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दुर्ग / शौर्यपथ / विंग्स दो फ्लाई सोसायटी द्वारा आयोजित किलोल वाचन वेबीनार की 9वी सीरीज दिनांक 30 /04/2022 को आयोजित किया गया। इस वेबीनार में बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थीम पर आधारित अपनी रचनाओं पर वाचन करने का अवसर मिला। इस प्रतियोगिता सहा वेबीनार का पूरा संचालन रीता मंडल द्वारा किया गया। विशेष अतिथि के रुप में एवं निर्णायक के रूप में शामिल हुए लोकप्रिय कवि एवं लेखक श्री कोमल प्रसाद राठौर जी, जिन्होंने बच्चों की प्रतिभा की तारीफ की एवं उनके आत्मविश्वास को खूब सराहा।
कार्यक्रम में दुर्ग जिला से अरविंद यादव, युक्ति यादव, साक्षी कोसरिया, पायल कुंभकार, ताराम निषाद एवं तारने यादव ने अपनी रचनाओं का वाचन किया। यह सभी 6 बच्चे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जेवरा सिरसा के छात्र छात्राएं हैं। इन 6 बच्चों ने राज्य स्तर पर हुए किलोल वाचन वेबीनार में पूरे दुर्ग जिला का प्रतिनिधित्व किया है इन बच्चों ने अपने स्कूल की शिक्षिका विभु दुबे के मार्गदर्शन में अपनी रचनाओं को प्रस्तुत किया। शाला की प्रधानता टीका श्रीमती संध्या सेंगर ने सभी बच्चों एवं शिक्षिका विभु दुबे को उनकी प्रस्तुति पर बधाई दी एवं शाला का नाम राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व करने पर प्रशंसा की।
दुर्ग / शौर्यपथ / आज 1 मई मजदुर दिवस को बोरे बासी दिवस के रूप मनाने और बोरे बासी खाने का आह्वान प्रदेश के मुखिया भुपेश बघेल जी ने किया है। आज 1मई पूरे प्रदेश में जोर शोर से बोरे बासी खा कर 1मई मजदूर दिवस मनाया जा रहा है । मुस्लिम समाज का रमजान माह भी चल रहा है रमजान के माह पूरा 30 दिन का भी रोजा (उपवास) रख कर जिसमें ना पानी पिया जाता और ना ही खाया जाता है। कोई भी चीज सूर्योदय के समय से लेकर सूर्यास्त तक सेवन नही की जाती है।
शाम को सूर्यास्त होते ही रोजा खोलने का समय होता है और रोजा अफ्तार किया जाता है या खोला जाता है। ये अफ्तार का समय भी मुस्लिम समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। अफ्तार के समय विभिन्न प्रकार के शर्बत और पकवान बड़े शौक से मुस्लिम समाज के लोग बनाते है और रोजा खोलते है।
आज बोरे बासी दिवस मनाने के आह्वान को सुनते ही बड़ी खुशी खुशी कल रात से ही हमारे यहां चावल में पानी डालकर बोरे बासी बोरकर रखा गया था हमारे नियमित पकवान साथ बोरे बासी पकवान को रोजा इफ्तार के व्यंजन शामिल कर रोजा इफ़्तार किया गया ।
अय्यूब खान पुर्व अध्यक्ष युवा कांग्रेस लोकसभा दुर्ग ने बताया कि हम छत्तीसगढ़िया लोगों को अपनी संस्कृति अपनी वेशभूषा, भाषा, त्योहार और व्यंजन पे गर्व करना चाहिये जिस तरह पंजाबी अपनी पंजाब की संस्कृति , गुजराती अपनी गुजरात संस्कृति , मराठी अपनी महाराष्ट्रीय संस्कृति में किया करते है पुरे देश भर में अनेकों उदाहरण है ।
इस वर्ष तो मैने बोरे बासी खा कर बोरे बासी दिवस मनाया है अब आने वाले हर 1 मई को अपनी छत्तीसगढिया संस्कृती का व्यंजन बोरे बासी दिवस को विशाल रूप मनाएंगे आने वाले हर वर्ष को जिसमे बड़े बड़े लंगर और भंडारा करवा कर गरीब,मजदूर,किसानो के साथ मिलकर बैठ कर ओर बाट कर बोरे बासी खायेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / आज 1 मई मजदूर दिवस का अवसर पर जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा भीषण गर्मी से बचाव के लिए एवं मजदूरों की सबसे उपयोगी समाग्री गमछा एवं उनके अच्छे स्वास्थ बिस्किट का वितरण किया गया. जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग जिसका एक मात्र उद्देश्य हर वह अंतिम व्यक्ति को वह सुख सुविधाएं पहुँचना है जिससे वह अभी तक अछूता रहा है, इसी उद्देश्य को लेकर विगत 5 वर्ष 5 माह से संस्था के युवा सदस्यों द्वारा प्रतिदिन दुर्ग रेल्वे स्टेशन में जरूरतमंदों को भोजन, साबुन, निरमा, तेल, साड़ी, धोती एवं अन्य जरूरत की सामग्री का वितरण किया जाता आ रहा है.
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया की आज दिनाँक 1 मई को प्रातः 9 बजे पूरे जिले के अलग अलग क्षेत्रों में काम करने जाने वाले सभी महिला एवं पुरुष मजदूरों को गमछा एवं बिस्किट का वितरण किया गया, ताकि प्रतिदिन कार्य करते समय धूप में मजदूरों की सुरक्षा हो सके एवं आज की मजदूरी करते समय उनको बिस्किट खाने से स्वास्थ मजबूत रहे,
संस्था द्वारा आज प्रातः 9 बजे दुर्ग तहशील के सामने, सिंधी कालोनी, जीई रोड में मजदूरी करने महिला एवं पुरुष मजदूरों को गमछा वितरण किया गया, जिसमे 450 से अधिक महिला एवं पुरुष मजदूरों को गमछा वितरण किया गया, संस्था द्वारा गमछा भी किसान एवं मजदूरों के उपयोग में आने वाला ही वितरण किया गया .
संस्था के गिरधर शर्मा ने बताया कि दुर्ग जिले में जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पशु-पक्षियों के दाना-पानी के लिए दिनाँक 24 अप्रैल 2022 से शहर के प्रमुख स्थानों में कोटना रखने एवं आम नागरिकों को निःशुल्क सकोरे वितरण का कार्य प्रारंभ किया गया है, जोकि निरन्तर जारी है..
गिरधर शर्मा ने बताया कि शहर के नागरिकों को अपने छत में पक्षियों के दाना-पानी रखने के लिए निःशुल्क सकोरे वितरण कार्यक्रम में 8वे दिवस शहर के हृदय स्थल चंडी चौक में आज दिनाँक 1, मई रविवार को शाम 5 बजे मजदूर दिवस के दिन चंडी चौक, दुर्ग में मजदूरों, रिक्सा चलाने वाले महेनत मजदूरी करने वाले सभी लोगों को अपने अपने घर के छत पर पशु-पक्षियों के दाना पानी रखने के लिए निःशुल्क सकोरे का वितरण किया गया साथ ही साथ विभिन्न स्थानों में गौ माता, एवं अन्य जानवरों के दाना पानी के लिए कोटना रखा गया, इसके साथ चंडी चौक में सभी रिक्सा वालो, ठेला चलाने वालों को गमछा का वितरण किया गया..
संस्था द्वारा दिनाँक 24 अप्रैल से पशु-पक्षियों के लिए कोटना एवम सकोरे वितरण में आज 8 दिनों में कुल 76 कोटना एवं 2400 से अधिक सकोरे का वितरण किया जा चुका है जो निरन्तर जारी रहेगा.
इस पूरे सेवा कार्य मे विशेष रूप से राजेन्द्र साहू, प्रदेश महामंत्री, श्याम शर्मा, शिशु शुक्ला, अर्जित शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, संजय भूतड़ा, विवेक मिश्रा, राहुल शर्मा, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, ईशान शर्मा, मृदुल गुप्ता, राजेन्द्र ताम्रकार, शुभम सेन, अख्तर खान, शब्बीर खान, सुजल शर्मा, पवन अग्रवाल दद्दु ढीमर,आंनद गौतम, हरीश ढीमर, भागवत पटेल, एवं संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित थे..
दुर्ग / शौर्यपथ /
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग कोरोना की संक्रमण दर पूर्ण रूप से निष्क्रिय करने के लिए वैक्सीनेशन अभियान को और सक्रिय करने जा रहा है । इसके लिए मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे.पी. मेश्राम के मार्गदर्शन शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए माइक्रो प्लान बनाया गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने इस विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि जिले के 12-60 प्लस आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण का लक्ष्य 14 लाख 34 हजार 614 रखा गया है। जिसमें प्रथम डोज के रूप में-13लाख 55 हजार 996 द्वितीय डोज के रूप में-11 लाख 49 हजार 943 एवं बुस्टर डोज के रूप में-58 हजार 852 अर्थात कुल 25 लाख 64 हजार 791 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। कोविड की आगामी लहर से बचाव हेतु 28 अप्रैल को दुर्ग शहरी क्षेत्र में कोविड वैक्सीनेशन से छुटे हुए हितग्राहियो को वैक्सीनेशन के लिए शहरी क्षेत्र के सभी खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक एवं शहरी कार्यक्रम प्रबंधक की आवश्यक बैठक लेकर ,शहरी क्षेत्र में कोविड वैक्सीनेशन शतप्रतिशत लगाने के लिए माइक्रोप्लान बनाया गया है ।जिसमें जिले के नगर निगम क्षेत्र में वार्डवार कोविड वैक्सीनेशन जनप्रतिनिधि, वार्ड पार्षद , जनप्रतिनिधि की टीम, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं मितानिनों के सहयोग से किया जाना है। प्रत्येक वार्ड में शासकीय भवन या निजी संस्था में दो दिवस टीकाकरण प्रात: 08:00 बजे से 01:00 तक लगाया जावेगा। इसके अतिरिक्त सभी यूपीएचसी में भी कोविड टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण हेतु तिथि और वार्ड का निर्धारण किया गया हैं जो इस प्रकार है।
नगर निगम भिलाई में -
दिनॉंक-1 और 2 मई को वार्ड क्रंमाक 1-10,ं 32-38, 42-47,52-54 तक।
दिनॉंक - 5 और 6 मई को वार्ड क्रंमाक 11-20,48-51 तक।
दिनॉंक - 7 और 11 मई को वार्ड क्रंमाक 21-31,39-41,55-60, तक।
दिनॉंक - 12 और 13 मई को वार्ड क्रंमाक 61-65 तक।
दिनॉंक - 14 और 18 मई को वार्ड क्रंमाक 66-70 तक।
नगर निगम रिसाली में-
1 और 2 मई को वार्ड क्रंमाक 26-31 तक।
5 और 6 मई को वार्ड क्रंमाक 13-18 तक।
7 और 11 मई को वार्ड क्रंमाक 19-23 तक।
12 और 13 मई को वार्ड क्रंमाक 32-37 तक।
14 और 18 मई को वार्ड क्रंमाक 07-12 तक।
19 और 20 मई को वार्ड क्रंमाक 01-06 तक।
21 और 23 मई को वार्ड क्रंमाक 24,25 तक।
नगर निगम जामुल में-
1 और 2 मई को वार्ड क्रंमाक 1-9,12,13,15 तक।
5 और 6 मई को वार्ड क्रंमाक 11,14,16-18 तक।
नगर निगम चरोदा में
1 और 2 मई को वार्ड क्रंमाक 1-6 तक।
5 और 6 मई को वार्ड क्रंमाक 7-12 तक।
7 और 11 मई को वार्ड क्रंमाक 13-18 तक।
12 और 13 मई को वार्ड क्रंमाक 19-24 तक।
14 और 18 मई को वार्ड क्रंमाक 25-30 तक।
19 और 20 मई को वार्ड क्रंमाक 31-36 तक।
21 और 23 मई को वार्ड क्रंमाक 37-40 तक।
नगर निगम दुर्ग में
1 और 2 मई को वार्ड क्रंमाक 1-11एवं 56,57,58 तक।
5 और 6 मई को वार्ड क्रंमाक 12-25 एवं 59,60 तक।
7 और 11 मई को वार्ड क्रंमाक 26-40 तक।
12 और 13 मई को वार्ड क्रंमाक 41-55 तक।
12 से 14 आयु के हितग्राही को कोर्बीवैक्स प्रथम एवं द्वितीय डोज। 14 से 18 आयु के हितग्राही को कोवैक्सीन प्रथम एवं द्वितीय डोज। 18से 59 को कोवैक्सीन/कोविशील्ड की प्रथम एवं द्वितीय डोज। एवं 60 प्लस,स्वास्थ्य कर्मी एवं फ्रंट लाइन कार्यकर्ता को कोवैक्सीन/कोविशील्ड की प्रथम ,द्वितीय एवं बुस्टर डोज लगाया जावेगा। सभी वार्डो में 01 मई 2022 से 23 मई 2022 तक कोविड वैक्सीनेशन आयु के अनुसार प्रथम, द्वितीय, एवं बुस्टर डोज लगाया जायेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ /
प्रदेश में उद्योग परिदृश्य को बेहतर करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने अब तक 167 एमओयू किए हैं। इन के माध्यम से 78000 करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में प्रस्तावित है, इनमें 90 इकाइयों को लगाने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज हथखोज में नवनिर्मित रेल इंडस्ट्रियल पार्क एवं भारी एवं हल्का ओद्योगिक क्षेत्र भिलाई में निर्मित अधोसंरचनाओं के लोकार्पण के अवसर पर नागरिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले जब ओद्योगिक क्षेत्र बनते थे तब मौलिक सुविधाओं का अभाव होता था और इसके लिए काफी कोशिश करनी होती थी। आज रेलपार्क की अधोसंरचना देखी। सारी सुविधा यहां मौजूद है। यहां जल्द ही यूनिट्स लग जायेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में 19550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है जिसके माध्यम से 33000 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्य है और इसकी संभावनाओं को देखते हुए हमने फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर विशेष जोर दिया। खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में 478 इकाइयों के माध्यम से 1167 करोड रुपए का निवेश किया गया है जिससे 6000 लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल इंडस्ट्रियल पार्क लगने के पश्चात यहां पर औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार होगा। प्रदेश में उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए अधोसंरचना के क्षेत्र में और नीतियों के क्षेत्र में हर संभव सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इस पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
रेल पार्क के बारे में प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज पिंगुवा ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और रेल पार्क के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रेल पार्क में 22 भूखंड हैं। इसमे अधोसंरचना की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फ़ूड पार्कों की स्थापना की दिशा में उद्योग विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। इससे कृषि प्रधान हमारे राज्य का तेजी से आर्थिक विकास हो सकेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, भिलाई चरोदा के महापौर श्री निर्मल कोसरे, सभापति श्री कृष्णा चंद्राकर एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस दौरान संभागायुक्त श्री महादेव कांवड़े, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सीएसआईडीसी के एमडी श्री अरुण प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि रेल पार्क में 8 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने का लाभ रेलवे के लिए उपकरण तैयार करने वाली यूनिटों को होगा। एक ही जगह पर अधोसंरचना उपलब्ध होने का लाभ उद्यमियों को होगा तथा रेलवे के लिए भी रेल पार्क बन जाने से आसानी होगी। इसके साथ ही आज हल्के एवं भारी औद्योगिक क्षेत्र में सवा चार किमी सीसी रोड का लोकार्पण भी किया गया। इसकी लागत बारह करोड़ रुपए है। आभार ज्ञापन उद्योग एवं व्यापार केंद्र के महाप्रबंधक श्री सिमोन एक्का ने किया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
किसी राज्य की सबसे बड़ी पहचान उसकी सांस्कृतिक समृद्धि से होती है खनिज संपदा से नहीं। हमने छत्तीसगढ़ में अपनी परंपरा को सहेजने और इसे देश दुनिया को दिखाने की दिशा में कार्य किया है। आज की जनधारा समूह द्वारा आयोजित कर्मवीर सम्मान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की एक अद्भुत सांस्कृतिक पहचान रही है। हमारी परंपराएं हमारा लोक संगीत, जीवन शैली को लेकर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर रही है। दुर्भाग्य से अब तक छत्तीसगढ़ केवल खनिज समृद्ध राज्य के रूप में देश भर में जाना जाता था। हमने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा रही है और छत्तीसगढ़ हमेशा से आत्मनिर्भर राज्य रहा है। हमारा आर्थिक जीवन भी हमारे सांस्कृतिक जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।
बस्तर का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में लोहे की खदानें है पुराने जमाने में यहां के लोग उच्च गुणवत्ता का लोहा गलाते थे और इसके बदले चांदी खरीदते थे। जिससे सुंदर आभूषण तैयार करते थे। इस तरह हमेशा से समृद्ध व्यापार छत्तीसगढ़ में होता आया है। पशुपालन को लेकर भी छत्तीसगढ़ में समृद्ध परंपरा रही थी। भिलाई के उतई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां मवेशी बाजार लगता था। केवल यहां ही नहीं, पूरे देश भर में मवेशी बाजार लगते थे लेकिन पशुधन संवर्धन को लेकर नीति नहीं होने की वजह से ऐसे बाजारों का अस्तित्व समाप्त होता चला गया। किसी कृषि प्रधान क्षेत्र को विकसित करने के लिए पशुपालन को समृद्ध करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। इस सोच को लेकर हम नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना लेकर आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज की जनधारा समूह द्वारा आज कर्मवीरों का सम्मान किया जा रहा है। भिलाई कर्मवीरों की भूमि रही है। जब भिलाई में इस्पात भवन के सामने प्रतीक चिन्ह स्थापित करने का निर्णय लिया गया तो यहाँ के वरिष्ठ अधिकारी श्री खचारिया जी के साथ स्वामी आत्मानंद बैठे थे। श्री खचारिया जी ने उनसे पूछा इस प्रतीक के नीचे क्या लिखा जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में सूक्त वाक्य है सत्यमेव जयते, तो श्रमिकों के लिए श्रमेव जयते होना चाहिए और तब से यह सुंदर वाक्य इस प्रतीक चिन्ह में लिखा हुआ है और भिलाई के हजारों लोगों को प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खूबी यहां के लोगों के आपसी सौहाद्र्र को लेकर है और इसे हम कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित कवि श्री संपत सरल की कविताओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि वे संपत सरल की कविताएं सुनते हैं और इन कविताओं में व्यवस्था के प्रति जो व्यंग्य होता है, उससे व्यवस्था को बेहतर करने की समझ भी बनती है। इस दृष्टि से व्यंग्य बेहद कारगर साबित होता है। उन्होंने हरिशंकर परसाई के उद्धरण भी दिए। इस मौके पर आज की जनधारा समूह के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से सुभाष की बात कार्यक्रम के लिए प्रश्न भी पूछे। सुभाष की बात वीआईपी न्यूज़ का एक कार्यक्रम होता है और इसमें प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा अतिथि से प्रश्न पूछते हैं।
अपने प्रश्नों में श्री मिश्रा ने मुख्यत: यह जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ का सुशासन का मॉडल आखिर कहां से आया और इतना सफल कैसे हो पाया? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुशासन के मॉडल को बनाने के लिए हमने यहां की क्षेत्रीय विशेषताओं को लिया। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। जब तक कृषि प्रधान राज्य में कृषि से संबंधित बुनियादी समस्याओं को हल करने की दिशा में प्रयास नहीं किया जाएगा तब तक सुशासन का एक मॉडल तैयार नहीं हो सकता था। हमने ग्रामीण विकास की योजनाओं को राज्य में क्रियान्वित किया। इसका जमीनी असर हुआ और तेजी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वावलंबी होने की दिशा में अग्रसर हुई। इस मौके पर अपने संबोधन में पत्रिका के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जो नवाचार हुए हैं। उसे देश भर में सराहा गया है और यह देश भर के लिए मॉडल बन गई है। छत्तीसगढ़ में गोबर खरीदी की जो योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आरंभ की अब उसे देश के दूसरे राज्यों में मॉडल के रूप में अपनाया जा रहा है।
इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के बारे में विस्तार से चर्चा की इस मौके पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी मौजूद थे। साथ ही दुर्ग विधायक अरुण वोरा, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल, भिलाई महापौर नीरज पाल, रिसाली महापौर शशि सिन्हा, आज की जनधारा समूह के सीईओ श्री सौरभ मिश्रा, एडीशनल सीईओ आशीष जायसवाल, ब्यूरो चीफ श्री रमेश गुप्ता, वीआईपी न्यूज़ के ब्यूरो चीफ श्री सुबोध तिवारी सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आज की जनधारा के एप भी लांच किया तथा समूह द्वारा निकाली जाने वाली चार पत्रिकाओं का विमोचन भी किया।
- हथखोज में 20 करोड़ रुपये से अधिक कार्यों के लोकार्पण अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विस्तार से प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की दी जानकारी
दुर्ग / शौर्यपथ /
प्रदेश में उद्योग परिदृश्य को बेहतर करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने अब तक 167 एमओयू किए हैं। इन के माध्यम से 78000 करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में प्रस्तावित है, इनमें 90 इकाइयों को लगाने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज हथखोज में नवनिर्मित रेल इंडस्ट्रियल पार्क एवं भारी एवं हल्का ओद्योगिक क्षेत्र भिलाई में निर्मित अधोसंरचनाओं के लोकार्पण के अवसर पर नागरिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले जब ओद्योगिक क्षेत्र बनते थे तब मौलिक सुविधाओं का अभाव होता था और इसके लिए काफी कोशिश करनी होती थी। आज रेलपार्क की अधोसंरचना देखी। सारी सुविधा यहां मौजूद है। यहां जल्द ही यूनिट्स लग जायेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में 19550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है जिसके माध्यम से 33000 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्य है और इसकी संभावनाओं को देखते हुए हमने फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर विशेष जोर दिया। खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में 478 इकाइयों के माध्यम से 1167 करोड रुपए का निवेश किया गया है जिससे 6000 लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल इंडस्ट्रियल पार्क लगने के पश्चात यहां पर औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार होगा। प्रदेश में उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए अधोसंरचना के क्षेत्र में और नीतियों के क्षेत्र में हर संभव सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इस पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
रेल पार्क के बारे में प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज पिंगुवा ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और रेल पार्क के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रेल पार्क में 22 भूखंड हैं। इसमे अधोसंरचना की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फ़ूड पार्कों की स्थापना की दिशा में उद्योग विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। इससे कृषि प्रधान हमारे राज्य का तेजी से आर्थिक विकास हो सकेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, भिलाई चरोदा के महापौर श्री निर्मल कोसरे, सभापति श्री कृष्णा चंद्राकर एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस दौरान संभागायुक्त श्री महादेव कांवड़े, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सीएसआईडीसी के एमडी श्री अरुण प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि रेल पार्क में 8 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने का लाभ रेलवे के लिए उपकरण तैयार करने वाली यूनिटों को होगा। एक ही जगह पर अधोसंरचना उपलब्ध होने का लाभ उद्यमियों को होगा तथा रेलवे के लिए भी रेल पार्क बन जाने से आसानी होगी। इसके साथ ही आज हल्के एवं भारी औद्योगिक क्षेत्र में सवा चार किमी सीसी रोड का लोकार्पण भी किया गया। इसकी लागत बारह करोड़ रुपए है। आभार ज्ञापन उद्योग एवं व्यापार केंद्र के महाप्रबंधक श्री सिमोन एक्का ने किया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
किसी राज्य की सबसे बड़ी पहचान उसकी सांस्कृतिक समृद्धि से होती है खनिज संपदा से नहीं। हमने छत्तीसगढ़ में अपनी परंपरा को सहेजने और इसे देश दुनिया को दिखाने की दिशा में कार्य किया है। आज की जनधारा समूह द्वारा आयोजित कर्मवीर सम्मान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की एक अद्भुत सांस्कृतिक पहचान रही है। हमारी परंपराएं हमारा लोक संगीत, जीवन शैली को लेकर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर रही है। दुर्भाग्य से अब तक छत्तीसगढ़ केवल खनिज समृद्ध राज्य के रूप में देश भर में जाना जाता था। हमने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा रही है और छत्तीसगढ़ हमेशा से आत्मनिर्भर राज्य रहा है। हमारा आर्थिक जीवन भी हमारे सांस्कृतिक जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।
बस्तर का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में लोहे की खदानें है पुराने जमाने में यहां के लोग उच्च गुणवत्ता का लोहा गलाते थे और इसके बदले चांदी खरीदते थे। जिससे सुंदर आभूषण तैयार करते थे। इस तरह हमेशा से समृद्ध व्यापार छत्तीसगढ़ में होता आया है। पशुपालन को लेकर भी छत्तीसगढ़ में समृद्ध परंपरा रही थी। भिलाई के उतई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां मवेशी बाजार लगता था। केवल यहां ही नहीं, पूरे देश भर में मवेशी बाजार लगते थे लेकिन पशुधन संवर्धन को लेकर नीति नहीं होने की वजह से ऐसे बाजारों का अस्तित्व समाप्त होता चला गया। किसी कृषि प्रधान क्षेत्र को विकसित करने के लिए पशुपालन को समृद्ध करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। इस सोच को लेकर हम नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना लेकर आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज की जनधारा समूह द्वारा आज कर्मवीरों का सम्मान किया जा रहा है। भिलाई कर्मवीरों की भूमि रही है। जब भिलाई में इस्पात भवन के सामने प्रतीक चिन्ह स्थापित करने का निर्णय लिया गया तो यहाँ के वरिष्ठ अधिकारी श्री खचारिया जी के साथ स्वामी आत्मानंद बैठे थे। श्री खचारिया जी ने उनसे पूछा इस प्रतीक के नीचे क्या लिखा जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में सूक्त वाक्य है सत्यमेव जयते, तो श्रमिकों के लिए श्रमेव जयते होना चाहिए और तब से यह सुंदर वाक्य इस प्रतीक चिन्ह में लिखा हुआ है और भिलाई के हजारों लोगों को प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खूबी यहां के लोगों के आपसी सौहाद्र्र को लेकर है और इसे हम कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित कवि श्री संपत सरल की कविताओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि वे संपत सरल की कविताएं सुनते हैं और इन कविताओं में व्यवस्था के प्रति जो व्यंग्य होता है, उससे व्यवस्था को बेहतर करने की समझ भी बनती है। इस दृष्टि से व्यंग्य बेहद कारगर साबित होता है। उन्होंने हरिशंकर परसाई के उद्धरण भी दिए। इस मौके पर आज की जनधारा समूह के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से सुभाष की बात कार्यक्रम के लिए प्रश्न भी पूछे। सुभाष की बात वीआईपी न्यूज़ का एक कार्यक्रम होता है और इसमें प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा अतिथि से प्रश्न पूछते हैं।
अपने प्रश्नों में श्री मिश्रा ने मुख्यत: यह जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ का सुशासन का मॉडल आखिर कहां से आया और इतना सफल कैसे हो पाया? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुशासन के मॉडल को बनाने के लिए हमने यहां की क्षेत्रीय विशेषताओं को लिया। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। जब तक कृषि प्रधान राज्य में कृषि से संबंधित बुनियादी समस्याओं को हल करने की दिशा में प्रयास नहीं किया जाएगा तब तक सुशासन का एक मॉडल तैयार नहीं हो सकता था। हमने ग्रामीण विकास की योजनाओं को राज्य में क्रियान्वित किया। इसका जमीनी असर हुआ और तेजी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वावलंबी होने की दिशा में अग्रसर हुई। इस मौके पर अपने संबोधन में पत्रिका के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जो नवाचार हुए हैं। उसे देश भर में सराहा गया है और यह देश भर के लिए मॉडल बन गई है। छत्तीसगढ़ में गोबर खरीदी की जो योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आरंभ की अब उसे देश के दूसरे राज्यों में मॉडल के रूप में अपनाया जा रहा है।
इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के बारे में विस्तार से चर्चा की इस मौके पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी मौजूद थे। साथ ही दुर्ग विधायक श्री अरुण वोरा, दुर्ग महापौर श्री धीरज बाकलीवाल, भिलाई महापौर श्री नीरज पाल, रिसाली महापौर श्रीमती शशि सिन्हा, आज की जनधारा समूह के सीईओ श्री सौरभ मिश्रा, एडीशनल सीईओ श्री आशीष जायसवाल, ब्यूरो चीफ श्री रमेश गुप्ता, वीआईपी न्यूज़ के ब्यूरो चीफ श्री सुबोध तिवारी सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आज की जनधारा के एप भी लांच किया तथा समूह द्वारा निकाली जाने वाली चार पत्रिकाओं का विमोचन भी किया।
भिलाई नगर/ शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त प्रकाश सर्वे ने निगम के अधिकारियों के साथ दीनदयाल आवास योजना जुनवानी के रहवासी कॉलोनी का आकस्मिक निरीक्षण किया। कॉलोनी वासी इस दौरान मौजूद थे। कॉलोनी को निगम को हैंडओवर करने के बाद आयुक्त का यह पहला दौरा था। रहवासियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा निर्मित दीनदयाल आवास योजना अंतर्गत दीनदयाल कॉलोनी में काफी परिवार निवासरत है, उन्होंने अपनी मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया। बता दें कि महापौर नीरज पाल मूलभूत सुविधाओं को लेकर बेहद गंभीर है। निगम आयुक्त ने कॉलोनी वासियों से पूरे कॉलोनी का निरीक्षण करते हुए पूर्व से संचालित सफाई एवं पेयजल, नाली निकासी के बारे में जानकारी ली।
उच्चस्तरीय पानी टंकी से पाइप लाइन विस्तारीकरण एवं घरों में पानी पहुंचने के बारे में अवगत हुए। मोहल्ले वासियों ने सफाई की ओर आयुक्त महोदय को अपनी ओर ध्यान आकर्षित कराया। तत्काल निगमायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा को गैंग लगाकर सफाई करवाने के निर्देश मौके पर दिए। टैक्स कलेक्शन के लिए विभागीय कैंप लगाने के निर्देश संपत्तिकर विभाग के कर्मचारी बी. एल. असाटी को दिए गए हैं ताकि अप्रैल एवं मई माह में 6.25त्न का छूट का फायदा कॉलोनी वासियों को मिल सके और निगम के राजस्व में बढ़ोतरी हो तथा कॉलोनी की मूलभूत समस्याओं का समाधान भी किया जा सके। रहवासियों से चर्चा अनुसार टैक्स के लिए कैंप 5 मई से दीनदयाल कॉलोनी में आयोजित किया जाएगा।
निगमायुक्त के निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारी श्री वर्मा, नगर निगम भिलाई से भवन अनुज्ञा अधिकारी हिमांशु देशमुख, कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा, प्रभारी सहायक अभियंता आलोक पसीने, उप अभियंता श्वेता वर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, स्थानीय पार्षद मुकेश अग्रवाल एवं कॉलोनी वासी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने नगर पालिक निगम भिलाई को 32.45 एकड़ औद्योगिक क्षेत्र भिलाई, विश्व बैंक कॉलोनी कुरूद, कैलाश नगर कुरूद, दीनदयाल आवास योजना जुनवानी, दीनदयाल आवास योजना खमरिया तथा सामान्य आवास योजना कोहका भिलाई को नगर पालिक निगम को हस्तांतरण किया है जिसमें दीनदयाल कॉलोनी जुनवानी के घरों की संख्या 636 है, इन घरों में परिवार निवासरत है, इनकी समस्याओं को समझने के लिए निगमायुक्त कॉलोनी में पहुंचे थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
