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रायपुर /शौर्यपथ/
बस्तर का है सबसे खास व्यंजन
हाट बाजारों में सबसे ज्यादा बिकती हैबारसूर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रामलाल नेगी के घर भोजन ग्रहण किया। इस मौके पर उन्होंने बस्तर के हाट बाजार का सबसे चर्चित पकवान चापड़ा चटनी खाया। चापड़ा चटनी बहुत स्वादिष्ट होती है और इसमें औषधिय गुण भी होते है। चापड़ा चटनी आम के पेड़ के पत्तों में रहने वाली चीटियों से बनाई जाती है। बस्तर में आने वाले पर्यटकों का एक आकर्षण चापड़ा चटनी भी होता है। इसके साथ ही उन्होंने छिंदाड़ी भी चखी। यह छिंद की एक विशेष किस्म की चटनी होती है। पूरे बारसूर क्षेत्र में छिंद के पेड़ बहुत पाए जाते है, जिसकी चटनी काफी प्रचलित है। इसके साथ ही मीठे में तीखूर बर्फी परोसा गया। इड़हर की सब्जी को इस क्षेत्र में सैगोड़ा कहा जाता है, यह कोचई के पत्ते से बनाई जाती है, यह भी परोसा गया। इसी प्रकार जोंदरा (मक्का) का पेज भी परोसा गया। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र के ग्रामीण छिंद से गुड़ भी निकालते है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि बस्तर में यहां का अलग-अलग तरह का पारम्परिक खाना खा रहा हूं मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि आपके खान-पान में इतनी विविधता है मुख्यमंत्री ने भोजन ग्रहण के पश्चात उनके परिजनों को भोजन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें उपहार भेंट किया।
रायपुर /शौर्यपथ/
एक छोटे से संवाद ने कटेकल्याण की पार्वती की इंग्लैंड की टिकिट बुक करा दी। कटेकल्याण की एक महिला पार्वती मोरे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कहा कि मुख्यमंत्री जी आपका बहुत धन्यवाद, आपके वनोपज संग्रहण का उचित मूल्य दिये जाने का लाभ हम सबको हुआ है। इस बार हम लोग महुआ इंग्लैंड तक भेजने वाले हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा क्या बात है। फिर मुख्यमंत्री ने पुनः पूछा कि क्या तुम भी इंग्लैंड जाना चाहती हो। युवती के उत्साह से भरे चेहरे को देखकर मुख्यमंत्री ने कहा कि तुम्हें भी इंग्लैंड भेजेंगे। पार्वती ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभिन्न समूहों के माध्यम से 40 हजार क्विंटल महआ एकत्रित हुआ है। सरकार की संग्राहकों को राहत देने की नीति से लोगों में काफी खुशी है। इन महुआ संग्राहक महिलाओं की खुशी से भरी बातचीत ने मुख्यमंत्री को बहुत खुश कर दिया। उन्होंने जैसे ही सुना कि महुआ इंग्लैंड जा रहा है तो उन्होंने कह दिया, क्या बात है।
उल्लेखनीय है कि कटेकल्याण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर महुआ संग्रहण का कार्य होता है। महुआ के पूरा सीजन लोग इसे एकत्रित करते रहते हैं। एक तरह से महुआ यहां की संस्कृति में रचा बसा है। अब महुआ की वैश्विक पहुंच से यहां आय के नये अवसर उत्पन्न होंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
डेनेक्स फैक्टरी के पांचवे यूनिट छिंदनार का एमओयू हुआ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने डेनेक्स एफपीओ एवं एक्सपोर्ट हाउस, तिरपुर के बीच एमओयू हुआ।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्यव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत बस्तर संभाग के दौरे पर रवाना
मुख्यमंत्री आज दंतेवाड़ा विधानसभा का दौरा करेंगे. बघेल आज दंतेवाड़ा विधानसभा के कटे कल्याण और बारसूर में स्थानीय ग्रामीणों से भेंट-मुलाकात करेंगे
बोड़ला / शौर्यपथ /
नगर पंचायत बोड़ला में काँग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा पंचायत परिसर में राजीव गाँधी की पुण्यतिथि मनायी गयी । नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री रामचरण साहू जी ने राजीव जी के तैलयचित्र पर माल्यापर्ण कर आगे उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला । श्रीमती साहू जी कहा कि भारत रत्न राजीव गांधी एक ऐसे कर्मयोगी रहे हैं, जिनकी जीवन यात्रा में मानवता, सहजता, सरलता, निष्छलता के कई मुकाम रहे हैं। राष्ट्रहित उनके चिंतन के केन्द्र में था। सर्वधर्म सद्भाव उनके मानस में रचा-बसा था।
राजीव गांधी के व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय था। नियति ने समय के कैनवास पर उन्हें बहुत कम समय बख्शा, लेकिन इतने कम समय में भी उन्होंने इतिहास के कैनवास पर अपनी अनूठी और अमिट छाप छोड़ी। विलक्षण प्रतिभा के धनी राजीवजी में सादगी और दृढ़ता का आदर्श समावेश था। बेहद शांत और गंभीर प्रवृत्ति के राजीव गांधी का संपूर्ण जीवन सत्यम्, शिवम, सुंदरम् का मूर्तिमान रूप था।
एक अनोखा व्यक्तित्व
राजीव गांधी राजनीति में सतत् संवाद के पक्षधर थे। जापान यात्रा के दौरान श्रीमती पुष्पा भारती को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था "राजनीति जनता से संवाद की राजनीति हो।" राजीव जी मानते थे कि बिना संवाद के विश्वास पैदा नहीं हो सकता और बिना विश्वास के राजनीति नहीं चल सकती। इसी पारस्परिक संवाद की राजनीति को अमलीजामा पहनाते हुए उन्होंने पंजाब, असम और मिजोरम समझौते किए, जिससे इन प्रदेशों में वर्षों से चल रही उथल-पुथल, अशांति एवं हिंसक गतिविधियों पर विराम लगा।राजीव गांधी ने विषम परिस्थितियों में देश के प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाला। राजीव गांधी के साथ करोड़ों भारतीयों के मन में आधुनिक भारत की आशाएं, आकांक्षाएं और सपने जाग उठे। राजीव गांधी ने एक जननेता और प्रधानमंत्री के रूप में देश को पुननिर्माण एवं विकास के पथ पर अग्रेषित किया। उन्होंने भारत को आधुनिक, खुशहाल और एक मजबूत राष्ट्र बनाने में विशेष भूमिका निभाई।
सबकी सुनना और सबको साथ लेकर चलना राजीवजी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विषेशता थी। वे आमजन की समस्याओं को बड़े ध्यान से देखते थे और फिर सही दिशा-निर्देश देकर उसको सुलझाने का काम करते थे, यही उनकी कार्यशैली थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सूचना क्रांति की आधारशिला रखी।राजीव जी संवाद का माहौल पैदा करना जानते थे। उन्हें बातचीत में यकीन था।
मानवीय और संवेदनशील राजनेता होने के कारण पीडि़त मानवता की सेवा उनकी प्राथमिकता थी। भोपाल गैस त्रासदी की घटना के तुरंत बाद चुनाव प्रचार छोड़कर वे भोपाल पहुंचे। उन्होंने चुनाव प्रचार की बजाए मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी। गैस पीडि़तों के दुख-दर्द पर मरहम लगाया। भोपाल गैस पीडि़तों को भी इस बात का अहसास हुआ कि उनका भी कोई हमदर्द है जिसे उनकी चिंता है।
राजीव जी ने अनाथ बच्चों, असहाय बुजुर्गो और रोती हुई महिलाओं को सांत्वना दी, उन्हें धीरज बंधाया। वे तुरंत भोपाल के हमीदिया अस्पताल में गैस पीडि़तों से मिलने पहुंचे और उन्होंने पीडि़तों के इलाज के बारे में जानकारी ली तथा मध्यप्रदेश सरकार को गैस पीडि़तों को शीघ्र सहायता देने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। चुनाव उपरांत भोपाल गैस पीडि़तों के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में अलग "प्रकोष्ठ" बनाया। भोपाल गैस पीडि़तों का उपचार ठीक से हो, उन्हें उपयुक्त मुआवजा मिले, इसके लिए उन्होंने गैस पीडि़तों के राहत एवं पुनर्वास के लिए कार्ययोजना बनाई और उस पर योजनाबद्ध तरीके से अमल शुरू करवाया।
राजीवजी ने देश के ग्रामीण इलाकों का अनवरत दौरा किया। मध्यप्रदेश में एवं अन्य प्रदेशों के वे ऐसे इलाकों में गए, जहां विकास की रोशनी नहीं पहुंची थी। उन्होंने सुदूर अंचलों में रहने वाले गरीब, दलित, शोषित, पीडि़त और कमजोर लोगों के दरवाजों पर जाकर उनकी तकलीफों को समझा और उन्हें दूर करने की कोशिश की।
दरअसल,,ऐसे कई उदाहरण है जिसमें वे सुरक्षा तथा प्रोटोकाल की परवाह किए बिना पीडि़तों के दुख-दर्द में शामिल हुए। वे गरीब की झोपड़ी में एक ऐसा स्वर्णिम भारत देखना चाहते थे, जिसमें खुशहाली की सुनहरी इबारत लिखी हो और वहां "सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दु:खभाग् भवेत्" की भावना का साक्षात् साकार स्वरूप दिखाई देे, अर्थात् राजीव जी के प्रयास थे कि सभी सुखी हों, सभी रोग मुक्त रहें, सभी मंगलमय के साक्षी बनें और किसी को भी दुख का भागी न बनना पड़े।
देश के जिन इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं से तबाही मची जैसे उड़ीसा में महाचक्रवात, गुजरात में भूकंप, देश के कुछ इलाकों में सूखा व बाढ़ की स्थिति बनी, वहां आपदा की इस घड़ी में राजीव जी ने प्रधानमंत्री रहते हुए प्रभावितों की पूरी संजीदगी से मदद की। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए उन्होंने व्यवस्थित और प्रभावी कदम उठाए। राहत और पुनर्वास के कामों को सुचारू रूप से चलाया।
राजीव गांधी पर्यावरण, प्रदूषण की समस्या से बहुत चिंतित रहते थे। उन्होंने वन एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए मजबूत कदम उठाये। राजीव गांधी का मानना था कि पर्यावरण संरक्षण और विकास की अवधारणा में संतुलन आवश्यक रूप से होना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं ओजोन परत के क्षरण के मामलों को अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने की वकालत की। राजीवजी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में "पृथ्वी संरक्षण कोश" की स्थापना हुई।
राजीव गांधी ने निराशा पर आशा और निर्भरता पर आत्मविश्वास की विजय पाने की राह दिखाई। राजीव गांधी का यह मानना था कि नई सदी, ज्ञान पर आधारित सदी होगी और इसीलिए उन्होंने विज्ञान और टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर प्राचीन राष्ट्र को नए भारत में बदलने का अभिनव प्रयास किया।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सूचना क्रांति की आधारशिला रखी।
राजीव जी एक ऐसे व्यक्ति थे जो सदा नये विचारों और रचनात्मक आलोचनाओं का स्वागत करते
लोकतांत्रिक और जननायक
राजीव गांधी एक सच्चे लोकतंत्रवादी थे, एक ऐसे व्यक्ति थे जो सदा नये विचारों और रचनात्मक आलोचनाओं का स्वागत करते थे। राजीवजी ने अपने निष्कलंक सार्वजनिक और राजनैतिक जीवन में जिस भी भूमिका का निर्वहन किया, उसमें वे पूर्ण रूप से खरे उतरे। एक सांसद, प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेताप्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने जो भी भूमिका निभाई, सभी में राष्ट्रहित में समर्पण भाव से अपने दायित्व का निर्वहन किया।
राजीव गांधी भारत में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के प्रथम सूत्रधार थे। आज जिस डिजिटल इंडिया की बात पूरे देश में हो रही है, उसकी आधारशिला श्री राजीव गांधी ने ही रखी थी। संचारक्रांति का शंखनाद कर राजीवजी देश में कम्प्यूटर क्रांति के जनक बने। राजीवजी का विश्वास था कि भारत का भविष्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के द्वारा ही संवारा जा सकता था।
विकसित कहे जाने वाले राष्ट्रों तक ने हमारी टेक्नालॉजी को न केवल स्वीकार किया बल्कि उसकी उच्च गुणवत्ता को विश्व स्तर पर सराहा। राजीव जी ने जैव प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में नये कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया तथा पेयजल, खाद्यान्न, दूरसंचार, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रगति हेतु विभिन्न टेक्नोलॉजी मिशन गठित किए।
राजीव जी का एजेंडा भारत का विकास ही था और विकसित आधुनिक भारत उनका सपना था। विधि का विधान रहा कि असमय इस दुनिया से चले जाने के कारण उनका यह संकल्प अधूरा ही रह गया। राजीव गांधी ने अपने सतत् प्रयासों से देश के जनमानस में ऐसी उत्कृष्ट छाप छोड़ी कि उनके दुनिया में नहीं रहने के बाद भी सदियों तक आदर के साथ वे हमेशा याद किए जाते रहेंगे। ऐसे युग पुरूष का जीवन, उनकी शहादत और स्मृतियां हमेशा देश के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगी। उक्त पुण्यतिथि पर
*अध्यक्ष प्रतिनिधि रामचरण साहू, भरत गुप्ता, श्रीमती शशी खरे, राजेंद्र खरे, विसर्जन धुर्वे, दयाराम खुशरो, श्री हरिप्रसाद बंजारे, श्री बंटी खान एवं काँग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ जन उपस्थित थे ।
दुर्ग / शौर्यपथ /
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए पूरे विश्व मे मनाया जाता है। इस उपलक्ष में राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडेय द्वारा मुफ़्त पौधे वितरण करने की व्यवस्था पिछले वर्षों से किया जा रहा है। सुश्री पाण्डेय पिछले वर्षों की तरह इस साल भी मुफ्त में लोगों को पौधा वितरण करेंगी। उन्होंने बताया कि मानवजाति के अस्तित्व के लिए पर्यावरण कितना महत्वपूर्ण है , इसे स्वच्छ रखना और प्रदूषण से बचाये रखना कितना आवश्यक है ,यह हम सभी जानते है। आने वाली पीढिय़ों को एक हरी भरी प्रकृति प्रदान करना हम सबका कर्तव्य ही नही बल्कि जिम्मेदारी भी है।
इस दिन पूरा विश्व रास्ते में खड़ी चुनौतियों को हल करने का रास्ता निकालता हैं तथा लोगों में पर्यावरण जागरूकता को जगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया जाता है। धरती के श्रृंगार को पूर्ण करने के लिए इस दिन पूरे विश्व मे पौधे लगाए जाते हैं जिससे भविष्य में हमारी धरा स्वस्थ और सुंदर रहे। आप सभी से निवेदन है कि यदि आप 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर किसी भी आम जन को अपने निवास, सार्वजनिक स्थान, बगीचे, गार्डन में वृक्षा रोपण हेतु पौधा की आवश्यकता हो तो हमारे कार्यालय संसद सदस्य राज्यसभा जल परिसर, दुर्ग से नीम , कचनार ,गुलमोहर ,पीपल , आवला ,कटहल, शिवबबुल का पौधा प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा लोगों को और किसी भी प्रकार का पौधा चाहिए होगा तो वे दीपक नायक-9770922223 कार्यालय -07882210197 से संपर्क कर सकते हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ /
फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड, निगमन कार्यालय, भिलाई को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग द्वारा राजभाषा के श्रेष्ठ क्रियान्वयन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम वर्ग में राजभाषा अग्रगण्य पुरस्कार-2021 प्रदान किया गया। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 20 मई को अनिर्बान दासगुप्ता, निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र एवं अध्यक्ष नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग के मुख्य आतिथ्य एवं कृष्णा कुमार सिंह, कायर्पालक निदेशक(कार्मिक एवं प्रशासन), भिलाई इस्पात संयंत्र के विशिष्ठ आतिथ्य में हुआ।
फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड, निगमन कार्यालय, भिलाई को प्रदत्त राजभाषा के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार राजभाषा अग्रगण्य पुरस्कार-2021 संस्थान के कार्यालय प्रमुख-उप-महाप्रबंधक (का। एवं प्रशा।)/विधि एवं माननीय अध्यक्ष, राजभाषा कार्यान्वयन समिति पंकज त्यागी ने ग्रहण किया। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के इस अवसर पर श्रीमती सुनिता पंडित, कनिष्ठ प्रबंधक(का। एवं प्रशा।) को 08 मार्च, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला कामिर्कों के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति स्तरीय ऑनलाइन भाषण प्रतियोगिता में प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2021 का राजभाषा उन्नायक सम्मान एफएसएनएल के राजभाषा अधिकारी छगन लाल नागवंशी को प्रदान किया गया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत हितग्राहियों और किसानों को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम सेे राशि का अंतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने मात्र एक क्लिक के माध्यम से राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत दुर्ग जिले के 1 लाख 8 सौ 59 किसानों को उनके बैंक खातों में 68 करोड़ 19 लाख 20 हजार की राशि का अंतरण किया। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अंतर्गत इसके साथ-साथ जिला बालोद के 135896 किसानों को 87.27 करोड़ एवं जिला बेमेतरा के 143685 किसानों को 103.73 करोड़ अर्थात कुल 3 लाख 80 हजार 440 किसानों को 259.19 करोड़ रुपए की राशि उनके खातों में डाली गई। किसानों को खाद, बीज, नगद की सुविधा एवं धान खरीदी हेतु बैंक के अंतर्गत तीनों जिलों में 129 नवीन सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। इस वर्ष किसानों की मांग पर धान की फसल के लिये ऋणमान जो कि गतवर्ष 45000 प्रति हेक्टेयर था, उसको बढ़ाकर 55000 प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है ।
साथ ही अन्य फसलों, सब्जी, एवं केला पपीता, गन्ना आदि के लिये भी ऋणमानों में वृद्धि की गई है। इस वर्ष अब तक 240 करोड़ खरीफ ऋण वितरण किसानों को कर के रूप में दिया गया है, जो कि गतवर्ष की तुलना में 200 करोड़ अधिक है। किसानों को सुविधा के लिये शाखाओं में एटीएम मशीन लगाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है ताकि उनकी सुविधाओं में और इजाफा किया जा सके। इस अवसर पर समिति के नए किसानों को केसीसी कार्ड का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि शासन लोक कल्याणकारी अवधारणा को साकार करने के लिए प्रतिबध्द है। सामाजिक विकास और ग्रामीणों के उन्नयन के साथ-साथ नागरिकों की जटिलताओं को न्यूनतम करना हमारी प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता की आवश्यकताओं को समझने के लिए हमारे द्वारा लगातार जमीनी स्तर पर संपर्क और निरीक्षण कार्य किया जा रहा है, जिसके कारण आज हम अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पा रहे हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे। उन्होंने शासन की कृषि आधारित नीति पर प्रकाश डाला और किसानों को राज्य में उनके योगदान के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुरु रूद्र कुमार मंत्री ग्रामोद्योग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने उपस्थित जनों को संबोधित किया उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को पुनस्र्थापित करने के लिए शासन की योजनाओं का धन्यवाद किया और किसानों को अन्नदाता बताते हुए उनके परिश्रम की तारीफ की।
इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, अरूण वोरा, विधायक दुर्ग, शालिनी रिवेन्द्र यादव, अध्यक्ष, जिला पंचायत दुर्ग, जवाहर वर्मा जी अध्यक्ष, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. दुर्ग, अश्वनी साहू जी अध्यक्ष, कृषि उपज मण्डी जिला दुर्ग, कमिश्नर महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ /
कॉमर्स के क्षेत्र में निरंतर अद्भूत एवं अविश्वसनीय कार्य करने वाले कॉमर्स गुरू डॉ. संतोष राय एवं कैरियर मार्गदर्शक डॉ. मि_ू को लंदन के हाऊस ऑफ कामंस मे 'Óएशियन यूके एक्सलेन्सी एवार्डÓÓ से सम्मानित किया गया। डॉ. संतोष राय को कॉमर्स शिक्षा मे बेहतर कार्य के लिये 'Óआउटस्टेडिंग कंट्रिब्यूटर टू कॉमर्स एजुकेषन इन इंडियाÓÓ एवार्ड एवं डॉ. मि_ू को पर्सनाल्टी एवं कैरियड्डर कंसल्टेंसी मे बेहतर कार्य के लिये 'Óमोस्ट प्रामिसिंग ग्रूमिंग कोच एंड कैरियर कंसल्टेन्ट ऑफ द ईयरÓÓ एवार्ड से सम्मानित किया गया।
ज्ञात है कि डॉ. संतोष राय पिछले 28 वर्शो से कॉमर्स शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा डॉ. मि_ू एक शिक्षक के साथ-साथ चाईल्ड साईकोलॉजी की बेहतरीन ज्ञाता है तथा आज तक हजारो छात्र-छात्राओं को अपना कैरियर बनाने मे मद्द कर चुकी है। आज डॉ. संतोश राय इंस्टीट्यूट सी.ए./सी.एम.ए./सी.एस. एवं कॉमर्स शिक्षा का पर्याय बना हुआ है। यहां के छात्र-छात्राएं देष तथा विदेष मे शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।
चर्चा करते हुये डॉ. संतोष राय इंस्टीट्यूट के सी.ए. प्रवीण बाफना ने बताया कि इन दोनों शिक्षकों को इस एवार्ड से सम्मानित किये जाने पर डॉ. संतोष राय इंस्टीट्यूट के सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं मे खुषी की लहर हैं तथा वे सभी उनके शहर आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही शहर एवं राज्य मे उन्हें जानने वाले लोग उन्हें बधाई देने को उत्सुक हैं।
डॉ. संतोष राय एवं डॉ. मि_ू को उनकी उपलब्धियों के लिये सी.ए. केतन ठक्कर, सी.ए. दिव्या रत्नानी, डॉ. पीयूश जोषी, सी.एम.ए. अदिती गंगवानी, फजल फारूखी, अमित श्रीवास्तव, रमेष पटेल, अविनाष कौर, पीयूश जैन, नितिन टेम्बूरकर, अरूण सिंह आदि ने बधाई दी है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्चुअल माध्यम से बटन दबाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राजनांदगांव जिले के 2 लाख 11 हजार 153 किसानों के खाते में पहली किश्त 156 करोड़ 33 लाख 38 हजार रूपए की राशि अंतरित की। पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के 19 हजार 786 हितग्राहियों को 3 करोड़ 95 लाख 72 हजार रूपए की राशि तथा गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 लाख 71 हजार 254 रूपए की राशि उनके खातों में अंतरित की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, पशुपालकों एवं महिला समूह को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां न्याय योजना के माध्यम से लोगों के सामाजिक और आर्थिक अधिकार को सुनिश्चित किए जा रहे हंै। मुख्य अतिथि के रूप में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश को 21वीं सदी में ले जाने का सपना देखा था। वह साकार हो रहा है। उनकी बनाई राह हमेशा याद रहेगी। छत्तीसगढ़ की पहचान धान के कटोरे के रूप में है। किसान हितैषी सरकार के योजनाओं के माध्यम से अन्नदाताओं के चेहरों पर खुशी झलक रही है। 10 हजार किसानों की कर्ज माफी की गई। वहीं 2500 रूपए समर्थन मूल्य में धान की खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर हमें गर्व है। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। कोविड संक्रमण के दौरान शासन द्वारा जनसामान्य को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ ही उपचार का कार्य प्रतिबद्धतापूर्वक किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में अब संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता है। राम वन गमन पथ, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए। किसानों के हित में बहुत सी योजनाएं प्रारंभ की गई है। शासन की सुराजी गांव योजना गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश्वर बघेल ने कहा कि शासन ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, घुरवा, गरवा और बाड़ी को बढ़ाने का कार्य किया है। गौठान रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित हो रहे हैं। किसानों के हित में लगातार कार्य किए गए हैं वहीं महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं। विधायक खुज्जी श्रीमती छन्नी साहू ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से जमीनी स्तर पर किसानों को मजबूती मिली है। योजना से किसानों की आमदनी बढ़ी है । योजना से किसानों की दशा और दिशा सुधरी है। खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना गोधन योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों का मान बढ़ाया है। किसानों की उपज का सही दाम मिल रहा है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।
अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नवाज खान ने कहा कि राजनांदगांव जिले में प्रदेश में सर्वाधिक धान खरीदी की गई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आए हैं। मुख्यमंत्री ने ठेठरी, खुरमी, चिला, फरा और बासी को ब्रांड देने का कार्य किया है। महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि स्वर्गीय श्री राजीव गांधी ने डिजिटल क्रांति और पंचायती राज के क्रियान्वयन का सपना देखा था। उनकी सोच को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण कर आज समूह की महिलाएं सशक्त बन रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है। इस अवसर पर समाज सेवी पदम कोठारी एवं प्रगतिशील किसान एनेश्वर वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सभी ने आतंकवादी विरोधी दिवस की शपथ ली।
कार्यक्रम में किसानों तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूरों को चेक का वितरण किया गया। छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला, युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, राजगामी संपदा न्याय के अध्यक्ष विवेक वासनिक, पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, कुलबीर छाबड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम अरूण वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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