक्षा सारथियों एवं छात्रों से मिलकर अध्यापन व्यवस्था का हाल जाना

राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजना पढ़ई तुंहर दुआर का विकासखंड छुईखदान के विभिन्न संकुल अंतर्गत सुचारू क्रियान्वयन हो रहा है। जिसका विकासखंड नोडल अधिकारी एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेन्द्र कुमार सुधाकर के द्वारा निरीक्षण किया गया। नोडल अधिकारी के द्वारा साल्हेवारा, आमगांव, रामपुर संकुल के ग्राम खादी, गोंगले, रामपुर, नवागांव, समनापुर में संचालित विभिन्न पारा एवं मोहल्ला क्लास का दौरा एवं निरीक्षण किया गया। विभागीय अधिकारीयों ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा सारथियों एवं बच्चों से मिलकर अध्यापन व्यवस्था का हाल जाना। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेन्द्र कुमार सुधाकर ने बताया कि पारा मोहल्ला कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति संतोषजनक है और शिक्षा सारथियों के द्वारा दिया जा रहा योगदान सराहनीय है।
अधिकारियों ने शिक्षा सारथियों को महत्वपूर्ण टिप्स देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिक्षकों से चर्चा करने एवं सुझाव लेने हेतु तत्पर रहें। प्राथमिक शाला गोंगले के शिक्षा सारथी प्रीतम लाल पांचे, हिरिया बाई सहारे, प्राथमिक शाला आमगांव के शिक्षा सारथी रेशमा मरकाण्डे, उमेश पटेल, निर्मल पटेल, प्राथमिक शाला समनापुर के फुलेश्वर कांवरे, असमती, पम्पा, माध्यमिक शाला समनापुर के देवचंद कांवरे, अजय पटेल प्राथमिक शाला कोसमर्रा के त्रिवेणी यादव, पुष्पा बारले, प्राथमिक व माध्यमिक शाला रामपुर के करुणा वर्मा केशरी ठाकरे, प्राथमिक शाला बंजारपुर के कुलेश्वर पटेल, कुमारी शीतला, कुमारी गंगा आदि ने बताया कि सभी शिक्षा सारथी पिछले दो माह से मोहल्ला क्लास में विद्यादान कर रहे हैं। पारा मोहल्ला क्लास संचालन शुरू करने में कुछ कठिनाई आई लेकिन अब सब ठीक हो गया है और उन्हें भी बच्चों को पढ़ाने का अच्छा अनुभव हो रहा है, साथ ही अपने गांव के बच्चों के लिये कुछ करने का सुअवसर मिला है।
विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में संकुल समन्वयक मनोज मरकाम, शिवकुमार खुसरो, शिक्षक दिनेश निर्मलकर, अरुण कुमार कोसे, कृष्णा लाल ठाकरे, सजवन कुमार मरकाम, चरण लाल मरकाम, वीनेश बांसुरी, ओमप्रकाश यदु, देवनारायण जांगड़े, शैलेन्द्र साहू, हरीश झरिया आदि उपस्थित थे।

० जिन्दगी से जरूरी कुछ भी नहीं, जीवन की सुरक्षा के लिए मास्क लगाएं, आदत एवं व्यवहार बदलें
० मास्क को सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग करें
० बुजुर्गो, बच्चों एवं महिलाओं को संक्रमण से सुरक्षा के लिए युवा लगाएं मास्क

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना जैसी घातक महामारी हमारे सामने खड़ी है। हमारे देश में रोजाना लाखों लोग लापरवाही और असावधानी के कारण कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि कोरोना के उपचार हेतु अभी तक कोई वैक्सीन नहीं आई है। यह भी तय नहीं है कि कब तक यह कठिन दौर खत्म होगा। अभी जितने भी लोग कोरोना से बचे हुए हैं उसकी मुख्य वजह यह है कि उन्होंने आपस में शारीरिक दूरी बनाये रखने और समय-समय पर हाथों को सेनिटाईज करते रहने व ठीक तरीके से मास्क पहनने को अपनी आदत में शामिल कर लिया है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वैक्सीन आने तक हमारे पास जो संसाधन हैं, उन्हें ही सुरक्षा कवच के रूप में हमें उपयोग करना होगा।
याद रखें कि अभी कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही वैक्सीन है। जब तक कोरोना की दवाई उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब तक हम लोगों को वैक्सीन मानकर मास्क को ही पहनना होगा। शोध बताते हैं कि ठीक तरीके से मास्क पहनना कोरोना महामारी को 98 प्रतिशत तक रोके रखता है। मास्क पहनने से हम खुद सुरक्षित रहेंगे और दूसरों को भी सुरक्षित रखेंगे। दरअसल कोरोना से बचने के तीन ही उपाय हैं। एक मास्क, दूसरा शारीरिक दूरी और तीसरा हाथों को साबुन से धोकर या सेनिटाईज कर साफ रखना। अगर हम सभी ने ये तीनों उपाय का अच्छे से पालन किया तो निश्चित रूप से हम सभी कोरोना संक्रमण से बचे रहेंगे।
सामान्यतः यह देखने में आ रहा है कि नगर सहित जिले के अन्य स्थानों में मास्क को लेकर घोर लापरवाही हो रही है। बाजार में लोग बेधड़क अपनी सुरक्षा को ताक में रखकर बगैर मास्क पहने और शारीरिक दूरी बनाये बेधड़क घूम रहे हैं। यह बेहद दुखद है कि आज इस कठिन दौर में हमारे युवा साथी घर से निकलते समय मास्क नहीं पहनते हैं और शारीरिक दूरी बनाये रखने और हाथों को सेनिटाईज करने के नियमों का पालन नहीं करते हैं। जिससे वे कोरोना से संक्रमित हो जाते है। युवाओें में बीमारियों से लड़ने की शारीरिक-मानसिक क्षमता मजबूत होती है, इसलिए वे खुद तो बचे रहते हैं किन्तु वे घर वापस आकर अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को संक्रमित कर रहें है। घर में ही रहने वाले बड़े बुजुर्गों के संक्रमित होने का यह सबसे बड़ा कारण है। जो हमें असमय ही अपने बड़े बुजुर्गों को जोखिम में डाल रहा है। अतः हम सभी को घर से बाहर निकलते समय यह ध्यान रखना चाहिए की कोराना संक्रमण अभी मिटा नहीं है। मास्क पहनेंगे तो संक्रमण से बचे रहेंगे। इसलिए स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मास्क जरूर पहनें और जो नहीं पहन रहे हैं, उन्हें मास्क पहनने प्रेरित करें।
प्रायः यह भी देखने को मिल रहा है कि फैक्ट्री, कारखानों और दुकानों के व्यवसायी बंधु और वहां काम करने वाले लोग बगैर मास्क पहने अपना व्यापार चलाते हैं जिससे भी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका बढ़ती है। व्यापारी वर्ग को भी नो मास्क, नो एन्ट्री की बात को कड़ाई से पालन कराना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को जीवन को खतरे में डालने से पहले एक बार हम सभी को अपने परिवार के बारे में जरूर सोचना चाहिए। लापरवाही करने पर हम खुद तो संक्रमित होते ही हैं, बल्कि हमारे द्वारा अन्य रिश्तेदारों व मित्रों को भी जाने-अनजाने में यह बीमारी दे दी जाती है। अतः अब हर व्यक्ति को अब अपनी सामाजिक जवाबदारी समझते हुए काम करना पड़ेगा। मेरा मास्क आपको बचाएगा और आपका मास्क मुझे बचाएगा अब इसी भावना को आत्मसात कर हमें अपना व्यवहार बदलना होगा। बगैर मास्क पहने घर से निकलने से पहले एक बार जरूर सोचें कि ऐसी क्या मजबूरी है, जो जिंदगी से ज्यादा जरूरी है।
आईये अब हम कोरोना से डरकर नहीं, डट कर मुकाबला करें। हम सभी अपने वर्तमान जीवन में दो गज की दूरी, मास्क जरूरी के संदेश को अपने जीवन का उद्देश्य बनाये। जिले में कोरोना के संक्रमण एवं बचाव तथा रोकथाम के लिए 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2020 तक कोरोना सुरक्षा सप्ताह मनाया जाना है। जिसके लिए जिले में प्रत्येक दिवस सामाजिक भागीदारी से विशेष गतिविधियां की जाएंगी।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / सिविल हॉस्पिटल खैरागढ़ में डॉक्टर की टीम ने विचारपुर नवागांव निवासी कोरोना पॉजिटिव महिला का प्रसव सफलतापूर्वक कराया। बीएमओ सिविल हॉस्पिटल डॉ. विवेक ने बताया कि जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ है। डॉक्टर की पूरी टीम ने अपना फर्ज निभाते हुए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉक्टर की टीम में सिविल अस्पताल खैरागढ़ में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीति वैष्णव, स्टाफ नर्स पूर्णिमा ठाकुर और स्टाफ नर्स धनेश्वरी कुम्हार शामिल रहे। बच्चे के टीकाकरण का कार्य स्टाफ नर्स मंजु कामड़े और स्टाफ नर्स निशा कपूर के द्वारा किया गया।

राजनांदगांव / शौर्यपथ /कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी नवीन प्रताप सिंह तोमर के मार्गदर्शन में 7 अक्टूबर 2020 को आबकारी विभाग द्वारा दामाबंजारी से काकोड़ी मार्ग में नाका लगाकर वाहन चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल वाहन क्रमांक सीजी 08 जेडबी 4436 में अवैध मदिरा परिवहन करते थुहाडबरी थाना अंबागढ़ चौकी निवासी गेंदलाल पटेल से 50 पाव देशी दारू संत्रा केवल महाराष्ट्र में विक्रय के लिए वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल कुल मात्रा 9 लीटर एवं टीपानगढ़ से काकोड़ी मार्ग में हीरो क्लिक स्कूटी क्रमांक सीजी 08 एएच 7560 में अवैध मदिरा परिवहन करते देहान थाना गैंदाटोला निवासी परमानंद सिन्हा से 75 पाव देशी दारू संत्रा प्रत्येक मे 180 एमएल कुल 13.5 लीटर जप्त किया गया है।
कुल 2 प्रकरण में 125 पाँव कुल 22.5 बल्क लीटर ( महाराष्ट्र निर्मित) तथा 2 दोपहिया वाहन को जप्त कर सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36, 59 (क) का प्रकरण दर्ज कर विवेचना किया जा रहा है। रेड कार्रवाई दौरान श्रीमती निरूपमा लोन्हारे सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजनांदगाँव (ब) एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी डोंगरगांव एस.के. द्विवेदी तथा आरक्षक राकेश दुबे, सुरेंद्र झारिया एवं अनिल सिन्हा सहयोगी उपस्थित थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / इस वर्ष चालू खरीफ में पर्याप्त बारिश होने से धान की अच्छी पैदावार होने की संभावना है, परन्तु कुछ दिनों एवं सप्ताह से जिले में बेमौसम वर्षा एवं खराब मौसम के कारण से फसल में कीट व्याधि एवं बीमारियों का प्रकोप अधिक होने की शिकायत देखी जा रही हैं। जिससे किसान फसल को लेकर परेशान हैं। खराब मौसम एवं नमी वाले मौसम कीट के फैलाव के लिए अनुकूल है। इसलिए फसल में कीट व्याधि एवं बीमारियों का समय में रोकथाम किया जाना अति आवश्यक है।
जिले में कुल 3 लाख 25 हजार हेक्टेयर में धान की फसल किसानों के द्वारा ली गई है। जिसमें किसानों के द्वारा शीघ्र पकने वाली हरूना किस्म, मध्यम अवधि में पकने वाली एवं देर से पकने वाली धान की फसले विभिन्न पद्धतियों से ली गई है। हरूना किस्म के धान फसल में बालियां लग गई है तथा कुछ में बालियां लगने की स्थिति में है। धान की बाली अवस्था में माहो का प्रकोप अधिक होता है, जिसका उचित समय में नियंत्रण नहीं करने पर फसल को पूरी तरह से खराब कर देता है।
भूरामाहों -
यह कीट पौधे के निचली सतह पर तने पर बैठकर रस चूसकर हानि पहुंचाते है। अधिक प्रकोप की स्थिति में जगह-जगह पर गोलाकार जले हुए दिखाई देता है। इससे प्रभावित फसल की पत्तियों में काला धब्बा बन जाता हैं। इसके नियंत्रण के लिए नीम का तेल 2500 पी.पी.एम को 1 लीटर प्रति एकड़ से छिड़काव करें या इमिडाक्लोरोपिड 17.8 एस.एल. की 40-50 मिली लीटर को 200-250 लीटर पानी में घोल तैयार कर प्रति एकड छिड़काव कर सकते हैं।
हरामाहों -
यह हरे रंग के कीट पत्तियों से रस चुसकर हानि पहुंचाते है। जिसके कारण पत्तियों की नोंक पर पारदर्शी पीले धब्बे पड़ जाते है और पौधा कमजोर पड़ जाता है तथा बाद में पत्तियों पर काली फफूंद पड़ जाती है। इसके नियंत्रण के लिए क्लोरोपायरिफास 20 ई.सी. की 2 मिली लीटर मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। किसान भाईयों से आग्रह है कि वर्तमान में माहो कीट की प्रकोप की समस्या को देखते हुए अनुशंसित कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव करें, ताकि समय में कीट का रोकथाम हो सके तथा अच्छी पैदावार लिया जा सके।

सेंटर से 100 लोग डिस्चार्ज हुए
कोरोना पीडि़त मरीजों को मिली नि:शुल्क सुविधाएं
स्वस्थ होकर नागरिकों ने आभार व्यक्त किया

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 संक्रमण की विभीषिका का सामना करने में जिले की उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति ने आगे बढ़कर लोगों की मदद की है। उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से अभी 100 लोग डिस्चार्ज हुए हैं। उदयाचल समिति के भावेश बैद ने कहा कि कोविड-19 केयर सेंटर की संचालन के दरम्यान यह बात महसूस हुई कि मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। लोगों की दुआ एवं स्नेह से हमें ऐसी गंभीर स्थिति में सेवाभावी कार्य के लिए प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर के प्रेरणा स्रोत कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा है। उन्होंने हमें आगे बढ़कर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कुछ तकलीफे और समस्याएं भी सामने आई। जिनका हम समय पर समाधान खोज पाए और सभी के लिए सुचारू व्यवस्था कर पाएं। उनकी प्रेरणा से ही यह सेंटर इतने सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है।
केशर नगर के मेहुल मारू ने बताया कि कोविड-19 पॉजिटिव आने के बाद इस केयर सेंटर में भर्ती हुए। उन्होंने कहा कि आपदा के इस दौर में उदयाचल सेवा समिति द्वारा किए जा रहे सेवाभावी कार्य के लिए धन्यवाद देने के लिए शब्द नहीं हैं। सेंटर में केटली, थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, बीपी मशीन एवं अन्य व्यवस्था की गई है। वे प्रतिदिन के पौष्टिक आहार की प्रशंसा करते हुए बताते हैं कि उपमा, पोहा एवं अन्य नाश्ते के साथ पनीर एवं विविध प्रकार की सब्जी खिचड़ी, हल्दी मिला दूध, नारियल पानी, फल आदि सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही है। उन्होंने लोगों से कहा है कि कोरोना के जरा भी लक्षण दिखे तो सबसे पहले टेस्ट कराएं और बिल्कुल न डरे। सिर्फ सकारात्मक सोच रखे तभी कोरोना से लड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले हार्ट की भी तकलीफ थी लेकिन अब वे पूर्णत: स्वस्थ है और अपने घर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के परामर्श से कोविड-19 केयर सेंटर में आ सकते है।
उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से ठीक होकर जाने के बाद महेश शर्मा ने समिति के भावेश से अपने परिजनों से बात करवाकर धन्यवाद दिया और कृतज्ञता ज्ञापित की। सहदेव नगर की प्रियल पाल ने बताया कि सेंटर में सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हंै।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विद्युत मंडल के कार्यपालन अभियंता ललित राठौर के विरूद्ध पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत पर जुर्म दर्ज किया है। भाजपा नेता बिजली उपभोक्ता श्यामसुंदर नरेडी ने ईई पर बिजली कटौती के विषय पर चर्चा के दौरान बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
बताया जा रहा है कि ललित राठौर के खिलाफ दिए गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि 28 अगस्त की रात को वार्ड में बिजली बंद होने के संबंध में ईई से चर्चा करने के लिए कॉल किया गया। इससे पहले उन्होंने कनिष्ठ अभियंता योगेश श्रीवास से भी मोबाइल से संपर्क साधा, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में शिकायतकर्ता ने अभियंता राठौर के मोबाइल नंबर 94060-94920 में रात 9.15 बजे कॉल किया। बिजली बंद को लेकर जैसे ही बात ईई ने सुनी, वह भडक¸ गए और उल्टे शिकायतकर्ता से बदतमीजी करने लगे।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि ईई द्वारा यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री से शिकायत करने से भी उनका कोई कुछ नहीं कर सकता। साथ ही उन्हें ईई द्वारा अकेले में मिलकर सबक सिखाने की धमकी भी दी गई। उधर पूरे मामले को लेकर पीड़ित भाजपा नेता ने डोंगरगढ़ पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने धारा 155 के तहत एफआईआर दर्ज कर पीड़ित को कोर्ट में जाने की सलाह दी गई।
डोंगरगढ़ थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि शिकायत के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। 155 की धारा के अनुसार न्यायालय में जाने की पीड़ित को सलाह दी गई। उधर ईई ललित राठौर ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। बहरहाल विद्युत मंडल के मुख्य ओहदे में बैठे अफसर के इस रवैये को लेकर डोंगरगढ़ भाजपा नेताओं में नाराजगी है।

राजनंदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कोरोना का जो भयावह आंकड़ा देखने को मिल रहा है, उससे अब प्रशासन की सुविधाएं बौनी साबित होने लगी हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पताल भर चुके हैं, बेड कम पड़ रहे हैं। संकट की इस घड़ी में राजनांदगांव की सेवाभावी संस्थाएं पूरे देश में एक उदाहरण साबित हो रही हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उदयाचल, जिससे वे लंबे समय से जुड़े रहे और महाजनबाड़ी, शांति विजय सेवा समिति तथा सिख समाज द्वारा राजनादगांव में जो कोविड-19 के मरीजों की निःस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है, वह निःसंदेह प्रशसनीय और अनुकरणीय है। डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की जनता को संस्कारधानी की संस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन संस्थाओं द्वारा उदयाचल भवन में 100 बिस्तरों का सर्व सुविधा युक्त अस्पताल तैयार किया गया है, जिसमें कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीमीटर थर्मामीटर, गर्म पानी के लिए हीटर, भाप लेने की मशीन की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
सभी मरीजों पर टीवी एवं कैमरा द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है, संस्था द्वारा निःशुल्क सुविधाओं के साथ-साथ सिख समाज द्वारा मरीजों को उच्च स्तर का नाश्ता भोजन भी श्रद्धा भाव से परोसा जा रहा है और मरीजों के डर को कम करने के लिए आध्यात्मिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रयास भी किए जा रहे हैं, और इस तरह कोविड-19 के मरीजों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित हो रही है, जिसे देखने हेतु केंद्र से भी टीम आई और उन्होंने इसका अवलोकन कर इस व्यवस्था को सराहा।
डॉ. सिंह ने कहा कि संस्कारधानी के विधायक होने पर गर्व का अनुभव करते हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी सेवाभावी संस्थाओं से राजनांदगांव मॉडल को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि कोविड-19 को भगाने के लिए समाज को सामूहिक प्रयास करने होंगे और सरकार के प्रयासों में सहयोग देना होगा तभी हम सभी मिलकर कोविड-19 को पछाड़ सकेंगे।

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