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रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मकर संक्रांति एवं पोंगल पर्व पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि देश के विभिन्न प्रान्तों में अलग-अलग नामों से मनाये जाने वाले संक्रांति, पोंगल, माघ बीहू जैसे पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करते हैं और हमें एकता के सूत्र में बांधे रखते हैं। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना के माध्यम से ग्रामीणों की ऐसी खुशियां भी पूरी हो पा रही हैं जो सामान्यतः विवाह, त्यौहार जैसे मौके पर ही पूरी हो पाती है। यदि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न हो तो इन खुशियों को हासिल करने के लिए अमूमन कर्ज का सहारा लेना पड़ता है। गोधन न्याय योजना ने हजारों गोपालकों, पहटियों और महिलाओं के जीवन में अतिरिक्त आय का जरिया बनने के साथ ही उन्हें अपने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ खुशियों को भी पूरा करने का अवसर उपलब्ध कराया है।
दुर्ग जिले के आगेसरा में पहाटिया के रूप में काम कर रहे भोजराम यादव ने बताया कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से उन्होंने पिछले साल 27 हजार रुपए गोबर बेचकर प्राप्त किये। इस राशि का सदुपयोग किस तरह हो सकता है यह विचार आया। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए कान का टाप्स खरीदा, यह चौदह हजार रुपए में आया। भोजराम ने बताया कि निशानी के रूप में मैंने इसे दिया। यह हमेशा के लिए यादगार रहने वाली चीज होती है और स्त्रीधन होता है। भोजराम ने बताया कि मैं ऐसी चीज नहीं लेना चाहता था जिसे मैं खर्च कर खत्म कर दूँ अपितु ऐसी चीज चाहता था, जो हमेशा रहे और जिसकी कीमत भी बढ़ती रहे। उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से पहाटियों के आर्थिक स्तर में विशेष बदलाव आया है। ग्राम आगेसरा में तीन पहाटिया हैं और तीनों ही गोधन न्याय योजना के माध्यम से अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं।
भोजराम की कहानी बताती है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अपने गोधन न्याय योजना के माध्यम से अपना भविष्य संवार रहे हैं। भोजराज ने अपनी पत्नी के लिए गहना खरीद कर पारिवारिक जीवन में खुशियां बिखेरी हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं एवं भूमिहीन मजदूरों की आर्थिक रूप से सशक्त करने और उनकी आय में वृद्धि के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के साथ-साथ आय के परंपरागत साधनों को सशक्त करने का ही यह परिणाम है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और ग्रामीणों के रोजगार एवं आय में वृद्धि हुई है। माली हालत बेहतर होने से लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अपने सपनों को भी पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना से अतिरिक्त आय से कोई अपने बच्चों को बेहतर उच्च शिक्षा दिलाने में सक्षम हुआ है तो कोई मोटर सायकिल क्रय कर अपने जीवन को गतिशील बनाया है। पशुपालकों ने अतिरिक्त आय से गाय खरीदकर अपनी आय में बढ़ोत्तरी की है। ग्रामीण गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचने से होने वाली आय से अपने परिवार के लोगों के लिए सोने-चांदी के जेवर भी खरीदने लगे हैं।
मुख्यमंत्री के सलाहकार शर्मा ने गौठान योजना के बारे में दी विस्तृत जानकारी
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘‘गौठान’’ से जुड़ने के लिए विभिन्न समाज के लोगों द्वारा विशेष रूचि दिखाई जा रही है। आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित योजना भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने गौठान योजना और इससे जुड़े विभिन्न महिल समूहों को हो रहे लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह तथा सचिव डॉ. एस., भारती दासन भी शामिल थे।
इस दौरान गौठान योजना के लाभ के मद्देनजर सभी समाज द्वारा उससे जुड़ने के लिए विशेष रूचि दिखाई गई। बैठक में विशेष रूप से गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राज महंत डॉ. रामसुंदर दास, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू, शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, मत्स्य बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी, धोबी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर, लोहार समाज के अध्यक्ष बघेल के अलावा अनेक समाज प्रमुख उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के सलाहकार शर्मा ने गौठान योजना के बारे में दी विस्तृत जानकारी
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘‘गौठान’’ से जुड़ने के लिए विभिन्न समाज के लोगों द्वारा विशेष रूचि दिखाई जा रही है। आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित योजना भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने गौठान योजना और इससे जुड़े विभिन्न महिल समूहों को हो रहे लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह तथा सचिव डॉ. एस., भारती दासन भी शामिल थे।
इस दौरान गौठान योजना के लाभ के मद्देनजर सभी समाज द्वारा उससे जुड़ने के लिए विशेष रूचि दिखाई गई। बैठक में विशेष रूप से गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राज महंत डॉ. रामसुंदर दास, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू, शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, मत्स्य बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी, धोबी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर, लोहार समाज के अध्यक्ष बघेल के अलावा अनेक समाज प्रमुख उपस्थित थे।
नवीन तकनीक से मत्स्य उत्पादन में प्रति हेक्टेयर 12 क्विंटल की बढ़ोत्तरी
रायपुर /शौर्यपथ/
नवीन तकनीक से मत्स्य उत्पादन में प्रति हेक्टेयर 12 क्विंटल की बढ़ोत्तरी
मत्स्य पालन वर्तमान में एक लोकप्रिय व्यवसाय के रूप में उभर रहा है और मत्स्य पालकों की आमदनी में भी इजाफा कर रहा है। मत्स्य कृषकों की लगन और मेहनत का ही यह नतीजा है कि छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य बीज उत्पादन के मामले न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य को विभिन्न जिलों में मत्स्य कृषकों द्वारा उत्पादित मछली बीज की सप्लाई पड़ोसी राज्यों में भी होने लगी है।
दुर्ग जिले में मत्स्य बीज उत्पादन के लिए स्थापित 10 हेचरियों से मत्स्य कृषकों को सस्ते दरों पर मछली बीज प्राप्त हो होने लगे हैं। कृषक इन हेचरियों से मत्स्य बीज क्रय कर बाहरी मार्केट में विक्रय भी करने लगे हैं। मत्स्य विभाग के द्वारा संचालित नवीन योजनाओं बायोफ्लोप फिश फार्मिंग, आरएएस सिस्टम, नील क्रांति योजना और जिले में निर्मित निजी क्षेत्र के तालाबों से आज जिले में मछली की उत्पादन क्षमता 2800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 4000 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है। दुर्ग जिले से प्रतिदिन 12 मीटरिक टन मछलियां प्रदेश के अन्य जिलों जैसे रायपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, बालोद और कवर्धा व देश के विभिन्न प्रदेश जैसे मध्यप्रदेश, उड़ीसा को सप्लाई की जाने लगी है।
जिले के युवा और किसान आज बड़े स्तर पर मत्स्य पालन का कार्य कर रहे है।शासन की मंशानुरूप गौठानों के अंदर भी मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत दुर्ग जिले में 18 गौठानों में मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। चंदखुरी का गौठान भी मछली पालन के लिए तैयार हो रहा है। अपेक्षाकृत कम लागत में भी मत्स्य पालन से अधिक आय प्राप्त होती है इसलिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। जिले में 102 मछुआ सहकारी समितियां और 56 मछुवा समूह मछली पालन के लिए पंजीकृत है। खनिज मद और विभागीय अभिसरण से मनरेगा के तहत 1000 डबरियों का निर्माणकार्य प्रगति पर है। जिसमें शीघ्र ही मछली पालन का कार्य किया जाएगा।
दुर्ग जिले में मत्स्य बीज उत्पादन के लिए 10 हैचरी में से एक मत्स्य विभाग, एक मत्स्य महासंघ और आठ निजी क्षेत्र द्वारा संचालित है। जिले के मत्स्य पालकों को इन हैचरी के द्वारा सस्ते दरों पर मत्स्य बीज उपलब्ध कराये जा रहे है। हैचरी में एक से डेढ महीने में मत्स्य बीज तैयार हो जाते है। वर्तमान में मत्स्य पालकों को लगभग 250 रुपये प्रति किलो की दर से मत्स्य बीज उपलब्ध हो रहा है। जिले में ग्रामीण तालाबों की संख्या 3165, जलक्षेत्र 4397.244 हेक्टेयर एवं सिंचाई जलाशयों की संख्या 101, जलक्षेत्र 2971.208 हेक्टेयर तथा मनरेगा से निर्मित डबरियों की संख्या 95 है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत् क्षेत्र में 117 निजी तालाब हैं, जिसका जलक्षेत्र 100 हेक्टेयर हैं, जिसमें मत्स्य पालन का कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान में जिले का वार्षिक मत्स्य उत्पादन 30 हजार 700 मीटरिक टन है। जिले में उत्पादित मछलियों की बिक्री लोकल मार्केट के साथ ही पड़ोसी राज्यों में भी होती है। मत्स्य विभाग की उपसंचालक ने बताया कि आर्थिक स्थिति में बदलाव के लिए मत्स्य पालन बहुत ही अच्छा विकल्प है। मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन और विस्तार देने के लिए विभाग मत्स्य बीज, नाव, जाल व मछली आहार का वितरण मत्स्य पालकों को करता हैं और हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आया लोहड़ी का त्यौहार नई फसल के स्वागत और प्रकृति का आभार जताने का पर्व है। उमंग और उत्साह से भरा यह लोहड़ी का पर्व सभी लोगों के जीवन में सौहार्द, खुशहाली और सुखद परिवर्तन लेकर आए।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां अपने निवास कार्यालय में दैनिक नवप्रदेश समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित वर्ष-2022 के कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वार्षिक कैलेंडर के प्रकाशन पर दैनिक नवप्रदेश समाचार पत्र समूह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर दैनिक नवप्रदेश के प्रधान संपादक यशवंत धोटे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य सहकारी विपणन संघ के अधिकारियों और जिला विपणन अधिकारियों (डीएमओ) विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया की धान उपार्जन केन्द्रों से 15 मार्च से पहले शत-प्रतिशत उठाव कर लिया जाए। खरीफ सीजन के लिए अभी से उर्वरक की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहकारिता विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक मार्कफेड किरण कौशल, सचिव मार्कफेड संदीप गुप्ता और महाप्रबंधक दिलीप जायसवाल सहित राज्य स्तर के अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री डॉ. टेकाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से धान को नुकसान न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। किसानों को भुगतान समय पर सुनिश्चित कर लिया जाए। सभी अधिकारी लक्ष्य के अनुसार कार्य करें। धान खरीदी और उसके निराकरण पर विशेष ध्यान रखें। पिछले वर्ष की खपत के अनुसार आगामी वर्ष के लिए उर्वरक की आपूर्ति कर ले। उन्होंने कहा कि धान के उठाव में गतवर्ष जहां-जहां कमी रही वहां ज्यादा ध्यान दिया जाए। बैठक में धान खरीदी, उर्वरक वितरण, किसानों को भुगतान, बारिश से धान के बचाव के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि विपणन संघ का प्रशासकीय विभाग सहकारिता विभाग है इसलिए सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत समस्त कार्य संपादित किए गए।
प्रबंध संचालक मार्कफेड किरण कौशल ने बताया कि वर्तमान में बारदान की कोई समस्या नहीं है। कमी होने पर संबंधित जिले के विपणन अधिकारी तीन दिन पहले से अवगत कराने के निर्देश दिए गए है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 70 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। भुगतान के लिए 12 हजार 934 करोड़ रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। समितियों से 32 लाख 15 हजार मीटरिक टन का उठाव हो चुका है।
राज्यपाल से भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने मुलाकात की
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने मुलाकात की। राज्यपाल ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसा कार्य करें कि समाज में शोषितों-पीड़ितों को न्याय मिले, किसी के साथ भेदभाव न हो। सही और गलत में भेद करते हुए अपने कर्तव्य और भूमिका का निर्वहन करें। कार्य के दौरान कई चुनौतियां आती हैं साथ ही विपरीत परिस्थिति का भी सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में अपने वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन लें और उनके अनुभव का लाभ लेते हुए कार्य करें। छत्तीसगढ़ पुलिस का सूत्र वाक्य है ‘‘पारित्राणाय-साधुनाम’’। इसे लक्ष्य बनाकर कार्य करें और यह ध्यान रखें कि उनका उद्देश्य सबसे पहले जनसेवा है।
इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक (सुरक्षा) एम.एल. कोटवानी सहित परिवीक्षाधीन अधिकारियों में बंकर वैभव रमनलाल, पूजा कुमार, राजनाला स्मृतिकी, संदीप कुमार पटेल उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द के विचारों ने संपूर्ण समाज को एक नई दिशा दी है। स्वामी विवेकानंद जी का यह संदेश ‘उठो, जागो, और ध्येय की प्राप्ति तक रूको मत’ सदैव देश और दुनिया के युवाओं को प्रेरित करता रहेगा। आज उनके जन्म दिवस के अवसर पर हम सबको उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
