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मुंगेली ।
राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, जनसेवा की गुणवत्ता और मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को शासन-प्रशासन की सकारात्मक छवि दिखाई दे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंचे, यह प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वन मंडलाधिकारी अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, तीनों अनुविभागों के एसडीएम और सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आदिवासी विकास विभाग: छात्रावासों में पेयजल, बिजली, बिस्तर और अन्य सुविधाओं की सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा; ग्राम जाकड़बांधा में अवैध वृक्ष कटाई पर तत्काल कार्रवाई।
राजस्व विभाग: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और ऋण पुस्तिका से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण; पटवारियों द्वारा अनावश्यक चक्कर न लगवाने के निर्देश।
शिक्षा विभाग: पाठ्यपुस्तक वितरण, नि:शुल्क साइकिल, पीएम श्री योजना, न्योता भोजन कार्यक्रम का समयबद्ध क्रियान्वयन; शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना।
श्रम विभाग: श्रमिकों को आवास योजना और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु शिविरों और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था।
महिला एवं बाल विकास: कुपोषण पर नियंत्रण, महतारी वंदन और मातृवंदना योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान भारत, जीवन धारा, कुष्ठ उन्मूलन, डायरिया नियंत्रण और सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा।
उद्योग विभाग: जिले में उद्योग विस्तार हेतु ठोस कार्ययोजना।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग: जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल और पाइपलाइन कार्य में समुचित समतलीकरण।
लोक निर्माण विभाग: खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मत और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का समयबद्ध निर्माण; पीएमजीएसवाई परियोजनाओं का तेजी से पूरा करना।
धान खरीदी केंद्र: सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश।
कलेक्टर ने सभी विभागों की प्रगति की जानकारी दी। इसमें छात्रावासों का नियमित निरीक्षण, मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं एटीआर बफर क्षेत्र में मोबाइल टावर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, आजीविका डबरी, सामाजिक ऑडिट सहित अन्य उपलब्धियों का विवरण शामिल था।
पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, ऑपरेशन बाज और जागरूकता कार्यक्रमों की रिपोर्ट दी, जिसमें 12 लाख रुपये से अधिक साइबर ठगी की राशि नागरिकों को वापस कराई गई। वन विभाग ने अतिक्रमण मामलों में सख्त कार्रवाई और ‘एक पेड़ मां के नाम’ योजना की प्रगति से अवगत कराया।
मंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि जनता को शासन की योजनाओं का समय पर और समुचित लाभ मिल सके।
मुंगेली, / शौर्यपथ /
जिला पंचायत सभा कक्ष, धरमपुरा (मुंगेली) में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत फॉर्म-6 से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिले के कॉलेज एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों हेतु आयोजित किया गया, ताकि नए मतदाताओं के पंजीयन कार्य को अधिक सुव्यवस्थित, त्रुटिरहित और प्रभावी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पांडे, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी, तथा पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने एसआईआर की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मतदाता सूची का सतत अद्यतन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का आधार है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देशित किया कि जिन विद्यार्थियों की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें फॉर्म-6 भरवाया जाए। इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 और घोषणा पत्र का वितरण किया गया।
मास्टर ट्रेनर श्री संजय सोनी ने प्रशिक्षणार्थियों को—
फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाता पंजीयन
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
प्रविष्टियों में त्रुटि सुधार
जैसे बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सुगम ढंग से समझाया तथा उपस्थित प्राचार्यों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्राचार्यगण ने सक्रियता से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने अपेक्षा जताई कि प्रशिक्षण के बाद शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ा जा सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और भी सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम में ईआरओ, एईआरओ सहित जिले के सभी प्राचार्य उपस्थित रहे।
सरगांव / शौर्यपथ /
मुंगेली जिला के प्राचीन धार्मिक धरती श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप, मदकू मं 26 दिसंबर 2025 ले शुरू भइय्या पारंपरिक छेरछेरा पुन्नी मेला इस बछर घलो श्रद्धा, विश्वास, आस्था अउ उल्लास के माहौल मं जमके परमानंद बटोरत हवय।
चार जनवरी 2026 के मातर पर्व के संग इही ऐतिहासिक मेला अपन परंपरागत गरिमा मं सम्पन्न होही। सदियों ले चलत आथे ये मेला, जेकर आगंतुक आज घलो छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक अउ सामाजिक विरासत के जीवंत झलक देखथें।
शिव पुराण कथा ले गूंजत हवय भक्तिभाव के स्वर
मेले के प्रमुख आकर्षण मं हर बछर जइसे इस बछर घलो शिव पुराण कथा के आयोजन होवत हवय। कथा व्यास पंडित रवि शर्मा भकतन मन ला भगवान शिव के महिमा, लीला अउ उपासना के रस-भरी कथा सुनावत हें।
शिवनाथ नदी के पवन संग घुलत—
“हर-हर महादेव” “बोल बम” के जयघोष पूरा मदकू द्वीप ला पावन, भव्य अउ आध्यात्मिक माहौल ले भर देथे। तीन धाराओं से घिरे मदकू द्वीप मं संस्कृति, अध्यात्म अउ प्रकृति के अद्भुत संगम ,शिवनाथ नदी के तीन धाराओं के बीच बसे मदकू द्वीप मं पुरातात्विक विरासत, प्राकृतिक हरियाली, जैव विविधता अउ शांति के अनूठा संगम दिखथे।
हजारों बरस के प्राचीन मंदिर अवशेष, शिवलिंग, पत्थर कला के चिह्न अउ शांत वातावरण इहाँ आए हर आगंतुक के मन ला छू लेथे।
दूर-दराज ले आइन भकतन मन दर्शन, पूजन, नदी स्नान अउ ध्यान-धारणा कर आत्मिक शांति के अनुभूति ले भरपूर लाभ लेत हें।
मेला मं परंपरा संग मनोरंजन के बहार
मेले के मैदान मं परंपरागत दुकानदार मन अपन-अपन दुकान सजाय हें—
खान-पान के स्टॉल
चूड़ी, आभूषण, खिलौना
घरेलू उपयोग के सामग्री
झूला, मनोरंजन के साधन
परिवार, महिलायें, बच्चे औ बुजुर्ग—सबो मन भरपूर आनंद लेत हें। ये मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नइ, बल्की ग्रामीण जनजीवन मं अपनापा, मेल-मिलाप, समरसता अउ स्थानीय व्यापार ला बढ़ावा देये वाला एक बड़ा अवसर बन गे हवय।
पिछला बछर के घटना ले सबक: इस बछर सुरक्षा पुख्ता
पिछला बछर मेले के दौरान हुइय्या चाकूबाजी घटना मं एक युवक के मृत्यु ले पूरे क्षेत्र मं चिंता के माहौल बन गे रहिस।ये घटना ले सबक लइत इस बछर पुलिस प्रशासन अउ स्थानीय प्रशासन सुरक्षा मं कोनो कसर नइ छोड़त हें।
पर्याप्त पुलिस बल
लगातार गश्त ,सीसीटीवी निगरानी ,संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर ,असामाजिक तत्वों पर सख्ती ,श्रद्धालु मन ला शांतिपूर्ण, सुरक्षित अउ निश्चिंत वातावरण मिले, येही प्रशासन के मुख्य उद्देश्य आय।
समग्र रूप मं – परंपरा, संस्कृति अउ आस्था के अनमोल उत्सव
छत्तीसगढ़ी संस्कृति के जीवंत पहचान छेरछेरा पुन्नी मेला इस बछर घलो केदार द्वीप मदकू मं आस्था के उजास, परंपरा के गमक अउ लोक जीवन के उल्लास ले गोहरावत हवय।ये मेला ना केवल धार्मिक आस्था के पर्व आय, बल्कि छत्तीसगढ़ी जनजीवन मं सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि अउ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के जरूरी कड़ी बनके उभरत हवय।
मुंगेली / शौर्यपथ / जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल करते हुए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आगामी 100 दिनों तक विशेष जागरूकता एवं गतिविधि आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती अंजुबाला शुक्ला के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 27 नवंबर 2024 को प्रारंभ किए गए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने पर इसे दूसरे चरण के रूप में व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता एवं सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है। प्रशासन द्वारा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 10 मार्च 2024 को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया गया था। इसी क्रम में जिला मुंगेली वर्ष 2025-26 में 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। वर्तमान में 50 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों द्वारा बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2029 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय टीम द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पूर्व लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के तहत जिले की शैक्षणिक संस्थाओं, धार्मिक स्थलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संघों, डीजे एवं बैंड संचालकों से संवाद कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही शिविरों के माध्यम से लोगों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया जा रहा है।
मुंगेली / शौर्यपथ / ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 600 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के समन्वय (कन्वर्जेन्स) से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।
आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों में आवश्यक सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित होगी। इससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन, रोजगार सृजन और आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाएगी।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि आजीविका डबरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी मॉडल है। विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से यह योजना लोगों को बहुआयामी लाभ प्रदान करेगी। जिले में 600 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे मनरेगा योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण के लिए आगे आएँ और इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएँ।
मुंगेली / शौर्यपथ / शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले में "प्रशासन गांव की ओर" थीम पर 25 दिसंबर तक सुशासन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित लाभ सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत रोहराकला एवं टेमरी में जनसमस्या समाधान सह सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविरों में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में आमजन की समस्याओं का निराकरण किया गया।
ग्राम पंचायत रोहराकला में आयोजित शिविर के दौरान कुल 436 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 154 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम पंचायत टेमरी में आयोजित शिविर में 308 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 155 मामलों का त्वरित निराकरण किया गया, शेष प्रकरणों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह अचानकमार में आमजनों द्वारा विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित 235 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं के तहत लाभान्वित भी किया गया।
ग्राम पंचायत रोहराकला में आयोजित शिविर में विधायक बिल्हा विधानसभा श्री धरमलाल कौशिक शामिल हुए। उन्होंने आमजनों को शिविर का लाभ उठाने प्रेरित करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति, महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त भुगतान, सुव्यवस्थित धान खरीदी, आयुष्मान भारत योजना से नि:शुल्क उपचार, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे, संस्थागत प्रसव एवं सुपोषण अभियान के प्रभावी परिणामों की जानकारी दी। इस दौरान जिला पंचायत सभापति श्रीमती अनीला देवेंद्र राजपूत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा मनीष जांगड़े, जनपद सभापति श्री रिंकू ठाकुर, जनपद सदस्य श्री अश्वनी वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मुंगेली जिले के लोरमी में राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए 72 लाख 80 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। श्री साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोरमी के राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में चार कार्यों के लिए कुल 72 लाख 80 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। इनमें बाउंड्री-वॉल निर्माण के लिए 21 लाख 54 हजार रुपए, पेवर ब्लॉक कार्य के लिए 19 लाख 54 हजार रुपए, हाईमास्ट लाइट के लिए 12 लाख 38 हजार रुपए तथा शेड निर्माण के लिए 19 लाख 34 हजार रुपए शामिल हैं।
03 किलोवाट के सोलर पैनल से मिल रही बिजली
मुंगेली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना अंतर्गत सौर ऊर्जा से जिले के नागरिकों के घर रोशन हो रहे हैं। योजना के अंतर्गत अब आम लोग अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर मुफ्त बिजली प्राप्त कर रहे हैं और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के लोरमी स्थित वार्ड क्रमांक 08 रानीगॉव निवासी श्री राजेन्द्र कुमार उपाध्याय ने योजना का लाभ प्राप्त कर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो गए हैं। उनके घर की छत पर 03 किलोवाट के सोलर पैनल लगने से रोशनी जगमगा रही है।
श्री उपाध्याय ने बताया कि यह योजना हमारे जैसे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है। अब बिजली बिल की चिंता खत्म हो गई है और सूरज की रोशनी से घर रोशन हो रहा है। योजना के तहत शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी के साथ सोलर पैनल लगाया जा रहा है। साथ ही बैंक द्वारा फायनेंस की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए आमजनों को योजना का लाभ उठाने प्रोत्साहित किया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिलों में कमी आती है, बल्कि स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलता है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। आमजनों को योजना के लिए प्रोत्साहित करने शासन के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में जिले में गायों की सेवा, संरक्षण एवं सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘गौ सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया और गायों की सेवा, संरक्षण एवं सहयोग को प्रोत्साहित करने के साथ संकल्प लिया गया।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. आर.एम. त्रिपाठी ने बताया कि जिले की सभी 367 ग्राम पंचायतों में गौ-चौपाल का सफल आयोजन कर आज लोरमी विकासखण्ड के ग्राम केस्तरपुर और दाउकापा में समापन हुआ। चौपाल के माध्यम से पशुपालकों को घुमंतु एवं आवारा पशुओं के प्रबंधन, गोठान की उपयोगिता, पशु पहचान, टीकाकरण तथा पशुपालन आधारित योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरूआत गाय की पूजा कर शुरू की गई। उन्होने बताया कि जिले में आयोजित गौ-चौपाल में ग्रामीणों और पशुपालकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
26 हजार से अधिक गौ मित्रों का हुआ पंजीयन
अभियान के अंतर्गत तीनों विकासखंडों में विशेष कार्ययोजना बनाकर ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया गया। इन समितियों के माध्यम से आवारा पशुओं की देखभाल, चारा-पानी की व्यवस्था एवं गोठान को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया गया। गौ चौपाल के माध्यम से 26 हजार से अधिक गौ मित्रों का पंजीयन किया गया है। इन गौ मित्रों को जनपद पंचायत से पहचान पत्र जारी किया जा रहा है। ये सभी गौ मित्र घुमन्तू पशुओं के प्रबंधन व गाय लेने हेतु पशुपालकों को प्रेरित करेंगे व ग्राम पंचायत का सहयोग करेंगे।
13 हजार से अधिक पशुपालकों की भागीदारी, 04 हजार 534 पशुओं में ईयर टैगिंग
गौ-चौपाल के माध्यम से न केवल आवारा पशु प्रबंधन में मदद मिलेगी, बल्कि पशुपालकों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ भी मिलेगा। गौ चौपालों में जिले के 13 हजार 778 पशुपालकों ने भाग लिया। चौपालों के माध्यम से 01 हजार से अधिक घुमन्तू पशुओं को उनके मालिकों सौंपा गया है। वहीं ग्रामों के सरपंच, स्थानीय ग्रामीणजनों द्वारा 882 पशुओं को गोद लिया गया है। तीनों विकासखण्डों में गॉवों का चयन कर 04 हजार 534 पशुओं में ईयर टैगिंग तथा 875 पशुओं को रेडियम कॉलर बेल्ट पहनाया गया है।
मौके पर पहुंचे जिला कलेक्टर एवं सीईओ
घटनाक्रम की ली जानकारी, बच्चों के बेहतर प्राथमिक उपचार के दिए निर्देश
जर्जर भवन में कक्षा संचालन शासन के निर्देशों का उल्लंघन,बी.ई.ओ., बी.आर.सी. प्रधान पाठक को नोटिस जारी करने दिए निर्देश
मुंगेली/शौर्यपथ/मुंगेली विकासखंड के ग्राम बरदुली में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में छत का प्लास्टर गिरने से बच्चों के घायल होने की सूचना मिली। जानकारी मिलने पर तत्काल कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पांडेय ने विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मौजूद शिक्षकों से घटनाक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। प्रधान पाठक श्री अखिलेश शर्मा ने बताया कि शाला भवन के छत का प्लास्टर गिरने से कक्षा तीसरी के साथ छात्र हिमांशु दिवाकर और अंशिका दिवाकर को सिर और हाथ में चोट आई। उनका प्राथमिक उपचार किया गया, अभी बच्चे ठीक हैं। जिला प्रशासन एवं स्वस्थ आमले की मौजूदगी में बच्चों का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। सी.एम.एच.ओ ने बताया कि कोई भी गंभीर स्थिति नहीं है बच्चे खतरे से बाहर है।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों का बेहतर इलाज करने एवं अन्य आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि जर्जर भवनों में किसी भी परिस्थिति में कक्षाओं का संचालन नहीं होना चाहिए। निर्देशों की अवहेलना करते हुए कक्षाओं का संचालन किया जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र बावरे, बी.आर.सी. सूर्यकांत उपाध्याय, संकुल समन्वयक शत्रुघ्न साहू और प्रधान पाठक अखिलेश शर्मा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और डीएमसी समग्र शिक्षा को फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी इस प्रकार की घटना नहीं होनी चाहिए अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत कर बढ़ाया उत्साह
विद्यालय निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा में मौजूद बच्चों से बातचीत की। विद्यालय में शिक्षण सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पहाड़ पूछा और उन्हें चॉकलेट एवं बिस्किट प्रदान कर प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर को अपने बीच पाकर बच्चे आश्चर्यचकित
स्कूल में उस समय भावुक एवं आश्चर्य जनक माहौल बन गया जब जिला पंचायत सीईओ ने बच्चों से जिले के कलेक्टर का नाम पूछा। बच्चों ने पूरी तत्परता से कलेक्टर का नाम बताया और भविष्य में उनसे मिलने की इच्छा जताई। लेकिन जब सामने बैठे व्यक्ति ने कलेक्टर के रूप में अपना परिचय दिया तो बच्चे आश्चर्य से उत्साहित हो उठे। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का लोरमी दौरा
मुंगेली /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि और विधायी कार्य, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज लोरमी प्रवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एम.के. धुर्वे ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 से संचालित यह महाविद्यालय लोरमी नगर की शैक्षणिक पहचान बन चुका है। मुख्यमंत्री द्वारा गर्मी के समय वाटर कूलर एवं 100 सीटर कन्या छात्रावास की सौगात क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम में छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया और छात्रा पूर्णिमा द्वारा उपमुख्यमंत्री को मांग-पत्र सौंपा गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री साव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमें प्रकृति और समाज से जुड़कर समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है, सही दिशा तय करना। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का रास्ता मेहनत और ईमानदारी से होकर गुजरता है। इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, मन और तन दोनों को साधना होगा। यह तय आपको करना है कि आप 45 प्रतिशत अंक वाले विद्यार्थी बनना चाहते हैं या 95 प्रतिशत अंक वाला, क्योंकि वही सितारे की तरह चमकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कभी भी डिप्रेशन, निराशा और हताशा को अपने जीवन में जगह न दें। ये आपके सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता एक गरीब माँ के बेटे होकर भी विश्व मंच पर छाए हैं, यह मेहनत और लगन का परिणाम है।”
वृक्षारोपण कर दिया संदेश, सांस्कृतिक मंच निर्माण सहित की विभिन्न घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री साव ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति एक जिम्मेदारी है।” उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग और जल संरक्षण के प्रति युवाओं को जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कॉलेज की मांगों को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करते हुए आवश्यक घोषणाएं कीं, इनमें 15 नग ग्रीन बोर्ड, परिसर में बाउण्ड्रीवाल, चेकर पत्थर, 02 सेट सोलर हाइमास्ट और सांस्कृतिक मंच निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर उन्हें महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लोरमी एसडीएम अजीत पुजारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्राचार्यगण, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मुंगेली/शौर्यपथ /मुंगेली ज़िले के लोरमी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसाबाड़ी गांव में सात वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण व हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। यह मामला न केवल क्रूरता की पराकाष्ठा है बल्कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी कुप्रथाओं के घातक स्वरूप को उजागर करता है।
पुलिस द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि बच्ची की हत्या गांव के ही पांच लोगों ने मिलकर की थी, जिनमें बच्ची का चचेरा भाई और उसकी पत्नी भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने तंत्र-मंत्र की क्रियाओं में सफलता पाने की मंशा से इस मासूम की बलि दी।
पुलिस ने इस जघन्य अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दो मुख्य संदिग्धों का ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफी और नार्को टेस्ट भी कराया गया है, जिसमें उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।
घटना का क्रम इस प्रकार सामने आया:
2 अप्रैल की रात को कोसाबाड़ी गांव में एक शादी समारोह था। इसी दौरान बच्ची अपने घर के आंगन में मां की गोद में खाट पर सो रही थी। मां की नींद रात 2 बजे खुली तो देखा कि बच्ची गायब है। पहले परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन असफल रहने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
लगभग एक महीने बाद, 7 मई को गांव के समीप एक सुनसान इलाके में बच्ची का नरकंकाल मिला। इससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
पुलिस अधीक्षक की निगरानी में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण, फॉरेंसिक और मनोवैज्ञानिक जांच के आधार पर इस जघन्य अपराध की परतें खोलीं। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी अब न्यायिक हिरासत में हैं, और जल्द ही पुलिस मामले में सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्ण खुलासा करेगी।
समाज को चेतावनी:
यह हृदयविदारक घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास की भयंकर परिणति है। यह सोचने का समय है कि कैसे शिक्षा, जागरूकता और संवेदनशील प्रशासन ही ऐसे अपराधों पर लगाम लगा सकता है।
नोट: पीड़िता की पहचान को गुप्त रखने के उद्देश्य से समाचार में नाम और व्यक्तिगत विवरणों को हटा दिया गया है।
कार्यालयीन समय में 20 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी मिले गैरहाजिर
अनुपस्थिति एवं विलंब पर जताई गहरी नाराजगी, नोटिस जारी करने तथा वेतन कटौती के दिए निर्देश
मुंगेली/शौर्यपथ /कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित समाज कल्याण, उद्योग, शिक्षा सहित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। निरीक्षण के दौरान 20 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति एवं विलंब पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थिति पंजी का भी निरीक्षण किया और कहा कि उपस्थिति में पारदर्शिता और नियमितता आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में बिना सूचना के कार्यालयीन समय में अनुपस्थित पाए गए, इनमें जिला शिक्षा अधिकारी श्री चन्द्र कुमार घृतलहरे, जिला मिशन समन्वयक श्री ओ.पी. कौशिक, सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री अजय नाथ सहित सहायक परियोजना समन्वयक, प्रोगामर, सहायक ग्रेड 03 व 02, कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं भृत्य अनुपस्थित पाए गए। इसी तरह जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के महाप्रबंधक व प्रबंधक, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक और कम्प्यूटर ऑपरेटर के बिना सूचना के कार्यालयीन समय में अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत प्रोग्रामर शशिभूषण पांडेय द्वारा गैरहाजिर रहने के बावजूद उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी को सेवा से पृथक करने आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अनुशासन का कड़ाई से पालन करने और कार्यालय में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा कार्य के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मुंगेली/शौर्यपथ / कृषि विभाग रायपुर के संचालक श्री राहुल देव के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा खाद-बीज की निर्बाध रूप से आपूर्ति हेतु जिले के विभिन्न कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया। कृषि विभाग के उपसंचालक श्री एम.आर.तिग्गा ने बताया कि प्राप्त निर्देश के परिपालन में निरीक्षण में जायसवाल कृषि केन्द्र एवं ट्रेडर्स औराबांधा, अमन कृषि केन्द्र लछनपुर, नारायण ट्रेडर्स सारधा, राठौर कृषि केन्द्र सारधा, हरिओम कृषि केन्द्र हरदी, जानकी खाद भंडार झोंका, साहू कृषि केन्द्र भटगॉव, बालाजी ट्रेडर्स रीवापार, मॉ शैलपुत्री कृषि केन्द्र कोदवाबानी, सोनकर कृषि केन्द्र ठकुरीकापा, वैभव कृषि केन्द्र भटगॉव, हेमंत कृषि केन्द्र भटगॉव और साहू कृषि केन्द्र लौदा को उर्वरक विक्रय में अनियमितता पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 03 केन्द्रों के उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया।
जिला निरीक्षक श्री मनहरण कुर्रे ने बताया कि 07 उर्वरक का नमूना लिया गया और निर्धारित मूल्य एवं पॉस मशीन से ही उर्वरक का विक्रय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही केन्द्रों में मूल्य सूची, स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित करने कहा गया। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग की सहायक संचालक श्रीमती ललिता मरावी, निरीक्षक श्री राजेश साहू, श्री योगेश दुबे और श्री उमेश दीक्षित सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
